देश-विदेश
मो. यूनुस अंतरिम सरकार के प्रमुख नियुक्त
ढाका । बांग्लादेश में राजनीतिक अस्थिरता के बीच मंगलवार की रात अंतरिम सरकार के प्रमुख की नियुक्ति की गई। नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित मोहम्मद यूनुस को बांग्लादेश की अंतरिम सरकार का प्रमुख बनाया गया है। राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने यूनुस की नियुक्ति का एलान किया।
प्रेस सचिव ने एक बयान में बताया कि राष्ट्रपति और भेदभाव विरोधी छात्र आंदोलन के समन्वयकों के बीच हुई बैठक के दौरान अंतरिम सरकार की नियुक्ति का फैसला लिया गया। बैठक में तीनों सेनाओं के प्रमुख भी मौजूद थे।
सरकार नहीं देगी 18 माह के 'डीए' का एरियर
एक करोड़ से ज्यादा केंद्रीय कर्मियों-पेंशनरों को तगड़ा झटका
नई दिल्ली । केंद्र सरकार ने अपने एक करोड़ से अधिक कर्मचारियों और पेंशनरों को तगड़ा झटका दे दिया है। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने मंगलवार को राज्यसभा में स्पष्ट तौर से बता दिया है कि कोरोनाकाल के दौरान सरकारी कर्मियों का जो 18 फीसदी डीए/डीआर रोका गया था, अब उसका एरियर नहीं मिलेगा। राष्ट्रीय परिषद (जेसीएम) स्टाफ साइड के प्रतिनिधियों सहित विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने डीओपीटी के सचिव (पी) से आग्रह किया था कि 18 माह के 'डीए' का एरियर, कर्मियों का हक है। केंद्र सरकार के कर्मियों व पेंशनरों को कोरोनाकाल के दौरान रोके गए डीए/डीआर का एरियर जारी किया जाए।
राज्यसभा सदस्य, जावेद अली खान और रामजी लाल शर्मा ने सदन में यह सवाल पूछा था कि क्या सरकार, कर्मचारियों को कोरोनाकाल के दौरान रोके गए डीए/डीआर के एरियर का भुगतान जारी करने के लिए सक्रिय है या नहीं। दोनों सांसदों ने पूछा, अगर सरकार यह भुगतान जारी नहीं कर रही है, तो उसका क्या कारण है। भारतीय अर्थव्यवस्था, विश्व में तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था है। इस साल डीए/डीआर जारी करने को लेकर कर्मचारी संगठनों के कितने प्रतिवेदन प्राप्त हुए हैं। सरकार ने उन पर क्या कार्यवाही की है।
इन सवालों के जवाब में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा, कोरोनाकाल में अर्थव्यवस्था की स्थिति ठीक नहीं होने के कारण डीए/डीआर रोका गया था। तब सरकार पर वित्तीय दबाव था। एनसीजेसीएम सहित सहित विभिन्न कर्मचारी संगठनों की तरफ से इस बाबत प्रतिवेदन प्राप्त हुए हैं। मौजूदा समय में उक्त भत्तों का एरियर देना संभव नहीं हैं।
बता दें कि कोरोनाकाल में केंद्र सरकार ने कर्मचारियों का उक्त भुगतान रोक कर 34,402.32 करोड़ रुपये बचा लिए थे। 'भारत पेंशनर समाज' के महासचिव एससी महेश्वरी ने भी कोरोनाकाल के दौरान रोके गए 18 माह के डीए का एरियर जारी करने के लिए सरकार से आग्रह किया है। डीए एरियर का मुद्दा पहले भी कई बार उठाया जा चुका है। 'नेशनल ज्वाइंट काउंसिल ऑफ एक्सन' (एनजेसीए) के वरिष्ठ सदस्य एवं अखिल भारतीय रक्षा कर्मचारी महासंघ (एआईडीईएफ) के महासचिव सी श्रीकुमार ने बताया, कर्मियों के हितों से जुड़े मुद्दे, जिसमें पुरानी पेंशन बहाली सहित कई दूसरी मांगें शामिल हैं, लगातार उठाए जा रहे हैं। कर्मचारियों ने कोरोनाकाल में रोके गए 18 महीने के डीए/डीआर के भुगतान के लिए प्रदर्शन किया है। कैबिनेट सचिव को स्टाफ साइड' की राष्ट्रीय परिषद (जेसीएम) द्वारा 18 माह के डीए एरियर के भुगतान के लिए लिखा गया था। इस बाबत वित्त मंत्रालय को भी प्रतिवेदन दिया गया। कर्मचारी संगठनों ने इस विषय में केंद्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला भी दिया था।
केंद्र सरकार की ओर से दी गई ये दलील
केंद्र सरकार के कर्मचारी और पेंशनर्स, कोरोनाकाल में रोके गए 18 महीने के डीए एरियर के भुगतान को लेकर लंबे समय से मांग कर रहे हैं। केंद्र सरकार ने बजट सत्र में यह बात मानी थी कि डीए की बकाया राशि जारी करने के लिए कई कर्मचारी संगठनों की ओर से आवेदन मिले हैं। हालांकि सरकार ने इस संबंध में कोई ठोस भरोसा देने की बजाए साफ तौर से कह दिया कि मौजूदा परिस्थितियों में डीए के एरियर को जारी करना व्यावहारिक नहीं है। मतलब, केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों को 34 हजार करोड़ से अधिक की डीए/डीआर राशि का भुगतान नहीं करेगी। बजट सत्र के दौरान वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा था, अभी भी केंद्र सरकार का राजकोषीय घाटा एफआरबीएम अधिनियम में दर्शाए स्तर से दोगुने से अधिक चल रहा है। ऐसे में डीए/डीआर का एरियर देना संभव नहीं है। सी. श्रीकुमार बताते हैं, सुप्रीम कोर्ट का फैसला है कि ऐसे मामलों में कर्मचारी को छह फीसदी ब्याज के साथ उसका भुगतान करना होता है।
कोरोनाकाल में रोका गया था डीए का भुगतान
केंद्र सरकार ने कोरोनाकाल के दौरान जनवरी 2020 से जून 2021 तक 18 महीने का महंगाई भत्ते और महंगाई राहत की 3 किस्तें रोक ली थीं। उस वक्त सरकार ने आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने की बात कही थी। राष्ट्रीय परिषद (जेसीएम) के सचिव शिव गोपाल मिश्रा ने तब कैबिनेट सचिव के साथ हुई बैठक में इस मुद्दे को उठाया था। कर्मियों को उम्मीद थी कि उन्हें बकाया राशि मिल जाएगी, लेकिन केंद्र सरकार ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। सी. श्रीकुमार के मुताबिक, सरकार के मन में खोट आ चुका है। केंद्र ने 2020 के प्रारंभ में कोविड-19 की आड़ लेकर सरकारी कर्मियों और पेंशनरों के डीए/डीआर पर रोक लगा दी थी। उस वक्त कर्मियों के 11 फीसदी डीए का भुगतान रोक कर केंद्र सरकार ने करोड़ों रुपये बचा लिए थे। उसके बाद कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने 18 माह के एरियर के भुगतान को लेकर सरकार को कई तरह के विकल्प सुझाए थे। इनमें एरियर का एकमुश्त भुगतान करना भी शामिल था।
सरकार की घोषणा का निकला ये मतलब
कोरोनाकाल के बाद केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने यह घोषणा की थी कि कर्मचारियों को 28 फीसदी के हिसाब से महंगाई भत्ता मिलेगा। उस वक्त उन्होंने एरियर को लेकर कोई बात नहीं कही। केंद्रीय मंत्री की घोषणा का अर्थ यह था कि बढ़े हुए डीए की दर एक जुलाई 2021 से 28 फीसदी मान ली जाए। इसके अनुसार जून 2021 और जुलाई 2021 के बीच डीए में एकाएक 11 फीसदी वृद्धि हो गई, जबकि डेढ़ साल की अवधि में डीए की दरों में कोई वृद्धि दर्ज नहीं की गई। एक जनवरी 2020 से लेकर एक जुलाई 2021 तक डीए/डीआर फ्रीज कर दिया गया था। कोरोना संक्रमण काल में डीए की तीन किस्त (1 जनवरी 2020, 1 जुलाई 2020, 1 जनवरी 2021) रोक दी गई थी। इसके बाद सरकार ने जुलाई 2021 में महंगाई भत्ते को बहाल कर दिया था। तब 18 महीने की बकाया तीन किस्तों का पैसा देने पर सरकार चुप हो गई।
दूषित पानी पीने से 4 की मौत, गांव में हड़कंप
प्रयागराज । गंगानगर सैदाबाद ब्लॉक के भदवा प्रजापति बस्ती में एक सप्ताह के अंदर चार लोगों की मौत हो गई। ग्रामीणों का दावा है कि कुएं के दूषित पानी पीने से लोगों की मौत हुई है। एक समाजसेवी की शिकायत पर स्वास्थ्य टीम ने मौके पर पहुंचकर मरीजों का इलाज शुरू कर दिया है।
भदवा गांव में संजना (3), दिवाकर (10), चन्नर मुसहर (55) और मूटरी देवी (70) की दूषित पानी पीने के कारण मौत हो गई है। गांव के पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य अमरेन्द्र सिंह ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग को कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। दूषित पानी से मौत की सूचना मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची। तब जाकर मरीजों को दवा और ओआरएस का घोल वितरित किया गया।
गांव में लोगों के बीमार होने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गांव में पानी का मुख्य स्रोत एक कुंआ है। इसमें ब्लीचिंग पाउडर न डालने के कारण पानी दूषित होना बताया जा रहा है। दूषित पानी पीने की वजह से सत्यम, सुंदरम, दिलखुश, दीपांशु, संगिता, सिंटू, शब्बू, आनंद, रितेश, रंजीत, कुसुम, लक्ष्मी, संजना, प्रकाश, गरिमा, संजीत, ललित, उर्मिला, जीत लाल, शिव, आकाश और आकांक्षा समेत कई लोग बीमार हैं। इन सभी का प्रयागराज के निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
MP के दो बड़े शहरों में सिटी फारेस्ट बनाने की तैयारी
भोपाल। लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग द्वारा इंदौर और जबलपुर शहरी क्षेत्र में नगर वन (सिटी फारेस्ट) विकसित करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिये विभाग द्वारा योजनाबद्ध तरीके से तेजी से कार्य किया जा रहा है। विभाग द्वारा वित्त वर्ष 2024-25 की कार्य योजना में नगर वन विकसित करने संबंधी प्रस्ताव रखा गया है।
लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन विभाग द्वारा नेशनल टेक्सटाईल कॉर्पोरेशन से इंदौर, उज्जैन, भोपाल एवं बुरहानपुर जिले की बंद मिलों की भूमि को पुनः राज्य शासन के पक्ष में बंदोबस्त (वैष्ठित) कर लिया गया है। इसके विरुद्ध नेशनल टेक्सटाइल कॉर्पोरेशन ने इंदौर, उज्जैन एवं भोपाल की भूमि के संबंध में उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई है। संबंधित जिलों के कलेक्टर्स से समन्वय स्थापित कर विभाग द्वारा इन भूमि प्रकरणों के जल्द से जल्द निराकरण की कार्यवाही की जा रही है।
इंदौर जिले में स्थित यूनाइटेड मालवा मिल का एक प्रमुख भाग प्रबंधन की मंशा से नगर वन (सिटी फारेस्ट) के रूप में विकसित करने के लिये बेहद उपयुक्त पाया गया है। इस विकास प्रस्ताव पर विभागीय योजना बनाकर कार्यवाही की जा रही है एवं कल्याण मिल का उचित रूप से प्रबंधन किया जा रहा है। उज्जैन की विनोद मिल के शेष पार्सलों पर व्यवसायिक गतिविधियों के प्रोत्साहन केलिये विभागीय योजना तैयार की जा रही है एवं उज्जैन की हीरा मिल का समुचित प्रबंधन भी विभागीय तौर पर किया जा रहा है।
लोक परिसम्पत्ति विभाग द्वारा जबलपुर शहरी क्षेत्र में बीएसएनएल द्वारा अधिग्रहित भूमि को पुनः राज्य शासन के पक्ष में बंदोबस्त (वैष्ठित) कर लिया गया है। अब यहाँ 'सिटी फारेस्ट' के लिये जरूरी विकास के मद्देनजर समुचित प्रबंधन एवं व्यवस्थाएँ की जा रही हैं।
राहुल गांधी की संसद सदस्यता फिर से बहाल, मोदी सरनेम मामले में सजा पर रोक
वायनाड सांसद राहुल गांधी की संसद सदस्यता बहाल कर दी गई है. लोकसभा सचिवालय के अधिसूचना जारी करने के साथ राहुल गांधी की लोकसभा में फिर से इंट्री का रास्ता साफ हो गया है. कयास लगाए जा रहे हैं कि वे वर्तमान मानसून सत्र में हिस्सा लेंगे.
बता दें कि मोदी सरनेम केस में सूरत की अदालत ने राहुल गांधी को दो साल की सजा सुनाई गई थी, जिससे उनकी संसद सदस्यता चली गई थी. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए सजा पर रोक लगाई है.
लोकसभा सचिवालय ने सोमवार को नोटिफिकेशन जारी कर राहुल गांधी की सांसदी फिर से बहाल कर दी है. वायनाड से सांसद राहुल की लोकसभा सदस्यता मार्च 2023 में खत्म कर दी गई थी. उन्हें मोदी सरनेम मामले में दोषी ठहराया गया था और मामले में दो साल की सजा सुनाई गई थी. जिसकी वजह से संसद से उनकी सदस्यता निलंबित कर दी गई थी. वहीं मोदी सरनेम केस में 4 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने उनकी सजा पर रोक लगाने का फैसला सुनाया. जिसके बाद उन्हें सोमवार को वापस संसद सदस्यता दी गई है.
समय से पहले खुली हाईकोर्ट, दुर्ग निवासी महिला के बेघर होने पर आईजी दुर्ग को नोटिस
भारत का अनार खायेगा मेलबर्न ऑस्ट्रेलिया के लोग
दिल्ली। कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) ने 31 अगस्त, 2024 को मुंबई से मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया तक भारतीय अनार की पहली खेप की आपूर्ति को सुगम किया।
ये सफल निर्यात न केवल वैश्विक गुणवत्ता मानकों को पूरा करने में भारत की क्षमताएं दिखलाता है, बल्कि नए राजस्व स्रोतों को खोलकर भारतीय किसानों को जरूरी बढ़ावा भी देता है। मेलबर्न में इस खेप को सफलतापूर्वक मंजूरी दे दी गई और एपीडा इंडिया पैवेलियन में फाइन फूड ऑस्ट्रेलिया 2024 में प्रदर्शित किया गया, जिसने भारतीय अनार की वैश्विक अपील को और उभारा।
ऑस्ट्रेलिया ने 2020 में भारतीय अनार को अपने बाजार में पहुंच प्रदान की थी, जिससे भारतीय किसानों के लिए एक नए और आकर्षक बाजार में प्रवेश करने का मार्ग खुला। फरवरी 2024 में ऑस्ट्रेलिया को अनार के निर्यात के लिए एक कार्य योजना और मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) पर हस्ताक्षर किए गए थे, जिससे निर्यात प्रक्रिया को और अधिक सुव्यवस्थित किया जा सके।
भारत बागवानी फसलों का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है। इसके चलते महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, राजस्थान और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में अनार का प्रमुख उत्पादन होता है। एपीडा ने विशेषकर अनार के लिए निर्यात संवर्धन मंच (ईपीएफ) की स्थापना की है। इसका उद्देश्य निर्यात को बढ़ावा देना और आपूर्ति शृंखला में बाधाओं को दूर करना है। इन ईपीएफ मंचों में वाणिज्य विभाग, कृषि विभाग, राज्य सरकारों, राष्ट्रीय रेफरल प्रयोगशालाओं और शीर्ष 10 प्रमुख निर्यातकों के प्रतिनिधि शामिल हैं। ये अनार के निर्यात को बढ़ावा देने में एक सहयोगी प्रयास सुनिश्चित करते हैं।
वित्त वर्ष 2023-24 में भारत ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), बांग्लादेश, नेपाल, नीदरलैंड, सऊदी अरब, श्रीलंका, थाईलैंड, बहरीन और ओमान सहित अन्य बाजारों में 69.08 मिलियन यूएस डॉलर मूल्य के 72,011 मीट्रिक टन अनार का निर्यात किया।
ताजे फलों और सब्जियों के जल्द खराब होने की प्रकृति के बावजूद इन निर्यात को बढ़ावा देने की एपीडा की प्रतिबद्धता इसी में सुस्पष्ट है कि लंबी दूरी के गंतव्यों को निर्यात करते समय संबंधित उत्पादों की विशेषताओं को बनाए रखने के लिए समुद्र प्रोटोकॉल का विकास किया गया। ये पहल न केवल वैश्विक बाजारों में भारत की स्थिति को मजबूत करती है, बल्कि स्थायी निर्यात के अवसर पैदा करके भारतीय किसानों को सीधे समर्थन भी देती है।
ये खेप मुंबई के फलों और सब्जियों के एक प्रमुख निर्यातक और एपीडा के साथ पंजीकृत निर्यातक मेसर्स के. बी. एक्सपोर्ट्स द्वारा भेजी गई थी। इस खेप में अनार सीधे मेसर्स के. बी. एक्सपोर्ट्स के खेतों से प्राप्त किए गए थे, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इस निर्यात का लाभ जमीनी स्तर पर भारतीय किसानों तक पहुंचे। इन अनारों को अहमदनगर में उनके ऑस्ट्रेलिया-अनुमोदित पैकहाउस में सावधानीपूर्वक पैक किया गया था। इससे ये गारंटी मिली कि वे अंतर्राष्ट्रीय बाजारों के लिए आवश्यक कड़े गुणवत्ता मानकों को पूरा करते हैं। 1.1 मीट्रिक टन वजन वाली इस खेप में 336 बक्से (प्रत्येक का वजन 3.5 किलोग्राम) शामिल थे। सहमत कार्य योजना के अनुसार, नवी मुंबई के वाशी में एमएसएएमबी आईएफसी में इसे आवश्यक विकिरण ट्रीटमेंट से गुजरना पड़ा।
एपीडा भारत सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत एक सांविधिक निकाय है और भारतीय कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य निर्यात को बढ़ावा देने को समर्पित है। एपीडा द्वारा किए जाने वाले प्रयासों में विभिन्न देशों में बी2बी प्रदर्शनियों का आयोजन, नए संभावित बाजारों की खोज और प्राकृतिक, जैविक और भौगोलिक संकेत (जीआई) टैग वाले कृषि उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए भारतीय दूतावासों के साथ मिलकर काम करना शामिल है।
जम्मू-कश्मीर चुनाव के लिए भाजपा ने जारी किया संकल्प पत्र
जम्मू । केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनावों के लिए भारतीय जनता पार्टी का चुनावी घोषणापत्र जारी किया। शाह दो दिवसीय दौरे पर शुक्रवार दोपहर जम्मू पहुंचे। अमित शाह ने पार्टी का संकल्प पत्र जारी करने के बाद कहा कि आजादी के समय से ही हमारी पार्टी के लिए जम्मू-कश्मीर का ये भूभाग बहुत महत्वपूर्ण रहा है और आजादी के समय से ही हमने इस भूभाग को हमेशा भारत के साथ जोड़े रखने के लिए प्रयास किए।
पंडित प्रेमनाथ डोगरा से लेकर श्यामा प्रसाद मुखर्जी की शहादत तक... ये पूरा संघर्ष पहले भारतीय जनसंघ और फिर भारतीय जनता पार्टी ने आगे बढ़ाया। क्योंकि हमारी पार्टी मानती है कि जम्मू-कश्मीर हमेशा से भारत का हिस्सा है और रहेगा।
पहले यहां अलगाववादियों के सामने सरकारें नतमस्तक हुआ करती थीं। बीते 10 साल में यहां शांति रही और विकास हुआ। 370 और 35A खत्म करना ऐतिहासिक फैसला रहा। अब ये दोनों अतीत बन चुके हैं। उनकी अब कभी वापसी नहीं हो पाएगी। 2014 से 24 तक जम्मू-कश्मीर के लिए स्वर्णिम काल रहे। इससे पहले प्रदेश अध्यक्ष रविंदर रैना ने कहा कि मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर में हर वर्ग से इंसाफ किया है। सबका साथ, सबका विकास पर काम किया है। पिछली सरकारों ने भेदभाव किया जाता था।
विनेश-बजरंग ने थामा कांग्रेस का दामन
नई दिल्ली। पहलवान विनेश फोगाट और बजरंग पूनिया ने शुक्रवार को दोनों कांग्रेस का दामन थाम लिया। इससे पहले दोनों ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से उनके आवास पर मुलाकात की। कांग्रेस में शामिल होने के बाद विनेश फोगाट ने कहा कि उम्मीदों पर खरा उतरने की कोशिश रहेगी। कांग्रेस ने हमारे आंसुओं को समझा। बुरे टाइम में पता चलता है कि आपका कौन है। ये देश के लोगों की सेवा का मौका है। नई पारी की शुरूआत मेरे लिए गर्व की बात है।
वहीं बजरंग पूनिया ने कहा कि कांग्रेस और देश को मजूबत करेंगे। भाजपा हमारे साथ खड़ी नहीं हुई। कांग्रेस में आने पर आलोचना हो रही है। विनेश फोगाट ने कांग्रेस पार्टी में शामिल होने से पहले रेलवे से इस्तीफा दे दिया है। कांग्रेस पार्टी ने एक्स पर दोनों के साथ एक तस्वीर साझा की है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मुलाकात के बाद अपने एक्स हैंडल पर तस्वीर साझा करते हुए चक दे इंडिया, चक दे हरियाणा! दुनिया में भारत का नाम रोशन करने वाले हमारे प्रतिभाशाली चैंपियन विनेश फोगाट और बजरंग पूनिया से 10 राजाजी मार्ग पर मुलाक़ात। हमें आप दोनों पर गर्व है।
विनेश फोगाट ने रेलवे से दिया इस्तीफा, जानें क्या बोलीं साक्षी मलिक
पहलवान साक्षी मलिक ने बजरंग पूनिया और विनेश फोगट पर कहा कि शायद आज वे दोनों कांग्रेस पार्टी में शामिल होंगे, इसीलिए वे इस्तीफा देने आ रहे हैं। यह उनका निजी फैसला है कि वे पार्टी में शामिल होना चाहते हैं। हमारे आंदोलन को गलत रूप न दिया जाए।
आगे कहा कि महिलाओं के लिए मेरा आंदोलन आज भी जारी है। मैंने हमेशा कुश्ती के बारे में सोचा है, मैंने कुश्ती के हित में काम किया है और आगे भी करूंगी। मुझे बड़े ऑफर भी मिले लेकिन मैं जिस चीज से भी जुड़ी हूं, उसके अंत तक काम करना है। जब तक फेडरेशन साफ-सुथरा नहीं हो जाता और बहन-बेटियों का शोषण बंद नहीं हो जाता, मेरी लड़ाई जारी रहेगी।
मंत्री का बहनोई निकला नशीली कफ सिरप का बड़ा तस्कर, सांसद का करीबी भी गिरफ्तार
भोपाल । मध्य प्रदेश की सतना पुलिस ने राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी के रिश्तेदार (बहनोई) को नशीले पदार्थ की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में एक बादल सिंह का नाम भी सामने आया है जो कि सांसद गणेश सिंह का करीबी बताया जाता है, उसकी सांसद के साथ की तस्वीरें भी वायरल हो रही हैं।
जानकारी के अनुसार नशीली कफ सिरफ के बड़े गिरोह में राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी के बहनोई शैलेन्द्र राजावात की गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर शैलेन्द्र राजावत के साथ राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी की तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं। हालांकि बताया ये भी जा रहा है कि प्रतिमा बागरी की बहन ने घर से भागकर शैलेन्द्र राजावत से शादी की थी और उसके बाद से प्रतिमा बागरी के परिवार ने उनसे दूरी बना ली थी। हालांकि इस मामले पर अभी तक राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी का कोई बयान सामने नहीं आया है।
एडीशनल एसपी विक्रम सिंह ने पूरे मामले पर बताया कि सिंहपुर थाना क्षेत्र में 12 जुलाई को एक बड़ी कार्यवाही की गई थी। जिसमें उत्तर प्रदेश से आ रहे एक पिकअप वाहन को पकड़ा गया था। जिसमें भारी मात्रा में नशीली कफ सिरफ भरी हुई थी। ये पिकअप सतना लाया जा रहा था। पूछताछ में ड्राइवर ने बताया कि वो अपने साथी अमित गुप्ता निवासी रैगांव, आशीष गौतम निवासी रैगांव के साथ ये माल लेकर सतना आ रहा था। इसमें से 10 पेटी माल बादल सिंह पटेल निवासी जमुना, रामपुर बघेल को, 25-25 पेटी अमित गुप्ता व आशीष गौतम को देने की बात ड्राइवर दिवाकर ने बताई थी।
बिजली सब्सिडी लेने वालों पर जियो टेगिंग से नजर, अपात्र उपभोक्ताओं की संपत्ति डाटा से जाएगी पहचान
भोपाल । मध्यप्रदेश की तीनों विद्युत वितरण कंपनियां – पूर्व क्षेत्र, मध्य क्षेत्र, और पश्चिम क्षेत्र- अटल ज्योति योजना के तहत अपात्र उपभोक्ताओं की पहचान के लिए जियो टेगिंग तकनीक का उपयोग करेंगी। यह जांच एमपीएसईडीसी (मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम लिमिटेड) के सहयोग से की जाएगी, जिसकी शुरुआत भोपाल और ग्वालियर के पॉश इलाकों से हो चुकी है।
अटल ज्योति योजना के अंतर्गत 150 यूनिट तक की मासिक बिजली खपत वाले उपभोक्ताओं को सब्सिडी प्रदान की जाती है। इस योजना का लाभ उठाने वाले उपभोक्ताओं की वास्तविक स्थिति की जांच के लिए विद्युत वितरण कंपनियों ने अपनी बिलिंग प्रणाली का डाटा एमपीएसईडीसी को उपलब्ध कराया है। इसके साथ ही नगर निगम और नगर पालिका के संपत्ति डाटा का भी समन्वय स्थापित किया गया है। जियो टेगिंग के माध्यम से एमपीएसईडीसी द्वारा उपभोक्ताओं की जानकारी निकाली जाएगी, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि कहीं बड़े भू-भाग या अधिक क़ीमत वाली संपत्तियों के उपभोक्ता इस योजना का अनुचित लाभ तो नहीं उठा रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के आधार पर विद्युत वितरण कंपनियां ऐसे परिसरों की पहचान कर कार्रवाई करने की योजना बना रही हैं। एमपीएसईडीसी के एमपी जियो पोर्टल की मदद से कलेक्टर गाइडलाइन के तहत हुई संपत्ति रजिस्ट्रियों की जानकारी निकाली जाएगी, जिससे पता चलेगा कि किस उपभोक्ता की बिजली खपत 150 यूनिट तक है। इससे अपात्र उपभोक्ताओं की पहचान कर उन्हें अटल ज्योति योजना के दायरे से बाहर किया जाएगा।
अनेक कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं से अपील
विद्युत वितरण कंपनियों ने ऐसे उपभोक्ताओं से अपील की है जिनके परिसरों में एक से अधिक बिजली कनेक्शन चल रहे हैं। उन्हें सुझाव दिया गया है कि वे अपने कनेक्शनों को मर्ज कराकर एक ही बिजली कनेक्शन करवाएं। इसके लिए उपभोक्ता नजदीकी विद्युत वितरण केंद्र या जोन कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।
उत्तराखंड सरकार के अधिकारियों को राहत, दंडात्मक कार्रवाई पर रोक
नई दिल्ली । गंगा में प्रदूषण नहीं रोक पाने पर उत्तराखंड सरकार के अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज करने के एनजीटी के आदेश पर सु्प्रीम कोर्ट ने रोक लगाई। कोर्ट ने अधिकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई के एनजीटी के आदेश पर भी रोक लगा दी है।
पुणे में बसे हिमाचलियों ने हिमाचली मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया
पुणे । महाराष्ट्र के पुणे में बसे हिमाचलियों ने हिमाचली मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया जिसमे पुणे में कार्यरत वर्किंग प्रोफेशनल्स , बिजनेसमैन और आई टी पेशेवरों में भाग लिया।
इस कार्यक्रम का आयोजन सूर्या कम्पनी समूह के सी ई औ दीपक सूद और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती पूजा सूद द्वारा किया गया / पूजा सूद ने बताया की इस कार्यक्रम का आयोजन पुणे में बसे हिमाचलियों को भावनात्मक रूप से एक सूत्र में पिरोने के लिए किया गया।
उन्होंने बताया की पुणे में बसे हिमाचली एक व्हाट्सप्प ग्रुप के माध्यम से जुड़े हैं जहां बह पुणे में हिमाचलियों को पेश आ रही दिक्क्तों को साँझा करते हैं और अपने अनुभव और संसाधनों के माध्यम से एक दूसरे की मदद करते हैं । उन्होंने बताया की इस ग्रुप के माध्यम से पुणे ने नए आये हिमाचली युवकों को नौकरी / फ्लैट या अन्य अनेक मुद्दों पर सभी हिमाचली मिल कर हर सम्भव मदद करने का प्रयत्न करते हैं और अनेक मामलों में कामयाब भी हो जाते हैं जिससे नए हिमाचलियों को आसानी हो जाती है।
उन्होंने बताया की इसके अतिरिकत ग्रुप में हिमाचल प्रदेश में ताजा घटनाक्रम और हिमाचल प्रदेश की सांस्कृति और पर्यटन को बढ़ाबा देने के लिए भी प्रयास किये जाते हैं।
श्रीमती पूजा सूद ने बताया की उनका संगठन पूरी तरह गैर राजनैतिक है और इसके एक मात्रा मकसद हिमाचल की समृद्धि और बिकास हैं।
राहुल गांधी के विचारों से प्रभावित होकर राजेंद्र पाल गौतम कांग्रेस में शामिल
नई दिल्ली । दिल्ली सरकार में मंत्री रह चुके राजेंद्र पाल गौतम ने शुक्रवार को कांग्रेस पार्टी का दामन थाम लिया है। राजेंद्र पाल गौतम का कहना है कि वे राहुल गांधी के विचारों से प्रभावित होकर कांग्रेस में शामिल हुए हैं। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल की मौजूदगी में उन्हें कांग्रेस की सदस्यता दिलाई गई। इस दौरान केसी वेणुगोपाल ने कहा कि गौतम का कांग्रेस में शामिल होना गर्व की बात है।
बता दें कि एक ओर हरियाणा में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) के बीच गठबंधन को लेकर बातचीत चल रही है। वहीं, दूसरी ओर दिल्ली में आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता कांग्रेस में शामिल हो गए। इसके साथ ही रेसलर विनेश फोगाट और बजरंग पूनिया के कांग्रेस में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
हरियाणा से आने वाले ये दोनों रेसलर आज कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं। वहीं कांग्रेस में शामिल हो चुके राजेंद्र पाल गौतम की बात करें तो वह अक्टूबर 2022 में हिंदू देवी-देवताओं पर दिए अपने एक बयान को लेकर विवादों में आ गए थे। इसके बाद उन्हें दिल्ली सरकार के मंत्री पद से इस्तीफा भी देना पड़ा था।
हालांकि, मंत्री पद से इस्तीफा देने के बावजूद वह आम आदमी पार्टी में ही रहे। राजेंद्र पाल गौतम के कांग्रेस में शामिल में होने पर वेणुगोपाल ने कहा कि गौतम अंबेडकरवादी विचारों पर चलने वाले व्यक्ति हैं। गौतम जिस विचारधारा पर चलते रहे हैं कांग्रेस उस विचारधारा पर काम करने वाली पार्टी है।
कांग्रेस में शामिल होने के बाद राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि दिल्ली में सफाई के दौरान कर्मचारी सीवर के अंदर मर जाए करते थे। लेकिन हमने पहली बार सीवर में कर्मचारियों के उतरने को प्रतिबंध किया और इसके लिए 200 मशीनें लाए। इसके जरिए हमने यह बताने की कोशिश की कि जो इंसान के मल में उतरते हैं वह भी इंसान ही हैं। उनकी जान की कीमत होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि देश में जाति और धर्म के नाम पर उन्माद होता है। राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा के तहत नारा दिया था कि वह नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान खोलने आए हैं, उनके इस नारे ने दिल को छू लिया।
गौतम ने कहा कि राहुल गांधी ने यह भी कहा कि संविधान की रक्षा करनी है। देश में सामाजिक न्याय को आगे बढ़ाते हुए सभी वर्गों को उनकी जनसंख्या के हिसाब से हिस्सेदारी भागीदारी मिलनी चाहिए। राहुल गांधी की इन बातों ने उन्हें प्रभावित किया है।
इस मौके पर दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को भी याद किया। गौतम ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने मुझे दो बार विधायक व मंत्री बनाया, इसके लिए मैं उनका आभार व्यक्त करता हूं।
गौतम ने कहा, लेकिन मेरी लड़ाई कहीं और है। सामाजिक न्याय के मुद्दे पर, जाति जनगणना के मुद्दे पर, हिस्सेदारी भागीदारी के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी चुप्पी साथ लेती है। विशेष तौर पर अनुसूचित जाति, जनजाति, अल्पसंख्यक के लीडर के साथ अगर कोई बात होती है तो वह चुप्पी साथ लेते हैं। पार्टी में रहते हुए यहां से सामाजिक न्याय की लड़ाई नहीं लड़ सकता।
गौतम कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का खुद का जीवन संघर्ष से भरा हुआ है। राहुल गांधी का पूरा परिवार संघर्ष में रहा है। आज कांग्रेस पार्टी संविधान की रक्षा की बात कर रही है, हिस्सेदारी भागीदारी की बात कर रही है।
पीएम मोदी सिंगापुर और ब्रुनेई की यात्रा से लौटे दिल्ली, सिंगापुर को दिया धन्यवाद
नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सिंगापुर और ब्रुनेई की अपनी तीन दिवसीय यात्रा समाप्त करने के बाद दिल्ली पहुंच गए हैं। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सिंगापुर यात्रा का एक वीडियो शेयर किया है। उन्होंने लिखा सिंगापुर की मेरी यात्रा बहुत फलदायी रही है। यह निश्चित रूप से द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करेगी और हमारे देश के लोगों को लाभ पहुंचाएगी। मैं सिंगापुर की सरकार और लोगों को उनकी गर्मजोशी के लिए धन्यवाद देता हूं।
इससे पहले गुरुवार को पीएम मोदी और सिंगापुर के पीएम लॉरेंस वोंग ने सिंगापुर के संसद भवन में मुलाकात की थी। दोनों नेताओं ने अपने प्रतिनिधिमंडलों के साथ द्विपक्षीय बैठक की। बातचीत में दोनों नेताओं ने भारत-सिंगापुर द्विपक्षीय संबंधों की प्रगति की समीक्षा की। इसके बाद, दोनों पक्षों ने डिजिटल तकनीक, सेमीकंडक्टर, कौशल विकास और स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्रों में चार एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
प्रधानमंत्री मोदी ने पीएम वोंग को भारत आने का निमंत्रण भी दिया, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। पीएम मोदी ने एईएम होल्डिंग्स लिमिटेड की सेमीकंडक्टर सुविधा का भी दौरा किया। सेमीकंडक्टर फैसिलिटी पहुंचे। इस दौरान सिंगापुर के पीएम वोंग पीएम मोदी के साथ मौजूद थे।
पीएम मोदी ने सिंगापुर की सेमीकंडक्टर कंपनियों को 11-13 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा में आयोजित होने वाली सेमीकॉन इंडिया प्रदर्शनी में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने इससे पहले गुरुवार को सिंगापुर के राष्ट्रपति थर्मन शनमुग रत्नम से भी मुलाकात की। पीएम की उनसे बातचीत कौशल विकास, स्थिरता, प्रौद्योगिकी, नवाचार और कनेक्टिविटी सहित प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित थी।
दोनों नेताओं के बीच बातचीत भारत और सिंगापुर के बीच द्विपक्षीय संबंधों पर केंद्रित रही। पीएम मोदी और पीएम वोंग ने भारत और सिंगापुर के साझा इतिहास, विश्वास और आपसी सम्मान पर आधारित दोस्ती की लंबी परंपरा और कई क्षेत्रों में व्यापक सहयोग की सराहना की।
उन्होंने राजनीतिक, आर्थिक, सुरक्षा, प्रौद्योगिकी, शिक्षा, और सांस्कृतिक संबंधों के क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों में प्रगति की समीक्षा की और संतोष व्यक्त किया। यह जानना दिलचस्प है कि भारत और सिंगापुर अगले साल राजनयिक संबंधों की स्थापना की 60वीं वर्षगांठ मनाएंगे।
इस पृष्ठभूमि में, दोनों प्रधानमंत्रियों ने द्विपक्षीय सहयोग को गहरा और व्यापक बनाने के लिए द्विपक्षीय संबंधों को 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' के उच्च स्तर तक ले जाने पर सहमति व्यक्त की।
बता दें कि सिंगापुर दौरे से पहले पीएम मोदी ब्रुनेई के आधिकारिक दौरे पर थे। पीएम मोदी ने बंदर सेरी बेगवान के इस्ताना नुरुल ईमान में ब्रुनेई के सुल्तान हाजी हसनल बोलकिया के साथ वार्ता की। बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।
पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा , महामहिम सुल्तान हाजी हसनल बोल्किया से मिलकर खुशी हुई। हमारी बातचीत व्यापक थी और इसमें हमारे देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के तरीके शामिल थे। हम व्यापार संबंधों, वाणिज्यिक संबंधों का और विस्तार करने जा रहे हैं। पीएम मोदी ने ब्रुनेई की राजधानी बंदर सेरी बेगवान में भारतीय उच्चायोग की नई चांसरी का भी उद्घाटन किया।
स्केटिंग कर रही थी 10 साल की बच्ची, तभी इजरायल ने गिराया बम; तस्वीरें देख नम हो जाएंगी आंखें
गाजा पट्टी। इजरायल-हमास युद्ध (Israel Hamas War) में अनगिनत मासूमों की जान जा चुकी है। हर गुजरते वक्त के साथ गाजा में निर्दोष लोगों की मौत की संख्या बढ़ती जा रही है। गाजा से युद्ध की एक और वीभत्स तस्वीर सामने आई है। तला अबू अजवा नाम की 10 साल की बच्ची की बम धमाके में मौत (Roller Skating Gaza Girl Death) हो गई है। वो स्केट्स पहनकर बाहर खेल रही थी, तभी बम धमाके में उसने अपनी जान गंवा दी।
मलबे में दफन थी बेटी...
मंगलवार को तला अबू अजवा के पिता ने कहा कि उसने मुझसे बाहर जाकर खेलने की जिद्द करने लगी। वो पड़ोस की लड़कियों के साथ खेलना चाहती थी। मुझे खतरे का अंदेशा था लेकिन मैंने तरस खाकर उसे खेलने के लिए बाहर भेज दिया। थोड़ी देर में थमाके की आवाज सुनाई दी। जब मैं बाहर पहुंचा तो मेरी बेटी मलबे के बीच में पड़ी थी। मैंने उसे रोलर स्केट्स से पहचाना। यही एक मात्र चीज थी जो मलबे में दिखाई दे रही थी।
SSC GD 2025: जीडी कॉन्स्टेबल परीक्षा के लिए नोटिफिकेशन जारी, 39481 पदों पर भर्ती का एलान, यहां से करें अप्लाई
नई दिल्ली। एसएससी जीडी कॉन्स्टेबल 2025 की तैयारियों में जुटे युवाओं के लिए खुशखबरी है। स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (SSC) की ओर से केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) और एसएसएफ (SSF) में कांस्टेबल (जीडी), असम राइफल्स में राइफलमैन (जीडी), और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो में सिपाही परीक्षा 2025 के लिए नोटिफिकेशन (SSC GD Notification 2025) जारी कर भर्ती का एलान किया है।
इस वर्ष एसएससी की ओर से कुल 39481 पदों भर्ती निकाली गई है। अधिसूचना जारी होने के साथ ही इन पदों के लिए रजिस्ट्रेशन भी 5 सितंबर से शुरू कर दिए गए हैं। इच्छुक एवं योग्य अभ्यर्थी 14 अक्टूबर 2024 तक ऑनलाइन माध्यम से फॉर्म भर सकते हैं।