शिक्षा
सीईटी रायपुर में समावेशी शिक्षा पर व्याख्यान
रायपुर शासकीय शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय (सीईटी), शंकर नगर में इंटरनल क्वालिटी एस्यूरेन्स सेल के अंतर्गत शिकायत निवारण एवं विशेष शिक्षा प्रकोष्ठ द्वारा समावेशी शिक्षा पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। संस्था की प्राचार्य पुष्पा किस्पोट्टा के मार्गदर्शन और समावेशी शिक्षा प्रभारी स्वीटी चंद्राकर के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना व दीप प्रज्वलन से हुआ।
प्राचार्य ने अपने उद्बोधन में कहा कि ईश्वर के द्वारा सृष्टि में मनुष्य के रूप में उत्तम रचना की परंतु कुछ में शारीरिक और मानसिक भिन्नताओं के कारण उनके शिक्षा में रुकावट आना एक समस्या है। इस समस्या को शैक्षिक अवसरों की समानता के द्वारा दूर किया जा सकता है। ऐसे अवसर प्राप्त होने से वे स्वयं को बहिष्कृत महसूस ना कर समाज की मुख्य धारा में योगदान दे पाएंगे। मंच संचालन करते हुए स्वीटी चंद्राकर ने व्याख्यान की मुख्य वक्ता पुष्पा चंद्रा का परिचय कराया और उनके द्वारा समावेशी शिक्षा के क्षेत्र में किए गए कार्यों का उल्लेख किया।
अतिथि व्याख्यान में पुष्पा चंद्रा ने समावेशी शिक्षा, उसके क्षेत्र, समावेशन हेतु सामाजिक व साँस्कृतिक पहचान और समावेशन के एतिहासिक तरीकों को विस्तार से समझाया। उन्होंने विद्यालय की विविधता तथा समावेशी शिक्षा के मुख्य सिद्धांतों और उसके स्तरों पर अपने अनुभव व्यक्त किए। इसके अलावा एन.सी.ई.आर.टी. द्वारा जारी प्रशस्त एप के द्वारा शिक्षकों के 63 बिंदुओं के मूल्यांकन के बारे में जानकारी दी। विद्यालय में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के समायोजन, इस हेतु प्रयुक्त रणनीतियों, अनुकूलन और यूनिवर्सल डिजाइन ऑफ लर्निंग के अंतर्गत विद्यार्थियो के पठन को सुलभ बनाने पर बात की। आई.क्यू.ए.सी. प्रभारी शेफाली मिश्रा ने आभार प्रदर्शन करते हुए समावेशी शिक्षा की आवश्यकता को बताते हुए कहा कि कक्षा में विशेष आवश्यकता वाले ऐसे विद्यार्थी होते हैं जिनके लिए विशेष प्रबंध किए जाने की जरूरत होती है परंतु ऐसा करते समय उन्हें यह महसूस नहीं कराया जाना चाहिए कि वो दूसरों से अलग है या उनको दूसरों से अलग उपचार प्रदान किया जा रहा है।
व्याख्यान में महाविद्यालय के अकादमिक सदस्य डॉ. सीमा अग्रवाल, डॉ. डी. के. बोदले, शेषशुभ वैष्णव, श्वेता सिंह, मंजूषा तिवारी, धारा बेन, भावना बैरागी, सुलभा उपाध्याय, सुलेखा बघेल एवं बी.एड. व एम.एड. के प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।
पीपीटी प्रवेश परीक्षा 23 जून को
पहाड़ी कोरवाओं को मिला रोजगार तो समाज के बच्चे पहुँचने लगे शिक्षा के द्वार
कोरबा । पहाड़ी कोरवा गुरवार सिंह, बिरसराम, करम सिंह वनांचल के सारबाहर,छातीबहार के रहने वाले हैं। आज इन्हें मलाल है कि उन्होंने अपनी आगे की पढ़ाई नहीं की। किसी ने पांचवीं तक तो किसी ने आठवी से पहले ही स्कूल और पढ़ाई से नाता तोड़ लिया था। बीच में पढ़ाई छोड़ने वाले इन पहाड़ी कोरवाओं का कहना है कि काश उन्होंने उस वक्त पढ़ लिया होता। बीच में पढ़ाई नहीं छोड़ी होती तो आज उन्हें जंगल में बकरी चराना नहीं पड़ता। वे भी किसी स्कूल और अस्पताल में नौकरी कर रहे होते और उन्हें गरीबी से नहीं जूझना पड़ता। हालांकि उनका कहना है कि घर परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी और उन्हें कोई बताने वाला भी नहीं था,इसलिए वे स्कूल नहीं जा सके। अब जबकि पहाड़ी कोरवाओं को नौकरी मिलने लगी हैं तो उन्हें भी लगने लगा है कि पढ़ाई का बहुत महत्व है और इस महत्व को समझते हुए इन्होंने अपने बच्चों को छठवीं से आगे की पढ़ाई कराने लेमरू के आश्रम में दाखिला कराया। आश्रम में इन पहाड़ी कोरवा बच्चों को निःशुल्क किताबे, गणवेश के साथ सोने के लिए बिस्तर आदि दिया गया।
कोरबा ब्लॉक के अंतर्गत सारबहार के पहाड़ी कोरवा गुरवार सिंह ने अपने बेटे अमित कुमार,बिरस राम ने अपने बेटे रंजीत और और छातीबहार के करम सिंह ने अपने बेटे सोनू को कक्षा छठवीं की पढ़ाई कराने के लिए लेमरू के अनुसूचित जनजाति आश्रम में दाखिला कराया। गुरवार सिंह ने बताया कि उन्हें मालूम हुआ कि कोरबा जिले में पहाड़ी कोरवाओं के लड़के-लड़कियों को स्कूल और अस्पताल में नौकरी दी जा रही है। उनका बेटा पांचवी पास है। इसलिए नौकरी नहीं मिली है। अब आगे की पढ़ाई कराना है इसलिए लेमरू के आश्रम में भर्ती कराया है। उन्होंने बताया कि हम पहाड़ी कोरवाओं के बच्चों का घर में रहकर पढ़ाई कर पाना मुश्किल हो जाता है। जंगल के आसपास रहने से बच्चे जंगल की ओर चले जाते हैं। आश्रम में एक जगह रहकर पढ़ाई करना आसान हो जाएगा। भोजन भी समय पर मिलेगा। छातीबहार के करम सिंह ने अपने बेटे सोनू का दाखिला कराया। उन्होंने बताया कि उनका जीवन गाँव में जंगल में भटकते हुए कटता है। घर में 7 सदस्य है। उनकी एक बेटी को देवपहरी के आश्रम में और अपने बेटे सोनू को लेमरू के आश्रम में भर्ती कराया है। आश्रम में व्यवस्था देखकर खुशी है कि बेटा-बेटी यहाँ आगे कि पढ़ाई बिना इधर-उधर भटके कर लेगा। यहाँ समय पर सोना-जागना,नहाना,खाना होगा तो निश्चित ही पढ़ाई में मन लगेगा और ज्यादा कक्षा पढ़कर नौकरी पा सकेगा। बिरस राम ने अपने बेटे रंजीत को कक्षा 6 वी में भर्ती कराने के बाद कहा कि पहले हम अपने बच्चों को अपने पास ही घर में रखते थे। जब कही जाते थे,बच्चे भी साथ चले जाते थे। इससे स्कूल भी छूट जाता था। अब हमें पढ़ाई का महत्व मालूम हुआ है। इसलिए आश्रम में अपने बेटे को भर्ती कराया है। वह अच्छे से पढ़ाई करके नौकरी पायेगा तो वह अपने परिवार को अच्छा रख सकेगा। इधर आश्रम में दाखिले और स्कूल में भर्ती के साथ ही पहाड़ी कोरवाओं के बच्चों को यहाँ नई ड्रेस,किताबें और अपने सोने के लिए लाइट-पंखे लगे हुए कमरे और अलग से बिस्तर पाकर बहुत खुशी महसूस हो रही है। उनका कहना है कि हम यहाँ अच्छे से रहकर पढ़ाई करेंगे और नौकरी मिलेगी तो वह भी करेंगे। आश्रम के अधीक्षक और हेड मास्टर श्री रामनारायण भगत ने बताया कि आश्रम में अनुशासन के साथ बच्चों को समय पर पढ़ना,भोजन,खेलकूद कराया जाता है। यहाँ उन्हें दो टाइम भोजन,रविवार को विशेष भोजन, तेल,साबुन भी दी जाती है। आश्रम में पहले से ही पहाड़ी कोरवा 3 बच्चे हैं। उन्होंने बताया कि शुरुवात के दिनों में पहाड़ी कोरवा बच्चों को रहने में कुछ अटपटा से लगता है,क्योंकि ये अपने परिवार के साथ जंगल में एक अलग तरह से रहते रहे हैं। यहाँ समय पर रहना,खाना होने से इनकी दिनचर्या बदलेगी और इन्हें भी अन्य बच्चों के साथ घुलमिलकर अच्छा लगेगा। उन्होंने बताया कि पहाड़ी कोरवा बच्चों का आश्रम में आकर दाखिला लेना खुशी की बात है वरना ये अन्य समाज से भी दूर-दूर रहने की कोशिश करते हैं।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के दिशा निर्देशन में जिले में निवासरत् विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय पहाड़ी कोरवा और बिरहोर जनजाति के 108 बेरोजगार युवाओं को नौकरी दी गई है। जिला प्रशासन की पहल पर जिला खनिज न्यास मद से मानदेय के आधार पर 79 विशेष पिछड़ी जनजाति परिवार के युवाओं को भृत्य तथा 29 युवाओं को अतिथि शिक्षक के रूप में तथा अस्पताल में रिक्त चतुर्थ श्रेणी के पदों पर रोजगार प्रदान किया गया है। अपने समाज के युवाओं को नौकरी मिलने के पश्चात शिक्षा में रुचि नहीं लेने वाले कोरवा भी जागरूक हुए हैं और वे अपने बच्चों को शिक्षा से जोड़ने आश्रमों में दाखिला कराने लगे हैं, जो कि एक अच्छा संदेश भी है।
छात्र-छात्राओं ने भाग लेकर संपूर्णता अभियान उत्सव को सफल बनाने का संदेश दिया
कोंडागांव । नीति आयोग द्वारा संपूर्णता अभियान के तहत चयनित 6 संकेतको की आगामी तीन माह में संतृप्ति के लिए आकांक्षी विकासखंड माकड़ी में लगातार विभिन्न कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं l इस कड़ी में शिक्षा विभाग द्वारा भी जन जागरूकता तथा स्कूली बच्चों में इस अभियान की समझ स्थापित करने के लिए मिडिल , हाई स्कूल तथा हायर सेकेण्डरी स्कूलो में निबंध, नारा लेखन तथा रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया , जिसमें विभिन्न छात्र-छात्राओं ने भाग लेकर संपूर्णता अभियान उत्सव को सफल बनाने का संदेश दिया तथा इस अभियान में नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित कियाl
छत्तीसगढ़ में बोर्ड परीक्षा में नकल कराते पकड़ी गई शिक्षिका ब्लैक बोर्ड में लिखाकर करा रही थी सामुहिक नकल फिर अचानक पहुचे DEO फिर हुई ये कार्यवाही...
छत्तीसगढ़ अम्बिकापुर । में सीजीबीएसई बोर्ड परीक्षाएं चालू हैं. इन परीक्षाओं में सरगुजा से नकल का मामला सामने आया है. छत्तीसगढ़ में सीजीबीएसई 12वीं बोर्ड की परीक्षा में नकल करते 32 छात्रों को पकड़ा गया है. गुरुवार को 12वीं क्लास की साइंस विषय की परीक्षा थी. जिसमें जिले के लखनपुर में स्थित के निजी स्कूल में दो कमरों में छात्रों को ब्लैक बोर्ड में लिखकर और अन्य नकल सामग्री के साथ नकल कराया जा रहा था. जांच के लिये पहुंची उड़नदस्ता टीम ने पकड़े गए 32 छात्रों का नकल प्रकरण बनाया और 5 पर्यवेक्षकों को ड्यूटी से हटा दिया है. साथ ही जिला शिक्षा अधिकारी ने केंद्राध्यक्ष से स्पष्टीकरण मांगा है.
छत्तीसगढ़ ब्रेकिंग: कॉलेज में ऑफलाइन परीक्षाओं को लेकर छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा मंत्री ने दिया बड़ा बयान, उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा....
रायपुर। विधानसभा में आज प्रश्नकाल में अजय चंद्राकर के सवाल के जवाब में उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल ने बताया कि कोरोना की तीसरी लहर को देखते विभाग ने विश्वविद्यालयों को आनलाईन शिक्षा के संबंध में निर्देश जारी किया था। लेकिन, तीसरी लहर का प्रभाव कम होने के कारण विभाग ने अलग से आदेश जारी कर पुराना निर्देश वापिस ले लिया। उमेश पटेल ने आनलाईन शिक्षा ग्रहण करने वाले विद्यार्थियों की वास्तविक संख्या बताने में असर्मथता व्यक्त किया। चंद्राकर के ये पूछने पर कि परीक्षाएं आफलाइन होंगी या आनलाईन, उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि परीक्षाएं आफलाइन मोड में होंगी।
छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल ने 9वीं, 10वीं, 11वीं व 12वीं कक्षा के पाठ्यक्रम में किया बदलाव... जाने क्या हुआ है बदलाव...
शैक्षणिक सत्र 2022-23 हेतु 100% पाठ्यक्रम हुआ लागू.
एमए के विद्यार्थियों के लिए पीएससी-व्यापमं के माध्यम से होगी भर्ती : बृजमोहन
रायपुर । एमए करने वालों को भी सरकारी नौकरी मिलेगी। स्कूल शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने शुक्रवार को विधानसभा में यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि राज्य में 33 हजार शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। इसी भर्ती में छत्तीसगढ़ भाषा में एमए करने वालों के लिए पद स्वीकृत किया जाएगा।
शिक्षा मंत्री अग्रवाल ने यह घोषणा सदन में प्रश्नकाल के दौरान की। छत्तीसगढ़ी भाषा में शिक्षा को लेकर कुंवर सिंह निषाद ने प्रश्न किया था। निषाद ने छत्तीगसढ़ी में शिक्षा दिए जाने को लेकर प्रश्न किया था। इस पर मंत्री अग्रवाल ने बताया कि छत्तीसगढ़ी की लिपी नहीं है। अभी हिंदी के शिक्षक की छत्तीसगढ़ी पढ़ाते हैं। उसकी अलग से व्यवस्था करने की जरुरत नहीं है। इस पर निषाद ने कहा कि प्राथमिक स्तर की पढ़ाई छत्तीसगढ़ी में कराने की घोषणा की गई थी। एनसीआरटी इसके लिए तैयार है केवल सरकार की घोषणा बाकी है।
मंत्री अग्रवाल ने कहा कि हमारी सरकार केवल छत्तीसगढ़ी नहीं बल्कि हल्बी, सरगुजिहा और सदरी सहित अन्य स्थानीय भाषाओं में पढ़ाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए किताब तैयार कराया गया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ी में एमए करने वालों की इसी साल शिक्षक के रुप में भर्ती होगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ी में शिक्षा की बात भावनात्मक रुप से अच्छा है, छत्तीसगढि़या को आगे बढ़ाना है।इस भावना से मैं भी सहमत हूं, लेकिन हमें अपने बच्चों का स्तर भी बढ़ाना है। उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगिता के लिए तैयार करना है।
बोर्ड एग्जाम में अब आप भी ला सकते हैं 90 से ज्यादा नंबर, जानिए कैसे?
रायपुर । बोर्ड परीक्षाएं नजदीक हैं और इस समय छात्र जमकर तैयारी कर रहे हैं। बोर्ड परीक्षा को लेकर छात्र हमेशा तनाव में रहते हैं, लेकिन चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। थोड़ी सी योजना और रणनीति से आप बोर्ड परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त कर सकते हैं।
छत्तीसगढ़ माध्यिमक शिक्षा मंडल की बोर्ड परीक्षाएं 1 मार्च से शुरू होंगी। बोर्ड एग्जाम के लिए 5 लाख 97 हजार 420 छात्रों ने पंजीयन कराया है। इनमें 10वीं के छात्रों की संख्या 3,42,514 और 12वीं के छात्रों की संख्या 2,54,906 है। 2475 केंद्रों में परीक्षा होगी। नकल रोकने के लिए ऑफलाइन-ऑनलाइन निगरानी होगी। इसके लिए 160 से ज्यादा टीमें गठित की जाएंगी।
बोर्ड एग्जाम में अच्छे मार्क्स लाना इतना मुश्किल भी नहीं, जितना हम समझ लेते हैं। बस तैयारी से लेकर एग्जाम हॉल तक, आपको कुछ बातों का खास ध्यान रखना है। खास तौर से क्लास 10 के छात्र जो पहली बार बोर्ड एग्जाम दे रहे हैं, उन्हें डर लगना एक नॉर्मल सी बात है। इस वजह से वो कई बार एग्जाम में उतना अच्छा परफॉर्म नहीं कर पाते, जितना कि कर सकते हैं। सब कुछ आते हुए भी या तो सवाल छूट जाते हैं, या फिर उत्तर सही से नहीं लिख पाते। नतीजा.. मार्क्स कट जाते हैं। जबकि वो 90+ स्कोर कर सकते हैं।
नॉलेज के बावजूद बोर्ड एग्जाम में मार्क्स न कटें और आप हर विषय में ज्यादा से ज्यादा अंक हासिल कर सकें, इसके लिए आपको अपने बोर्ड टाइम में क्या करना चाहिए, बता रहे हैं एक्सपर्ट।
बोर्ड परीक्षा में 90 से ज्यादा मार्क्स कैसे लाएं?
1. टाइम टेबल:
अगर आप एग्जाम में अच्छे मार्क्स लाना चाहते हैं तो सबसे पहले एक टाइम टेबल बनाएं। कितनी देर पढ़ाई करनी है, कब ब्रेक लेना है, कब खाना है, कब आराम करना है, ये सब जरूरी है। नींद पूरी करनी भी जरूरी है, ताकि आप अगले पूरे दिन फ्रेश रहें और जो पढ़ें वो दिमाग में समा सके।
2. क्लीयर कॉन्सेप्ट:
किसी भी टॉपिक को रटने के बजाय, उसे समझने की कोशिश करनी चाहिए। जब हमें कॉन्सेप्ट की अच्छी समझ होती है तो उससे संबंधित किसी भी तरह का सवाल क्यों न पूछ लिया जाए, हम उसका उत्तर सही से लिख पाते हैं।
3. किस विषय को कितना टाइम:
हर सब्जेक्ट को उसके वेटेज और टफनेस लेवल के अनुसार टाइम दें। जो ज्यादा मुश्किल लगता है, उसे ज्यादा समय दें। बोर्ड की डेटशीट/ टाइम टेबल के हिसाब से तय कर लें कि किस सब्जेक्ट के टॉपिक को पहले पढ़ना है और किसे बाद में।
4. नोट्स बनाएं:
कुछ नया पढ़ रहे हों या रिवीजन कर रहे हों, नोट्स बहुत जरूरी है। इससे न सिर्फ आपको लास्ट मिनट के लिए जरूरी प्वाइंट्स मिल जाते हैं, बल्कि लिखने की अच्छी प्रैक्टिस भी होती है। साथ ही साथ टॉपिक बेहतर समझ आता है और ज्यादा समय तक याद रहता है।
5. रिवीजन:
आपने जो कुछ भी पढ़ा है उसको समय-समय पर रिवाइज करते रहें। रिवीजन करने से हमारी मेमोरी अच्छी होती है और एग्जाम देते समय सवाल देखकर पढ़ी हुई चीजें रीकॉल करने में आसानी होती है।
6. पुराने क्वेश्चन पेपर:
पहले के एग्जाम्स के क्वेश्चन पेपर्स सॉल्व करना परीक्षा की तैयारी के सबसे महत्वपूर्ण हिस्सों में से एक है। पेपर्स को सॉल्व करने से हमें एग्जाम पैटर्न, सवाल और मार्क्स के वेटेज के बारे में जानकारी मिलती है। जिससे हम अपने बोर्ड एग्जाम प्रिपरेशन की स्ट्रैटजी को बेहतर कर सकते हैं।
7. मॉक टेस्ट प्रैक्टिस:
बीच-बीच में घर पर खुद वैसे ही परीक्षा दें जैसे की आप बोर्ड में बैठे हों। जैसे एक विषय का पिछले साल का प्रश्न पत्र ले लें। जैसे बोर्ड एग्जाम में 15 मिनट पेपर पढ़ने के लिए और 3 घंटे उत्तर लिखने के लिए मिलते हैं, वैसे ही घर पर बिना किसी डिस्टर्बेंस के टेस्ट प्रैक्टिस करें। एग्जाम का समय भी वही चुनें। इससे आपको दिन के उन घंटों में एक्टिव रहने की आदत पड़ जाएगी और एग्जाम देते समय आपको नींद या आलस का सामना नहीं करना पड़ेगा।
8. पॉजिटिव थिंकिंग:
हमारे जीवन में क्या होता है, इसमें हमारी सोच की बड़ी भूमिका होती है। आप जैसा सोचेंगे, वैसी ऊर्जा आकर्षित करेंगे। इसलिए कहते हैं कि हमेशा अच्छा सोचो, पॉजिटिव सोचो। इससे न सिर्फ आपको अपनी तैयारी पर फोकस करने में मदद मिलती है, बल्कि कॉन्फिडेंस भी बढ़ता है।
9. हेल्दी फूड:
एग्जाम के दौरान आपकी डायट में प्रोटीन अधिक होना चाहिए। आप हरी सब्जियां और ताजा फल खाएं। कुछ दिनों तक जंक फूड से बिल्कुल दूर रहें। खाना थोड़ी थोड़ी देर पर खाएं लेकिन कम-कम ही खाएं। एक बार में ज्यादा खाने से नींद आएगी।
10. गैजेट को बोलो नो:
मोबाइल, कम्प्यूटर, टीवी से जितना हो सके दूर रहें। अगर आप ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे हैं, सिर्फ तभी लैपटॉप या मोबाइल फोन का इस्तेमाल करें। ऑनलाइन गेमिंग या सोशल मीडिया ब्राउज करने में समय बर्बाद न करें।
आंगनबाड़ी सहायिका और कार्यकर्ता पद पर भर्ती
रायगढ़ । एकीकृत बाल विकास परियोजना रायगढ़ (ग्रामीण) अंतर्गत आंगनबाड़ी केन्द्र लाखा आवासपारा ग्राम-लाखा में आंगनबाड़ी सहायिका पद तथा आंगनबाड़ी केन्द्र-कोकड़ीतराई वार्ड क्रमांक 11 नगर पंचायत-किरोड़ीमल नगर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पद रिक्त होने से उक्त पद पूर्ति के लिए 3 जनवरी 2024 तक आवेदन मंगाये गये है।
इच्छुक आवेदिका नियत तिथि तक कार्यालयीन दिवस में अपना आवेदन परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास परियोजना रायगढ़ (ग्रामीण)जिला-रायगढ़ में जमा कर सकते है।
नियुक्ति से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश व नियम शर्तो की जानकारी कार्यालय के सूचना पटल पर अवलोकन कर सकते है।
यूपी पुलिस कॉन्स्टेबल 31 अगस्त की परीक्षा के लिए आंसर की जारी, यहां से करें डाउनलोड
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) की ओर से 31 अगस्त को दोनों पालियों में आयोजित हुई कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा की आंसर की डाउनलोड के लिए उपलब्ध करवा दी गई है। जिन भी अभ्यर्थियों ने 31 अगस्त की परीक्षा में भाग लिया था वे ऑफिशियल वेबसाइट uppbpb.gov.in पर जाएं और कैंडिडेट लॉग इन में जाकर रजिस्ट्रेशन नंबर, जन्मतिथि व प्रश्न पुस्तिका क्रमांक दर्ज करके आंसर की डाउनलोड कर लें।
19 सितंबर तक ऑब्जेक्शन दर्ज करने का रहेगा मौका
अभ्यर्थी ध्यान रखें कि वे केवल कैंडिडेट लॉग इन के माध्यम से केवल अपनी ही उत्तर पुस्तिका डाउनलोड कर पायेंगे। इसके द्वारा वे अपने प्रश्न उत्तरों का मिलान कर सकते हैं और इस दौरान अगर आप किसी उत्तर से संतुष्ट नहीं हैं तो उस पर आपत्ति दर्ज कर सकते हैं। आपत्ति दर्ज करने की लास्ट डेट 19 सितंबर 2024 निर्धारित है।
उत्तर कुंजी के आधार पर तैयार होगा रिजल्ट
जो अभ्यर्थी उत्तर कुंजी पर आपत्ति दर्ज करेंगे यूपी पुलिस प्रोन्नति बोर्ड की ओर से उसका निस्तारण विशेषज्ञों की टीम द्वारा करवाया जायेगा। इसके बाद बोर्ड की ओर से फाइनल आंसर की तैयार की जाएगी और इसी के अनुसार अभ्यर्थियों का परिणाम घोषित किया जाएगा। अंतिम उत्तर कुंजी फाइनल एवं सर्वमान्य होगी और इस पर किसी भी प्रकार से ऑब्जेक्शन नहीं किया जा सकेगा। रिजल्ट एवं फाइनल उत्तर कुंजी के लेटेस्ट अपडेट के लिए अभ्यर्थी समय समय पर ऑफिशियल वेबसाइट पर विजिट करते रहें।
नीट परीक्षा में प्रयास एवं ड्रॉपर बैच योजना के बच्चों का शानदार प्रदर्शन 39 बच्चों का एमबीबीएस में प्रवेश संभावित
*प्रयास आवासीय विद्यालय के 210 बच्चों ने किया परीक्षा में क्वालीफाई*
*मुख्यमंत्री श्री बघेल और मंत्री डॉ. टेकाम ने दी बधाई*
रायपुर: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेस टेस्ट अंडरग्रेजुएट (NEET UG 2023) के परिणाम जारी कर दिए हैं। प्रदेश में आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग अंतर्गत संचालित प्रयास आवासीय विद्यालय के बच्चों ने इसमें शानदार प्रदर्शन किया है। इस वर्ष परीक्षा में शामिल प्रयास आवासीय विद्यालय के कुल 572 छात्रों में से 210 ने परीक्षा में क्वालीफाई किया है। इनमें से 08 विद्यार्थियों तथा प्रयास के ही ड्रॉपऑउट बैच के 04 छात्रों का भी एमबीबीएस में प्रवेश की प्रबल संभावना है। इसी प्रकार विभाग द्वारा संचालित प्री-मेडिकल एवं प्री-इंजीनियरिंग परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण (ड्रॉपर बैच) योजनांतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे कुल 85 विद्यार्थियों में से लगभग 27 का एमबीबीएस में प्रवेश संभावित है।
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल और आदिम जाति तथा अनुसूचित विकास मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने विद्यार्थियों की इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है।
घोषित परीक्षा परिणाम में प्रयास कन्या आवासीय विद्यालय गुढ़ियारी, रायपुर का सबसे अच्छा प्रदर्शन रहा है। यहां से परीक्षा में शामिल 61 विद्यार्थियों में से 47 विद्यार्थियों ने नीट क्वालीफाई किया है। इसी प्रकार प्रयास बालक आवासीय विद्यालय, रायपुर के 55 में 17, प्रयास बिलासपुर के 63 में से 22, प्रयास अंबिकापुर के 68 में से 17, प्रयास दुर्ग के 68 में से 23, प्रयास जशपुर के 66 में से 13, प्रयास कोरबा के 55 में से 24, प्रयास कांकेर के 68 में से 28, प्रयास जगदलपुर के 68 में से 19 ने क्वालीफाई किया है। इस प्रकार कुल 572 छात्रों में से 210 छात्रों ने नीट क्वालीफाई किया है, जो कि विभाग के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।
इस प्रकार ओवरऑल 39 छात्रों के एमबीबीएस में प्रवेश होने की संभावना है, जबकि क्वालीफाई शेष विद्यार्थियों में से अनेक विद्यार्थियों को बीडीएस एवं बीएएमएस में प्रवेश मिलने की संभावना है। विद्यार्थियों की इस उपलब्धि पर विभाग के सचिव श्री डी. डी. सिंह एवं आयुक्त श्रीमती शम्मी आबिदी ने भी बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है।
लाइफ इंश्योरेंस टर्म प्लान: क्या आप भी इसे लेने की सोच रहे हैं, जानें आपके लिए सर्वश्रेष्ठ विकल्प क्या हैं?
आधुनिक युग में लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी आम लोगों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। हालांकि, बहुत से लोगों को हर महीने, तीन महीने या छह महीने में प्रीमियम का भुगतान करने में तकलीफ़ होती है। अगर आप भी प्रीमियम का भुगतान भूल जाते हैं या भुगतान करने में परेशानी होती है, तो आप सिंगल प्रीमियम टर्म प्लान की विकल्प चुन सकते हैं। इसमें आपको जीवन में केवल एक बार ही प्रीमियम का भुगतान करना होता है और आपको इसके लाभ उन्हीं में से मिलते रहते हैं।
सिंगल प्रीमियम टर्म प्लान केवल जीवन बीमा पॉलिसी के तहत उपलब्ध होता है और इसे खरीदने पर आपको केवल एक बार प्रीमियम का भुगतान करना होता है। इस प्लान के अनुसार आप 20 से 30 साल तक लाभ प्राप्त कर सकते हैं। इसमें सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपको बार-बार प्रीमियम का भुगतान नहीं करना पड़ता है।
सिंगल प्रीमियम टर्म प्लान का उपयोगः
इस प्लान का सबसे अच्छा उपयोग वह लोग कर सकते हैं जिनकी आय शॉर्ट टर्म में बढ़ती है। इसमें क्रिकेटर, फिल्मी सितारे और ऐसे लोग शामिल हो सकते हैं जिन्होंने कम समय में अच्छी कमाई की है। आप चाहें तो अपनी बचत के जरिए भी इस योजना में निवेश कर सकते हैं क्योंकि इसमें पूरा प्रीमियम एक बार में ही भरना होता है और आपको इसका लाभ पूरे जीवनकाल तक मिल सकता है। इसलिए आपके पास एक बार में इतना पैसा होना चाहिए जिससे सभी प्रीमियमों का भुगतान एक ही बार में आसानी से हो सके।
रेगुलर टर्म प्लान या सिंगल प्रीमियम टर्म प्लान, कौन सा बेहतर है?
अगर आपकी आय निश्चित समयांतराल के बाद आती है तो रेगुलर टर्म प्लान आपके लिए सही होगा क्योंकि इसमें आपको निश्चित अवधि तक प्रीमियम का भुगतान करना होगा और आपको उसका लाभ मिलेगा। हालांकि, अगर आपकी आय अवधि के बीच कम होती है तो सिंगल प्रीमियम टर्म प्लान आपके लिए सर्वश्रेष्ठ विकल्प होगा।
उदाहरण के तौर पर, अगर किसी व्यक्ति ने 25 साल की उम्र में रेगुलर टर्म प्लान खरीदा है, तो उसे 60 साल की उम्र तक, अर्थात् अगले 35 सालों तक प्रीमियम का भुगतान करना होगा। सिंगल प्रीमियम टर्म प्लान की बात करें तो 25 साल की उम्र में उसे पूरा प्रीमियम देना होगा, अर्थात् इतना राशि जो उसे सभी प्रीमियमों का भुगतान करने के लिए प्रायः आवश्यक होगी। इसलिए, आपके व्यवसाय और आय के आधार पर आपके लिए कौन सा योजना सर्वोत्तम होगा, ऐसा निर्णय लेना चाहिए। नौकरशाही करने वाले लोगों के लिए रेगुलर टर्म प्लान सबसे अच्छा विकल्प माना जाता है।
33 हजार शिक्षकों की बम्पर भर्ती , शिक्षा मंत्री का बड़ा बयान
रायपुर – प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत 33 हजार शिक्षकों के पदों में बम्पर भर्ती होगी। स्कूल शिक्षा मंत्री ने बजट के अनुदान मांगों के जवाब में ये घोषणा किया। स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत नौकरी का इंतज़ार कर रहे योग्यताधारी बेरोजगार अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर है।
25 हजार स्कूल होंगे इंग्लिश मीडियम
मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने यह भी ऐलान कि प्रदेश के 25 हजार स्कूलों को इंग्लिश मीडियम स्कूल बनाया जायेगा। वहीँ 33 हजार शिक्षकों के पदों में भर्ती एक वर्ष के भीतर कम्पलीट करने भी किया। शिक्षा मंत्री ने यह भी कहा है कि प्रदेश के समस्त शासकीय और निजी विद्यालयों की पहली कालखंड अध्यात्म , देश भक्ति का होगा।
आत्मानंद स्कूलों को बनाया गया था भ्रष्टाचार का गढ़
मंत्री ने कहा कि आत्मानंद स्कूलों को पैसा खाने के लिए बनाया गया था। 800 करोड़ रूपये 251 स्कूलों के मरम्मत में खर्च कर दिए। आत्मानंद स्कूल और शिक्षकों को कलेक्टर दिया , जिससे शिक्षकों के भविष्य से खिलवाड़ किया। वहीँ शिक्षा मंत्री ने कहा आगामी 5 वर्षों में 25 हजार स्कूलों को इंग्लिश मीडियम स्कूल बनाया जाएगा।
मंत्री ने आगे कहा कि 15 साल भाजपा शासन काल में 15 हजार स्कूल से 30 हजार स्कूल हो गए थे। वहीँ 50 हाई स्कूल और 50 हायर सेकेंडरी स्कूल खोले जाएंगे। मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि धर्मान्तरण को लेकर छत्तीसगढ़ में कानून बनेगा। वहीँ मंत्री ने आज के सदन में जो बयान दिया है , उससे बेरोजगारों को सरकारी नौकरी की उम्मीद और बढ़ेगी। साथ ही स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर होगी।
एमपी 5वीं-8वीं बोर्ड के छात्रों का इंतजार हुआ खत्म!; जल्द जारी होंगे नतीजे
मध्य प्रदेश बोर्ड 5वीं और 8वीं के 25 लाख से अधिक छात्रों का रिजल्ट जारी होने का इंतजार जल्द खत्म होने वाला है। बताया जा रहा है कि मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड(MPBSE) 10वीं और 12वीं रिजल्ट से पहले 5वीं और 8वीं क्लास का रिजल्ट जारी करेगा। रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर रिजल्ट चेक और डाउनलोड कर सकते हैं।
जल्द होगा तारीखों का ऐलान
रिजल्ट चेक करने के लिए छात्रों को अपने रोल नंबर और एप्लीकेशन नंबर की जरूरत पड़ेगी। बोर्ड किसी भी समय रिजल्ट जारी करने का तारीख और समय की आधिकारिक पुष्टि कर सकता है।
पिछले साल 15 मई को जारी हुए थे नतीजे
बता दें कि पिछले साल 2023 में 15 मई को 5वीं और 8वीं के नतीजे एक साथ जारी किए गए थे। हालांकि इस बार रिजल्ट कब घोषित होगा, इस बारे में कोई भी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। पिछले साल कक्षा 5वीं के 11,79,883 छात्र परीक्षा में शामिल हुए थे, उसमें से 82.27% छात्र पास हुए थे। वहीं कक्षा 8वीं के 10,66,405 छात्रों ने परीक्षा दी थी, जिसमें से 76.09% छात्र ही परीक्षा पास कर पाए थे।
सप्लीमेंट्री या कंपार्टमेंट एग्जाम कब होंगे
रिजल्ट जारी होने के बाद अगर आप किसी विषय में उत्तीर्ण नहीं हो पाते हैं, तो आप सप्लीमेंट्री या कंपार्टमेंट एग्जाम दे सकते हैं। इसमें आमतौर पर नियमित परीक्षा के कुछ महीने बाद आयोजित की जाती है।
ऐसे चेक कर सकेंगे रिजल्ट(MP Board 5th-8th Result 2024)
- रिजल्ट जारी होने के बाद एमपी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट mpresults.nic.in पर जाएं।
- होम पेज पर 'MP Board Class 5th Result 2024' या 'MP Board Class 8th Result 2024' लिंक पर क्लिक करें।
- नए पेज में छात्रों को अपना रोल नंबर और एप्लीकेशन नंबर दर्ज करना होगा।
- एमपी बोर्ड रिजल्ट स्क्रीन पर खुल जाएगा, इसे चेक करें।
- रिजल्ट की कॉपी डाउनलोड करें और प्रिंटआउट लेकर अपने पास रख लें।
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"UIDAI द्वारा जारी सावधानी: फर्जी आधार लिंकों से बचें, यूआईडीएआई की आधिकारिक वेबसाइट पर ही क्लिक करें"
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने उपयोगकर्ताओं को धोखाधड़ी वाले लिंक से सावधान रहने और केवल वास्तविक आधार लिंक पर ही क्लिक करने के लिए आगाह किया है. साइबर अपराधी फर्जी आधार वेबसाइट बनाकर या शॉर्टनर लिंक के जरिए यूजर्स को फंसा रहे हैं.
UIDAI ने ट्विटर पर पोस्ट किया #BewareOfFraudsters आधार अपडेट से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए हमेशा UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट (uidai.gov.in), या #mAadhaarApp और #myAadhaarPortal या आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर भरोसा करें. इसे करें.
यूआईडीएआई का यह सावधान करने वाला ट्वीट बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि ऐसे कई मामले सामने आए हैं जिनमें फिशिंग लिंक पर क्लिक करने के बाद लोगों को धोखाधड़ी का सामना करना पड़ा है. घोटालेबाजों ने समान दिखने वाली वेबसाइटें बनाईं और लोगों को यह सोचकर धोखा दिया कि समान दिखने वाली वेबसाइट ही असली यूआईडीएआई वेबसाइट है.
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि लोगों को जिस वेबसाइट पर वे जा रहे हैं उसका यूआरएल जांच लेना चाहिए. यह जांचने के लिए कि कोई वेबसाइट वैध है, सबसे पहली बात यूआरएल को देखना है. आपको वेब पते की वर्तनी जांचनी चाहिए. साइबर अपराधी इस बात का फायदा उठाते हैं कि लोग जानकारी को सरसरी तौर पर पढ़ते हैं.
साइबर अपराधी फ़िशिंग हमलों के लिए प्रसिद्ध और विश्वसनीय वेबसाइटों से मिलते-जुलते वेब पते बनाते हैं. उदाहरण के लिए, एक वेब पता जो आमतौर पर ‘.org’ पर समाप्त होता है उसे ‘.com’ में बदला जा सकता है. साइबर सिक्योरिटी कंपनी सेफ सिक्योरिटी के सह-संस्थापक राहुल त्यागी का कहना है कि ‘amazon.com’ जैसी दिखने वाली फर्जी वेबसाइटें नंबर बदलकर ‘amaz0n.com’ कर ठगी करती हैं.
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि साइबर अपराधी यूआरएल को छिपाने के लिए ऐसे टेक्स्ट का इस्तेमाल करते हैं. वहीं, साइबर अपराधी फ़िशिंग लिंक को छिपाने के लिए यूआरएल शॉर्टनर का भी इस्तेमाल करते हैं. फिशिंग ईमेल के टेक्स्ट में एक छोटा URL होगा, जिस पर क्लिक करने पर फ़िशिंग वेबसाइट पर रीडायरेक्ट हो जाएगा.