दीक्षारंभ कार्यक्रम का गरिमामय समापन, नवप्रवेशित विद्यार्थियों से कुलपति ने किया संवाद
रायपुर । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर मुख्यालय स्थित कृषि महाविद्यालय, रायपुर, कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय, रायपुर एवं खाद्य प्रौद्योगिकी महाविद्यालय, रायपुर में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए आयोजित दीक्षारंभ कार्यक्रम का आज गरिमामय समापन समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति डॉ. गिरिश चंदेल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।कार्यक्रम का शुभारंभ कृषि महाविद्यालय, रायपुर की अधिष्ठाता डॉ. आरती गुहे द्वारा माननीय कुलपति एवं उपस्थित विशिष्ट अतिथियों के स्वागत से किया गया।कार्यक्रम में डॉ. आर. पी. कुजूर, शैक्षणिक प्रभारी, कृषि महाविद्यालय, रायपुर ने दीक्षारंभ कार्यक्रम के दौरान आयोजित विभिन्न गतिविधियों का संक्षिप्त प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के माध्यम से नवप्रवेशित विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, अकादमिक नियमों, परीक्षा प्रक्रिया, छात्र कल्याण, खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों, NSS, NCC छात्रवृत्ति, करियर एवं अन्य अवसरों से परिचित कराया गया। कार्यक्रम की निर्धारित रूपरेखा में भी इन विषयों पर विभिन्न विशेषज्ञों द्वारा सत्र आयोजित किए गए थे।
इस अवसर पर अधिष्ठाता, कृषि महाविद्यालय, रायपुर, डॉ. आरती गुहे ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में विश्वविद्यालय एवं कृषि महाविद्यालय, रायपुर में नवप्रवेशित विद्यार्थियों का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महाविद्यालय में प्रवेश उनके जीवन के एक नए एवं महत्वपूर्ण अध्याय की शुरुआत है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे इस नए परिवेश को सीखने, स्वयं को विकसित करने तथा अपने सपनों को साकार करने के अवसर के रूप में देखें।उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे नियमित अध्ययन की आदत विकसित करें, अपने शिक्षकों एवं वरिष्ठ विद्यार्थियों से मार्गदर्शन प्राप्त करें तथा विश्वविद्यालय की विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता करें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन में अनुशासन, समय प्रबंधन, परिश्रम, ईमानदारी एवं सकारात्मक सोच सफलता के महत्वपूर्ण आधार हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को असफलताओं से निराश न होने तथा प्रत्येक चुनौती को सीखने और आगे बढ़ने के अवसर के रूप में स्वीकार करने की सलाह दी।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न वरिष्ठ अधिकारियों एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा विद्यार्थियों को मार्गदर्शन प्रदान किया गया। दीक्षारंभ कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को अनुसंधान, शिक्षण, विस्तार सेवाओं, छात्र कल्याण, खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों एवं अन्य शैक्षणिक अवसरों से जोड़ने के लिए विभिन्न संवादात्मक सत्र आयोजित किए गए थे।
समापन समारोह में दीक्षारंभ कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों को दिए गए व्याख्यान एवं मार्गदर्शन के लिए उन्हें स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान तकनीकी पुस्तक “खेती की लागत; डिजिटल सर्वेक्षण, खंड अवधि 2026-29, का भी विमोचन किया गया। पुस्तक में “भारत में प्रमुख फसलों की खेती के लागत अध्ययन की समग्र योजना (सी.एस. स्कीम)” से संबंधित विषयवस्तु प्रस्तुत की गई है।
समारोह का विशेष आकर्षण माननीय कुलपति डॉ. गिरिश चंदेल का नवप्रवेशित स्नातक, स्नातकोत्तर एवं पीएच.डी. विद्यार्थियों के साथ आत्मीय एवं प्रेरणादायी संवाद रहा। कुलपति महोदय ने विद्यार्थियों से उनकी शैक्षणिक आकांक्षाओं, रुचियों, अब तक के अनुभवों तथा भविष्य की योजनाओं के संबंध में उनका मार्गदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के महत्व को समझने तथा विश्वविद्यालय में उपलब्ध विभिन्न अवसरों का पूर्ण उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।कुलपति महोदय ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय में प्रवेश केवल एक डिग्री प्राप्त करने की यात्रा नहीं है, बल्कि यह ज्ञान, कौशल, सोच, व्यक्तित्व एवं नेतृत्व क्षमता के विकास का महत्वपूर्ण चरण है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपनी शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ अनुसंधान, नवाचार, कौशल विकास, खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियों, साहित्यिक एवं अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में भी सक्रिय रूप से भाग लें। इन गतिविधियों से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना, रचनात्मक सोच एवं निर्णय लेने की क्षमता विकसित होती है, जो उनके भविष्य के व्यावसायिक एवं व्यक्तिगत जीवन में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होती है।
अपने संबोधन में कुलपति महोदय ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि वे स्वयं कृषि महाविद्यालय, रायपुर के पूर्व छात्र रहे हैं। उन्होंने अपने विद्यार्थी जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि इस संस्थान से जुड़ाव उनके लिए सदैव गौरव का विषय रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि जिस प्रकार उन्होंने इस संस्थान से शिक्षा एवं संस्कार प्राप्त किए, उसी प्रकार वर्तमान विद्यार्थी भी यहां उपलब्ध अवसरों का सदुपयोग करते हुए अपने ज्ञान एवं प्रतिभा को विकसित करें तथा भविष्य में विश्वविद्यालय एवं अपने महाविद्यालय का नाम रोशन करें।कुलपति महोदय ने विद्यार्थियों को यह भी संदेश दिया कि सफलता केवल अच्छे अंक प्राप्त करने तक सीमित नहीं है। एक सफल विद्यार्थी वही है जो ज्ञान के साथ अच्छे संस्कार, अनुशासन, संवेदनशीलता, जिम्मेदारी, नेतृत्व क्षमता एवं सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करे। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने शिक्षकों का सम्मान करने, समय का सदुपयोग करने, नियमित अध्ययन करने तथा अपने लक्ष्यों के प्रति निरंतर समर्पित रहने का आह्वान किया।
उन्होंने नवप्रवेशित विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने विद्यार्थी जीवन को सीखने, प्रयोग करने, नए विचार विकसित करने और स्वयं को पहचानने के अवसर के रूप में लें। उन्होंने विद्यार्थियों को चुनौतियों से घबराने के बजाय उनका सामना आत्मविश्वास एवं सकारात्मक सोच के साथ करने तथा प्रत्येक असफलता से सीख लेकर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।अंत में कुलपति महोदय ने सभी नवप्रवेशित विद्यार्थियों का विश्वविद्यालय परिवार में स्वागत करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और विश्वास व्यक्त किया कि विद्यार्थी अपनी प्रतिभा, परिश्रम, अनुशासन एवं रचनात्मक सोच के माध्यम से न केवल अपने परिवार एवं संस्थान का नाम रोशन करेंगे, बल्कि कृषि क्षेत्र एवं राष्ट्र के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. आरती गुहे, अधिष्ठाता, कृषि महाविद्यालय, रायपुर द्वारा माननीय कुलपति डॉ. गिरिश चंदेल को कृतज्ञता एवं सम्मान के प्रतीक स्वरूप शॉल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।समारोह का संचालन डॉक्टर पायल जायसवाल ने किया एवं अंत में डॉ. रामामोहन सावु द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। उन्होंने माननीय कुलपति, विशिष्ट अतिथियों, अधिष्ठाता, प्राध्यापकगण, आयोजन से जुड़े अधिकारियों-कर्मचारियों तथा विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।दीक्षारंभ कार्यक्रम का यह समापन समारोह नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए एक प्रेरणादायी अनुभव रहा। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की अकादमिक एवं सह-पाठ्यक्रमीय गतिविधियों से जोड़ने के साथ-साथ उनके सर्वांगीण विकास, नेतृत्व क्षमता और भविष्य की संभावनाओं के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दीक्षारंभ कार्यक्रम का आयोजन 28 सितंबर से 06 अक्टूबर, 2026 तक कृषि महाविद्यालय, रायपुर में किया गया।