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केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, एक अप्रैल से घट जाएंगे प्याज के दाम? जानें वजह
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने शनिवार को सितंबर 2024 में प्याज के निर्यात पर लगाए गए 20 प्रतिशत शुल्क को वापस ले लिया है। यह निर्णय 1 अप्रैल 2025 से लागू होगा। उपभोक्ता मामले विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। घरेलू उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने शुल्क, न्यूनतम निर्यात मूल्य (एमईपी) और यहां तक कि 8 दिसंबर 2023 से 3 मई 2024 तक लगभग पांच महीने के लिए निर्यात प्रतिबंध के माध्यम से निर्यात को रोकने के उपाय किए थे। 20 प्रतिशत का निर्यात शुल्क, जो अब हटा दिया गया है, जो कि 13 सितंबर 2024 से लागू है। निर्यात शुल्क घटने के बाद किसानों को फायदा होगा।
निर्यात प्रतिबंधों के बावजूद, सरकार ने कहा कि 2023-24 के दौरान कुल प्याज निर्यात 17.17 लाख टन था और 2024-25 (18 मार्च तक) में यह 11.65 लाख टन था। मासिक प्याज निर्यात मात्रा सितंबर, 2024 में 0.72 लाख टन से बढ़कर जनवरी, 2025 में 1.85 लाख टन हो गई है। उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने एक विज्ञप्ति में कहा, "यह निर्णय किसानों को लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने तथा उपभोक्ताओं के लिए प्याज की वहनीयता बनाए रखने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता का एक और प्रमाण है, जबकि इस महत्वपूर्ण मोड़ पर रबी फसलों की अच्छी मात्रा में आवक के कारण मंडी और खुदरा दोनों कीमतों में नरमी आई है।"
विज्ञप्ति में कहा गया है कि यद्यपि वर्तमान मंडी कीमतें पिछले वर्षों की इसी अवधि के स्तर से अधिक हैं, फिर भी अखिल भारतीय भारित औसत मॉडल कीमतों में 39 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है। इसी प्रकार, अखिल भारतीय औसत खुदरा प्याज की कीमतों में पिछले एक महीने में 10 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। बेंचमार्क बाजारों लासलगांव और पिंपलगांव में इस महीने से प्याज की आवक में वृद्धि हुई है।
ओडिशा में बारिश के साथ ओले गिरने से मची तबाही, 2 की मौत
ओडिशा। बारिश और ओलावृष्टि के साथ आकाशीय बिजली गिरने से जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। बेमौसम बारिश से फसलें खराब हुईं और आकाशीय बिजली की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि पिछले 24 घंटों में ओडिशा में अलग-अलग स्थानों पर बारिश, आंधी और बिजली गिरने से कम से कम दो लोगों की मौत हो गई। 67 अन्य घायल हैं और 600 से अधिक घरों को नुकसान पहुंचा है।
शनिवार को गंजम और पुरी जिलों में बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई और मयूरभंज जिले में ओलावृष्टि की चपेट में आने से 67 लोग घायल हो गए। उन्होंने बताया कि उनमें से सात की हालत गंभीर है और उन्हें मयूरभंज जिला मुख्यालय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गंजम जिले से मिली एक रिपोर्ट में कहा गया है कि जिले के कई इलाकों में आंधी और बिजली गिरने के साथ बारिश हुई।
घर लौर रहे छात्र की मौत
बेमौसम बारिश के कारण बरहामपुर शहर के कई इलाकों में जलभराव हो गया। गंजम जिले के पात्रपुर ब्लॉक में नारायणपुर के पास शनिवार को बिजली गिरने से 10वीं कक्षा के एक छात्र की मौत हो गई। मृतक की पहचान राजेश कुमार गौड़ (15) के रूप में हुई है। अधिकारियों ने बताया कि वह बामकेई से अपने घर लौट रहा था, तभी बिजली गिरने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुरी जिले से मिली रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार को गोबरधनपुर गांव में बिजली गिरने से मनोज कुमार नायक (23) की मौत हो गई। वह अपने माता-पिता के साथ भारी बारिश के कारण हुए अतिरिक्त पानी को निकालने के लिए धान के खेत में गया था। मयूरभंज जिले में ओलावृष्टि के कारण करीब 600 घर क्षतिग्रस्त हो गए।
बचाव कार्य में जुटा प्रशासन
जिला कलेक्टर हेमा कांत साय ने संवाददाताओं को बताया कि जिला प्रशासन ने मयूरभंज के दो सबसे अधिक प्रभावित ब्लॉक बिसोई और बांगिरिपोसी ब्लॉक में राहत और पुनर्वास अभियान शुरू किया है। बिसोई और बांगिरिपोसी ब्लॉक ओलावृष्टि से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। 350 घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जबकि 250 अन्य आवास इकाइयां आंशिक रूप से प्रभावित हुई हैं। जिला कलेक्टर ने कहा कि बिसोई के अंतर्गत 18 गांव और बांगिरिपोसी ब्लॉक के 39 गांव प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने दोनों ब्लॉकों में राहत और पुनर्वास अभियान शुरू किया है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के घर नष्ट हो गए हैं, उन्हें नियमों के अनुसार पॉलीथीन शीट, पका हुआ और सूखा भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।
मंत्री बोले- बड़ा नुकसान हुआ
ओडिशा के शहरी विकास मंत्री केसी महापात्रा ने शनिवार को बिसोई क्षेत्र का दौरा किया और कहा "बहुत बड़ा नुकसान हुआ है क्योंकि ओलावृष्टि में कई लोगों के घर नष्ट हो गए हैं। मुख्यमंत्री को घटनाओं की जानकारी है और लोगों को दो दिनों के भीतर मुआवजा दिया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि मयूरभंज के अलावा, क्योंझर, नबरंगपुर और नुआपाड़ा जिलों से भी घरों के क्षतिग्रस्त होने की खबरें मिली हैं, जो ओलावृष्टि, बिजली और बारिश से प्रभावित हुए हैं। पिछले 36 घंटों में कम से कम चार जिलों में ओलावृष्टि ने तबाही मचाई है।
आईएमडी ने बताया- तीन दिन तक राहत नहीं
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने शनिवार को अगले तीन दिनों के दौरान ओडिशा के कई हिस्सों में गरज के साथ बारिश, बिजली और तेज हवा चलने का अनुमान लगाया है। इस बीच, गंजम जिले के बरहामपुर कस्बे के सुबुद्धि कॉलोनी में झुग्गी बस्ती में बारिश और नाले का पानी घुसने पर दमकल कर्मियों ने 54 वर्षीय दृष्टिबाधित महिला को बचाया। बरहामपुर के दमकल अधिकारी ठाकुर प्रसाद दलेई ने कहा, "जब पानी घरों में घुसा तो अन्य लोग अपने घरों से बाहर निकल आए, लेकिन महिला बाहर नहीं आ सकी। सूचना मिलने के बाद हमारे कर्मचारी इलाके में पहुंचे और उसे बचाया।"
अस्पताल में घुसा पानी
बरहामपुर कस्बे के एमकेसीजी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भी बारिश का पानी घुस गया, जिससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। भुवनेश्वर के मौसम विज्ञान केंद्र ने अपने शाम के बुलेटिन में कहा कि अगले 24 घंटों में जगतसिंहपुर, कटक, ढेंकनाल, अंगुल, देवगढ़ और सुंदरगढ़ जिलों में कुछ स्थानों पर गरज के साथ बिजली और ओले गिरने के साथ 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। इस अवधि के दौरान बालासोर, भद्रक, जाजपुर, केंद्रपाड़ा, मयूरभंज और क्योंझर जिलों में एक या दो स्थानों पर भारी बारिश (7 से 11 सेमी) और गरज के साथ बिजली गिरने की संभावना है।
आईएमडी ने जारी किया अलर्ट
मौसम एजेंसी द्वारा अपेक्षित मौसम स्थितियों के मद्देनजर इन सभी जिलों के लिए ऑरेंज चेतावनी जारी की गई है। इसी तरह, अगले 24 घंटों में झारसुगुड़ा, संबलपुर, बरगढ़, सोनपुर, बौध, नयागढ़, कंधमाल, कालाहांडी, पुरी, गजपति, गंजम, रायगढ़ा, कोरापुट और मलकानगिरी जिलों में एक या दो स्थानों पर 40-50 किमी प्रति घंटे की गति से तेज हवा चलने के साथ बिजली गिरने के साथ गरज के साथ बारिश होने की पीली (सावधान रहें) चेतावनी जारी की गई है।
बेंगलुरु में भारी बारिश से उड़ानों पर असर, 10 फ्लाइट्स चेन्नई डायवर्ट
बेंगलुरु। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में भारी बारिश हो रही है। बारिश के चलते हवाई उड़ानों पर भी असर पड़ा है। मौसम खराब होने के चलते कुल 10 उड़ानें चेन्नई डायवर्ट की गई हैं। एयरपोर्ट के अधिकारियों ने उड़ानों के चेन्नई डायवर्ट किए जाने की पुष्टि की है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इंडियो एयरलाइंस ने कहा कि बेंगलुरु में खराब मौसम के चलते उड़ानों पर असर पड़ा है। इंडिगो की ओर से कहा गया- "हम मौसम पर बारीकी से नज़र रख रहे हैं और आपको समय-समय पर अपडेट देते रहेंगे।
टिकट कैंसिल और धनवापसी की सुविधा
इंडिगो ने कहा, "हम आपको उड़ानों से से जुड़ी जानकारी के लिए समय-समय पर अपडेट देते रहेंगे। आपसे आग्रह है कि आप उड़ानों की स्थिति पर नजर बनाए रखें। साथ ही अगर आपको अपनी यात्रा रीशिड्यूल करनी है तो रीबुकिंग के विकल्पों पर विचार कर सकते हैं, या फिर पैसे की वापसी का दावा हमारी वेबसाइट के माध्यम से कर सकते हैं।' इंडिगो ने कहा कि उनकी टीमें मौसम पर बारीकी से नज़र रख रही हैं, और स्थिति में सुधार होते ही सुचारू और समय पर संचालन फिर से शुरू करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
ऑनलाइन गेमिंग में लगा दिया 3.26 करोड़ का सरकारी धन
कालाहांडी। ओडिशा के कालाहांडी जिले में ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर करोड़ों रुपये के गबन का मामला सामने आया है। ये रुपये भी सरकारी कोष से गबन करके निकाले गए। एक निलंबित पंचायत कार्यकारी अधिकारी को क्रिकेट सट्टेबाजी और ऑनलाइन गेमिंग के लिए तीन करोड़ रुपये से अधिक के सरकारी धन के गबन के आरोप में राज्य सतर्कता विभाग ने गिरफ्तार किया है।
एक अधिकारी ने इस घटना के बारे में जानकारी दी। जांच में यह भी पता चला कि पंचायत कार्यकारी अधिकारी ने अपने अधिकारी का दुरुपयोग करके यह राशि निकाली थी। इसके लिए उसने पंचायतों के सरपंचों के नकली हस्ताक्षर भी किए थे।
3.26 करोड़ रुपये का गबन
अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार पीईओ की पहचान देबानंद सागर के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि देबानंद सागर पर कालाहांडी जिले के थुमाल-रामपुर ब्लॉक के तहत तलनेगी ग्राम पंचायत और पोदापदर ग्राम पंचायत से 3.26 करोड़ रुपये के सरकारी धन का गबन करने का आरोप है। अधिकारी के मुताबिक, सागर पर अपने अधिकारों का दुरुपयोग करने और पंचायतों के सरपंच के जाली हस्ताक्षर करने का आरोप है। उन्होंने बताया कि सागर ने गबन की राशि कथित तौर पर अपने निजी बैंक खाते में भेजी थी। फिलहाल आरोपी पीईओ को गिरफ्तार कर लिया गया है।
दो पंचायतों में किया गबन
जानकारी के अनुसार देबानंद सागर ने तलनेगी ग्राम पंचायत से 1.71 करोड़ रुपये और पोडापदर ग्राम पंचायत से 1.55 करोड़ रुपये का गबन किया। उसने सरपंचों के फर्जी हस्ताक्षर करके पब्लिक फाइनेंस मैनेजमेंट सिस्टम (PFMS) का गलत इस्तेमाल किया। इसके अलावा उसने 15वें केंद्रीय वित्त आयोग (CFC) और 5वें राज्य वित्त आयोग के खातों से पैसे SBI धरमगढ़ बाजार शाखा के अपने निजी के खाते में ट्रांसफर कर लिए। आरोपी देबानंद सागर ने 4 जुलाई 2016 को तलनेगी ग्राम पंचायत में PEO के रूप में अपनी सरकारी सेवा शुरू की थी। बाद में 5 मई 2018 से 17 मार्च 2022 तक वह पोडापदर ग्राम पंचायत के प्रभार में रहा। इसी दौरान उसने सरकारी धन का गबन किया था।
सड़क हादसे में पुलिस अधिकारी की मौत
हैदराबाद। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बाबजी हैदराबाद में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के कार्यालय में पदस्थापित थे। पुलिस ने बताया कि एक मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है। तेलंगाना के हयातनगर में शनिवार तड़के टहलने निकले 57 वर्षीय एक पुलिस अधिकारी को एक बस ने टक्कर मार दी, जिसमें उनकी मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि यह घटना तड़के करीब चार बजकर 40 मिनट पर हुई।
पुलिस ने बताया कि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक टी एम नंदीश्वर बाबजी टहलने निकले थे, उसी दौरान यह घटना हुई। पुलिस ने बताया कि जब वह सड़क पार कर रहे थे, तभी आंध्र प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (आरटीसी) की एक बस ने उन्हें टक्कर मार दी।
पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि अब्दुल्लापुरमेट से हयातनगर जा रही बस तेज गति और लापरवाही से चलाई जा रही थी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बाबजी हैदराबाद में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के कार्यालय में पदस्थापित थे। पुलिस ने बताया कि एक मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है।
गुरुग्राम में पत्नी की हत्या के आरोप में पति गिरफ्तार
गुरुग्राम। हरियाणा के गुरुग्राम में होली पर घर जाने को लेकर हुए झगड़े के बाद पत्नी की कथित तौर पर गला घोंटकर हत्या करने के लिए पति को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि पत्नी की दुपट्टे से गला घोंटकर हत्या करने के बाद आरोपी पति शव को भांगरोला गांव में अपने किराये के कमरे में कथित तौर पर बंद कर मौके से फरार हो गया।
उसने बताया कि महिला का शव सात मार्च को बरामद हुआ। पुलिस के मुताबिक, मृतक महिला की पहचान उत्तर प्रदेश की मूल निवासी रेणु के रूप में हुई है। उसने बताया कि घटना के सिलसिले में खेड़की दौला थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
मानेसर अपराध शाखा की टीम ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के बलिया से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान अंकित के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश का ही रहने वाला है। गुरुग्राम पुलिस के प्रवक्ता ने बताया, “होली के त्योहार पर घर जाने को लेकर पति-पत्नी के बीच झगड़ा हुआ था, जिसके बाद आरोपी ने अपनी पत्नी की दुपट्टे से गला घोंटकर हत्या कर दी और फिर किराये के कमरे में ताला लगाकर भाग गया। हम आरोपी से पूछताछ कर रहे हैं।
झज्जर में घर में विस्फोट, चार लोगों की मौत
हरियाणा। हरियाणा के झज्जर जिले में शनिवार शाम एक घर में हुए विस्फोट में दो बच्चों और एक महिला सहित चार लोगों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, विस्फोट के कारण का अभी पता नहीं चल पाया है, लेकिन संदेह है कि विस्फोट एयर कंडीशनर (एसी) के कंप्रेसर में हुआ। पुलिस ने बताया कि घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र करने के लिए फोरेंसिक टीम को बुलाया गया है।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि विस्फोट शाम करीब साढ़े छह बजे बहादुरगढ़ में हुआ, जिसके बाद घर में आग लग गई। पुलिस ने बताया कि दमकल की गाड़ियों ने आग बुझाई और घटनास्थल से चार शव बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार, घटना में 10 साल के दो बच्चों, एक महिला और एक पुरुष की मौत हो गई।
मेरठ में पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर किया पति का मर्डर, हत्या की पूरी कहानी हिला देगी
एक पत्नी जिसने कभी अपने प्यार के साथ सात जन्मों का वादा किया. मोहब्बत(Meerut Love Story) मुकाम तक पहुंचती है लव मैरिज होती है. कसमें वादे और फेरे सब कुछ होता है, लेकिन अब उसी की सांसे छिन लीं, 15 टुकड़े करके एक ड्रम में उसे पैक कर दिया. आप कहेंगे कि इतनी हिम्मत कहां से आई. दरअसल, इस कलयुगी पत्नी(Muskan) के साथ अब उसका नया आशिक(Sahil Meerut) था.. कैसे एक पत्नी ने पति के साथ गद्दारी की और कैसे इस कत्ल की कहानी सामने आई चलिए आपको बताते हैं इस सनसनीखेज जुर्म की पूरी दास्तान. मेरठ(Meerut Murder Case)) की मुस्कान(Muskan) ने सौरभ(Saurabh) से प्यार किया, शादी की, लेकिन फिर उसी प्यार का गला घोंटने की साजिश भी रच डाली.
मेरठ में एक पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने पति की बेरहमी से हत्या की. शव के टुकड़े किए और पानी के ड्रम में भरकर सीमेंट से पैक कर दिया. हत्या के बाद दोनों मनाली घूमने चले गए. पुलिस जांच कर रही है. अंधविश्वास और प्रेम त्रिकोण इस हत्या के पीछे की वजह बताई जा रही है.
डीईओ ने की 8 साल की रेप पीड़िता की पहचान उजागर, हाईकोर्ट ने 4 सप्ताह में मांगा जवाब
जबलपुर. एमपी के जबलपुर में दुष्कर्म पीड़िता बच्ची की पहचान उजागर करने के मामले में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार, डीजीपी, कलेक्टर, एसपी, थाना प्रभारी बेलखेड़ा और जिला शिक्षा अधिकारी को नोटिस जारी किया गया है. दरअसल, बेलखेड़ा थाना अंतर्गत 20 फरवरी को एक गांव में रहने वाली 8 साल की बच्ची से उसी के स्कूल शिक्षक ने दुष्कर्म किया था.
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर लिया था. वहीं, शिक्षा विभाग ने आरोपी टीचर के निलंबित कर दिया. इस बीच शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी ने बच्ची की पहचान को उजागर कर दिया था. मामले पर जिला शिक्षा अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस से भी शिकायत की गई. जिस पर जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो सौरभ नाटी शर्मा की तरफ से हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई. मामले पर शुक्रवार को सुनवाई हुई.
बच्ची की पूरी डिटेल्स उजागर कर दी
याचिकाकर्ता की तरफ से एडवोकेट अशोक गुप्ता ने कोर्ट को बताया कि मासूम बच्ची के साथ रेप से जुड़ा गंभीर मामला था, इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी ने बच्ची का गांव, माता-पिता के नाम, यहां तक की बच्ची का नाम उजागर करते हुए निलंबन के आदेश को शिक्षा विभाग के वॉट्सऐप ग्रुप में सेंड कर वायरल कर दिया. याचिकाकर्ता ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से मामले पर शिकायत भी की थी, पर वहां से किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं की गई. याचिकाकर्ता के वकील ने बताया कि इस तरह के अपराध में दो साल तक की सजा और दो लाख का जुर्माना भी तय है. एसपी ने जब मामले पर संज्ञान नहीं लिया तो हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई, जिसमें नोटिस जारी किया गया है.
जस्टिस विशाल धगट की कोर्ट ने मामले पर सुनवाई करते हुए माना कि बच्ची के साथ कुछ न कुछ तो गलत हुआ है. फिलहाल हाईकोर्ट ने राज्य सरकार सहित अन्य को नोटिस जारी करते हुए 4 सप्ताह में जवाब मांगा है.
याचिका में यह मांग की गई
याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट से मांग की है कि पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिए जाए कि उनके द्वारा भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 72 (1), पॉक्सो अधिनियम की धारा 33(7), और किशोर न्याय अधिनियम 2015 की धारा 74 से संबंधित पूरे प्रदेश में दिशा निर्देश जारी किए जाए.
याचिका में कोर्ट को बताया गया कि 20 फरवरी को बेलखेड़ा के एक शासकीय स्कूल में कक्षा 3 में पढऩे वाली 8 साल की बच्ची के साथ स्कूल के ही टीचर घनश्याम ठाकुर ने रेप किया. बच्ची रोते हुए घर पहुंची और माता-पिता को पूरी घटना बताई. इसके बाद परिजन थाने पहुंचे और टीचर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई.
सुप्रीम कोर्ट के जजों का पांच सदस्यीय डेलीगेट्स मणिपुर पहुंचा, राहत शिविरों का करेंगे दौरा
मणिपुर. न्यायमूर्ति बीआर गवई के नेतृत्व में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों का पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल शनिवार को मणिपुर के इंफाल पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल के एक सदस्य ने कहा, हम अभी-अभी आए हैं और इस यात्रा का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। हम यहां आकर बहुत खुश हैं। इस प्रतिनिधिमंडल में न्यायमूर्ति बीआर गवई, सूर्यकांत, विक्रम नाथ, एमएम सुंदरेश, केवी विश्वनाथन और एन कोटिश्वर शामिल हैं। यह सभी लोग अपनी यात्रा के दौरान राहत शिविरों का दौरा करेंगे.
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (एनएएलएसए) के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति गवई मणिपुर के सभी जिलों में विधिक सेवा शिविरों और चिकित्सा शिविरों का वर्चुअल उद्घाटन करेंगे। साथ ही इंफाल पूर्व, इंफाल पश्चिम और उखरुल जिलों में नए विधिक सहायता क्लीनिकों की भी शुरुआत की जाएगी। आंतरिक रूप से विस्थापित व्यक्तियों (आईडीपी) को आवश्यक राहत सामग्री का वितरण भी किया जाएगा.
विधिक सेवा शिविर आईडीपी को सरकारी कल्याण कार्यक्रमों जोड़ा जाएगा जिससे स्वास्थ्य सेवा, पेंशन, रोजगार योजनाओं और पहचान के दस्तावेज जैसे लाभों तक लोगों की पहुंच सुनिश्चित होगी। इससे पहले 18 मार्च को कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने हिंसा प्रभावित मणिपुर में राहत शिविरों का दौरा करने वाले सुप्रीम कोर्ट के छह जजों के फैसले का स्वागत किया था.
एएनआई से बात करते हुए जयराम ने हिंसा प्रभावित राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने में देरी पर सवाल उठाया। कांग्रेस सांसद ने कहा, हम मणिपुर का दौरा करने वाले सुप्रीम कोर्ट के छह जजों के फैसले का स्वागत करते हैं। अगस्त 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि संवैधानिक तंत्र पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है।
सुप्रीम कोर्ट ने यही शब्द इस्तेमाल किए थे, लेकिन इसके बावजूद सरकार को राष्ट्रपति शासन लगाने में करीब 18-19 महीने लग गए... राष्ट्रपति शासन लगाने में 18 महीने क्यों लगे? छह महीने तक कोई पूर्णकालिक राज्यपाल क्यों नहीं था। उन्होंने एक आदिवासी महिला, एक प्रतिष्ठित राजनीतिक शख्सियत को हटा दिया और उन्होंने असम के राज्यपाल को अतिरिक्त प्रभार दे दिया। वे एक सेवानिवृत्त सिविल सेवक को पूर्णकालिक राज्यपाल के रूप में लाए। क्यों? इसमें इतना समय क्यों लगा?
मणिपुर में हिंदू मैतेई और आदिवासी कुकी (जो ईसाई हैं ) के बीच हिंसा 3 मई, 2023 को ऑल ट्राइबल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ़ मणिपुर (्रञ्जस्रू) की एक रैली के बाद भड़की थी। हिंसा ने पूरे राज्य को जकड़ लिया था और केंद्र सरकार को स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए अर्धसैनिक बलों को तैनात करना पड़ा था।
IMD का एलर्ट : यूपी के 16 जिलों में वज्रपात समेत बारिश की चेतावनी, चलेंगी तेज हवाएं
लखनऊ. मौसम में लगातार उतार चढ़ाव जारी है. प्रदेश में 21 मार्च यानी शुक्रवार को दिन में तेज धूप थी, लेकिन शाम होते ही बादल छा गए. मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश में आज यानी 22 मार्च को बारिश के आसार जताए हैं. इस दौरान प्रदेश में तेज हवाएं भी चल सकती हैं.
16 जिलों में बारिश की संभावना
आईएमडी रिपोर्ट के मुताबिक, मौसम विभाग ने बनारस सहित पूर्वांचल के 16 जिलों में तेज हवा के साथ हल्की बारिश का संकेत दिया है. इसके साथ ही वज्रपात का अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के अनुसार वाराणसी, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, जौनपुर, गाजीपुर, बलिया सहित 16 जिलों में तेज हवा चलेगी.
दो दिनों तक मौसम में रहेगा उतार चढ़ाव
बीते 24 घंटे की बात करें तो दिन में तेज धूप निकली थी. दिन का तापमान सामान्य से 2.7 डिग्री ज्यादा 36.6 और रात का तापमान सामान्य से 4.7 डिग्री ज्यादा 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मौसम वैज्ञानिक प्रो. मनोज श्रीवास्तव ने कहा कि अगले दो दिनों तक मौसम में उतार चढ़ाव रहेगा. इस दौरान हल्की बारिश हो सकती है. सोमवार से तापमान फिर बढ़ेगा.
UGC का निर्देश : देश के सभी विवि और कॉलेजों को लगानी होंगी सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीनें
नई दिल्ली. देश के सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को परिसर में सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीनें लगानी होंगी. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने सभी शिक्षण संस्थानों को कैंपस में मासिक धर्म स्वच्छता में सुधार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. उच्च शिक्षा संस्थानों को 25 मार्च तक रिपोर्ट देनी होगी.
यूजीसी के सचिव प्रोफेसर मनीष जोशी की ओर से राज्यों और विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को लिखे पत्र में कहा गया कि संस्थानों के कैंपस में इंसीनरेटर (अपशिष्ट पदार्थों को जलाने के लिए) लगाएं जाएं. इस कवायद का उद्देश्य मासिक धर्म स्वच्छता को बढ़ावा देना और शिक्षण संस्थानों में महिलाओं के लिए सुविधाजनक वातावरण तैयार करना है. इससे महिलाएं शैक्षणिक और सामाजिक गतिविधियों में बिना परेशानी पूर्ण भागीदारी निभा सकेंगी.
बिना इजाजत डिग्री देने वालों पर शिकंजा
यूजीसी ने बिना अनुमति डिग्री कार्यक्रम की पढ़ाई कराने वाले शिक्षण संस्थानों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. यूजीसी की ओर से जारी सूचना में कहा गया कि किसी को भी शिक्षण संस्थानों में अनुमति के बगैर डिग्री प्रोग्राम की पढ़ाई कराए जाने की जानकारी मिलती है तो इसकी सूचना दें. आयोग ने छात्रों और अभिभावकों से उच्च शिक्षण संस्थानों में दाखिले से पहले अनुमति जांचने का आग्रह किया है. राज्य अधिनियम और केंद्रीय अधिनियम या प्रांतीय अधिनियम के तहत स्थापित या यूजीसी अधिनियम 1956 के तहत स्थापित शिक्षण संस्थान ही अनुमति के बाद डिग्री प्रदान करने के लिए अधिकृत हैं. यूजीसी को जानकारी मिली है कि कई संस्थान प्रावधानों के विपरीत डिग्री प्रदान कर रहे हैं.
सरकार का बड़ा एक्शन, 3.4 करोड़ से अधिक मोबाइल कनेक्शन काटे, 17 लाख वॉट्सऐप अकाउंट किए ब्लॉक
नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने बताया कि टेलीकॉम फ्रॉड से निपटने के लिए संचार साथ पोर्टल के जरिए अब तक 3.4 करोड़ से ज्यादा मोबाइल फोन को डिस्कनेक्ट किया गया है और 3.19 लाख आईएमईआई नंबर को ब्लॉक किया गया है. दूरसंचार विभाग ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और बिग डेटा की मदद से 16.97 लाख वॉट्सऐप अकाउंट भी ब्लॉक कर दिए गए हैं.
राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में संचार और ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्रशेखर ने कहा कि दूरसंचार विभाग की संचार साथी पहल के तहत 20,000 से ज्यादा बल्क एसएमएस भेजने वालों को भी ब्लैकलिस्ट किया गया है. सरकार के संचार साथी पोर्टल पर नागरिकों को चक्षु की मदद से संदिग्ध धोखाधड़ी से जुड़े कम्युनिकेशन को रिपोर्ट करने की सुविधा मिलती है.
डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी ने कहा कि संदिग्ध धोखाधड़ी से जुड़ी शिकायतें मिलने के बाद दूरसंचार विभाग इनकी जांच करता है. इसके बाद जांच में गलत पाए गए नंबर को ब्लॉक किया जाता है. व्यक्तिगत रूप से रिपोर्ट किए गए संदिग्ध धोखाधड़ी कम्युनिकेशन पर कार्रवाई करने के बजाय दूरसंचार विभाग अपनी जांच के लिए क्राउड-सोर्स डेटा का इस्तेमाल करता है, ताकि टेलीकॉम रिसोर्सेस का गलत इस्तेमाल होने से रोका जा सके.
दूरसंचार विभाग एआई बेस्ड टूल्स और बिग डेटा एनालिसिस के साथ नकली दस्तावेजों पर लिए गए संदिग्ध मोबाइल कनेक्शनों की पहचान करता है. इसके अलावा, दूरसंचार विभाग और दूरसंचार सेवा प्रदाताओं (टीएसपी) ने ऐसी अंतरराष्ट्रीय स्पूफ कॉलों की पहचान करने के लिए एक नया सिस्टम तैयार किया है, जो असल में विदेशों से होती हैं और भारत से आने वाली कॉल लगती हैं. इस सिस्टम के साथ इस तरह की कॉल की पहचान रियल टाइम में की जा सकती है और नंबर को ब्लॉक किया जा सकता है.
इस बीच, दूरसंचार सेवा प्रदाताओं ने 1,150 संस्थाओं/व्यक्तियों को ब्लैकलिस्ट कर दिया है और 18.8 लाख से ज्यादा रिसोर्सेस को डिस्कनेक्ट कर दिया है. इन कार्रवाइयों के साथ अनरजिस्टर्ड टेलीमार्केटर्स (यूटीएम) के खिलाफ शिकायतों में कमी आई है, जो कि अगस्त 2024 में 1,89,419 थीं और जनवरी 2025 में घटकर 1,34,821 रह गईं. भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने 12 फरवरी को दूरसंचार वाणिज्यिक संचार ग्राहक वरीयता विनियम (टीसीसीसीपीआर), 2018 में संशोधन किया.
अब ग्राहक स्पैम/अनसॉलिसिटेड कमर्शियल कम्युनिकेशन (यूसीसी) को लेकर स्पैम मिलने के सात दिन के भीतर शिकायत दर्ज करवा सकता है. पहले यह समय सीमा 3 दिन थी. इसके अलावा, अनसॉलिसिटेड कमर्शियल कम्युनिकेशन (यूसीसी) को लेकर अनरजिस्टर्ड सेंडर के खिलाफ एक्सेस प्रोवाइडर द्वारा कार्रवाई करने की समय सीमा भी 30 दिनों से घटाकर 5 दिन कर दी गई है. यूसीसी भेजने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए उनके खिलाफ कार्रवाई करने के मानदंड को रिवाइज कर पहले से अधिक कठोर बनाया गया है.
वंदे भारत एक्सप्रेस का किराया होगा कम! संसदीय समिति ने ऑक्युपेंसी बढ़ाने के लिए दिया सुझाव
नई दिल्ली: संसद की एक समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि रेलवे को नई रेलगाड़ियां शुरू करने से पहले व्यवहार्यता की पड़ताल करनी चाहिए और अधिकतम उपयोग के लिए किराया कम कर ट्रेन में अधिक से अधिक सीटों को भरने पर विचार करना चाहिए। संसद की लोक लेखा समिति ने शुक्रवार को लोकसभा में यह रिपोर्ट प्रस्तुत की। समिति ने पिछले वर्ष 20 अप्रैल को पिछली लोकसभा में प्रस्तुत अपनी 139वीं रिपोर्ट में सुविधा एक्सप्रेस रेलगाड़ियां चलाने के कारण दक्षिण पश्चिम रेलवे को होने वाली राजस्व हानि पर चिंता व्यक्त की थी।
वर्तमान रिपोर्ट, समिति की 139वीं रिपोर्ट में निहित टिप्पणियों और सिफारिशों पर सरकार तथा रेल मंत्रालय द्वारा की गई कार्रवाई पर समिति के विचारों से संबंधित है। इस रिपोर्ट के अनुसार समिति ने फिर कहा है कि सुविधा ट्रेनों के उपयोग पैटर्न का नियमित अध्ययन होना चाहिए ताकि सीटों का अधिकतम उपयोग करने के लिए आवश्यक संशोधन किया जा सके। समिति का मानना है कि यह ध्यान में रखते हुए कि ‘फ्लेक्सी-फेयर’ (मांग आधारित किराया वृद्धि) टिकटों की मांग में बढ़ोतरी और गिरावट, दोनों तरह से काम करता है। रेलवे को किराया कम कर ट्रेनों में अधिक से अधिक सीटों को भरने पर विचार करना चाहिए।
दिल्ली के शाहीन बाग इलाके में जलकर खाक हो गया जूतों का शो रूम, दिखा भयावह मंजर
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के शाहीन बाग इलाके में एक शो रूम में शनिवार (22 मार्च) को भीषण आग लग गई। इस आग की चपेट में आने के कारण पूरा शो रूम जलकर खाक हो गया। जानकारी मिलने पर दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं और आग को किसी तरह काबू में किया। बताया जा रहा है कि जहां आग लगी, वह जूतों का शो रूम था।
दमकल विभाग के मुताबिक आग की सूचना मिलने के बाद फायर ब्रिगेड की 8 गाड़ियों को तत्काल मौके पर भेज दिया गया। दमकल विभाग के कर्मचारियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग बुझाने के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी वहां से हटा दिया गया। इस आग की चपेट में आकर किसी के भी हताहत होने का मामला सामने नहीं आया है। फिलहाल इस बात की जानकारी नहीं मिल पाई है कि आग में शो रूम मालिक का कितना नुकसान हुआ है।
संकट में पाकिस्तान: अंदर-बाहर हर तरफ हाहाकार
-संजय सक्सेना, लखनऊ
पड़ोसी देश पाकिस्तान चौतरफा मुसीबतों से घिरता जा रहा है। चीन की दोस्ती उसे डूबों रही है तो भारत और अफगानिस्तान से दुश्मनी उसे भारी पड़ रही है। अमेरिका में भी ट्रम्प सरकार आने के बाद वहां से पाकिस्तान पर मेहरबानियों का सिलसिला थम गया है। पाकिस्तान के अंदरूनी हालात भी कम खराब नहीं है। एक तरफ पाक अधिकृत कश्मीर यानी पीओके,सिंध प्रांत की जनता पाकिस्तान सरकार के खिलाफ जहर उगल रही है,वहीं ब्लूचिस्तान प्रांत की विद्रोही जनता तो पाकिस्तान की अखंडता के लिये ही खतरा बन गया है।यहां के लोग पाकिस्तान से अलग पूर्ण आजादी चाहते हैं। इसके चलते बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी और पाकिस्तान सेना के बीच लगातार संघर्ष होता रहता है। हद तो तब हो गई जब 11 मार्च 2025 को बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने क्वेटा से पेशावर जा रही जाफर एक्सप्रेस ट्रेन को ही हाईजैक कर लिया, जिसमें लगभग 440 यात्री सवार थे। इस हमले में बीएलए ने ट्रेन को रोककर यात्रियों को बंधक बना लिया और सुरक्षाबलों पर हमला किया, जिससे 21 यात्रियों और 4 अर्धसैनिक बलों के जवानों की मौत हो गई। पाकिस्तानी सेना ने जवाबी कार्रवाई में 33 आतंकवादियों को मार गिराया और बचे हुए यात्रियों को सुरक्षित छुड़ा लिया।
इस घटना के बाद, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने राष्ट्रीय एकता का आह्वान किया और आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की बैठक बुलाई, जिसमें सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में आतंकवाद के खिलाफ रणनीतिक राजनीतिक संकल्प और बेहतर शासन की आवश्यकता पर बल दिया गया। इसके अतिरिक्त, पाकिस्तानी सेना ने इस हमले के लिए भारत को दोषी ठहराया, हालांकि उन्होंने इसके समर्थन में कोई ठोस सबूत प्रस्तुत नहीं किया। भारत ने इन आरोपों को खारिज किया है।
इन घटनाओं के मद्देनजर, पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर ने देश को सख्त राष्ट्र बनाने और आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने बेहतर शासन और राजनीतिक संकल्प की आवश्यकता पर भी जोर दिया, ताकि आतंकवाद का प्रभावी ढंग से मुकाबला किया जा सके। पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर ने 18 मार्च, 2025 को अपने एक बयान में पाकिस्तान को एक कठोर राज्य में बदलने की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष देश के अस्तित्व के लिए एक लड़ाई है। जनरल मुनीर ने यह टिप्पणी राष्ट्रीय सुरक्षा पर संसदीय समिति की एक उच्चस्तरीय बैठक में की, जो बलूच आतंकवादियों द्वारा एक यात्री ट्रेन का अपहरण करने के कुछ दिनों बाद बुलाई गई थी , जिसके परिणामस्वरूप 25 यात्रियों की मौत हो गई थी।
मुनीर ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष “हमारे और हमारी भावी पीढ़ियों के अस्तित्व की लड़ाई है।” उन्होंने बेहतर शासन और पाकिस्तान को एक “कठोर राज्य” बनाने का आह्वान किया और पूछा, “हम कब तक एक नरम राज्य की शैली में अनगिनत लोगों की जान कुर्बान करते रहेंगे?” जनरल मुनीर ने कहा, “स्थायी विकास के लिए, राष्ट्रीय शक्ति के सभी तत्वों को सामंजस्य के साथ काम करना होगा।”
बात बलूचिस्तान, के भौगोलिक और राजनैतिक परिदृश्य की कि जाये तो यह पाकिस्तान का सबसे बड़ा प्रांत, लंबे समय से देश के लिए एक गंभीर सुरक्षा चुनौती बना हुआ है। यहां के अलगाववादी आंदोलन, प्राकृतिक संसाधनों पर नियंत्रण की मांग, और मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप पाकिस्तान की स्थिरता के लिए खतरा बने हुए हैं। दरअसल, 1947 में भारत से अलग मुसलमानों के लिये पाकिस्तान देश बनने के बाद, बलूचिस्तान के कलात राज्य ने पाकिस्तान में विलय से इंकार कर दिया था। हालांकि, 1948 में पाकिस्तानी सेना ने इस पर कब्जा कर लिया, जिससे बलूच राष्ट्रवादियों में असंतोष बढ़ा। तब से, बलूचिस्तान में कई बार विद्रोह हुए हैं, जिनमें 1950, 1960, 1970 और 2000 के दशक शामिल हैं।
पिछले कुछ वर्षों में, बलूच अलगाववादी समूहों की गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। 2015 से 2024 के बीच, इन समूहों द्वारा किए गए हमलों की संख्या चार गुना बढ़कर 171 हो गई है। इन हमलों में लगभग 590 लोग मारे गए हैं, जिनमें पाकिस्तानी सेना के जवान भी शामिल हैं।
गौरतलब हो बलूचिस्तान प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है, जिसमें गैस, सोना, और तांबा शामिल हैं। हालांकि, स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इन संसाधनों का लाभ उन्हें नहीं मिलता, बल्कि पाकिस्तान के अन्य प्रांतों को मिलता है। यह आर्थिक असंतोष अलगाववादी भावनाओं को बढ़ावा देता है।
ब्लूचिस्तान हमेशा से पाकिस्तान सेना की हैवानियत का भी शिकार होता रहा है। बलूच कार्यकर्ताओं और नागरिक समाज के सदस्यों के जबरन गायब होने की घटनाएं बलूचिस्तान में आम हैं। वॉयस फॉर बलूच मिसिंग पर्सन्स (वीबीएमपी) के अनुसार, बलूचिस्तान से 7,000 से ज्यादा लोग लापता हैं। हालांकि, सरकारी आंकड़े इससे कम हैं, लेकिन यह मुद्दा स्थानीय निवासियों में गहरा असंतोष पैदा करता है।
बलूचिस्तान में यहां के निवासियों के भारी विरोध के बाद भी चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) और अन्य विदेशी निवेश परियोजनाएं चल रही हैं,जबकि अलगाववादी समूह इन परियोजनाओं को अपने संसाधनों के शोषण के रूप में देखते हैं और इन्हें निशाना बनाते हैं। अगस्त 2024 में बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने एक घातक हमला किया, जिसमें 50 से अधिक लोग मारे गए। फरवरी 2025 में कलात जिले में एक बड़े संघर्ष में 18 पाकिस्तानी अर्धसैनिक बलों और 23 विद्रोहियों मतलब बीएलए के सदस्यों की मौत हुई थी।
बलूचिस्तान में जारी संघर्ष पाकिस्तान के लिए कई मोर्चों पर खतरा पैदा कर रहा है। लगातार हमलों से पाकिस्तान सुरक्षा बलों पर दबाव बढ़ता है और देश की आंतरिक स्थिरता खतरे में पड़ती है।सीपीसाीई जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर हमलों से विदेशी निवेशकों का विश्वास कम होता है, जिससे आर्थिक विकास प्रभावित होता है। वहीं मानवाधिकार उल्लंघन के आरोपों से पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय छवि धूमिल होती है, जिससे कूटनीतिक संबंध प्रभावित होते हैं।
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच खींची तलवारें
अफगानिस्तान और पाकिस्तान में तनाव की वजह पर नजर दौड़ाई जाये तो दोनों देशों के बीच डुरंड रेखा विवाद का बड़ा कारण है। 1893 में ब्रिटिश शासन द्वारा खींची गई डुरंड रेखा को अफगानिस्तान ने कभी मान्यता नहीं दी है। यह सीमा विवाद दोनों देशों के बीच तनाव का एक ऐतिहासिक स्रोत है।उधर, पाकिस्तान का आरोप है कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान अफगानिस्तान की जमीन से संचालित होकर पाकिस्तान में आतंकी हमले कर रहा है। पाकिस्तान ने अफगान तालिबान से टीटीपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, लेकिन तालिबान ने इसे अस्वीकार कर दिया है।हाल ही में, तोरखम सीमा चौकी पर पाकिस्तानी और अफगान सुरक्षा बलों के बीच झड़पें हुई हैं, जिससे कम से कम एक व्यक्ति की मौत और कई घायल हुए हैं। यह संघर्ष सीमा पर एक नए चौकी के निर्माण को लेकर हुआ, जिससे तनाव और बढ़ गया है।दिसंबर 2024 में, पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के पक्तिका प्रांत में ठीटीपी के ठिकानों पर हवाई हमले किए, जिसमें कई नागरिकों की मौत हुई। अफगान रक्षा मंत्रालय ने इन हमलों की निंदा की और इसे अंतरराष्ट्रीय सिद्धांतों का उल्लंघन बताया।
चीन के चंगुल में फंसता पाकिस्तान
चीनी ने पाकिस्तान को लोन देकर अपने चंगुल में फंसा लिया है। पाकिस्तान ने चीन से सबसे अधिक लोन दिया है। यह लोन लगभग 28.6 बिलियन डॉलर है, जो उसके कुल कर्ज का 22 प्रतिशत है। विश्व बैंक के अनुसार, देश पर कुल मिलाकर लगभग 130 अरब डॉलर का कर्ज है। आज पाकिस्तान की हालत बेहद खस्ता है। यहां तक कि वहां पर आटे-दाल-चावल, सब्जियां और दूध तक आम आदमी की पहुंच से दूर जा चुके हैं। देश में बेरोजगारी चरम पर है।पाकिस्तान ने अपनी नाजुक वित्तीय स्थिति के चलते आईएमएफ से आपातकालीन फंड मांगता रहा है। हालांकि, चीन के लिए पाकिस्तान चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) का घर है। यह चीन के पश्चिमी प्रांतों को बलूचिस्तान के ग्वादर बंदरगाह से जोड़ने वाला लगभग 3,000 किलोमीटर लंबा गलियारा है।कहने का तात्पर्य यह है कि चीन पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान को कर्ज देकर वहां अपना आधिपत्य बनाता जा रहा है।
लापरवाही: टूटकर खेत में गिरा बिजली का तार, चपेट में आने से दो मासूम बच्चों की मौत…एमपी के जबलपुर का मामला
जबलपुर। पाटन के सुरैया गांव में शनिवार सुबह दर्दनाक हादसा हो गया। वहां 11 केवी का तार टूटकर गिरा, जिसकी चपेट में आने से दो बच्चों की मौत हो गई। वहीं एक अन्य झुलझ गया, जिसका उपचार जारी है।
घटना के बाद ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया और शवों को लेकर थाने पहुंच गए। ग्रामीणों द्वारा कुछ देर के लिए पाटन-शहपुरा मार्ग बंद करने की बात भी सामने आ रही है।
आक्रोश बढ़ता देख पुलिस और बिजली विभाग के अमले ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझाइश देने में जुटा रहा। इसके बाद पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए मामले की जांच शुरू की।
सुरैया हार में रहने वाले सगे भाई-बहन चांदनी (12 वर्ष) , प्रशांत (10) और दिलीप रोजाना की तरह सुबह गेहूं के खेत में काम कर रहे थे। जहां उन्होंने देखा कि कुछ मवेशी खेत में घुस रहे हैं, जिन्हें भगाने के लिए तीनों खेत में घुसे, जहां पहले से टूटे पड़े 11 केवी की लाइन के तार में चपेट में आ गए और उन्हें जोरदार करंट लग गया।