देश-विदेश
भारतीय हज मिशन ने तैनात की सहायता टीम
नई दिल्ली। सऊदी अरब में हज यात्रा जारी है। भारतीय हज यात्री मक्का से मीना की ओर बढ़ रहे हैं। इस बीच, भारतीय हज मिशन ने तीर्थयात्रियों की मीना यात्रा के लिए सहायता दलों को तैनात किया है। भारतीय हज तीर्थयात्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, हज यात्रियों का मीना के लिए प्रस्थान शुरू हो गया है। 'टीम इंडिया' के अधिकारी भारतीय हज यात्रियों को मीना के निर्धारित कैंपों तक परिवहन सेवाओं के लिए सहायता कर रहे हैं।
केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने हज करने वाले भारतीय यात्रियों को शुभकामनाएं दीं और उनकी सहायता का आश्वासन दिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, इस साल हज करने वाले सभी भारतीय यात्रियों को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं। हमारा हज मिशन, अधिकारियों और टीमों के नेतृत्व में, सऊदी प्रशासन के साथ पूरी तरह तैयार है। प्रशासनिक और चिकित्सा टीमें मीना के सभी कैंपों में मौजूद रहेंगी। किसी भी सहायता के लिए हज सुविधा ऐप या टोल-फ्री नंबर का उपयोग करें। आपका हज सुगम, धन्य और आध्यात्मिक रूप से पूर्ण हो।
इससे पहले, सोमवार को भारत के सऊदी अरब में राजदूत सुहेल एजाज खान ने मुख्य अनुष्ठानों से पहले भारतीय हज यात्रियों को संबोधित किया। उन्होंने शुभकामनाएं दीं और पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया, साथ ही प्रशासनिक और चिकित्सा कर्मियों की उपस्थिति पर जोर दिया। इस बीच, जेद्दा के भारत के महावाणिज्य दूत फहद अहमद खान सूरी ने मशाएर क्षेत्र (मीना का टेंट शहर और मुजदलिफा और अराफात के मैदान) में भारतीय हज यात्रियों के लिए चिकित्सा देखभाल और सहायता की व्यवस्थाओं पर एक ब्रीफिंग की अध्यक्षता की।
इस सत्र में भारतीय हज काउंसलर मुहम्मद अब्दुल जलील और हज 2025 के लिए तैनात 'टीम इंडिया' के अधिकारियों, डॉक्टरों और नर्सों ने हिस्सा लिया। पिछले हफ्ते, हज यात्रा पर गए भारतीयों ने भारत सरकार द्वारा दी गई व्यवस्थाओं और सुविधाओं की गुणवत्ता की सराहना की, जो सऊदी अरब में सभी के लिए एक सुगम और निर्बाध यात्रा सुनिश्चित करती हैं।
अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, हज कमेटी ऑफ इंडिया के माध्यम से हज 2025 के लिए गए भारतीय तीर्थयात्री भारत सरकार के प्रबंधन और वहां दी जा रही सुविधाओं से बहुत खुश हैं। अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय का निरंतर प्रयास है कि प्रत्येक हज यात्री के लिए यात्रा आरामदायक और सम्मानजनक हो। इसके अलावा, केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने भी केंद्र सरकार के समर्पित प्रयासों पर प्रकाश डाला, जो तीर्थयात्रियों के लिए एक सुगम और सफल हज यात्रा सुनिश्चित करते हैं।
टैंकर से टकराई वैन: 9 लोगों की मौत, 2 गंभीर...
झाबुआ। मध्य प्रदेश के झाबुआ में एक भीषण सड़क हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई है और दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। सड़क हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई है और मृतकों के शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं पुलिस की टीम यातायात व्यवस्था सुगम करने जुट गई है।
मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा हादसा झाबुआ के मेघनगर थाना क्षेत्र के सहेली के सजेली रेलवे फाटक के पास हुआ है। यहां एक वैन टैंकर से टकरा गई। इस टक्कर में वैन सवार 11 लोगों में से 9 लोगों की मौत हो गई और 2 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि, टैंकर सड़क किनारे पलट गया। सड़क हादसे की खबर मिलते ही मेघनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा। इसके बाद पुलिस की टीम ने मृतकों के शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। साथ ही पुलिस जांच में जुट गई है कि, मृतक कौन थे और कहां जा रहे थे।
मतदान रुझन अब हर दो घंटे में अपडेट होंगे: ECINET से जुड़ेगा VTR ऐप
नई दिल्ली। भारत निर्वाचन आयोग ने मतदान प्रतिशत रुझनों (VTR) की रिपोर्टिंग प्रणाली को तकनीकी रूप से उन्नत करने की घोषणा की है। अब मतदान के दिन हर दो घंटे में पीठासीन अधिकारी (PRO) ECINET ऐप के माध्यम से रीयल-टाइम में डेटा अपडेट करेंगे। इस नई व्यवस्था से मतदान रुझनों में देरी की समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी और आम जनता को समय पर सटीक जानकारी मिल सकेगी।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में की गई इस पहल का उद्देश्य पारदर्शिता और सूचना की गति को बढ़ाना है। ECINET ऐप के माध्यम से एकत्रित आंकड़ों को हर दो घंटे में VTR ऐप पर अपडेट किया जाएगा, जिससे मतदाताओं, राजनीतिक दलों और मीडिया को ताजा आंकड़े मिलते रहेंगे।
क्या बदलेगा नई व्यवस्था में?
अब तक मतदान प्रतिशत की जानकारी मैन्युअली सेक्टर अधिकारियों द्वारा फोन कॉल, मैसेज या SMS के जरिए भेजी जाती थी।
VTR ऐप पर डेटा अपलोड में 4–5 घंटे या उससे अधिक की देरी हो जाती थी।
अब PRO हर दो घंटे में ECINET ऐप पर आंकड़े दर्ज करेंगे।
मतदान समाप्ति के बाद PRO केंद्र छोड़ने से पहले ऐप में अंतिम डेटा दर्ज करेंगे।
नेटवर्क न होने पर भी डेटा ऑफलाइन दर्ज कर लिया जाएगा और बाद में सिंक होगा।
कानूनी प्रक्रिया यथावत रहेगी
निर्वाचन नियम 1961 के नियम 49S के अनुसार, मतदान के बाद पीठासीन अधिकारी अब भी उम्मीदवारों के एजेंटों को फॉर्म 17C में मतदान का विवरण देंगे। यह कानूनी आवश्यकता बरकरार रहेगी, लेकिन डिजिटल प्रक्रिया इसे पूरक और तेज़ बनाने का कार्य करेगी।
बिहार चुनाव से होगी शुरुआत
इस डिजिटल परिवर्तन की शुरुआत आगामी बिहार विधानसभा चुनाव से की जाएगी, जहां VTR और ECINET सिस्टम एकीकृत रूप में काम करेंगे। इससे न केवल रिपोर्टिंग प्रक्रिया अधिक तेज़ और सटीक होगी, बल्कि चुनाव आयोग की पारदर्शिता और जवाबदेही की प्रतिबद्धता भी और मजबूत होगी।
इस पहल को चुनावी प्रक्रिया में एक बड़ा तकनीकी सुधार माना जा रहा है, जिससे मतदान प्रतिशत को लेकर फैली आशंकाएं और भ्रम की स्थिति खत्म होगी।
मोरक्को में बकरीद के दौरान कुर्बानी पर रोक, राजा के फैसले से देशवासियों में आक्रोश
रबात/नई दिल्ली। अफ्रीकी देश मोरक्को में इस साल ईद अल-अजहा (बकरीद) से पहले सरकार ने कुर्बानी पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। यह ऐलान खुद राजा मोहम्मद VI ने देश में भीषण सूखे और आर्थिक संकट को देखते हुए किया है। आदेश के बाद देशभर में बकरे और अन्य कुर्बानी के जानवरों की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी गई है और पहले से खरीदे गए जानवर जब्त किए जा रहे हैं।
शाही फरमान के बाद बकरा बाजार बंद
सरकारी आदेश के बाद मोरक्को में सभी पशु बाजार बंद कर दिए गए हैं, जिससे हजारों व्यापारी और किसान बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। कुर्बानी के जानवर बेचने वालों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
धार्मिक आजादी पर सवाल
मोरक्को की 99 फीसदी आबादी मुस्लिम है और बकरीद यहां प्रमुख धार्मिक त्योहार है। ऐसे में इस प्रतिबंध से देशभर में गहरी नाराजगी फैल गई है। सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हैं, जिनमें पुलिस घरों में घुसकर भेड़ और बकरों को जब्त कर रही है। आम जनता इसे धार्मिक रीति-रिवाजों में सरकारी हस्तक्षेप और पवित्र परंपराओं का अपमान मान रही है।
समर्थन और विरोध दोनों
सरकारी सूत्रों का कहना है कि यह फैसला संकटपूर्ण जल संकट और आर्थिक मंदी को देखते हुए लिया गया है। कुछ लोगों ने सरकार के कदम को समय की मांग और जनस्वास्थ्य के हित में बताया है, जबकि धार्मिक संगठन और स्थानीय नागरिक इसे धार्मिक स्वतंत्रता का हनन बता रहे हैं।
सवाल उठा: क्या सरकार को है धार्मिक रीतियों पर रोक का हक?
इस फैसले ने एक नई बहस को जन्म दिया है – क्या किसी सरकार या राजा को धार्मिक अनुष्ठानों पर रोक लगाने का अधिकार है? मोरक्को और मुस्लिम देशों में इस पर बहस तेज हो गई है।
राजा मोहम्मद VI के इस फैसले से पूरे मुस्लिम वर्ल्ड की निगाहें अब मोरक्को पर टिकी हैं। आने वाले दिनों में यह मामला राजनीतिक और धार्मिक तनाव का कारण बन सकता है।
इजरायल के संयुक्त राष्ट्र राजदूत ने कोलोराडो हमले की निंदा की
कोलोराडो । कोलोराडो के बोल्डर में एक शख्स ने शांतिपूर्ण रैली में हिस्सा ले रहे लोगों पर बम (मोलोटोव कॉकटेल) फेंके। ये रैली हमास की कैद से बंधकों की सुरक्षित वापसी के लिए थी। इस हमले में कई लोग घायल हो गए। संयुक्त राष्ट्र में इजरायल के राजदूत डैनी डैनन ने यहूदी प्रदर्शनकारियों पर हुए हिंसक हमले की निंदा की है। हमलावर की पहचान 45 वर्षीय मोहम्मद सबरी सोलिमन के रूप में हुई है। हमले के बाद सोलिमन को हिरासत में ले लिया गया।
'रन फॉर देयर लाइव्स' ग्रुप द्वारा आयोजित यह विरोध प्रदर्शन लोकप्रिय पर्ल स्ट्रीट मॉल के पास आयोजित किया गया था, जिसका उद्देश्य इजरायल और हमास के बीच चल रहे युद्ध के बीच गाजा में अभी भी बंधकों को लेकर जागरूकता बढ़ाना था।
'एक्स' पर एक पोस्ट में राजदूत डैनन ने लिखा, यहूदियों के खिलाफ आतंकवाद गाजा सीमा पर नहीं रुकता। अमेरिका की सड़कों के बाद आज कोलोराडो के बोल्डर में यहूदी लोगों ने नैतिक और मानवीय मांग के साथ मार्च किया। इसके जवाब में यहूदी प्रदर्शनकारियों पर क्रूरता से हमला किया गया, जिसमें एक हमलावर ने उन पर मोलोटोव कॉकटेल फेंके। कोई गलती न करें। यह कोई राजनीतिक विरोध नहीं है, यह आतंकवाद है। बयानों का समय खत्म हो गया है। अब समय आ गया है कि भड़काने वालों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाए, चाहे वे कहीं भी हों।
प्रत्यक्षदर्शियों और इंटरनेट पर मौजूद वीडियो फुटेज के अनुसार, सोलिमन को 'फिलिस्तीन को आजाद करो' और 'जायोनीवादियों को खत्म करो... वे आतंकवादी हैं' चिल्लाते हुए देखा गया। उसने प्रदर्शनकारियों पर एक फ्लेमथ्रोअर का इस्तेमाल किया था। ये शख्स सिर्फ जींस और धूप का चश्मा पहने था। उसने भीड़ को निशाना बनाया, जिससे इजरायल-हमास संघर्ष से जुड़े अपराधों के बढ़ने की आशंका बढ़ गई है।
करोल नवरोकी पोलैंड के राष्ट्रपति चुने गये
वारसॉ । पोलैड की विपक्षी लॉ एंड जस्टिस पार्टी के उम्मीदवार करोल नवरोकी राष्ट्रपति पद का चुनाव जीत गये हैं। श्री नवरोकी को 50.89 प्रतिशत मत मिले। चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित आंकड़ों के अनुसार शत-प्रतिशत मतों की गणना के बाद विपक्षी उम्मीदवार करोल नावरोकी पोलैंड के राष्ट्रपति चुने गए हैं। श्री नवरोकी को 50.89 प्रतिशत मत मिले।
चुनाव आयोग ने श्री नवरोकी के नाम के आगे लिखा, उन्हें दूसरे चरण के मतदान में चुना गया। सत्तारूढ़ सिविक गठबंधन के उम्मीदवार रफाल ट्रज़ाकोव्स्की को 49.11 प्रतिशत मत मिले।
कॉमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर 24 रुपए सस्ता
नई दिल्ली। सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों की ओर से रविवार को एलपीजी गैस सिलेंडर के नए रेट जारी कर दिए गए हैं। कंपनियों द्वारा 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमत में 24 रुपए की कटौती की गई है, जबकि घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
इंडियन ऑयल की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक, दिल्ली में 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमत कम होकर 1,723.50 रुपए हो गई है, जो कि पहले 1,747.50 रुपए थी। वहीं, कोलकाता में 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमत घटकर 1,826 रुपए हो गई है, जो कि बीते महीने 1,851.50 रुपए थी।
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर का दाम घटकर 1,674.50 रुपए रह गया है, जो कि पहले 1,699 रुपए था। चेन्नई में 19 किलो के कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर का दाम घटकर 1,881 रुपए हो गया है, जो कि मई में 1,906 रुपए था।
घरेलू एलपीजी गैस के दाम यथावत बने हुए हैं और उनमें कोई भी बदलाव नहीं हुआ है। आखिरी बार घरेलू एलपीजी गैस की कीमतों में 8 अप्रैल 2025 को बदलाव किया गया था। उस दौरान 14.2 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 50 रुपए का इजाफा किया गया था। घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमत दिल्ली में 853 रुपए, कोलकाता में 879 रुपए, मुंबई में 852.50 रुपए और चेन्नई में 868.50 रुपए है।
भारत घरेलू खपत का लगभग 60 प्रतिशत एलपीजी आयात करता है। देश में एलपीजी की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार से जुड़ी हुई है। इस कारण ऑयल मार्केटिंग कंपनियां समीक्षा के बाद हर महीने की पहली तारीख को नई कीमतें जारी करती हैं।
सरकार द्वारा संसद सत्र में पेश की गई जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) के तहत सब्सिडी वाली एलपीजी पाने वाले लाभार्थियों की संख्या इस साल 1 मार्च तक 10.33 करोड़ हो गई है, जबकि भारत में कुल सक्रिय घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं की संख्या 32.94 करोड़ है।
कामिल इदरीस ने ली सूडान के प्रधानमंत्री पद की शपथ
खार्तूम। कामिल इदरीस ने सूडान के नये प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ले ली है। श्री इदरीश ने सत्तारूढ़ संक्रमणकालीन संप्रभु परिषद के प्रमुख अब्देल फत्ताह अल-बुरहान के समक्ष शनिवार को शपथ ली।
परिषद ने एक बयान में कहा कि शपथ ग्रहण समारोह के बाद श्री बुरहान और परिषद अन्य सदस्यों ने श्री इदरीस से मुलाकात की और सरकार की प्राथमिकताओं पर चर्चा की, जिसमें अर्थव्यवस्था को स्थिर करना, नागरिक आजीविका की रक्षा करना और राज्यों में व्यवस्था बहाल करना शामिल है।
केदारनाथ यात्रा में हादसा: छत्तीसगढ़ के दो यात्रियों की मौत, चार घायल
रुद्रप्रयाग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से केदारनाथ यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं की गाड़ी पर उत्तराखंड के काकड़ागाड़ क्षेत्र में भारी बोल्डर गिरने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य घायल हो गए हैं। हादसा रुद्रप्रयाग शहर से करीब 30 किलोमीटर दूर हुआ।
मरने वालों में वाहन चालक और श्रद्धालु शामिल
मृतकों की पहचान राजेश रावत (वाहन चालक) और शैलेश कुमार यादव के रूप में हुई है, दोनों छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के निवासी थे। हादसा उस समय हुआ जब श्रद्धालुओं का वाहन केदारनाथ यात्रा मार्ग पर काकड़ागाड़ के पास से गुजर रहा था।
घायलों का इलाज अगस्त्यमुनि में जारी
घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, अगस्त्यमुनि ले जाया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक सभी घायलों की हालत स्थिर है, लेकिन वे अभी भी निगरानी में हैं।
यह दुखद हादसा केदारनाथ यात्रा मार्ग की खतरनाक भौगोलिक स्थितियों को फिर से उजागर करता है, जहां हर साल भारी बारिश और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाएं यात्रा में बाधा बनती हैं।
छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं के साथ हुई यह घटना बेहद दुखद है। केदारनाथ यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं को ऐसे हादसों से बचाने के लिए यात्रा मार्ग पर और अधिक सुरक्षा उपायों की आवश्यकता है। मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की गई है, वहीं घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की जा रही है।
NDA से 17 महिला कैडेट्स ने स्नातक की पढ़ाई पूरी की
पुणे। ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद शुक्रवार को पुणे के खडकवासला स्थित एनडीए परिसर में हुई 148वीं पासिंग आउट परेड में 17 महिला कैडेट्स ने इतिहास रच दिया। दरअसल, एनडीए के इतिहास में पहली बार हुआ है जब महिला कैडेट्स ग्रेजुएट हुई। यहां 300 से अधिक पुरुष कैडेट्स के साथ 17 महिला कैडेट्स ने स्नातक की पढ़ाई पूरी की। अब यह महिला कैडेट्स देश की सेनाओं में जाकर देश की सेवा करेंगी।
परेड के दौरान मिजोरम के राज्यपाल जनरल विजय कुमार सिंह, पीवीएसएम, एवीएसएम, वाईएसएम (सेवानिवृत्त) ने कहा कि आज अकादमी के इतिहास में एक विशेष रूप से महत्वपूर्ण दिन है। आज एनडीए से महिला कैडेट्स का पहला बैच पास आउट हुआ है। यह सबसे बड़ी समावेशिता और सशक्तिकरण की दिशा में हमारी सामूहिक यात्रा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है। ये युवा महिलाएं 'नारी शक्ति' का प्रतीक हैं, जो न केवल महिला विकास बल्कि महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि ये लड़कियों के लिए ट्रेनिंग का अंत नहीं है, बल्कि नई संभावनाओं की शुरुआत है।
उन्होंने सभी कैडेट्स के प्रदर्शन की प्रशंसा की और कहा कि यहां आना मेरे लिए सम्मान की बात है। एनडीए के बारे में आपको जो बात सबसे ज्यादा प्रभावित करती है, वह यह है कि कुछ भी नहीं बदला है, बल्कि सब कुछ बदल गया है। समय के साथ विकसित होते हुए भी इसके मूल मूल्य मजबूत बने हुए हैं। आज, 17 महिला कैडेट पास आउट हुईं, लेकिन आप उन्हें पहचान नहीं पाए। एनडीए ने उन्हें एकीकृत करने के लिए कितनी सहजता से काम किया है, इसकी खूबसूरती यही है। यह एक बदलाव की शुरुआत है जो उस समय के साथ तालमेल बिठाता है जिसमें हम आगे बढ़ रहे हैं।
इस अवसर पर वाइस एडमिरल गुरचरण सिंह भी मौजूद थे। एक औपचारिक फोटो सत्र आयोजित किया गया, जिसमें एनडीए से पास होने वाली पहली महिला कैडेट्स को दिखाया गया, जो राष्ट्रीय रक्षा में अधिक समावेशी भविष्य के प्रतीक के रूप में खड़ी थीं। परेड से पासआउट होने वाली यह महिलाएं भविष्य में उन महिलाओं के लिए एक उम्मीद के तौर पर उभरेंगी जो देश के लिए कुछ करने का जज्बा रखती हैं।
आतंकियों को मिट्टी में मिलाया,अपना वचन पूरा करने के बाद बिहार आया
सासाराम। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार में 48,520 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, आज मुझे इस पवित्र भूमि पर बिहार के विकास को नई गति देने का सौभाग्य मिला है। यहां करीब 50 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास हुआ है। आप सब बड़ी संख्या में हमें आर्शीवाद देने आए हैं। आपका ये स्नेह और बिहार का ये प्यार मैं इसे हमेशा सर आंखों पर रखता हूं।
मोदी ने कहा, अभी पहलगाम में आतंकी हमला हुआ था, हमारे कितने निर्दोष नागरिक मारे गए। इस जघन्य आतंकी हमले के एक दिन बाद मैं बिहार आया था और मैंने बिहार की धरती से देश से वादा किया था, वचन दिया था। बिहार की धरती से आंख में आंख मिलाकर हमने कहा दिया था कि आतंक और आतंक के आकाओं के ठिकानों को मिट्टी में मिला दिया जाएगा। बिहार की धरती से मैंने कहा था कि उन्हें कल्पना से भी बड़ी सजा मिलेगी। आज जब भी मैं बिहार आया हूं तो अपना वचन पूरा करने के बाद आया हूं।
नरेंद्र मोदी ने कहा, जिन लोगों ने पाकिस्तान में बैठकर हमारी बहनों का सिंदूर उजाड़ा था, हमारी सेना ने उनके ठिकानों को खंडहर में बदल दिया।भारत की बेटियों के सिंदूर की शक्ति क्या होती है ये पाकिस्तान ने भी देखा और दुनिया ने भी देखा! जिस पाकिस्तानी सेना की छत्रछाया में आतंकी खुद को सुरक्षित मानते थे। हमारी सेनाओं ने एक ही झटके में उनको भी घुटनों पर ला दिया। पाकिस्तान के एयरबेस, उनके सैन्य ठिकाने हमने कुछ ही मिनट में तबाह कर दिए। ये नया भारत है, ये नए भारत की ताकत है।
पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट, 4 की मौत, 20 से अधिक घायल
पंजाब। पंजाब के श्री मुक्तसर साहिब जिले में कल देर रात एक पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई, जबकि 20 से अधिक लोग घायल हो गए हैं। घायलों में कई की हालत गंभीर बताई जा रही है और उन्हें नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विस्फोट इतना तेज था कि फैक्ट्री की इमारत पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और आसपास के मकानों की खिड़कियां तक टूट गईं। धमाके के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। राहत और बचाव कार्य में जुटी टीमों ने मलबे से कई लोगों को बाहर निकाला।
स्थानीय प्रशासन और दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने की कोशिश की गई। पुलिस ने फैक्ट्री मालिक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है कि फैक्ट्री के पास वैध लाइसेंस था या नहीं।
पूर्व पीएम चौधरी चरण सिंह को पुण्यतिथि पर उपराष्ट्रपति ने दी श्रद्धांजलि
नई दिल्ली। भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की आज पुण्यतिथि है। चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि के अवसर पर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने गुरुवार सुबह नई दिल्ली में स्थित किसान घाट पर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने चौधरी चरण सिंह को भी याद किया। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने मीडिया से बात करते हुए कहा, किसान हमारे देश की रीढ़ हैं।
वे हमारी सामाजिक और आर्थिक व्यवस्था का मूल हैं। चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि हमें इसकी याद दिलाती है। उनका पूरा जीवन किसानों और ग्रामीण समुदायों के कल्याण के लिए समर्पित था। 1939 में जब देश आजाद नहीं हुआ था, तो उस दौरान उन्होंने किसानों को सूदखोरों से मुक्त करने और उनका लोन माफ करने के लिए अहम भूमिका निभाई। उन्होंने कहा, चौधरी चरण सिंह का पूरा जीवन किसानों और गांवों के लिए समर्पित था। उन्होंने आजादी से पहले के भारत में भी किसानों के लिए काम किया।
उन्होंने उन किसानों को जमीन का मालिकाना हक दिलाने में अहम भूमिका निभाई, जो खेती करते थे, लेकिन उस पर उनका अधिकार नहीं था। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने विकसित भारत की बात करते हुए कहा, आज जरूरत है कि जब हम विकसित भारत की बात करें, तो इसका मतलब ये न हो कि हमारी अर्थव्यवस्था किस रैंक पर है। विकसित भारत को परिभाषित करने और इसे जमीनी हकीकत बनाने के लिए सभी की आय को 8 गुना बढ़ाने की जरूरत है।
किसानों को दूरदर्शी होने की जरूरत है। आज हमारे किसान सिर्फ उत्पादन तक ही सीमित हैं, लेकिन मेरा उनसे अनुरोध है कि यही समय है कि वे सबसे बड़े व्यापार में शामिल हों, जो कृषि या पशुपालन से जुड़ा है। इसके अलावा, उपराष्ट्रपति के आधिकारिक एक्स हैंडल से कुछ तस्वीरें शेयर की गई हैं। उन्होंने एक्स पर लिखा, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने आज नई दिल्ली के किसान घाट पर पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को उनकी पुण्यतिथि पर पुष्पांजलि अर्पित की।
पूर्व केंद्रीय मंत्री सुखदेव सिंह ढींडसा का निधन
चंडीगढ़। शिरोमणि अकाली दल (टकसाली) के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुखदेव सिंह ढींडसा का बुधवार को निधन हो गया। 89 वर्षीय ढींडसा लंबे समय से बीमार चल रहे थे और राजनीतिक गतिविधियों से भी कुछ हद तक दूर हो चुके थे। उनके निधन से पंजाब की राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई है।
सुखदेव सिंह ढींडसा का राजनीतिक जीवन बेहद समर्पण और सादगी से भरा रहा। वे लंबे समय तक शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) से जुड़े रहे और पार्टी के वरिष्ठतम नेताओं में गिने जाते थे। पार्टी में उन्हें संरक्षक की भूमिका भी सौंपी गई थी। हालांकि, मतभेद के चलते उन्हें पिछले वर्ष पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में शिरोमणि अकाली दल से निष्कासित कर दिया गया था।
इसके बाद उन्होंने शिरोमणि अकाली दल (टकसाली) से नाता जोड़ा और एक बार फिर राजनीतिक मंच पर सक्रिय होने की कोशिश की। बीते कुछ वर्षों से ढींडसा की तबीयत लगातार खराब चल रही थी। वे कई बीमारियों से ग्रसित थे और इसी कारण उन्होंने सार्वजनिक जीवन से भी दूरी बना ली थी। बुधवार को उन्होंने अंतिम सांस ली।
ढींडसा ने 1972 में धनौला से अपना पहला विधानसभा चुनाव जीता था। इसके बाद वे 1977 में सुनाम, 1980 में संगरूर और 1985 में फिर से सुनाम से विधायक निर्वाचित हुए। वे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में रसायन एवं उर्वरक मंत्री और खेल मंत्री के रूप में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके थे।
मस्क ने छोड़ा ट्रंप का साथ, सलाहकार पद से दिया इस्तीफा
वाशिंगटन । एलन मस्क ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वरिष्ठ सलाहकार के रूप में अपनी भूमिका से हटने की घोषणा की है, जिससे सरकारी दक्षता विभाग (डीओजीई) के साथ विशेष सरकारी कर्मचारी के रूप में उनका कार्यकाल समाप्त हो जाएगा। टेस्ला और स्पेसएक्स के प्रमुख और अरबपति उद्यमी एलन मस्क को संघीय नौकरशाही को सुव्यवस्थित करने और बेकार सरकारी खर्च को कम करने के प्रयासों का नेतृत्व करने का काम सौंपा गया था।
बुधवार को एक्स पर हुए मस्क ने अपनी बात रखी। उन्होंने सेवा का अवसर देने के लिए आभार जताया। मस्क ने लिखा, "विशेष सरकारी कर्मचारी के रूप में मेरा निर्धारित कार्यकाल समाप्त हो रहा है, ऐसे में मैं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सरकारी खर्च को कम करने के दिए गए अवसर के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं।
उन्होंने कहा, डीओजीई मिशन समय के साथ और मजबूत होता जाएगा। मस्क की यह घोषणा ट्रंप के विधायी एजेंडे की आधारशिला की सार्वजनिक रूप से आलोचना करने के ठीक एक दिन बाद आई है। सीबीएस के साथ एक साक्षात्कार में टेस्ला के सीईओ मस्क ने ट्रंप की ओर से कहे गए "बड़े सुंदर विधेयक" पर निराशा व्यक्त की, जिसमें व्यापक कर कटौती के साथ-साथ कठोर आव्रजन प्रवर्तन का प्रावधान है।
इस विधेयक को बहुत बड़ा व्यय विधेयक बताते हुए मस्क ने कहा कि यह उनके विभाग के लक्ष्यों के विपरीत है। उन्होंने कहा, इससे संघीय घाटा बढ़ता है और डीओजीई का काम कमजोर होता है। बिल की ब्रांडिंग पर कटाक्ष करते हुए मस्क ने कहा, मुझे लगता है कि एक बिल बड़ा भी हो सकता है और सुंदर भी। लेकिन मुझे नहीं पता कि यह दोनों भी हो सकता है या नहीं।
ट्रंप ने बुधवार को ओवल ऑफिस में पत्रकारों के साथ संक्षिप्त बातचीत के दौरान मस्क की आलोचना का जवाब दिया। विधेयक का बचाव करते हुए ट्रंप ने विधेयक पर बातचीत करने में आने वाली चुनौतियों को स्वीकार किया। उन्होंने कहा, मैं इसके कुछ पहलुओं से खुश नहीं हूं, लेकिन मैं इसके अन्य पहलुओं से रोमांचित हूं। उन्होंने सुझाव दिया कि विधेयक में अभी भी संशोधन हो सकते हैं। उन्होंने कहा, हम देखेंगे कि क्या होता है। इसे अभी बहुत आगे जाना है।
सेना-नौसेना-वायु सेना में एकीकृत सैन्य कमान के लिए नियम तय
नई दिल्ली। भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच केंद्र सरकार ने सेना, नौसेना और वायु सेना में एकीकृत सैन्य कमान के लिए नियम अधिसूचित किए। सरकार ने यह कदम ऐसे वक्त उठाया है, जब 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया था। इसके बाद पकिस्तान ने भारत में नागरिक और सैन्य ठिकानों पर हमले की साजिश रची, जिसे भारतीय सशस्त्र बलों ने नाकाम कर दिया।
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, सरकार ने अंतर-सेवा संगठन (कमांड, नियंत्रण और अनुशासन) अधिनियम 2023 के तहत नियमों को अधिसूचित किया है, जो सशस्त्र बलों में अधिक संयुक्तता और कमांड दक्षता को मजबूत करेगा। अंतर-सेवा संगठन (कमांड, नियंत्रण और अनुशासन) अधिनियम 2023 के तहत तैयार नियमों को राजपत्र अधिसूचना के माध्यम से अधिसूचित किया गया है। यह 27 मई से लागू हो गए हैं।
इस अहम कदम का मकसद अंतर-सेवा संगठनों (आईएसओ) के प्रभावी कमांड, नियंत्रण और कुशल कामकाज को बढ़ावा देना है। इससे सशस्त्र बलों के बीच संयुक्तता और तालमेल मजबूत होगा। हाल ही में लागू किया गया अधिनियम अंतर-सेवा संगठनों (आईएसओ) के कमांडर-इन-चीफ और वरिष्ठ अधिकारियों को अपने अधीन कर्मियों का नेतृत्व और प्रबंधन करने का अधिकार देता है। इससे सशस्त्र बलों की प्रत्येक शाखा पर लागू होने वाले विशिष्ट नियमों और शर्तों में बदलाव किए बिना अनुशासन और सुचारू प्रशासन बनाए रखने में मदद मिलती है।
अधिनियम 10 मई, 2024 से प्रभावी हुआ था
विधेयक को 2023 के मानसून सत्र के दौरान संसद के दोनों सदनों की ओर से पारित किया गया था। इसे 15 अगस्त, 2023 को राष्ट्रपति की स्वीकृति मिल गई थी। 8 मई 2024 की राजपत्र अधिसूचना के मुताबिक, यह अधिनियम 10 मई, 2024 से प्रभावी हुआ।
इससे क्या फायदा?
अधिनियम आईएसओ के कमांडर-इन-चीफ और ऑफिसर-इन-कमांड को प्रत्येक सेवा की विशिष्ट व्यक्तिगत सेवा की शर्तों को बिना छेड़े, अनुशासन और प्रशासन को प्रभावी बनाए रखने के लिए अपने अधीन सेवारत सेवा कर्मियों पर नियंत्रण रखने का अधिकार देता है। इससे आईएसओ के प्रमुखों को सशक्त बनाकर कई कार्यवाहियों से बचाकर मामलों के शीघ्र निपटान का मार्ग प्रशस्त होगा। यह सशस्त्र बल कर्मियों के बीच अधिक एकीकरण और एकजुटता की दिशा में एक कदम है।
तीन दिन में पांच राज्यों का धुआंधार दौरा करेंगे पीएम मोदी
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार पांच राज्यों के दौरे पर रहेंगे। वह तीन दिन के अंदर पांच अलग-अलग राज्य जाएंगे, जहां कई रैलियां और सभाओं को संबोधित करेंगे। पीएम मोदी 29 मई को सबसे पहले सिक्किम जाएंगे, जहां वह ‘सिक्किमएट50: जहां प्रगति उद्देश्य से मिलती है और प्रकृति विकास को पोषित करती है’ कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे।
सिक्किम में प्रधानमंत्री मोदी कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे और उनका उद्घाटन करेंगे। इनमें नमची जिले में 750 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाला 500 बिस्तरों का नया जिला अस्पताल, गंगटोक जिले के संगखोला में अटल अमृत उद्यान में भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा की स्थापना, सिक्किम के 50 वर्ष पूरे होने पर स्मारक सिक्का, स्मृति सिक्का और डाक टिकट भी जारी किया जाएगा। इस दौरान प्रधानमंत्री एक सभा को भी संबोधित करेंगे।
इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी उसी दिन दोपहर 2:15 बजे अलीपुरद्वार और कूचबिहार जिलों में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) परियोजना की आधारशिला रखेंगे। इसके अलावा, बंगाल को कई अन्य योजनाओं की सौगात देने के बाद प्रधानमंत्री बिहार रवाना होंगे। यहां वह पटना में एयरपोर्ट से भाजपा मुख्यालय तक एक विशाल रोड शो करेंगे। 29 मई को शाम करीब 5:45 बजे पटना एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन करेंगे। पटना में रात भर रुकने के बाद प्रधानमंत्री 30 मई की सुबह 11 बजे बिहार के काराकाट में 48,520 करोड़ रुपए की योजनाओं की सौगात देंगे। वे यहां एक सार्वजनिक समारोह को भी संबोधित करेंगे।
बिहार दौरे पर 48,520 करोड़ रुपए की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करने के बाद पीएम मोदी यूपी दौरे पर रवाना होंगे। यहां वह लगभग 20,900 करोड़ रुपए की कई परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। पीएम मोदी कानपुर के सीएसए ग्राउंड में एक जनसभा भी करेंगे।
इसके अलावा, प्रधानमंत्री मोदी 31 मई को मध्य प्रदेश के दौरे पर जाएंगे। सीएम मोहन यादव ने एक्स पर एक पोस्ट शेयर कर बताया कि पीएम मोदी 31 मई को भोपाल में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती पर आयोजित महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम और महिला सम्मेलन में सहभागिता करेंगे।
मध्य प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के मुताबिक, 31 मई को पीएम मोदी का मध्य प्रदेश दौरा है। यहां वह वर्चुअली इंदौर मेट्रो ट्रेन की सौगात देंगे। सतना और दतिया में नव निर्मित एयरपोर्ट का उद्घाटन करेंगे।