रायपुर। विवेकानंद नगर में जारी सर्वमंगलमय वर्षावास 2026 के अंतर्गत श्री पंच परमेष्ठी श्रेणी तप के निमित्त आयोजित तीन दिवसीय रत्नत्रयी महोत्सव रविवार को संपन्न हुआ। तीनों दिन धर्म और भक्ति का अद्भुत संगम बना। श्री पंच परमेष्ठी सिद्धि तप की 50 दिवसीय कठिन तपस्या पूरी करने वाले 45 तपस्वियों का रविवार को शाही पारणा कराया गया। वहीं पटवा भवन में ‘द लिगेसी ऑफ महावीर’ थीम पर भगवान महावीर स्वामी के भवों की जीवंत झांकी प्रस्तुत की गई। समाज के बच्चों और बड़ों की टीम ने भगवान महावीर के 27 भवों का भावपूर्ण मंचन किया।
परम पूज्य मुनिश्री संवेगरत्न सागर जी म.सा. आदि ठाणा की पावन निश्रा में रविवार सुबह श्री ज्ञानवल्लभ उपाश्रय में तप माला एवं नांद की क्रिया-ज्ञान संपन्न हुआ। मुनिभगवंतों ने 45 तपस्वियों को तप माला प्रदान की। इसके बाद श्री रत्नप्रभ भवन में सभी तपस्वियों का शाही पारणा कराया गया। चातुर्मास समिति द्वारा लाभार्थी परिवार के हाथों सभी तपस्वियों को तपस्या के निमित्त प्रतीक चिन्ह भेंट किया गया। तपस्वियों का पद पक्षालन कर बहुमान किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं भी शामिल हुए।
*रथयात्रा के साथ पटवा भवन पहुंचे तपस्वी*
रविवार शाम लाभार्थी भंसाली परिवार कल्पवृक्ष निवास से भव्य रथयात्रा निकाली गई। बैंड-बाजे के साथ रथयात्रा पटवा भवन पहुंची। यहां लाभार्थी परिवार ने क्षत्रिय कुंड नगरी के द्वार का उद्घाटन किया। बड़ी संख्या में समाजजनों ने कार्यक्रम में शामिल होकर धर्मलाभ लिया।
*‘द लिगेसी ऑफ महावीर’ ने बांधा समां*
रविवार शाम को आयोजित ‘द लिगेसी ऑफ महावीर’ कार्यक्रम में भगवान महावीर स्वामी के 27 भवों की जीवंत झांकी ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। बच्चों और बड़ों ने मिलकर महावीर स्वामी के जीवन और उनके आध्यात्मिक संदेश को मंच पर जीवंत किया। धार्मिक वातावरण के बीच प्रस्तुत झांकी को देखने बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए।