छत्तीसगढ़ / रायपुर
गोवर्धन पूजा पर 9 नवंबर को सार्वजनिक अवकाश घोषित
रायपुर । राज्य शासन ने राज्य के कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए दीपावली का दूसरा दिन (गोवर्धन पूजा) पर सार्वजनिक/सामान्य अवकाश की घोषणा की है। राज्य शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार इस वर्ष यह अवकाश 9 नवंबर को रहेगा।
पहले था ऐच्छिक अवकाश, अब हुआ सार्वजनिक अवकाश
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना (क्रमांक GENS-2101/3340/2026-GAD-5) में बताया गया है कि इससे पहले विभाग की अधिसूचना दिनांक 06 नवंबर 2025 के जरिए इस पर्व को ऐच्छिक अवकाश की सूची में (सरल क्रमांक-50 पर) दिनांक 09 नवंबर, 2026 (सोमवार के लिए) घोषित किया गया था। अब शासन ने इसमें संशोधन करते हुए इसे सार्वजनिक/सामान्य अवकाश में परिवर्तित कर दिया है। इस आधिकारिक घोषणा के बाद अब 9 नवंबर को राज्य में सभी संबंधित शासकीय कार्यालयों और संस्थानों में गोवर्धन पूजा के अवसर पर सार्वजनिक अवकाश रहेगा।
लक्ष्य प्राप्ति के लिए शिक्षा सबसे बड़ा माध्यम, अपने आइडिया को स्टार्टअप में बदलें - श्री डेका
आईटीएम विश्वविद्यालय के 11वें दीक्षांत समारोह में नवाचार, उद्यमिता और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण पर राज्यपाल ने दिया जोर
रायपुर, 26 अक्टूबर 2026



राज्यपाल श्री रमेन डेका ने युवाओं से अपने नए विचारों को स्टार्टअप में बदलने, नवाचार को अपनाने और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि लक्ष्य प्राप्ति के लिए शिक्षा सबसे बड़ा माध्यम है और युवाओं के विचार देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे सकते हैं। स्टार्टअप की संभावनाएं अब केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि छोटे शहरों और गांवों में भी नए उद्यम आकार ले रहे हैं। युवाओं को इस अवसर का लाभ उठाकर अपनी पहचान स्वयं बनानी चाहिए।
राज्यपाल श्री रमेन डेका आज आईटीएम विश्वविद्यालय, रायपुर के 11वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। समारोह में 16 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक, चार शोधार्थियों को पीएचडी तथा 464 विद्यार्थियों को स्नातक और स्नातकोत्तर की उपाधियां प्रदान की गईं।
राज्यपाल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि स्टार्टअप और उद्यमिता के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। युवा अपने विचारों को व्यावहारिक रूप देकर नए उद्यम शुरू कर सकते हैं और देश की अर्थव्यवस्था में योगदान दे सकते हैं। उन्होंने युवाओं को प्रेरित किया कि वे केवल नौकरी पाने तक सीमित न रहें, बल्कि अपनी क्षमता, ज्ञान और रचनात्मकता के बल पर रोजगार सृजन की दिशा में भी आगे बढ़ें। अपने आइडिया को स्टार्टअप में बदलें, अपनी जगह स्वयं बनाएं और सफलता के बाद समाज को न भूलें।उन्होंने कहा कि समाज ने प्रत्येक व्यक्ति को बहुत कुछ दिया है, इसलिए समाज के प्रति जिम्मेदारी का भाव हमेशा बना रहना चाहिए।
राज्यपाल ने कहा कि दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों के जीवन की एक पारी के समापन और दूसरी पारी की शुरुआत का प्रतीक है। आगे का जीवन चुनौतियों और संघर्षों से भरा हो सकता है, लेकिन मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास से उनका सामना किया जा सकता है। विद्यार्थियों को अपनी रुचि के क्षेत्र में करियर बनाना चाहिए, जिससे उन्हें संतुष्टि मिले और वे सफलता हासिल कर सकें। उन्होंने कहा कि डिग्री केवल एक प्रमाणपत्र नहीं, बल्कि अर्जित ज्ञान और कौशल के माध्यम से परिवार, समाज और देश के प्रति दायित्व निभाने का अवसर है। शिक्षा का उद्देश्य केवल नौकरी पाना नहीं, बल्कि सही-गलत का विवेक विकसित करना और जिम्मेदार नागरिक बनाना भी है। युवाओं को डिग्री को अंतिम मंजिल नहीं मानना चाहिए, बल्कि निरंतर सीखने और नए प्रयोग करने की प्रवृत्ति बनाए रखनी चाहिए।
राज्यपाल ने कहा कि आज के विद्यार्थी कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और मोबाइल के युग में आगे बढ़ रहे हैं। इन तकनीकों के पीछे भी मानवीय बुद्धि का योगदान है। उन्होंने डिजिटल लत और नशे की बढ़ती प्रवृत्ति से युवाओं को दूर रहने की सलाह दी। जरूरत के अनुसार ही मोबाइल का उपयोग करने तथा परिवार, मित्रों और समाज के साथ संवाद बनाए रखने पर जोर दिया।
राज्यपाल ने कहा कि शांति और सुरक्षा से विकास को गति मिलती है। उन्होंने छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के प्रभाव में कमी के बाद बने विकास के अवसरों तथा बस्तर में आजीविका के क्षेत्र में हो रहे प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने राज्य के प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यटन स्थलों के विकास की आवश्यकता भी बताई।
अपने संबोधन में राज्यपाल ने युवाओं से बड़े सपने देखने, उन्हें साकार करने के लिए कड़ी मेहनत करने और असफलताओं से निराश हुए बिना नए प्रयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के निर्माण में सभी का योगदान आवश्यक है। युवाओं को अपनी तरक्की के साथ समाज के प्रति जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए अपने ज्ञान और हुनर का उपयोग राष्ट्र के समग्र विकास के लिए करना चाहिए।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. रामचंद्र जहांगीर ने स्वागत भाषण दिया। छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष श्री वी.के. गोयल ने भी संबोधित किया। समारोह में हाई कोर्ट के पूर्व जज श्री गौतम भादुड़ी, विश्वविद्यालय के प्रबंध मंडल एवं कार्य परिषद के सदस्य, प्राध्यापकगण, पालक तथा छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
चक्रवात ‘अर्नब’ से निपटने केबिनेट सचिव ने की मुख्य सचिवों से चर्चा
रायपुर । केंद्रीय केबिनेट सचिव डॉ. टी.वी. सोमनाथन ने सोमवर को नई दिल्ली से देश के सभी राज्यों के मुख्य सचिवों से बंगाल की खाड़ी में संभावित चक्रवाती तूफान अर्नब के मद्देनजर राज्यों को व्यापक तैयारियों एवं चक्रवात से निपटने के लिए व्यापक इंतजाम के संबंध में दिशा-निर्देश दिए है। छत्तीसगढ़ राज्य से यहां मंत्रालय महानदी भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ ने राज्य में चक्रवाती तूफान से निपटने के लिए राज्य में जा रही तैयारियों की विस्तार से जानकारी दी।
अपर मुख्य सचिव ने छत्तीसगढ़ राज्य की तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि संभावित परिस्थितियों से निपटने के लिए संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। दक्षिण बस्तर क्षेत्र में 28 अक्टूबर को भारी वर्षा की आशंका को देखते हुए आवश्यक एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। राज्य में सात राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीमें आवश्यक उपकरणों के साथ तैयार हैं। होमगार्ड तथा राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीमें भी आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार हैं। उन्होंने बताया कि संभावित प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविरों, स्वास्थ्य सुविधाओं, खाद्य सामग्री, परिवहन तथा संचार व्यवस्था से संबंधित आवश्यक तैयारियां की गई हैं। जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत शिविर संचालित करने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। राज्य शासन द्वारा जनहानि को रोकने तथा आपात परिस्थितियों में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक सावधानियां बरती जा रही हैं।
बैठक में कैबिनेट सचिव ने राज्यों में चक्रवात के दौरान शून्य जनहानि के लक्ष्य को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने पेड़ों के गिरने, दीवारों के ढहने तथा यातायात के दौरान लोगों के असावधानीवश जोखिम में पड़ने जैसी घटनाओं को रोकने के लिए सतर्कता बरतने कहा। उन्होंने प्रभावी चेतावनी प्रणाली, आवश्यकता के अनुसार समय पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने तथा राज्य शासन और जिला प्रशासन के बीच नियमित संवाद एवं समन्वय बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया।
लोकभवन में सतर्कता जागरूकता सप्ताह का शुभारंभ
अधिकारियों और कर्मचारियों ने ली ईमानदारी और पारदर्शिता की शपथ
रायपुर, 26 अक्टूबर 2026
लोकभवन में आज से 'सतर्कता जागरूकता सप्ताह' की शुरुआत हो गई है। इस अवसर पर लोकभवन के समस्त अधिकारियों और कर्मचारियों ने प्रशासनिक कार्यों में ईमानदारी, निष्ठा और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए शपथ ली। यह जागरूकता सप्ताह 26 अक्टूबर से 01 नवंबर 2026 तक मनाया जा रहा है।
सतर्कता हमारी साझा जिम्मेदारी की दिलाई गई शपथ
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल की उप सचिव सुश्री निधि साहू ने लोकभवन के अधिकारियों और कर्मचारियों को “सतर्कता हमारी साझा जिम्मेदारी” की शपथ दिलाई। सभी ने अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ करने का संकल्प लिया।
’भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था को बढ़ावा देना है उद्देश्य’
सतर्कता जागरूकता सप्ताह मनाने का मुख्य उद्देश्य शासकीय कार्यों में पारदर्शिता को बढ़ाना, कार्यप्रणाली में निष्ठा सुनिश्चित करना और एक भ्रष्टाचार-मुक्त प्रशासनिक व्यवस्था की नींव को मजबूत करना है। इस सतर्कता जागरूकता सप्ताह के दौरान विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से सतर्कता के प्रति जागरूकता फैलाई जाएगी।
अपने आइडिया को स्टार्टअप में बदलें : राज्यपाल डेका
रायपुर । राज्यपाल रमेन डेका ने युवाओं से अपने नए विचारों को स्टार्टअप में बदलने, नवाचार को अपनाने और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि लक्ष्य प्राप्ति के लिए शिक्षा सबसे बड़ा माध्यम है और युवाओं के विचार देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे सकते हैं। स्टार्टअप की संभावनाएं अब केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि छोटे शहरों और गांवों में भी नए उद्यम आकार ले रहे हैं। युवाओं को इस अवसर का लाभ उठाकर अपनी पहचान स्वयं बनानी चाहिए।
राज्यपाल डेका सोमवार को आईटीएम विश्वविद्यालय, रायपुर के 11वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। समारोह में 16 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक, चार शोधार्थियों को पीएचडी तथा 464 विद्यार्थियों को स्नातक और स्नातकोत्तर की उपाधियां प्रदान की गईं।
राज्यपाल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि स्टार्टअप और उद्यमिता के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। युवा अपने विचारों को व्यावहारिक रूप देकर नए उद्यम शुरू कर सकते हैं और देश की अर्थव्यवस्था में योगदान दे सकते हैं। उन्होंने युवाओं को प्रेरित किया कि वे केवल नौकरी पाने तक सीमित न रहें, बल्कि अपनी क्षमता, ज्ञान और रचनात्मकता के बल पर रोजगार सृजन की दिशा में भी आगे बढ़ें। अपने आइडिया को स्टार्टअप में बदलें, अपनी जगह स्वयं बनाएं और सफलता के बाद समाज को न भूलें।उन्होंने कहा कि समाज ने प्रत्येक व्यक्ति को बहुत कुछ दिया है, इसलिए समाज के प्रति जिम्मेदारी का भाव हमेशा बना रहना चाहिए।
राज्यपाल ने कहा कि दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों के जीवन की एक पारी के समापन और दूसरी पारी की शुरुआत का प्रतीक है। आगे का जीवन चुनौतियों और संघर्षों से भरा हो सकता है, लेकिन मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास से उनका सामना किया जा सकता है। विद्यार्थियों को अपनी रुचि के क्षेत्र में करियर बनाना चाहिए, जिससे उन्हें संतुष्टि मिले और वे सफलता हासिल कर सकें।
उन्होंने कहा कि डिग्री केवल एक प्रमाणपत्र नहीं, बल्कि अर्जित ज्ञान और कौशल के माध्यम से परिवार, समाज और देश के प्रति दायित्व निभाने का अवसर है। शिक्षा का उद्देश्य केवल नौकरी पाना नहीं, बल्कि सही-गलत का विवेक विकसित करना और जिम्मेदार नागरिक बनाना भी है। युवाओं को डिग्री को अंतिम मंजिल नहीं मानना चाहिए, बल्कि निरंतर सीखने और नए प्रयोग करने की प्रवृत्ति बनाए रखनी चाहिए।
राज्यपाल ने कहा कि आज के विद्यार्थी कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और मोबाइल के युग में आगे बढ़ रहे हैं। इन तकनीकों के पीछे भी मानवीय बुद्धि का योगदान है। उन्होंने डिजिटल लत और नशे की बढ़ती प्रवृत्ति से युवाओं को दूर रहने की सलाह दी। जरूरत के अनुसार ही मोबाइल का उपयोग करने तथा परिवार, मित्रों और समाज के साथ संवाद बनाए रखने पर जोर दिया।
अपने संबोधन के अंत में राज्यपाल ने युवाओं से बड़े सपने देखने, उन्हें साकार करने के लिए कड़ी मेहनत करने और असफलताओं से निराश हुए बिना नए प्रयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के निर्माण में सभी का योगदान आवश्यक है। युवाओं को अपनी तरक्की के साथ समाज के प्रति जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए अपने ज्ञान और हुनर का उपयोग राष्ट्र के समग्र विकास के लिए करना चाहिए।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. रामचंद्र जहांगीर ने स्वागत भाषण दिया। छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष वी.के. गोयल ने भी संबोधित किया। समारोह में हाई कोर्ट के पूर्व जज गौतम भादुड़ी, विश्वविद्यालय के प्रबंध मंडल एवं कार्य परिषद के सदस्य, प्राध्यापकगण, पालक तथा छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
अंबिकापुर से रायपुर तक हवाई सेवा शुरू, सरगुजावासियों का इंतजार खत्म
रायपुर । सरगुजा संभाग के लोगों के लिए हवाई कनेक्टिविटी के लिहाज से बड़ी खुशखबरी है। लंबे समय से किए जा रहे प्रयासों के बाद अब अंबिकापुर से रायपुर और रायपुर से जगदलपुर होते हुए हैदराबाद तक हवाई यात्रा की सुविधा मिलने जा रही है। इस हवाई सेवा के शुरू होने से सरगुजावासियों को आवागमन का एक नया विकल्प मिलेगा और प्रदेश के प्रमुख शहरों के साथ दक्षिण भारत की कनेक्टिविटी भी बेहतर होने की उम्मीद है।
इस मार्ग पर ATR-72 विमान के माध्यम से हवाई सेवा उपलब्ध कराने की पहल के लिए एलायंस एयर का आभार जताया गया है। नई सेवा की शुरुआत को सरगुजा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए क्षेत्रवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी गई हैं।
हवाई सेवा के शुभारंभ के अवसर पर संबंधित जनप्रतिनिधि ने मंगलवार को इसी फ्लाइट से अंबिकापुर से रायपुर के लिए रवाना होने की जानकारी दी है। इससे नई हवाई सेवा की शुरुआत को लेकर क्षेत्र में उत्साह बढ़ने की उम्मीद है।
अंबिकापुर से हवाई सेवा शुरू होना सरगुजा क्षेत्र के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग से जुड़ा है। इस सुविधा से यात्रियों को सड़क मार्ग पर लगने वाले समय से राहत मिलने की संभावना है। साथ ही, कारोबार, पर्यटन, चिकित्सा और अन्य जरूरी कार्यों के लिए यात्रा करने वाले लोगों को भी लाभ मिल सकता है।
अंबिकापुर को रायपुर, जगदलपुर और हैदराबाद से जोड़ने वाली यह हवाई सेवा क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम साबित हो सकती है। हालांकि, उड़ानों के समय, किराये और नियमित संचालन से संबंधित विस्तृत जानकारी की पुष्टि आधिकारिक सूचना से की जानी चाहिए।
फिंगरप्रिंट नहीं मिलने पर भी हितग्राहियों को मिलेगा राशन, वैकल्पिक व्यवस्था का है प्रावधान
बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण में परेशानी होने पर नॉमिनी या ओटीपी के जरिए भी प्राप्त किया जा सकता है राशन
खाद्य विभाग ने किया स्पष्ट, फिंगरप्रिंट का मिलान नहीं होने मात्र से कोई पात्र हितग्राही राशन से वंचित नहीं होता
रायपुर, 26 अक्टूबर 2026
सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत राशन प्राप्त करने के लिए फिंगरप्रिंट का मिलान नहीं होने पर भी पात्र हितग्राहियों को राशन उपलब्ध कराने की वैकल्पिक व्यवस्था का प्रावधान है। बुजुर्गों सहित ऐसे हितग्राही, जिन्हें बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण में परेशानी होती है, वे नियमानुसार नॉमिनी (नामांकित व्यक्ति) अथवा ओटीपी आधारित प्रमाणीकरण के माध्यम से राशन प्राप्त कर सकते हैं। खाद्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि केवल फिंगरप्रिंट का मिलान नहीं होने से यह निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है कि संबंधित हितग्राही को राशन नहीं मिल सकता।
रायपुर जिले के खाद्य नियंत्रक ने इस संबंध में स्पष्टीकरण जारी करते हुए बताया है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में हितग्राहियों की सुविधा के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाओं का प्रावधान किया गया है। यदि किसी पात्र हितग्राही का फिंगरप्रिंट बायोमेट्रिक मशीन में मैच नहीं होता है, तो उसे नियमानुसार अन्य माध्यमों से राशन प्राप्त करने की सुविधा उपलब्ध हो सकती है। विशेष रूप से बुजुर्गों एवं बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण में कठिनाई का सामना करने वाले हितग्राहियों के लिए यह व्यवस्था महत्वपूर्ण है।
खाद्य नियंत्रक ने कहा कि फिंगरप्रिंट का मिलान नहीं होने के कारण बुजुर्गों एवं अन्य पात्र हितग्राहियों को राशन नहीं मिलने संबंधी भ्रामक एवं अधूरी जानकारी है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए पहले से वैकल्पिक व्यवस्था का प्रावधान है। खाद्य नियंत्रक ने कहा है कि इस प्रकार के वैकल्पिक व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त करना आवश्यक है, ताकि आम जनता के बीच भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो। ऐसे मामलों में नियमानुसार नामिनी (नामांकित व्यक्ति) के माध्यम से अथवा ओटीपी (OTP) आधारित प्रमाणिकरण के जरिए से राशन प्राप्त करने की सुविधा हो सकती है। अतः फिंगर प्रिट मिलान न होने मात्र से यह निष्कर्ष निकालना उचित नहीं कि संबंधित हितग्राही को राशन नहीं मिल सकता।
दर्री और पतोरा में ‘खेत बचाओ अभियान-2026’ के तहत किसानों को किया जागरूक
कीट एवं रोग प्रबंधन, प्राकृतिक खेती और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने पर दिया जोर
रायपुर, 26 अक्टूबर 2026
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषददृराष्ट्रीय जैविक स्ट्रेस प्रबंधन संस्थान (ICAR-NIBSM), रायपुर द्वारा कृषि विज्ञान केंद्र (KVK ), बेमेतरा एवं कृषि विभाग के सहयोग से जिले के ग्राम दर्री (विकासखंड साजा) और ग्राम पतोरा (विकासखंड बेरला) में ‘खेत बचाओ अभियान-2026’ के तहत किसान जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों का उद्देश्य किसानों को फसलों में कीट एवं रोगों से होने वाले नुकसान की रोकथाम, वैज्ञानिक फसल प्रबंधन और टिकाऊ कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूक करना था।
दोनों गांवों में आयोजित कार्यक्रमों में कुल 90 किसानों, जिनमें 80 पुरुष और 10 महिला किसान शामिल थीं, ने भाग लिया। ग्राम दर्री में 48 तथा ग्राम पतोरा में 42 किसानों ने सहभागिता की। कार्यक्रमों में ICAR-NIBSM के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. सुशील कुमार शर्मा और वैज्ञानिक डॉ. प्रियंका मीना सहित कृषि विज्ञान केंद्र, बेमेतरा के विषय विशेषज्ञ डॉ. जितेंद्र कुमार जोशी एवं श्री डोमन सिंह टेकाम तथा कृषि विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया। ग्राम दर्री के सरपंच श्री तोरण यादव और ग्राम पतोरा की सरपंच श्रीमती नामिन बाई साहू भी कार्यक्रमों में उपस्थित रहीं।
विशेषज्ञों ने किसानों को जैविक एवं प्राकृतिक खेती, फसलों में कीट एवं रोगों की समय पर पहचान, समन्वित कीट प्रबंधन (IPM), संतुलित उर्वरक उपयोग, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण तथा रासायनिक कीटनाशकों के विवेकपूर्ण प्रयोग की जानकारी दी। उन्होंने किसानों को फसलों की नियमित निगरानी करने और कीटों एवं रोगों के शुरुआती लक्षण दिखाई देने पर समय रहते वैज्ञानिक उपाय अपनाने की सलाह दी।
कार्यक्रमों में आयोजित किसान-वैज्ञानिक संवाद के दौरान किसानों ने अपनी कृषि संबंधी समस्याओं और चुनौतियों को साझा किया। विशेषज्ञों ने स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप व्यावहारिक सुझाव देते हुए फसल नुकसान कम करने, कृषि संसाधनों का बेहतर उपयोग करने तथा पर्यावरण-अनुकूल फसल सुरक्षा तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रकाशन वितरित
अभियान के अंतर्गत किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया गया तथा इस विषय पर आधारित एक प्रकाशन भी वितरित किया गया। ‘खेत बचाओ अभियान-2026’ के माध्यम से फसलों को जैविक एवं अजैविक तनावों से सुरक्षित रखने, कीट एवं रोगों से होने वाली क्षति कम करने और वैज्ञानिक कृषि तकनीकों को खेत स्तर तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।
इन कार्यक्रमों से किसानों और कृषि विशेषज्ञों के बीच संवाद को बढ़ावा मिला तथा किसानों को बेहतर फसल प्रबंधन और टिकाऊ कृषि के लिए उपयोगी तकनीकी जानकारी प्राप्त हुई।
दबंग स्वर की 6 वीं वर्षगांठ : लोक कला, बौद्धिक विमर्श और सम्मान की त्रिवेणी धारा बहती रही सम्मान बेहतर बनने की प्रेरणा देता है: डॉ राजा राम त्रिपाठी
मो 9827928850
*पटवा भवन में बच्चों ने नाट्य मंचन से जीवंत किए चारों दादा गुरुदेव के जीवन प्रसंग*
महर्षि वाल्मीकि जयंती पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं
रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आदिकवि महर्षि वाल्मीकि ने रामायण जैसे महान महाकाव्य की रचना कर भारतीय संस्कृति, जीवन मूल्यों और आदर्शों को विश्व के समक्ष प्रस्तुत किया। उनकी कालजयी रचना में सत्य, कर्तव्य, करुणा, न्याय और लोककल्याण का जो संदेश निहित है, वह आज भी समाज को सही दिशा दिखाता है।
मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों से महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों को आत्मसात कर समरस, संस्कारवान और विकसित समाज के निर्माण में सहभागी बनने का आह्वान किया है।
केबिनेट बैठक 27 अक्टूबर को
रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंगलवार 27 अक्टूबर को पूर्वान्ह 11.30 बजे से राज्य मंत्रिपरिषद (केबिनेट) की बैठक मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित होगी।
चक्रवाती तूफान के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की संभावना, किसानों को सतर्क रहने की सलाह
रायपुर । बंगाल की खाड़ी में बन रहे चक्रवाती तूफान के प्रभाव से छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों मंत आगामी दिनों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसे देखते हुए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर ने किसानों के लिए मौसम आधारित कृषि सलाह जारी की है। विश्वविद्यालय ने किसानों से फसलों को संभावित नुकसान से बचाने के लिए आवश्यक सावधानी बरतने और कृषि कार्यों में मौसम के अनुरूप बदलाव करने की अपील की है।
चक्रवाती तूफान के मद्देनजर किसान कल्याण मंत्री राम विचार नेताम और कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने किसान के हित में आवश्यक सहयोग के लिए विभाग अधिकारी कर्मचारी सहित मैदानी अमले को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।
बता दें कि भारत मौसम विज्ञान विभाग से प्राप्त पूर्वानुमान के अनुसार दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना दबाव का क्षेत्र अगले कुछ घंटों में चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। इस दौरान हवा की गति 115 से 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। चक्रवात के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में 25 अक्टूबर से वर्षा की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। विशेष रूप से 28 एवं 29 अक्टूबर को प्रदेश के कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है।
मौसम पूर्वानुमान के अनुसार 25 अक्टूबर को बस्तर संभाग के बस्तर, दंतेवाड़ा और सुकमा जिलों में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा तथा अन्य जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना है। इसके अलावा रायपुर, गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद, दुर्ग और राजनांदगांव सहित अन्य जिलों में भी भारी बारिश हो सकती है।
इसी प्रकार 26 अक्टूबर को दुर्ग, बालोद, राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, कोंडागांव, कांकेर, नारायणपुर, बस्तर, बीजापुर, सुकमा सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। 27 अक्टूबर को भी प्रदेश के अधिकांश जिलों में बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। वहीं 28 एवं 29 अक्टूबर को प्रदेश के सभी जिलों में वर्षा की संभावना के साथ कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है।
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को सलाह दी है कि जिन खेतों में धान, दलहन एवं तिलहन की फसलें पकने की अवस्था में हैं, वहां आगामी दो से चार दिनों तक कटाई का कार्य स्थगित रखें। जिन किसानों ने फसलों की कटाई प्रारंभ कर दी है, वे कटी हुई फसलों को शीघ्र सुरक्षित स्थानों पर रखें। खेतों में अतिरिक्त पानी की निकासी के लिए समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करें, ताकि जलभराव से फसलों को नुकसान न पहुंचे।
कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को फसलों में रोग एवं कीटों के लक्षण दिखाई देने पर मौसम साफ होने के बाद ही आवश्यक कीटनाशकों अथवा कवकनाशकों का छिड़काव करने की सलाह दी है। आगामी दिनों में रबी फसलों की बुवाई करने वाले किसानों को भी मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए बुवाई का कार्य नवंबर माह के प्रथम सप्ताह से प्रारंभ करने का सुझाव दिया गया है।
सब्जी एवं फल उत्पादक किसानों को भी विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। वैज्ञानिकों के अनुसार चक्रवाती प्रभाव से तेज हवा चलने की संभावना को देखते हुए लता वाली सब्जियों, विशेषकर करेला एवं लौकी जैसी फसलों के लिए सहारे की व्यवस्था करें। केले के पौधों एवं फलदार वृक्षों को भी आवश्यकतानुसार सहारा दें। सब्जियों के खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था रखें तथा बारिश के दौरान कीटनाशकों एवं कवकनाशकों के छिड़काव से बचें।
पशुपालकों को सलाह दी गई है कि वे अपने पशुओं को सुरक्षित एवं सूखे स्थानों पर रखें। तेज हवा और बारिश की संभावना को देखते हुए पशुओं को पेड़ों के नीचे अथवा खुले स्थानों पर बांधने से बचें। पशुओं के लिए सूखे चारे एवं स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करें।
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय ने किसानों से अपील की है कि वे मौसम पूर्वानुमान पर लगातार नजर रखें तथा कृषि वैज्ञानिकों द्वारा जारी सलाह का पालन करें। समय रहते आवश्यक सावधानियां अपनाकर चक्रवाती तूफान और संभावित भारी वर्षा से फसलों, उद्यानिकी उत्पादन एवं पशुधन को होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है।
चक्रवाती तूफान के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की संभावना, किसानों को सतर्क रहने की सलाह
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय ने जारी की मौसम आधारित कृषि सलाह
25 से 29 अक्टूबर तक प्रदेश के विभिन्न जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना
किसानों को धान की कटाई रोकने, कटी फसलों को सुरक्षित रखने और खेतों में जल निकासी की व्यवस्था करने की सलाह
चक्रवाती तूफान के मद्देनजर विभागीय मामलों को अलर्ट रहने मंत्री श्री रामविचार नेताम के निर्देश
रायपुर, 25 अक्टूबर 2026
बंगाल की खाड़ी में बन रहे चक्रवाती तूफान के प्रभाव से छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में आगामी दिनों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसे देखते हुए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर ने किसानों के लिए मौसम आधारित कृषि सलाह जारी की है। विश्वविद्यालय ने किसानों से फसलों को संभावित नुकसान से बचाने के लिए आवश्यक सावधानी बरतने और कृषि कार्यों में मौसम के अनुरूप बदलाव करने की अपील की है।
चक्रवाती तूफान के मद्देनजर किसान कल्याण मंत्री श्री राम विचार नेताम और कृषि उत्पादन आयुक्त श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने किसान के हित में आवश्यक सहयोग के लिए विभाग अधिकारी कर्मचारी सहित मैदानी अमले को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।
बता दें कि भारत मौसम विज्ञान विभाग से प्राप्त पूर्वानुमान के अनुसार दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना दबाव का क्षेत्र अगले कुछ घंटों में चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। इस दौरान हवा की गति 115 से 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। चक्रवात के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में 25 अक्टूबर से वर्षा की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। विशेष रूप से 28 एवं 29 अक्टूबर को प्रदेश के कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है।
मौसम पूर्वानुमान के अनुसार 25 अक्टूबर को बस्तर संभाग के बस्तर, दंतेवाड़ा और सुकमा जिलों में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा तथा अन्य जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना है। इसके अलावा रायपुर, गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद, दुर्ग और राजनांदगांव सहित अन्य जिलों में भी भारी बारिश हो सकती है।
इसी प्रकार 26 अक्टूबर को दुर्ग, बालोद, राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, कोंडागांव, कांकेर, नारायणपुर, बस्तर, बीजापुर, सुकमा सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। 27 अक्टूबर को भी प्रदेश के अधिकांश जिलों में बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। वहीं 28 एवं 29 अक्टूबर को प्रदेश के सभी जिलों में वर्षा की संभावना के साथ कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है।
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को सलाह दी है कि जिन खेतों में धान, दलहन एवं तिलहन की फसलें पकने की अवस्था में हैं, वहां आगामी दो से चार दिनों तक कटाई का कार्य स्थगित रखें। जिन किसानों ने फसलों की कटाई प्रारंभ कर दी है, वे कटी हुई फसलों को शीघ्र सुरक्षित स्थानों पर रखें। खेतों में अतिरिक्त पानी की निकासी के लिए समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करें, ताकि जलभराव से फसलों को नुकसान न पहुंचे।
कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को फसलों में रोग एवं कीटों के लक्षण दिखाई देने पर मौसम साफ होने के बाद ही आवश्यक कीटनाशकों अथवा कवकनाशकों का छिड़काव करने की सलाह दी है। आगामी दिनों में रबी फसलों की बुवाई करने वाले किसानों को भी मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए बुवाई का कार्य नवंबर माह के प्रथम सप्ताह से प्रारंभ करने का सुझाव दिया गया है।
सब्जी एवं फल उत्पादक किसानों को भी विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। वैज्ञानिकों के अनुसार चक्रवाती प्रभाव से तेज हवा चलने की संभावना को देखते हुए लता वाली सब्जियों, विशेषकर करेला एवं लौकी जैसी फसलों के लिए सहारे की व्यवस्था करें। केले के पौधों एवं फलदार वृक्षों को भी आवश्यकतानुसार सहारा दें। सब्जियों के खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था रखें तथा बारिश के दौरान कीटनाशकों एवं कवकनाशकों के छिड़काव से बचें।
पशुपालकों को सलाह दी गई है कि वे अपने पशुओं को सुरक्षित एवं सूखे स्थानों पर रखें। तेज हवा और बारिश की संभावना को देखते हुए पशुओं को पेड़ों के नीचे अथवा खुले स्थानों पर बांधने से बचें। पशुओं के लिए सूखे चारे एवं स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करें।
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय ने किसानों से अपील की है कि वे मौसम पूर्वानुमान पर लगातार नजर रखें तथा कृषि वैज्ञानिकों द्वारा जारी सलाह का पालन करें। समय रहते आवश्यक सावधानियां अपनाकर चक्रवाती तूफान और संभावित भारी वर्षा से फसलों, उद्यानिकी उत्पादन एवं पशुधन को होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है।
छठवीं की पिंकी ने सुनाया 30 का पहाड़ा, गोयनी में बच्चों संग दोना-पत्तल में कलेक्टर ने किया भोजन
शिक्षकों को बच्चों का भविष्य संवारने की जिम्मेदारी याद दिलाई; मध्यान्ह भोजन की शिकायत पर जांच के निर्देश
प्रमाण पत्र और योजनाओं के लाभ से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए लगेगा विशेष शिविर
रायपुर, 25 अक्टूबर 2026
सोनहत विकासखंड के दूरस्थ गांवों के दौरे पर पहुंचीं कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने शुक्रवार को विद्यार्थियों से संवाद किया और शिक्षकों को बच्चों का भविष्य संवारने की जिम्मेदारी याद दिलाई।
धनपुर में कक्षा छठवीं की छात्रा पिंकी ने 30 का पहाड़ा सुनाया, तो गोयनी में कलेक्टर ने स्कूली बच्चों के साथ बैठकर दोना-पत्तल में भोजन किया। उन्होंने कहा कि बच्चों में प्रतिभा है और उनके अपने सपने हैं। सही मार्गदर्शन मिलने पर वे परिवार और समाज का नाम रोशन कर सकते हैं।
दौरे के दौरान गुरु घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिज़र्व की संचालक सुश्री श्वेता कम्बोज, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री योगेंद्र श्रीवास सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
बच्चों से किए सवाल-जवाब, शिक्षकों से कहा-सपनों को समझें
धनपुर के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर में कलेक्टर ने प्राथमिक और माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों से बातचीत कर उनके सीखने के स्तर को जाना। सवाल-जवाब के दौरान छठवीं की छात्रा पिंकी ने 30 का पहाड़ा सुनाया। कलेक्टर ने बच्चों का उत्साह बढ़ाते हुए उन्हें खुलकर अपनी बात रखने के लिए प्रोत्साहित किया।
उन्होंने शिक्षकों से कहा कि वे केवल नौकरी नहीं कर रहे हैं, बल्कि देश के बेहतर भविष्य के निर्माण का दायित्व निभा रहे हैं। बच्चों को गंभीरता से पढ़ाएं, उनकी जिज्ञासाओं का समाधान करें और उनके सपनों को साकार करने में सहयोग दें।
कुछ बच्चों के फटे गणवेश देखकर कलेक्टर ने शिक्षकों से जानकारी ली। उन्होंने बच्चों के प्रति दोस्ताना व्यवहार रखने और प्रत्येक शनिवार सामान्य ज्ञान से संबंधित सवाल-जवाब कराने को कहा, ताकि विद्यार्थियों का ज्ञान और आत्मविश्वास बढ़े तथा उनका संकोच दूर हो।
मध्यान्ह भोजन में लापरवाही की शिकायत पर जांच
ग्राम आनंदपुर में ग्रामीणों ने स्कूल के मध्यान्ह भोजन संचालन में स्वसहायता समूह द्वारा लापरवाही बरते जाने की शिकायत की। कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी और अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को शिकायत की जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित स्वसहायता समूह के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए।
स्वास्थ्य केंद्र में पानी की व्यवस्था सुधारने के निर्देश
आनंदपुर के उप स्वास्थ्य केंद्र में कलेक्टर ने उपचार सहित उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा खंड चिकित्सा अधिकारी को संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य केंद्र में पानी की समस्या सामने आने पर उन्होंने क्रेडा के अधिकारी को मौके पर बुलाकर सोलर व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा नियमित पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने गांव की उचित मूल्य दुकान में खाद्यान्न के भंडारण और वितरण व्यवस्था की भी जानकारी ली। उन्होंने संचालक को चावल, शक्कर सहित निर्धारित सामग्री का समय पर वितरण सुनिश्चित करने की हिदायत दी। इसके बाद आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचकर वहां की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
प्रमाण पत्र बनवाने और महतारी वंदन की राशि नहीं मिलने की समस्या रखी
गोयनी में कलेक्टर ने ग्रामीणों से विभिन्न विषयों पर विस्तार से बातचीत की। ग्रामीणों ने जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र बनवाने में होने वाली परेशानियां बताईं। कुछ महिलाओं ने महतारी वंदन योजना की राशि नहीं मिलने की जानकारी भी दी। राजस्व तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने समस्याओं को संज्ञान में लेते हुए संबंधित ग्रामीणों और महिलाओं को आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने तथा ई-केवाईसी कराने की सलाह दी।
कलेक्टर ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि आगामी नवंबर माह के अंतिम सप्ताह अथवा दिसंबर माह के प्रथम सप्ताह में गांव में विशेष शिविर आयोजित किया जाएगा, जिसमें उनकी समस्याओं के समाधान की कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने किसानों से एग्रीस्टैक पंजीयन अवश्य कराने को कहा, ताकि धान बिक्री में परेशानी न हो। उन्होंने ग्रामीणो से कहा जिन हितग्राहियों का प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हो चुका है, वह शीघ्र आवास निर्माण पूर्ण करें।
बच्चों को नियमित स्कूल भेजें, आंगनबाड़ी की व्यवस्थाओं पर भी रखें नजर
कलेक्टर ने ग्रामीणों और पंच-सरपंचों से बच्चों को नियमित स्कूल भेजने की अपील की। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण कर वहां की वास्तविक स्थिति और व्यवस्थाओं पर गंभीरता से नजर रखने को भी कहा।
ग्राम पंचायत सचिव और पटवारी को निर्देशित करते हुए कलेक्टर ने कहा कि कार्यों में लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी कर्मचारी जिम्मेदारी के साथ नियमानुसार कार्य करें।
केबिनेट बैठक 27 अक्टूबर को
रायपुर, 25 अक्टूबर 2026
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंगलवार 27 अक्टूबर को पूर्वान्ह 11.30 बजे से राज्य मंत्रिपरिषद (केबिनेट) की बैठक मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित होगी
महर्षि वाल्मीकि जयंती पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं
महर्षि वाल्मीकि की शिक्षाएं सदैव मानव समाज को सत्य, न्याय और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती रहेंगी : मुख्यमंत्री श्री साय
रायपुर, 25 अक्टूबर 2026
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आदिकवि महर्षि वाल्मीकि ने रामायण जैसे महान महाकाव्य की रचना कर भारतीय संस्कृति, जीवन मूल्यों और आदर्शों को विश्व के समक्ष प्रस्तुत किया। उनकी कालजयी रचना में सत्य, कर्तव्य, करुणा, न्याय और लोककल्याण का जो संदेश निहित है, वह आज भी समाज को सही दिशा दिखाता है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों से महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों को आत्मसात कर समरस, संस्कारवान और विकसित समाज के निर्माण में सहभागी बनने का आह्वान किया है।