छत्तीसगढ़ / जशपुर

मुद्रा लोन में उत्कृष्ट कार्य करने वाली चार बिहान कैडर सम्मानित, सफलता की कहानी बनीं प्रेरणा

 जशपुरनगर । ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) द्वारा किए जा रहे प्रयासों को जशपुर जिले में नई गति मिल रही है। मुद्रा लोन प्रकरणों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली चार बिहान एफएलसीआरपी दीदियों को जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में प्रशस्ति पत्र एवं मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया गया। इन दीदियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन ने न केवल उनके विकासखंड का गौरव बढ़ाया, बल्कि जिले की अन्य कैडरों के लिए भी बेहतर प्रदर्शन की नई प्रेरणा दी।

सम्मानित होने वाली दीदियों में मनोरा विकासखंड की सरिता बाई एवं सलेहा खातून, जशपुर विकासखंड की शोभा टोप्पो तथा बगीचा विकासखंड की विजयी गंगा शामिल हैं। लक्ष्य के विरुद्ध उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए सरिता बाई ने निर्धारित 20 के विरुद्ध 34 प्रकरण, सलेहा खातून ने 20 के विरुद्ध 26 प्रकरण, शोभा टोप्पो ने 20 के विरुद्ध 27 प्रकरण तथा विजयी गंगा ने 25 के विरुद्ध 25 प्रकरण में सफलता हासिल की।

‘लगातार प्रयास ही सफलता की कुंजी’ : 

सम्मान समारोह के दौरान इन दीदियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि बैंक अधिकारियों के साथ बेहतर समन्वय, हितग्राहियों को निरंतर मार्गदर्शन, दस्तावेजी प्रक्रिया में सहयोग तथा लगातार फॉलो-अप उनके कार्य की सफलता के प्रमुख आधार रहे। उन्होंने अन्य एफएलसीआरपी दीदियों से भी लक्ष्य को केवल आंकड़ा न मानकर प्रत्येक महिला को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के उद्देश्य से कार्य करने का आह्वान किया।

इन सफल दीदियों की कहानी ने समीक्षा बैठक में मौजूद अन्य कैडरों में भी उत्साह का संचार किया। अन्य एफएलसीआरपी दीदियों ने आगामी समीक्षा बैठक तक अधिक से अधिक मुद्रा लोन प्रकरणों को सेंक्शन एवं स्वीकृत कराने का संकल्प लिया।

एक लोन, एक दुकान और आत्मनिर्भरता की नई शुरुआत : 

मनोरा विकासखंड के पंडरसीली ग्राम पंचायत के किनदरापाठ की पहाड़ी कोरवा समुदाय की दीदी सरिता बाई, पति तुलसी राम, इस बदलाव की प्रेरक मिसाल हैं। उन्होंने मुद्रा लोन के माध्यम से ₹1 लाख का ऋण प्राप्त कर किराना दुकान स्थापित की, जिससे न केवल उनके परिवार की आय का नया स्रोत तैयार हुआ, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आर्थिक गतिविधि को भी बढ़ावा मिला।

सरिता बाई का यह प्रयास बताता है कि उचित मार्गदर्शन, वित्तीय सहायता और दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ ग्रामीण महिलाएं भी अपने सपनों को उद्यम में बदल सकती हैं।

 
 
 
 
 
 

मुद्रा लोन के माध्यम से जशपुर जिले में बड़ी संख्या में बिहान से जुड़ी महिलाएं किराना दुकान, बकरी पालन, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण एवं अन्य छोटे उद्यमों को अपना रही हैं। इन उद्यमों से महिलाओं की आय में वृद्धि हो रही है और अनेक महिलाएं लखपति दीदी बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक कुमार ने अपने उद्बोधन में कहा कि ग्रामीण महिलाओं को व्यक्तिगत उद्यम स्थापित करने के लिए मुद्रा लोन एक महत्वपूर्ण वित्तीय माध्यम है। उन्होंने एफएलसीआरपी दीदियों की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि ये कैडर बैंक और ग्रामीण महिला के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु के रूप में कार्य कर रही हैं।

उन्होंने उत्कृष्ट कार्य करने वाली चारों दीदियों से उनके अनुभव साझा करने को कहा तथा संबंधित चार विकासखंडों के जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को अपने क्षेत्रों में किए जा रहे अच्छे प्रयासों, प्रभावी मार्गदर्शन एवं सहयोग के लिए बधाई दी।

जशपुर में महिला उद्यमिता को मिल रही नई उड़ान : 

जिले में मुद्रा लोन के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार एवं उद्यमिता से जोड़ने का अभियान अब केवल ऋण उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य महिलाओं को आय सृजन, आत्मनिर्भरता और स्थायी आजीविका से जोड़ना है। विशेष रूप से पहाड़ी कोरवा जैसे समुदायों की महिलाएं छोटे व्यवसाय एवं उद्यम स्थापित कर आर्थिक गतिविधियों से जुड़ रही हैं और विकास की मुख्यधारा की ओर कदम बढ़ा रही हैं।

जशपुर जिला मुद्रा लोन के प्रभावी उपयोग के माध्यम से महिला उद्यमिता को नई पहचान देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में नया कीर्तिमान स्थापित करने की ओर अग्रसर है।

 
 
 
 
 
 

कार्यक्रम में जिले के सभी विकास खंडों के जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, बिहान जिला दल के सदस्य, साधन संस्था के अधिकारी, सभी बीपीएम एवं एरिया कोऑर्डिनेटर सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और जिला प्रशासन की तरफ से निरंतर समय-समय प्रति तीन माह में सघन रूप में बैंक मेला का आयोजन किया जा रहा है जिसमें अधिकारियों द्वारा इसके अतिरिक्त,  बैंक विजिट भी लगातार किया जा रहा है जिसमें मुद्रा लोन को प्राथमिकता देते हुए बैंक मैनेजर को सेंसटाइज किया जा रहा है तथा बैंक से भी सराहनीय सहयोग इस दिशा में पूर्ण रूप से प्राप्त हो रहा है


 

Leave Your Comment

Click to reload image