छत्तीसगढ़ / कोरिया

कहानी सेवा की’ : जनमन योजना के पक्के आवास से छोटेलाल बैगा का जीवन हुआ आसान

 ’कोरिया 30 सितंबर, 2026/

अनुसूचित जनजाति वर्ग में भी विषेष पिछड़ी जनजातियों का वर्गीकरण शायद इसीलिए किया गया है कि विकास की मुख्यधारा से उन्हे जोड़कर मूलभूत आवश्यकताओं की सतत आपूर्ति की जा सके। ऐसे ही बैगा समुदाय से आने वाले छोटेलाल के परिवार को प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत एक पक्का और सुरक्षित आषियाना प्राप्त हो गया है। आज छोटेलाल का पूरा परिवार अपने सुरक्षित पक्के मकान में खुषियों के साथ रहते हुए अपने 2 बच्चों के साथ आगामी भविष्य को गढ़ने की सपना देख रहा है।  

पूर्व की स्थिति
कोरिया जिले के बैकुंठपुर जनपद पंचायत का दूरस्थ ग्राम पंचायत गेजी एक अनुसूचित जनजाति बाहुल्य गांव है। यहां के बैगा परिवार के मुखिया छोटेलाल के लिए कच्चा मकान ही जीवन का अंग था। उनके लिए कच्चे मकान मे रहना ही नियति बन चुकी थी। कच्चा मकान और घास फूस से बने छत में जीवन गुजारना चुनौतीपूर्ण था क्योंकि यहीं उन्हे सर्दी, गर्मी और बरसात हर मौसम की समस्या झेलनी पड़ती थी।  केवल मजदूरी से अपना जीवन यापन करने वाले इस आदिवासी परिवार के लिए कच्चे मकान से आगे कोई सोच नहीं सकता था। ऐसे में प्रधानमंत्री जनमन आवास ने इनके लिए एक बड़ा बदलाव ला दिया है।  

जनमन आवास से बदलाव
कच्चे घर में अपने 4 सदस्यीय परिवार के साथ रहने वाले छोटेलाल अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ रहते हैं। आजीविका के लिए पति-पत्नी दोनों मिलकर परिवार की जिम्मेदारियों का बोझ साथ उठाते हैं। ऐसे मे केवल मजदूरी से जीवन चलाते हुए दोनों छोटे-छोटे बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित रहते थे। दोनों पति पत्नी के इसी संघर्षपूर्ण जीवन में प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना से मिले पक्के मकान ने इस आदिवासी परिवार को नई सौगात दे दी है।

भविष्य की राह
ग्राम पंचायत गेजी में रहने छोटेलाल ने कहा कि यह पक्का मकान उनके लिए सपनों के सच होने जैसा है। जनमन आवास बन जाने के बाद अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए ज्यादा परिश्रम कर रहे हैं ताकि उनके बच्चों के जीवन में निरंतर खुशियां बनी रहें।

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