प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से धुएं से मिली राहत, सावित्री की दिनचर्या हुई आसान
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से मिली रसोई गैस की सुविधा ने श्रीमती सावित्री राजवाड़े के घर की दिनचर्या आसान बनाई है।कुंजनगर निवासी श्रीमती सावित्री राजवाड़े के घर में कभी भोजन बनाने की तैयारी जलाऊ लकड़ी जुटाने से शुरू होती थी। चूल्हे से उठने वाला धुआं आंखों में जलन पैदा करता था। खाना तैयार होने में देर होती, तो बच्चों को स्कूल भेजने और परिवार के सदस्यों को काम पर जाने में भी परेशानी होती थी। लेकिन प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन मिलने के बाद उनके परिवार की दिनचर्या में बदलाव आया है।
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत अपनी सेवा की कहानी साझा करते हुए सावित्री ने बताया कि पहले परिवार की महिलाएं जंगल से जलाऊ लकड़ी लाती थीं। लकड़ी के चूल्हे पर भोजन बनाते समय उन्हें लंबे समय तक धुएं में रहना पड़ता था। इससे आंखों में जलन होती और तबीयत भी प्रभावित होती थी। खाना बनाने में अधिक समय लगने के कारण घर के दूसरे काम भी पीछे रह जाते थे।
सावित्री कहती हैं कि अब गैस चूल्हे पर भोजन जल्दी तैयार हो जाता है। बच्चों को समय पर स्कूल भेजने और परिवार के अन्य काम पूरे करने में सुविधा होती है। धुएं से राहत मिलने के साथ उन्हें परिवार के लिए भी अधिक समय मिल पाता है।
उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि गैस कनेक्शन उनके परिवार के लिए सहूलियत बना है। सावित्री कहती है कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से घर तक पहुंची एक सुविधा महिलाओं के रोजमर्रा के श्रम को कम कर पूरे परिवार की दिनचर्या आसान बना रही है।