राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु को बस्तर कला की कलाकृति भेंट कर दंतेवाड़ा की बिहान दीदी रामबती पोडि़याम ने बढ़ाया जिले का मान
छह वर्षों में छिंद कला के उत्पादों के विक्रय से अर्जित किए 35 लाख रुपये, ग्रामीण महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणा
दंतेवाड़ा, 23 अक्टूबर 2026
बस्तर दशहरा के ऐतिहासिक अवसर पर बस्तर जिले में आयोजित मुरिया दरबार में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु की उपस्थिति में दंतेवाड़ा जिले की बिहान दीदी श्रीमती रामबती पोडि़याम ने जिले का मान बढ़ाया। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से जुड़ी विकासखंड गीदम के ग्राम झोडि़याबाड़म निवासी रामबती पोडि़याम ने जिला दंतेवाड़ा की ओर से राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु को बेल मेटल से निर्मित बस्तर कला की आकर्षक कलाकृति उपहार स्वरूप भेंट की। यह अवसर जिले की ग्रामीण महिलाओं की प्रतिभा, मेहनत और आत्मनिर्भरता को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने का प्रतीक बना।
रामबती पोडि़याम पिछले छह वर्षों से बिहान योजना से निरंतर जुड़कर आजीविका संवर्धन की दिशा में कार्य कर रही हैं। जिला प्रशासन के मार्गदर्शन एवं सहयोग से वे छिंद के पत्तों से आकर्षक गुलदस्ते, राखियां, मालाएं और विभिन्न कलाकृतियों का निर्माण कर रही हैं। अपनी मेहनत, रचनात्मकता और लगन के बल पर उन्होंने पिछले छह वर्षों में इन उत्पादों के विक्रय से लगभग 35 लाख रुपये की आय अर्जित की है।
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु को बस्तर कला की कलाकृति भेंट किया जाना जिले की पारंपरिक कला और ग्रामीण महिलाओं के हुनर को पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण अवसर है। रामबती दीदी की इस उपलब्धि ने स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और पारंपरिक शिल्प के माध्यम से आर्थिक सशक्तीकरण की संभावनाओं को उजागर किया है। रामबती पोडि़याम की सफलता ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणादायी उदाहरण है। उनकी उपलब्धि दर्शाती है कि शासन की योजनाओं, उचित मार्गदर्शन और निरंतर परिश्रम से महिलाएं स्वरोजगार अपनाकर आत्मनिर्भर बन सकती हैं और अपने जिले को गौरवान्वित कर सकती हैं।