छत्तीसगढ़ / मनेन्द्रगढ़ – चिरिमिरी – भरतपुर
ग्राम तोजा के निवासी दशरथ बैगा को मिली प्रधानमंत्री आवास योजना की दूसरी किस्त
एमसीबी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रारंभ की गई “सुशासन तिहार-2025” आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए एक सशक्त मंच बनकर उभरा है। शासन को ज़मीनी स्तर तक जवाबदेह बनाने वाली यह पहल प्रशासनिक पारदर्शिता और जनसंवाद को भी मजबूत कर रही है।
गांव के स्तर पर दिख रहा असर
भरतपुर विकासखंड के ग्राम तोजा निवासी दशरथ बैगा ने प्रधानमंत्री आवास योजना की दूसरी किस्त ना मिलने के संबंध में 09 अप्रैल 2025 को सुशासन तिहार के अंतर्गत अपना आवेदन जनपद पंचायत में जमा किया था। प्रशासन की तत्परता से उनकी शिकायत को तुरंत संज्ञान में लिया गया और 26 अप्रैल को उनकी दूसरी किस्त उनके बैंक खाते में स्थानांतरित कर दी गई। दशरथ बैगा ने समाधान मिलने के बाद कहा कि “मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा शुरू की गई यह पहल वास्तव में ग्रामीणों के लिए बहुत मददगार है। इससे आम लोगों को योजनाओं का लाभ शीघ्रता से प्राप्त हो रहा है।”
तीन चरणों में चल रही है प्रक्रिया
“सुशासन तिहार” तीन चरणों में संचालित किया जा रहा है। प्रथम चरण 08 अप्रैल से 11 अप्रैल 2025 तक आवेदन प्राप्त करना, जो अब समाप्त हो चुका है। द्वितीय चरण 1 माह आवेदनों का निराकरण, जो वर्तमान में चल रहा है। तृतीय चरण 05 मई से 31 मई 2025 तक समाधान शिविरों का आयोजन, जहां आम जनता, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों से सीधा संवाद स्थापित किया जाएगा।
प्रशासनिक जवाबदेही और जनविश्वास में बढ़ोतरी
यह पहल न केवल प्रशासन को जनता के प्रति जवाबदेह बना रही है, बल्कि विकास कार्यों की गति को भी तेज कर रही है। लोग अब सीधे शासन से जुड़ पा रहे हैं और योजनाओं का लाभ समयबद्ध ढंग से प्राप्त कर रहे हैं। “सुशासन तिहार” शासन और नागरिकों के बीच एक सेतु बन चुका है, जो सुशासन को व्यवहारिक धरातल पर साकार कर रहा है।
ग्राम पिपरिया के लाल बहादुर को मिला प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ
एमसीबी। छत्तीसगढ़ सरकार की “सुशासन तिहार-2025“ पहल आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की नेतृत्व में चल रही इस योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं का लाभ तेजी से पहुंच रहा है। विकासखण्ड मनेन्द्रगढ़ के ग्राम पिपरिया निवासी लाल बहादुर इसका प्रत्यक्ष उदाहरण हैं। उन्होंने 10 अप्रैल 2025 को प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत अपना आवेदन सुशासन तिहार शिविर में प्रस्तुत किया था। शासन की तत्परता का परिचय देते हुए संबंधित विभाग द्वारा 27 अप्रैल को उनके घर का आवास प्लस सर्वेक्षण किया गया और महज दो दिन बाद, 29 अप्रैल को उनकी समस्या का निराकरण कर दिया गया।
लाल बहादुर ने समाधान मिलने पर खुशी जाहिर करते हुए कहा
“मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा शुरू की गई यह पहल बहुत ही सराहनीय है। इससे न सिर्फ हमें सरकार से जोड़ने का काम किया है, बल्कि मेरा खुद का पक्का मकान पाने का सपना अब साकार होने जा रहा है। मैं इसके लिए छत्तीसगढ़ शासन का आभार व्यक्त करता हूँ।“
सुशासन तिहार-2025 का उद्देश्य शासन को पारदर्शी बनाना, जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर लाना और आम जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है। यह कार्यक्रम तीन चरणों में आयोजित हो रहा है। जिसका प्रथम चरण 08 अप्रैल से 11 अप्रैल 2025 तक आवेदन प्राप्त करना, जो अब समाप्त हो चुका है। द्वितीय चरण 1 माह आवेदनों का निराकरण, जो वर्तमान में चल रहा है। तृतीय चरण 05 मई से 31 मई 2025 तक समाधान शिविरों का आयोजन जहां आम जनता, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों से सीधा संवाद स्थापित किया जाएगा। यह पहल न केवल ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं से जोड़ रही है, बल्कि आमजन में शासन के प्रति विश्वास और भागीदारी की भावना को भी मजबूत कर रही है। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले सहित राज्य के अन्य क्षेत्रों में भी “सुशासन तिहार“ के सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं।
पीएम आवास योजना में लापरवाही करने वाले 25 आवास मित्रों की सेवाएं की गई समाप्त
एमसीबी । मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के जनपद पंचायत खड़गवां /मनेंद्रगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत नियुक्त आवास मित्रों की लापरवाही सामने आई है। जिला पंचायत कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार इन आवास मित्रों को आबंटित ग्राम पंचायतों में कार्य में लापरवाही बरतने, प्रगति शून्य रहने, बैठकों में अनुपस्थित रहने और क्षेत्रीय दौरा नहीं करने के कारण सेवा से पृथक कर दिया गया है।
जारी आदेश के अनुसार खड़गवां जनपद पंचायत के तहत कार्यरत आवास मित्र गोल्डी दास, द्वारिका प्रसाद, कलावती, बलराम, विक्की काशी, गौरव शर्मा, आशीष कुमार, अजीत कुमार, अंजना, आदित्य मलिक, अनिल कुमार, विनय सिंह, विनय कुमार निराला, पूजा सिंह और जनपद पंचायत मनेद्रगढ़ कार्यरत आवास मित्र कुमारी प्रिया सिंह, पूनम साहू, अभिषेक टोप्पो, अलविना एक्का, राम प्रसाद सिंह, कुमारी मायावती, कुमारी प्रिया साहू, कुमारी गीत, शोभन सिंह, नरेंद्र कुमार एक्का, गीता केवट,के कार्य से सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। इनके खिलाफ आरोप था कि ये अपने-अपने आबंटित ग्राम पंचायतों में निर्धारित दायित्वों का पालन नहीं कर रहे थे, जिससे प्रधानमंत्री आवास योजना के लक्षित उद्देश्यों की प्राप्ति प्रभावित हो रही थी।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत मनेद्रगढ़/खड़गवां द्वारा भेजे गए प्रस्ताव के द्वारा इन आवास मित्रों को पद से पृथक करने का प्रस्तावित किया गया था एवं जनपद पंचायत भरतपुर/मनेंद्रगढ़ के तहत आवास प्लस सर्वे मे लापरवाही करने वाले प्रगणको चंद्रावती मौर्य(आंगनवाड़ी कार्यकर्ता), राकेश कुमार गोयल(पंचायत सचिव), अरुण मिश्रा(रोजगार सहायक), सकुंती बाई(आंगनवाड़ी कार्यकर्ता), सुनील सिंह (रोजगार सहायक), त्रिभूवन सिंह(रोजगार सहायक), ललित (डाटा एंट्री ऑपरेटर), शोभा पतवार(आंगनवाड़ी कार्यकर्ता), शारदा कुमारी (रोजगार सहायक), बबन सिंह (पंचायत सचिव), जय सिंह (रोजगार सहायक) को कारण बात नोटिस जारी किया गया।
“सुशासन तिहार“ : ’जनपद पंचायत भरतपुर में रांपा निवासी सोनू को मिला 7 दिन में नया राशन कार्ड’
एमसीबी। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार सुशासन को ज़मीनी स्तर पर लागू करने के लिए सतत प्रयासरत है। इसी कड़ी में शुरू की गई “सुशासन तिहार“ 2025 पहल आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।
इस तिहार का प्रमुख उद्देश्य आम लोगों की शिकायतों का समयबद्ध निराकरण, जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा और जन-संवाद की स्थापना है। तीन चरणों में संचालित इस कार्यक्रम का पहला चरण 8 अप्रैल से 11 अप्रैल 2025 तक आवेदन प्राप्त करने हेतु आयोजित हुआ, जिसके बाद वर्तमान में दूसरा चरण-समस्याओं का समाधान-चल रहा है। तीसरा चरण 5 मई से 31 मई 2025 के बीच समाधान शिविरों के आयोजन के रूप में होगा, जहां आम नागरिक सीधे अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से संवाद कर सकेंगे। इसका प्रभाव रांपा (विकासखंड भरतपुर, जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर) निवासी सोनू के मामले में स्पष्ट रूप से देखा गया। सोनू ने 11 अप्रैल को नया राशन कार्ड बनवाने हेतु आवेदन किया था, जिसका निराकरण करते हुए 18 अप्रैल को उन्हें नया राशन कार्ड प्रदान किया गया।
अपनी समस्या का त्वरित समाधान मिलने पर सोनू ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार प्रकट करते हुए कहा कि “यह एक बहुत ही सराहनीय पहल है, जो आम जनता को सीधे शासन से जोड़ती है और हमें हमारी समस्याओं के समाधान का विश्वास दिलाती है। “सुशासन तिहार“ न केवल शासन को पारदर्शी और जवाबदेह बना रहा है, बल्कि सरकारी योजनाओं को आम नागरिकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का माध्यम भी बन रहा है। यह पहल राज्य में सुशासन की दिशा में एक मजबूत और प्रेरक कदम है।
समय के साथ कदम मिलाकर चलना हमारी पहली प्राथमिकता : स्वास्थ्य मंत्री
एमसीबी । स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग और छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कार्पाेरेशन लिमिटेड के अंतर्गत शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय मनेन्द्रगढ़ एवं सीएचसी मनेन्द्रगढ़ में विभिन्न महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों के लिए भूमिपूजन समारोह का आयोजन किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि माननीय श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक मनेन्द्रगढ़ विधानसभा क्षेत्र एवं छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री (लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, बीस सूत्रीय कार्यक्रम) रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय प्रतिमा यादव, अध्यक्ष नगर पालिका मनेन्द्रगढ़ ने की। समारोह में विशिष्ट अतिथियों के रूप में नगर पालिका मनेन्द्रगढ़ के उपाध्यक्ष माननीय धमेन्द्र पटवा, वार्ड क्र. 14 के पार्षद माननीय ओमप्रकाश जायसवाल तथा वार्ड क्र. 18 के पार्षद अनिल प्रजापति के साथ नगर पंचायत अध्यक्ष माननीय वीरेन्द्र राणा भी उपस्थित थे। शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय मनेन्द्रगढ़ हेतु म्यूजियम, फिजियोलॉजी, कम्युनिटी मेडिसिन विभाग एवं व्याख्यान कक्ष निर्माण कार्य 194.00 लाख, सीएचसी मनेन्द्रगढ़ को 220 बिस्तर सिविल अस्पताल में अपग्रेड करने के लिए 40 बिस्तरों वाले वार्ड का निर्माण कार्य 76.09 लाख, नवीन ओपीडी एवं 50 बिस्तरों वाले वार्ड का निर्माण कार्य 174.75 लाख, शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय मनेन्द्रगढ़ में लाइब्रेरी एवं विभागाध्यक्ष कक्ष का निर्माण कार्य 125.00 लाख का भूमि पूजन स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल एवं नगर पालिका परिषद् मनेन्द्रगढ़ की अध्यक्ष प्रतिभा यादव और सभी जनप्रतिनियों के कर कमलो से किया गया।
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में लिखा जाएगा, जब स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने झगराखांड स्थित खेल परिसर में बहुप्रतीक्षित स्वास्थ्य और विकास परियोजनाओं का विधिवत भूमिपूजन कर क्षेत्र को नई सौगात दी। समारोह में क्षेत्रवासियों के उत्साह और उम्मीदों का अद्भुत संगम देखने को मिला। स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय मनेंद्रगढ़ में म्यूजियम, फिजियोलॉजी विभाग, कम्युनिटी मेडिसिन विभाग और व्याख्यान कक्ष के निर्माण की आधारशिला रखी गई। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मनेंद्रगढ़ को 220 बिस्तरों वाले अत्याधुनिक सिविल अस्पताल में परिवर्तित करने हेतु नवीन ओपीडी, 40 बिस्तरों वाला वार्ड और 50 बिस्तरों के अतिरिक्त वार्ड का निर्माण कार्य भी प्रारंभ हुआ। साथ ही मेडिकल कॉलेज में एक अत्याधुनिक पुस्तकालय और विभागाध्यक्ष कक्ष का निर्माण भी प्रस्तावित है। इन सभी कार्यों पर कुल 174.75 लाख रुपये की लागत आएगी, जो आने वाले समय में स्वास्थ्य सेवाओं के स्तर को नए आयाम प्रदान करेगा। स्वास्थ्य सेवाओं के और अधिक सुदृढ़ीकरण के लिए 8 करोड़ रुपये की लागत से एक अत्याधुनिक सिटी स्कैन हॉस्पिटल की स्थापना की जाएगी। इसके साथ ही शवों के सुरक्षित रख-रखाव हेतु चार अत्याधुनिक फ्रीजर भी लगाए जाएंगे, जिससे क्षेत्र में चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता और सुविधा में ऐतिहासिक सुधार आएगा।
स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि समय के साथ कदम मिलाकर चलना हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की समृद्धि के लिए त्वरित कार्यवाही आवश्यक है, और इसलिए सीजी एमएससी के एडीकेटेट इंजीनियर की उपस्थिति में निर्माण कार्यों को तत्काल आरंभ करने के निर्देश दिए गए हैं। आमाखेरवा में बनने वाला 220 बिस्तरों का विशाल अस्पताल न केवल चिकित्सा सेवा का केंद्र बनेगा, बल्कि हॉस्टल, ऑडिटोरियम और विशाल खेल मैदान के साथ क्षेत्र के युवाओं के विकास में भी अहम भूमिका निभाएगा। मनेंद्रगढ़ क्षेत्र को मेडिकल कॉलेज की भी सौगात मिलने जा रही है, वहीं भरतपुर में 100 बिस्तरों वाला अस्पताल, खड़गवां में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और चिरमिरी में नया जिला अस्पताल भी स्वीकृत हो चुका है। रांची के तर्ज पर मनेंद्रगढ़ में एक अत्याधुनिक मानसिक चिकित्सालय (मेंटल हॉस्पिटल) की स्थापना का भी श्रीगणेश किया जाएगा। इसके साथ ही फिजियोथैरेपी हॉस्पिटल और उसका कॉलेज भी मनेंद्रगढ़ में स्थापित करने का संकल्प लिया गया है। परिवहन और शिक्षा के क्षेत्र में भी क्रांतिकारी निर्णय लिए गए हैं। चैनपुर से चिरमिरी तक टू-लेन सड़क का निर्माण, पोड़ी क्षेत्र में हॉर्टिकल्चर और पॉलिटेक्निक कॉलेज की स्थापना तथा खड़गवां में एग्रीकल्चर कॉलेज की स्वीकृति क्षेत्र की विकास गाथा को नई दिशा देंगे।
नागपुर से चिरमिरी तक रेलवे हॉल्ट निर्माण की योजना भी तेजी से आगे बढ़ रही है। हर घर तक पाइपलाइन के माध्यम से गैस आपूर्ति का कार्य भी प्रगति पर है। पेयजल संकट को जड़ से समाप्त करने हेतु अमृत मिशन 2 के अंतर्गत दीर्घकालीन योजना तैयार की गई है, ताकि आने वाले सौ वर्षों तक क्षेत्र में जल संकट ना हो। हसदेव नदी में जलापूर्ति बढ़ाने हेतु केवई नदी को जोड़ने की परियोजना भी शीघ्र आरंभ होगी। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सिद्ध बाबा मंदिर पहाड़ी पर 70 करोड़ रुपये की लागत से जलापूर्ति और वनों का विकास किया जाएगा। साथ ही, सिद्ध बाबा मंदिर परिसर में छत्तीसगढ़ का सबसे ऊंचा, 111 फीट का भव्य राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा, जो पूरे क्षेत्र का गौरव बनेगा। भरतपुर क्षेत्र को देश के तीसरे सबसे बड़े टाइगर रिजर्व श्गुरु घासीदास तोमर पिंगला टाइगर रिजर्वश् का गौरव प्राप्त होगा, जिसके चार गेट भरतपुर, सोनहत (कोरिया), सूरजपुर और बलरामपुर जिलों में बनेंगे, जिससे पर्यटन को नई उड़ान मिलेगी। मनेंद्रगढ़ या चिरमिरी में नर्सिंग कॉलेज स्थापित करने और शिक्षा क्षेत्र में नवीनतम टेक्नोलॉजी को लाने की भी योजना बनाई गई है। साथ ही 8 करोड़ की लागत से सिटी स्कैन हॉस्पिटल और डेट बॉडी रखने के लिए चार मॉर्च्युरी फ्रीजर लगाने की बात कही है।
इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य रामजीत लकड़ा, अनीता सिंह पार्षद ओम प्रकाश जायसवाल, राजू यादव, अनिल प्रजापति, उर्मिला जायसवाल,नीलू जायसवाल, सुनैना विश्वकर्मा, सुशीला सिंह, माया सोनकर, किरण कुजूर, जमील शाह, सपन महतो, मोहम्मद इमरान, कपिल सिन्हा, अजय जायसवाल, लखन श्रीवास्तव, ऊषा करियाम, जमुना, रामचरित द्विवेदी, अंकुर जैन, जया, बबीता सिंह, एसडीएम लिंगराज सिदार, सीएमएचओ अविनाश खरे, बिलासपुर सिम्स कॉलेज के डीन रमणेश मूर्ति, अम्बिकापुर मेडिकल कॉलेज के डीन अविनाश मेश्राम, नोडल अधिकारी डॉ. भूपेन्द्र कश्यप, कार्यपालन अधिकारी महेन्द्र प्रताप सिंह, डॉ. लखन सिंह, सीएमओ मुक्ता चौहान, डीपीएम डॉ. पुष्पेन्द्र सोनी, सहायक अभियंता संतोष सोनी, बीपीएम संतोष नायक के साथ सभी अधिकारी कर्मचारीगढ़ उपस्थित थे।
गोंडवाना मरीन फॉसिल्स पार्क का लोकार्पण समारोह भव्यता के साथ सम्पन्न
जिले की ऐतिहासिक धरती पर 29 करोड़ वर्ष पुरानी जीवाश्म हमारे क्षेत्र के लिए है गौरवान्वित...श्याम बिहारी जायसवाल
एमसीबी । मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के विकासखंड मनेन्द्रगढ़ के आमाखेरवा क्षेत्र में गोंडवाना मरीन फॉसिल्स पार्क का लोकार्पण बड़े ही हर्षाेल्लास और गरिमामयी वातावरण में सम्पन्न हुआ। इस ऐतिहासिक अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री तथा मनेन्द्रगढ़ विधायक श्याम बिहारी जायसवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ वरिष्ठ अतिथि के रूप में नगर पालिका परिषद मनेन्द्रगढ़ की अध्यक्ष श्रीमती प्रतिमा यादव, उपाध्यक्ष धमेन्द्र पटवा, नई लेदरी नगर पंचायत अध्यक्ष वीरेंद्र राणा सभी जनपद सदस्य एवं पार्षदगण गणमान्य नागरिक एवं अधिकारीगण भी उपस्थित रहे। सबसे पहले स्वास्थ्य मंत्री व्दारा गोंडवाना मरीन फॉसिल्स पार्क का उद्घाटन रिबन काट किया साथ ही पार्क में बने हजारों वर्षों विलुप्त जीवाश्म का निरीक्षण करते हुए बम्बू राफ्टिंग में बैठकर हसदेव नदी का भ्रमण किया । तत्पश्चात कार्यक्रम की शुरुआत छत्तीसगढ़ महतारी की पूजा-अर्चना और दीप प्रज्वलन के साथ हुई।
छत्तीसगढ़ महतारी के चरणों में श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए दीप प्रज्वलित कर अतिथियों ने आयोजन को सांस्कृतिक और आध्यात्मिक गरिमा प्रदान की। इसके उपरांत अतिथियों का पुष्पगुच्छ एवं शॉल से स्वागत कर अभिनंदन किया गया। वनमंडल अधिकारी मनीष कश्यप ने गोंडवाना मरीन फॉसिल्स पार्क की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह पार्क 29 करोड़ वर्ष पुराने समुद्री जीवन के अवशेषों का संरक्षण स्थल है। इस समुद्री जीवों के जीवाश्म आज भी आमाखेरवा क्षेत्र में सुरक्षित अवस्था में उपलब्ध हैं, जो पृथ्वी के भूगर्भीय इतिहास के महत्वपूर्ण साक्ष्य हैं। हसदेव नदी के तट पर स्थित यह स्थल प्राचीन जीवाश्म का हिस्सा रहा है, जहाँ आज भी समुद्री जीवन के प्राचीन अवशेष मिलते हैं। अब यह गोंडवाना मरीन फॉसिल्स पार्क के रूप में इसे संरक्षित कर आमजन के लिए भी सुलभ बनाया गया है। गोंडवाना मरीन फॉसिल्स पार्क में वर्तमान में 35 जीवाश्म संरचनाओं की प्रकृतियाँ स्थापित की गई है, जिनमें से कई मूर्तियां राजस्थान सहित अन्य राज्यों के मूर्तिकारों द्वारा निर्मित की गई हैं। पर्यटकों के अनुभव को समृद्ध बनाने के लिए बम्बू राफ्टिंग, वुडिंग, पैडल वॉकिंग जैसी रोमांचक गतिविधियां भी आरंभ की गई हैं। जैव विविधता के संवर्धन हेतु मंकी टेल, डेंगन बेलिया, कैप्स जैसे दुर्लभ प्रजातियों के पौधों का रोपण कर इस स्थल को हरित एवं आकर्षक स्वरूप प्रदान किया गया है।
मुख्य अतिथि श्याम बिहारी जायसवाल ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि आज का दिन मनेन्द्रगढ़ सहित पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का क्षण है। गोंडवाना मरीन फॉसिल्स पार्क हमारे क्षेत्र की ऐतिहासिक धरोहर है, जो विश्व स्तर पर छत्तीसगढ़ को एक नई पहचान दिलाएगा। उन्होंने कहा कि यह पार्क न केवल 29 करोड़ वर्ष पुराने समुद्री जीवन के अद्भुत प्रमाणों का संरक्षण स्थल है, बल्कि पृथ्वी के भूगर्भीय विकासक्रम को समझने का अद्वितीय अवसर भी प्रदान करता है। जब धरती दो विशाल भूभागों लॉरेशिया और गोंडवाना लैंड में विभाजित थी, तब यह क्षेत्र समुद्री जीवन से परिपूर्ण था। आज उसी युग के जीवाश्म आमाखेरवा की धरती पर जीवंत प्रमाण स्वरूप उपलब्ध हैं, जो हमें हमारी धरती के प्राचीन इतिहास से जोड़ते हैं। जिनमें कई संरचनाएं छत्तीसगढ़ के फॉसिल पार्क से समानता रखती है ।
गोंडवाना मरीन फॉसिल पार्क इन मान्यताओं को वैज्ञानिक आधार प्रदान करता है, क्योंकि यहां मिले जीवाश्म इस बात का प्रमाण है कि कभी यह क्षेत्र एक समुद्र के नीचे था। इस पार्क की खोज 1954 में भूवैज्ञानिक एस. के. घोष ने कोयला खनन के दौरान की थी। जब कोयले की परतों के बीच उन्हें समुद्री जीवों के जीवाश्म मिले, तो यह खोज भूगर्भीय विज्ञान के लिए बढ़ाने वाली थी। तब शोध में पता चला कि यह जीवाश्म पर्मियन युग के हैं और समुद्री जल में जीवन की विविधता की दशार्ते है। यह मंत्री श्री जायसवाल ने आगे कहा कि गोंडवाना मरीन फॉसिल्स पार्क का विकास न केवल ऐतिहासिक चेतना को सहेजेगा, बल्कि स्थानीय पर्यटन, रोजगार तथा आर्थिक गतिविधियों को भी नया आयाम देगा। उन्होंने वन विभाग और निर्माण एजेंसियों का आभार व्यक्त करते हुए क्षेत्रवासियों से इस धरोहर के संरक्षण तथा प्रचार-प्रसार में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। समारोह में शामिल सभी अतिथियों एवं नागरिकों ने गोंडवाना मरीन फॉसिल्स पार्क का अवलोकन कर जीवाश्म संरचनाओं का नजदीक से अध्ययन किया और इसके वैज्ञानिक, ऐतिहासिक तथा सांस्कृतिक महत्व को समझा। आयोजन स्थल पर उपस्थित जनसमुदाय के चेहरों पर उत्साह, गर्व और आश्चर्य का भाव स्पष्ट परिलक्षित हो रहा था। सभी ने इस अनूठी धरोहर के संरक्षण हेतु अपनी प्रतिबद्धता भी व्यक्त की। इस कार्यक्रम में ओम प्रकाश जायसवाल, अनिल प्रजापति, रामजीत लकड़ा, अनीता सिंह, उषा करियम, डॉ अविनाश खरे, महेंद्र प्रताप सिंह, डॉ कश्यप, डॉक्टर लाखन सिंह, मुक्त चौहान, डॉक्टर पुष्पेंद्र सोनी, संतोष सोनी, सोमेंद्र मंडल, संतोष नायक, धनीराम यादव, डॉ अतीक सोनी, एसडीएम लिंगराज सिदार, स्वप्निल सिंह सभी पार्षदगण और जनप्रतिनिधि, सभी अधिकारीगण और पर्यावरण प्रेमी उपस्थित थे ।
पोस्टमार्टम के लिए रिश्वत मांगने वाला अस्पताल कर्मी निलंबित
मनेन्द्रगढ़ । पोस्टमार्टम के नाम पर रुपये मांगने वाले सरकारी अस्पताल के कर्मचारी श्याम कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई मृतक अमृत लाल साहू के परिजनों की शिकायत और मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर की गई है।
आरोप है कि मनेन्द्रगढ़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ स्वच्छक श्याम कुमार ने पोस्टमार्टम के बदले मृतक के परिजनों से पैसे मांगे। मामले की शिकायत मिलने पर कलेक्टर डी. राहुल वेंकट ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) को जांच कर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
जांच रिपोर्ट में आरोप सत्य पाए जाने के बाद CMHO ने श्याम कुमार को सिविल सेवा नियम 1966 के तहत निलंबित कर दिया है।
निलंबन अवधि में श्याम कुमार का मुख्यालय अब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बंजी, जिला एमसीबी में रहेगा और उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वहन भत्ता दिया जाएगा।
यह मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल उठे हैं। प्रशासन का यह कदम सरकारी संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक सख्त संदेश माना जा रहा है।
कृषि एवं आजीविका विकास पर केन्द्रित कार्यशाला संपन्न
एमसीबी । मनरेगा संगम अभियान के अंतर्गत जल संरक्षण, कृषि नवाचार एवं आजीविका संवर्धन को लेकर जनपद पंचायत मनेंद्रगढ़, जिला एमसीबी में आज एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन हुआ, इस आयोजन से ग्राम विकास की दिशा में नई ऊर्जा का संचार किया गया । कलेक्टर डी. राहुल वेंकट के निर्देशानुसार जनपद सीईओ सुश्री वैशाली सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम ने न केवल अधिकारियों को जागरूक किया, बल्कि विभिन्न विभागों के समन्वय को भी सशक्त किया।
जनपद पंचायत के अमृत सदन सभाकक्ष में आयोजित इस प्रशिक्षण सह कार्यशाला में जिले एवं ब्लॉक स्तर के मास्टर ट्रेनरों ने जल संसाधन प्रबंधन, टिकाऊ कृषि पद्धतियाँ और ग्रामीण आजीविका के नवीन उपायों पर विस्तृत जानकारी दी। कृषि, उद्यानिकी, रेशम, मत्स्य तथा जल संसाधन विभागों के अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को और भी प्रभावशाली बना दिया।
संगम अभियान को जमीन पर मजबूती से उतारने के उद्देश्य से कार्यशाला में अनुविभागीय अधिकारी (ग्रामीण यांत्रिकी सेवा), उप अभियंता, BPM NRLM के प्रभारी, PRP, CLF के अध्यक्ष एवं सचिव, नोडल अधिकारी एवं तकनीकी सहायक (TAS) भी उपस्थित रहे। उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान न केवल योजनाओं की जानकारी प्राप्त की, बल्कि स्थानीय जरूरतों के अनुसार रणनीति निर्माण में भी अपनी अहम भूमिका निभाई।
मिशन वात्सल्य के तहत चाईल्ड हेल्पलाईन में संविदा पदों पर भर्ती हेतु दावा-आपत्ति प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 01 मई तक
एमसीबी । छत्तीसगढ़ के महिला एवं बाल विकास विभाग, नवा रायपुर के निर्देशन में मिशन वात्सल्य अंतर्गत संचालित चाईल्ड हेल्पलाइन योजना के तहत जिला स्तरीय संविदा पदों पर भर्ती की प्रक्रिया जारी है। इस क्रम में जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में चाईल्ड हेल्पलाइन के अंतर्गत स्वीकृत कुल 08 संविदा पदों के लिए प्राप्त आवेदनों का परीक्षण एवं मूल्यांकन पूर्ण कर लिया गया है।
निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पात्र एवं अपात्र अभ्यर्थियों की सूची का प्रकाशन कर दिया गया है। इस सूची का अवलोकन जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के आधिकारिक वेबसाईट www.manendragarh-chirmiri-bharatpur.cg.gov.in पर तथा जिला कार्यालय के सूचना पटल पर किया जा सकता है। चयन समिति द्वारा अनुमोदित इस सूची के संबंध में कोई भी अभ्यर्थी यदि दावा या आपत्ति दर्ज कराना चाहता है, तो वह 1 मई 2025 तक कार्यालयीन समय में संबंधित कार्यालय में लिखित रूप में आवेदन प्रस्तुत कर सकता है। निर्धारित समयावधि के पश्चात प्राप्त दावों एवं आपत्तियों पर विचार नहीं किया जाएगा।
तिलहन उत्पादन को बढ़ावा देने राष्ट्रीय मिशन के तहत वैल्यू चेन पार्टनर हेतु आवेदन आमंत्रित
एमसीबी । मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिला अंतर्गत राष्ट्रीय खाद्य तेल-तिलहन मिशन (National Mission on Edible Oil-Oilseed) के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु योग्य एफपीओ (FPO) एवं सहकारी समितियों से वैल्यू चेन पार्टनर (VCP) बनने के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इस योजना के अंतर्गत किसानों के चयन से लेकर मृदा परीक्षण, बीज वितरण, फसल प्रदर्शन, प्रशिक्षण, फार्म स्कूल संचालन, सलाहकार सेवाओं का प्रसार और अंत में उत्पाद के मूल्य संवर्धन व विपणन तक की संपूर्ण प्रक्रिया में सहभागिता की जिम्मेदारी इन्हीं पार्टनरों को सौंपी जाएगी।
इन कार्यों के संचालन हेतु पात्र संस्थाओं को योजना में निर्धारित प्रावधानानुसार वित्तीय सहायता भी प्रदान की जाएगी। वैल्यू चेन पार्टनर बनने के लिए इच्छुक एफपीओ अथवा सहकारी समितियों को कुछ पात्रता शर्तों को पूरा करना आवश्यक है। इसमें कम्पनी अधिनियम या सहकारिता अधिनियम के तहत पंजीकरण संबंधित जिले में कम से कम तीन वर्षों का कार्यानुभव संस्था में न्यूनतम 200 पंजीकृत कृषकों की भागीदारी, पिछले तीन वर्षों में औसत वार्षिक कारोबार नौ लाख रुपए से अधिक और किसानों द्वारा संस्था में कम से कम तीन लाख रुपए की इक्विटी निवेश की अनिवार्यता शामिल है। ऐसी संस्थाएं जो उपरोक्त सभी मापदंडों को पूरा करती हैं, वे 23 अप्रैल 2025 को सायं 5:30 बजे तक कार्यालय उप संचालक कृषि, बंगला स्कूल, इंदिरा गांधी पार्क के पास, झगराखांड, जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के पते पर अपने सभी आवश्यक दस्तावेजों सहित आवेदन पंजीकृत डाक के माध्यम से भेज सकते हैं। निर्धारित समय के पश्चात प्राप्त किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा।
निर्मला जोगी को मिला राशन कार्ड: सुशासन तिहार के तहत समयबद्ध निराकरण
एमसीबी । छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार सुशासन को ज़मीनी स्तर पर लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में “सुशासन तिहार” की शुरुआत की गई है, जो स्थानीय समस्याओं के त्वरित समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सुशासन तिहार से समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार का यह प्रयास सराहनीय माना जा रहा है।
इसी क्रम में जिला- मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के विकासखण्ड भरतपुर के कर्री की निवासी निर्मला जोगी ने भी नया राशन कार्ड बनवाने के लिए 11 अप्रैल 2025 को सुशासन तिहार के अंर्तगत अपना आवेदन जनपद पंचायत में जमा की थी जिसका निराकरण तत्काल करते हुए 15 अप्रैल 2025 को राशन कार्ड जारी कर दिया गया प् समस्या का त्वरित समाधान मिलने से निर्मला ने सुशासन तिहार की साराहना करते हुए कहा कि ये मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा चलाई गई बहुत अच्छी पहल है मुख्यमंत्री का यह प्रयास ग्रामीण जनता से सीधे संवाद स्थापित करता है।
और इसके लिए उन्होंने छत्तीसगढ़ शासन को धन्यवाद दि। यह पहल ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं से सीधे जोड़ने में मददगार साबित हो रही है। कुल मिलाकर, यह पहल न केवल शासन को पारदर्शी बना रही है, बल्कि जन-आवेदन की प्रक्रिया को भी सरल बना रही है। ऐसे में यह कहा जा सकता है कि सुशासन तिहार से समाधान अब एक व्यावहारिक हकीकत बनती जा रही है।
सुशासन तिहार-2025 का उद्देश्य आम जनता की समस्याओं का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करना और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करना है। यह तीन चरणों में सम्पन्न होगा जिसका प्रथम चरण 08 अप्रैल से 11 अप्रैल 2025 तक आवेदन प्राप्त करना, जो अब समाप्त हो चुका है। द्वितीय चरण 1 माह आवेदनों का निराकरण, जो वर्तमान में चल रहा है। तृतीय चरण 05 मई से 31 मई 2025 तक समाधान शिविरों का आयोजन, जहां आम जनता, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों से सीधा संवाद स्थापित किया जाएगा।इस तिहार का उद्देश्य विकास कार्यों में गति लाना और आम जनता की समस्याओं का समाधान करना है।
शहर के बीच जैन मंदिर के पास जर्जर को-ऑपरेटिव भवन गिराया गया
एमसीबी । छत्तीसगढ़ शासन विरूद्ध को-ऑपरेटिव मार्केटिंग सोसायटी लिमिटेड, मनेन्द्रगढ़, तह० मनेन्द्रगढ़, जिला एम०सी०बी० (छ.ग.) पारित आदेश 16 अप्रैल 2025 प्रकरण का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि राजस्व निरीक्षक मनेन्द्रगढ़ (नजूल), तह० मनेन्द्रगढ़ जिला एम०सी०बी० (छ०ग०) द्वारा नगर मनेन्द्रगढ़ जैन चौक स्थित नजूल भू-खण्ड कमांक 359/2 आन्तरिक नजूल संधारण खसरा वर्ष 2024-25 में क्षेत्रफल 60X40=2400 पक्का मकान, को-आपरेटिव मार्केटिंग सोसायटी लिमिटेड मनेन्द्रगढ़, पट्टा आवसान तिथि 31 मार्च 1975 दर्ज हैं। वर्तमान में उक्त भूमि में सम्पूर्ण रकबे पर को-आपरेटिव मार्केटिंग सोसायटी लिमिटेड का भवन बना हुआ है जो जर्जर अवस्था में हैं। भविष्य में दुर्घटना घटित होने की संभावना बन सकती है।
जिसके कारण सार्वजनिक हित को दृष्टिगत रखते हुए उक्त भवन को गिराया जाना अति आवश्यक है। प्रकरण पंजीबद्ध कर मुख्य नगरपालिका अधिकारी, नगरपालिका परिषद् मनेन्द्रगढ़ एवं लोक निर्माण विभाग मनेन्द्रगढ़ से जॉच प्रतिवेदन लिया गया। कार्यालय मुख्य नगरपालिका अधिकारी, नगरपालिका परिषद् मनेन्द्रगढ़ के पत्र क्रमांक / 2229/रा०शा०/ न०पा०/2024, मनेन्द्रगढ़, 30 दिसंबर 2024 के माध्यम से कलेक्टर महोदय को अपने पत्र में उल्लेखित किया गया है कि मनेन्द्रगढ़ शहर में बढ़ते ट्रैफिक एवं जनसंख्या के दबाव को देखते हुए एवं शहर के बीच सड़कों के किनारे लगने वाले फलों के ठेले व दो पहिया वाहनों की पार्किंग हेतु भूमि की आवश्यकता है।
मनेन्द्रगढ़ शहर के बीच जैन मंदिर के बगल में को-ऑपरेटिव मार्केटिंग सोसायटी लिमिटेड के नाम से प्लॉट नं० 359/2 रकबा 2400 वर्गफिट भूमि है, जिसमें भवन निर्मित है, जो कि वर्तमान में काफी जर्जर अवस्था में है। उक्त भवन उपयोग विहीन होने के कारण नगर पालिका परिषद् मनेन्द्रगढ़ द्वारा उक्त स्थल पर फलों का ठेला एवं दो पहिया पार्किंग के लिए बनाया जा सकता है तथा नगरपालिका परिषद् को आबंटित किये जाना उल्लेखित किया गया है। प्रबंधक, सहकारी विपणन संस्था (को-ऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड) द्वारा दिनांक 20 जनवरी 2025 को आपत्ति प्रस्तुत किया गया है कि सहकारी विपणन संस्था को अविभाजित सरगुजा कलेक्टर महोदय द्वारा CR No. 20 A3807 वर्ष 1959-1960 में कलेक्टर महोदय द्वारा संस्था को उक्त भूमि आबंटित है।
उक्त संस्था वर्ष 1969 से कार्यरत है, जिसका पंजीयन क्रमांक DR/BSP/2/30-10-59 है, जो एक रजिस्टर्ड संस्था है एवं सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाए कोरिया के अधीन है। उक्त भूमि में सहकारी विपणन संस्था का कार्यालय संचालित है और वर्तमान में इस संस्था में 03 कर्मचारी कार्यरत है।कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग संभाग मनेन्द्रगढ़, जिला एमसीबी (छ०ग०) द्वारा संयुक्त जॉच प्रतिवेदन दिनांक 20 मार्च 2025 इस कार्यालय को प्राप्त। प्रतिवेदन में प्रतिवेदित किया गया है कि को-ऑपरेटिव मार्केटिंग सोसायटी लिमिटेड मनेन्द्रगढ़ के जर्जर भवन का तकनीकी परीक्षण 30 दिसंबर 2024 को किया गया। निरीक्षण के दौरान दिवार, फ्लोर, दरवाजा एवं खिड़की व छत जर्जर स्थिति में पाया गया साथ ही भवन की छत का कांक्रीट स्वतः ही टूट कर गिर रही है।
स्वच्छ भारत मिशन : अपर आयुक्त ने की स्वच्छाग्राहियों के कार्य की सराहना
यूजर चार्ज एवं प्रोत्साहन राशि से महिलाएं बढ़ रही है आत्मनिर्भरता की ओर
एमसीबी । स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत महात्मा गांधी नरेगा योजना से समन्वित होकर चल रहे स्वच्छता प्रयासों का निरीक्षण मनरेगा के अपर आयुक्त अशोक चौबे के द्वारा किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ग्राम पंचायत सेमरा अंतर्गत नागपुर थाना क्षेत्र में मनरेगा अभिसरण से निर्मित सामुदायिक शौचालय का अवलोकन किया। इसके साथ ही उन्होंने ग्राम पंचायत लाई में निर्मित सेग्रीगेशन शेड का भी जायजा लिया, जहां स्वच्छाग्राही समूह द्वारा किए जा रहे डोर टू डोर अपशिष्ट संग्रहण और पृथक्करण कार्य की उन्होंने सराहना की।
उन्होंने कहा कि स्वच्छता अभियान के तहत यह कार्य न केवल ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बना रहा है, बल्कि महिलाओं को स्वरोजगार उपलब्ध कराते हुए आत्मनिर्भरता की दिशा में भी एक मजबूत कदम है। स्वच्छाग्राही समूह की महिलाओं ने बताया कि वे सप्ताह में दो दिन नियमित रूप से प्रत्येक घर से कचरा संग्रहण का कार्य करती हैं। इसके लिए प्रति परिवार 20 रुपये यूजर चार्ज के रूप में प्राप्त होता है, साथ ही ग्राम पंचायत के माध्यम से उन्हें 2900 रुपये प्रतिमाह प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है।
इसके अतिरिक्त वे एकत्र किए गए सूखे कचरे का विक्रय कर अतिरिक्त आय भी अर्जित कर रही हैं। एक स्वच्छाग्राही महिला ने बताया कि इस कार्य के माध्यम से ग्राम पंचायत की छह महिलाओं को स्थायी स्वरोजगार प्राप्त हुआ है, जिससे उन्हें अपनी दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति में सुविधा हो रही है। अब वे आत्मविश्वास के साथ अपने परिवार की आर्थिक सहायता कर पा रही हैं। अपर आयुक्त श्री चौबे ने कहा कि इस प्रकार के प्रयास ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा देने के साथ ही स्वच्छता को जन आंदोलन बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
खनिज विभाग की बड़ी उपलब्धि: लक्ष्य से अधिक राजस्व संग्रह कर रचा नया कीर्तिमान
एमसीबी । वित्तीय वर्ष 2024-25 में खनिज विभाग, जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर ने अपने अथक परिश्रम और सजग निगरानी से राजस्व प्राप्ति के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। संचालनालय भौमिकी एवं खनिकर्म, अटल नगर नवा रायपुर द्वारा जिले के लिए 75 करोड़ रुपये का वार्षिक राजस्व लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके विरुद्ध विभाग ने 78.92 करोड़ रुपये की राजस्व वसूली कर 105 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की है। यह सफलता विभाग की योजनाबद्ध कार्यशैली, सतत निगरानी और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण का प्रतिफल है। खनिज विभाग द्वारा जिले में संचालित मुख्य खनिज कोयला सहित गौण खनिज-गिट्टी (साधारण पत्थर) रेत आदि की नियमित निगरानी की गई। साथ ही अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण पर कड़ी कार्रवाई करते हुए क्षेत्र भ्रमण को लगातार प्राथमिकता दी गई। इस दौरान अवैध गतिविधियों से संबंधित 186 प्रकरणों को चिन्हित करते हुए विभाग ने कठोर कार्रवाई की और कुल 42.73 लाख रुपये की अर्थदंड/समझौता राशि वसूल कर खनिज मद में जमा कराई। खनिज विभाग की इस शानदार सफलता में खनि अधिकारी दयानंद तिग्गा के नेतृत्व में खनि निरीक्षक आदित्य मानकर, खनिज सुपरवाइजर सुंदरलाल साहू, खनिज सिपाही उपेन्द्र सिंह, राजकुमार यादव, भूषण लाल चौहान, सहायक ग्रेड-02 दिनेश सिंह तथा अनुरेखक श्रीमती कविता सिंग की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही। खनिज विभाग की यह उपलब्धि जिले की आर्थिक प्रगति की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है।
मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना : उज्जैन लिए रवाना हुए श्रद्धालु
एमसीबी । मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना 2025-26 के अंतर्गत छत्तीसगढ़ शासन के समाज कल्याण विभाग द्वारा सरगुजा संभाग की प्रथम तीर्थ यात्रा का शुभारंभ आज 10 अप्रैल से 13 अप्रैल 2025 तक किया गया है। इस यात्रा में जिला मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के कुल 90 तीर्थयात्री उज्जैन, ओंकारेश्वर और महाकालेश्वर के दर्शन हेतु विशेष बस से रवाना हुए। प्रातः 10 बजे स्थानीय आत्मानंद विद्यालय मनेंद्रगढ़ के समीप स्थित जिला समाज कल्याण विभाग कार्यालय से यात्रियों को नगर पालिका परिषद मनेंद्रगढ़ की नवनिर्वाचित अध्यक्ष प्रतिमा यादव एवं नवनिर्वाचित पार्षदों ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस योजना के तहत जिले के सभी जनपद पंचायत, नगर निगम, नगर पंचायत और नगर पालिका क्षेत्रों से 60 वर्ष से अधिक आयु के वृद्ध महिला-पुरुष, परित्यक्ता एवं विधवा महिलाएं, जो आर्थिक रूप से सक्षम नहीं हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर तीर्थ यात्रा के लिए चयनित किया गया है। शासन का उद्देश्य उन लोगों को तीर्थ यात्रा का अवसर प्रदान करना है जो आर्थिक तंगी के कारण स्वयं यात्रा करने में असमर्थ हैं। यात्रा की शुभ शुरुआत के अवसर पर समाज कल्याण विभाग के उपसंचालक आर.के. सिन्हा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और आमजन उपस्थित रहे। श्रद्धालुओं को भावभीनी विदाई दी गई और उनके सुखद, सुरक्षित व आध्यात्मिक रूप से समृद्ध यात्रा की कामना की गई।
महावीर जयंती पर जैन युवाओं का परोपकारी समर्पण रक्तदान कर दिया मानवता का संदेश
एमसीबी। सत्य, अहिंसा और जीवदया के प्रेरणा स्रोत केवल्य ज्ञानी तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी की 2624वीं जयंती के अवसर पर मनेंद्रगढ़ में जैन समाज के युवाओं ने एक अनुकरणीय पहल करते हुए रक्तदान कर समाज सेवा का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत किया। रेडक्रॉस सोसाइटी के अध्यक्ष शैलेश जैन, पार्श्वनाथ जैन मंदिर के अध्यक्ष रितेश जैन, मंत्री सौरभ जैन सहित राजेश कुमार, श्रीमती रत्ना जैन, श्रीमती शुभ्रा जैन, अंकित जैन, मयंक जैन, अनुराग जैन व अन्य युवाओं ने मिलकर केंद्रीय जिला अस्पताल में रक्तदान किया। इन युवाओं का कहना है कि भगवान महावीर ने जिस प्रकार सांसारिक मोह-माया से मुक्त होकर परोपकार और जीवदया का मार्ग दिखाया, वह हम सभी के लिए प्रेरणास्त्रोत है। यदि हमारा जीवन किसी और के जीवन के काम आ जाए, तो यही जीवन की सच्ची सार्थकता है।
भगवान महावीर का संदेश सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान एवं सम्यक चरित्र
भगवान महावीर ने समाज को सम्यक दृष्टि, सम्यक ज्ञान और सम्यक आचरण की राह दिखाई जिसमें जीव मात्र के प्रति दया सर्वोपरि है। उनके अनुसार हर प्राणी को जीवन जीने का अधिकार है क्योंकि उसका जीवन उसके कर्मों का परिणाम है। इस दर्शन में समस्त जीवों के कल्याण की भावना निहित है।
समाज के हर व्यक्ति में जीव दया और करुणा का भाव जागृत हो, ताकि भारतवर्ष न केवल जीवों के प्रति दया भाव रखे बल्कि जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण में भी अग्रणी भूमिका निभा सके। यही भगवान महावीर की शिक्षाओं का सार है।
वीतरागता का पथ और मोक्ष की ओर अग्रसर आत्मा
जैन मुनि दीक्षा लेने के पश्चात सांसारिक बंधनों और परिग्रह से मुक्त होकर आत्मकल्याण के पथ पर अग्रसर हो जाते हैं। वे राग, द्वेष और मोह से ऊपर उठकर वीतरागी जीवन जीते हुए केवल ज्ञान प्राप्त करते हैं और फिर सिद्ध अवस्था को प्राप्त कर मोक्ष में विराजमान हो जाते हैं। जैन दर्शन के अनुसार ऐसी आत्माएं ही सिद्ध गति को प्राप्त कर जन्म-मरण के चक्र से मुक्त होकर अनंत आत्मिक सुखों में सदाकाल के लिए लीन हो जाती हैं। यही आत्मा की सर्वोच्च उपलब्धि है। इस पावन अवसर पर जैन समाज के युवाओं द्वारा किया गया यह रक्तदान न केवल समाज को प्रेरित करता है, बल्कि भगवान महावीर की शिक्षाओं को व्यावहारिक रूप में जीवन में उतारने का सार्थक प्रयास भी है।
निःशुल्क कोचिंग योजना पर जागरूकता सेमिनार का हुआ आयोजन
एमसीबी। डॉ. आर.एन.एस. बी.एड. कॉलेज, मनेंद्रगढ़ में श्रम विभाग द्वारा मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिकों के बच्चों हेतु निःशुल्क कोचिंग सहायता योजना के प्रति जागरूकता फैलाने हेतु एक सेमिनार का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम में कॉलेज के डायरेक्टर, प्रिंसिपल, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। इस योजना का उद्देश्य श्रमिक वर्ग के बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहयोग प्रदान कर उन्हें मुख्यधारा में लाना है। योजना के तहत वे अभ्यर्थी पात्र हैं, जिनके अभिभावक मण्डल में एक वर्ष से पंजीकृत श्रमिक हैं और वे स्वयं अथवा उनकी प्रथम दो संतान इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं, बशर्ते कि वे संबंधित प्रतियोगी परीक्षा के लिए निर्धारित न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता रखते हों। आवेदन की प्रक्रिया को भी सरल और सुलभ बनाया गया है।
आवेदक स्वयं, किसी चॉइस सेंटर या श्रम कार्यालय के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। आवेदन के लिए जीवित पंजीयन प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, शैक्षणिक योग्यता से संबंधित दस्तावेज तथा स्व घोषणा प्रमाण पत्र की आवश्यकता होगी।
इस योजना के तहत लाभार्थियों को CGPSC, CGVYAPAM, SSC, बैंकिंग, रेलवे तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु निःशुल्क कोचिंग प्रदान की जाएगी। यह कोचिंग ऑनलाइन माध्यम से लाइव क्लास और रिकॉर्डेड वीडियो क्लास के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी, साथ ही अध्ययन सामग्री भी दी जाएगी। श्रम विभाग का ध्येय वाक्य “श्रमिक का बच्चा, श्रमिक नहीं रहेगा” इस योजना के माध्यम से साकार होता नजर आ रहा है, जो निश्चित रूप से समाज के वंचित वर्ग के लिए एक प्रेरणा स्रोत है।