नारायणपुर : ’पी.एम. श्री जवाहर नवोदय विद्यालय सुपगांव में लगा विधिक जागरूकता शिविर
विद्यार्थियों को बताए अधिकार और कानून की जानकारी’
24 आगस्त को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोण्डागांव श्री खिलावन राम रिगरी के निर्देशानुसार तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोण्डागांव सचिव सुश्री गायत्री साय के नेतृत्व में अधिकार मित्र रेणुका बघेल द्वारा पी.एम. श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, सुपगांव, जिला नारायणपुर में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विद्यार्थियों को कानून की जानकारी के साथ अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक किया गया। विद्यार्थियों को बताया गया कि कानून प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षा एवं न्याय का अधिकार प्रदान करता है तथा किसी भी प्रकार की समस्या या अन्याय की स्थिति में विधिक सहायता प्राप्त की जा सकती है।
कार्यक्रम के दौरान विशेष रूप से बाल अधिकारों की सुरक्षा, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, बाल तस्करी, बाल श्रम, गुड टच-बैड टच, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (च्व्ब्ैव् ।बज) सहित बच्चों से संबंधित महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों की सरल एवं सहज भाषा में जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को अपने साथ होने वाले किसी भी अनुचित व्यवहार को छिपाने के बजाय तत्काल अपने माता-पिता, शिक्षक अथवा संबंधित जिम्मेदार व्यक्ति को बताने के लिए प्रेरित किया गया। वर्तमान डिजिटल युग को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों को साइबर अपराध एवं ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव के उपाय भी बताए गए। अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने, व्ज्च्, पासवर्ड एवं बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने तथा सोशल मीडिया का सावधानीपूर्वक उपयोग करने के संबंध में आवश्यक सावधानियां बताई गईं।
अधिकार मित्र रेणुका बघेल ने विद्यार्थियों को जागरूक करते हुए कहा कि कानून की जानकारी ही व्यक्ति को अपने अधिकारों की रक्षा करने में सक्षम बनाती है। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं जागरूक रहने के साथ-साथ अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को भी बाल अधिकारों और साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया। शिविर के माध्यम से विद्यार्थियों में कानूनी जागरूकता, आत्म-सुरक्षा एवं डिजिटल सुरक्षा की समझ विकसित करने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों एवं जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें आवश्यक विधिक जानकारी प्रदान की गई।