शिक्षा
मैट्स विश्वविद्यालय में पांच दिवसीय संकाय विकास कार्यक्रम (FDP) आयोजित
स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मैनेजमेंट स्टडीज- मैट्स यूनिवर्सिटी ने एडवांस रिसर्च मेथडोलॉजी एंड पब्लिशिंग विषय पर अपना प्रतिष्ठित पांच दिवसीय एफडीपी कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें पिछले पांच दिनों में अनुसंधान के विभिन्न पहलुओं से विभिन्न उप विषयों को शामिल किया गया, एफडीपी 15 जनवरी 2024 को शुरू हुआ और 19 जनवरी 2024 तक चला। इस एफडीपी में मुख्य वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए और शोध के विभिन्न आयामों पर अपने बहुमूल्य विचार साझा किए
छत्तीसगढ़ में गर्मी छुट्टी का आदेश जारी 24 अप्रैल से होगी गर्मियों की छुट्टी अब इतने तारीख को खुलेंगे स्कूल देखे आदेश...
छत्तीसगढ़ में गर्मी की वजह से स्कूलों में गर्मी की छुट्टी सरकार ने 24 अप्रैल से स्कूलों की छुट्टी करने का आदेश जारी कर दिया है । अब 15 जून तक स्कूलों में छुट्टी रहेगी । उसके बाद नया शिक्षा सत्र शुरू होगा ।
*राशि लेकर फूड सेफ्टी मित्र बनाने और हर महीने वेतन देने संबंधी सोशल मीडिया पर प्रसारित विज्ञापन गलत एवं भ्रामक*
*एफ.एस.एस.ए.आई. द्वारा निर्धारित विशिष्ट प्रक्रिया एवं मापदंडों को पूरा करने पर ही बन सकते हैं फूड सेफ्टी मित्र*
*फूड सेफ्टी मित्र सेन्ट्रल फूड सेफ्टी ऑफिसर का जॉब नहीं, होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, फूड कॉर्नर में जाकर पूछताछ करना, फूड लायसेंस बनाना, ऑडिट करना फूड सेफ्टी मित्र का काम नहीं*
*किसी कंपनी या व्यक्ति द्वारा ऐसा प्रलोभन देने पर नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन के पास कर सकते हैं शिकायत*
रायपुर: राशि लेकर फूड सेफ्टी मित्र बनाने और हर महीने वेतन देने संबंधी सोशल मीडिया पर प्रसारित विज्ञापन गलत एवं भ्रामक है। नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन कार्यालय के अधिकारियों को मिली सूचना के अनुसार कुछ निजी कंपनियां युवाओं को फूड सेफ्टी मित्र बनाने के बहाने 20 हजार रुपए से एक लाख रुपए तक की राशि की मांग कर रहे हैं। उन्हें हर महीने वेतन देने का भी प्रलोभन दिया जा रहा है, जो कि पूर्णतः गलत एवं भ्रामक है। अज्ञात कंपनियां सोशल मीडिया के माध्यम से विज्ञापन में फूड सेफ्टी मित्र को सेन्ट्रल फूड सेफ्टी ऑफिसर का जॉब बता रहे है एवं उनका कार्य होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, फूड कॉर्नर में जाकर पूछताछ करना, फूड लायसेंस बनाना, ऑडिट करना आदि बता रहे हैं जो कि गलत एवं भ्रामक है।
राज्य शासन का खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग इस तरह के किसी भी विज्ञापन का खंडन करता है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे इस प्रकार के किसी भी प्रलोभन वाले विज्ञापन में विश्वास न करें और यदि कोई व्यक्ति या कंपनी ऐसा प्रलोभन देता है तो इसकी शिकायत कार्यालय नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, ब्लॉक-1, चतुर्थ तल, इंद्रावती भवन, अटल नगर नवा रायपुर के टेलीफोन नम्बर 0771-2235226, फैक्स नम्बर 2511988, ईमेल आईडी controllerraipur@gmail.com या फिर पुलिस में कर सकते हैं।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि फूड सेफ्टी मित्र को किसी भी खाद्य प्रतिष्ठान में खाद्य अनुज्ञप्ति या खाद्य पंजीयन की जांच करने या कार्यवाही करने की अनुमति नहीं है और न ही उसे कोई वेतन की पात्रता है। अगर वह ऐसा करता है तो वह दण्ड का पात्र होगा। खाद्य व्यापारियों के अनुरोध पर फूड सेफ्टी मित्र द्वारा खाद्य अनुज्ञप्ति, खाद्य पंजीयन एवं वार्षिक टर्न-ओवर के ऑनलाइन आवेदन करने में सहयोग किया जाता है। इसके लिए उन्हें एफ.एस.एस.ए.आई. (Food Safety and Standards Authority of India) द्वारा निर्धारित इन्सेन्टिव (Incentive) मिलता है। फूड सेफ्टी मित्र द्वारा प्रत्येक कार्य का बिल या रसीद खाद्य कारोबारकर्ताओं को दिया जाना आवश्यक है।
अधिकारियों ने बताया कि फूड सेफ्टी मित्र (खाद्य सुरक्षा मित्र) भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) नई दिल्ली की एक पहल है। इसके अंतर्गत स्नातक उत्तीर्ण युवा भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण द्वारा निर्धारित ऑनलाइन प्रशिक्षण मॉड्यूल में भाग लेकर फूड सेफ्टी मित्र बन सकते हैं। इसके लिए एक विशिष्ट प्रक्रिया एवं मापदंड निर्धारित की गई है।
फूड सेफ्टी मित्र बनने के लिए सबसे पहले किसी भी व्यक्ति को स्वयं से फूड सेफ्टी मित्र के पोर्टल में जाकर ऑनलाइन पंजीयन करना होगा। पंजीयन के बाद आवेदक को ऑनलाइन पांच प्रशिक्षण मॉड्यूल का अध्ययन करना होगा। प्रत्येक मॉड्यूल के बाद दस बहुउत्तरीय प्रश्न आते हैं, जिनमें से छह प्रश्नों का ज्ञान होना आवश्यक है। प्रत्येक मॉड्यूल में निर्धारित छह प्रश्नों का सही ज्ञान होने के बाद ही अगला मॉड्यूल खुलता है। अंत में प्राधिकरण 100 प्रश्नों का एक ऑनलाइन परीक्षा आयोजित करता है, जिसमें 100 अंक होते हैं। फूड सेफ्टी मित्र बनने के लिए आवेदक को 100 में से 75 अंक प्राप्त करना अनिवार्य है। ऑनलाइन परीक्षा पास करने के बाद आवेदक को पांच हजार रुपए का सुरक्षा निधि जमा करना होता है। इसके बाद ही आवेदक को खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण, नई दिल्ली द्वारा फूड सेफ्टी मित्र का प्रमाण पत्र प्रदान किया जाता है।
शिक्षण एवं अभीगम मै प्रयुक्त विभिन्न दार्शनिक बिंदुओं पर की चर्चा
शिक्षक हर दिन क्लास में नई तकनीक से कराए अध्यापन कुलपति प्रोफेसर सुमेर सिंह
महंत लक्ष्मीनारायण दास महाविद्यालय एवं विप्र व कला एवं शिक्षण महाविद्यालय के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित कार्यशाला का तीसरा दिन
रायपुर: महंत लक्ष्मीनारायण दास महाविद्यालय एवं विप्र कला एवं शिक्षण महाविद्यालय के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित शिक्षा शास्त्र एवं नई शिक्षा नीति पर आयोजित सात दिवसीय कार्यशाला के तीसरे दिन शिक्षण एवं अभी गम में प्रयुक्त विभिन्न दार्शनिक बिंदुओं पर चर्चा रखी गई जिसमें आई आई एम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सुमेर सिंह ने विषय पर विस्तार से चर्चा रखी और यह बताया की शिक्षक को हर दिन क्लास में उत्साह बनाए रखने के लिए नई नई शिक्षण तकनीक का इस्तेमाल करना चाहिए उनका कहना था कि ऐसे में इन विधियों से क्लास में विद्यार्थी का उत्साह बना रहता है और शिक्षक को भी सीखने की प्रवृत्ति पर जाकर हर दिन अध्ययन और अध्यापन की प्रवृत्ति में नया करने का प्रयास करना चाहिए वर्तमान नई शिक्षा नीति में कई बातें इस प्रकार की शामिल है जो इन बिंदुओं पर दृष्टि डालती हैं
उन्होंने कहां की कार्यशाला में कई शिक्षक किस प्रकार के हो सकते हैं जो टीचर्स बाई चॉइस होंगे ऐसे में इन सभी शिक्षकों को नए-नए इनोवेटिव आइडिया के साथ सीखने की और सिखाने की प्रवृत्ति रखनी होगी क्योंकि शिक्षक क्लास को संभालने के दौरान नई तकनीक का उपयोग करता है तो उसे इस बात का आभास होना चाहिए कि वह तकनीक क्या है यही नहीं उनका कहना था कि शिक्षा की तकनीक में नए प्रयोगों को अपनाते हुए अन्य शिक्षकों के बीच बांटने की भी आवश्यकता को समझना चाहिए इससे उस तकनीक का विस्तार होगा और शिक्षक का भी अध्ययन अध्यापन बेहतर होगा प्रोफेसर सुमेर सिंह एकदम पाकी के हिस्से को उदाहरण के रूप में कार्यशाला के दौरान प्रस्तुत करते हुए यह बताया कि नहीं शिक्षक दिखने के कौन से ऐसे बिंदु हैं |
जो वर्तमान में शिक्षकों के लिए बेहद जरूरी है क्योंकि शिक्षा जगत में नकारात्मकता और सकारात्मकता दोनों की आवश्यकता बराबर की है यहां तक की श्री सिंह ने पुराने अध्यापन कराए गए विषय को संदर्भ के रूप में उपयोग करने की चर्चा रखी और कहा कि ऑनलाइन तकनीक का जितना अधिक उपयोग आप शिक्षक शिक्षण में करेंगे उतने सफल घोषित होंगे शिक्षण कौशल के ऊपर बातचीत के दौरान कुलपति सुमेर सिंह ने यह भी कहा की शिक्षक को शिक्षण कौशल तुलनात्मक अध्यापक को भी अपनाने की आवश्यकता है आत्मविश्वास गरिमा साहस खुलकर रखने वाली चर्चाएं होनी चाहिए|
उन्होंने कहा कि शिक्षक में नई चुनौतियों को नई तकनीक को स्वीकारते हुए साहस के साथ पढ़ाने की कला भी आनी चाहिए क्या नई तकनीक है क्या लाए प्रयास हो रहे हैं यह भी शिक्षा का हिस्सा होना चाहिए वहीं आयोजन में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ देवाशीष मुखर्जी ने स्वागत उद्बोधन कुलपति सुमेर सिंह का परिचय रखा और कहा कि कार्यशाला में पहले 2 दिन बहुत लाभकारी चर्चाएं हुई है और यह विश्वास करते हैं कि आने वाली कार्यक्रम में यह चर्चाएं और उत्साह बना रहेगा उन्होंने बताया कि शिक्षा में समन्वय किस प्रकार से लाया जा सकता है इस पर भी अवश्य चर्चा हो रही है और यह कार्यशाला उसका एक उदाहरण पेश करती है
आज के आयोजन में विशेष रुप से पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय लॉ डिपार्टमेंट के डॉक्टर आलेख साहू एवं कुसुम ताई दबके विधि महाविद्यालय की डॉक्टर प्रीति सतपति और डॉक्टर तपेश गुप्ता की विशेष मौजूदगी रही
*रीपा ने बदली ग्रामीण महिलाओं की तक़दीर*
*सफलता की कहानी*
*समूह की महिलाएं बना रहीं स्वादिष्ट नमकीन*
रायपुर : राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत बने गौठान में संचालित किए जा रहे रूरल इंडस्ट्रियल पार्क (रीपा) से ग्रामीण महिलाओं की तकदीर बदल रही है। ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास के सकारात्मक और बेहतर परिणाम सामने आने लगे हैं। महिलाएं अब खुद हुनरमंद होकर छोटे-छोटे रोजगार के जरिये स्वावलंबी बनने की ओर अग्रसर होने लगी हैं। महासमुंद जिले के बाग़बाहरा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम एम.के. बाहरा में ऐसी ही एक जय माँ लक्ष्मी महिला स्व-सहायता समूह नमकीन सलोनी (मठरी) बनाकर अपनी स्वांवलंबन की राह पर अग्रसर हो रही हैं। समूह की महिलाओं को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के द्वारा एक माह का प्रशिक्षण भी दिया गया है।
माँ लक्ष्मी महिला स्व-सहायता समूह में दस महिलाएं हैं, जो विभिन्न प्रकार के स्वादिष्ट नमकीन बनाने में जुटी हुई हैं। यहां के गौठान में रूरल इंडस्ट्रियल पार्क (रीपा) के तहत स्थापित नमकीन बनाने की मशीन और पैकेजिंग मशीन से समूह की तकदीर बदल रही है, महिलाओं की आय भी बढ़ रही है। महिला समूह द्वारा तैयार की हुई नमकीन सलोनी (मठरी) का आसपास के स्थानीय बाज़ारों के साथ ज़िले के अन्य दुकानों, घरों में भी जल्द चाय की चुस्की के साथ स्वाद लेते देखा जा सकता है। साथ ही स्थानीय बाज़ार में मांग के अनुरूप स्व-सहायता समूह की महिलायें विभिन्न प्रकार के नमकीन, सलोनी (मठरी) बनाने में जुटी हैं। समूह की महिलाओं ने बताया कि इन खाद्य सामग्री के नाम का पंजीयन कराकर इसे बाज़ार में उतारा जाएगा, वर्तमान में सैंपल के तौर पर बनाना शुरू किया है।
समूह की अध्यक्ष श्रीमती योगेश्वरी साहू और सचिव श्रीमती तुमेश्वरी साहू बताती हैं कि पहले वे सभी खेती-बाड़ी का काम करती थीं, जिससे उन्हें कम आमदनी होती थी, कम आमदनी के कारण परिवार का भरण पोषण करने में परेशानी होती थी। राज्य शासन की महत्वाकांक्षी योजना अंतर्गत गौठान बनाये जाने से गांव की महिलाओं को काम मिलने लगा है। समूह की महिलाएं वर्मी खाद बनाकर अच्छी खासी आमदनी अर्जित कर रही हैं। हाल ही में उनके द्वारा डेढ़ क्विंटल से अधिक नमकीन (सलोनी) बनाकर उसकी पैकेजिंग की जा चुकी है। स्थानीय बाज़ार और हाट बाज़ार में जाकर प्रचार-प्रसार कर इसे बेच दी हैं। इसके अलावा घर-घर जाकर भी अपने उत्पाद के संबंध में जानकारी दे रही हैं। आगे इन सभी खाद्य सामग्रियों को सी-मार्ट के ज़रिए भी विक्रय किया जाएगा।
ठगों का पैंतरा लुभावने लालसे तक, फिर निवेश करवाकर ठगी तक
ठगों ने पढ़े-लिखे भी चक्कर में फंसाए हुए लोगों को धोखा देकर बड़े मुनाफे की ठगी की है। किसी से 20 लाख तक और किसी से 15 लाख रुपये तक के निवेश करवाकर, ये ठग लोगों को चक्कर में फंसा चुके हैं। युवा, डॉक्टर, इंजीनियर और अन्य व्यावसायिक लोग भी इनके शिकार बन गए हैं। इस तरह की ठगी के मामले रोजाना बढ़ते जा रहे हैं और इन ठगों का ऑपरेशन विदेशों से चल रहा है। वे पैसे हवाले के जरिए भारत से बाहर भेजे जाते हैं। साइबर पुलिस इन नए-नए पैंतरों से परेशान है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, ठगों का एक गिरोह दुबई से ठगी कर रहा है। इस गिरोह ने मुंबई और गुजरात में बैंक खाते खोलवाए और फिर ठगी के पैसे उन खातों में डालवाए। इसके बाद, पैसे हवाले के रास्ते भारत से बाहर चले जाते हैं। ये ठगों विदेशी नंबरों से व्हाट्सऐप के जरिए विक्टिम्स को झांसा देते हैं। उन्हें छोटे-मोटे अमाउंट वापस कर दिया जाता है और जब विक्टिम भारी निवेश करता है, तो ठग उन्हें फंसा देते हैं।
इस मामले में आर्थिक अपराध निदेशकता (ED) भी जांच कर सकती है। इन खातों को किसके नाम से खोलवाया गया है उसकी जांच भी होगी।
साइबर ठगों को डुबई से डिपोर्ट कराने की तैयारी हो रही है। पुलिस इन ठगों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करेगी और उन्हें गिरफ्तार करेगी। ध्यान रखने योग्य बातें हैं: विदेशी नंबर से मेसेज आने पर नजरअंदाज न करें, यूट्यूब चैनल को लाइक और सब्सक्राइब करने पर पैसे नहीं मिलते, किसी से पैसे मांगने पर सतर्क रहें, और ध्यान रखें कि किसी भी विदेशी नंबर से आने वाले कॉल्स को तुरंत ब्लॉक करें। यदि आपको इस तरह की ठगी का शिकार होने का शक हो तो आप 1930 नंबर पर कॉल कर सकते हैं और शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। यह नंबर गृह मंत्रालय के साइबर
क्राइम पोर्टल का सेंट्रलाइज नंबर है, जो पूरे देश में लागू है। इसके साथ ही गृह मंत्रालय के साइबर क्राइम पोर्टल cybercrime.gov.in पर भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं। आपको अपने शिकायत के बारे में अपने बैंक को जानकारी देनी चाहिए और खाते को ब्लॉक कराना चाहिए। आप अपने मोबाइल कंपनी को भी कॉल करके अपने सिम को ब्लॉक करा सकते हैं। अगर आपको इन ठगों से धोखा मिला है, तो आपको नजदीकी पुलिस स्टेशन में जाकर शिकायत दर्ज करवानी चाहिए। शिकायत दर्ज करने के लिए बैंक पासबुक रिकॉर्ड, आईडी, और पते का प्रूफ जमा करना होगा।
डायरिया होने पर शरीर में पानी की कमी न होने दें,दूषित पानी से होता है डायरिया
बच्चों के लंबे समय तक डायरिया पीड़ित रहने से शरीर और मस्तिष्क के विकास पर पड़ता है बुरा असर
रायपुर: बरसात के मौसम में कई बीमारियों की आशंका रहती है। डायरिया भी इनमें से एक है। डायरिया दूषित जल के सेवन से होने वाली बीमारी है जो जरा सी लापरवाही के चलते गंभीर रूप धारण कर सकती है तथा इससे व्यक्ति की मृत्यु भी हो सकती है। छोटे बच्चों में डायरिया की बीमारी बहुत खतरनाक हो सकती है, क्योंकि यह बच्चे को एक दिन में ही बहुत ज्यादा कमजोर कर देता है। भारत में जन्म से पांच वर्ष तक के बच्चों में मृत्यु का सबसे बड़ा कारण डायरिया है।
डायरिया के प्रमुख लक्षणों में बार-बार मल त्याग करना, मल बहुत पतला होना, तीव्र दशाओं में रोगी के पेट के पूरे निचले भाग में दर्द और बेचैनी महसूस होना प्रमुख है। बीमारी बढ़ने पर आंतों में मरोड़ या पेट के निचले हिस्से में तेज दर्द भी होने लगता है। डायरिया जल्दी काबू में न आए तो निर्जलीकरण (Dehydration) की स्थिति पैदा हो सकती है। इससे मरीज कमजोरी महसूस करता है। ऐसी स्थिति में बुखार आना सामान्य बात है। शरीर में पानी के साथ खनिज तत्वों की ज्यादा कमी होने लगे तो मरीज बेहोशी की हालत में जा सकता है और स्थिति जानलेवा हो सकती है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, अगर दिन में तीन से ज्यादा बार पानी के साथ अधिक मात्रा में मलत्याग हो रहा हो तो यह डायरिया का लक्षण है। डायरिया में रोगी के शरीर में पानी की अत्यधिक कमी हो जाती है जिससे उसका शरीर कमजोर हो जाता है। इसके बाद शरीर में संक्रमण फैलने का खतरा बहुत बढ़ जाता है। उचित समय पर सही इलाज नहीं होने पर रोगी की जान भी जा सकती है। सामान्य रूप से डायरिया तीन से सात दिनों में ही ठीक हो पाता है। चिकित्सा विज्ञान के अनुसार तीन तरह के वायरस खासतौर से डायरिया का संक्रमण फैलाते हैं। ‘नोरो-वायरस’ और ‘रोटा-वायरस’ पांच साल से कम उम्र के बच्चों को सबसे ज्यादा संक्रमित करते हैं। वयस्कों को भी ये अपना शिकार बना सकते हैं। ‘एडेनो-वायरस’ किसी भी उम्र के व्यक्ति के लिए डायरिया का कारण बन सकता है।
संचालक, महामारी नियंत्रण डॉ. सुभाष मिश्रा ने बताया कि डायरिया से बचाव के लिए व्यक्तिगत स्वच्छता तथा स्वस्थ जीवन-शैली जरूरी है। शरीर में पानी और नमक की कमी को दूर करना डायरिया का सबसे सही घरेलू उपचार है। इसके लिए ओआरएस व जिंक के सेवन की सलाह दी जाती है। डॉ. मिश्रा ने बताया कि तेल-मसालों वाले खाने से परहेज करना चाहिए। डायरिया होने पर पहले दो दिन तक बच्चे को फल, कैफिनयुक्त पेय पदार्थ, दूध और वसायुक्त भोजन न दें। केला, चावल, सेब का मुरब्बा और टोस्ट का मिश्रण जिसे ब्राट कहते हैं, के सेवन से डायरिया में आराम मिलता है। रोगी की देखभाल के बाद अपने हाथ व उपयोग में लाई गई चीजों को अच्छी तरह से साफ कर या विसंक्रमित (Disinfect) कर रखें।
सामान्य घरेलू उपायों से डायरिया काबू में न आए तो बिना देर किए डॉक्टर के पास जाना चाहिए। बहुत छोटे बच्चों को डायरिया होने पर घरेलू उपचार का खतरा नहीं उठाना चाहिए। बच्चों को ज्यादा समय तक डायरिया रह जाए तो यह शरीर और मस्तिष्क के विकास पर बुरा असर डाल सकता है। डायरिया के लक्षण दिखाई देने पर निकटतम स्वास्थ्य केन्द्र से संपर्क कर चिकित्सक की सलाह लें।
रायपुर : छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा 22 फरवरी से ‘‘हेल्पलाईन 2022’’ प्रारंभ
रायपुर: छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल रायपुर द्वारा हाईस्कूल-हायर सेकेण्डरी परीक्षाओं के संबंध में 22 फरवरी से ‘‘हेल्पलाईन 2022’’ प्रारंभ की जा रही है। विद्यार्थी, शिक्षक व अभिभावक प्रातः 10ः30 से सायं 5ः00 बजे तक हेल्पलाईन में मण्डल के टोल फ्री नम्बर 18002334363 पर अपनी समस्याओं का समाधान कर सकते है।
माकपोल कार्य हेतु प्रशिक्षण बीआईटी में
दुर्ग । लोकसभा निर्वाचन 2024 हेतु लोकसभा क्षेत्र क्रमांक 7 दुर्ग अंतर्गत विधानसभा 63-दुर्ग ग्रामीण के उपयोग होने वाले ईवीएम एवं वीवीपैट मशीनों की कमिशनिंग कार्य 26 अप्रैल को प्रात: 10 बजे से शासकीय पॉलिटेक्नीक कॉलेजÓ में कार्य किया जाना है। विधानसभा 63-दुर्ग ग्रामीण के लिए नोडल अधिकारी मुकेश रावटे सहायक रिटर्निंग ऑफिसर होंगे। माकपोल हेतु नियुक्त अधिकारी-कर्मचारियों का प्रशिक्षण 22 अप्रैल को सुबह 11 बजे से भिलाई इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी महाविद्यालय बीआईटी दुर्ग में आयोजित की गई है। माकपोल कार्य के लिए जिन अधिकारी/कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, उनमें जनपद पंचायत अंजली मानकर को प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गया है। सहायक प्रभारी अधिकारी समाज कल्याण शेखचंद मेरिहा, जनपद पंचायत पाटन तकनीकी सहायक प्रदीप सोनवानी, गिरीश नारंग, नगर निगम भिलाई सहायक ग्रेड-3 रोशन कुलदीप, नगर निगम भिलाई स्वा.पर्यवेक्षक तेजस गुप्ता, जिला शिक्षा कार्यालय सहायक ग्रेड-3 सी.दुर्योधन, जनपद पंचायत सहा.वि.वि.अधिकारी रश्मि चौहान, विनिता ताम्रकार, बी.के.धरामी, सहा.राजस्व निरीक्षक रामखिलावन शर्मा की ड्यूटी लगाई गई है। साथ ही आदिवासी विकास भृत्य गोकुल भारती, अरूणा यादव, प्रगति उपाध्याय, डेमेंद्र धुर्वे की ड्यूटी लगाई गई है।
बड़े बदलाव की तैयारी में सीबीएसई, 10वीं-12वीं में पढ़ने पड़ेंगे ज्यादा विषय!
सीबीएसई करिकुलम में बड़ा बदलाव करने की तैयारी चल रही है। खासकर सीबीएसई 10वीं, 12वीं सिलेबस में सरकार जल्द नया और बड़ा अपडेट लागू कर सकती है। ये लैंग्वेज पेपर्स को लेकर होगा। ये तो बताया ही जा चुका है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) स्कूली पाठ्यक्रम में कई बदलाव करने जा रहा है। इनमें से एक बड़ा बदलाव ये है- भाषा विषयों की संख्या बढ़ाना।सीबीएसई के प्रस्ताव के अनुसार, 10वीं कक्षा में अब दो की जगह तीन भाषाएं पढ़ाई जाएंगी और 12वीं में एक के बजाय दो। 10वीं कक्षा में पढ़ी जाने वाली तीन भाषाओं में से कम से कम दो भारतीय भाषाएं होनी चाहिए। जबकि 12वीं में दो में से कम से कम एक भारतीय भाषा होनी चाहिए।
रविवि अपडेट - ऑनलाइन परीक्षा देने के बाद केंद्र में जमा कर रहे छात्रो को हो रही परेशानी के लिए रविवि ने जारी किया हेल्पलाइन नंम्बर
रायपुर । पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय ने ऑनलाइन परीक्षा दे रहे विद्यार्थियों के लिए इमरजेंसी नंबर जारी किया है, बता दे कि छात्रों को पेपर जमा करने में समस्या आ रही थी , इसकी मदद से अगर किसी भी छात्रों को किसी भी प्रकार की परेशानी आती है तो वह सीधे हेल्पलाइन नंबर – 08527324400 पर विश्विद्यालय से संपर्क कर सकते है, और अपनी दिक़्क़तों का समाधान पा सकते है.
डिलिएड की मुख्य परीक्षा की तिथि घोषित माध्यमिक शिक्षा मंडल की मुख्य वेबसाइट में देख सकेंगे समय सारिणी...
छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा मुख्य एवं अवसर परीक्षा डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन (डीएलएड) प्रथम एवं द्वितीय वर्ष की समय-सारणी घोषित कर दी गई है। यह परीक्षा 15 से 30 जून तक प्रातः 8 बजे से दोपहर 11.30 बजे तक आयोजित की जाएगी। विस्तृत समय-सारणी मंडल की वेबसाईट www.cgbse.nic.in पर उपलब्ध है।
10 वी 12 वी की पूरक परीक्षा के लिए आवेदन शुरू माध्यमिक शिक्षा मंडल की वेबसाइट में इस तिथि तक कर सकेंगे आवेदन...
छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल की हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी पूरक एवं अवसर परीक्षा वर्ष 2022 के ऑनलाईन आवेदन पत्र सामान्य शुल्क के साथ जमा करने की अंतिम तिथि 31 मई तक है। इसी प्रकार विलंब शुल्क के साथ 550 रूपए प्रति छात्र आवेदन पत्र जमा करने की तिथि 7 जून 2022 तक निर्धारित की गई है।
छत्तीसगढ़ में नर्सिंग कॉलेज में प्रवेश के लिए व्यपमं ने की परीक्षा की तिथि जारी छत्तीसगढ़ मूलनिवासी को नही लगेगा फीस...
छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल ने बीएससी नर्सिंग की प्रवेश परीक्षा के लिए 19 जून की तारीख तय की है । एमएससी नर्सिंग तथा पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा 03 जुलाई को होगी । इन परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन लिए जा रहे है । व्यावसायिक परीक्षा मण्डल ने बताया है कि बीएससी नर्सिंग के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 26 मई निर्धारित की गई है । एमएससी और पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन 29 मई तक लिए जाएंगे ।
रायपुर : इंस्टीट्यूट आफ होटल मैनेजमेंट,रायपुर में प्रवेश हेतु आवेदन की प्रक्रिया शुरू.. विश्वस्तरीय सुविधाओं के साथ शत प्रतिशत प्लेसमेंट देने वाली संस्था है आइएचएम..रोजगार के अवसर प्रदान करने हेतु छत्तीसगढ़ शासन द्वारा दो वर्ष पहले किया गया है स्थापित..
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा स्थापित इंस्टीट्यूट आफ होटल मैनेजमेंट, केटरिंग टेक्नोलाजी एंड एप्लाइड न्यूट्रीशन , रायपुर (आईएचएम रायपुर) में शैक्षणिक सत्र 2022-23 के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल, पर्यटन मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू, छत्तीसगढ़ शासन के सचिव श्री पी. अन्बलगन और संस्था की प्राचार्य श्रीमती रेखा शुक्ला इस संस्थान के मुख्य प्राधिकारी हैं।
बड़ी खबर छत्तीसगढ़: माशिमं ने 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा के लिए जारी किया एडमिट कार्ड
छत्तीसगढ़: माशिमं ने 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा के लिए जारी किया एडमिट कार्ड
बीएएलएलबी ऑनर्स के 150, एलएल.एम. प्रोग्राम के 90 छात्रों को प्रदान की गई डिग्री
हिदायतुल्लाह नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी का सप्तम दीक्षांत समारोह
रायपुर। हिदायतुल्लाह नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (एचएनएलयू) रायपुर का सप्तम दीक्षांत समारोह आज नवा रायपुर में उच्चतम न्यायालय एवं हिदायतुल्लाह नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के कुलाध्यक्ष न्यायमूर्ति अनिरूद्ध बोस के मुख्य आतिथ्य में आयोजित हुआ। इस अवसर पर उच्चतम न्यायालय के न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा विशिष्ट के रूप में शामिल हुए।
यह समारोह विश्वविद्यालय के वैधानिक समितियों के सदस्यों, वाईस-चांसलर तथा डीन्स द्वारा अकादमिक प्रोसेशन के साथ आरम्भ हुआ। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश एवं एचएनएलयू के कुलपति न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने कार्यक्रम में छात्रों को डिग्री प्रदान की। कार्यक्रम में न्यायमूर्ति संजय के. अग्रवाल, न्यायाधीश, उच्च न्यायालय, छत्तीसगढ़, तथा न्यायमूर्ति पी. सैम कोशी, न्यायाधीश, उच्च न्यायालय, तेलंगाना, न्यायमूर्ति जी. रघुराम, पूर्व निदेशक, राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी, भोपाल की गरिमामयी उपस्थिति रही।
अतिथियों द्वारा दीक्षांत समारोह में बीएएलएलबी ऑनर्स के 150 छात्रों को तथा एल.एल.एम. प्रोग्राम के 90 छात्रों ने डिग्री दी गई। इसी प्रकार 4 पीएच.डी. स्कॉलर्स को डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (पीएचडी) की डिग्री प्रदान की गई।
मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस ने समारोह के दीक्षांत सम्बोधन में विधि कानूनी शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे नए बदलाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने विधि क्षेत्र में महिलाओं तथा छात्राओं ही बढ़ती सहभागिता तथा प्रभाव पर ख़ुशी जाहिर की। उन्होंने विभिन्न कैरियर अवसर जैसे जुडिशरी शिक्षण, रिसर्च या किसी लॉ फर्म आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विधि क्षेत्र में सफलता का एक मात्र सूत्र परिश्रम है। उन्होंने डिग्री अर्जित करने वाले स्टूडेंट्स को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी।
दीक्षांत कार्यक्रम में विशिष्ट शिक्षाविद विशेषकर प्रो. (डॉ.) रणबीर सिंह, प्रो-चान्सलर, आईआईएलएम विश्वविद्यालय, प्रो. (डॉ.) आर. वेंकटा राव, निदेशक, इंडिया इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ लीगल एजुकेशन एंड रिसर्च, गोवा, प्रो. (डॉ.) परमजीत जसवाल, कुलपति, एसआरएम यूनिवर्सिटी, सोनीपत, प्रो. (डॉ.) विजेंद्र कुमार, कुलपति, एमएनएलयू, नागपुर, प्रो. (डॉ.) निष्ठा जसवाल, कुलपति, एचपीएनएलयू शिमला, प्रो. (डॉ.) एस. शांताकुमार, निदेशक, जीएनएलयू, गांधीनगर भी इस समारोह में शामिल हुए।
दीक्षांत समारोह में 12 स्नातक तथा 2 स्नातकोत्तर छात्रों को उनकी अद्वितीय अकादमिक उपलब्धियों हेतु 36 स्वर्ण पदक प्रदान किया गया। इन पदकों में चांसलर स्वर्ण पदक, विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक, छत्तीसगढ़ राज्य बार कौंसिल स्वर्ण पदक, स्वर्गीय कमल नारायण शर्मा स्वर्ण पदक, स्वर्गीय श्रीमती शांति देवी अग्रवाल स्मारक स्वर्ण पदक, विद्याधर मिश्र स्मारक स्वर्ण पदक, दिनेश प्रसाद श्रीवास्तव स्मारक स्वर्ण पदक, स्वर्गीय हमीदुल्लाह खान पूर्व एमएलए कबीरधाम स्वर्ण पदक, स्वर्गीय के.पी. मुंशी स्वर्ण पदक, सैयद वाकिल अहमद रिज़वी स्वर्ण पदक जैसे प्रतिष्ठित पदक शामिल हैं।
एलएलएम डिग्री प्राप्तकर्ताओं में उल्लेखनीय प्रियेश पाठक, जिनकी शैक्षणिक उत्कृष्टता और दृढ़ संकल्प का साधुवाद करते हुए छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश और कुलाधिपति न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने मंच से नीचे उतरकर प्रियेश को डिग्री प्रदान की।
विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह में एचएनएलयू जर्नल ऑफ़ लॉ एंड सोशल साइंसेज, वॉल्यूम IX तथा एचएनएलयू गजेट (उद्घाटन संस्करण) का मंच पर आसीन गणमान्यों द्वारा विमोचन किया गया। समारोह का समापन राष्ट्रगान की प्रस्तुति और उसके बाद रिवर्स अकादमिक प्रोसेशन के साथ हुआ। कुलपति प्रो. वी सी विवेकानंदन ने सभा में उपस्थित सभी आगंतुकों का स्वागत किया और वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत किया जिसमें विश्वविद्यालय के विभिन्न उपलब्धियों एवं आगामी योजनाओं पर विशेष प्रकाश डाला गया।
पूरे दीक्षांत समारोह को एचएनएलयू यूट्यूब चौनल पर लाइव स्ट्रीम किया गया, जिससे अधिक संख्या में लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जा सकी। दर्शक इस लाइव स्ट्रीम को https://youtube.com/live/bxb6l5qIsvc?feature=share लिंक पर देखा जा सकता है।