छत्तीसगढ़ / कोरबा

अमगांव में शासकीय भवनों को जबरन तोड़े जाने संबंधी समाचार का प्रशासन ने किया खण्डन

 कोरबा, 21  सितंबर 2026

हरदीबाजार तहसील अंतर्गत ग्राम अमगांव में एसईसीएल द्वारा अधिग्रहित भूमि पर स्थित शासकीय भवनों को जबरन एवं बलपूर्वक तोड़े जाने संबंधी प्रकाशित समाचार के संबंध में जिला प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए इसका खण्डन किया है। जिला प्रशासन ने बताया है कि संबंधित भवनों को बिना प्रशासनिक समन्वय के अथवा किसी संचालित शासकीय संस्था को जबरन हटाकर नहीं तोड़ा गया है।
जिला प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम अमगांव में खदान क्षेत्र के समीप स्थित पटवारी कार्यालय, आंगनबाड़ी भवन एवं छात्रावास के भवन पहले से ही जर्जर स्थिति में थे। खदान क्षेत्र के समीप होने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से इन शासकीय संस्थानों को विध्वंस की कार्रवाई से पूर्व ही वैकल्पिक स्थानों पर स्थानांतरित किया जा चुका था। पटवारी कार्यालय को लगभग दो माह पूर्व तहसील कार्यालय में स्थानांतरित किया गया था। इसी प्रकार छात्रावास एवं आंगनबाड़ी केंद्र को भी अन्य उपयुक्त स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया गया था।
इसी क्रम में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के भवन को भी खदान क्षेत्र के नजदीक होने के कारण सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने की आवश्यकता थी। इस संबंध में संबंधित खंड चिकित्सा अधिकारी द्वारा पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया था। इसके पश्चात प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को भी भवनों के विध्वंस की कार्रवाई से लगभग दो दिन पूर्व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्थानांतरित कर दिया गया था। वर्तमान में स्वास्थ्य सेवाएं वैकल्पिक व्यवस्था के माध्यम से संचालित की जा रही हैं। आंगनबाड़ी और छात्रावास भी संचालित किया जा रहा है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खदान क्षेत्र के विस्तार, सुरक्षा तथा भवनों की जर्जर स्थिति को ध्यान में रखते हुए संबंधित शासकीय संस्थानों को पहले ही वैकल्पिक स्थानों पर स्थानांतरित किया जा चुका था। इसके पश्चात एसईसीएल द्वारा जिला प्रशासन के समन्वय एवं सहयोग से निष्प्रयोज्य एवं जर्जर भवनों को हटाने की कार्रवाई की गई है। इसलिए किसी संचालित शासकीय कार्यालय अथवा संस्था को जबरन या बलपूर्वक तोड़े जाने संबंधी समाचार तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है।
जिला प्रशासन ने यह भी बताया है कि ग्राम हरदीबाजार सहित खदान प्रभावित क्षेत्रों में ग्रामीणों की रोजगार, पुनर्वास एवं अन्य मांगों के संबंध में एसईसीएल प्रबंधन के साथ निरंतर समन्वय किया जा रहा है। ग्रामीणों से संबंधित विषयों पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।

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