छत्तीसगढ़ / बेमेतरा

नर्सरी प्रबंधन एवं पौध उत्पादन तकनीक पर स्वसहायता समूह की महिलाओं का दो दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न

 बेमेतरा 13 अगस्त 2026

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत संकुल स्तरीय संगठन के तहत चयनित दो समन्वित कृषि समूह ग्राम धोबनीखुर्द एवं बघुली, विकासखण्ड नवागढ़ की महिला स्वसहायता समूह की सदस्यों के आजीविका संवर्धन एवं नर्सरी इकाई के कुशल संचालन के उद्देश्य से ‘नर्सरी प्रबंधन एवं पौध उत्पादन की आधुनिक तकनीक’ विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में स्वसहायता समूह की 20 से अधिक महिलाएं लाभान्वित हुईं।

प्रशिक्षण के दौरान विषय वस्तु विशेषज्ञ (उद्यानिकी) डा. लव कुमार ने प्रतिभागी महिलाओं को सब्जी वर्गीय फसलों की उन्नत एवं गुणवत्तापूर्ण पौध तैयार करने की विभिन्न तकनीकों की जानकारी दी। उन्होंने नर्सरी की स्थापना एवं प्रबंधन, उन्नत बीज का चयन, बीज उपचार, पौध तैयार करने की विधि, पौधों की देखभाल, सिंचाई एवं पोषक तत्व प्रबंधन सहित पौधों में होने वाले रोग एवं कीटों की पहचान तथा उनके प्रभावी नियंत्रण के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की।

प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को पौध उत्पादन एवं नर्सरी प्रबंधन की तकनीकों का व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया, ताकि वे सीखी गई तकनीकों को अपने समूह की नर्सरी इकाई में अपनाकर गुणवत्तापूर्ण पौध का उत्पादन कर सकें तथा इससे आय का अतिरिक्त साधन विकसित कर सकें। प्रशिक्षण में महिलाओं को स्वरोजगार एवं उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया।

कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केन्द्र, बेमेतरा के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख तोषण कुमार ठाकुर ने प्रतिभागी महिलाओं की जिज्ञासाओं का समाधान किया। उन्होंने जिले में नर्सरी व्यवसाय की संभावनाओं की जानकारी देते हुए प्रति इकाई क्षेत्रफल से अधिक आय अर्जित करने के लिए उच्च मूल्य वाली फसलों की खेती के साथ समन्वित कृषि प्रणाली अपनाने की सलाह दी।

प्रदर्शन इकाइयों का कराया गया भ्रमण 

प्रशिक्षण के समापन अवसर पर प्रतिभागी महिलाओं को कृषि विज्ञान केन्द्र, बेमेतरा की विभिन्न प्रदर्शन इकाइयों का भ्रमण कराया गया। इस दौरान महिलाओं ने हाईटेक नर्सरी, फसल बीज उत्पादन इकाई, ऑयल पाम प्रदर्शन इकाई, मशरूम प्रदर्शन इकाई एवं सघन मछली पालन इकाई का अवलोकन किया। भ्रमण के दौरान महिलाओं को विभिन्न कृषि गतिविधियों से जुड़ी आधुनिक तकनीकों एवं आय सृजन की संभावनाओं के बारे में जानकारी दी गई। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य महिला स्वसहायता समूहों को नर्सरी व्यवसाय से जोड़कर उनके आजीविका के साधनों को मजबूत करना तथा कृषि आधारित स्वरोजगार एवं उद्यमिता को बढ़ावा देना रहा।

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