छत्तीसगढ़ / महासमुंद
केजीबीवी विद्यालयों में लेखापाल पद हेतु चयनित अभ्यर्थियों को दस्तावेज सत्यापन के लिए उपस्थित होने के निर्देश
महासमुन्द 11 फरवरी 2026
भारत सरकार द्वारा प्रबंध पोर्टल में केजीबीवी हेतु स्वीकृत बजट एवं राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा के अनुसार जिले के तीन कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों में लेखापाल पद की पूर्ति हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए थे।
जिला शिक्षा अधिकारी सह जिला परियोजना अधिकारी, समग्र शिक्षा श्री विजय कुमार लहरे ने बताया कि प्राप्त आवेदनों के आधार पर प्रावधिक (मेरिट) सूची जारी की गई है। जिसके अनुसार केवल चयनित अभ्यर्थियों को अपने समस्त मूल दस्तावेजों के साथ संबंधित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में उपस्थित होना अनिवार्य होगा। चयनित अभ्यर्थी दिनांक 16 फरवरी 2026 तक कार्यालयीन समय में अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करेंगे। निर्धारित तिथि तक उपस्थित नहीं होने की स्थिति में प्रतीक्षा सूची में शामिल अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा। उन्होंने चयनित अभ्यर्थियों से समय पर उपस्थित होकर दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया पूर्ण कराने की अपील की है, ताकि नियुक्ति प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न की जा सके।
जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति की बैठक 12 फरवरी को
महासमुंद 11 फरवरी 2026
कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति की बैठक 12 फरवरी 2026 को शाम 4.30 बजे जिला पंचायत कार्यालय में आयोजित होगी। बैठक में जिले के बैंकिंग आंकड़ों, वार्षिक साख योजना, शैक्षिक ऋण, एसएमई एवं मुद्रा ऋण, किसान क्रेडिट कार्ड, फसल बीमा योजना तथा डेयरी व मत्स्य पालन से जुड़े ऋण प्रकरणों की समीक्षा की जाएगी। साथ ही आपकी पूंजी, आपका अधिकार अभियान की प्रगति पर भी चर्चा की जाएगी। बैठक में जिले के समस्त बैंकरों एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों को उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं।
पीसी-पीएनडीटी एक्ट अंतर्गत गठित जिला सलाहकार समिति की बैठक 16 फरवरी को
महासमुंद 11 फरवरी 2026
गर्भधारण पूर्व और प्रसूति पूर्व निदान तकनीक (पीसीपीएनडीटी एक्ट) लिंग चयन प्रतिषेध अधिनियम 1994 की धारा (17) अंतर्गत गठित जिला सलाहकार समिति की बैठक 16 फरवरी 2026 को दोपहर 12:00 बजे कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, महासमुंद में आयोजित की गई है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ आई. नागेश्वर राव ने समिति के सदस्यों को निर्धारित समय पर उपस्थित होने आग्रह किया है।
ग्रामीण युवतियों के लिए ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण का सुनहरा अवसर
12 फरवरी तक कर सकते हैं पंजीयन
महासमुंद 11 फरवरी 2026
जिले के ग्रामीण युवतियों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने हेतु बड़ौदा ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) द्वारा निःशुल्क 35 दिवसीय ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण आयोजित किया गया है। निदेशक बैंक ऑफ बड़ौदा आरसेटी ने बताया कि 18 से 50 आयु वर्ष के इच्छुक प्रतिभागी निःशुल्क प्रशिक्षण हेतु रिक्त सीटों पर 12 फरवरी 2026 तक पंजीयन करा सकते है। पंजीयन के लिए बी.पी.एल. राशन कार्ड की प्रतिलिपि, आधार कार्ड, पासपोर्ट साइज की 4 फोटो एवं न्यूनतम 10वीं उत्तीर्ण अंकसूची आवश्यक है। पंजीयन एवं प्रशिक्षण की जानकारी के लिए कमलेश पटेल के मोबाईल नम्बर +91-79997-00673, अक्षय सिंग राजपूत के मोबाईल नम्बर +91-83194-62874 एवं राजू निर्मलकर के मोबाईल नंबर +91-91310-65767 पर प्रातः 10:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक संपर्क कर सकते है।
जिले में ऑयल पॉम खेती को बढ़ावा देने 13 फरवरी को एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन
महासमुंद 11 फरवरी 2026
कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशन में 13 फरवरी 2026 को कृषि विज्ञान केन्द्र, भलेसर महासमुंद में नेशनल मिशन ऑन एडीबल ऑयल-ऑयल पॉम योजना अंतर्गत उद्यानिकी विभाग द्वारा एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है।
इस कार्यशाला में कृषि विज्ञान केन्द्र भलेसर के उद्यानिकी वैज्ञानिक, सहायक संचालक उद्यान एवं संबंधित विकासखण्ड अधिकारी उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम में ऑयल पॉम रोपण कर चुके कृषकों के साथ-साथ ऑयल पॉम की खेती प्रारंभ करने वाले नए कृषक भी भाग लेंगे। लगभग 100 कृषक कार्यशाला में शामिल होंगे। कार्यशाला के दौरान ऑयल पॉम की वैज्ञानिक पद्धति से खेती, रोपण तकनीक, देखरेख, उत्पादन एवं शासन की योजनाओं से संबंधित विस्तृत जानकारी दी जाएगी। साथ ही कृषकों की समस्याओं का समाधान भी किया जाएगा।
उद्यानिकी विभाग द्वारा जिले के ऐसे सभी कृषकों से अपील की गई है, जो ऑयल पॉम की खेती के प्रति रुचि रखते हैं एवं योजना का लाभ लेना चाहते हैं, वे निर्धारित तिथि को कार्यशाला में अनिवार्य रूप से सहभागिता करें।
जिले में 10वीं-12वीं परीक्षा संचालन हेतु केंद्राध्यक्षों का प्रशिक्षण संपन्न
कलेक्टर श्री लंगेह ने विद्यार्थियों की काउंसलिंग कर परीक्षा के भय को दूर करने पर दिया बल
महासमुंद 11 फरवरी 2026
कक्षा 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के सुव्यवस्थित, निष्पक्ष एवं पारदर्शी संचालन के उद्देश्य से जिले में केंद्राध्यक्षों का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर श्री विजय कुमार लंगेह ने छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की विस्तृत जानकारी देते हुए परीक्षा की गोपनीयता एवं अनुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्री लंगेह ने सभी केंद्राध्यक्षों को निर्धारित रूट चार्ट का अनिवार्य रूप से पालन करने, परीक्षा कक्षों में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा विद्यार्थियों के लिए पेयजल की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परीक्षार्थियों को परीक्षा प्रारंभ होने से पूर्व सुव्यवस्थित ढंग से बैठाया जाए एवं शौचालय तथा बाथरूम की स्वच्छता पर विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने निर्देशित किया कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार के असामाजिक तत्वों द्वारा व्यवधान उत्पन्न करने की स्थिति में तत्काल तहसीलदार, एसडीएम अथवा फ्लाइंग स्क्वॉड को सूचना दी जाए। साथ ही विद्यार्थियों की काउंसलिंग कर परीक्षा के भय को दूर करने पर भी विशेष बल दिया गया।
कलेक्टर श्री लंगेह ने विद्यार्थियों के अपार आईडी निर्माण की समीक्षा करते हुए शेष विद्यार्थियों का शीघ्र पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। नाम अथवा अन्य विवरण में त्रुटि होने की स्थिति में फॉर्म-3 भरकर संबंधित विकासखंड कार्यालय में जमा करने के निर्देश भी दिए गए। सत्र 2025-26 में विभिन्न मदों में प्राप्त राशि के संबंध में उन्होंने विद्यालयों को निर्देशित किया कि प्राप्त राशि का नियमानुसार एवं समयबद्ध व्यय करें, ताकि शेष राशि शीघ्र प्राप्त होकर विद्यालय विकास कार्यों में उपयोग की जा सके।
प्रशिक्षण कार्यक्रम को जिला शिक्षा अधिकारी श्री विजय कुमार लहरे एवं जिला मिशन समन्वयक श्री रेखराज शर्मा ने भी संबोधित किया। समन्वय संस्था के प्राचार्य श्री हेमंत आचार्य ने माध्यमिक शिक्षा मंडल से प्राप्त प्रशिक्षण बिंदुओं का विस्तार पूर्वक प्रस्तुतीकरण किया। इस अवसर पर सहायक संचालक श्री नंदकिशोर सिन्हा, एडीपीओ श्री प्रमोद कन्नौजे, एपीसी श्री सांप बोस, श्री सुबोध तिवारी, बीईओ सरायपाली श्री टीकम चंद पटेल, विज्ञान परिषद के समन्वयक श्री जगदीश सिन्हा, बीआरसीसी श्री जागेश्वर सिन्हा सहित जिले के विभिन्न विद्यालयों के प्राचार्य गण उपस्थित रहे।
फाइलेरिया उन्मूलन महाभियान : कलेक्टर श्री लंगेह ने दवा खिलाकर किया शुभारंभ
दवाओं का अनिवार्य रूप से सेवन करने तथा लोगों को प्रेरित करने की अपील
महासमुन्द 11 फरवरी 2026
जिले में राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत सामूहिक दवा सेवन (एमडीए) महाभियान का शुभारंभ मंगलवार को शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र महासमुन्द में किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कलेक्टर श्री विनय कुमार ने हितग्राही श्रीमती चमेली निर्मलकर एवं श्रीमती अमावती ठाकुर को अपने हाथों से फाइलेरिया रोधी एल्बेन्डाजोल एवं डीईसी की दवा खिलाकर अभियान की शुरुआत की तथा आमजन को नियमित दवा सेवन के लिए प्रेरित किया।
यह महाभियान जिले में 25 फरवरी 2026 तक संचालित किया जाएगा। अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीम शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर जाकर पात्र नागरिकों को फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन कराएगी तथा उन्हें बीमारी से बचाव एवं आवश्यक सावधानियों के प्रति जागरूक करेगी।
इस अवसर पर कलेक्टर श्री लंगेह ने कहा कि फाइलेरिया मच्छरों के काटने से फैलने वाली एक गंभीर बीमारी है, लेकिन समय पर दवा सेवन एवं जनजागरूकता के माध्यम से इसे पूरी तरह समाप्त किया जा सकता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा वितरित की जा रही दवाओं का अनिवार्य रूप से सेवन करें तथा अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें, ताकि महासमुन्द जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक दवा पहुंचे और कोई भी इससे वंचित न रहे। इसके लिए स्वास्थ्य अमला पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव ने बताया कि फाइलेरिया शरीर के लसीका तंत्र को प्रभावित करने वाली बीमारी है, जो लंबे समय में हाथ-पैर अथवा शरीर के अन्य अंगों में असामान्य सूजन (हाथीपांव) का कारण बनती है। इससे पीड़ित व्यक्ति को बार-बार बुखार, सूजन एवं दर्द जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। यह बीमारी मच्छरों के माध्यम से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलती है।
जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्रीमती नीलू धृतलहरे ने जानकारी दी कि अभियान के प्रारंभिक दिनों में आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों, शैक्षणिक संस्थानों एवं सार्वजनिक स्थलों पर बूथ लगाकर दवा सेवन कराया जाएगा।
जिला नोडल अधिकारी डॉ. वी.पी. सिंह ने आम नागरिकों से अपील की कि वे अभियान के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों का सहयोग करें तथा स्वयं एवं अपने परिवार के सभी पात्र सदस्यों को दवा अवश्य सेवन कराएं।
उन्होंने बताया कि फाइलेरिया से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय सामूहिक दवा सेवन, मच्छरों से बचाव एवं स्वच्छता बनाए रखना है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा वितरित की जा रही दवाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं तथा चिकित्सकीय निर्देशानुसार सेवन करने से बीमारी की रोकथाम संभव है। कार्यक्रम में जायति, यशवंत साहू, दीपक तिवारी, राहुल, एकेश्वर सहित मितानिन एवं स्वास्थ्य विभाग के समस्त अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
दुर्घटना में मृतक के परिजन को दो लाख रुपए प्रतिकर सहायता राशि स्वीकृत
महासमुन्द 10 फरवरी 2026
दावा निपटान आयुक्त एवं कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह द्वारा दुर्घटना में मृतक के परिजन को हुए अपहानि को दृष्टिगत रखते हुए दो लाख रूपए प्रतिकर सहायता राशि स्वीकृत की गई है।
इनमें राष्ट्रीय राजमार्ग-53 में टक्कर मारकर भागने मोटरयान सड़क दुर्घटना में ग्राम लोहारडीह निवासी श्री नेहरू यादव की मृत्यु हो गई थी। अपहानि के कारण मृतक के विधिक प्रतिनिधि के रूप में उनकी माता श्रीमती शिखा यादव को दो लाख रुपये की प्रतिकर सहायता राशि स्वीकृत की गई है।
विद्यार्थियों के आधार बायोमेट्रिक अपडेट के लिए विद्यालयों में किए जाएंगे शिविर आयोजित
352 विद्यालयों के 21 हजार 406 विद्यार्थियों का बायोमेट्रिक किया जाएगा अपडेट
महासमुंद 10 फरवरी 2026
जिले में यूडाईस 2025-26 के अंतर्गत आधार से संबंधित बायोमेट्रिक अपडेट की प्रक्रिया को तेज करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। 06 फरवरी 2026 की स्थिति में जिले में कुल 30,587 विद्यार्थियों का बायोमेट्रिक अपडेट लंबित है, जिसे शीघ्र पूर्ण किया जाना है। इस हेतु विद्यालयों में विशेष बायोमेट्रिक अपडेट शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिनके माध्यम से यूआईडीएआई से डाटा अपडेट कर उसकी प्रविष्टि यूडाईस पोर्टल पर की जाएगी। अभियान के अंतर्गत ई.डी.एम. चिप्स से समन्वय कर 20 से अधिक लंबित बायोमेट्रिक वाले 352 विद्यालयों का चयन किया गया है, जिसमें लगभग 21,406 विद्यार्थियों का अपडेट किया जाना है।
जिला मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा श्री रेखराज शर्मा द्वारा सभी विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी एवं विकासखंड स्त्रोत केंद्र समन्वयकों को निर्देशित करते हुए अभियान के प्रचार-प्रसार के लिए विद्यालयों को पालकों एवं विद्यार्थियों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि अधिक से अधिक छात्र-छात्राएं शिविर में उपस्थित होकर अपना बायोमेट्रिक अपडेट करवा सकें। इस कार्य के सफल संचालन के लिए विकासखंड स्तर पर बीआरसी एवं संकुल स्तर पर संकुल समन्वयकों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। पूरे अभियान की प्रतिदिन मॉनिटरिंग जिला शिक्षा अधिकारी महासमुंद द्वारा किया जाएगा। प्रथम चरण में 5 से 7 वर्ष एवं 15 से 17 वर्ष आयु वर्ग के विद्यार्थियों के बायोमेट्रिक अपडेट पर फोकस करते हुए शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
यूआईडीएआई द्वारा बायोमेट्रिक अपडेट की जानकारी यूडाईस पोर्टल पर अपडेट करने की सुविधा भी उपलब्ध करा दी गई है। साथ ही यूआईडीएआई के निर्देशानुसार 7 से 15 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों का अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट एक वर्ष के लिए निःशुल्क किया गया है, जबकि 5 से 7 वर्ष एवं 17 वर्ष के बच्चों के लिए यह सुविधा पहले से ही निःशुल्क है। आधार ऑपरेटरों को प्रतिदिन शिविर की जानकारी निर्धारित प्रारूप में संधारित करने तथा शिविर स्थल पर आवश्यक दस्तावेज सूची, शुल्क सूची एवं अन्य निर्देश प्रदर्शित करने कहा गया हैं।
कलेक्टर ने ली समय-सीमा की बैठक
फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम अंतर्गत अभियान की शुरुआत
समितियों में स्टेक का भौतिक सत्यापन करने के निर्देश
योजनाओं की प्रगति में तेजी लाएं - कलेक्टर श्री लंगेह
महासमुंद 10 फरवरी 2026
कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने आज सुबह 10ः30 बजे से कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समय-सीमा की बैठक आयोजित कर जिले में संचालित शासकीय योजनाओं, कार्यक्रमों एवं आगामी आयोजनों की विस्तृत समीक्षा की। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार, अपर कलेक्टर श्री सचिन भूतड़ा, श्री रवि कुमार साहू, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), विभागीय जिलाधिकारी, जनपद सीईओ, नगरीय निकायों के सीएमओ तथा वीसी के माध्यम से ब्लॉक स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने सिरपुर महोत्सव 2026 के सफल आयोजन में उत्कृष्ट योगदान देने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने आयोजन के दौरान सौंपे गए दायित्वों का जिम्मेदारीपूर्वक निर्वहन करने एवं विभिन्न व्यवस्थाओं में सराहनीय सहयोग देने के लिए सभी को बधाई दी।
कलेक्टर श्री लंगेह ने राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम अंतर्गत दवा सेवन करते हुए अभियान का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर बैठक में मौजूद जिला अधिकारियों ने भी दवा का सेवन किया। कलेक्टर ने कहा कि जिले में 10 से 25 फरवरी तक स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा सामूहिक दवा सेवन कराया जाना है। उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देशित किया कि डीईसी एवं एल्बेंडाजोल दवा का वितरण एवं सेवन निर्धारित समय-सारणी एवं दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया जाए तथा दवा सेवन स्वास्थ्य कर्मियों की निगरानी में कराया जाए। कलेक्टर श्री लंगेह ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अभियान के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों का सहयोग करें और स्वयं तथा अपने परिवार के सभी पात्र सदस्यों को दवा अवश्य सेवन कराएं, ताकि जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाया जा सके।
बैठक में कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने जिले में जारी धान उठाव की समीक्षा करते हुए डीईओ के विरुद्ध लंबित धान उठाव की स्थिति पर ध्यान देते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन उपार्जन केंद्रों में डीईओ के विरुद्ध धान का उठाव लंबित है, वहाँ प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र उठाव सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्टॉक का भौतिक सत्यापन करने तथा धान खरीदी पूर्णतः प्रमाण पत्र जारी करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि धान उठाव के लिए 15 फरवरी तक डीईओ जारी करें एवं उठाव सुनिश्चित करें। स्टॉक के भौतिक सत्यापन में किसी तरह की लापरवाही न बरती जाए। बैठक में आधार बेस्ड उपस्थिति प्रणाली को अनिवार्य करते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी अधिकारी-कर्मचारी प्रतिदिन सुबह 10 बजे कार्यालय में उपस्थित रहें। उपस्थिति में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ई-ऑफिस प्रणाली को लेकर कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी फाइलों का मूवमेंट ई-फाइल के माध्यम से ही किया जाए, यह अनिवार्य है। इससे कार्यों में पारदर्शिता एवं समयबद्धता सुनिश्चित होगी।
उन्होंने मुख्य सचिव द्वारा किए गए समीक्षा के अनुरूप विभिन्न विभागों के व्यापक समीक्षा की और शासन से प्राप्त निर्देशानुसार क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए गए। प्रमुख रूप से स्वास्थ्य, महिला बाल विकास, जिला पंचायत, कृषि, शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विभागों के कार्यक्रम अनुसार समीक्षा की। कलेक्टर ने कहा कि शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं को ध्यान में रखते हुए जिले को विकास क्रम में अग्रणी बनाए रखना है।
इसके अतिरिक्त बैठक में अन्य शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों की भी विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जनहित के कार्यों में तेजी, गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए, तथा समय-सीमा के भीतर कार्य पूर्ण करना सभी विभागों की जिम्मेदारी है। साथ ही उन्होंने पीएम जनमन, मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जन चौपाल, समय-सीमा पत्रक और राजस्व प्रकरणों की समीक्षा करते हुए गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
आर.बी.सी. 6-4 के तहत 08 लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत
महासमुंद 10 फरवरी 2026
कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत प्राकृतिक आपदा से मृत्यु होने पर 2 मृतकों के निकटतम वारिसान के लिए चार लाख रुपए के मान से कुल 08 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की है। इनमें पानी में डूबने से मृत्यु होने पर बागबाहरा विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम मुनगासेर के मृतक मनीष बरिहा की माता श्रीमती नर्मदा बरिहा के लिए एवं आकाशीय बिजली गिरने से मृत्यु होने पर पिथौरा विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम कोल्दा के मृतक श्री सदानंद चक्रधारी की पत्नी श्रीमती गायत्री चक्रधारी के लिए चार-चार लाख रुपए आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है।
विशेष समाचार : प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में महासमुंद जिला राज्य में दूसरे स्थान पर
10 माह में जिले में कुल 27 हजार 441 आवासों का निर्माण पूर्ण
महासमुंद 10 फरवरी 2026

महासमुंद जिले ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के प्रभावी एवं त्वरित क्रियान्वयन के माध्यम से छत्तीसगढ़ राज्य में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत मात्र 10 माह की अवधि में जिले में कुल 27 हजार 441 आवासों का निर्माण पूर्ण किया गया है। जिसके आधार पर महासमुंद जिला राज्य स्तर पर दूसरा स्थान हासिल किया है। जिले में निर्मित कुल 27,441 आवासों में विभिन्न विकासखंडों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। पिथौरा विकासखंड में सर्वाधिक 7,193 आवास, बागबाहरा विकासखंड में 6,102 आवास, महासमुंद विकासखंड अंतर्गत 5,775 आवास, सरायपाली विकासखंड अंतर्गत 5,062 आवास तथा बसना विकासखंड में 3,309 आवासों का निर्माण पूर्ण किया गया है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप जिला प्रशासन द्वारा गरीब, वंचित एवं जरूरतमंद परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इसी दिशा में प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को सुरक्षित, सम्मानजनक एवं स्थायी आवास उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे उनके जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन आ रहा है। योजना के क्रियान्वयन से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित हुए हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।
जिले में कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के मार्गदर्शन एवं जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार के सतत निरीक्षण में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, जनप्रतिनिधियों तथा मैदानी अमले के सतत प्रयासों, नियमित निगरानी एवं प्रभावी समन्वय के चलते यह उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। हितग्राहियों को समय पर तकनीकी मार्गदर्शन, वित्तीय सहायता एवं निर्माण सामग्री उपलब्ध कराकर कार्यों में गति लाई गई। जिले में आवास निर्माण की इस उपलब्धि से हजारों परिवारों का पक्के मकान का सपना साकार हुआ है। लाभान्वित परिवारों ने केन्द्र एवं राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसके लिए धन्यवाद ज्ञापित किया है। जिला प्रशासन द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के लक्ष्यों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने निरंतर समन्वय के साथ क्रियान्वयन किया जा रहा है। ताकि कोई भी पात्र परिवार आवास सुविधा से वंचित न रहे।
विशेष लेख : महासमुंद जिले में कमार जनजाति के समग्र विकास की दिशा में सार्थक पहल
कमार जनजाति के सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक उत्थान के लिए शासन प्रतिबद्ध
महासमुंद 09 फरवरी 2026

महासमुंद जिले में कमार जनजाति का निवास बागबाहरा, महासमुंद एवं पिथौरा विकासखंड के कुछ ग्रामों में है। आदिम जाति अनुसंधान केंद्र द्वारा वर्ष 2015-16 में किए गए आधारभूत सर्वेक्षण के अनुसार जिले में कुल 923 कमार परिवार निवासरत हैं, जिनकी कुल जनसंख्या 3309 है। इसमें 1614 पुरुष एवं 1695 महिलाएं शामिल हैं। यह जनजाति विशेष पिछड़ी जनजाति की श्रेणी में आती है, जिसके समग्र विकास हेतु जिला प्रशासन द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

कमार जनजाति के सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक उत्थान के लिए जिला प्रशासन द्वारा समग्र कार्ययोजना तैयार की गई है। शासन द्वारा दो बहुद्देशीय केंद्रों की स्वीकृति प्रदान की गई है, जिन पर प्रति केंद्र 60 लाख रुपये की लागत निर्धारित की गई है। इन केंद्रों का शुभारंभ 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर माननीय प्रधानमंत्री द्वारा वर्चुअल माध्यम से किया गया। इन बहुद्देशीय केंद्रों में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आंगनवाड़ी सेवाएं, स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य सेवाएं तथा जिला पंचायत द्वारा आजीविका संबंधी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। कलेक्टर के निर्देशानुसार बच्चों के लिए खेल परिसर, ओपन जिम एवं किचन गार्डन की भी व्यवस्था की गई है।
सड़क, जल, बिजली एवं संचार जैसी मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए विशेष ध्यान दिया गया है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 26 सड़कविहीन बसाहटों के लिए सड़क निर्माण की स्वीकृति दी गई, जिनमें से 18 सड़कें, कुल 18.5 किलोमीटर लंबाई की, पूर्ण हो चुकी हैं। शेष सड़कों का निर्माण कार्य प्रगतिरत है, जिसे 31 मार्च 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लोक स्वास्थ्य एवं यांत्रिकी विभाग द्वारा 32 बसाहटों के 314 घरों को नल-जल योजना से जोड़ा गया है तथा शेष 581 घरों हेतु राशि आबंटन प्रस्तावित है। बिजली से वंचित 62 ग्रामों के 330 परिवारों को विद्युत कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं। वहीं, ग्राम रोड़ा में मोबाइल नेटवर्क की सुविधा हेतु नवीन मोबाइल टावर की स्वीकृति दी गई है, जिसका निर्माण शीघ्र प्रारंभ होगा। वहीं स्वास्थ्य की दृष्टि से तीन मोबाइल मेडिकल यूनिट का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है, वर्तमान में स्वास्थ्य विभाग द्वारा दो मोबाइल मेडिकल यूनिट संचालित की जा रही हैं। इसी तरह विशेष पिछड़ी जनजाति के 678 कच्चे मकानों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत स्वीकृति दी गई है, जिनमें से 574 आवास पूर्ण हो चुके हैं तथा शेष निर्माणाधीन हैं।
पूर्व में कमार जनजाति की लगभग 65 प्रतिशत जनसंख्या व्यक्तिगत दस्तावेजों से वंचित थी। इस समस्या के समाधान के लिए विशेष शिविरों एवं घर-घर संपर्क अभियान के माध्यम से व्यापक कार्य किया गया। वर्तमान में सभी 3309 व्यक्तियों के नाम राशन कार्ड में जोड़े जा चुके हैं तथा सभी को प्राथमिकता राशन कार्ड के माध्यम से प्रतिमाह 35 किलोग्राम निःशुल्क चावल प्रदान किया जा रहा है। ग्रामों में निवासरत 1550 व्यक्तियों के आधार कार्ड पूर्ण किए जा चुके हैं। इसके अलावा सभी पात्र 2327 हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड तैयार किए जा चुके हैं। 1825 पात्र हितग्राहियों के राष्ट्रीयकृत बैंकों में खाते खुलवाए गए हैं। सभी पात्र व्यक्तियों को पेंशन, एलपीजी सब्सिडी, महतारी वंदन योजना, छात्रवृत्ति एवं अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का सीधा लाभ प्रदान किया जा रहा है। किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत निर्धारित 73 लाभार्थियों का लक्ष्य शत-प्रतिशत पूर्ण किया गया है। साथ ही महासमुंद, पिथौरा और बागबाहरा विकासखंडों में 2309 जाति प्रमाण पत्र बनाकर 100 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया गया है।
विशेष लेख : महासमुंद जिले में कमार जनजाति के समग्र विकास की दिशा में सार्थक पहल
कमार जनजाति के सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक उत्थान के लिए शासन प्रतिबद्ध
महासमुंद 09 फरवरी 2026

महासमुंद जिले में कमार जनजाति का निवास बागबाहरा, महासमुंद एवं पिथौरा विकासखंड के कुछ ग्रामों में है। आदिम जाति अनुसंधान केंद्र द्वारा वर्ष 2015-16 में किए गए आधारभूत सर्वेक्षण के अनुसार जिले में कुल 923 कमार परिवार निवासरत हैं, जिनकी कुल जनसंख्या 3309 है। इसमें 1614 पुरुष एवं 1695 महिलाएं शामिल हैं। यह जनजाति विशेष पिछड़ी जनजाति की श्रेणी में आती है, जिसके समग्र विकास हेतु जिला प्रशासन द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
कमार जनजाति के सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक उत्थान के लिए जिला प्रशासन द्वारा समग्र कार्ययोजना तैयार की गई है। शासन द्वारा दो बहुद्देशीय केंद्रों की स्वीकृति प्रदान की गई है, जिन पर प्रति केंद्र 60 लाख रुपये की लागत निर्धारित की गई है। इन केंद्रों का शुभारंभ 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर माननीय प्रधानमंत्री द्वारा वर्चुअल माध्यम से किया गया। इन बहुद्देशीय केंद्रों में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आंगनवाड़ी सेवाएं, स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य सेवाएं तथा जिला पंचायत द्वारा आजीविका संबंधी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। कलेक्टर के निर्देशानुसार बच्चों के लिए खेल परिसर, ओपन जिम एवं किचन गार्डन की भी व्यवस्था की गई है।
सड़क, जल, बिजली एवं संचार जैसी मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए विशेष ध्यान दिया गया है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 26 सड़कविहीन बसाहटों के लिए सड़क निर्माण की स्वीकृति दी गई, जिनमें से 18 सड़कें, कुल 18.5 किलोमीटर लंबाई की, पूर्ण हो चुकी हैं। शेष सड़कों का निर्माण कार्य प्रगतिरत है, जिसे 31 मार्च 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लोक स्वास्थ्य एवं यांत्रिकी विभाग द्वारा 32 बसाहटों के 314 घरों को नल-जल योजना से जोड़ा गया है तथा शेष 581 घरों हेतु राशि आबंटन प्रस्तावित है। बिजली से वंचित 62 ग्रामों के 330 परिवारों को विद्युत कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं। वहीं, ग्राम रोड़ा में मोबाइल नेटवर्क की सुविधा हेतु नवीन मोबाइल टावर की स्वीकृति दी गई है, जिसका निर्माण शीघ्र प्रारंभ होगा। वहीं स्वास्थ्य की दृष्टि से तीन मोबाइल मेडिकल यूनिट का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है, वर्तमान में स्वास्थ्य विभाग द्वारा दो मोबाइल मेडिकल यूनिट संचालित की जा रही हैं। इसी तरह विशेष पिछड़ी जनजाति के 678 कच्चे मकानों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत स्वीकृति दी गई है, जिनमें से 574 आवास पूर्ण हो चुके हैं तथा शेष निर्माणाधीन हैं।
पूर्व में कमार जनजाति की लगभग 65 प्रतिशत जनसंख्या व्यक्तिगत दस्तावेजों से वंचित थी। इस समस्या के समाधान के लिए विशेष शिविरों एवं घर-घर संपर्क अभियान के माध्यम से व्यापक कार्य किया गया। वर्तमान में सभी 3309 व्यक्तियों के नाम राशन कार्ड में जोड़े जा चुके हैं तथा सभी को प्राथमिकता राशन कार्ड के माध्यम से प्रतिमाह 35 किलोग्राम निःशुल्क चावल प्रदान किया जा रहा है। ग्रामों में निवासरत 1550 व्यक्तियों के आधार कार्ड पूर्ण किए जा चुके हैं। इसके अलावा सभी पात्र 2327 हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड तैयार किए जा चुके हैं। 1825 पात्र हितग्राहियों के राष्ट्रीयकृत बैंकों में खाते खुलवाए गए हैं। सभी पात्र व्यक्तियों को पेंशन, एलपीजी सब्सिडी, महतारी वंदन योजना, छात्रवृत्ति एवं अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का सीधा लाभ प्रदान किया जा रहा है। किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत निर्धारित 73 लाभार्थियों का लक्ष्य शत-प्रतिशत पूर्ण किया गया है। साथ ही महासमुंद, पिथौरा और बागबाहरा विकासखंडों में 2309 जाति प्रमाण पत्र बनाकर 100 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया गया है।
युवाओं के लिए रोजगार का सुनहरा अवसर, 11 एवं 12 फरवरी को प्लेसमेंट कैम्प आयोजित
महासमुंद 5 फरवरी 2026
जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र महासमुंद द्वारा राज्य के शिक्षित स्थानीय बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने 11 और 12 फरवरी 2026 को प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन किया जा रहा है। जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि 11 फरवरी को रोजगार कार्यालय परिसर, मचेवा महासमुंद में एवं 12 फरवरी को जनपद पंचायत बागबाहरा में प्रातः 11.00 बजे से 2.00 बजे तक प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन किया जाएगा। जिसमें निजी क्षेत्र के नियोजक एसपीएसजी सिक्योरिटी रायपुर के द्वारा सिक्योरिटी गार्ड के 150 पद के लिए 10वीं उत्तीर्ण आवेदकों की भर्ती प्रतिमाह 12000 से 19000 की वेतनमान पर एवं स्वतंत्र माइक्रोफिन पीवीटी रायपुर द्वारा फील्ड ऑफिसर एवं कलेक्शन ऑफिसर के 40 पदों के लिए 10वीं व 12वीं उत्तीर्ण आवेदकों की भर्ती प्रतिमाह 12200 की वेतनमान पर की जाएगी। जॉब फेयर पर उपस्थित होने वाले इच्छुक एवं योग्य आवेदक निर्धारित तिथि एवं स्थल पर शैक्षणिक योग्यता की छायाप्रति के साथ उपस्थित हो सकते हैं।
सिरपुर महोत्सव 2026 : महानदी आरती में श्रद्धा, भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम, उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा सपत्नीक शामिल हुए
महासमुंद 02 फरवरी 2026
सुप्रसिद्ध ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक नगरी सिरपुर में आयोजित तीन दिवसीय सिरपुर महोत्सव के पावन अवसर पर महानदी तट पर शाम 7:30 बजे दिव्य महानदी आरती का आयोजन किया गया। इस आध्यात्मिक आयोजन में महासमुंद विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा शामिल हुए।
विधायक श्री सिन्हा ने अपनी धर्मपत्नी श्रीमती प्रिया सिन्हा के साथ विधिवत पूजा-अर्चना कर दीप प्रज्वलन किया तथा श्रद्धा भाव से महानदी आरती संपन्न की। उन्होंने महानदी तट पर दीपदान कर जिलेवासियों की सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली की मंगल कामना की। महानदी आरती के दौरान संपूर्ण वातावरण वैदिक मंत्रोच्चार, शंख ध्वनि एवं मधुर भक्ति संगीत से भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने पूर्ण आस्था और भावनाओं के साथ आरती में सहभागिता कर आध्यात्मिक ऊर्जा एवं आत्मिक शांति का अनुभव किया। महानदी के पावन तट पर प्रज्ज्वलित सैकड़ों दीपों की जगमगाहट, लहरों पर पड़ती रोशनी और सामूहिक आरती का मनोहारी दृश्य उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर गया।
इस अवसर पर नगरपालिका उपाध्यक्ष श्री देवीचंद राठी, श्री प्रकाश शर्मा, श्री रमेश साहू, सिरपुर गंधेश्वर महादेव मंदिर ट्रस्ट के श्री दाऊ लाल चंद्राकर, सरपंच सिरपुर श्रीमती पुष्पा के. माली सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, श्रद्धालु, पर्यटक एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
जिले में 10 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान खरीदी, 399 प्रकरणों में 1.69 लाख क्विंटल जब्त
कलेक्टर विनय लंगेह के मार्गदर्शन में महासमुंद जिला में धान उपार्जन एवं निगरानी कार्य सफलता पूर्वक संपन्न
खरीदी और जप्ती मामले में प्रदेश में पहले पायदान पर रहा महासमुंद जिला
महासमुंद, 01 फरवरी 2026
खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत जिला महासमुंद में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य कलेक्टर श्री विनय लंगेह के मार्गदर्शन में सुव्यवस्थित एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। जिले में स्थापित 182 धान उपार्जन केंद्रों के माध्यम से कुल 10,00,187.16 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई, जो प्रदेश में सर्वाधिक रही।
शासन द्वारा जिले के लिए 11,93,570.00 मीट्रिक टन धान खरीदी का अनुमानित लक्ष्य निर्धारित किया गया था। गत खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में जिले में 11,04,273.24 मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई थी। इस प्रकार गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष 9.43 प्रतिशत कम धान खरीदी दर्ज की गई।
इस वर्ष धान खरीदी हेतु जिले में 1,60,118 किसान पंजीकृत थे, जिनमें से 1,48,418 किसान (92.69 प्रतिशत) ने खरीदी अवधि के दौरान अपना धान विक्रय किया, जो राज्य के औसत 91.22 प्रतिशत से अधिक है। वहीं जिले में 1,09,676 पंजीकृत कृषकों द्वारा धान विक्रय के पश्चात 9,883.24 हेक्टेयर रकबा का समर्पण कराया गया।
अवैध धान परिवहन एवं भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण हेतु कलेक्टर श्री विनय लंगेह के निर्देशन में राजस्व, खाद्य, मंडी एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम द्वारा सतत निगरानी की गई। अंतर्राज्यीय सीमाओं पर 16 जांच चौकियां स्थापित की गईं तथा एसडीएम एवं तहसीलदार के नेतृत्व में संयुक्त दल गठित किए गए।
इस सतत निगरानी एवं सख्त कार्रवाई के परिणामस्वरूप अवैध धान परिवहन एवं स्टॉकिंग के 399 प्रकरण दर्ज किए गए, जिनमें 1,69,862 क्विंटल धान जब्त किया गया। जबकि गत वर्ष केवल 184 प्रकरणों में 12,828.15 क्विंटल धान की जब्ती की गई थी। अवैध धान परिवहन के मामलों में जिला महासमुंद प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा। शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का यह संपूर्ण कार्य जिले में पारदर्शिता, अनुशासन और सुगमता के साथ संपन्न हुआ।