छत्तीसगढ़ / रायपुर

विवेकानंद नगर से सैकड़ों श्रद्धालुओं ने की गिरनार तीर्थ की भाव यात्रा

 रायपुर । गिरनार तीर्थ की यात्रा का भावपूर्ण अनुभव रविवार को विवेकानंद नगर से टेगौर नगर तक दिखाई दिया। श्री जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक समाज एवं चातुर्मास समिति की ओर से निकाली गई गिरनार तीर्थ भाव यात्रा में बड़ी संख्या में श्रावक -श्राविकाओं ने भाव से गिरनार तीर्थ की यात्रा की।

चतुर्विध संघ के सानिध्य में गाजे-बाजे के साथ विवेकानंद नगर स्थित लाभार्थी परिवार के निवास से टैगोर नगर स्थित पटवा भवन तक निकली भाव यात्रा में भक्ति गीतों के साथ भगवान नेमिनाथ के जयकारों से मार्ग गिरनारमय हुआ। 

पटवा भवन पहुंचने पर लाभार्थी परिवार भगवान नेमिनाथ को पालकी में विराजमान कर गिरनार मंडप पहुंचा। मुनि भगवंतों की पावन निश्रा में भगवान नेमिनाथ को मंडप में विराजमान कर अक्षत, नैवेद्य और फल अर्पित किए गए। इसके बाद रत्नागिरी से आए दीक्षित ओसवाल ने अपनी टीम के साथ संगीतमय प्रस्तुति दी। संगीत और भक्ति के माध्यम से श्रावक- श्राविकाओं ने गिरनार तीर्थ की भाव यात्रा की।

सूरत से आए ऋषभ बारोटा ने भजनों की प्रस्तुति से पूरे मंडप को गिरनारमय कर दिया। भजनों पर श्रद्धालु झूमते-गाते नजर आए। जयकारों और भक्ति गीतों के बीच ऐसा माहौल बना कि श्रद्धालुओं ने भाव के माध्यम से स्वयं को गिरनार तीर्थ से जुड़ा महसूस किया।

सहसावन प्रतिकृति के दर्शन और चैत्यवंदन

गिरनार भाव यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने सहसावन प्रतिकृति के दर्शन किए और चैत्यवंदन कर धर्मलाभ लिया। मुनि भगवंतों के सानिध्य में श्रावक-श्राविकाओं ने श्रद्धा और भक्ति के साथ गिरनार तीर्थ की भावपूर्ण आराधना की। भाव यात्रा को परम पूज्य खरतरगच्छाचार्य श्री जिन पीयूषसागर सूरीश्वरजी म.सा. के शिष्यरत्न प.पू. मुनिश्री संवेगरत्न सागरजी म.सा. आदि ठाणा-5 का पावन सानिध्य मिला।

आयोजन में लाभार्थी परिवार के साथ बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने गिरनार भाव यात्रा की। भगवान नेमिनाथ की आरती के पश्चात भक्ति के साथ भाव यात्रा का सानंद समापन हुआ। इसके बाद श्री रत्नप्रभसूरि सदन, विवेकानंद नगर में साधर्मिक वात्सल्य का आयोजन हुआ।

 

 

Leave Your Comment

Click to reload image