देश-विदेश
शिक्षक ने किया सुसाइड
कोटा। शिक्षा नगरी कोटा में 25 वर्षीय विवेक शर्मा ने अपने कमरे पर कीटनाशक का सेवन कर लिया था, जिस कारण उनकी मौत हो गई। जब विवेक ने घरवालों का फोन नहीं उठाया तो उनके परिचित रात दस बजे रूम पर विवेक को देखने पहुंचे थे। परिचितों ने विवेक को रूम में बेहोश पाया और फिर पुलिस को सूचना दी गई। इसके बाद तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। जहां डॉक्टर ने विवेक को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने विवेक के शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है। डॉक्टर्स ने पुलिस को बताया कि कीटनाशक का सेवन करने की वजह से उनकी मृत्यु हुई है। विवेक के पिता राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के गनमैन हैं।
केंद्रीय मंत्री मांडविया भविष्य की नौकरियों पर सम्मेलन में लेंगे भाग
दिल्ली। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री और युवा मामले एवं खेल मंत्री, डॉ. मनसुख मांडविया 15 जनवरी को नई दिल्ली में 'भविष्य की नौकरियां' पर एक दिवसीय सम्मेलन में भाग लेंगे। इस सम्मेलन का आयोजन श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के सहयोग से किया जा रहा है। सम्मेलन का विषय "आने वाले कल के कार्यबल को आकार देना: एक गतिशील दुनिया में विकास को गति देना" है।
सम्मेलन का उद्देश्य भारत के जॉब मार्केट पर एआई, आटोमेशन और डिजिटल उपकरणों जैसी तकनीकी प्रगति के असर का पता लगाना है, उभरते क्षेत्रों और उनसे सृजित होने वाले नौकरी के अवसरों को उजागर करना है। यह प्रमुख नीतिगत पहलों और भविष्य की चुनौतियों के लिए कार्यबल को तैयार करने के लिए मानव पूंजी में निवेश की महत्वपूर्ण भूमिका पर चर्चा करेगा।
क्षेत्रवार प्रस्तुतियाँ एक प्रमुख आकर्षण होंगी, जिनमें निर्माण, विनिर्माण, बैंकिंग वित्तीय सेवाएँ और बीमा, रसद, आतिथ्य और पर्यटन, स्वास्थ्य सेवा, परिधान और वस्त्र, ऑटोमोटिव और इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) में उभरते नौकरी के ट्रेंड्स को प्रदर्शित किया जाएगा। ये प्रस्तुतियाँ इन क्षेत्रों के प्रमुख उद्योगपतियों के साथ आयोजित पूर्व-सम्मेलन राउंडटेबल चर्चाओं से एकत्र किए गए अंतर्दृष्टि को दर्शाएंगी।
सम्मेलन का उद्देश्य विचारकों, सरकार के प्रतिनिधियों, नीति निर्माताओं, उद्योग विशेषज्ञों और बहुपक्षीय एजेंसियों को एक साथ लाना है ताकि विकसित हो रहे रुझानों पर चर्चा और विचार-विमर्श किया जा सके और महत्वपूर्ण क्षेत्रों में रोजगार सृजन के लिए एक रणनीतिक दृष्टिकोण पर ध्यान केंद्रित किया जा सके और नीतिगत सिफारिशें तैयार की जा सकें, जिससे भारत में भविष्य के लिए तैयार कार्यबल तैयार किया जा सके।
पृष्ठभूमि:
निवेशों, नीतिगत पहलों, तकनीकी प्रगति और विकसित हो रही बाजार मांगों के समागम से प्रेरित होकर, वैश्विक स्तर पर नौकरियों का भविष्य एक गहन परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। जैसे-जैसे उद्योग विकसित हो रहे हैं और नए क्षेत्र उभर रहे हैं, कार्यबल को कार्य की तेजी से डिजिटल, स्वचालित और विश्व स्तर पर परस्पर जुड़ी दुनिया के अनुकूल होना होगा। यह गतिशील बदलाव आगे आने वाली चुनौतियों और अवसरों के लिए देश के कार्यबल को तैयार करने के लिए मानव पूंजी में लक्षित निवेश के महत्व को रेखांकित करता है।
एक समृद्ध भविष्य की नौकरियों के लिए भारत का मार्ग अपने जनसांख्यिकीय लाभांश का फायदा उठाने, समावेशन को बढ़ावा देने और नवाचार को अपनाने में निहित है। शिक्षा, कौशल विकास और रणनीतिक निवेश को प्राथमिकता देकर, देश कार्य की तेजी से बदलती दुनिया की मांगों को पूरा करने के लिए तैयार एक कार्यबल का निर्माण कर सकता है, जिससे आने वाली पीढ़ियों के लिए सतत विकास और समृद्धि सुनिश्चित हो सके।
आयुष्मान योजना लागू करने वाला ओडिशा 34वां राज्य
दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) द्वारा ओडिशा सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए जाने के बाद ओडिशा आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी पीएम-जेएवाई) को लागू करने वाला 34वां राज्य बन गया है। इस समझौते पर आज विज्ञान भवन, नई दिल्ली में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव और एनएचए की मुख्य कार्यकारी अधिकारी एल.एस. चांगसन और ओडिशा सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की आयुक्त-सह-सचिव अश्वथी एस. के बीच हस्ताक्षर किए गए।
हस्ताक्षर समारोह की अध्यक्षता केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने की। इस अवसर पर ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम, केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव, ओडिशा के उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंह देव तथा ओडिशा सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, संसदीय कार्य तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. मुकेश महालिंग भी उपस्थित थे।
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी पीएम-जेएवाई) को ओडिशा में मौजूदा गोपबंधु जन आरोग्य योजना (जीजेएवाई) के साथ मिलकर लागू किया जाएगा। यह प्रति परिवार प्रति वर्ष 5 लाख रुपये का कवर प्रदान करेगा, साथ ही महिला सदस्यों के लिए अतिरिक्त 5 लाख रुपये प्रदान किए जाएंगे। लगभग 1.03 करोड़ परिवार इस एकीकृत योजना के अंतर्गत आएंगे, जिसमें 67.8 लाख परिवारों को केंद्र सरकार द्वारा सहायता प्रदान की जाएगी।
सभा को संबोधित करते हुए, जे.पी. नड्डा ने कहा, "आज ओडिशा के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। एबी पीएम-जेएवाई न केवल दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य कवरेज योजना है, बल्कि अवधारणा के बाद से लागू होने वाली सबसे तेज़ योजना भी है"। उन्होंने कहा, "यह योजना पूरी तरह से डिजिटल है और भारत की लगभग 45% आबादी को कवर करती है।" उन्होंने यह भी कहा कि माननीय प्रधान मंत्री ने अक्टूबर 2024 में आयुष्मान वय वंदना कार्ड लॉन्च किया, जिससे 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के लगभग 6 करोड़ लोग लाभान्वित होंगे।
एबी पीएम-जेएवाई के प्रभाव पर प्रकाश डालते हुए, नड्डा ने कहा, “योजना की शुरुआत से लेकर अब तक 8.19 करोड़ लोग अस्पताल में भर्ती हुए हैं, जिसमें समाज के वंचित वर्गों को स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने पर 1.13 लाख करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।” उन्होंने स्पष्ट किया, “अस्पताल में भर्ती होने वालों की संख्या में यह वृद्धि बीमारियों में वृद्धि के कारण नहीं, बल्कि किफायती स्वास्थ्य सेवा तक पहुँच में आसानी के कारण है।”
उन्होंने यह भी बताया कि दूरदराज और अशांत क्षेत्रों में भी एबी पीएम-जेएवाई के परिणामस्वरूप अस्पताल में भर्ती होने वालों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर प्रकाश डाला कि बस्तर और बीजापुर के नक्सल प्रभावित जिलों में भी अस्पताल में भर्ती होने वालों की संख्या में 4.3% की उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में एबी पीएम-जेएवाई योजना के परिणामस्वरूप अस्पताल में भर्ती होने वालों की संख्या में 30 गुना वृद्धि दर्ज की गई है।
दक्षिण-पूर्व एशिया पर लैंसेट द्वारा हाल ही में किए गए अध्ययन का हवाला देते हुए श्री नड्डा ने बताया कि एबी पीएम-जेएवाई ने कैंसर रोगियों के लिए स्वास्थ्य सेवा तक पहुँच को 33% तक बढ़ा दिया है। उन्होंने कैंसर के शुरुआती निदान में सुधार और विशेष रूप से महिलाओं के बीच स्वास्थ्य प्राप्ति व्यवहार को बढ़ावा देने में इस योजना की भूमिका पर भी प्रकाश डाला।
केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि एबी पीएम-जेएवाई के तहत 27 विशेषज्ञताओं में लगभग 2,000 चिकित्सा प्रक्रियाएं कवर की गई हैं, जिनमें बाईपास सर्जरी और घुटने के प्रतिस्थापन जैसी प्रमुख सर्जरी भी शामिल हैं।
इस अवसर पर मोहन चरण माझी ने कहा, “हमारे राज्य के लोग, जो पहले लगभग 900 सूचीबद्ध अस्पतालों में इलाज करवा रहे थे, अब 29,000 से अधिक सरकारी और निजी सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस और गुणवत्तापूर्ण इलाज की सुविधा प्राप्त कर सकेंगे।” उन्होंने कहा कि एकीकृत योजनाओं से ओडिशा के लगभग 4.5 करोड़ लोगों को एक ही कार्ड से लाभ मिलेगा।
उन्होंने आगे कहा, "यह बहुत महत्तवपूर्ण अवसर है, क्योंकि यह ओडिशा की 86% आबादी की स्वास्थ्य स्थिति को बदल देगा।" श्री माझी ने यह भी बताया कि यह योजना ओडिशा के स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र के डिजिटलीकरण और प्रगतिशील विकास को आगे बढ़ाएगी।
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि "यह समझौता ज्ञापन ओडिशा के स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र की विकास गाथा में एक नई शुरुआत है क्योंकि इससे राज्य के 4.5 करोड़ परिवारों को लाभ मिलेगा।" माननीय प्रधानमंत्री के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि दोनों स्वास्थ्य सेवा योजनाओं के एकीकरण से राज्य स्वास्थ्य सूचकांक में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। मंत्री ने राज्य के सभी जिलों में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर भी जोर दिया।
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि एकीकृत योजनाएं ओडिशा में स्वास्थ्य सेवाओं को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाएंगी तथा इसे 'विकसित भारत' और 'उत्कर्ष ओडिशा' के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक और कदम बताया।
जुएल ओराम ने राज्य के लोगों, विशेषकर जनजातीय, वंचित और प्रवासी आबादी के लिए एबी पीएमजेएवाई के सकारात्मक प्रभाव पर प्रकाश डाला।
कनक वर्धन सिंह देव ने कहा कि, “गोपबंधु जन आरोग्य योजना को एबी पीएम-जेएवाई के साथ एकीकृत करने से, ओडिशा अब स्वास्थ्य असमानताओं को दूर करने, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को प्राथमिकता देने और शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच स्वास्थ्य देखभाल के अंतर को पाटने में सक्षम है।”
डॉ. मुकेश महालिंग ने कहा कि समझौता ज्ञापन ओडिशा के निवासियों और इसके प्रवासी श्रमिकों के लिए देश भर में सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त करेगा।
शिवराज सिंह चौहान ने 700 करोड़ की लागत से 56 नई वाटरशेड विकास परियोजनाएं की मंजूर
दिल्ली। भूमि संसाधन विभाग (DoLR), ग्रामीण विकास मंत्रालय (MoRD) प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (WDC-PMKSY) के वाटरशेड विकास घटक (डब्ल्यूडीसी-पीएमकेएसवाई) को लागू कर रहा है, जिसका उद्देश्य देश के अवक्रमित और वर्षा आधारित क्षेत्रों को एकीकृत दृष्टिकोण के माध्यम से विकसित करना है।
इस योजना के तहत की जाने वाली गतिविधियों में पर्वतीय क्षेत्र उपचार, जल निकासी रेखा उपचार, मृदा और नमी संरक्षण, वर्षा जल संचयन, नर्सरी स्थापना, चरागाह विकास, भूमिहीन व्यक्तियों के लिए आजीविका आदि शामिल हैं।
डब्ल्यूडीसी-पीएमकेएसवाई 1.0 के तहत पूर्ण परियोजनाओं के मूल्यांकन से भूजल स्तर में उल्लेखनीय सुधार, सतही जल की उपलब्धता में वृद्धि, फसल उत्पादकता और किसानों की आय में सुधार देखा गया है। इन पहलों के माध्यम से, डब्ल्यूडीसी-पीएमकेएसवाई प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन में सुधार और किसानों की जलवायु परिवर्तन के प्रति बेहतर सहनशीलता सुनिश्चित करके सतत विकास की दिशा में कार्य करता है।
कृषि मंत्री की अध्यक्षता में भूमि संसाधन विभाग, वाटरशेड प्रबंधन प्रभाग, ग्रामीण विकास मंत्रालय (MoRD) ने पीएमकेएसवाई-डब्ल्यूडीसी 2.0 योजना के तहत 10 सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्यों जैसे मध्य प्रदेश, असम, ओडिशा, तमिलनाडु, कर्नाटक, नागालैंड, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, सिक्किम और उत्तराखंड में 700 करोड़ रुपये की लागत से 56 नई वाटरशेड विकास परियोजनाओं को मंजूरी दी है। ये परियोजनाएं किसानों की आय बढ़ाने, भूमि क्षरण को रोकने और जलवायु लचीलापन मजबूत करने के प्रयासों में सहायता करेंगी।
वित्तीय वर्ष 2021-22 में, डब्ल्यूडीसी-पीएमकेएसवाई 2.0 के तहत लगभग 50 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को कवर करने वाली 1150 परियोजनाओं को ₹12303 करोड़ की लागत से स्वीकृत किया गया है।
प्रत्येक परियोजना का क्षेत्रफल लगभग 5,000 हेक्टेयर होगा, हालांकि पहाड़ी राज्यों में यह कम हो सकता है। इस पहल का उद्देश्य अवनत भूमि की समय पर पुनर्प्राप्ति और निधियों के कुशल उपयोग के माध्यम से क्षेत्र में प्रत्यक्ष प्रभाव सुनिश्चित करना है।
सीएम आतिशी के खिलाफ एफआईआर
दिल्ली। नई दिल्ली जिले के नॉर्थ एवेन्यू थाने में आम आदमी पार्टी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि आम आदमी पार्टी फर्जी फोटो लगाकर प्रचार कर रही है। दिल्ली पुलिस ने इस मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित की है। वहीं गोविंद पुरी में मुख्यमंत्री आतिशि पर सरकारी वाहन के चुनाव में इस्तेमाल करने पर एफआईआर दर्ज की गई है।
सीएम आतिशी पर एफआईआर दर्ज होने पर अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर पोस्ट साझा कर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने लिखा कि इनके नेता खुलेआम पैसा बांटते हैं, साड़ी, कंबल, सोने की चैन आदि बांटते हैं। फर्जी वोट बनवाते हैं। फिर भी एक एफआईआर तक दर्ज नहीं होती है। लेकिन मुख्यमंत्री आतिशी के खिलाफ तुरंत एफआईआर हो जाती है। आम आदमी पार्टी पूरे सिस्टम के खिलाफ लड़ रही है। इस सड़े गले सिस्टम को जनता के साथ मिलकर बदलना है। मिलकर साफ करना है। बीजेपी और कांग्रेस दोनों उसी सड़े गले सिस्टम का हिस्सा हैं।
कर्नाटक की मंत्री लक्ष्मी हेब्बालकर की कार का हुआ एक्सीडेंट
कर्नाटक। महिला एवं बाल विकास कल्याण मंत्री लक्ष्मी हेब्बालकर की कार का मंगलवार सुबह एक बड़ा एक्सीडेंट हो गया। इस सड़क दुर्घटना में मंत्री बाल-बाल बच गईं। एक्सीडेंट के वक्त कार में उनके भाई और कर्नाटक विधान परिषद ((MLC) के सदस्य चेन्नाराजु भी मौजूद थे, जिन्हें चोटें आई हैं। दोनों को तुरंत एक निजी अस्पताल में भर्ती करवा दिया गया है।
घटना मंगलवार सुबह 5:30 बजे के करीब जिले के कित्तूर इलाके में घटी। सोमवार को बेंगलुरु में पार्टी के अलग-अलग कार्यक्रम और शाम में विधायक दल की बैठक में हिस्सा लेने के बाद मंत्री लक्ष्मी हेब्बलाकर ने सड़क के रास्ते बेलगावी जाने का फैसला किया, क्योंकि देर शाम को बेंगलुरु से बेलगावी की फ्लाइट नहीं है।
सुबह 5:30 बजे के करीब जब उनकी कार कित्तूर के पास पहुंची, तब अचानक एक कुत्ता कार के सामने आ गया। ड्राइवर ने उससे टकराने से बचने के लिए अचानक स्टीयरिंग घुमा दिया। गाड़ी का संतुलन बिगड़ा और कार सड़क किनारे एक पेड़ से जा टकराई। गाड़ी के सभी सेफ्टी एयरबैग खुल जाने की वजह से बड़ा हादसा होने से टल गया। हालांकि, मंत्री लक्ष्मी हेब्बालकर को चेहरे और कमर पर मामूली चोट आई है, जबकि उनके भाई और MLC चेन्नराजु को सिर पर चोट लगी है। दोनों का एक निजी अस्पताल में इलाज किया जा रहा है।
'2024 में मारे गए आतंकियों में से 60 फीसदी पाकिस्तानी', सेना प्रमुख बोले- टेररिज्म से टूरिज्म की तरफ बढ़ रहे
नई दिल्ली। चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ उपेंद्र द्विवेदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि मेरा मिशन है कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मजबूत आधार स्तम्भ के लिए भारतीय सेना को आत्मनिर्भर फ्यूचर रेडी फोर्स के रूप में तैयार करना।
सेना प्रमुख ने कहा कि 'मैं उत्तरी सीमा से बात शुरू करता हूं। जैसा कि आप सबको पता है कि स्थिति सेंसिटिव है, मगर स्थिर है। पूर्वी लद्दाख के डेपसांग और डेमचोक में समस्या सुलझ गई है। मैंने अपने को कमांडर्स को ग्राउंड लेवल पर हालात से निपटने के लिए ऑथराइज किया है।'
मणिपुर पर भी बोले सेना प्रमुख
सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि नॉर्थ ईस्ट में हालात लगातार सुधर रहे हैं। मणिपुर में सुरक्षा बलों के प्रयास और सक्रिय सरकारी कोशिश से स्थिति नियंत्रण में है। हालांकि, हिंसा की चक्रीय घटनाएं जारी हैं। हम क्षेत्र में शांति स्थापित करने का प्रयास कर रहे हैं।'
उन्होंने कहा, 'विभिन्न एनजीओ और दिग्गज लोग मेल-मिलाप को प्रभावी बनाने के लिए कम्युनिटी नेताओं तक पहुंच रहे हैं। भारत-म्यांमार सीमा पर, निगरानी बढ़ा दी गई है, जिसका उद्देश्य म्यांमार की अशांति से बचाव करना है। बॉर्डर फेंसिंग पर भी काम जारी है।'
कश्मीर के हालात पर भी बोले
सेना प्रमुख ने कहा कि 'जम्मू-कश्मीर में स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। डीजीएमओ की सहमति के बाद से ही फरवरी 2021 से सीजफायर जारी है। लेकिन पाकिस्तान की तरफ से घुसपैठ की कोशिशें लगातार की जा रही हैं।'
उन्होंने कहा, 'पिछले साल जो आतंकी मारे गए, उसमें से 60 फीसदी पाकिस्तानी मूल के थे। हाल के दिनों में उत्तरी कश्मीर और डोडा-किश्तवाड़ में आतंकी गतिविधियां बढ़ी हैं। अमरनाथ यात्रा के लिए 5 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे। टेररिज्म से टूरिज्म की थीम धीरे-धीरे आकार ले रही है।'
‘दुर्घटना मुआवजे से मेडिक्लेम प्रतिपूर्ति की राशि काटी जाए’, कर्नाटक हाईकोर्ट ने अपने आदेश में ऐसा क्यों कहा?
बेंगलुरु। कर्नाटक उच्च न्यायालय ने कहा है कि मोटर वाहन (एमवी) अधिनियम के तहत चिकित्सा व्यय और अस्पताल में भर्ती के लिए दिए जाने वाले मुआवजे में मेडिक्लेम बीमा पॉलिसियों के माध्यम से प्राप्त राशि को भी शामिल किया जाना चाहिए।
देश में एक और मिला HMPV वायरस केस, पुडुचेरी में 5 साल की बच्ची संक्रमित
पुडुचेरी। भारत में HMPV वायरस के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। देश के कई राज्यों से इसके मामले सामने आ चुके हैं। वहीं अब पुडुचेरी से HMPV का दूसरा केस सामने आया है, पुडुचेरी में एचएमपीवी ने पिछले हफ्ते दस्तक दे दी थी। अब पुडुचेरी में एक और बच्चा ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (एचएमपीवी) से संक्रमित पाया गया और उसका यहां केंद्र प्रशासित जिपमर में इलाज चल रहा है।
बच्ची की उम्र 5 साल बताई जा रही है। पुडुचेरी के स्वास्थ्य निदेशक वी रविचंद्रन ने एक विज्ञप्ति में कहा कि बच्ची ने बुखार, खांसी और नाक बहने की शिकायत की। उन्हें कुछ दिन पहले JIPMER में भर्ती कराया गया था और उसका इलाज चल रहा है। डाक्टर्स ने बच्ची के लिए कहा कि बच्ची ठीक हो रहा है और उसके इलाज के लिए सभी एहतियाती कदम उठाए गए हैं।
तीन साल का बच्चा भी हुआ था संक्रमित
वहीं पुडुचेरी में पिछले हफ्ते पहला एचएमपीवी (तीन साल का बच्चा) सामने आया था और उसका इलाज एक निजी अस्पताल में किया गया था। पूरी तरह ठीक होने के बाद शनिवार को लड़की को छुट्टी दे दी गई।
गुजरात में आए सबसे ज्यादा केस
असम में HMPV का पहला केस सामने आया। यहां 10 महीने का बच्चा पॉजिटिव है।
देश में HMPV के सबसे ज्यादा 4 मामले गुजरात से आए हैं।
महाराष्ट्र में 3, कर्नाटक और तमिलनाडु में 2-2, यूपी, राजस्थान, असम और बंगाल में एक-एक केस सामने आया है।
HMPV केस बढ़ने पर अब राज्यों ने भी सतर्कता बढ़ा दी है। पंजाब में बुजुर्गों और बच्चों को मास्क पहनने की सलाह दी गई है।
2001 में पहली बार सामने आया HMPV
स्वास्थ्य मंत्रालय ने वायरस को लेकर कई दिशा-निर्देश भी जारी किए थे। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, HMPV कोई नया वायरस नहीं है। इसकी पहचान पहली बार साल 2001 में हुई थी और यह सालों से दुनिया भर में फैल रहा है। एक्सपर्ट्स ने कहा कि HMPV के लिए शायद ही कभी अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़ती है। इसलिए इससे ज्यादा घबराने की बात नहीं है।
25 साल में कैसे बदला Wikipedia, 5 करोड़ से ज्यादा आर्टिकल्स मौजूद; 2001 में इसी हफ्ते हुई थी शुरुआत
नई दिल्ली। विकिपीडिया को 15 जनवरी 2001 में लॉन्च किया गया था और 15 जनवरी 2026 को इसे 25 साल पूरे हो जायेंगे। विकिपीडिया की शुरुआत जिमी वेल्स और लैरी सैंगर ने की थी। आज ये लोगों की सर्च रिजल्ट का अहम हिस्सा बन गया है। हर महीने 2 अरब से ज्यादा यूजर्स विकिपीडिया पेज पर आते हैं।
गणतंत्र दिवस समारोह में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो होंगे मुख्य अतिथि
नई दिल्ली । 26 जनवरी को भारत अपना गणतंत्र दिवस मनाएगा। हर साल इस मौके पर किसी न किसी देश के राष्ट्राध्यत्र मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होते रहे हैं।
वहीं इस बार कयास लगाए जा रहे हैं कि इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो राष्ट्रीय राजधानी में गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि होंगे।
माना जा रहा है कि नई दिल्ली द्वारा आपत्ति जताये जाने के बाद, सुबियांतो के भारत दौरा संपन्न करने के तुरंत बाद पाकिस्तान की यात्रा करने की संभावना नहीं है।
हालांकि, पाकिस्तानी मीडिया में आई खबरों के मुताबिक, जकार्ता ने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति के भारत दौरे के बाद पाकिस्तान की यात्रा की योजना बनाई है।
हर साल शामिल होते हैं वैश्विक नेता
बता दें कि भारत ने अब तक इस साल के गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि की औपचारिक घोषणा नहीं की है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सुबियांतों के दौरे के दौरान उनके साथ व्यापक बातचीत करेंगे। भारत हर साल वैश्विक नेताओं को गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित करता है।
पिछले साल फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भारत के गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए थे। इससे पहले मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी 2023 में भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि थे।
कोविड के दौरान कोई नहीं रहा मुख्य अतिथि
COVID-19 महामारी के मद्देनजर 2021 और 2022 में गणतंत्र दिवस पर कोई भी मुख्य अतिथि नहीं था। वहीं 2020 में, तत्कालीन ब्राजीलियाई राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि थे।
इससे पहले 2019 में, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा गणतंत्र दिवस परेड में मुख्य अतिथि थे, जबकि 2018 में सभी 10 आसियान देशों के नेताओं ने इस कार्यक्रम में भाग लिया था।
इसके पहले के पिछले सालों में, जिन हस्तियों ने गणतंत्र दिवस परेड में भाग लिया उनमें 2017 में अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, 2016 में फ्रांसीसी राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद और 2015 में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा शामिल थे। साल 2014 में पूर्व-जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे मुख्य अतिथि थे।
दिल्ली-NCR में बारिश ने बढ़ाई ठिठुरन
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली सहित एनसीआर के विभिन्न इलाकों में शनिवार को हल्की बारिश हुई। इस बारिश के बाद से दिल्ली के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।
शनिवार शाम को हुई बारिश के बाद शहर का न्यूनतम तापमान 7.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अधिकारियों ने बताया कि अधिकतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री कम 17 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आईएमडी द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, सफदरजंग मौसम केंद्र ने 1.6 मिलीमीटर (मिमी), पालम में 2.4 मिमी, दिल्ली विश्वविद्यालय में दो मिमी, पूसा में 1.5 मिमी और नजफगढ़ में चार मिमी बारिश दर्ज की गई।
वहीं IMD के मुताबिक आज रविवार को भी दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में बारिश हो सकती है। इसमें करावल नगर, दिलशाद गार्डन, सीमापुरी, शाहदरा, विवेक विहार, प्रीत विहार, नजफगढ़, द्वारका, अक्षरधाम, आयानगर और डेरामंडी सहित अन्य कई इलाकों में बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा रविवार को दिल्ली-एनसीआर में दिन भर बादल छाए रहेंगे। इसके अलावा दिल्ली में अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमश: 17 और 11 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।
यूपी में छाया रहेगा कोहरा
इसके अलावा यूपी के मौसम में भी ठंड का असर बढ़ने वाला है। मौसम विभाग ने पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ जगहों पर हल्की बारिश की भी संभावना जताई है। वहीं इस दौरान घना कोहरा और बादल गरजने व बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। 13 जनवरी से लेकर 15 जनवरी तक यूपी में घना कोहरा छाए रहने की आशंका जताई गई है।
उत्तराखंड में येलो अलर्ट
वहीं उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में आज कोहरे को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने देहरादून, नैनीताल, टिहरी, हरिद्वार, पौड़ी और चंपावत में बिजली चमकने के साथ बारिश होने की संभावना जताई है। हालांकि सोमवार से पर्वतीय जिलों में मौसम साफ रहेगा। वही हरिद्वार और उधम सिंह नगर में कोहरा छाए रहने के आसार हैं। बता दें कि बद्रीनाथ हेमकुंड साहिब और फूलों की घाटी में बर्फबारी होने से निचले इलाकों में ठंड बढ़ गई है। ज्योतिर्मठ, पांडुकेश्वर सहित आसपास के इलाकों में भी ठंड का प्रकोप बढ़ गया है जबकि निचले इलाकों में सुबह से ही बादल छाए रहे।
महाकुंभ में पाना चाहते हैं पुण्य तो इन घाटों पर करें स्नान
प्रयागराज। सोमवार से महाकुंभ का आयोजन हो चुका है। ऐसे में लाखों लोग यहां आ रहे हैं और स्नान कर रहे हैं। सुबह 7.30 तक 35 लाख लोग संगम में डुबकी लगा चुके हैं।
महाकुंभ में शाही स्नान के दिन का अलग ही महत्व है। प्रयागराज में त्रिवेणी की वजह से प्रयागराज में महाकुंभ का अलग ही महत्व है।
यहां गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती तीन नदियों का संगम है। ऐतिहासिक ग्रंथों में संगम के पवित्र घाटों का धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व बताया गया है। अगर आप भी महाकुंभ में डुबकी लगाने जा रहे हैं तो इन पवित्र घाटों में महत्व जरूर जानें।
संगम घाट
प्रयागराज में संगम घाट त्रिवेणी के प्रमुख घाटों में से एक है। महाकुंभ के दौरान यह घाट आस्था और आकर्षण का मुख्य केंद्र रहता है क्योंकि इस घाट पर तीन नदियों का संगम यानी मिलन होता। धार्मिक मान्यता है कि महाकुंभ के दौरान जो लोग इस घाट पर स्नान करते हैं तो उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है।
केदार घाट
मेला क्षेत्र का केदार घाट भगवान शिव की पूजा का महत्वपूर्ण स्थान है यहां श्रद्धालु पवित्र स्नान कर भोले शंकर की आराधना करते हैं।
हांडी फोड़ घाट
हांडी घाट प्रयागराज के प्राचीन घाटों में से एक है। यह घाट सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए खासा मशहूर है। इस घाट पर आने वाले श्रद्धालुओं को शांत लहरों का सौंदर्य दृश्य देखने को मिलेगा।
दशाश्वमेध घाट
दशाश्वमेध घाट प्रयागराज के पवित्र घाटों में से एक हैं, इस घाट का जिक्र पौरौणिक कथाओं में भी किया गया है, इस कारण इसका धार्मिक और पौराणिक दृष्टि के अलग ही महत्व है। कहा जाता है कि इस घाट पर स्वंय ब्रह्मा जी ने 10 अश्वमेध यज्ञ किए थे। इस घाट पर महाकुंभ के दौरान गंगा आरती और पूजा होती है।
बस के खाई में गिरने से छह लोगों की मौत, 22 अन्य लोग घायल
उत्तराखंड। पौड़ी जिले के श्रीनगर क्षेत्र में रविवार को एक बस के खाई में गिरने से छह यात्रियों की मृत्यु हो गयी तथा 22 अन्य लोग घायल हो गए। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआएफ) से मिली जानकारी के अनुसार, दुर्घटना दहलचौरी के पास उस समय हुई, जब बस अनियंत्रित होकर सड़क से 100 मीटर नीचे खाई में जा गिरी।
एसडीआरएफ ने बताया कि हादसे के समय बस पौड़ी से दहलचौरी जा रही थी और वाहन में कुल 28 लोग सवार थे। जानकारी के मुताबिक, दुर्घटना में पांच यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गयी जबकि एक अन्य यात्री ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। एसडीआरएफ के मुताबिक, दुर्घटना के बाद बचाव अभियान संचालित करने में स्थानीय लोगों ने भी मदद की और घायलों को निकाल कर पौड़ी के जिला अस्पताल पहुंचाया गया। एसडीआरएफ ने बताया कि घायलों में से आठ लोगों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर उपचार के लिए श्रीनगर स्थित स्वास्थ्य केंद्र स्थानांतरित किया गया।
पौड़ी के जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने घटनास्थल पर पहुंचकर बचाव अभियान पर निगरानी रखी। उन्होंने दुर्घटना के कारणों की जांच के लिए परिवहन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए। वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। धामी ने शोक संवेदना व्यक्त करते हुए ईश्वर से हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को इस दुख को सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की।
Mahakumbh 2025: कुंभ मेले का शाही आगाज, 60 लाख श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी
प्रयागराज। महाकुंभ 2025 का आगाज हो चुका है। सुबह सवेरे शाही स्नान के साथ इसकी शुरुआत हुई। गंगा, यमुना और कल्पित सरस्वती के संगम पर आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। सुबह 8 बजे तक 60 लाख लोगों ने संगम में डुबकियां लगाई। गूगल ने कुंभ मेला पर एक खास फीचर पेश किया है। महाकुंभ टाइप करते ही स्क्रीन पर गुलाब के पंखुरियों की बारिश होने लगती है। बड़ी संख्या में विदेशी श्रद्धालु भी कुंभ में पहुंचे हैं।
हेलिकॉप्टर से बरसाए जाएंगे फूल
4 साल के अंतराल पर होने वाले महाकुंभ में देश विदेश से दुनिया के करोड़ों श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं। इस बार उत्तर प्रदेश सरकार ने इसे भव्य बनाने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। श्रद्धालुओं पर हेलिकॉप्टर से गुलाब की पंखुड़ियों बारिश की जाएगी। पर्यटकों के लिए सस्ती हेलिकॉप्टर राइड की व्यवस्था है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयाेजल होगा। साथ ही मेले की सुरक्षा के पुख्ता व्यवस्था किए गए हैं।
सबसे पहले जूना अखाड़ा के संतों ने लगाई डुबकी
महाकुंभ के पहले शाही स्नान में सबसे पहले जूना अखाड़ा ने डुबकी लगाई। परंपरा के अनुसार, शाही स्नान में शुरुआत साधु-संतों और अखाड़ों के स्नान से होती है। जूना अखाड़ा के नागा साधु, भव्य शोभायात्रा के साथ संगम तट पर पहुंचे। उनके बाद दूसरे प्रमुख अखाड़ों ने क्रमवार स्नान किया। पूरे आयोजन में अनुशासन और उत्साह का माहौल देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने अखाड़ों के इस पवित्र स्नान को देखकर अपनी श्रद्धा प्रकट की।
श्रद्धालुओं पर गुलाब की पुष्प वर्षा
महाकुंभ मेले में श्रद्धालुओं के स्वागत का खास इंतजाम किया गया है। पूरे 4000 हेक्टेयर क्षेत्र में हेलिकॉप्टर से गुलाब की पंखुड़ियों की वर्षा होगी। इस आयोजन को खास बनाने के लिए उद्यान विभाग ने हर स्नान पर्व के लिए 20 क्विंटल गुलाब की पंखुड़ियों की व्यवस्था की है।
कुंभ मेला प्रभारी वीके सिंह ने बताया कि इस पहल का मकसद श्रद्धालुओं को दिव्य और अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करना है। गुलाब की पंखुड़ियों से संगम क्षेत्र और अधिक सुंदर और आध्यात्मिक रूप में नजर आएगा। उत्तर प्रदेश पुलिस ने मेले में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक नाव पर पुलिस चौकी बनाई है। इसे फ्लोटिंग पुलिस चौकी कहा जा रहा है।
पहला शाही स्नान आज, सुबह मुहूर्त है
पवित्र अवसर आज पूर्णिमा के शुभ अवसर पर पहला शाही स्नान हो रहा है। हिंदू पंचांग के मुताबिक, यह तिथि 13 जनवरी सुबह 5:03 बजे शुरू होकर 14 जनवरी रात 3:56 बजे तक रहेगी।
इसके बाद पांच और शाही स्नान होंगे। मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या, बसंत पंचमी, माघ पूर्णिमा और महाशिवरात्रि जैसे पवित्र अवसरों पर श्रद्धालु स्नान करेंगे। हर स्नान पर्व पर श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। इन आयोजनों का महत्व धार्मिक और सांस्कृतिक दोनों दृष्टिकोण से है।
40 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचने की उम्मीद
महाकुंभ 2025 में दुनिया भर से 40 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। पहले शाही स्नान से पहले संगम के तट पर लाखों श्रद्धालु जुट चुके हैं। गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम पर डुबकी लगाकर श्रद्धालु अपने पापों से मुक्ति की कामना कर रहे हैं। सोमवार सुबह से ही संगम क्षेत्र में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। इस विशाल आयोजन की सफलता के लिए सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए गए हैं। पुलिस बल, सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन की मदद से मेले की निगरानी की जा रही है।
हेलिकॉप्टर राइड का अनोखा अनुभव
पर्यटकों को प्रयागराज के अद्भुत नजारों का अनुभव देने के लिए हेलिकॉप्टर राइड की व्यवस्था की गई है। पहले इसका किराया 3,000 रुपए था, लेकिन अब इसे घटाकर 1,296 रुपए प्रति व्यक्ति कर दिया गया है। यह राइड 7-8 मिनट तक चलेगी, जिसमें पर्यटक महाकुंभ मेले की भव्यता को आसमान से देख सकेंगे। उत्तर प्रदेश के पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि यह पहल पर्यटकों को यादगार अनुभव देने के लिए की गई है। हेलिकॉप्टर राइड न केवल पर्यटकों को आकर्षित करेगी बल्कि मेले की लोकप्रियता को भी बढ़ाएगी।
ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन में 7.93% की गिरावट
दिल्ली। जलवायु परिवर्तन और बढ़ते तापमान ने पृथ्वी पर जीवन के लिए गंभीर संकट पैदा कर दिया है। जिससे जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन (यूएनएफसीसीसी) को ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन जीएचजी) को कम करने के लिए देशों को पेरिस समझौते के तहत राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (एनडीसी) प्रस्तुत करने के लिए मजबूर होना पड़ा है। इसके जवाब में भारत ने 2021 में कॉप 26 के सम्मेलन में 2070 तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन हासिल करने का संकल्प लिया। भारत की चौथी द्विवार्षिक अद्यतन रिपोर्ट (बीयूआर-4) में 2019 की तुलना में 2020 में जीएचजी उत्सर्जन में 7.93% की कमी पर प्रकाश डाला गया है। यह एक सतत, जलवायु-आत्मनिर्भर भविष्य के लिए भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
यूएनएफसीसीसी के तहत भारत का जलवायु अभियान
21 मार्च, 1994 से प्रभावी यूएनएफसीसीसी का उद्देश्य ग्रीनहाउस गैस सांद्रता को स्थिर करना और जलवायु परिवर्तन और दीर्घकालिक जलवायु परिवर्तन के लिए वित्त की पर्याप्त उपलब्धता पर वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देना है। संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (कॉप21) का 21वां सत्र 2015 में पेरिस में हुआ था, जहां 195 देशों ने पेरिस समझौते को अपनाया था। समझौते का उद्देश्य पूर्व-औद्योगिक स्तरों से ऊपर वैश्विक औसत तापमान वृद्धि को 2 डिग्री सेल्सियस से नीचे तक सीमित करना है। साथ ही वृद्धि को 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित करने और ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को जल्द से जल्द करने के प्रयासों को आगे बढ़ाना है। यह 4 नवंबर, 2016 को लागू हुआ, जिसके तहत देशों को अपने जलवायु लक्ष्यों को रेखांकित करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (एनडीसी) प्रस्तुत करने की आवश्यकता हुई।
प्रगति पर नजर रखने के लिए हर दो साल में भारत यूएनएफसीसीसी को द्विवार्षिक अद्यतन रिपोर्ट (बीयूआर) प्रस्तुत करता है। ये रिपोर्ट राष्ट्रीय जीएचजी सूची को अद्यतन करती हैं, शमन कार्यों का विवरण देती हैं और उत्सर्जन को कम करने के प्रयासों सहित प्राप्त समर्थन पर प्रकाश डालती हैं।
रेलवे यात्रियों के अधिकारों की रक्षा करने में एक ऐतिहासिक निर्णय है: डीजी आरपीएफ
दिल्ली। रेलवे सुरक्षा बल के महानिदेशक मनोज यादव ने कहा, "सर्वोच्च न्यायालय का हालिया फैसला वास्तविक रेल यात्रियों के अधिकारों की रक्षा करने में एक ऐतिहासिक निर्णय है। बेईमान तत्वों द्वारा टिकटिंग सिस्टम के दुरुपयोग को संबोधित करने वाला यह फैसला भारतीय रेलवे की टिकटिंग प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए हमारी प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है। आरपीएफ यह सुनिश्चित करने के अपने मिशन में दृढ़ है कि टिकट सभी वैध यात्रियों के लिए सुलभ हों और व्यक्तिगत लाभ के लिए सिस्टम का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई करना जारी रखेगा। हम जनता से किसी भी अनियमितता की रिपोर्ट करने और रेलवे प्रणाली की सत्यनिष्ठा की रक्षा करने में हमारा साथ देने का आग्रह करते हैं। हेल्पलाइन नंबर 139 सभी शिकायतों के लिए है। वैकल्पिक रूप से, रेलमदद पोर्टल के जरिये भी अनियमितताओं की सूचना दी जा सकती है। आरपीएफ यात्रियों को रेलवे प्रणाली की सत्यनिष्ठा को बनाए रखने और सभी के लिए एक निष्पक्ष और कुशल यात्रा अनुभव सुनिश्चित करने हेतु अपनी निरंतर सतर्कता और समर्पण के लिए अश्वस्त करता है।
न्यायालय ने 9 जनवरी 2025 को एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया, जिसमें टिकटिंग सिस्टम के दुरुपयोग को संबोधित किया गया और वास्तविक यात्रियों के लिए रेलवे टिकटों तक उचित पहुंच सुनिश्चित की गई। रेलवे टिकटों की थोक बुकिंग को एक सामाजिक अपराध बताते हुए, सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि यह प्रावधान रेलवे टिकटों की अनधिकृत खरीद और आपूर्ति को अपराध बनाता है, चाहे खरीद और आपूर्ति का तरीका कुछ भी हो।
यह निर्णय भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा रेल मंत्रालय द्वारा केरल और मद्रास के माननीय उच्च न्यायालयों के निर्णयों को चुनौती देने वाली विशेष अनुमति याचिकाओं से जुड़े मामलों पर दिया गया है। यह निर्णय सुनिश्चित करता है कि रेलवे टिकट, विशेष रूप से तत्काल और आरक्षित टिकट जैसी उच्च मांग वाली सेवाओं के लिए, जमाखोरी न की जाए और फिर धोखाधड़ी करने वाले अनधिकृत ऑपरेटरों द्वारा प्रीमियम पर बेचा न जाए, जो रेलवे अधिनियम 1989 की धारा 143 के तहत इस आपराधिक कृत्य को दंडनीय बना देता है। इस निर्णय ने रेलवे अधिनियम के दायरे को भी स्पष्ट रूप से ऑनलाइन बुक किए गए ई-टिकटों की खरीद और आपूर्ति को शामिल करने के लिए बढ़ाया है। वास्तविक यात्रियों को लाभ होगा, क्योंकि सिस्टम दुरुपयोग के खिलाफ बेहतर ढंग से सुरक्षित हो जाएगा।
इस निर्णय के प्रभाव दूरगामी हैं, क्योंकि यह टिकट खरीद में अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने और रेलवे टिकटिंग प्रणाली में विश्वास बहाल करने के लिए एक मिसाल कायम करता है। यह सुनिश्चित करता है कि अधिकृत एजेंट और व्यक्ति स्थापित नियमों के ढांचे के भीतर रहकर काम करें, ताकि सभी के लिए निष्पक्षता और सुलभता को बढ़ावा मिल सके। इसके अलावा, यह संभावित उल्लंघनकर्ताओं को एक कड़ा संदेश देता है कि प्रणाली का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इससे पूरे देश में लाखों रेल यात्रियों को एक अधिक न्यायसंगत यात्रा अनुभव का एहसास होगा।