छत्तीसगढ़ / रायपुर
जब दुश्मनों को भारतीय सेना के चौकस कमांडों ने मारा गिराया बस्तर के युवाओं ने घुड़सवारी में दिखाया साहसिक करतब
रायपुर, पुख्तासूत्रों से भारतीय सेना को खबर मिली कि दुश्मन हमारे देश में एक और आतंकवादी हमले की तैयारी कर रहे है। भारतीय सेना ने दुश्मन के मंसूबों को नाकामयाब करने के लिए सर्जिकल स्ट्राइक करने का फैसला लिया। इस ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए भारतीय सेना की 6/11 गोरखा राइफल्स और 1 असम रेजिमेंट के चुनिंदा कमांडोज स्पेशल हेडक्वाटर्स और संचार केंद्र पर हमले की तैयारी कर रहे थे, तभी दुश्मन के टारगेट की पुख्ता जानकारी हासिल करने के लिए क्लोज टारगेट रेकनिसन्स ऑपरेशन शुरू किया और ड्रोन ने दुश्मन के टारगेट की खोजबीन शुरू की। रात के अंधेरे में किए जाने वाले डिमांस्ट्रेशन की कार्रवाई सुबह की। घातक पलटन के कमांडोज दुश्मन के नजदीक से नजदीक जाकर बिना सरप्राइज खोये दुश्मन के संतरी को मार गिराया। ऐसे रेड की कार्रवाई साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित सैन्य समारोह में दिखाई दी। इस कार्रवाई को देखकर दर्शक काफी रोमांचित हुए।
इस कार्रवाई के दौरान जवानों ने दुश्मन के संचार केंद्र को विस्फोटक लगाकर नेस्तनाबूत कर दिया। इसके बाद दुश्मनों का हेडक्वाटर्स से संपर्क टूट गया और फिर जवानों ने दुश्मनों के हेडक्वार्टर पर हमला बोल दिया। अत्यधिक फायर कर कमांडोज ने मुंहतोड़ जवाब देते हुए सेंट्रीज को मार गिराया। फिर डेमोलिशन टीम ने हेडक्वाटर्स पर बम लगाकर उसे उड़ा दिया। असाल्ट से घबराकर भागते हुए दुश्मन को चौकस कमांडोज ने मार गिराया। इस तरह दुश्मनों के हेडक्वार्टर को घातक टोली ने नेस्तनाबूत कर दिया।
डेयर डेविल्स के करतब से रोमांचित हुए दर्शक
भारतीय सेना के डेयर डेविल्स ने अपने करतब और अदम्य साहस का परिचय देते हुए रोमांचित कर दिया। डेयर डेविल्स के डबल क्रॉसिंग, पेरलल क्रॉसिंग के करतब को देखकर दर्शकों ने खूब तालियां बजाई। सैल्यूट करते हुए हर जवानों ने चलती हुई मोटरसाइकिल में विपरीत दिशा में सैल्यूट किया। इसके अलावा चलती हुई मोटरसाइकिल पर टैंक के ऊपर विपरीत दिशा में खड़े होकर मोटरसाइकिल चलाते हुए और मोटरसाइकिल की सीट को खाली छोड़कर सम्मान प्रकट किया। इसके साथ ही जंबाज सैनिकों ने मोटरसाइकिल में कमल की आकृति बनाकर प्रस्तुति दी।
बस्तर के युवाओं ने घुड़सवारी में दिखाया साहसिक करतब
सैन्य समारोह में बस्तर के युवाओं ने अपने जौहर का प्रदर्शन किया। घुड़सवारी के माध्यम से अपनी प्रतिभा दर्शकों को दिखाई। घोड़े में बैठकर युवाओं ने कबूतर को आजाद किया और बाइक के ऊपर से उछलकर पार किया और सामने बैठे एक व्यक्ति के सामने से तेजी के साथ घोड़े ने पार कर लिया, जिसके साहसिक परिचय को देखकर दर्शक काफी रोमांचित हुए।
जल जगार महा उत्सव में जल सभा, कॉलेज के स्टूडेंट्स बने नेता
स्कूली बच्चे ग्राम सभा में पारित किए जल-वन संरक्षण के लिए संकल्प, मुख्यमंत्री ने भी सराहा
रायपुर। लोगों को जल से जोड़ने एवं सामुदायिक सहभागिता के उद्देश्य गंगरेल जहां दो दिवसीय जल जगार महा उत्सव मनाया जा रहा है । वहाँ समुदाय का हर वर्ग इसका अंग बने यह भी कोशिश है। इसी कोशिश का एक हिस्सा है जल सभा। धमतरी से लगभग 14 किलोमीटर की दूरी पर गंगरेल में स्थित रविशंकर जलाशय गंगरेल में जल(डैम) के निकट जल सभा का भी आयोजन हो रहा है।
शनिवार को भी जल सभा का आयोजन गंगरेल रेस्ट हाउस के परिसर में किया गया। इसमें स्कूली बच्चों ने बढ़चढ़कर सहभागिता निभाई थी। जब शाम के वक़्त प्रदेश के मुखिया विष्णु देव साय पहुँचे तब बच्चों ने जीवंत ग्राम सभा का प्रदर्शन किया। बच्चों ने ग्राम सभा में आयोजित होने वाली विभिन्न कार्रवाही के साथ विभिन्न मुद्दों एवं जल संरक्षण के लिए पारित संकल्पों से अवगत कराया । यह भी बताया कि ग्राम सभा में गाँव में पेयजल और स्वच्छता समिति गठित की गई है और जल वाहिनी दीदियाँ नियुक्त की गयी हैं, जो जल और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और सुझावों से अवगत कराती हैं । उनके गाँव में गंदे पानी के उपचार के लिए भी कार्रवाही होती है । फ्लोराइडयुक्त पानी वाले हैंडपंप को लाल और आयरन अधिकता वाले हैंडपंप को काले रंग से चिह्नित किया गया है । ग्राम सभा अध्यक्ष जोकि कक्षा बारहवीं की छात्रा फाल्गुनी साहू बनी थीं , उन्होंने बताया ग्राम सभा में नल मरम्मत का कार्य , स्वच्छता गाड़ी की व्यवस्था , तालाब गहरीकरण एवं वर्षा जल संचयन के लिए संयंत्र स्थापित करने का प्रस्ताव पारित किया गया है। स्कूली बच्चों द्वारा आयोजित ग्राम सभा की कार्रवाही देख मुख्यमंत्री साय ने जल संरक्षण और साफ़ सफ़ाई के प्रति उनकी जागरूकता की सराहना भी की ।
रविवार को जल सभा में छत्तीसगढ़ के कॉलेज के स्टूडेंट्स ने जल असेंबली में शामिल होकर अपनी-अपनी भूमिका निभाई।जिसमें जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, सदन में मानवीय सभ्यता और संस्कृति में जल की भूमिका, संकट और भविष्य की दिशा पर चर्चा की। पक्ष विपक्ष से चर्चा कर निष्कर्ष निकालने का प्रयास किया गया कि जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण के लिए लोगों में जागरूकता लायी जाये । जल सभा में पचास महाविद्यालयीन विद्यार्थियों ने नेताओं की भूमिका अदा करते हुये जल असेंबली का संचालन किया और अध्यक्ष, मुख्यमंत्री, सिंचाई एवं जल मंत्री, वन एवं पर्यावरण मंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, आदिवासी मामले का मंत्री, खनन एवं उद्योग मंत्री, कृषि मंत्री, महिला एवं बाल विकास मंत्री, नेता प्रतिपक्ष, विधानसभा सचिव की भूमिका निभायी । सदन में मानवीय सभ्यता और संस्कृति में जल की भूमिका, संकट और भविष्य की दिशा पर चर्चा कर जल संरक्षण के लिए सामुदायिक सहभागिता पर जोर दिया गया।विपक्ष के सदस्यों से गरमा गरमा बहस के बाद जल संरक्षण के लिए सबकी सहमति भी बनी।यह सदन की सफल कार्रवाही रही भावी पीढ़ी को हरा भरा वन , साफ़ पानी और सुंदर भविष्य देने के लिए ।
बीजेपी ने महाराष्ट्र-झारखंड चुनाव के लिए कमर कसी, CG के नेताओं को मिली अहम जिम्मेदारी
रायपुर। हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में चुनावी प्रक्रिया पूरी होने के बाद, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अब महाराष्ट्र और झारखंड में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों में जुट गई है। इस बार पार्टी ने छत्तीसगढ़ से भी कई नेताओं को चुनाव प्रचार की अहम जिम्मेदारियां सौंपी हैं। इन नेताओं में मंत्री, विधायक और पूर्व सांसद शामिल हैं, जिन्हें महाराष्ट्र और झारखंड के अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों का प्रभारी नियुक्त किया गया है।
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में प्रभारी नियुक्तियां:
संभाजीनगर शहर: प्रदेश महामंत्री रामजी भारती
धाराशिव: पूर्व विधायक नवीन मार्कण्डेय
लातूर ग्रामीण: संतोष उपाध्याय, नंदकुमार राणा, गोपाल विष्ठ
बीड: पूर्व सांसद चंदूलाल साहू, श्रवण मरकाम
संभाजीनगर दक्षिण: पूर्व विधायक विनोद खांडेकर
संभाजी नगर उत्तर: निरंजन सिंहा
जालना ग्रामीण: कोमल जंघेल
परभणी ग्रामीण: पूर्व विधायक नंदे साहू
हिंगोली: वीरेंद्र साहू
नांदेड़ शहर: पूर्व मंत्री महेश गागड़ा, आशु चंद्रवंशी
नांदेड़ उत्तर: विक्रांत सिंह
झारखंड विधानसभा चुनाव के लिए क्लस्टर प्रभारी:
रामगढ़ और हजारीबाग: मंत्री ओपी चौधरी
गिरिडीह: उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा
सरायकेला, खरसांवा, चाईबासा: सांसद विजय बघेल
चार सीटें: केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू
जमशेदपुर की चार सीटें: पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल
बहरागोड़ा, घाटशिला, पोटका, जुगसलाई, जमशेदपुर पूर्व और पश्चिम: पंडरिया विधायक भावना बोहरा
भाजपा की रणनीति के तहत, छत्तीसगढ़ के ये नेता विभिन्न चुनाव क्षेत्रों में जाकर प्रचार अभियान को गति देंगे। पार्टी का उद्देश्य आगामी चुनावों में जीत सुनिश्चित करना है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मौजूदगी में जल सभा का हुआ आयोजन
स्कूली बच्चों ने ग्राम सभा की कार्यवाही का किया प्रदर्शन
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सामने धमतरी में स्कूली बच्चों ने जल-जगार महोत्सव के मौके पर जीवंत ग्राम जल सभा का प्रदर्शन किया। जल जगार में स्कूली बच्चों ने ग्राम सभा में होने वाले विभिन्न कार्यवाही का प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री श्री साय को ग्राम सभा में विभिन्न मुद्दों एवं जल संरक्षण के लिए पारित किए गए संकल्पों से अवगत कराया। मुख्यमंत्री सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने ध्यान से ग्राम जल सभा की कार्यवाही को सुना और बच्चों द्वारा किए जा रहे जल सभा की सराहना की। यह ग्राम सभा लोगों को जल संरक्षण की दिशा में जागरूक करने तथा जल बचाव को प्रेरित करने के उद्देश्य से आयोजित हुई थी।
जल सभा की शुरुआत में ग्राम सभा की कार्यवाही संपन्न कराने कक्षा 12 वी की छात्रा फाल्गुनी साहू अध्यक्ष बनी। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री साय से अनुमति लेकर ग्राम सभा की कार्यवाही शुरू की। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री साय को ग्राम सभा के एजेंडा को विस्तार से बताया। साथ ही पारित किए गए प्रस्तावों की जानकारी दी। ग्राम सभा अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री श्री साय को बताया कि गांव में पेयजल एवं स्वच्छता समिति गठित की गई है। गांव में जल वाहिनी दीदियां नियुक्त की गई है, जो कि जल एवं स्वास्थ्य की समस्या एवं सुझाओं से अवगत कराते है। गांव में गंदे पानी के उपचार के लिए भी आवश्यक कार्यवाही की जाती है। उन्होंने बताया कि फ्लोराइड एवं आयरन युक्त पानी से बचाव के लिए गांव में जरूरी कार्यवाई की गई है। फ्लोराइड युक्त पानी को लाल और आयरन की अधिकता युक्त पानी के हैंड पंप को काले रंग से चिन्हित किया गया है। ग्राम सभा अध्यक्ष ने ग्राम सभा द्वारा नल मरम्मत के कार्य, स्वच्छता गाड़ी की व्यवस्था, तालाब गहरीकरण एवं वर्षा जल बचाव के लिए संयंत्र स्थापित करने के प्रस्ताव पारित करने की जानकारी दी।
जल जगार में जल संचय और जल संरक्षण के लिए मंथन
देश-विदेश के नीति निर्माता, पर्यावरणविद, विशेषज्ञ और राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं के प्रतिनिधि कर रहे संवाद
रायपुर। धमतरी में रविशंकर जलाशय (गंगरेल बांध) के किनारे आयोजित जल जगार में देश-विदेश के नीति निर्माता, पर्यावरणविद, विशेषज्ञ और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के प्रतिनिधि जल संचय और जल संरक्षण पर संवाद कर रहे हैं। वे यहां आयोजित अंतरराष्ट्रीय जल सम्मेलन में जल संचय और जल संरक्षण के महत्व को रेखांकित करते हुए अपने-अपने क्षेत्रों के सफल कार्यों की कहानी साझा कर रहे हैं। वे इनके प्रभावी उपायों पर गहनता से विचार-विमर्श करने के साथ ही धरातल पर उतारने की कार्ययोजना भी तय कर रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय जल सम्मेलन में जल संचय और जल संरक्षण के उपायों पर गहन विचार-विमर्शअंतरराष्ट्रीय जल सम्मेलन में जल संचय और जल संरक्षण के उपायों पर गहन विचार-विमर्श
जल जगार में आयोजित विभिन्न गतिविधियों के बीच आज अंतरराष्ट्रीय जल सम्मेलन के पहले दिन केन्द्रीय कृषि तथा किसान कल्याण मंत्रालय की अपर सचिव डॉ. मनिंदर कौर द्विवेदी, केन्द्रीय जलशक्ति मंत्रालय की अपर सचिव अर्चना वर्मा, पद्मश्री से सम्मानित प्रसिद्ध पर्यावरणविद पोपटलाल पवार, श्यामसुंदर पालीवाल और उमाशंकर पाण्डेय तथा अर्थशास्त्री एवं शहरी विकास विशेषज्ञ प्रो. अमिताभ कुंडु ने सम्मेलन को संबोधित किया। सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में कलेक्टर सुश्री नम्रता गांधी ने जल जगार के उद्देश्यों और धमतरी जिले में जल संचय व जल संरक्षण के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी।
अंतरराष्ट्रीय जल सम्मेलन को संबोधित करते हुए केन्द्रीय कृषि तथा किसान कल्याण की अपर सचिव डॉ. मनिंदर कौर द्विवेदी ने कहा कि धमतरी में जल संरक्षण की पहल पुरानी है। यहां की 'ओजस्वी' एफपीओ (कृषक उत्पाद संगठन) ने कम पानी में होने वाले धान की खेती प्रारंभ की थी। उन्होंने बताया कि धान की ऐसी बहुत सी प्रजाति है जो कम पानी में होती है और जल्दी पकती है। उन्होंने इस तरह की और भी प्रजातियों को विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने नए बीजों और अन्य फसलों की खेती पर भी ध्यान देने को कहा।
केन्द्रीय जलशक्ति मंत्रालय की अपर सचिव अर्चना वर्मा ने अंतरराष्ट्रीय जल सम्मेलन में कहा कि हमारे पूर्वजों के पास जल संचय और जल संरक्षण के बहुत से तरीके थे। वे पानी की एक-एक बूंद का सम्मान करते थे। हमारी जलशक्ति अभियान का भी मूल उद्देश्य पानी की धरोहरों के प्रति सम्मान को वापस लाना है। जल संचय और जल संरक्षण के काम में जन भागीदारी बहुत जरूरी है। उन्होंने जल जगार के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि यह जल संरक्षण से लोगों को जोड़ने की बहुत अच्छी पहल है। इससे संस्कृति, समुदाय और युवाओं की भागीदारी बढ़ रही है।
पद्मश्री से सम्मानित प्रसिद्ध पर्यावरणविदों और जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले पोपटलाल पवार, श्यामसुंदर पालीवाल और उमाशंकर पाण्डेय ने सम्मेलन में जल संचय और जल संरक्षण की सफल कहानियां साझा की। श्री पवार ने कहा कि जलस्रोतों में कम से कम 20 प्रतिशत पानी रिचार्ज के लिए छोड़ना चाहिए। इसका 80 प्रतिशत ही उपयोग किया जाना चाहिए। हमारे हिमालय को बचाने के लिए पश्चिमी घाट का संरक्षण जरूरी है।
सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरणविद श्यामसुंदर पालीवाल ने बताया कि उन्होंने अपने क्षेत्र में जल संरक्षण के लिए बेटी, पानी और पेड़ों को जोड़कर काम किया। इसे रोजगार से भी जोड़ा। पर्यावरणविद श्री उमाशंकर पाण्डेय ने कहा कि पानी सरकार का विषय नहीं है। यह समाज का विषय है। पानी के बारे में स्कूलों और कॉलेजों में पढ़ाया जाना चाहिए। हम पानी बना नहीं सकते, लेकिन पानी को बचा सकते हैं। प्रसिद्ध अर्थशास्त्री एवं शहरी विकास विशेषज्ञ प्रो. अमिताभ कुंडु ने सम्मेलन में कहा कि जल की चिंता को लेकर जिला स्तर पर इस तरह का वृहद आयोजन पहली बार देख रहा हूं। यहां नीति निर्धारक, पर्यावरणविद, जल संरक्षक, विशेषज्ञ और नागरिक पानी के बारे में चर्चा कर रहे हैं। उसे बचाने की रणनीति बना रहे हैं। यह बहुत ही उपयोगी पहल है।
पानी और पेड़ दोनों को बचा कर रखना है : राज्यपाल
छत्तीसगढ़ में ईको टूरिज्म को बढ़ावा और जल संरक्षण पर दें विशेष ध्यान
रायपुर। पानी होगा तो पेड़ रहेगा और पेड़ होगा तो पानी रहेगा, इसलिए दोनों को बचा कर रखना है और हर व्यक्ति को एक पेड़ मां के नाम लगाना है। प्राकृतिक सुन्दरता से भरपूर छत्तीसगढ़ राज्य में ईको टूरिज्म को बढ़ावा दिया जाए साथ ही जल संरक्षण के लिए भी सभी को ध्यान देने की जरूरत है। राज्यपाल रमेन डेका ने रायपुर में आयोजित हरित शिखर सम्मेलन के समापन कार्यक्रम में उक्त बातें कहीं।
वन और जलवायु परिवर्तन विभाग के सहयोग से विबगयोर नॉर्थ फांउडेशन और प्रज्ञा प्रवाह संस्था द्वारा आयोजित तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ शिखर सम्मेलन के समापन कार्यक्रम में राज्यपाल श्री डेका बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। श्री डेका ने छत्तीसगढ़ के 32 प्रतिशत वन क्षेत्रों में बेहतर वन प्रबंधन के लिए सरकार को बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पहल पर एक पेड़ मां के नाम अभियान में हर व्यक्ति की भागीदारी होनी चाहिए, 140 करोड़ जनसंख्या वाले हमारे देश में हर व्यक्ति एक पेड़ लगाएगा तो देश का परिदृश्य बदल जाएगा। उन्होंने कहा कि पेड़ लगाने के बाद उसका संरक्षण भी करना होगा। आज जंगलों में अंधाधुंध पेडोें के काटे जाने से वहां रहने वाले जानवरांे को भोजन की दिक्कत हो रही है, इसलिए वे भोजन की खोज में आबादी वाले क्षेत्रों में आते हैं।
राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि जल संरक्षण भी बहुत जरूरी है। इस पर सभी ध्यान देना होगा तभी मानव सभ्यता कायम रहेगी। उन्होंने रेन हार्वेस्टिंग को जरूरी बताया और कहा कि अमेरिका में 60 प्रतिशत घरों में रेन हार्वेस्टिंग की व्यवस्था की जाती है लेकिन हमारे देश में यह केवल 10 प्रतिशत ही है, इस पर भी ध्यान देने की जरूरत है। जो देेश पानी बचाता है उसकी अर्थव्यवस्था भी उन्नत होती है।
राज्यपाल ने छत्तीसगढ़ में ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार पर बल दिया इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था भी आगे बढ़ेगी। उन्होेंने कहा कि सामुदायिक सहभागिता की भावना हमारी लोक संस्कृति से उपजी है। आज के समय में जब पर्यावरणीय चुनौतियां बढ़ती जा रही है, सामुदायिक सहभागिता की भावना हमें मिलकर समाधान खोजने और सामूहिक प्रयासों के माध्यम से इन चुनौतियों का सामना करने की प्रेरणा देती है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि अपनी लोक संस्कृति को सहजने के साथ-साथ इसे पर्यावरण संरक्षण के लिए एक प्रेरणा के रूप में अपनायंे। श्री डेका ने अपील करते हुए कहा कि हम मिलकर यह संकल्प लें कि हम अपने प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करेंगे, पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहेंगे और सतत् विकास की राह पर चलेंगे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ में जंगलों को पुर्नजिवित करने का कार्य प्राथमिकता से किया जा रहा है और ज्यादा से ज्यादा जंगल लगाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने भविष्य में टूरिस्ट बोर्ड के गठन की जानकारी दी और कहा कि आने वाली पीढ़ी के लिए प्रकृति की रक्षा करना हमारा सबसे बडा कर्तव्य है।
कार्यक्रम में प्रधान मुख्य वन संरक्षक वी.श्रीनिवास राव ने स्वागत उद्बोधन करते हुए कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। एमिटी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. पीयुषकांत पांण्डेय ने सम्मेलन का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर पर्यावरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्तियों को ग्रीन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ बायो डायवर्सिटी बोर्ड के संचालक राकेश चतुर्वेदी, मेघालय स्कूल शिक्षा बोर्ड के चेयरमेन सी.पी. मारक, प्रज्ञा प्रवाह संस्था के अतुल नागले, वैज्ञानिक पर्यावरण विशेषज्ञ, प्रोफेसर, प्राध्यापक, अन्य प्रबुद्धजन तथा छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
जशपुर क्षेत्र में विद्युत लाइनें,फीडर बे ऊर्जीकृत, 423गांव व 1083 टोलों को लाभ।
रायपुर। मुख्य मंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार, छत्तीसगढ़ विद्युत कंपनियों के अध्यक्ष डाॅ. रोहित यादव के मार्गदर्शन में आज जशपुर क्षेत्र में 3 अतिमहत्वपूर्ण कार्य संपन्न हुये । एक पारेषण लाइन तथा दो फीडर बे ऊर्जीकृत किये गए । छत्तीसगढ़ स्टेट पाॅवर टांसमिशन कंपनी के एम डी श्री राजेश कुमार शुक्ला की सतत मानीटरिंग के कारण यह कार्य शीघ्रता से पूर्ण किये गए। पत्थलगांव तथा जशपुर के दो नग 132 /33केवी उपकेंद्रों के बीच सेकंड सर्किट लाइन 106.5 किलोमीटर को ऊर्जीकृत किया गया , जिसकी परियोजना लागत 13.58 करोड़ रु. है । 132/33 के.वी.उपकेंद्र जशपुर में फीडर- बे तथा 132/33 केवी उपकेंद्र पत्थलगांव में फीडर-बे भी ऊर्जीकृत किया गया । इनकी लागत 2. 13 करोड़ रु. है । इस अवसर पर गौतम केनार, जी आर जायसवाल, जेपी सिदार, नवीन मिश्रा,बसंत टोप्पो ,एच. वारे, भूपेश पैकरा आदि अधिकारीगण उपस्थित थे ।इन विकास कार्यों से 423 गांवों , 1083 टोलों को गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति का मार्ग प्रशस्त हुआ है ।
रोगों के निदान में रेडियोलॉजी का योगदान महत्वपूर्ण : सांसद बृजमोहन अग्रवाल
आईआरआईए का रेजिडेंट एजुकेशन प्रोग्राम चिकित्सा महाविद्यालय के नये ऑडिटोरियम में प्रारंभ
रायपुर। इंडियन रेडियोलॉजिकल एंड इमेजिंग एसोसिएशन (आईआरआईए) सीजी चैप्टर, पं. जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय का रेडियोडायग्नोसिस विभाग और इंडियन कॉलेज ऑफ रेडियोलॉजी एंड इमेजिंग (आईसीआरआई) के संयुक्त तत्वावधान में पं. नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय स्थित स्व. अटल बिहारी वाजपेयी सभागार (नये ऑडिटोरियम) में दो दिवसीय रेजिडेंट एजुकेशन प्रोग्राम (आईआरईपी-2) का शुभारंभ शनिवार को कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल के गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य मनोज पिंगुआ रहे। छत्तीसगढ़ में चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में पहली बार ऐसा राष्ट्रीय स्तर का आयोजन विशेष रूप से रेडियोलॉजी के स्नातकोत्तर छात्रों के लिए किया गया है। इस आयोजन को राजधानी में कराए जाने में चिकित्सा महाविद्यालय रेडियोलॉजी विभाग से डॉ. आनंद जायसवाल की विशेष भूमिका रही ।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि बीमारियों के उपचार की दिशा में रेडियोलॉजी एवं इमेजिंग का महत्वपूर्ण योगदान है। रेडियोलॉजी जांच के बाद ही बीमारी की दशा और उसके उपचार की दिशा तय होती है। उपचार की कोई भी विधा हो बिना रेडियोलॉजी और इमेजिंग जाँच के मरीज को क्या उपचार दिया जाए? यह तय करना संभव नहीं होता। उन्होंने कहा कि प्रदेश का सबसे बड़ा मेडिकल कॉलेज होने के नाते रायपुर मेडिकल कॉलेज में वर्तमान समय में रेडियोडायग्नोसिस एवं रेडियोथेरेपी विभाग में जांच एवं उपचार की अत्याधुनिक मशीन स्थापित है और ऐसा विश्वास है कि आने वाले समय में यह विभाग जांच एवं उपचार तकनीक की दिशा में और भी उन्नत होगा। अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य श्री मनोज पिंगुआ ने कहा कि रेडियोलॉजी एक ऐसी विधा है जो रोगी के शरीर में उत्पन्न असामान्यताओं का विश्लेषण करके उसका सटीक और प्रभावी उपचार प्रदान करने में अपनी मुख्य भूमिका निभाता है।
कार्यक्रम के वैज्ञानिक सत्र में दिल्ली के सीएनबीसी पीडियाट्रिक हॉस्पिटल से आई डॉ. नताशा गुप्ता ने बाल चिकित्सा छाती एवं उदर विकृति विज्ञान की व्यापक केस-आधारित समीक्षा विषय पर पीजी छात्रों को पढ़ाया और प्रश्नोत्तरी सत्र के माध्यम से छात्रों के विषय आधारित ज्ञान की परीक्षा ली। पंडित नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय में रेडियोलॉजी के विभागाध्यक्ष डॉ.एस. बी.एस.नेताम ने शरीर के निचले अंग यानी लोअर लिंब के वीनस डॉपलर विषय के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए छात्रों को पढ़ाया। फिल्म रीडिंग सत्र- पारंपरिक रेडियोग्राफ विषय पर पटना से आये डॉ. अशोक कुमार मंडल, स्पॉटर्स पर डॉ. सीडी साहू और केस-आधारित समीक्षा और ओएससीईएस: नेफ्रो/यूरो-रेडियोलॉजी विषय पर डॉ. सिकंदर शेख (हैदराबाद) ने व्याख्यान और जानकारी दी।
इस अवसर पर पं.जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. विवेक चौधरी, इंडियन रेडियोलॉजिकल एंड इमेजिंग एसोसिएशन के छत्तीसगढ़ चैप्टर के संरक्षक, पूर्व डीएमई एवं वरिष्ठ रेडियोलॉजिस्ट डॉ. विष्णु दत्त और कार्यक्रम के आयोजन सचिव डॉ. आनंद जायसवाल, सह सचिव डाॅ श्रेयस जायसवाल, रेडियोडायग्नोसिस विभाग से डॉ. विवेक पात्रे, डॉ. शुभकृति अग्रवाल समेत आयोजन कमिटी के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
विदित हो कि आईआरईपी-2 भारतीय रेडियोलॉजिकल और इमेजिंग एसोसिएशन द्वारा प्रायोजित एक शैक्षिक पहल है जिसका उद्देश्य देशभर के रेडियोलॉजी के स्नातकोत्तर (पीजी स्टूडेंट) को लाभ पहुंचाना है। इसके फैकल्टी मेंबर में रेडियोलॉजी और इमेजिंग के क्षेत्र में देशभर के अनुभवी विशेषज्ञ शामिल हैं। रेडियोलॉजी के स्नातकोत्तर छात्रों के रेडियोलॉजी और इमेजिंग के क्षेत्र में नवीनतम तकनीकों के बारे में ज्ञान और कौशल को बढ़ावा देने के लिए इस कार्यक्रम में व्याख्यान, केस आधारित समीक्षा और इंटरैक्टिव फिल्म रीडिंग सत्र का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम के आयोजन अध्यक्ष डॉ. वी.ए. वरप्रसाद, डॉ.ए. अनबरसु, डॉ. ए.ए. उस्मान और सह अध्यक्ष डॉ. एस.बी.एस. नेताम हैं वहीं आयोजन सचिव डॉ. एल.मुरली कृष्णा, डॉ. अमित जी. अग्रवाल और डॉ. आनंद जायसवाल हैं।
स्कूली बालिकाओं से अश्लील हरकत करने वाले प्रधान पाठक इंद्रमन साहू को मिली उसके दुष्कर्मों की सजा
रायपुर, कहते है बुरे कर्मो का बुरा नतीजा। स्कूली बच्चियों के साथ अश्लील हरकत करने और उनसे गंदी-गंदी बाते करने के दोषी प्रधान पाठक इंद्रमन साहू (56 वर्ष) को उसके बुरे कर्मो की सजा मिल गई है। आज से लगभाग 6 वर्ष पूर्व रायपुर जिले अभनपुर विकासखंड स्थित ग्राम पंचायत सुंदरकेरा के स्कूल में प्रधान पाठक के रूप में पदस्थापना के दौरान इंद्रमन साहू स्कूली बालिकाओं की लज्जा का आनादर करने के आशय से गंदी-गंदी बातें करने के साथ ही लैगिंक हमले का अपराध कारित करने का दोषी पाएं जाने पर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, द्वितीय फास्टट्रैक विशेष न्यायधीश (पाक्सो) रायपुर ने उसे धारा 354 के तहत तीन वर्ष के सश्रम कारावास सहित एक हजार रूपए के अर्थ दंड तथा धारा 509 के तहत तीन वर्ष के कारावास तथा एक हजार रूपए के अर्थ दंड की सजा सुनाई है।
गौरतलब है कि गुरू शिष्य के पवित्र रिश्ते को कलंकित करने वाली इंद्रमन साहू के खिलाफ 29 सितम्बर 2018 को गोबरा नवापारा थाने में स्कूली बच्चियों के साथ अश्लील हरकत करने के मामले में धारा 354, 506 भाग-2, 509 एवं धारा 309 एवं धारा 08, 11-1/12 पाक्सो एक्ट के तहत मामला अपराध दर्ज किया गया था। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने सम्पूर्ण तथ्यों परिस्थितियों तथा इंद्रमन साहू द्वारा किए गए अपराध एवं उनकी गंभीरता को देखते हुए उसे धारा 354 एवं धारा 509 के तहत 3 वर्ष के सश्रम कारावास सहित दोनों धाराओं में एक-एक हजार रूपए के अर्थदंड के सजा दी है। अर्थदंड की राशि अदा न किए जाने पर अभियुक्त को प्रत्येक धाराओं में एक-एक माह सश्रम कारावास पृथक से दिए जाने का आदेश पारित किया गया है। न्यायालय ने उसके पूर्व के जमानत मुचलके को निरस्त करने के साथ ही केन्द्रीय जेल रायपुर भेज दिया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 87 करोड़ 25 लाख रूपये से अधिक की लागत वाले 49 विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं शिलान्यास
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने धमतरी जिले के पंडित रविशंकर जलाशय गंगरेल में 5 अक्टूबर को जल जगार महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर 87 करोड़ 25 लाख 77 हजार रूपये के कुल 49 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इनमें 65 करोड़ 84 लाख 91 हजार रूपये के 33 कार्यों का लोकार्पण और 21 करोड़ 40 लाख 86 हजार रूपये के 16कार्यों का शिलान्यास शामिल है।
लोकार्पण किए जाने वाले कार्यों में नगरपालिक निगम धमतरी के तहत 30 करोड़ 94 लाख 49 हजार रूपये के 4 कार्य, लोक निर्माण विभाग के तहत 26 करोड़ 39 लाख 33 हजार रूपये के 4 कार्य, विद्युत विभाग के 4 करोड़ 20 लाख 8 हजार रूपये के 2 कार्य, स्वास्थ्य विभाग के तहत एक करोड़ 52 लाख 73 हजार रूपये के 6 कार्य, जनपद पंचायत नगरी के तहत एक करोड़ 39 लाख 88 हजार रूपये के 9 कार्य, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग के तहत एक करोड़ 13 लाख 40 हजार रूपये के 5 कार्य और जनपद पंचायत धमतरी के तहत 25 लाख रूपये की लागत के 3 कार्यों का लोकार्पण शामिल है।
मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा 21 करोड़ 40 लाख 86 हजार रूपये के 16 कार्यों का शिलान्यास किया जाएगा। इनमें लोक निर्माण विभाग के तहत 7 करोड़ 41 लाख 96 हजार रूपये के 2 कार्य, नगरपालिक निगम धमतरी के तहत 6 करोड़ 37 लाख 14 हजार रूपये के 3 कार्य, जल संसाधन संभाग धमतरी कोड 90 के तहत 4 करोड़ 40 लाख 62 हजार रूपये के 2 कार्य, हाउसिंग बोर्ड के तहत एक करोड़ 86 लाख 53 हजार रूपये के एक कार्य, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग के तहत 93 लाख 48 हजार रूपये के 4 कार्य, जनपद पंचायत धमतरी के 25 लाख रूपये के 3 कार्य और क्रेडा के तहत 16 लाख 13 हजार रूपये के एक कार्य का शिलान्यास किया गया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भगवान शिव के रुद्राभिषेक और महाआरती में हुए शामिल
108 जल संरचनाओं से एकत्र जल का किया अर्पण
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जल जगार महोत्सव में गंगरेल बांध की विशाल जलराशि के बीच भगवान शिव की प्रतिमा में जल अभिषेक किया। उन्होंने 108 चयनित जल संरचनाओं से लाए गए पानी को शिव जी की प्रतिमा पर अर्पण किया। इसके माध्यम से 108 जल संरचनाओं के पानी को महानदी में मिलाया गया। इससे जल बचाव एवं प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया गया। जल अभिषेक संकेत के रूप में वर्षा जल जो जहाँ भी गिरे और जब भी गिरे, उसे इकट्ठा करने और भूमिगत जल तालिकाओं और नदियों को फिर से भरने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। जिले में पिछले कुछ वर्षों में, सामूहिक रूप से कई संरक्षण संरचनाएँ बनाई गई हैं। जल जगार महोत्सव में रूद्राभिषेक कार्यक्रम अंतर्गत जिले में चारों विकासखंडों में जल संरक्षण हेतु निर्मित किये गये 108 जल संरचनाओं, जिसमें अमृत सरोवर, जलाशय, पारम्परिक एवं ऐतिहासिक तालाब, परकोलेशन टैंकों से जल लाकर गंगरेल बांध में भगवान शिवजी की प्रतिमा में अभिषेक किया गया। ताकि जल को धार्मिकता से जोड़ते हुए लोगों को जल संरक्षण हेतु जागरूक व प्रोत्साहित किया जा सके। इसके पश्चात मुख्यमंत्री श्री साय ने महानदी की महाआरती भी की। पंडितो ने विधि विधान से महानदी की आरती करने में सहयोग किया। जीवन देने वाली महानदी की वंदना एवं अनुष्ठान प्रकृति को जीवित रखने वाली नदियों की रक्षा और उनका संवर्धन करने की सामूहिक प्रतिज्ञा का प्रतीक है।
अभनपुर में पलटी पिकअप, 1 मजदूर की मौत, 14 घायल...
रायपुर। रायपुर से लगे अभनपुर इलाके में रविवार को एक गंभीर सड़क हादसा हुआ, जिसमें एक मजदूर की मौत हो गई और 14 से अधिक लोग घायल हो गए। हादसा उस समय हुआ जब एक पिकअप वाहन, जिसमें करीब दो दर्जन मजदूर सवार थे, तेज रफ्तार के कारण अनियंत्रित होकर पलट गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार अभनपुर के ग्राम खोला से दो दर्जन से अधिक श्रमिक मजदूरी के लिए पिकअप वाहन से नवा रायपुर के ग्राम बंजारी जा रहे थे। पिकअप की रफ़्तार ज्यादा दी, तभी यह ग्राम थनौद चौंक के आगे अनियंत्रित होकर पलट गई।
घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन द्वारा तुरंत राहत कार्य शुरू किया। दुर्घटना के बाद घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान ग्राम पोंड निवासी तोमलाल साहू (32) की मौत हो गई। मृतक तोमलाल अश्वनी साहू का पुत्र था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और हादसे के कारणों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, पिकअप वाहन तेज गति से चल रहा था, जिससे यह संतुलन खो बैठा और पलट गया। पुलिस ने वाहन चालक के खिलाफ लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाने का मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है।
घायलों की सूची:
नरेंद्र कुमार बघेल, 42 वर्ष, ग्राम खोला
चंद्रवती, 50 वर्ष, ग्राम खोला
जमुना सोनवानी, 40 वर्ष, ग्राम खोला
तुलसी बाई, 35 वर्ष, ग्राम खोला
रेखा, 25 वर्ष, ग्राम खोला
चित्ररेखा, 26 वर्ष, ग्राम खोला
सविता टंडन, 40 वर्ष, ग्राम खोला
प्रियांशु बघेल, 18 वर्ष, ग्राम खोला
सोनार कौशिक, 50 वर्ष, ग्राम खोला
हितेश कुर्रे, 32 वर्ष, ग्राम खोला
रुक्मणी तारक, 47 वर्ष, ग्राम खोला
रुक्मिणी बाई, 36 वर्ष, ग्राम खोला
पूर्णिमा बघेल, 36 वर्ष, ग्राम खोला
मनोज पाल, 36 वर्ष, ग्राम पोंड।
आसमान में डेढ़ सौ से अधिक ड्रोन ने बिखेरी रंग बिरंगी छटा भगवान शिव की आकृति सहित जल-जगार शब्द और प्राकृतिक दृश्य दिखा आसमान में
जल संरक्षण के लिए जल-जगार अनुकरणीय पहल: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जल-जगार से आया सकारात्मक और क्रांतिकारी परिवर्तन
विशिष्ट अतिथि के तौर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा कि आज के परिवेश में जल संरक्षण बेहद जरूरी है। प्रधानमंत्री ने जलजीवन मिशन के तहत घर घर पानी देकर संदेश दिया है। पानी का मूल्य और महत्व को सभी को समझना होगा। उन्होंने छत्तीसगढ़ी गीत के माध्यम से जल की महत्ता को बताया। पूर्व कैबिनेट मंत्री मंत्री और कुरूद विधायक श्री अजय चंद्राकर ने कहा कि यह अपने आप मे एक नवाचारी कार्यक्रम है। धमतरी जिले में 04 बड़े जलाशय होने के बाद भी यहां का भूजल स्तर गिरना चिता का विषय है। सामुदायिक भागीदारी से जल संरक्षण किया जाना प्रशंसनीय है और इसे जन-जन का आंदोलन बनाना होगा। इसके अलावा महासमुंद सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, कांकेर सांसद श्री भोजराज नाग, ने भी जिले में चल रहे जल जगार महोत्सव की सराहना करने हुए अनुकरणीय बताया। इस अवसर कांकेर विधायक श्री आशाराम नेताम, पूर्व विधायक श्रीमती रंजना साहू, श्री श्रवण मरकाम, श्रीमती पिंकी शाह, श्री इंदर चोपड़ा सहित जनप्रतिनिधिगण एवं वरिष्ठ नागरिक मंच पर मौजूद थे।
छत्तीसगढ़ में मानसून की विदाई से मंडरा रहा बारिश का साया
रायपुर। छत्तीसगढ़ से मानसून अब अब विदा लेने को तैयार है, लेकिन इससे पहले चक्रवाती परिसंचरण बनने की वजह से छत्तीसगढ़ में इसके सक्रिय रहने की संभावना है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार राजधानी में रविवार को बादल आंशिक रूप से छाए रहेंगे और प्रदेश में एक-दो स्थानों पर बारिश के आसार हैं। संभवत: बस्तर संभाग में ही बारिश की संभावनाएं बन रही हैं।
वहीं, दो दिनों के बाद प्रदेश में एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार बन रहे हैं। इसी बीच शनिवार को प्रदेश में मानसून की सक्रियता सामान्य से कम ही रही। प्रदेश में एक-दो स्थानों पर बारिश दर्ज की गई।
जिसमें सर्वाधिक बारिश माना एयरपोर्ट में दो मिलीमीटर दर्ज की गई, जबकि अन्य क्षेत्राें में इससे कम बारिश देखने को मिली। वहीं, प्रदेश में सर्वाधिक तापमान 36.3 डिग्री सेल्सियस सुकमा में, जबकि न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 20.1 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में दर्ज किया गया।
यह बन रहा है सिस्टम
एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण गंगेटिक पश्चिम बंगाल और उससे आसपास स्थित है। यह 3.1 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है। वहीं, एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी और आन्ध्रप्रदेश तट से दूर स्थित है, जो कि 1.5 से 4.5 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है। इसकी वजह से प्रदेश में हल्की बारिश होने की संभावनाएं बन रही हैं।
अधिकतम तापमान सभी जगह औसत से अधिक
मौसम विभाग के पिछले 30 वर्षाें के आंकड़ों के अनुसार अधिकतम तापमान लगभग सभी क्षेत्रों में सामान्य औसत से अधिक है। आंकड़ों के अनुसार यह जगदलपुर में 3.3 डिग्री, रायपुर में 2.9 डिग्री, अंबिकापुर में 2.7 डिग्री, बिलासपुर व पेंड्रा रोड में दो डिग्री और दुर्ग में 1.1 डिग्री सेल्सियस तक अधिक रहा।
न्यूनतम तापमान कहीं कम कहीं ज्यादा
इसके अलावा न्यूनतम तापमान उतार चढ़ाव भरा दिखाई दे रहा है। आंकड़ों के अनुसार यह अंबिकापुर में 0.4 डिग्री, जबकि पेंड्रा रोड में 0.2 डिग्री कम है। वहीं, जगदलपुर में यह 2.3 डिग्री, रायपुर में 1.4 डिग्री, बिलासपुर में 0.9 डिग्री और दुर्ग में 0.4 डिग्री सेल्सियस तक सामान्य औसत से अधिक है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने भगवान शिव के रुद्राभिषेक और महाआरती में हुए शामिल 108 जल संरचनाओं से एकत्र जल का किया अर्पण
रायपुर, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज जल जगार महोत्सव में गंगरेल बांध की विशाल जलराशि के बीच भगवान शिव की प्रतिमा में जल अभिषेक किया। उन्होंने 108 चयनित जल संरचनाओं से लाए गए पानी को शिव जी की प्रतिमा पर अर्पण किया। इसके माध्यम से 108 जल संरचनाओं के पानी को महानदी में मिलाया गया। इससे जल बचाव एवं प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया गया। जल अभिषेक संकेत के रूप में वर्षा जल जो जहाँ भी गिरे और जब भी गिरे, उसे इकट्ठा करने और भूमिगत जल तालिकाओं और नदियों को फिर से भरने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। जिले में पिछले कुछ वर्षों में, सामूहिक रूप से कई संरक्षण संरचनाएँ बनाई गई हैं। जल जगार महोत्सव में रूद्राभिषेक कार्यक्रम अंतर्गत जिले में चारों विकासखंडों में जल संरक्षण हेतु निर्मित किये गये 108 जल संरचनाओं, जिसमें अमृत सरोवर, जलाशय, पारम्परिक एवं ऐतिहासिक तालाब, परकोलेशन टैंकों से जल लाकर गंगरेल बांध में भगवान शिवजी की प्रतिमा में अभिषेक किया गया। ताकि जल को धार्मिकता से जोड़ते हुए लोगों को जल संरक्षण हेतु जागरूक व प्रोत्साहित किया जा सके। इसके पश्चात मुख्यमंत्री श्री साय ने महानदी की महाआरती भी की। पंडितो ने विधि विधान से महानदी की आरती करने में सहयोग किया। जीवन देने वाली महानदी की वंदना एवं अनुष्ठान प्रकृति को जीवित रखने वाली नदियों की रक्षा और उनका संवर्धन करने की सामूहिक प्रतिज्ञा का प्रतीक है।
प्रियंका गांधी के दौरे पर भाजपा कांग्रेस की जुबानी जंग, सुंदरानी ने कहा- सरकारी तंत्र का प्रयोग कर भीड़ इकट्ठी, भगत का पलटवार, हर सभा में भारी भीड़…
रायपुर। प्रियंका गांधी के दौरे पर बीजेपी नेता श्रीचंद सुंदरानी ने तंज कसा है. उन्होंने कहा कि यह हवा-हवाई दौरा है. प्रियंका हो, खरगे हो, या राहुल गांधी, सरकारी तंत्र का प्रयोग कर भीड़ इकट्ठी की जा रही है. एक लाख की भीड़ का दावा करते हैं और 5 हजार लोगों को भी इकठ्ठा नहीं कर पाते हैं. सुंदरानी के बयान पर मंत्री अमरजीत भगत ने पलटवार करते हुए कहा कि हर सभा में भारी भीड़ जुट रही है.
भाजपा नेता श्रीचंद सुंदरानी ने मीडिया से चर्चा में कहा कि पौने 5 साल में सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी रही. आखिरी 2 महीने में घोषणाएं कर रहे, यह खोखली साबित होगी. अगर सीएम विकास कार्यों के प्रति गंभीर होते तो यहां विकास होता. छत्तीसगढ़ को 2003 से पहले की स्थिति में ला दिया है.
सोशल मीडिया पर भाजपा की वायरल सूची पर हो रहे विरोध को लेकर उन्होंने कहा कि पार्टी प्रजातांत्रिक है, सबको अपनी बात रखने का अधिकार है. सभी को टिकट मांगने का अधिकार है.
वहीं चुनाव से पहले फिर शुरू हुई भगवान राम को लेकर राजनीति पर सुंदरानी ने कहा कि ये कितने भी राम मंदिर की बात करें. 55 साल कांग्रेस ने राज किया. माता कौशल्या की याद इन्हें नहीं आई. भाजपा भगवान राम के आदर्शों को मानती आई है. कांग्रेस का चुनावी दिखावा है. प्रभु राम किसके साथ हैं हनुमानजी किसके साथ है. जब नवंबर में चुनाव होगा तो सारी चीजें खुलकर सामने आ जाएगी. भगवान राम और कौशल्या माता के प्रति कांग्रेस की आस्था नहीं हैं.
राजनीति से प्रेरित है बयान
प्रियंका गांधी को लेकर भाजपा नेता सुंदरानी के बयान पर मंत्री अमरजीत भगत ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा का बयान राजनीति से प्रेरित है. यह मानसिक अवसाद का परिचायक है. कांग्रेस की हर सभा में भारी भीड़ जुट रही है. मुख्यमंत्री ने सौगातों का पिटारा खोला है. मुख्यमंत्री ने जिस दिन प्रभार लिया, उसी दिन किसानों का कर्ज माफ किया. उस वक्त कौन सा चुनाव था. किसानों के पक्ष में पैसा देने को केंद्र सरकार राजी नहीं थी. धान खरीदी या बरदाने का मामला हो. भाजपा के नेताओं ने कोई बयान नहीं दिया, ना ज्ञापन. केवल घड़ियाली आंसू बहाते हैं.
भगवान राम को लेकर श्रीचंद सुंदरानी के बयान पर मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि भगवान राम सबके है किसी के बपौती नहीं हैं. राम रग रग में बसे, कण कण में बसे. कौशल्या माता छत्तीसगढ़ की बेटी हैं. हम उन्हीं के दिशा-निर्देशों पर काम कर रहे,
सोशल मीडिया में वायरल सूची पर बीजेपी के विरोध को लेकर अमरजीत भगत ने कहा कि भाजपा अपने ही अंतर्द्वंद्व में फंसी है. दूसरे से उलझने और घेरने के चक्कर में खुद उलझ गई. भाजपा ईडी-आईटी के भरोसे चुनाव जीतना चाहती है. देश की एजेंसियों को निष्पक्ष रहना चाहिए. भाजपा पर शनि का ग्रह का साया है, इन्हें कोई नहीं बचा सकता. इनके सत्ता हासिल करने का सपना टूटेगा. इनके प्रत्याशी चुनाव तक मैदान में टिकेंगे या नहीं ये भी नहीं लग रहा |