छत्तीसगढ़ / कांकेर

कोल इंडिया लिमिटेड की ‘निर्माण-2026’ योजना के तहत संघ लोक सेवा आयोग के अभ्यर्थियों को मिलेगी 01 लाख रूपए की आर्थिक सहायता

 उत्तर बस्तर कांकेर, 23 जून 2026

आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के प्रतिभाशाली युवाओं को संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा एवं भारतीय वन सेवा परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रोत्साहित करने हेतु कोल इंडिया लिमिटेड ने कॉर्पाेरेट सामाजिक उत्तरदायित्व पहल के अंतर्गत ‘निर्माण-2026’ सीएसआर योजना शुरू की है। इस योजना के तहत पात्र अभ्यर्थियों को एकमुश्त एक लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी, जो सीधे उनके बैंक खाते में हस्तांतरित की जाएगी।
योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से आने वाले ऐसे अभ्यर्थियों को सहायता प्रदान करना है, जिन्होंने संघ लोक सेवा आयोग सिविल सेवा परीक्षा सीएसई अथवा भारतीय वन सेवा परीक्षा की प्रारंभिक परीक्षा वर्ष 2026 में उत्तीर्ण की हो। योजना का लाभ लेने के लिए अभ्यर्थी का असम, छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओड़िशा, उत्तर प्रदेश अथवा पश्चिम बंगाल का स्थायी निवासी होना आवश्यक है। इसके साथ ही वित्तीय वर्ष 2025-26 में परिवार की वार्षिक आय 08 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
योजना के तहत कोल इंडिया लिमिटेड अथवा उसकी सहायक कंपनियों के कर्मचारी एवं उनके आश्रित, केंद्र अथवा राज्य सरकार, केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन या किसी सार्वजनिक उपक्रम पीएसयू में कार्यरत स्थायी कर्मचारी पात्र नहीं होंगे। साथ ही ऐसे अभ्यर्थी जिन्होंने पूर्व में ‘निर्माण-2024’ या ‘निर्माण-2025’ योजना का लाभ प्राप्त किया है, वे भी इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे। पात्र अभ्यर्थी संघ लोक सेवा आयोग, सीएसई एवं आईएफओएस प्रारंभिक परीक्षा 2026 के परिणाम घोषित होने के बाद कोल इंडिया लिमिटेड के निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे। 
योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी और आवेदन प्रक्रिया पोर्टल पर उपलब्ध रहेगी। आवेदन के लिए अभ्यर्थियों को हालिया पासपोर्ट आकार फोटो, हस्ताक्षर, संघ लोक सेवा आयोग प्रारंभिक परीक्षा का प्रवेश पत्र, वैध पहचान पत्र, आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, बैंक खाते का विवरण तथा पोर्टल पर मांगे गए अन्य आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे। कोल इंडिया लिमिटेड की यह पहल संघ लोक सेवा आयोग जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को आर्थिक संबल प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे प्रतिभाशाली अभ्यर्थियों को अपने लक्ष्य प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।

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