सेवा संकल्प अभियान : नवाचारी विचारों को प्रोत्साहित करने शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय दुधली में सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज पर कार्यशाला आयोजित
बालोद,अक्टूबर 2026
कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशन में जिले में विद्यार्थियों और युवाओं के नवाचारी विचारों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज के अंतर्गत शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय दुधली, डौंडी लोहारा में कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में महाविद्यालय के लगभग 150 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
स्थानीय समस्या पहचानकर समाधान विकसित करने पर जोर
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को अपने आसपास की समस्याओं को पहचानने और उनके स्थानीय एवं नवाचार आधारित समाधान तैयार करने के लिए प्रेरित करना रहा। विद्यार्थियों को बताया गया कि तकनीकी शिक्षा के माध्यम से प्राप्त ज्ञान और कौशल का उपयोग समाज की वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए किया जा सकता है।
नवाचार की अवधारणा और आइडिया तैयार करने की दी जानकारी
कार्यशाला में विद्यार्थियों को सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज की अवधारणा, नवाचार की आवश्यकता, आइडिया तैयार करने की प्रक्रिया तथा प्रतियोगिता में अपने आइडिया का पंजीयन कराने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
विद्यार्थियों को प्रेरित किया गया कि वे अपने आसपास की समस्याओं को केवल चुनौती के रूप में न देखें, बल्कि उनके समाधान के लिए नए अवसर के रूप में भी सोचें। तकनीकी ज्ञान के साथ तैयार किया गया व्यवहारिक और उपयोगी आइडिया समाज के लिए लाभदायक साबित हो सकता है।
अच्छे आइडिया से रोजगार और स्वरोजगार की राह
कार्यशाला में बताया गया कि नवाचार केवल किसी समस्या का समाधान करने तक सीमित नहीं है। एक उपयोगी और व्यवहारिक आइडिया आगे चलकर रोजगार एवं स्वरोजगार का माध्यम भी बन सकता है। विद्यार्थियों द्वारा स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किए गए नवाचारी समाधान उनके करियर को नई दिशा दे सकते हैं।
विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक लिया भाग
कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों ने नवाचार, स्थानीय समस्याओं की पहचान और उनके समाधान से जुड़े विभिन्न विषयों पर जानकारी प्राप्त की। विद्यार्थियों को अपने विचारों को व्यवस्थित रूप से तैयार कर सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज में प्रस्तुत करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
जिले में इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों की रचनात्मक सोच, तकनीकी क्षमता और नवाचार की भावना को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए स्थानीय स्तर पर नए और प्रभावी विचार सामने आ सकें।