छत्तीसगढ़ / कांकेर
मुर्गी पालन, मशरूम उत्पादन और चटिया मिल से संवरी लच्छंतीन बाई की जिंदगी
बिहान से बनीं सफल महिला उद्यमी
उत्तर बस्तर कांकेर, 03 जुलाई 2026

बिहान (राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन) से जिले के स्व-सहायता समूह की महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं तथा उनके जीवन को नई दशा और दिशा दी है। भानुप्रतापपुर विकासखंड के ग्राम कराठी निवासी श्रीमती लच्छंतीन बाई दरपट्टी आज महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी हैं। वह तुलसी स्व सहायता समूह की सक्रिय सदस्य हैं, जो महिला शक्ति संकुल संगठन कन्हारगांव से जुड़ा हुआ है। जिला मुख्यालय से लगभग 08 किलोमीटर दूर स्थित इस गांव में ‘बिहान’ राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ने उनके जीवन की दिशा बदल दी है।
श्रीमती लच्छंतीन बाई ने बताया कि समूह से जुड़ने से पहले परिवार की आर्थिक स्थिति खराब थी। बच्चों की पढ़ाई-लिखाई में बहुत परेशानी होती थी तथा परिवार को कठिन समय में आर्थिक मदद नहीं मिल पाती थी। थोड़े से पैसे के लिए उन्हें अक्सर दूसरे लोगों से ब्याज पर ऋण लेना पड़ता था। खेती की आधुनिक तकनीकों की जानकारी का अभाव था और स्वयं का व्यवसाय शुरू करने का सपना केवल सपना ही बनकर रह गया। इस दौरान उन्हें बिहान योजना के बारे में पता चला, वहां 10 दीदी मिलकर एक समूह गठन कर बचत करते हैं और जरूरत के समय वहीं से आसानी से ऋण भी मिल जाती है। गांव की अन्य महिलाओं के साथ मिलकर उन्होंने स्व सहायता समूह से जुड़ने का निर्णय लिया। समूह से जुड़ने के बाद नियमित बैठक एवं बचत करना शुरू किया। अब जरूरत पड़ने पर उन्हें आसानी से समूह के माध्यम से ऋण मिलने लगा, जिससे दूसरों पर निर्भरता समाप्त हो गई। उन्हें चक्रीय निधि एवं प्रोत्साहन राशि का लाभ मिला है। आजीविका गतिविधियों को बढ़ाने के लिए बैंक से 01 लाख 20 हजार रुपये का ऋण भी प्राप्त हुआ। अब मैं बैंक से लेन-देन आसानी से कर रही हूॅ। इस दौरान बिहान के बीपीएम द्वारा समय-समय पर प्रशिक्षण और मार्गदर्शन दिया गया। अधिकारियों के माध्यम से उन्हें मुद्रा ऋण की जानकारी मिली और बैंक से आवश्यक सहायता प्राप्त हुई। आज मैं चटिया मिल (लघु प्रसंस्करण इकाई), मशरूम उत्पादन, मुर्गी पालन, कृषि कार्य जैसे विभिन्न आजीविका गतिविधियों का संचालन कर रही हूॅ। इन गतिविधियों से लगभग 12 हजार रुपये प्रतिमाह तथा करीब 01 लाख 45 हजार रूपये वार्षिक आय प्राप्त हो रही है। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बच्चों की शिक्षा बेहतर ढंग से हो रही है, इससे जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। लच्छंतीन बाई आज ग्रामीण महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण की प्रेरणा स्रोत बन गई है।
एक्सटेंशन रिफॉर्म्स आत्मा योजनांतर्गत खरीफ किसान संगोष्ठी का आयोजन
आधुनिक कृषि तकनीक एवं शासकीय योजनाओं की दी गई जानकारी
उत्तर बस्तर कांकेर, 30 जून 2026
कृषि विभाग की एक्सटेंशन रिफॉर्म्स आत्मा योजनांतर्गत भानुप्रतापपुर विकासखण्ड के ग्राम पंचायत विनायकपुर में खरीफ किसान संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा खरीफ फसल कार्ययोजना, बीज उत्पादन कार्यक्रम, बीजोपचार की विधि, शैलो नलकूप खनन, लैम्पसों में बीज एवं उर्वरक भंडारण-वितरण तथा डीएपी के स्थान पर 20ः20ः0ः13 एवं 12ः32ः16 उर्वरकों के उपयोग, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, डॉ. खूबचंद बघेल पुरस्कार सहित कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी किसानों को दी गई। इसके साथ ही उन्नत कृषि तकनीकों, नई फसल किस्मों, जैविक खेती तथा खरीफ मौसम की प्रमुख फसलों की आधुनिक उत्पादन तकनीकों पर विस्तार से बताया गया। संगोष्ठी में किसानों के समक्ष 17 प्रतिशत नमक घोल उपचार का जीवंत प्रदर्शन भी किया गया।
कृषि विज्ञान केंद्र कांकेर के वस्तु विशेषज्ञ श्री उपेन्द्र कुमार नाग ने जैविक खेती एवं जैविक खाद के उपयोग और उसके लाभों पर किसानों को मार्गदर्शन दिया। संगोष्ठी में पशुपालन विभाग के अधिकारी ने केंद्र प्रवर्तित योजनाओं, पशुओं के नियमित टीकाकरण एवं कृत्रिम गर्भाधान, उद्यानिकी विभाग द्वारा समेकित उद्यानिकी विकास योजना, ऑयल पाम की लाभकारी खेती, राष्ट्रीय बागवानी मिशन, टपक सिंचाई योजना तथा मत्स्य पालन विभाग द्वारा मत्स्य पालन एवं किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) से संबंधित जानकारी दी गई। वहीं प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के जिला प्रबंधक ने किसानों को फसल बीमा योजना की पात्रता, लाभ एवं आवेदन प्रक्रिया के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम में ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती जैनबती कोला, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी महात्मा तरेता, कृषि विकास अधिकारी मनोज कुमार सरकार, उद्यान अधीक्षक नारायण मुखर्जी, सहायक मत्स्य अधिकारी कांतिलाल कोर्राम, डिस्ट्रिक्ट मैनेजर फसल बीमा अशोक कुमार साहू सहित संबंधित विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं कृषकगण मौजूद रहे।
प्रधानमंत्री आवास की राशि लेकर निर्माण नहीं करने वालों पर होगी कार्यवाही
उत्तर बस्तर कांकेर, 30 जून 2026
नगर पालिका परिषद कांकेर अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत राशि प्राप्त करने के बाद भी मकान निर्माण शुरू नहीं करने अथवा निर्माण कार्य अधूरा छोड़ने वाले हितग्राहियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी मुख्य नगरपालिका अधिकारी पवन मेरिया द्वारा दी गई है। ऐसे हितग्राहियों को चेतावनी जारी करते हुए उन्होंने जल्द से जल्द निर्माण कार्य पूर्ण करने कहा गया है।
मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री मेरिया ने बताया कि योजना के तहत कई हितग्राहियों को प्रथम एवं द्वितीय किस्त की राशि जारी की जा चुकी है, लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है या निर्माण कार्य अधूरा पड़ा हुआ है। शासन के निर्देशानुसार सितंबर माह के बाद योजना के तहत किसी भी हितग्राही को अगली अथवा अंतिम किस्त की राशि जारी नहीं की जाएगी तथा इसके बाद योजना का खाता बंद कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकारी राशि प्राप्त करने के बाद भी आवास निर्माण नहीं कराने वाले हितग्राहियों के विरुद्ध धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कराया जा सकता है। इसके साथ ही राजस्व विभाग के माध्यम से राशि की वसूली की जाएगी तथा आवश्यकता पड़ने पर भूमि एवं अन्य संपत्तियों की कुर्की की कार्रवाई भी की जाएगी। श्री मेरिया ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराना है। कुछ हितग्राही राशि प्राप्त करने के बाद भी निर्माण कार्य में लापरवाही बरत रहे हैं। उन्होंने ऐसे सभी हितग्राहियों से अपील की है कि सितंबर से पहले अपने आवास का निर्माण कार्य पूर्ण करा लें, इसके बाद किसी भी प्रकार की अतिरिक्त राशि जारी नहीं की जाएगी।
पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान के तहत 05 वर्ष तक बच्चों को दी गई पोलियो की खुराक
जिले में 76,544 बच्चों को पोलियो ड्रॉप पिलाने का लक्ष्य
उत्तर बस्तर कांकेर, 28 जून 2026
पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान के तहत जिले में आज शून्य से 05 वर्ष तक बच्चों को पोलियो दो बून्द खुराक पिलाकर तीन दिवसीय अभियान की शुरूआत किया गया। जिला चिकित्सालय के मातृ एवं शिशु रोग विभाग अलबेलापारा कांकेर में नगरपालिका अध्यक्ष श्री अरूण कौशिक एवं श्री महेश जैन व पार्षद श्रीमती उगेश्वरी उइके ने बच्चों को पोलियो की दो बून्द खुराक देकर अभियान की शुरूआत करते हुए उन्होंने जिले के सभी पालकों से शून्य से 05 वर्ष तक बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने की अपील की। इस दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.सी. ठाकुर, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. ओ.पी. शंखवार सहित स्वास्थ्य अमला मौजूद थे। इस अभियान के तहत प्रथम दिवस को पोलियो बूथ पर ही बच्चों को पोलियो की खुराक दी जाएगी तथा दूसरे एवं तीसरे दिवस को छूटे हुए बच्चों को घर-घर जाकर पोलियो की दवा पिलाई जाएगी, इसके लिए 1,274 घर-घर भ्रमण दल सदस्य तथा 31 ट्रांजिट टीम सदस्य तैनात किए गए हैं। इस अभियान के तहत जिले के 0 से वर्ष आयु वर्ग के 76,544 बच्चों के टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
उल्लेखनीय है कि 27 मार्च 2014 को भारत को पोलियो-मुक्ति का प्रमाण-पत्र मिलना एक महत्वपूर्ण एवं सराहनीय उपलब्धि है। तब से भारत 14 वर्ष से अधिक समय से पोलियो-मुक्त है। विश्व स्तर पर वाइल्ड पोलियो वायरस का प्रसार अभी भी बच्चों को प्रभावित कर रहा है, जिसमंे भारत के कुछ पड़ोसी देश भी शामिल हैं, जिससे रोग के पुनः संक्रमण का जोखिम बना हुआ है।
पॉलीटेक्निक प्रवेश हेतु द्वितीय चरण की काउंसिलिंग 26 जून से प्रारंभ
उत्तर बस्तर कांकेर, 25 जून 2026
तकनीकी शिक्षा संचालनालय, छत्तीसगढ़ द्वारा पॉलीटेक्निक डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए द्वितीय चरण की काउंसिलिंग 26 जून से प्रारंभ की जा रही है। प्रथम चरण की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद विभिन्न शाखाओं में रिक्त सीटों पर प्रवेश के लिए इच्छुक अभ्यर्थी निर्धारित तिथियों में ऑनलाइन पंजीयन कर सकते हैं।
शासकीय पॉलीटेक्निक कांकेर के प्राचार्य डॉ. शैलेंद्र सिंह ने बताया कि द्वितीय चरण की काउंसिलिंग हेतु ऑनलाइन पंजीयन 26 से 30 जून तक किया जाएगा। सीट आबंटन सूची 03 जुलाई को शाम 05 बजे जारी होगी, जबकि चयनित अभ्यर्थी 04 से 09 जुलाई तक संबंधित संस्थान में प्रवेश ले सकेंगे। उन्होंने बताया कि शासकीय पॉलीटेक्निक कांकेर में सिविल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग शाखाओं का संचालन किया जा रहा है। प्रत्येक शाखा में 30-30 सीटें उपलब्ध हैं। कांकेर एवं बस्तर संभाग के विद्यार्थियों के लिए पॉलीटेक्निक प्रवेश परीक्षा (पीपीटी) में शामिल होना अनिवार्य नहीं है। ऐसे विद्यार्थी बिना पीपीटी परीक्षा दिए भी ऑनलाइन काउंसिलिंग प्रक्रिया के माध्यम से प्रवेश प्राप्त कर सकते हैं, जिससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा हासिल करने का बेहतर अवसर मिल रहा है। इसके अलावा 10वीं उत्तीर्ण विद्यार्थी प्रथम वर्ष में प्रवेश के पात्र हैं, जबकि 12वीं विज्ञान (गणित) एवं आईटीआई उत्तीर्ण अभ्यर्थी लेटरल एंट्री योजना के अंतर्गत सीधे द्वितीय वर्ष में प्रवेश प्राप्त कर सकते हैं। इन अभ्यर्थियों को भी निर्धारित समयावधि में ऑनलाइन पंजीयन करना होगा। संस्थान में छात्राओं के लिए शिक्षा निःशुल्क है तथा शिक्षण शुल्क पूरी तरह माफ है। इसके साथ ही प्रशिक्षित एवं अनुभवी प्राध्यापकों द्वारा शिक्षण, सुसज्जित प्रयोगशालाएं, आधुनिक पुस्तकालय, प्लेसमेंट एवं कैरियर मार्गदर्शन तथा रैगिंग-मुक्त परिसर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। प्राचार्य ने पात्र विद्यार्थियों से समय पर ऑनलाइन पंजीयन कर काउंसिलिंग प्रक्रिया में शामिल होने और तकनीकी शिक्षा के अवसर का लाभ उठाने की अपील की है।
जिले के सभी सहकारी समितियों में 30393.514 मेट्रिक टन खाद का भण्डारण
उत्तर बस्तर कांकेर, 25 जून 2026
दैनिक समाचार पत्रों में प्रकाशित खबर ‘खाद के लिए भटक रहे किसान’ एवं ‘खाद संकट को लेकर प्रदर्शन’ के संबंध में जानकारी देते हुए कृषि विभाग के उप संचालक जितेन्द्र कोमरा ने बताया कि वर्ष खरीफ 2026 में कांकेर जिले के सभी सहकारी समितियों में 30393.514 मेट्रिक टन खाद का भण्डारण कर 21288.995 मेट्रिक टन खाद किसानों को वितरण किया गया है। आदिम जाति सेवा सहकारी समिति पीढ़ापाल की मांग अनुसार 500 मेट्रिक टन का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से 217.55 मेट्रिक टन का भंडारण हुआ है। इस प्रकार लक्ष्य के विरूद्ध 44 प्रतिशत खाद का भण्डारण किया गया है तथा 150.59 मेट्रिक टन खाद वितरण किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि वैज्ञानिकों द्वारा रासायनिक उर्वरकों की अनुशंसित मात्रा के आधार पर कृषकों को उर्वरक वितरण समितियों के माध्यम से किया जा रहा है।
अल नीनो का पशुधन पर प्रभाव एवं बचाव हेतु सामयिक सलाह
उत्तर बस्तर कांकेर, 25 जून 2026
अल नीनो के संभावित प्रभावों को देखते हुए जिले के पशुपालकों को आवश्यक सावधानियां बरतने एवं पशुधन की सुरक्षा के लिए विशेष उपाय अपनाने की अपील पशुधन विकास विभाग के उप संचालक डॉ. सत्यम मित्रा द्वारा की गई है। उन्होंने कहा कि अल नीनो एक महत्वपूर्ण जलवायु घटना है, जिसके कारण वर्षा के पैटर्न और तापमान में बदलाव की संभावना बनी हुई है। इसके चलते प्रदेश के कई जिलों में इस वर्ष सामान्य से कम वर्षा होने का अनुमान लगाया जा रहा है। कांकेर जिले के कुछ विकासखंडों में भी पिछले वर्षों की तुलना में वर्षा का प्रतिशत कम दर्ज किया गया है, जिससे भविष्य में सूखे जैसी परिस्थितियां उत्पन्न होने की आशंका व्यक्त की गई है।
उप संचालक डॉ. मित्रा ने अल नीनो के प्रभाव से पशुधन की सुरक्षा उपायों के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि कम वर्षा एवं सूखे की स्थिति में घास और चारे के उत्पादन में कमी आने से पशुओं के लिए भोजन संकट उत्पन्न हो सकता है। इससे बचाव के लिए पशुपालकों को पर्याप्त मात्रा में चारे का भंडारण करने, साइलेज एवं सूखा चारा तैयार करने, यूरिया उपचारित पैरा संग्रहित करने तथा अजोला चारा उपयोग करने की सलाह दी गई है। साथ ही सोरगम, बाजरा एवं लोबिया जैसी सूखा प्रतिरोधी फसलों का उत्पादन किया जा सकता है। चारे की कमी होने पर बबूल, पीपल जैसे पोष्टिक पेड़ों की पत्तियों को आहार में शामिल किया जा सकता है।
उन्होंने विभाग ने जल संकट की संभावनाओं को देखते हुए पशुपालकों से टंकियों एवं कुंओं की नियमित साफ-सफाई कर पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने तथा पानी को छायादार स्थान पर रखने की अपील की है। अत्यधिक गर्मी के कारण पशुओं में हीट स्ट्रेस बढ़ने तथा रोग प्रतिरोधक क्षमता घटने की संभावना को देखते हुए समय पर टीकाकरण एवं कृमिनाशक दवाओं के उपयोग पर विशेष जोर दिया गया है। साथ ही पशुधन बीमा कराने हेतु निकटतम पशु चिकित्सा संस्थाओं से संपर्क करने की सलाह भी दी गई है। पशुपालकों को तेज धूप में पशुओं को खुला न छोड़ने, उनसे अत्यधिक कार्य न लेने, चारे की बर्बादी रोकने तथा अधिक पानी की आवश्यकता वाले हरे चारे जैसे सुपर नेपियर, पैरा घास, बरसीम एवं मक्का के चारे का उत्पादन सीमित रखने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही बीमार पशुओं का तत्काल उपचार कराने का भी आग्रह किया गया है। उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं ने सभी पशुपालकों से अपील की है कि वे संभावित सूखे की स्थिति को देखते हुए समय रहते आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करें, ताकि पशुधन को किसी प्रकार की हानि न हो।
कांकेर की ऐतिहासिक पुरानी कचहरी बनी शिक्षा और संस्कृति का नया केंद्र
प्रतिदिन 1000 विद्यार्थी कर रहे अध्ययन, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का बना प्रमुख केंद्र
सेंट्रल लाइब्रेरी सह मावा मोदोल से 89 युवाओं ने पाई शासकीय सेवाओं में सफलता
कोयाबाना आदिवासी संग्रहालय और गोंडी-हल्बी भाषा शिक्षण से सहेजी जा रही सांस्कृतिक विरासत
उत्तर बस्तर कांकेर, 25 जून 2026
जिला मुख्यालय कांकेर स्थित ऐतिहासिक पुराना कचहरी परिसर में शिक्षा, संस्कृति और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य का सशक्त केंद्र बनकर उभर रहा है। कलेक्टर श्री निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हरेश मंडावी के मार्गदर्शन में संचालित सेंट्रल लाइब्रेरी सह मावा मोदोल जिले के विद्यार्थियों और युवाओं के लिए प्रेरणा का केंद्र बन चुका है। यहां अध्ययनरत छात्र-छात्राएं न केवल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, बल्कि अपने सपनों को साकार करने की दिशा में भी मजबूती से कदम बढ़ा रहे हैं। जिला प्रशासन की महत्वाकांक्षी पहल ‘हमर लक्ष्य’ के अंतर्गत विकसित यह केंद्र आज शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षा मार्गदर्शन, भाषा संरक्षण और सांस्कृतिक संवर्धन का उत्कृष्ट उदाहरण बन चुका है। यह पहल युवाओं के सपनों को नई दिशा देने के साथ-साथ जिले की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भी संरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
सेंट्रल लाइब्रेरी सह मावा मोदोल के नोडल अधिकारी एवं जिला मिशन समन्वयक श्री नवनीत पटेल ने बताया कि वर्तमान में प्रतिदिन लगभग एक हजार विद्यार्थी इस अध्ययन केंद्र का लाभ ले रहे हैं। यहां विद्यार्थियों के लिए शांत एवं सुव्यवस्थित अध्ययन वातावरण उपलब्ध कराया गया है। वर्तमान में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विशेष कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। इसके साथ ही उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा की तैयारी के लिए मैराथन क्लासेस आयोजित की जा रही हैं, जिनका लाभ बड़ी संख्या में अभ्यर्थी उठा रहे हैं।
जिला शिक्षा अधिकारी श्री रमेश कुमार निषाद के मार्गदर्शन में इस अध्ययन केंद्र को और अधिक विकसित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। यहां उपलब्ध सुविधाओं और विशेषज्ञ मार्गदर्शन का सकारात्मक परिणाम है कि अब तक इस केंद्र से अध्ययन कर चुके 89 युवाओं ने विभिन्न शासकीय पदों पर सफलता प्राप्त की है। यह उपलब्धि इस केंद्र की उपयोगिता और प्रभावशीलता को प्रमाणित करती है।
पुराना कचहरी परिसर केवल शिक्षा का केंद्र ही नहीं, बल्कि आदिवासी संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण का भी महत्वपूर्ण माध्यम बन गया है। परिसर में स्थापित कोयाबाना आदिवासी संग्रहालय स्थानीय जनजातीय संस्कृति, परंपराओं, जीवनशैली और इतिहास को संरक्षित करने का कार्य कर रहा है। इसके साथ ही यहां गोंडी एवं हल्बी भाषाओं का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। वर्तमान में लगभग 80 विद्यार्थी इन भाषाओं के अध्ययन से जुड़े हुए हैं, जिससे नई पीढ़ी अपनी मातृभाषा और सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रह सकंे। परिसर का ऐतिहासिक प्रवेश द्वार, उद्यान, हरियाली और स्वच्छ वातावरण इसे और आकर्षक बनाते हैं। यहां आने वाले विद्यार्थी, अभिभावक एवं पर्यटक इस परिसर की सुंदरता और व्यवस्थाओं की सराहना करते हैं।
जिले के किसानों को अब तक 4484 क्विंटल बीज का वितरण
जिले में 1814 क्विंटल बीज उपलब्ध, 49976 मेट्रिक टन खाद का भंडारण
उत्तर बस्तर कांकेर, 24 जून 2026
कृषि विभाग के उप संचालक जितेन्द्र कोमरा ने दैनिक समाचार पत्रों में प्रकाशित खबर ‘सोसायटी में यूरिया-बीज की कमी, भटक रहे किसान’ के संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि इस वर्ष खरीफ सीजन के लिए किसानों को गुणवत्तायुक्त बीज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 12021 क्विंटल बीज वितरण का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में समितियों में 9363 क्विंटल बीज का भंडारण किया जाकर 4484.04 क्विंटल बीज का वितरण किया जा चुका है और अभी 1814.60 क्विंटल बीज उपलब्ध है, जिसका भंडारण किया जा रहा है। उर्वरक भंडारण व वितरण के संबंध में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि जिले में 64560 मेट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य रखा गया है तथा अब तक 49976.182 मेट्रिक टन खाद का भंडारण किया जा चुका है। जिले के सहकारी समितियों में 34766.189 मेट्रिक टन एवं निजी विक्रय केंद्रों में 15209.993 मेट्रिक टन उर्वरक भंडारण किया जाकर 27747.135 मेट्रिक टन खाद जिले के किसानों को सहकारी समितियों एवं निजी विक्रय केंद्रों के माध्यम से वितरित किया जा चुका है।
किसानों को एक बोरी डीएपी के साथ दो बोरी यूरिया देने की व्यवस्था के संबंध में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि वैज्ञानिकों द्वारा रासायनिक उर्वरकों की अनुशंसित मात्रा के आधार पर किसानों को प्रति एकड़ एक बोरी यूरिया और एक बोरी डीएपी तथा एक बोरी एमओपी वितरित किया जा रहा है। किसानों को खाद-बीज उचित मूल्य पर उपलब्ध कराने के दृष्टि से कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा विक्रय परिसरों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है।
पंजीकृत महिला श्रमिकों को ई-रिक्शा हेतु मिलेगी 01 लाख 50 हजार रुपये की सहायता
उत्तर बस्तर कांकेर, 24 जून 2026
छत्तीसगढ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा पंजीकृत महिला श्रमिकों के लिए ‘दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना’ संचालित है जिसके अन्तर्गत मंडल में 03 वर्षों से अधिक समय से पंजीकृत महिला हितग्राही जिसका ड्राईविंग लाईसेंस बना हो वे पात्र होंगे। श्रम विभाग द्वारा पात्र हितग्राहियों को ई-रिक्शा के लिए 01 लाख 50 हजार रूपए डीबीटी के माध्यम से सीधे हितग्राही के बैंक खाते में अन्तरण की जावेगी। यह योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने व उनके जीवन स्तर को सुधार करने का महत्वपूर्ण योजना है, जिससे वे ई-रिक्शा का संचालन कर अधिक आय अर्जित कर पायेंगे। उक्त योजना के संबंध में हितग्राही अधिक जानकारी या आवेदन की प्रक्रिया हेतु कार्यालय श्रम पदाधिकारी कांकेर अथवा जनपद पंचायतों के श्रम संसाधन केन्द्र में उपस्थित होकर आवेदन कर सकते हैं।
अल-नीनो की संभावना को देखते हुए कृषि विभाग ने दी किसानों को सामयिक सलाह
उत्तर बस्तर कांकेर, 24 जून 2026
अल-नीनो की संभावित प्रभाव के कारण खरीफ सीजन में मानसून के देर से आने, शीघ्र समाप्त होने तथा फसल अवधि के दौरान खण्ड वर्षा की संभावना को देखते हुए कृषि विभाग ने किसानों के लिए सामयिक सलाह जारी की गई है।
किसानों को सलाह दी गई है कि वर्षा प्रारंभ होने से पूर्व खेतों एवं मेड़ों की सफाई, जुताई तथा भूमि तैयारी के सभी कार्य समय पर पूर्ण कर लेने चाहिए। अल-नीनो की परिस्थितियों को देखते हुए किसानों को कम एवं मध्यम अवधि में पकने वाली फसलों एवं उन्नत किस्मों का चयन करें, जिससे वर्षा की अनिश्चिता का प्रभाव कम हो। धान की रोपा पद्धति के बजाय धान की सीधी बुवाई को प्राथमिकता देने की सलाह दी गई है। धान की सीधी बुवाई से लगभग 20 प्रतिशत पानी की बचत होती है, खेती की लागत में लगभग 5 हजार रुपये प्रति एकड़ तक कमी आती है तथा फसल 12 से 15 दिन पहले तैयार हो जाती है।
किसानों को खेतों में मेड़बंदी कर वर्षा जल संरक्षण सुनिश्चित करने तथा उच्चहन भूमि वाले क्षेत्रों में धान के स्थान पर दलहनी फसलें जैसे अरहर, मूंग, उड़द तथा तिलहनी फसलें मूंगफली, तिल, रामतिल एवं सोयाबीन की खेती अपनाने की सलाह दी गई है। फसलों की बुवाई कतार पद्धति से करने की सलाह देते हुए बताया गया कि इससे नमी संरक्षण, खरपतवार नियंत्रण तथा पौधों की बेहतर वृद्धि में सहायता मिलती है। कृषि विभाग द्वारा फसलों के बीजों का बुवाई के पूर्व उपचार करने तथा बोवाई के तीन दिन से पांच दिन के भीतर अनुशंसित मात्रा में अंकुरण पूर्व खरपतवारनाशी दवाओं का प्रयोग करने की सलाह दी गई है। जुलाई के अंत तक मूंग एवं उड़द की बुवाई पूर्ण कर लेने तथा अगस्त माह में तिल, सूरजमुखी तथा मध्यम अवधि वाली अरहर की बुवाई करने एवं बुवाई के बाद खरपतवार नियंत्रण, मल्चिंग, वर्षा जल संचयन तथा आवश्यकतानुसार पर्णीय पोषण प्रबंधन अपनाने की भी सलाह दी गई है।
कम वर्षा की स्थिति में नत्रजन उर्वरकों के सीमित उपयोग तथा 2 प्रतिशत यूरिया घोल या नैनो यूरिया के पर्णीय छिड़काव को अधिक लाभकारी बताया गया है। वहीं दलहनी एवं तिलहनी फसलों में बुवाई के लगभग एक माह बाद 2 प्रतिशत डीएपी घोल का छिड़काव करने की अनुशंसा की गई है।
अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट हेतु स्कूलों में चलाया जा रहा विशेष अभियान
05 से 17 वर्ष तक के बच्चों का अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट निःशुल्क
उत्तर बस्तर कांकेर, 24 जून 2026
जिले में बच्चों के आधार बायोमेट्रिक अपडेट हेतु विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत विभिन्न स्कूलों में विशेष शिविर आयोजित कर 05 से 17 वर्ष तक के बच्चों के आधार बायोमेट्रिक अपडेट की सुविधा निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार यूआईडीएआई के दिशा-निर्देशों के तहत 05 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर बच्चों का पहला अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट कराना आवश्यक है। इसी प्रकार 15 वर्ष की आयु पूर्ण होने के बाद दूसरा अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट करवाना भी आवश्यक है। यदि बच्चे का पहला अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट समय पर नहीं कराया गया है, तो पहला बायोमेट्रिक अपडेट निःशुल्क किया जा रहा है। इसके बाद बायोमेट्रिक अपडेट कराने पर 125 रुपये शुल्क लेने का प्रावधान है। वर्तमान में जिले में 05 से 17 वर्ष तक के बच्चों के लिए बायोमेट्रिक अपडेट की सुविधा निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है।
जिला प्रशासन ने सभी पालकों से अपील की है कि जिन बच्चों का बायोमेट्रिक अपडेट अभी तक नहीं हुआ है, वे अपने नजदीकी आधार केंद्र अथवा आयोजित विशेष शिविरों में पहुंचकर अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट पूर्ण कराएं। आधार बायोमेट्रिक अपडेट होने से बच्चों की आधार संबंधी जानकारी अद्यतन रहती है, जिससे भविष्य में केवाईसी, स्कूल प्रवेश, छात्रवृत्ति तथा अन्य आधार आधारित सेवाओं का लाभ लेने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होती। सभी अभिभावकों से आग्रह किया गया है कि 05 वर्ष से अधिक आयु के ऐसे बच्चे जिनका अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट लंबित है, उनका आधार अपडेट जल्द से जल्द कराकर शासन की निःशुल्क सुविधाओं का लाभ उठाएं।
कन्या शिक्षा को नई उड़ान: सुभाष चंद्र बोस कन्या आवासीय विद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू
दूरस्थ अंचलों की बेटियों के लिए सुनहरा अवसर, जिले के चार विकासखंडों में चल रहे आवासीय विद्यालय
निःशुल्क शिक्षा, आवास और भोजन की सुविधा के साथ बेटियों का भविष्य संवार रहा जिला प्रशासन
उत्तर बस्तर कांकेर, 24 जून 2026
जिले में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने तथा दूरस्थ एवं वंचित वर्ग की छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित सुभाष चंद्र बोस कन्या आवासीय विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हरेश मंडावी के निर्देशन में समग्र शिक्षा विभाग द्वारा जिले के विभिन्न विकासखंडों में इन विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है। इन आवासीय विद्यालयों का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर, दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों की बालिकाओं को सुरक्षित आवासीय वातावरण में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। वर्तमान में जिले के दुर्गूकोंदल, कोयलीबेड़ा, नरहरपुर एवं कांकेर विकासखंडों में सुभाष चंद्र बोस कन्या आवासीय विद्यालय संचालित हैं, जहां छात्राओं को शिक्षा के साथ-साथ सर्वांगीण विकास के अवसर भी प्रदान किए जा रहे हैं। इन विद्यालयों में छात्राओं को निःशुल्क शिक्षा, सुरक्षित आवास, पौष्टिक भोजन, गणवेश, पाठ्यपुस्तकें तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती है।
कलेक्टर श्री क्षीरसागर ने विशेष रूप से अनाथ, पितृविहीन, आर्थिक रूप से कमजोर, शाला त्यागी एवं आउट ऑफ स्कूल बालिकाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों, संकुल प्राचार्यों, प्रधानाध्यापकों एवं संस्था प्रमुखों से व्यापक प्रचार-प्रसार कर पात्र छात्राओं एवं उनके अभिभावकों तक जानकारी पहुंचाने की निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि जिले की प्रत्येक पात्र बालिका गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जुड़कर आत्मनिर्भर बने और अपने सपनों को साकार कर सके।
जिला शिक्षा अधिकारी श्री रमेश कुमार निषाद एवं जिला मिशन समन्वयक श्री नवनीत पटेल ने जानकारी देते हुए बताया कि विकासखंड कांकेर अंतर्गत ग्राम बेवरती में विद्यालय का नवीन एवं स्थायी भवन पूर्ण रूप से तैयार हो चुका है। आगामी शैक्षणिक सत्र से यहां 200 छात्राओं की क्षमता के अनुरूप नियमित संचालन किया जाएगा। इसी प्रकार विकासखंड दुर्गूकोंदल स्थित शिक्षा हब परिसर में संचालित विद्यालय में भी 200 छात्राओं के प्रवेश का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। विकासखंड नरहरपुर एवं कोयलीबेड़ा में स्थायी भवनों का निर्माण कार्य तेजी से जारी है। निर्माण पूर्ण होने के पश्चात दोनों विद्यालयों में भी 200-200 छात्राओं की क्षमता के साथ पूर्णकालिक आवासीय संचालन प्रारंभ किया जाएगा। वर्तमान में नरहरपुर का विद्यालय शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सरोना परिसर में तथा कोयलीबेड़ा का विद्यालय छोटेबेठिया में संचालित किया जा रहा है, जहां कक्षा 6वीं से 12वीं तक की पढ़ाई नियमित रूप से जारी है। जिला शिक्षा अधिकारी ने जिले के पालकों से अपील की है कि वे अपनी बेटियों का प्रवेश इन आवासीय विद्यालयों में कराकर उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में सहभागी बनें। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि बेटियों को सशक्त, आत्मविश्वासी एवं समाज का जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
ग्राम सभा का आयोजन 24 से 28 जून तक
उत्तर बस्तर कांकेर, 23 जून 2026
कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने जिले के सभी ग्राम पंचायत मुख्यालय तथा उनके आश्रित ग्रामों में 24 से 28 जून तक ग्राम सभा का आयोजन करने के लिए जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देशित किया है। उन्होंने कहा कि अपने स्तर से पीठासीन अधिकारी नियुक्त कर तथा समय-सारणी बनाकर ग्राम सभा का आयोजन किया जावे। एक ही तिथि में ग्राम पंचायत के एक से अधिक गांव में ग्राम सभा का आयोजन न किया जाए। इस प्रकार की व्यवस्था से सरपंच, सचिव सभी ग्राम सभाओं में अपनी उपस्थिति दे सकेंगे एवं ग्राम सभा का आयोजन सही ढंग से हो सकेगा।
कलेक्टर श्री क्षीरसागर ने ग्राम सभा का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के लिए जिले के सभी जनपद पंचायत सीईओ को निर्देशित करते हुए कहा कि कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार कराते हुए ग्राम सभा आयोजन की जानकारी ग्राम पंचायत के प्रत्येक पदाधिकारी सरपंच तथा पंचों को दी जाए, जो अपने क्षेत्र के सदस्यों को ग्राम सभा में उपस्थित कराने के लिए उत्तरदायी होंगे। ग्राम पंचायतों के द्वारा ग्राम सभा सम्मेलन की सूचना सार्वजनिक स्थल, सहगोचर स्थानों पर चस्पा व मुनादी कराने के लिए भी निर्देशित किया गया है। ग्रामसभा की कार्यवाही सुव्यवस्थित रूप से संपन्न कराने के बाद लिए गए निर्णयों की अधिकतम 15 मिनट की वीडियो रिकार्डिंग कर वीडियो को ‘‘ग्राम सभा निर्णय’’ (GS NIRNAY) मोबाईल एप में अपलोड कराएं। ग्रामसभा के गतिविधियों को वाइब्रेंट ग्राम सभा पोर्टलhttps://meetingonline.gov.in/ एवंGPDP पोर्टल में शत-प्रतिशत अपलोड कराने के लिए निर्देशित किया गया है।
कोल इंडिया लिमिटेड की ‘निर्माण-2026’ योजना के तहत संघ लोक सेवा आयोग के अभ्यर्थियों को मिलेगी 01 लाख रूपए की आर्थिक सहायता
उत्तर बस्तर कांकेर, 23 जून 2026
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के प्रतिभाशाली युवाओं को संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा एवं भारतीय वन सेवा परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रोत्साहित करने हेतु कोल इंडिया लिमिटेड ने कॉर्पाेरेट सामाजिक उत्तरदायित्व पहल के अंतर्गत ‘निर्माण-2026’ सीएसआर योजना शुरू की है। इस योजना के तहत पात्र अभ्यर्थियों को एकमुश्त एक लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी, जो सीधे उनके बैंक खाते में हस्तांतरित की जाएगी।
योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से आने वाले ऐसे अभ्यर्थियों को सहायता प्रदान करना है, जिन्होंने संघ लोक सेवा आयोग सिविल सेवा परीक्षा सीएसई अथवा भारतीय वन सेवा परीक्षा की प्रारंभिक परीक्षा वर्ष 2026 में उत्तीर्ण की हो। योजना का लाभ लेने के लिए अभ्यर्थी का असम, छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओड़िशा, उत्तर प्रदेश अथवा पश्चिम बंगाल का स्थायी निवासी होना आवश्यक है। इसके साथ ही वित्तीय वर्ष 2025-26 में परिवार की वार्षिक आय 08 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
योजना के तहत कोल इंडिया लिमिटेड अथवा उसकी सहायक कंपनियों के कर्मचारी एवं उनके आश्रित, केंद्र अथवा राज्य सरकार, केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन या किसी सार्वजनिक उपक्रम पीएसयू में कार्यरत स्थायी कर्मचारी पात्र नहीं होंगे। साथ ही ऐसे अभ्यर्थी जिन्होंने पूर्व में ‘निर्माण-2024’ या ‘निर्माण-2025’ योजना का लाभ प्राप्त किया है, वे भी इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे। पात्र अभ्यर्थी संघ लोक सेवा आयोग, सीएसई एवं आईएफओएस प्रारंभिक परीक्षा 2026 के परिणाम घोषित होने के बाद कोल इंडिया लिमिटेड के निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे।
योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी और आवेदन प्रक्रिया पोर्टल पर उपलब्ध रहेगी। आवेदन के लिए अभ्यर्थियों को हालिया पासपोर्ट आकार फोटो, हस्ताक्षर, संघ लोक सेवा आयोग प्रारंभिक परीक्षा का प्रवेश पत्र, वैध पहचान पत्र, आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, बैंक खाते का विवरण तथा पोर्टल पर मांगे गए अन्य आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे। कोल इंडिया लिमिटेड की यह पहल संघ लोक सेवा आयोग जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को आर्थिक संबल प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे प्रतिभाशाली अभ्यर्थियों को अपने लक्ष्य प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।
सीएम हेल्पलाइन मे प्राप्त आवेदनों का निराकरण शीघ्र करें: कलेक्टर श्री क्षीरसागर
एप के माध्यम से होगी निर्माण कार्यों की समीक्षा
उत्तर बस्तर कांकेर, 22 जून 2026
कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायत संबंधी आवेदनों का त्वरित निराकरण करने के लिए विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया है। सोमवार को आयोजित समय-सीमा की बैठक में प्रकरणों के निराकरण की समीक्षा करते हुए उन्होंने सुशासन तिहार के दौरान प्राप्त आवेदनों को भी शीघ्र निराकृत करने के लिए निर्देशित किया है। निर्माण कार्य की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि आगामी 01 जुलाई से डीएमएफ से संबंधित निर्माण कार्यों की समीक्षा ‘‘निर्माण एप’’ के माध्यम से की जाएगी तथा जल्द ही अन्य निर्माण कार्यों की समीक्षा भी इसी एप के माध्यम से किया जाएगा। इस व्यवस्था निर्माण कार्यों की सुचारू मॉनिटरिंग हो सकेगा, जिससे कार्यों में तेजी आएगी। बैठक में मुख्यमंत्री द्वारा की घोषणा के पालन में स्वीकृत निर्माण कार्यों सहित सांसद एवं विधायक निधि अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की समीक्षा की गई तथा इन कार्यों में भी तेजी लाने कहा गया है।
कलेक्टर द्वारा विभिन्न कार्यालयों के कंडम वाहन जिनका नीलामी हो चुकी है और उक्त वाहन अभी तक परिसर में है, ऐसे वाहनों को तत्काल हटाने के लिए आरटीओ को निर्देशित किया गया है। दूरस्थ अंचलों में दूरसंचार टॉवर, अटल डिजिटल सुविधा केंद्र, किसानों का एग्रीटेक में पंजीयन सहित अन्य विभागीय कार्यों की समीक्षा भी कलेक्टर द्वारा किया गया एवं समय-सीमा में सभी कार्यों निराकृत करने के निर्देश दिए गए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हरेश मंडावी, अपर कलेक्टर अंतागढ़ श्री ए.एस. पैकरा, सभी एसडीएम सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी, जनपद सीईओ एवं नगरीय निकायों के अधिकारी मौजूद रहे।
पॉलीटेक्निक के एनएसएस के स्वयंसेवकों ने किया सामूहिक योगाभ्यास
उत्तर बस्तर कांकेर, 21 जून 2026
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर शासकीय पॉलीटेक्निक कांकेर के राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई के स्वयंसेवकों द्वारा रविवार को योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं युवाओं में योग के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था। इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम “स्वस्थ आयु के लिए योग” निर्धारित की गई है। इसी विषय को ध्यान में रखते हुए आयोजित कार्यक्रम में योग को स्वस्थ, सक्रिय एवं संतुलित जीवन का आधार बताते हुए विद्यार्थियों को नियमित योगाभ्यास के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में एनएसएस स्वयंसेवकों ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास किया। इस अवसर पर योग के शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक लाभों पर भी चर्चा की गई। विद्यार्थियों को नियमित रूप से योग करने तथा इसे अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. शैलेंद्र सिंह ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जो शरीर और मन के संतुलित विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वस्थ एवं तनावमुक्त जीवन के लिए नियमित योगाभ्यास करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के अधिकारी, कर्मचारी एवं एनएसएस स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।