देश आत्मनिर्भर बने, भ्रष्टाचार मुक्त और खुशहाल राष्ट्र की स्थापना हो - रिया श्रीवास्तव
बेमेतरा 21 सितंबर 2026
"मेरे सपनों का भारत ऐसा हो जहाँ देश आत्मनिर्भर बने, भ्रष्टाचार मुक्त राष्ट्र हो और खुशहाल राष्ट्र की स्थापना हो।" यह विचार व्यक्त की शासकीय कन्या स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम विद्यालय बेमेतरा की कक्षा 11वीं की प्रतिभावान छात्रा कुमारी रिया श्रीवास्तव ने।
रिया ने कहा कि 2047 तक विकसित भारत का सपना तभी पूरा होगा जब हम विदेशी निर्भरता को खत्म कर स्वदेशी को अपनाएंगे। आत्मनिर्भर भारत का अर्थ है - अपनी तकनीक, अपने उत्पाद, अपने किसान और अपने युवाओं की ताकत पर देश को खड़ा करना।
उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार विकास की सबसे बड़ी बाधा है। भ्रष्टाचार मुक्त भारत में हर योजना का लाभ सीधे गरीब, किसान और विद्यार्थी तक पहुंचेगा। पारदर्शी व्यवस्था से ही जनता का विश्वास बढ़ेगा और देश तेजी से आगे बढ़ेगा।
रिया का तीसरा सपना खुशहाल राष्ट्र का है, जहाँ हर चेहरे पर मुस्कान हो, हर परिवार सुरक्षित हो, रोजगार के अवसर हों और बेटियों को आगे बढ़ने का समान अवसर मिले। खुशहाली तभी आएगी जब शिक्षा, स्वास्थ्य और न्याय सबके लिए सुलभ होगा।
रिया श्रीवास्तव की यह सोच युवाओं में राष्ट्र के प्रति जागरूकता और विकसित भारत 2047 के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।