छत्तीसगढ़ / रायपुर
सशस्त्र सैन्य समारोह : भारतीय सेना की ताकत, जवानों का शौर्य हमें रोमांच के साथ गौरवान्वित करता हैं: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
भव्य सशस्त्र सैन्य समारोह का मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने किया शुभारंभ
प्रदर्शनी 7 अक्टूबर तक के लिए बढ़ाई गई, मुख्यमंत्री ने की घोषणा
मुख्यमंत्री ने सेना के अद्म्य साहस, क्षमता और कौशल को सराहा
मुख्यमंत्री श्री साय को जैकेट पहनाकर सेना ने अपने अंदाज में किया स्वागत
रायपुर : साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित भव्य सैन्य समारोह एवं प्रदर्शनी का मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री श्री साय का जैकेट पहनाकर सेना ने अपने अंदाज में स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने भारतीय सेना के करतब को देखकर रोमांचित हुए और उनकी कौशल और क्षमता को सराहा। मुख्यमंत्री श्री साय ने दो दिवसीय सैन्य प्रदर्शनी को आम नागरिकों के उत्साह को देखते हुए एक दिन बढ़ाने की घोषणा की। अब प्रदर्शनी का आयोजन 5 एवं 6 अक्टूबर के अलावा 7 अक्टूबर तक किया जाएगा।प्रदर्शनी दिन में सुबह 8 बजे से 10 बजे तक एवं शाम को 6 बजे से रात 8 बजे तक आयोजित की जायेगी।
सैन्य प्रदर्शनी समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि इस प्रदर्शनी में अपनी सेना की ताकत, उनकी क्षमता और हमारे वीर जवानों के शौर्य को देखकर रोमांचित और गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों में देशभक्ति का जज्बा जगाने के लिए सेना का एक अकेला जवान ही काफी होता है। सेना की वर्दी में किसी चुस्त-दुरूस्त जवान को देखकर ही हमारे भीतर जोश आ जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस के अवसर पर जब हम कर्तव्य-पथ पर अपने सैनिकों को परेड करते हुए देखते हैं, तब हर भारतीय के मन में विचार अवश्य आता है कि काश हम भी भारतीय सेना का हिस्सा होते। उन्होंने कहा कि हमारी यह सेना संख्या दुनिया की सबसे शक्तिशाली सेनाओं में गिनी जाती है। हमारी यह सेना अपने अनुशासन और दक्षता के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा आजादी के बाद देश पर जब-जब खतरा मंडराया, हमारी सेना ने दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब दिया है। आज किसी भी देश की हिम्मत नहीं होती कि वह भारत की ओर आंख उठाकर देखें। इसी तरह हमारे इन जवानों ने देश की आंतरिक सुरक्षा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जब कोई प्राकृतिक आपदा होती है, तब भी हमें सबसे पहले हमारी सेना की याद आती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रदर्शनी में भीष्म टी-90 टैंक, बीएमपी, एल-70 और अन्य आधुनिक सैन्य उपकरणों का अवलोकन कर सकेंगे, जिनका उपयोग हमारे सशस्त्र बलों ने दुश्मनों के खिलाफ विजय प्राप्त करने में किया है। इसके साथ-साथ आप पैरा जंपिंग, खुखरी डांस, डेयर डेविल मोटरसाइकलिंग और घुड़सवारी जैसे हैरतअंगेज और अद्भुत प्रदर्शन का आनंद भी ले पाएंगे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस प्रदर्शनी को देखने के लिए युवा साथी बड़ी संख्या में आए हैं। बहुत अच्छी बात है कि लोग अपने बच्चों को लेकर भी यहां आए हैं, इससे निश्चित रूप से ये बच्चे भी प्रेरित होंगे और सेना में शामिल होकर देश सेवा का अवसर मिले तो इसे अपने हाथों से जाने न दें। अग्निवीर योजना भी आपको यह महत्वपूर्ण अवसर देती है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कल बस्तर के अबुझमाड़ क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने माओवादी आतंकियों के साथ हुई मुठभेड़ में 31 माओवादियों को ढेर कर दिया। इस बड़ी सफलता के लिए सुरक्षा बलों के जवानों को बधाई देता हूं। पिछले 9 महीनों के दौरान हमारे जवानों ने माओवादी आतंकवाद के खिलाफ लगातार बड़ी सफलताएं हासिल की हैं। अब तक 191 माओवादी को ढेर किया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर में आ रहे बदलाव का यह संकेत है कि बस्तर के युवा बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों में शामिल होकर माओवादियों को खदेड़ रहे हैं। सैन्य समारोह की प्रदर्शनी में मुख्यमंत्री श्री साय को ब्रिगेडियर श्री अमन आनंद ने भारतीय सेना द्वारा उपयोग किए जाने वाले हथियारों और टैंक की विस्तृत जानकारी दी। श्री साय ने प्रदर्शनी के मुख्य आकर्षण में से एक टैंक टी-90 भीष्म का भी अवलोकन किया और इसकी क्षमता और विशेषता की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने सेना में उपयोग होने वाले अत्याधुनिक हथियारों, ड्रोन, रायफल सहित भूतपूर्व सैनिकों के लिए चलाई जा रही योजनाओं, अग्निपथ योजना, छत्तीसगढ़ हर्बल्स के स्टाल का अवलोकन किया। गौरतलब है कि सैन्य प्रदर्शनी के दौरान भारतीय सेना द्वारा युद्ध में उपयोग किए गए तथा वर्तमान में उपयोग किये जा रहे विभिन्न हथियारों, टैंक, रायफल आदि का प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनी में ऐसे टैंक और हथियार भी शामिल हैं, जो वर्तमान में उपयोग में नहीं है और सेना ने इसे एक धरोहर के रूप में संजो कर रखा है। साथ ही मुख्यमंत्री ने सभी स्टालों का अवलोकन किया और सेना के अधिकारियों से जानकारी ली।
इस समारोह में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, श्री मोतीलाल साहू, श्री खुशवंत सिंह साहेब, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, डीजीपी श्री अशोक जुनेजा, लेफ्टिनेंट जनरल श्री पदम सिंह शेखावत, ब्रिगेडियर श्री अमन आनंद (विशिष्ट सेवा मेडल), अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ, कर्नल श्री सुदीप बोस, रायपुर संभागायुक्त श्री महादेव कावरे, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, एसएसपी डॉ. संतोष सिंह समेत बड़ी संख्या में सेना के जवान और नागरिक उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विधि विधान के साथ पूजा अर्चना कर नवा रायपुर स्थित नए मुख्यमंत्री निवास में गृहप्रवेश किया
रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नवरात्रि के पावन अवसर पर आज विधि विधान के साथ पूजा-अर्चना कर नवा रायपुर में नवनिर्मित नए मुख्यमंत्री निवास में गृहप्रवेश किया। मुख्यमंत्री ने अपनी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय के साथ मंत्रोच्चार और शंख ध्वनि के बीच पूजा-अर्चना की। उन्होंने अपनी माता श्रीमती जसमनी देवी से आशीर्वाद ग्रहण कर गृह प्रवेश किया।
इस अवसर पर राज्यपाल श्री रमेन डेका उनकी धर्मपत्नी श्रीमती रानी डेका काकोटी, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल, उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस सहित अनेक विधायक और जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। गृहप्रवेश कार्यक्रम में आए सभी अतिथियों ने मुख्यमंत्री को बधाई और शुभकामनाएं दी।
जल जीवन मिशन बना पहचान हर घर शुद्ध और स्वच्छ पेयजल पहुंचना हुआ आसान
श्रीमती पूर्णिमा टण्डन, श्रीमती कुन्ती साहू, श्रीमती चमेली साहू और श्रीमती सोनी बंजारे सहित गांव की अनेक महिलाओं ने जल जीवन मिशन के तहत् घर में नल कनेक्शन देने तथा समय पर पेयजल उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी और राज्य के मुखिया श्री विष्णु देव साय को धन्यवाद ज्ञापित किया है।
36 पौवा अंग्रेजी शराब के साथ 1 आरोपी गिरफ्तार
रायपुर। नशे के खिलाफ रायपुर पुलिस के निजात अभियान के तहत कार्रवाई जारी है। इस कार्रवाई के तहत अवैध शराब के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। मामला गुढ़ियारी थाना का है।
दरअसल 5 अक्टूबर को सूचना मिली कि कलिंग नगर गुढ़ियारी में एक व्यक्ति अवैध शराब बेच रहा है। सूचना पर पुलिस की टीम ने मुखबिर के बताए ठिकाने पर छापा मारा। इस पुलिस ने संदिग्ध आरोपी दिप्पी बघेल को पकड़ा। उसके पास रखी प्लास्टीक की बोरी की तलाशी लेने पर बोरी से 36 पौवा अंगेजी शराब सुपर मास्टर व्हिस्की बरामद हुई। आरोपी दिप्पी बघेल को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 36 पौवा अंगेजी शराब कीमती 1500 रूपये जब्त कर उसके विरूद्ध थाना गुढ़ियारी में अपराध क्रमांक 621/24 धारा 34(2)आबकारी एक्ट अपराध पंजीबद्ध कर कार्रवाई की गई।
गिरफ्तार आरोपी
दिप्पी बघेल पिता निर्मल बघेल उम्र 25 वर्ष पता खालबाडा थाना गुढियारी रायपुर।
मैट्स विश्वविद्यालय में “संवाद” का आयोजन
मैट्स विश्वविद्यालय के प्रबंध विभाग (स्कूल ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज एंड रिसर्च) द्वारा उच्च शिक्षा सचिव- छत्तीसगढ़ शासन श्री आर प्रसन्ना जी को मैट्स विश्वविद्यालय के रायपुर कैंपस में सादर अमंत्रित किया गया था, उन्होंने अपने वक्तव्य में एमबीए के विद्यार्थियों को जीवन में निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हुए लक्ष्य निर्धारित कर कार्य करने को कहा, और नए बिज़नेस प्लान के बारे में बताया
हॉकी इंडिया लीग (एचआईएल) शुरू होने से पहले वेदांता ने भुवनेश्वर आधारित कलिंगा लांसर्स का पूर्ण स्वामित्व प्राप्त किया।
वेदांता ने कलिंगा लांसर्स का पूर्ण स्वामित्व हासिल कर, ओडिशा में खेल को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता को किया और अधिक मजबूत
छत्तीसगढ़ में अब तक 1166.2 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज
राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित जानकारी के मुताबिक एक जून 2024 से अब तक राज्य में 1166.2 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। राज्य के विभिन्न जिलों में 01 जून 2024 से आज 05 अक्टूबर सवेरे तक रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार बीजापुर जिले में सर्वाधिक 2377.7 मिमी और बेमेतरा जिले में सबसे कम 606.6 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी है।
राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक जून से अब तक सरगुजा जिले में 634.5 मिमी, सूरजपुर में 1160.8 मिमी, बलरामपुर में 1733.8 मिमी, जशपुर में 1064.1 मिमी, कोरिया में 1127.4 मिमी, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 1088.7 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी।
इसी प्रकार, रायपुर जिले में 957.6 मिमी, बलौदाबाजार में 1188.3 मिमी, गरियाबंद में 1100.8 मिमी, महासमुंद में 969.8 मिमी, धमतरी में 1035.5 मिमी, बिलासपुर में 996.6 मिमी, मुंगेली में 1115.5 मिमी, रायगढ़ में 1111.6 मिमी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 734.4 मिमी, जांजगीर-चांपा में 1223.4 मिमी, सक्ती 1063.1 मिमी, कोरबा में 1419.0 मिमी, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 1207.5 मिमी, दुर्ग में 655.0 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी। कबीरधाम जिले में 922.6 मिमी, राजनांदगांव में 1128.6 मिमी, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1239.5 मिमी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 856.6 मिमी, बालोद में 1199.6 मिमी, बस्तर में 1270.9 मिमी, कोण्डागांव में 1207.0 मिमी, कांकेर में 1422.5 मिमी, नारायणपुर में 1465.7 मिमी, दंतेवाड़ा में 1522.4 मिमी और सुकमा जिले में 1676.4 मिमी औसत वर्षा एक जून से अब तक रिकार्ड की गई।
उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने काली माता मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की खुशहाली की कामना की
उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने आज अकाशवाणी रायपुर के पास स्थित काली माता मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना कर प्रदेश की जनता की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों की उन्नति जय जवान-जय किसान के नारे को कर रही है सार्थक : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
प्रदेश के किसानों की ओर से मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री का जताया आभार
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने जारी की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 18वीं किस्त
देश के 9 करोड़ 40 लाख से अधिक किसानों के खातों में पहुंची 20 हजार करोड़ रुपए से अधिक राशि
छत्तीसगढ़ के 24 लाख 98 हजार से अधिक किसानों के खातों में पीएम किसान सम्मान निधि के 566 करोड़ 77 लाख रुपए अंतरित
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज महाराष्ट्र के वाशिम जिले से देश के लगभग 9 करोड़ 40 लाख से अधिक किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 18वीं किस्त के रूप में 20 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि सीधे उनके खाते में अंतरित की। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के 18वीं किस्त के ऑनलाइन अंतरण कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल हुए। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के 18वीं किस्त के रूप में प्रदेश के 24 लाख 98 हजार से अधिक किसानों के खातों में 566 करोड़ 77 लाख रुपए से अधिक की राशि अंतरित होने पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया। श्री साय ने इस मौके पर प्रदेश के किसानों को बधाई और शुभकामनाएं दी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस मौके पर कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के 17 वीं किश्त की तुलना में इस बार 66 हजार 485 अधिक किसानों ने योजना का लाभ उठाया है। इससे पहले भी 16 वीं किश्त की तुलना में 17वीं किश्त का लाभ उठाने वाले किसानों की संख्या 01 लाख 11 हजार 518 अधिक थी। उन्होंने कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना की किश्त-दर-किश्त लाभान्वित होने वाले किसानों की संख्या में बढ़ोतरी होना इस बात का प्रमाण है कि भारत के कृषि क्षेत्र में कितनी तेजी से प्रगति हो रही है। यह मोदी सरकार पर किसानों के मजबूत भरोसे का भी प्रमाण है। श्री साय ने कहा कि 18 वीं किश्त के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के जो किसान भाई-बहन आज लाभान्वित हो रहे हैं, उनमें 02 लाख 49 हजार 867 वन-पट्टा धारक हैं और 30 हजार 408 किसान पीवीटीजी योजना के अंतर्गत लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में किसानों की उन्नति जय जवान-जय किसान के नारे को सार्थक कर रही है।
इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री टंकराम वर्मा, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक सर्व श्री मोतीलाल साहू, श्री पुरंदर मिश्रा, श्री ईश्वर साहू, श्री गुरु खुशवंत साहेब और डॉ. रामप्रताप मौजूद रहे।
राजधानी में 'नो योर आर्मी' कार्यक्रम का आगाज, आयोजन 7 अक्टूबर तक बढ़ा
रायपुर। रायपुर में 'नो योर आर्मी' कार्यक्रम की शुरुआत हो गई है। शनिवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए कार्यक्रम की तिथि को 6 अक्टूबर से बढ़ाकर 7 अक्टूबर तक करने की घोषणा की। गर्मी को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम के समय में भी बदलाव किया गया है। अब यह आयोजन सुबह 8 से 10 बजे और शाम 6 से 10 बजे तक होगा।
मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन और सेना की टीम को सफल आयोजन के लिए बधाई दी और इस प्रकार के सैन्य समारोह का प्रति वर्ष आयोजन करने का अनुरोध किया।
बस्तर के युवाओं को सेना से जुड़ने का आह्वान
मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में सेना के इस कार्यक्रम की सराहना की और युवाओं को अग्निवीर बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बस्तर में हो रहे बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि अबूझमाड़ क्षेत्र में हाल ही में 32 नक्सलियों को ढेर करने पर वे जवानों को बधाई देते हैं। साथ ही, उन्होंने बस्तर में भी इसी तरह के कार्यक्रम के आयोजन का प्रस्ताव रखा।
समारोह में करंट लगने की घटना, घोड़ा सुरक्षित
कार्यक्रम के दौरान एक अनहोनी होते-होते बची जब लोहे की बैरिकेडिंग में करंट फैलने से एक घोड़े को करंट का झटका लगा। हालांकि, घुड़सवारों ने तुरंत बिजली कर्मचारियों को बुलाकर स्थिति को नियंत्रित किया और घोड़ा सुरक्षित बताया जा रहा है।
500 जवान दिखा रहे रणनीतिक कौशल
इस आयोजन में 500 से अधिक जवान विभिन्न सैन्य कौशल का प्रदर्शन कर रहे हैं। भीष्म टैंक, 950 गोलियां दागने वाली राइफल सहित 50 से ज्यादा हथियारों की प्रदर्शनी भी लगाई गई है। भारतीय सेना खुखरी डांस का प्रदर्शन कर रही है, जबकि छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन हो रहा है। दंतेवाड़ा के बच्चे सेना के साथ घुड़सवारी में हिस्सा ले रहे हैं, और बड़ी संख्या में दर्शक इस रोमांचक प्रदर्शन को देखने साइंस कॉलेज मैदान पहुंचे हैं।
पत्रकारिता में तकनीकी जानकारी बढ़ाना बेहद आवश्यक : शिव दुबे
रायपुर। महंत लक्ष्मी नारायण दास महाविद्यालय के पत्रकारिता विभाग के तत्वाधान में आज पत्रकारिता में तकनीकी निर्भरता की भूमिका विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के तौर पर वरिष्ठ पत्रकार शिव दुबे रायपुर शामिल हुए वहीं आयोजन में अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर देवाशीष मुखर्जी ने की इसके अलावा कार्यक्रम में विशेष रूप से पत्रकारिता विभाग के अध्यक्ष राम प्रसाद दुबे ए शिक्षिका धनलक्ष्मी दीवान डॉक्टर शांतनु पाल डॉ राकेश चंद्राकर डॉक्टर सोमा दास डॉक्टर श्वेता महाकालकर डॉ किरण तिवारी डॉक्टर लक्ष्मीकांत साहू सहित शिक्षक शिक्षिकाएं एवं पत्रकारिता के विद्यार्थी सम्मिलित हुए आयोजन में विषय पर बातचीत रखते हुए वरिष्ठ पत्रकार शिव दुबे ने कहा की पत्रकारिता में तकनीकी ज्ञान बेहद आवश्यक है।
जिसे तकनीकी ज्ञान नहीं होगा वह पत्रकारिता में टिक नहीं पाएगा इसलिए नवोदित पत्रकारों को तकनीकी जानकारी हासिल करना जरूरी है उनका कहना था कि एक दौर था जब पत्रकारिता में कागज पेन का इस्तेमाल होता था बटर पेपर पर छपाई के लिए प्रिंट निकाल कर पेस्टिंग में पेज तैयार किए जाते थे लेकिन अब यह सारा कार्य कंप्यूटर में होता है पेज डिजाइन कंप्यूटर में किए जाते हैं उन्होंने कहा कि शुरुआत की पत्रकारिता को देखें तो शिलालेख से होती है जिसमें सूचना लिखी जाती रही फिर यह सूचना यूरोप में जब अखबार निकाला और कपड़े पर प्रकाशित किया गया तो सूचना लिखी गई फिर ब्लॉक बने और अब बटर पेपर पर प्रिंट आने लगा है उनका कहना था कि तकनीकी क्षमता से पत्रकारिता के कार्य में गति आई है बदलाव आया है।
हर कार्य को आसानी से किया जा सकता है पहले अखबारों में प्रूफ संपादक हुआ करते थे अब नहीं है उनका काम आप रिपोर्टर ही करता है खबर लिखना है स्वयं पढ़कर सुधार कर उप संपादक तक पहुंचना है और फिर खबर फाइनल होकर आगे की स्तर पर पहुंचती है शिव दुबे ने कहा कि तकनीक से भागने की आवश्यकता नहीं है स्वीकार करने की आवश्यकता है।
पुराने पत्रकारों में जिन्होंने पत्रकारिता में तकनीक को स्वीकार किया आज भी पत्रकारिता में मौजूद हैं और जो स्वीकार नहीं कर सके वह पत्रकारिता की मुख्य धारा से हट चुके हैं इसलिए तकनीकी ज्ञान आवश्यक है उन्होंने कहा कि तकनीकी ज्ञान से एक पत्रकार में ज्ञान की वृद्धि होती है दक्षता में वृद्धि होती है और टिकाऊ पत्रकारिता में मदद मिलती है ए आई के उपयोग में इसे और गंभीर बना दिया है।
मजबूती प्रदान की हैउन्होंने कहा की पत्रकारिता में रिपोर्ट की संख्या कम हो गई वह इसलिए क्योंकि तकनीक के इस्तेमाल बढ़ गया है किंतु आवश्यकता खत्म नहीं हुई है जहां पर पहले 27 रिपोर्टर काम करते थे अब 10 या 12 रिपोर्टर काम करते हैं यह एक बड़ी चुनौती है इसका मतलब नहीं की आवश्यकता खत्म हो गई प्रिंट मीडिया में पत्रकारों कीआवश्यकता है लेकिन ऐसे पत्रकारों की आवश्यकता है जो तकनीकी ज्ञान रखते हैं और अपडेटेड रहते हैं वही महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर देवाशीष मुखर्जी ने विषय को बेहद गंभीर और आवश्यक बताया उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मांग ने पत्रकारिता में बदलाव को लाया है जिसे हर पत्रकारिता के छात्रों को स्वीकार करना चाहिए तभी आने वाले समय में पत्रकारिता की चुनौती को स्वीकार किया जा सकेगा।
प्रतिबंधित प्लास्टिक का सरकारी शराब दुकानों में सर्वाधिक उपयोग - कन्हैया
रायपुर । छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री कन्हैया अग्रवाल ने प्रतिबंधित प्लास्टिक के नाम पर छोटे छोटे दुकानदार और ठेले खोमचे वालों पर होने वाली
कार्रवाई से दिखावा बताते हुए कहा की सरकारी शराब दुकानों के अहातों में प्रतिदिन प्रतिबंधित पानी पाऊच और गिलास हजारों की संख्या में बेचे जा रहे है जिसके
कारण पूरे क्षेत्र की नालियां जाम हो गई है।उन्होंने कहा की सरकारी दुकानों में प्रतिबंधित सामग्री बेचने वालों पर कार्रवाई की हिम्मत शासन प्रशासन नही जुटा पाता ।
छोटी-छोटी दुकानों, सब्जी वालों, खोमचों से प्लास्टिक जप्ति को औपचारिकता बताते हुए कन्हैया अग्रवाल ने कहा की कार्रवाई करनी है तो निर्माण इकाई पर होनी
चाहिये । यदि प्रतिबंधित सामग्री का उत्पादन ही बंद हो जायेगा तो बाजर में सामग्री उपलब्ध ही नहीं होगी । प्रतिबंधित प्लास्टिक कारण गौवंश की मौत हो रही है, नाली-
नाला जाम होने से मच्छर पनपते है जिससे डेंगू-मलेरिया जैसी बीमारी हो रही है ।
कान्यकुब्ज ब्राह्मण समाज ने मनाई पूर्व सचिव न्यायमूर्ति बाजपेयी की जयंती
रायपुर। कान्यकुब्ज ब्राह्मण समाज ने समाज के पूर्व सचिव और न्यायमूर्ति स्व. जगन्नाथ प्रसाद बाजपेयी की जयंती समारोहपूर्वक आशीर्वाद भवन स्थित पं. सालिगराम शुक्ल स्मृति सभागार में मनाई। इस अवसर पर समाज के प्रमुख पदाधिकारियों, कार्यकारिणी सदस्यों एवं परिवारजनों ने बाजपेयी जी के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें सादर स्मरण और नमन किया।
समारोह में पं. अरुण शुक्ल, पं. हरिवंश बाजपेयी, पं. जवाहर बाजपेयी, पं. राघवेंद्र मिश्र, श्रीमती निशा अवस्थी, श्रीमती साधना तिवारी सहित अन्य सदस्यों ने बाजपेयी जी की जीवनी और उनके योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि न्यायमूर्ति बाजपेयी समाज के पुरोधा थे, जिन्होंने अपनी कुशाग्र बुद्धि और कड़ी मेहनत से समाज को नई दिशा दी।
न्यायमूर्ति जगन्नाथ प्रसाद बाजपेयी का जन्म 2 अक्टूबर 1929 को एक प्रतिष्ठित कान्यकुब्ज ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनकी शिक्षा रायपुर के छत्तीसगढ़ महाविद्यालय से हुई, जहां उन्होंने बी.ए., एम.ए. और एल.एल.बी. की डिग्री हासिल की। कठिन परिस्थितियों के बावजूद, उन्होंने उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अपना सपना पूरा किया और शिक्षक की नौकरी करते हुए लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास की। हालांकि, पिता की आज्ञा का पालन करते हुए, उन्होंने तहसीलदार पद से इस्तीफा देकर वकालत शुरू की और उच्च न्यायालय में जज बने।
समारोह में बाजपेयी जी के परिवारजनों ने उनके संस्कारों और जीवन से प्रेरित अनुभव साझा किए। बाजपेयी जी की स्मृति को चिरस्थायी रखने के लिए आशीर्वाद हायर सेकेंडरी इंग्लिश स्कूल के एक कक्ष का नाम उनके नाम पर करने की घोषणा की गई।
कार्यक्रम का संचालन सहसचिव पं. रज्जन अग्निहोत्री ने किया, और उपाध्यक्ष पं. राघवेन्द्र मिश्र ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर समाज के अनेक सदस्य उपस्थित थे।
नक्सल प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों संग बैठक करेंगे अमित शाह
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी होंगे शामिल
नई दिल्ली /रायपुर। नक्सलवाद के खात्मे और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों की गति तेज करने को लेकर 7 अक्टूबर को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में नक्सल प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों और गृह मंत्रियों की उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी। इस महत्वपूर्ण बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी शामिल होंगे। मुख्यमंत्री इस बैठक में राज्य में चल रहे नक्सल ऑपरेशन और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी देंगे। मुख्यमंत्री साय ने बैठक से पहले कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार नक्सल प्रभावित इलाकों में न केवल सुरक्षा बलों द्वारा लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है, बल्कि इन इलाकों में विकास कार्यों को भी प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य नक्सलियों के आतंक को समाप्त कर इन क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।
क्या बोले सीएम विष्णुदेव साय
हाल ही में नारायणपुर-दंतेवाड़ा जिले के सीमावर्ती इलाके में हुए बड़े नक्सल ऑपरेशन का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा, “आज हमारी सुरक्षाबलों ने माओवादियों के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। सर्च ऑपरेशन में अब तक 28 नक्सलियों के मारे जाने की जानकारी मिली है। यह छत्तीसगढ़ में अब तक का सबसे बड़ा नक्सल ऑपरेशन है। इसके लिए मैं अपने बहादुर जवानों को बधाई देता हूं और उनके अदम्य साहस को नमन करता हूं।” उन्होंने आगे कहा, “हमारी सरकार का स्पष्ट लक्ष्य नक्सलवाद का पूरी तरह से खात्मा करना है। डबल इंजन सरकार के अंतर्गत हम नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में न केवल माओवादियों से सख्ती से निपट रहे हैं, बल्कि उन क्षेत्रों में विकास कार्यों को भी तेजी से पूरा कर रहे हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी नक्सलवाद के खात्मे के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं, और उनका संकल्प है कि मार्च 2026 तक पूरे देश से नक्सलवाद का अंत हो।”
बैठक में विकास कार्यों का एजेंडा
नई दिल्ली में होने वाली बैठक में मुख्यमंत्री साय छत्तीसगढ़ में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में किए जा रहे विकास कार्यों का ब्योरा भी पेश करेंगे। छत्तीसगढ़ सरकार ने इन इलाकों में सड़कों, स्कूलों, अस्पतालों, और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं की शुरुआत की है। इसके अलावा, राज्य में रोजगार सृजन और ग्रामीण विकास के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि नक्सलवाद से प्रभावित क्षेत्रों के लोग विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकें। मुख्यमंत्री ने कहा, “हम माओवादियों से अपील करते हैं कि वे हिंसा का रास्ता छोड़कर विकास की मुख्यधारा में शामिल हों। नक्सल प्रभावित इलाकों में सरकार द्वारा निरंतर विकास कार्य किए जा रहे हैं। सड़कें, बिजली, पानी और स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं, जिससे लोगों का जीवन स्तर बेहतर हो सके।” केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को और तेज करने के लिए केंद्र से विशेष सहयोग की भी मांग की जाएगी।
नक्सल ऑपरेशन में मिली बड़ी कामयाबी
आज नारायणपुर-दंतेवाड़ा जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में 28 नक्सलियों के मारे जाने की खबर ने पूरे राज्य में सुरक्षाबलों के हौसले को नई ऊर्जा दी है। इस ऑपरेशन को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुरक्षाबलों को बधाई दी और कहा, “यह कामयाबी हमारे सुरक्षाबलों की मेहनत और साहस का नतीजा है।
मैं उन्हें उनकी इस उपलब्धि के लिए बधाई देता हूं। राज्य सरकार नक्सलवाद के खिलाफ इस संघर्ष को अपने अंतिम अंजाम तक पहुंचाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।” मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ जारी इस लड़ाई में हमें केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह का भी पूरा सहयोग मिला है। उनकी रणनीति और मार्गदर्शन के चलते ही माओवादियों के खिलाफ यह सफल अभियान चलाया जा रहा है।
दुर्गा पूजा पंडालों में नहीं बजेंगे म्यूजिक सिस्टम
दुर्गा पूजा पंडालों में नहीं बजेंगे म्यूजिक सिस्टम, गरबा के लिए भी रात 10 बजे तक तय किया गया समय, जारी हुआ गाइडलाइन
रायपुर। दुर्गा पूजा के दौरान प्रशासन ने म्यूजिक (डीजे) बजाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। साथ ही आयोजकों को खुद ही बाउंसर, वालेंटियर, सुरक्षा गार्ड तैनात करना होगा। गुरूवार को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर लखन पटले ने रास गरबा आयोजक समिति के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। सिविल लाइन स्थित सी-4 भवन के सभाकक्ष में हुई बैठक में पटले ने रासगरबा आयोजकों को अपने-अपने आयोजन के संबंध में संबंधित थाना क्षेत्र में सूचना देने के साथ ही आयोजन स्थल पर प्रवेश के पूर्व सभी की जांच-पड़ताल भी करने को कहा।
एएसपी सिटी लखन पटले ने कहा कि रास-गरबा के दौरान डीजे बजाना प्रतिबंधित रहेगा। साउंड सिस्टम को हाईकोर्ट की गाइडलाइन के तहत निर्धारित डेसीमल,समय सीमा तक ही बजाया जा सकेगा। इसके बा
क्षमता के अनुसार ही बांटे पास
आयोजकों के क्षमता के अनुरूप ही प्रवेश पास बांटने के निर्देश दिए गए, जिससे प्रवेश के दौरान विषम स्थिति निर्मित न हो। आयोजन स्थल में पार्किंग की प्रर्याप्त व्यवस्था भी होना चाहिए,ताकि सड़क पर वाहन पार्क न हो और जाम की शिकायत न आए। रासगरबा के दौरान किसी भी प्रकार की फुहड़ता का प्रदर्शन और नशे का सेवन नही होना चाहिए। कार्यक्रम शांतिपूर्ण और गरिमामय तरीके से आयोजित हो।द भी कोई डीजे का इस्तेमाल करता है तो उसके खिलाफ वैधानिक कानूनी कार्रवाई करने के साथ ही डीजे,साउंड सिस्टम को जब्त कर लिया जायेगा।
नक्सलियों के खिलाफ मिली अब तक की सबसे बड़ी सफलता
रायपुर। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार का नक्सलवाद के खिलाफ आक्रामक रुख का असर जमीन पर दिख रहा है। पिछले नौ महीने के भीतर केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय से जवानों का हौसला बढ़ा और पहले से अधिक सूचना तंत्र मजबूत हुआ है। नतीजतन, प्रदेश में लगातार नक्सली ढेर हो रहे हैं। हर महीने जवान एक बड़ी सफलता हासिल कर रहे हैं। नारायणपुर जिले के थुलथुली गांव के पास जंगल व पहाड़ी में हुई मुठभेड़ में जवानों ने बड़ी संख्या में नक्सलियों को ढेर कर दिया है।
अधिकारियों के मुताबिक प्रदेश में नक्सलियों के खिलाफ चल रही लड़ाई की रणनीति बदली गई है। यहां हॉट परस्यूट और ड्राइव फार हंट का एक मिलाजुला ऑपरेशन लगातार चल रहा है। इस तरीके को अपनाने से पहले जवानों को इस क्षेत्र की भाैगोलिक परिस्थितियों से अवगत कराया गया। यहां जवानों को सुगमता से चलने के लिए विशेष सुरक्षा प्रणाली के जूते मुहैया कराए गए हैं। खड़ी पहाड़ियों से नक्सलियों को घेरकर मारने की नई रणनीति पर काम हो रहा है।
नक्सलियों के बड़े नेता जहां बैठक कर रहे हैं वहां की जानकारी जुटाने में सूचना तंत्र को और अधिक मजबूत किया गया है। ताकि वहीं हमला किया जा सके। प्रदेश में केंद्रीय सुरक्षा बल के चार हजार जवान अतिरिक्त स्वीकृत किए गए हैं। इनमें कुछ जवान यहां पहुंच चुके हैं। स्थानीय पुलिस व केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवानों के बीच सामंजस्य बैठाया गया है। खूफिया तंत्र की मजबूती के चलते नक्सलियों को ट्रेस करना बेहद आसान हुआ है। नक्सली अक्सर जहां जुटते हैं वहां की जानकारी जुटाकर पहले पूर्वाभ्यास भी कराया जा रहा है।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा नक्सली हमले में घायल जवान से मिलने रात में ही श्री नारायणा हॉस्पिटल पहुंचे
रायपुर। नक्सलियों से मुठभेड़ में घायल डीआरजी के जवान रामचंद्र यादव से मिलने उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा देर रात राजधानी रायपुर के श्री नारायणा अस्पताल पहुंचे। इस दौरान उपमुख्यमंत्री ने घायल जवान से उनका हालचाल जाना। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने घायल जवान से घटना की जानकारी भी ली।
उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि मुठभेड़ में 28 नक्सलियों के शव बरामद हुए हैं, सर्चिंग ऑपरेशन अभी भी जारी है। सवेरे सर्चिंग किया जाएगा संभवत दो-तीन नक्सलियों के शव और बरामद हो सकते हैं। आज तक के नक्सल ऑपरेशन में जो कांकेर में हुआ था उससे भी बड़ा नक्सल ऑपरेशन हुआ है। बहुत बड़ी संख्या में एके-47, एसएलआर बरामद हुआ है, बहुत सारे हथियार बरामद हुए हैं। उस क्षेत्र में नक्सलियों की कमर टूट गई है, पूरी कंपनी खत्म हो गई। मैं नक्सलियों से कहना चाहता हूं कि सभी को घर पर वापस आना चाहिए। छत्तीसगढ़ की सरकार अच्छी सरेंडर पालिसी के साथ सामने आ रही है, मुख्य धारा पर सभी लौटे। बस्तर और बस्तर का जल, जंगल और जमीन बस्तरवासियो का है। उन्होंने कहा कि बस्तर के विकास के मार्ग पर बिछे हुए आईईडी को अब समाप्त कर देना चाहिए।