देश-विदेश
केंद्र सरकार ने दी जनता को बड़ी राहत, एलपीजी सिलेंडर 45 रुपए तक हुआ सस्ता, यह हैं नए दाम
नई दिल्ली. नवरात्रों के बीच आज एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए मंगलवार राहत भरा दिन लेकर आया है. 1 अप्रैल को ढेर सारे होने वाले बदलावों में से एक एलपीजी प्राइस भी है. आज ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने एलपी सिलेंडर के नए रेट जारी कर दिए हैं. नए रेट के मुताबिक 19 किलो वाले कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम में करीब 45 रुपये की कमी की गई है. हालांकि, घरेलू गैस सिलेंडर यानी 14 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है.
ताजा रेट के मुताबिक दिल्ली में आज 1 अप्रैल से 19 किलो वाला एलपीजी सिलेंडर अब 41 रुपये सस्ता होकर 1762 रुपये का हो गया है. जबकि, यहां घरेलू सिलेंडर की कीमत 901 रुपये पर स्थिर है. कोलकाता में यही कॉमर्शियल सिलेंडर 44.50 रुपये सस्ता होकर 1868.50 रुपये का हो गया है. मुंबई में एलपीजी सिलेंडर की कीमत अब 1713.50 रुपये पर आ गई है. वहीं कोलकाता में इसकी कीमत 1921.50 रुपये पर आ गई है.
वहीं घरेलू गैंस सिलेंडर की बात करें तो उसकी कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. दिल्ली में 14 किलो वाला घरेलू एलपीजी सिलेंडर 1 अगस्त के रेट से ही मिल रहा है. यह दिल्ली में 803 रुपये में ही बिक रहा है. वहीं, लखनऊ में 14 किलो वाला एलपीजी सिलेंडर 840.50 रुपये का है. कोलकाता में एलपीजी सिलेंडर की कीमत 829, मुंबई में 802.50 और चेन्नई में 818.50 रुपये है.
पश्चिम बंगाल की पटाखा फैक्ट्री में भयानक विस्फोट, सात लोगों की मौत, कई घायल गंभीर
दक्षिण 24 परगना. पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के रायपुर धौलहट थाना क्षेत्र में स्थित पाथरप्रतिमा तृतीय बाड़े में एक भयानक विस्फोट हुआ. यह घटना उस समय हुई, जब लोग बसंती पूजा के लिए एक कमरे में पटाखे बना रहे थे. विस्फोट के बाद पूरे घर में आग लग गई. इससे सात लोगों की मौत हो गई और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए. घटना सोमवार रात करीब साढ़े 9 बजे की है.
स्थानीय विधायक समीर कुमार जाना ने बताया कि विस्फोट के बाद आग इतनी तेजी से फैली कि पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जब विस्फोट हुआ, तब कुछ लोग घर के अंदर थे और आग की लपटों में घिर गए. दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कुछ और लोग अंदर फंसे हुए थे. घटनास्थल पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है और बचाव कार्य तेजी से चल रहा है.
घटना स्थल पर प्राप्त वीडियो में एक घर में भीषण आग और भगदड़ का दृश्य दिख रहा है. लोग तेजी से जलते हुए घर से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे, जबकि कुछ लोग अंदर फंसे घायलों को बाहर निकालने की कोशिश कर रहे थे. एक अन्य वीडियो में महिलाएं रोते हुए अपने अपनों को बचाने की गुहार लगा रही हैं.
पुलिस ने बताया कि विस्फोट में कई अन्य लोग घायल हुए हैं, जिनका इलाज नजदीकी अस्पताल में चल रहा है. घटना के बाद से स्थानीय प्रशासन और पुलिस मामले की जांच में जुट गई है. स्थानीय लोग और आसपास के क्षेत्र के लोग इस घटना को लेकर गहरे शोक में डूबे हुए हैं. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
गुजरात के बनासकांठा में पटाखा फैक्ट्री में भीषण आग, 12 मजदूरों की जलकर मौत, कई घायल
अहमदाबाद. गुजरात के बनासकांठा के डीसा स्थित धुनवा रोड पर एक पटाखा फैक्ट्री और गोदाम में भीषण आग लग गई. जिससे फैक्ट्री में काम कर रहे 5 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई. जबकि बाकी घायल 7 मजदूरों को हॉस्पिटल ले जाया गया. जहां उन्होंने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया.
जानकारी के अनुसार आग की घटना बॉयलर फटने के कारण हुई है. आग लगने के बाद फायर टेंडर मौके पर पहुंची और आग बुझाने में जुटी. वहीं आग के कारण फैक्ट्री की पहली मंजिल ढह गई. फिलहाल पुलिस मौके पर पहुंची हुई है.
विस्फोटक लाकर पटाखा बनवाते
हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने एंबुलेंस के जरिए मृतकों और घायलों को हॉस्पिटल पहुंचाया. आग के कारण फैक्ट्री का स्लैब टूट गया. जिसके कारण बचाव कार्य में बाधा आई. आग लगने के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया. जिस कंपनी में आग लगी, उसका नाम दीपक ट्रेडर्स है. कंपनी में पटाखे बनाए जाते हैं. जानकारी अनुसार पटाखा फैक्ट्री के मालिक का नाम खूबचंद सिंधी है. वे फैक्ट्री में बाहर से विस्फोटक लाते और उसके बाद पटाखा बनवाते थे. हां फैक्ट्री मालिक के पास इसको चलाने का लाइसेंस था या नहीं, यह जांच का विषय है.
हादसे की जांच के निर्देश
वहीं इस मामले में डीसा से विधायक प्रवीण माली ने बताया कि फैक्ट्री के मलबे में अभी भी कई मजदूर दबे हो सकते हैं. हालांकि पांच लोगों को बचा लिया गया है और अन्य को अस्पताल ले जाया गया है. जिनका इलाज चल रहा है. तीन लोग 40 प्रतिशत से अधिक जल गए डीसा एसडीएम नेहा पांचाल ने बताया कि घटना में सभी घायलों को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है. फिलहाल छह लोगों का इलाज चल रहा है. उनमें से तीन लोग 40 प्रतिशत से अधिक जल गये हैं. उन्होंने कहा कि हादसे को लेकर प्रशासन की ओर से जांच जारी है. जल्द ही हादसे की सही वजह का पता लगा दिया जाएगा.
वहीं दमकल विभाग के मुताबिक सुबह 9 बजकर 45 मिनट पर उन्हें कॉल मिला जिसके बाद से ही वो आग बुझाने और रेस्क्यू ऑपरेशन में जुट गए थे. स्थानीय लोगो का कहना है की धमाका इतना जबरदस्त था की फैक्ट्री के कई पार्ट्स दूर जाकर गिरे. वहीं आसपास की दुकाने भी थर्रा गई. धमाके की वजह से कई दुकानों के सामान भी तीतर बितर हो गए.
संभल जामा मस्जिद दीवार रंगाई मामला: सुको पहुंचे मौलाना, सीजेआई खन्ना बोले- पहले हाईकोर्ट जाओ
नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश की संभल जामा मस्जिद के बाहरी हिस्से पर रंगाई-पुताई के इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ याचिका लेकर आज मौलाना सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे. याचिका लगाकर कहा गया कि हाईकोर्ट का आदेश भ्रमित करने वाला है.
इस मामले में चीफ जस्टिस संजीव खन्ना की बेंच ने मौलानाओं का पक्ष सुना. जिसके बाद सीजेआई ने कहा कि अगर यह आदेश भ्रमित करने वाला है तो अपनी कंफ्यूजन दूर करने के लिए हाईकोर्ट के पास जाओ और स्थिति को स्पष्ट करो. देश की सर्वोच्च अदालत ने याचिका को खारिज कर दिया.
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 12 मार्च को संभल की शाही जामा मस्जिद की बाहरी दीवारों पर रंग रोगन करने का एएसआई को आदेश दिया था. कहा गया कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) को संभल में शाही जामा मस्जिद के बाहरी हिस्से की सफेदी कराए. मस्जिद समिति इस कार्य पर होने वाले खर्च की प्रतिपूर्ति करे. याचिकाकर्ता के वकील वरूण सिन्हा ने तर्क दिया कि हाईकोर्ट का आदेश भ्रमित करने वाला है. इसपर सीजेआई की तरफ से कहा गया कि आप पहले हाईकोर्ट जाएं. हाईकोर्ट के आदेश में जो भ्रमित करने वाली बात हैं उन्हें दूर करने के लिए कहें. हम याचिका खारिज कर रहे हैं.
सुप्रीम कोर्ट ने गलती वाली याचिका को भी ठुकराया
इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए सीजेआई की बेंच ने कहा कि ना सिर्फ इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाने से इनकार किया बल्कि सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका को भी नकार दिया, जिसमें कहा गया था कि हाईकोर्ट ने एएसआई को मस्जिद समिति से खर्च वसूलने की अनुमति देकर कानूनी त्रुटि की है.
क्या की गई थी मांग?
याचिका में सुप्रीम कोर्ट के सामने कहा गया था कि इस विवादित स्थल के रंगोरोगन की मांग पर आदेश उचित नहीं है. लिहाजा हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाई जाए. कहा गया था कि क्या भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी एएसआई को हरिहर मंदिर, संभल जैसे स्मारकों या विवादित ढांचे के रखरखाव के लिए धन उपलब्ध नहीं कराया जाता है, जिसपर जामा मस्जिद, संभल की प्रबंधन समिति के अवैध कब्जा है.
SC ने प्रयागराज में मकान ढहाने को लेकर की सख्त टिप्पणी, कहा- इसने हमारी अंतरात्मा को झकझोर कर रख दिया
नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (1 अप्रैल) को उत्तर प्रदेश सरकार और प्रयागराज विकास प्राधिकरण की खिंचाई की. कोर्ट ने शहर में मकान ढहाने को अमानवीय और अवैध बताया. न्यायमूर्ति अभय एस ओका और जस्टिस उज्जल भुइयां की पीठ ने कहा कि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई अमानवीय तरीके से की गई. कोर्ट ने यह भी कहा कि देश में कानून का शासन है और नागरिकों के आवासीय ढांचों को इस तरह से नहीं ढहाया जा सकता. पीठ ने कहा, इसने हमारी अंतरात्मा को झकझोर कर रख दिया है. आश्रय का अधिकार, कानून की उचित प्रक्रिया जैसी कोई चीज होती है.
10-10 लाख रुपये का मुआवजा के निर्देश
इसके बाद शीर्ष अदालत ने प्राधिकरण को निर्देश दिया कि वह छह हफ्ते के अंदर मकान मालिकों को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा दे. इससे पहले शीर्ष कोर्ट ने प्रयागराज में उचित कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार की खिंचाई की थी और कहा था कि इससे चौंकाने वाला और गलत संकेत गया है.
याचिकाकर्ताओं के वकील की दलील
याचिकाकर्ताओं के वकील ने कहा था कि राज्य सरकार ने गलत तरीके से मकानों को ध्वस्त कर दिया, क्योंकि उन्हें लगा कि यह जमीन गैंगस्टर-राजनेता अतीक अहमद की है. वह 2023 में मारा गया था.
किन याचिकाओं पर हुई सुनवाई?
शीर्ष अदालत वकील जुल्फिकार हैदर, प्रोफेसर अली अहमद और अन्य लोगों की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिनके मकान ध्वस्त कर दिए गए थे.
इलाहाबाद एचसी ने याचिका खारिज कर दी थी
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ध्वस्तीकरण को चुनौती देने वाली उनकी याचिका को खारिज कर दिया था. याचिकाकर्ताओं को कथित तौर पर प्रयागराज जिले के लूकरगंज में कुछ निर्माणों के संबंध में 6 मार्च, 2021 को नोटिस दिया गया था.
फ्रांस में दक्षिणपंथी नेता मरीन ले पेन गबन मामले में दोषी करार
पेरिस। पेरिस की एक अदालत ने सोमवार को यूरोपीय संघ के धन के गबन के आरोप में दक्षिणपंथी नेता मरीन ले पेन को दोषी ठहराया। अभी सजा की घोषणा नहीं की गई है। दोषसिद्धि से 2027 के फ्रांसीसी राष्ट्रपति चुनाव में उनकी संभावित उम्मीदवारी पर संदेह पैदा हो गया।
ले पेन और उनके सहयोगियों पर आरोप था कि उन्होंने 2004 से 2016 के बीच संसदीय सहायकों के लिए निर्धारित यूरोपीय संसद के धन का पार्टी कर्मचारियों के भुगतान के लिए इस्तेमाल किया।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक आधिकारिक संसदीय कार्य के लिए निर्धारित धनराशि का उपयोग फ्रांस स्थित नेशनल रैली पार्टी के कर्मचारियों को भुगतान करने के लिए किया गया, जो यूरोपीय संघ के नियमों का उल्लंघन था। रिपोर्टों के अनुसार, अभियोजकों ने 3,00,000 यूरो (2,77,60,800.00 रुपये) जुर्माने के साथ पांच साल की निलंबित जेल की सजा की सिफारिश की।
अभियोजकों ने सार्वजनिक पद पर तत्काल पांच वर्ष का प्रतिबंध लगाने की भी मांग की। अदालत यदि इसे स्वीकार करती है तो ली पेन, जो तीन वर्षों से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार हैं, अगला राष्ट्रपति चुनाव नहीं लड़ पाएंगी।
प्रस्तावित प्रतिबंध तत्काल प्रभाव से लागू होगा, भले ही ले पेन अपील करने का विकल्प चुनें, जिससे राजनीतिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण बदलाव आएगा। उन्हें वर्तमान में राष्ट्रपति पद के लिए एक मजबूत दावेदार माना जाता है।
नेशनल रैली पार्टी की प्रमुख ले पेन ने आरोपों को खारिज करते हुए जोर देकर कहा कि मामला राजनीति से प्रेरित है। उन्होंने इसे अपनी चुनावी संभावनाओं को कमजोर करने का प्रयास बताया। ले पेन ने फैसले से पहले चेतावनी दी थी कि दोषी पाए जाने पर फैसला उनकी 'राजनीतिक मौत' का संकेत हो सकता है।
फैसले के संभावित प्रभाव पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, 11 मिलियन लोगों ने इस आंदोलन के लिए वोट दिया है जिसका मैं प्रतिनिधित्व करती हूं और ऐसा कोई भी फैसला कई फ्रांसीसी लोगों को 'चुनाव में अपने उम्मीदवार से वंचित' कर सकता है।
2017 और 2022 दोनों चुनावों में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बाद दूसरे स्थान पर रहने के बाद, ले पेन की पार्टी के समर्थन में लगातार वृद्धि देखने को मिली है। उन्हें अगर चुनाव लड़ने से रोक दिया जाता है, तो उनके शिष्य, 29 वर्षीय जॉर्डन बार्डेला, पार्टी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में सामने आ सकते हैं।
पटाखा फैक्ट्री में लगी भीषण आग, 17 की मौत
बनासकांठा। बनासकांठा के डीसा जीआईडीसी में पटाखा गोदाम में आग लग गई, आग इतनी भयावह थी कि इस घटना में 17 लोगों की दर्दनाक तरीके से जिंदा जलकर मौत हो गई है। अंदाजा लगाया जा रहा कि आग संभवतः जल तापन बॉयलर विस्फोट के कारण लगी है। वहीं, आग लगने की सूचना पाकर फायर बिग्रेड की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। इसके अलावा, कई मजदूर अभी घायल बताए जा रहे, जिनका इलाज नजदीकी अस्पताल में हो रहा है।
आईएमडी ने दे दी चेतावनी, अगले तीन महीने जमकर पड़ेगी गर्मी
नई दिल्ली। भारत में अप्रैल से जून तक तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। इन तीन महीनों में मध्य और पूर्वी भारत और उत्तर-पश्चिमी मैदानी इलाकों में सामान्य से ज्यादा दिन तक लू चल सकती है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने सोमवार को बताया कि अगले तीन महीने जमकर गर्मी पड़ने के आसार हैं। आईएमडी प्रमुख मृत्युंजय महापात्रा ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पश्चिमी और पूर्वी भारत के कुछ क्षेत्रों को छोड़कर देश के अधिकांश भागों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहेगा। इन दोनों क्षेत्रों में तापमान के सामान्य रहने की संभावना है।
आईएमडी प्रमुख ने कहा कि अधिकांश क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान भी सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। महापात्रा ने कहा, ‘‘अप्रैल से जून तक उत्तर और पूर्वी भारत के अधिकांश हिस्सों, मध्य भारत और उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में सामान्य से दो से चार दिन अधिक लू चलने की संभावना है।’’ आमतौर पर भारत में अप्रैल से जून तक चार से सात दिन तक लू चलती है।
16 राज्यों में सामान्य से ज्यादा दिन तक चलेगी लू
आईएमडी के एक अधिकारी ने पहले कहा था कि उत्तर-पश्चिम भारत में गर्मियों के दौरान लू के दिनों की संख्या दोगुनी हो सकती है। इस क्षेत्र में गर्मियों के मौसम के दौरान आमतौर पर पांच से छह दिन लू चलती है। जिन राज्यों में सामान्य से अधिक दिन लू चलने की संभावना है उनमें राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, पंजाब, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश तथा कर्नाटक और तमिलनाडु के उत्तरी हिस्से शामिल हैं।
दक्षिणी और उत्तर पश्चिमी इलाकों में सामान्य रह सकता है मौसम
अप्रैल में भारत के अधिकांश भागों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की आशंका है। हालांकि, सुदूर दक्षिणी और उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों के कुछ इलाकों में तापमान सामान्य रह सकता है। महापात्रा ने कहा कि देश के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रहेगा, सिवाय उत्तर-पश्चिम और पूर्वोत्तर के कुछ स्थानों के, जहां तापमान सामान्य या सामान्य से थोड़ा कम रह सकता है।
9-10 फीसदी बढ़ जाएगी बिजली की मांग
विशेषज्ञों ने कहा है भारत को इस साल गर्मियों के मौसम में बिजली की मांग में 9 से 10 प्रतिशत की वृद्धि के लिए तैयार रहना चाहिए। पिछले साल, देशभर में बिजली की अधिकतम मांग 30 मई को 250 गीगावाट को पार कर गई थी, जो पूर्व में किये गए अनुमानों से 6.3 प्रतिशत अधिक थी। जलवायु परिवर्तन, बिजली की मांग में वृद्धि करने वाले प्रमुख कारकों में से एक है।
भारत दौरे पर पहुंचे चिली के राष्ट्रपति ने विदेश मंत्री जयशंकर से की मुलाकात
नई दिल्ली। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मंगलवार को चिली के राष्ट्रपति गेब्रियल बोरिक फॉन्ट के साथ बातचीत की। दोनों नेताओं ने दीर्घकालिक द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की। जयशंकर ने ट्वीट किया, चिली के राष्ट्रपति गैब्रियल बोरिक से मुलाकात कर खुशी हुई। हमारे दीर्घकालिक सहयोग को और प्रगाढ़ बनाने के लिए उनकी प्रतिबद्धता की सराहना करता हूं।
विदेश मंत्री ने कहा, मुझे विश्वास है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ आज उनकी बातचीत से नई साझेदारियां और अधिक सहभागिता को बढ़ावा मिलेगा। इससे पहले दिन में बोरिक पांच दिवसीय भारत यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचे। केंद्रीय राज्य मंत्री (एमओएस) पाबित्रा मार्गेरिटा ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। हवाई अड्डे पर उतरने पर उन्हें औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
विदेश मंत्रालय ने पोस्ट किया, आपका स्वागत है, राष्ट्रपति गेब्रियल बोरिक! चिली के राष्ट्रपति बोरिक भारत की अपनी पहली राजकीय यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचे। उनका औपचारिक स्वागत किया गया और उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। राष्ट्रपति बोरिक के साथ मंत्रियों, संसद सदस्यों, वरिष्ठ अधिकारियों, व्यापार प्रतिनिधियों, मीडिया कर्मियों और भारत-चिली सांस्कृतिक आदान-प्रदान में शामिल प्रमुख चिलीवासियों का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है।
चिली के राष्ट्रपति 5 अप्रैल को अपनी यात्रा समाप्त करने से पहले आगरा, मुंबई और बेंगलुरु का दौरा भी करेंगे। भारत पहुंचने के बाद चिली के राष्ट्रपति ने एक्स पर पोस्ट किया, सुबह 6:30 बजे दिल्ली में। ऐसे समय में जब बहुपक्षीय सहयोग पहले से कहीं अधिक जरूरी है। हम दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और सबसे अधिक आबादी वाले देश के बारे में बात कर रहे हैं, जिसके साथ हम कृषि व्यवसाय, इनोवोवेशन, रचनात्मक उद्योगों जैसे प्रमुख क्षेत्रों में विकास के लिए समान आधार और अवसर साझा करते हैं।
राष्ट्रपति बोरिक ने कहा, हम अपने संबंधों को और मजबूत करने के लिए यहां आए हैं और इसीलिए मेरे साथ सरकारी अधिकारी, राष्ट्रीय कांग्रेस, व्यापार जगत के नेता, इनोवेशन, संस्कृति के क्षेत्र के नेता, प्रतिष्ठित प्रोफेसर और छात्र मौजूद हैं। कार्यक्रम बहुत व्यस्त है। मैं आपको जानकारी देता रहूंगा!
सुनीता ने बताया अंतरिक्ष से कैसे दिखता है भारत
नई दिल्ली। भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर अपने विस्तारित मिशन के बाद पृथ्वी पर उतरने के कुछ दिनों बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अंतरिक्ष से भारत को देखने के अपने अनुभवों को साझा किया। अंतरिक्ष में 286 दिन बिताने के बाद जब विलियम्स से पूछा गया कि ऊपर से भारत कैसा दिखता है, तो उन्होंने गंभीर शब्दों में उत्तर दिया, अद्भुत, बिल्कुल अद्भुत।
विलियम्स अक्सर अपनी भारतीय विरासत को साझा करने के लिए जानी जाती हैं। वह हिमालय के लुभावने दृश्यों से विशेष रूप से मोहित हो गईं। उन्होंने बताया कि कैसे, हर बार जब आईएसएस पर्वत श्रृंखला के ऊपर से गुजरता था, तो उनके अंतरिक्ष यात्री बुच विल्मोर आश्चर्यजनक तस्वीरें खींचते थे।
विलियम्स ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, जब भी हम हिमालय पर गए, बुच को अविश्वसनीय तस्वीरें मिलीं, यह अद्भुत है। वह दृश्यों को देखकर भावुक हो गईं। विलियम्स ने बताया कि अंतरिक्ष से भारत का नजारा उन्हें उनकी विरासत से जुड़े रहने का अहसास कराता है।
इसके अलावा, विलियम्स ने बताया कि रात के वक्त रोशनी में भारत के बड़े शहरों से लेकर छोटे शहरों को देखना एक अलग अनुभव की अनुभूति प्रदान करता है। उनके अनुसार, यह अनूठा दृष्टिकोण वास्तव में अविश्वसनीय था।
59 वर्षीय अंतरिक्ष यात्री ने नासा के आगामी एक्सिओम मिशन के बारे में भी अपना उत्साह भी व्यक्त किया, जो चार अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में ले जाएगा, जिनमें भारतीय वायु सेना के परीक्षण पायलट और इसरो के अंतरिक्ष यात्री सुभांशु शुक्ला भी शामिल हैं।
उन्होंने कहा, यह बहुत बढ़िया है, उन्होंने इस बात को स्वीकार किया कि शुक्ला भारत के लिए होमटाउन के हीरो हैं। विलियम्स ने भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम में योगदान देने की इच्छा भी जताई और कहा कि वह अपने अनुभव साझा करना चाहती हैं और देश की बढ़ती अंतरिक्ष महत्वाकांक्षाओं का समर्थन करना चाहती हैं।
उन्होंने कहा, मैं इसका हिस्सा बनना और उनकी मदद करना पसंद करूंगी। भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री ने जल्द ही 'अपने पिता के देश' भारत आने की इच्छा जताई। विल्मोर के साथ बातचीत के दौरान उन्होंने भारत की यात्रा पर चर्चा की।
विल्मोर से बात करते हुए, दोनों ने अपने साथियों को भारत घुमाने ले जाने पर मजाक किया। उन्होंने हंसते हुए कहा, आप थोड़े अलग दिख सकते हैं। कोई बात नहीं। हम आपको कुछ मसालेदार भोजन खिलाएंगे।
पादरी बजिंदर सिंह को 2018 के यौन उत्पीड़न मामले में उम्रकैद
मोहाली। पंजाब के मोहाली जिले की अदालत ने 2018 में ज़ीरकपुर में हुए यौन उत्पीड़न मामले में येशू-येशू वाले ईसाई धर्मगुरु पादरी बजिंदर सिंह को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जिसके बाद मोहाली कोर्ट के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
रुहेलखंड की धरती से शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास का संदेश देंगे सीएम योगी
बरेली। सरकार के आठ साल पूरे होने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को बरेली के लोगों से रूबरू होंगे। रुहेलखंड की धरती से शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास का संदेश देंगे। बरेली कॉलेज के मैदान पर जनसभा को संबोधित करने के साथ ही वह 932 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण-शिलान्यास करेंगे। मंडल के श्रमिकों के मेधावी बच्चों की गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई सुनिश्चित करने के लिए नवाबगंज के अधकटा नजराना गांव में अटल आवासीय विद्यालय का उद्घाटन भी करेंगे।
मुख्यमंत्री कार्यालय से भेजी गई सूचना के मुताबिक, योगी आदित्यनाथ लखनऊ से राजकीय विमान से सुबह 11:10 बजे बरेली एयरपोर्ट आएंगे। यहां से हेलिकॉप्टर से वह 11:30 बजे बरेली कॉलेज के मैदान पर पहुंचेंगे। यहां विकास कार्यों के लोकार्पण-शिलान्यास के साथ ही स्कूल चलो अभियान और संचारी रोग जागरूकता अभियान को हरी झंडी दिखाएंगे। इसके बाद ही वह जनसभा को संबोधित वह करेंगे।
दोपहर एक बजे तक वह बरेली कॉलेज में रहेंगे। यहां से विकास भवन पहुंचकर वह जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों के साथ विभिन्न योजनाओं की समीक्षा करेंगे। अटल आवासीय विद्यालय के उद्घाटन के दौरान सीएम बच्चों को स्कूल बैग भी बांटेंगे। वहां एक पौधा भी रोपेंगे। इसके बाद वह नजदीक में बने वृहद गो संरक्षण केंद्र पहुंचकर गो सेवा करेंगे। भी जाएंगे। गो संरक्षण के लिए बरेली जनपद में चल रही योजनाओं और उनकी धरातल पर स्थिति की समीक्षा भी करेंगे।
इन परियोजनाओं का करेंगे लोकार्पण
अटल आवासीय विद्यालय, रामगंगा नदी पर बने कैलाश मणि सेतु, बीडीए के प्रशासनिक भवन, शहर के चारों प्रवेश द्वार, बहेड़ी में राजकीय महाविद्यालय रिछा, स्टेडियम में सिंथेटिक ट्रैक, एसटीएफ की बरेली फील्ड यूनिट का कार्यालय भवन आदि।
इन कार्यों की रखेंगे आधारशिला
पीडब्ल्यूडी व बीडीए की सड़कों के निर्माण कार्य, आरटीओ कार्यालय भवन, बचपन डे-केयर सेंटर, मंदिरों के विकास कार्य, आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी आदि।
सज गए नाथ नगरी के द्वार
बीडीए ने सीएम के हाथों लोकार्पण के लिए अपने कार्यालय और शहर के चारों स्वागत द्वारों को सजाया है। समीक्षा बैठक के लिए विकास भवन को रात तक चमकाया जाता रहा। बरेली कॉलेज के मैदान पर भी तैयारियां चलती रहीं। सीएम के हाथों से अलखनाथ, तपेश्वरनाथ, वनखंडीनाथ और महंत अवैद्यनाथ द्वार का लोकार्पण कराने की तैयारी है।
जेएस यूनिवर्सिटी के कोर्सों की डिग्रियां फर्जी, रद्द होगी मान्यता
नई दिल्ली। शिकोहाबाद की जेएस यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति डॉ. सुकेश यादव की मुश्किलों में जिला प्रशासन के नोटिस जारी होने के बाद इजाफा हुआ है। जांच समिति अध्यक्ष ने कुलाधिपति पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एके डिग्री कॉलेज शिकोहाबाद एवं भदावर डिग्री कॉलेज आगरा में नौकरी प्राप्त किए जाने के संबंध में शैक्षिक अभिलेख मांगे हैं। मंगलवार शाम पांच बजे तक सभी शैक्षिक अभिलेख एवं साक्ष्य जिला मुख्यालय दबरई पर मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत करने होंगे।
यूनिवर्सिटी की भूमि, नक्शा, सभी कोर्सों की डिग्रियों के संबंध में जांच समेत अन्य कई बिंदुओं पर जिला प्रशासन ने शासन के निर्देश पर जांच शुरू कर दी है। इतना ही नहीं राज्य उच्च शिक्षा परिषद लखनऊ के अपर सचिव ने भी यूनिवर्सिटी को नोटिस जारी करते हुए यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक अधिकारियों को लखनऊ तलब किया है। गत 24 मार्च को राधाकृष्ण निवासी हीरो एजेंसी के सामने थाना बाह जनपद आगरा एवं केशवदेव चतुर्वेदी निवासी चन्द्रपुर थाना बाह जनपद आगरा, हाल निवासी 82, राधा विहार कमला नगर जनपद आगरा ने एक शिकायती पत्र जिला प्रशासन की जांच समिति को दिया था।
ये हैं आरोप
दोनों शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि जेएस यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति डॉ. सुकेश यादव ने शिकोहाबाद रेलवे स्टेशन रोड स्थित एके डिग्री कॉलेज एवं भदावर विद्या मंदिर डिग्री कॉलेज आगरा में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी प्राप्त की है। यह शिकायत मिलने के बाद जिला प्रशासन की जांच समिति के अध्यक्ष ने कुलाधिपति डॉ. सुकेश यादव एवं यूनिवर्सिटी के परीक्षा नियंत्रक को गत 28 मार्च को नोटिस जारी किया है।
दिए गए ये निर्देश
जांच समिति के अध्यक्ष मुख्य विकास अधिकारी फिरोजाबाद शत्रोहन वैश्य ने मंगलवार शाम पांच बजे तक नोटिस के जवाब के रूप में डॉ. सुकेश यादव के सभी शैक्षिक अभिलेखों एवं साक्ष्यों समेत जिला मुख्यालय दबरई स्थित मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इस नोटिस का जवाब न मिलने पर जांच समिति अग्रिम कार्रवाई अमल में लाई लाएगी।
देश में धूमधाम से मनाया जा रहा ईद का त्यौहार, पीएम मोदी ने दी बधाई
नई दिल्ली। लखनऊ में रविवार को चाँद दिखने के बाद, भारत में ईद का जश्न सोमवार यानी 31 मार्च से शुरू हो गया। इससे पहले शनिवार को सऊदी अरब में चाँद दिखा, जिसके साथ ही देश में 29 दिन तक चलने वाले रमज़ान का अंत हो गया। अरब देश ने रविवार, 30 मार्च को ईद-उल-फ़ितर मनाई।
ईद-उल-फितर जिसे "उपवास तोड़ने का त्यौहार" भी कहा जाता है, दुनिया भर में लाखों मुसलमानों द्वारा मनाए जाने वाले सबसे महत्वपूर्ण इस्लामी उत्सवों में से एक है। यह रमज़ान के अंत का प्रतीक है, जो उपवास, प्रार्थना, चिंतन और आध्यात्मिक विकास के लिए समर्पित एक पवित्र महीना है। चारों ओर उत्सव की भावना के साथ सभी ईद-उल-फितर की शुभकामनाएं एक -दूसरे को देते हैं। लोग दोस्तों और परिवार के साथ इस त्यौहार को धूमधाम से मनाते हैं। देश भर में लाखों मुसलमान ईद-उल-फितर के मौके पर नमाज अदा करने के लिए सोमवार सुबह मस्जिदों और प्रार्थना स्थलों पर एकत्र हुए। ईद-उल-फितर के मौके पर समुदाय के लोगों ने एक साथ मिलकर प्रार्थना की, जिससे माहौल खुशी और एकता से भर गया।
पीएम मोदी ने सभी को ईद की बधाई दी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को ईद-उल-फितर की बधाई और हार्दिक शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह त्योहार समाज में आशा, सद्भाव और दयालुता की भावना को बढ़ाए। उन्होंने ईद मना रहे लोगों के सभी प्रयासों में खुशी और सफलता की कामना भी की। पीएम मोदी ने कहा, "ईद-उल-फितर की बधाई। यह त्योहार हमारे समाज में आशा, सद्भाव और दयालुता की भावना को बढ़ाए। आपके सभी प्रयासों में खुशी और सफलता मिले। ईद मुबारक।"
ईद-उल-फितर का जश्न
राष्ट्रीय राजधानी में, हजारों लोग आज सुबह नमाज अदा करने के लिए प्रतिष्ठित जामा मस्जिद में एकत्र हुए। देश की सबसे बड़ी और सबसे ऐतिहासिक मस्जिदों में से एक, भव्य मस्जिद में नमाजियों ने अपने बेहतरीन परिधान पहने और पवित्र महीने रमजान के अंत को चिह्नित करने के लिए प्रार्थना में एकजुट हुए। सुबह की हवा श्रद्धा और समुदाय की भावना से भरी हुई थी क्योंकि लोग आने वाले वर्ष में शांति और समृद्धि के लिए आशीर्वाद मांग रहे थे। मुंबई में, ईद उल-फितर के उपलक्ष्य में नमाज अदा करने के लिए श्रद्धालु जुमा मस्जिद माहिम दरगाह में एकत्र हुए। इस जीवंत शहर में मस्जिद में बड़ी भीड़ देखी गई, परिवार और दोस्त इस अवसर की खुशी साझा करने के लिए एक साथ आए। यह एकता और भक्ति की भावना को दर्शाता है जो त्योहार की पहचान है।
उत्तर से लेकर दक्षिण भारत तक धूमधाम से मनाई जा रही ईद
नई दिल्ली। देशभर में आज ईद-उल-फितर का त्योहार बड़े उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। सुबह से ही लोग नए कपड़ों में सजे-धजे ईदगाह और मस्जिदों में पहुंचे। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने नमाज अदा की और एक-दूसरे को गले लगकर ईद की मुबारकबाद दी। इस मौके पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम देखने को मिले। चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात रही, ताकि त्योहार शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो।
दिल्ली के इंद्रलोक इलाके में नॉर्थ जिले की पुलिस ड्रोन के जरिए नजर रख रही है। ईदगाह और मस्जिदों के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। नमाज के बाद लोग खुशी-खुशी एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दे रहे हैं। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री से लेकर सभी दलों के प्रमुख नेताओं ने देशवासियों को ईद को प्रेम और भाईचारे का प्रतीक बताया और अपील की कि लोग मिल-जुलकर इसका जश्न मनाएं।
इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के मौलाना खालिद राशिद फिरंगी ने भी देशवासियों को ईद की मुबारकबाद दी। उन्होंने कहा, आज पूरा देश ईद-उल-फितर मना रहा है। मैं सभी को दिल से बधाई देता हूं। सुबह से लोग ईदगाह की ओर जा रहे हैं। मेरी गुजारिश है कि लखनऊ के इस्लामिक सेंटर की ईद एडवाइजरी का पालन करें। नमाज से पहले गरीबों में फितरा बांट दें, ताकि वे भी खुशियों में शामिल हों।
उन्होंने आगे कहा, ईद का दिन रोजेदारों के लिए अल्लाह का इनाम है। अपनी और परिवार की दुआ के साथ देश की तरक्की और हिफाजत के लिए भी दुआ करें। उत्तर प्रदेश के संभल की शाही जामा मस्जिद में सुबह 9:30 बजे नमाज हुई। यह मस्जिद पहले विवादों में रही है, इसलिए पुलिस और प्रशासन अलर्ट था। भारी पुलिस बल तैनात किया गया। नमाज शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई।
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के खुर्जा में ईदगाह पर नमाज के लिए भारी भीड़ जुटी। एडीएम, एसपी देहात और पीएसी के साथ पुलिस तैनात रही। ड्रोन से निगरानी हुई। प्रशासन ने शांति और सौहार्द के साथ त्योहार मनाने की अपील की।
2026 के बाद देश में नक्सलवाद इतिहास बनकर रह जाएगा : अमित शाह
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के बीजापुर में 50 नक्सलियों के आत्मसमर्पण करने पर खुशी जताई है। उन्होंने नक्सलियों के सरेंडर करने के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीति स्पष्ट है कि जो भी नक्सली हथियार छोड़कर विकास का मार्ग अपनाएंगे, उनका पुनर्वास कर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि 31 मार्च 2026 के बाद देश में नक्सलवाद केवल इतिहास बनकर रह जाएगा, यह हमारा संकल्प है।
गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, बहुत हर्ष का विषय है कि बीजापुर (छत्तीसगढ़) में 50 नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण किया। हिंसा और हथियार छोड़कर विकास की मुख्यधारा में शामिल होने वालों का मैं स्वागत करता हूं। पीएम मोदी की नीति स्पष्ट है कि जो भी नक्सली हथियार छोड़कर विकास का मार्ग अपनाएंगे, उनका पुनर्वास कर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा।
उन्होंने आगे लिखा, 'बाकी लोगों से भी मैं पुनः अपील करता हूं कि वे हथियार त्यागकर मुख्यधारा में आएं। 31 मार्च 2026 के बाद देश में नक्सलवाद केवल इतिहास बनकर रह जाएगा, यह हमारा संकल्प है।
बता दें कि बीजापुर में 50 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। इनमें से 14 पर 68 लाख रुपए का इनाम घोषित था। इनमें पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) बटालियन और अन्य माओवादी संगठनों के सदस्य शामिल थे।
पुलिस अधीक्षक डॉ. जीतेन्द्र यादव ने बताया कि विभिन्न नक्सली समूहों के सदस्यों ने एक साथ आत्मसमर्पण किया है, जिनमें पीएलजीए के सदस्य, जनताना सरकार के अध्यक्ष, केएएमएस अध्यक्ष, सीएनएम सदस्य और अन्य महत्वपूर्ण नेता शामिल हैं। डॉ. यादव ने इस सफलता का श्रेय बीजापुर पुलिस, डीआरजी, सीआरपीएफ, एसटीएफ और अन्य सुरक्षा बलों को दिया।
उन्होंने बताया कि 1 जनवरी 2024 से अब तक छत्तीसगढ़ में कुल 656 माओवादी गिरफ्तार किए गए हैं, 346 ने आत्मसमर्पण किया है, और 141 माओवादी मुठभेड़ों में मारे गए हैं। 2025 में अब तक 157 माओवादी गिरफ्तार हुए हैं और 157 ने आत्मसमर्पण किया, वहीं 83 माओवादी मुठभेड़ में मारे गए। उन्होंने अपील की कि जो माओवादी अभी भी आंदोलन में शामिल हैं, वे सरकार की आत्मसमर्पण नीति का लाभ उठाएं, ताकि वे शांति से जी सकें।
देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का जींद-सोनीपत रूट पर शुरू होगा ट्रायल रन
नई दिल्ली। देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन आज हरियाणा के जींद-सोनीपत रूट पर दौड़ेगी। यह पर्यावरण के अनुकूल ट्रेन चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ) द्वारा निर्मित की गई है। 89 किलोमीटर के इस रूट पर आज से इसका ट्रायल शुरू हो रहा है। यह ट्रेन 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने में सक्षम है।
1200 हॉर्सपावर की क्षमता वाली यह ट्रेन एक बार में 2638 यात्रियों को ले जा सकेगी। रेल मंत्रालय ने हाइड्रोजन ईंधन सेल-आधारित ट्रेनों के निर्माण के लिए 2800 करोड़ रुपये आवंटित किए थे, जिसके तहत 35 ऐसी ट्रेनें तैयार की जा रही हैं। 8 कोच वाली यह ट्रेन 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली यह हाइड्रोजन ट्रेन दुनिया की सबसे लंबी हाइड्रोजन ट्रेनों में शामिल होगी। हरित प्रौद्योगिकी पर आधारित यह पहल कार्बन उत्सर्जन को कम करने और शून्य कार्बन लक्ष्य की ओर बढ़ने में अहम भूमिका निभाएगी।
ट्रायल के दौरान ट्रेन की तकनीकी क्षमता और सुरक्षा मानकों का मूल्यांकन किया जाएगा। सफल परीक्षण के बाद इसे नियमित संचालन में लाने की योजना है।चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ) द्वारा निर्मित यह ट्रेन स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में भारतीय रेलवे का महत्वपूर्ण कदम है। रेलवे का लक्ष्य स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन को बढ़ावा देते हुए देश के हेरिटेज रूट्स को नई पहचान देना है।
भारतीय रेलवे अपने विशेष प्रोजेक्ट ‘हाइड्रोजन फॉर हेरिटेज’ के तहत हेरिटेज और पहाड़ी मार्गों पर 35 हाइड्रोजन ट्रेनें संचालित करने की तैयारी कर रहा है। इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए चालू वर्ष के बजट में 2800 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, हेरिटेज रूट पर हाइड्रोजन से संबंधित बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 600 करोड़ रुपये अलग से रखे गए हैं।
भारतीय रेलवे के इस अभिनव प्रोजेक्ट को हरित परिवहन की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। हाइड्रोजन से संचालित यह ट्रेन शून्य कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्य को समर्थन देती है। ट्रायल के दौरान ट्रेन की कार्यक्षमता, सुरक्षा और तकनीकी पहलुओं की जांच की जाएगी। सफल परीक्षण के बाद इसे नियमित संचालन में लाने की योजना है।