छत्तीसगढ़ / मोहला मानपुर चौकी

राजमिस्त्री प्रशिक्षण से ग्रामीण युवाओं को मिला आत्मनिर्भरता का हुनर

मोहला, । ग्रामीण युवाओं को कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से स्वरोजगार एवं रोजगार के अवसरों से जोड़ने के उद्देश्य से बैंक ऑफ बड़ौदा ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (बड़ौदा आरसेटी), मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में आयोजित 30 दिवसीय राजमिस्त्री प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुक्रवार को असेसमेंट के साथ सफलतापूर्वक समापन हुआ। प्रशिक्षण में शामिल 33 प्रशिक्षार्थियों को राजमिस्त्री कार्य से संबंधित टूलकिट वितरित की गई, ताकि वे प्रशिक्षण के दौरान अर्जित कौशल का उपयोग कर स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ सकें।

प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षार्थियों को राजमिस्त्री कार्य से संबंधित सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक जानकारी दी गई। इसमें निर्माण सामग्री एवं औजारों का सही उपयोग, ईंटों की चिनाई, सीमेंट का उपयोग, प्लास्टर कार्य, माप-जोख, निर्माण की गुणवत्ता तथा कार्य के दौरान सुरक्षा संबंधी सावधानियों का प्रशिक्षण शामिल रहा। विभिन्न व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से प्रशिक्षार्थियों की तकनीकी दक्षता एवं कार्यक्षमता विकसित की गई।

 
 
 
 
 
 

प्रशिक्षण के अंतिम चरण में प्रशिक्षार्थियों के अर्जित ज्ञान एवं कौशल का मूल्यांकन करने के लिए असेसमेंट आयोजित किया गया। एससीआर  अरुण सोनी के मार्गदर्शन में ईडीपी असेसर  दिनेश ठाकुर एवं डोमेन असेसर  कुश सिन्हा द्वारा असेसमेंट की प्रक्रिया संपन्न कराई गई। इसमें प्रशिक्षार्थियों के सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक दक्षता का भी मूल्यांकन किया गया।

समापन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एलडीएम  दलजीत गुप्ता ने प्रशिक्षार्थियों को टूलकिट वितरित की। टूलकिट मिलने से प्रशिक्षार्थियों को राजमिस्त्री कार्य प्रारंभ करने तथा अपने कौशल के माध्यम से आजीविका अर्जित करने में सहायता मिलेगी। इस अवसर पर आरसेटी के डायरेक्टर  सचिन अशोक बोरकर, फैकल्टी  नरेंद्र कुमार एवं  प्रदीप ठाकुर, एफएलसी  रोहित कुमार पाल, ऑफिस असिस्टेंट श्रीमती चंद्रकला,  सोम दत्त सहित संस्थान के अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने प्रशिक्षार्थियों को प्रशिक्षण पूर्ण करने पर बधाई देते हुए अपने कौशल का बेहतर उपयोग कर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।

 
 
 
 
 
 

कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षार्थियों को साइबर सुरक्षा एवं वित्तीय साक्षरता के संबंध में भी जानकारी दी गई। उन्हें डिजिटल लेन-देन में सावधानी बरतने, ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने तथा बैंकिंग एवं अन्य वित्तीय सेवाओं का सुरक्षित उपयोग करने के प्रति जागरूक किया गया।संस्थान के डायरेक्टर  सचिन अशोक बोरकर ने प्रशिक्षार्थियों को प्रशिक्षण के दौरान अर्जित कौशल का व्यावहारिक उपयोग करने तथा स्वरोजगार एवं रोजगार के उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया। बड़ौदा आरसेटी का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को रोजगारपरक एवं कौशल आधारित प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में योगदान देना है। इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं को तकनीकी रूप से दक्ष बनाकर आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करते हैं।

 

 

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