छत्तीसगढ़ / बिलासपुर
पूर्व सैनिकों की समस्याओं के समाधान के लिए 4 अगस्त को बिलासपुर में होगा ‘मिशन निरंतर मिलाप’ आउटरीच कार्यक्रम
बिलासपुर, 31 जुलाई 2026
भारतीय सेना की रिकॉर्ड्स एवं मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री रेजिमेंट द्वारा पूर्व सैनिकों, वीर नारियों एवं उनके आश्रितों की पेंशन, दस्तावेजीकरण और कल्याण संबंधी समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए 4 अगस्त 2026 को जिला सैनिक कल्याण कार्यालय, बिलासपुर में ‘मिशन निरंतर मिलाप 1.0 (चरण-प्ट) आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
कार्यक्रम का आयोजन प्रातः 10 बजे से शाम 4 बजे तक किया जाएगा। इसमें बिलासपुर सहित जांजगीर-चांपा, सक्ती, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, मुंगेली, कोरबा जिलों के पूर्व सैनिक, वीर नारियां एवं उनके आश्रित भाग ले सकेंगे। कार्यक्रम के दौरान पेंशन, दस्तावेजों के अद्यतन, ईसीएचएस, सेवा एवं कल्याण संबंधी विभिन्न समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया जाएगा। प्रतिभागियों से डिस्चार्ज बुक, आधार कार्ड, पैन कार्ड, ईसीएचएस कार्ड तथा पीपीओ (पेंशन भुगतान आदेश) सहित आवश्यक दस्तावेज साथ लाने का अनुरोध किया गया है। जिला सैनिक कल्याण कार्यालय ने सभी पात्र पूर्व सैनिकों, वीर नारियों एवं उनके आश्रितों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस विशेष पहल का लाभ उठाने की अपील की है।
सरकारी अस्पताल में संसाधनों की कमी नहीं, सेवा और संवेदनशीलता दिखे
कलेक्टर संजय अग्रवाल का जिला अस्पताल में औचक निरीक्षण
डॉक्टरों को समयपालन और बेहतर इलाज के दिए निर्देश
मरीजों से आत्मीय संवाद कर कलेक्टर ने जाना हाल
अम्मा कैसे हो, क्या हो गया, सब ठीक हो जायेगा: कलेक्टर
बिलासपुर, 31 जुलाई 2026
कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने आज जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, चिकित्सकीय व्यवस्थाओं और मरीजों को मिल रही सुविधाओं का विस्तृत जायजा लिया। लगभग डेढ़ घंटे तक चले निरीक्षण में उन्होंने ओपीडी, विभिन्न वार्डों, डायलिसिस यूनिट, धनवंतरी मेडिकल स्टोर, नशा मुक्ति केंद्र, जिला पुनर्वास केंद्र, किचन तथा निर्माणाधीन मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर का निरीक्षण किया। मरीजों से सीधे संवाद कर उपचार की जानकारी ली और चिकित्सकों को सेवा की गुणवत्ता एवं मानवीय व्यवहार को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान सुबह लगभग सवा दस बजे तक तीन-चार चिकित्सक अनुपस्थित मिले। कलेक्टर ने तत्काल उनसे दूरभाष पर संपर्क कर अनुपस्थिति का कारण पूछा और भविष्य में समय पर उपस्थित रहने की कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अस्पताल आने वाले प्रत्येक मरीज को समय पर उपचार और सम्मानजनक व्यवहार मिलना चाहिए। विभिन्न ओपीडी के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने उपलब्ध संसाधनों के बावजूद अपेक्षाकृत कम मरीजों के जिला अस्पताल पहुंचने पर चिंता व्यक्त की। विशेष रूप से नेत्र एवं दंत रोग विभाग में प्रतिदिन केवल 30 से 35 मरीज आने की जानकारी मिलने पर उन्होंने दोनों विभागों को स्कूलों एवं महाविद्यालयों में विशेष जांच शिविर आयोजित कर अधिक से अधिक लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के निर्देश दिए।
वार्ड निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने भर्ती मरीजों से आत्मीयता से चर्चा की। आपातकालीन वार्ड में भर्ती एक बुजुर्ग महिला का हालचाल पूछते हुए उन्होंने कहा, ष्अम्मा, कैसे हो... सब ठीक हो जाएगा। कलेक्टर के आत्मीय व्यवहार से महिला भावुक हो गई और उसने अस्पताल में मिल रहे उपचार पर संतोष व्यक्त किया। कलेक्टर ने चिकित्सकों से कहा कि निजी अस्पतालों की तुलना में जिला अस्पताल में पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं। आवश्यकता केवल इन संसाधनों का बेहतर उपयोग कर मरीजों का विश्वास जीतने की है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मरीज संतुष्ट होकर अस्पताल से लौटे, यही सभी का प्रयास होना चाहिए।
उन्होंने आयुष्मान भारत योजना का अधिकतम लाभ पात्र मरीजों तक पहुंचाने के निर्देश दिए। जिन मरीजों के आयुष्मान कार्ड नहीं बने हैं, उनके कार्ड खाद्य विभाग के समन्वय से तत्काल बनवाने को कहा। अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में लगभग 30 मरीजों का उपचार आयुष्मान योजना के माध्यम से किया जा रहा है।अस्पताल में छोटे-मोटे मरम्मत एवं सुधार कार्यों में सीजीएमएससी स्तर पर हो रही देरी पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त करते हुए आवश्यक कार्य शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। धनवंतरी मेडिकल स्टोर के निरीक्षण के दौरान उन्हें बताया गया कि यहां प्रतिदिन औसतन 25 हजार रुपये की दवाओं की बिक्री होती है। उन्होंने अटल आरोग्य लैब की जांच सुविधाओं का भी जायज़ा लिया।
कलेक्टर ने अस्पताल परिसर में संचालित नशा मुक्ति केंद्र एवं जिला पुनर्वास केंद्र का भी निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि यहां लगभग 400 लोगों को नियमित दवा एवं परामर्श दिया जा रहा है तथा करीब 150 लोग उपचार एवं परामर्श के माध्यम से नशे की लत छोड़कर सामान्य जीवन जी रहे हैं। उन्होंने अस्पताल के किचन का निरीक्षण कर 115 भर्ती मरीजों के लिए तैयार किए जा रहे भोजन की गुणवत्ता की जानकारी ली तथा चिकित्सकों एवं अस्पताल स्टाफ को प्रतिदिन भोजन का स्वाद लेकर गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने निःशुल्क डायलिसिस यूनिट का भी अवलोकन किया, जहां प्रतिदिन लगभग 30 मरीजों को निःशुल्क डायलिसिस की सुविधा दी जा रही है। उन्होंने नेत्र विभाग के लिए निर्माणाधीन मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर का निरीक्षण कर कार्य शीघ्र पूर्ण करने तथा सिटी स्कैन कक्ष में सिम्स के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर मरीजों को त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जिला अस्पताल में प्रतिदिन लगभग 500 मरीज ओपीडी सेवाओं का लाभ लेते हैं तथा वर्तमान में 115 मरीज भर्ती हैं। निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन डॉ. एस. कुजूर, कंसल्टेंट सुश्री शेफाली कुमावत सहित संबंधित अधिकारी एवं चिकित्सक उपस्थित थे।
केन्द्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने पीएमएवाई-यू 2.0 के क्रियान्वयन की समीक्षा कर अधिकारियों का बढ़ाया उत्साह*
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सावन में बाबाधाम जाना हुआ आसान, बिलासपुर से चलेगी स्पेशल ट्रेन; कंफर्म सीटें भी उपलब्ध
बिलासपुर । सावन के पावन महीने में बाबा बैद्यनाथ धाम (देवघर) जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए रेलवे ने बड़ी राहत दी है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) ने 08895/08896 नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी–मधुपुर–इतवारी श्रावणी मेला साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। यह ट्रेन 1 अगस्त से 30 अगस्त 2026 तक कुल 5-5 फेरों के लिए संचालित होगी। खास बात यह है कि फिलहाल सभी फेरों में बड़ी संख्या में कंफर्म सीटें उपलब्ध हैं।
रेलवे ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे समय रहते अपना आरक्षण करा लें, ताकि अंतिम समय की भीड़ और वेटिंग से बचा जा सके।
इन प्रमुख स्टेशनों पर रुकेगी ट्रेन
श्रावणी मेला स्पेशल ट्रेन का ठहराव बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, डोंगरगढ़, गोंदिया, भाटापारा, चांपा, रायगढ़, बेलपहाड़, ब्रजराजनगर और नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी समेत प्रमुख स्टेशनों पर होगा। इससे बिलासपुर सहित रायपुर, कोरबा, जांजगीर-चांपा और रायगढ़ क्षेत्र के श्रद्धालुओं को देवघर के लिए सीधी रेल सुविधा मिलेगी।
अभी मिल रही हैं कंफर्म सीटें
27 जुलाई की स्थिति के अनुसार सभी फेरों में सीटें उपलब्ध हैं। 29 अगस्त को चलने वाली 08895 इतवारी–मधुपुर स्पेशल ट्रेन में एसी-3 की 154 और स्लीपर की 428 सीटें खाली हैं। वहीं 30 अगस्त की वापसी ट्रेन 08896 मधुपुर–इतवारी में एसी-3 की 171 और स्लीपर की 515 सीटें उपलब्ध हैं।
समय
08895 इतवारी–मधुपुर: बिलासपुर आगमन 11:40 बजे, प्रस्थान 11:50 बजे
08896 मधुपुर–इतवारी: बिलासपुर आगमन सुबह 6:20 बजे, प्रस्थान 6:30 बजे
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, पिछले वर्षों में सावन मेले के दौरान देवघर जाने वाली ट्रेनों में लंबी वेटिंग रहती थी। इस बार स्पेशल ट्रेन के संचालन से श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी और फिलहाल कंफर्म टिकट आसानी से उपलब्ध हैं।
खराब सड़कों और आवारा मवेशियों पर हाई कोर्ट सख्त, मुख्य सचिव से मांगा जवाब
बिलासपुर । छत्तीसगढ़ की जर्जर सड़कों और हाईवे पर आवारा मवेशियों की बढ़ती समस्या को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से दोबारा विस्तृत जानकारी मांगी है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने मुख्य सचिव को शपथपत्र के साथ यह बताने के निर्देश दिए हैं कि सड़क सुरक्षा और आवारा मवेशियों की समस्या के समाधान के लिए अब तक क्या ठोस कदम उठाए गए हैं।
9 सितंबर को होगी अगली सुनवाई
हाई कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 9 सितंबर 2026 की तारीख तय की है। इससे पहले हुई सुनवाई में कोर्ट कमिश्नरों की रिपोर्ट और विभिन्न विभागों द्वारा दाखिल अनुपालन शपथपत्र पर विचार किया गया था। कोर्ट ने मामले की निरंतर निगरानी जारी रखने का फैसला लिया है।
मवेशियों के लिए बनाए जा रहे शेड
राज्य सरकार की ओर से दायर शपथपत्र में बताया गया कि आवारा मवेशियों की समस्या कम करने के लिए आवश्यक पशु शेड का निर्माण कराया जा रहा है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद इनके संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन को सौंपी जाएगी, ताकि हाईवे और सड़कों पर मवेशियों की मौजूदगी से होने वाली दुर्घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
सड़क सुरक्षा पर निगरानी का दावा
सरकार ने कोर्ट को बताया कि हाई कोर्ट के पूर्व निर्देशों का पालन करते हुए संबंधित विभाग लगातार सड़क सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं। प्रोजेक्ट कॉरिडोर की नियमित समीक्षा की जा रही है और फील्ड अधिकारियों को किसी भी कमी को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए गए हैं।
शपथपत्र में मांगी विस्तृत जानकारी
हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सड़क सुरक्षा और आवारा मवेशियों की समस्या पर केवल सामान्य जानकारी पर्याप्त नहीं होगी। मुख्य सचिव को विस्तृत शपथपत्र दाखिल कर यह बताना होगा कि अब तक कौन-कौन से प्रभावी कदम उठाए गए हैं और भविष्य की कार्ययोजना क्या है।
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना की वार्षिक कार्ययोजना को मिली मंजूरी
बिलासपुर ।कलेक्टर संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत जिले में वर्ष 2026-27 के लिए तैयार वार्षिक विस्तृत कार्ययोजना (डीपीआर) को सर्वसम्मति से अनुमोदित किया गया। बैठक में जिले में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए तैयार वार्षिक विस्तृत कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। समिति के सभी नामांकित सदस्यों की उपस्थिति में योजना के विभिन्न प्रस्तावों पर विचार-विमर्श के बाद डीपीआर को सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान की गई। इस अवसर पर जिला स्तरीय समन्वय समिति के सभी नामांकित सदस्य उपस्थित रहे।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव बिलासपुर-मुंगेली प्रवास पर रहेंगे
बिलासपुर । उप मुख्यमंत्री अरुण साव 29 जुलाई को बिलासपुर एवं मुंगेली जिले के प्रवास पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार श्री साव बिलासपुर में वन महोत्सव कार्यक्रम, मुंगेली जिले के अचानकमार टाइगर रिजर्व में अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस के आयोजन तथा बिलासपुर जिले के कोटा विकासखंड स्थित सिद्ध बाबा आश्रम बेलगहना में गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार उप मुख्यमंत्री श्री साव प्रातः 8 बजे नया रायपुर स्थित निवास से प्रस्थान कर लगभग 10.30 बजे पंडित सुंदरलाल शर्मा ओपन यूनिवर्सिटी, बिलासपुर पहुंचेंगे। यहां वे वन महोत्सव कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे। इसके बाद दोपहर 1 बजे बिलासपुर से प्रस्थान कर मुंगेली जिले के लोरमी स्थित बैगा रिसॉर्ट पहुंचेंगे, जहां दोपहर 1.30 बजे से 3 बजे तक आयोजित अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। दोपहर 3 बजे वे बैगा रिसॉर्ट से प्रस्थान कर बिलासपुर जिले के कोटा विकासखंड स्थित सिद्ध बाबा आश्रम, बेलगहना पहुंचेंगे। यहां शाम 4 बजे से 5 बजे तक गुरु पूर्णिमा के अवसर पर दर्शन एवं धार्मिक कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे। शाम 5 बजे बेलगहना से प्रस्थान कर श्री साव रात्रि लगभग 8 बजे नया रायपुर स्थित अपने निवास पहुंचेंगे।
आर्यावर्त विश्व सनातन विकास परिषद द्वारा सुंदरकांड पाठ और हनुमान चालीसा*
प्रेस विज्ञप्ति:-
विश्व हेपेटाइटिस दिवस पर सफाई कर्मियों के लिए जांच एवं टीकाकरण शिविर आयोजित
बिलासपुर । विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत जिला सर्विलांस इकाई, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय तथा नगर पालिक निगम बिलासपुर के संयुक्त तत्वावधान में नगर निगम के फ्रंटलाइन सफाई कर्मचारियों के लिए विशेष हेपेटाइटिस जांच एवं टीकाकरण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य सफाई कर्मियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ हेपेटाइटिस संक्रमण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना था।
शिविर में नगर निगम के 142 फ्रंटलाइन सफाई कर्मचारियों का निःशुल्क हेपेटाइटिस ‘बी’ एवं ‘सी’ की जांच की गई। संक्रमण के जोखिम को ध्यान में रखते हुए कर्मचारियों को समय पर जांच, उपचार तथा बचाव संबंधी जानकारी भी प्रदान की गई। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि ऐसे अभियान संक्रमण की शीघ्र पहचान और प्रभावी उपचार सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम के दौरान सफाई कर्मचारियों को हेपेटाइटिस संक्रमण के कारण, लक्षण, बचाव एवं समय पर जांच के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही हेपेटाइटिस ‘बी’ के टीकाकरण के प्रति भी उन्हें जागरूक किया गया, ताकि संक्रमण के खतरे को कम किया जा सके।
सीएमएचओ डॉ. शुभा गढ़ेवाल ने बताया कि इस विशेष शिविर का उद्देश्य सफाई मित्रों के बीच हेपेटाइटिस के प्रति जागरूकता फैलाना, समय पर जांच कराकर उन्हें निःशुल्क उपचार सेवाओं से जोड़ना तथा समाज के अग्रिम पंक्ति के कर्मियों को संक्रमण से सुरक्षित रखना है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ फ्रंटलाइन कर्मचारी ही स्वच्छ और स्वस्थ शहर की मजबूत नींव हैं, इसलिए भविष्य में भी ऐसे स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन लगातार किया जाएगा। कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम अधिकारी (एनवीएचसीपी) डॉ. प्रमोद तिवारी, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रक्षित जोगी, जिला प्रबंधक (आईडीएसपी) श्याम मोहन दुबे, डिस्ट्रिक्ट एपिडेमियोलॉजिस्ट पंकज सिंह, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा नगर निगम के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
सेवा सेतु केंद्र की त्वरित सेवा से खुश हुए शुभम यादव
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आम नागरिकों को विभिन्न शासकीय सेवाएं एक ही स्थान पर सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ’’सेवा सेतु केंद्र’’ संचालित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों के माध्यम से जाति, निवास, आय, विवाह, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र सहित अनेक आवश्यक सेवाओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है, जिससे आम लोगों का समय और श्रम दोनों की बचत हो रही है तथा शासन की सेवाओं तक उनकी पहुंच और अधिक सुगम बन रही है। इसी क्रम में विकासखंड ’’मस्तुरी’’ के सेवा सेतु केंद्र में ’’शुभम यादव’’ ने विवाह प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया था। आवेदन प्राप्त होने के बाद आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए उनका विवाह प्रमाण पत्र शीघ्र तैयार कर उपलब्ध करा दिया गया। शुभम यादव ने बताया कि सेवा सेतु केंद्र की व्यवस्था से उन्हें बिना किसी परेशानी के समय पर प्रमाण पत्र प्राप्त हो गया। उन्होंने छत्तीसगढ़ शासन, जिला प्रशासन तथा सेवा सेतु केंद्र के कर्मचारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पहल आम नागरिकों के लिए अत्यंत उपयोगी और सुविधाजनक साबित हो रही है।
सेवा सेतु केंद्र शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का सशक्त माध्यम बन रहे हैं। इन केंद्रों के माध्यम से नागरिकों को पारदर्शी, सरल और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराकर सुशासन की अवधारणा को मजबूती प्रदान की जा रही है।
जिले के किसान 31 जुलाई तक करा सकेंगे उद्यानिकी फसलों का बीमा
बिलासपुर ।उद्यानिकी फसल उत्पादन कर रहे किसानों के लिए टमाटर, बैंगन, मिर्च, अदरक, केला, पपीता एवं अमरूद के लिये खरीफ वर्ष 2026-27 अंतर्गत पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना छत्तीसगढ़ सरकार के सहयोग से भारतीय कृषि बीमा कंपनी के द्वारा संचालित की जा रही है। उप संचालक उद्यानिकी से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के इच्छुक ऋणी एवं अऋणी कृषक 31 जुलाई 2026 तक निकटतम लोक सेवा केन्द्र, बैंक शाखा, सहकारी समिति या भारतीय कृषि बीमा कंपनी के प्रतिनिधि से संपर्क कर अपने उद्यानिकी फसलों का बीमा करा सकते है।
योजना के संबंध में अधिक जानकारी के लिए उद्यानिकी विभाग में कार्यरत अधिकारियों एवं बीमा कंपनी के प्रतिनिधि से संपर्क किया जा सकता है। इस हेतु बीमा कंपनी के प्रतिनिधि थानेश्वर साहू मो0न0 99071-22727, तखतपुर के उद्यान विकास अधिकारी जैनेन्द्र कुमार पैकरा 6265981957, कोटा के वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी रामनाथ सिंह नेताम 7828815637, मस्तूरी की प्रभारी उद्यान अधीक्षक श्रीमती निशा चंदेल 7000441324 एवं बिल्हा के प्रभारी उद्यान अधीक्षक राकेश कुमार सेन्ड्रे 7000181970 से संपर्क कर अधिक जानकारी ली जा सकती है।
चयनित उद्यानिकी फसलों खरीफ के लिए किसानों द्वारा द्वेय प्रीमियम दर बीमित राशि का 5 प्रतिशत है। बिलासपुर जिले में खरीफ मौसम के फसलों हेतु 200 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित है। टमाटर फसल के लिए प्रति हेक्टेयर बीमित राशि 1 लाख 20 हजार रुपए एवं किसान देय प्रीमियम राशि 6 हजार, बैगन के लिए बीमित राशि 77 हजार रुपए एवं प्रीमियम राशि 3 हजार 850 रुपए, मिर्च के बीमित राशि 68 हजार रूपए एवं प्रीमियम राशि 3 हजार 400 रूपए, अदरक के लिए बीमित राशि 1 लाख 50 हजार रूपए एवं प्रीमियम 7500 रूपए, केला के लिए बीमित राशि 85 हजार एवं प्रीमियम राशि 4 हजार 250, पपीता के लिए बीमित राशि 87 हजार एवं प्रीमियम राशि 4 हजार 350 और अमरूद के लिए बीमित राशि 45 हजार एवं प्रीमियम राशि 2 हजार 250 रुपए निर्धारित है।
किसानों के हानि का मूल्यांकन अधिसूचित क्षेत्र में स्थापित स्वचलित मौसम केंद्र से प्राप्त 4 आवरित जोखिमों जैसे कम या अधिक तापमान, कम या अधिक या बेमौसम वर्षा, वायु गति, कीट एवं व्याधि प्रकोप के अनुकूल मौसम के प्रमाणित आंकड़ों एवं अधिसूचित टर्मशीट के अनुसार दावा गणना की जाएगी। दावा राशि का भुगतान सीधे किसानों के खाते में किया जाएगा। खरीफ मौसम के टमाटर, बैगन, अमरूद, केला, पपीता, मिर्च एवं अदरक फसल हेतु ओलावृष्टि हवाएं की स्थिति में कृषक इसकी सूचना सीधे बीमा कम्पनी के टोल फ्री नं. 18004190344 पर तथा टोटल शिकायत निवारण पोर्टल या लिखित रुप में 72 घंटे के भीतर संबंधित बैंक, स्थानीय राजस्व एवं संबंधित क्षेत्र के उद्यान अधिकारी को बीमित फसल के ब्यौरे, क्षति की मात्रा तथा क्षति का कारण सहित सूचित करना होगा। संबंधित संस्था/विभाग 48 घंटा के भीतर कृषकों से प्राप्त जानकारी (बीमित फसल के ब्यौरे, क्षति की मात्रा तथा क्षति के कारण सहित) बीमा कंपनी को प्रदान करेंगे। ऋणी किसान जो योजना में शामिल नहीं होना चाहते है, उन्हें भारत सरकार द्वारा जारी चयन प्रपत्रानुसार हस्ताक्षरित घोषणा पत्र बीमा आवेदन की अंतिम तिथि के 7 दिवस पूर्व तक संबधित वित्तीय संस्थान में अनिवार्य रूप से जमा करना होगा।
जरूरी दस्तावेज - नवीनतम आधारकार्ड की कॉपी, नवीनतम भूमि प्रमाण पत्र, बी 1, पी 2 की कॉपी, बैंक पासबुक के पहले पन्ने की कॉपी जिस पर एकाउंट नंबर, आईएफसी कोड, बैंक का पता साफ दिखाई दे रहा हो। फसल बुआई प्रमाण पत्र, किसान का वैद्य मोबाईल नंबर, बटाईदार, कास्तकार, साझेदार किसानों के लिए फसल साझा अथवा कास्तकार का घोषणा पत्र।
जिला पंचायत की बैठक 30 जुलाई को
बिलासपुर ।जिला पंचायत की बैठक 30 जुलाई 2026 को आहूत की गई है। इसके अंतर्गत सामान्य सभा की बैठक दोपहर 12 बजे एवं सामान्य प्रशासन समिति की बैठक दोपहर 3 बजे होगी। बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी करेंगे। सामान्य सभा की बैठक में लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य विभाग, कृषि विभाग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना एवं 16 वें वित्त आयोग अंतर्गत कार्ययोजना के निर्माण पर चर्चा की जाएगी। सामान्य प्रशासन समिति की बैठक में पूर्व बैठक का पालन प्रतिवेदन तथा अध्यक्ष सूर्यवंशी की अनुमति से अन्य विषयों पर चर्चा की जाएगी।
प्रेस विज्ञप्ति दिल्ली में पत्रकारों पर हमले की छत्तीसगढ़ के प्रमुख प्रेस क्लबों ने की कड़ी निंदा
रायपुर , कोरबा, और बिलासपुर, प्रेस क्लब के प्रस्ताव का भिलाई , दुर्ग, राजनांदगांव और कांकेर जगदलपुर प्रेस क्लब अध्यक्षों ने किया समर्थन
विवाद के बाद व्यक्ति से मारपीट, 4 आरोपी गिरफ्तार
बिलासपुर । सरकंडा थाना क्षेत्र में मारपीट की घटना में शामिल चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। सभी आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड सामने आने के बाद पुलिस ने उनके खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की है।
पुलिस के अनुसार, चिंगराजपारा स्थित शराब भट्ठी के पास किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने एक व्यक्ति के साथ मारपीट की। घटना के बाद पीड़ित ने सरकंडा थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने विकास यादव, मानव ध्रुव, राहुल गोंड़ और ज्ञान सिंह गोंड़ को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ और रिकॉर्ड की जांच में पता चला कि चारों आरोपी आदतन बदमाश हैं और उनके खिलाफ पहले से भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के साथ ही उनके खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की है। अधिकारियों ने कहा कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और असामाजिक तत्वों पर अंकुश लगाने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा। साथ ही आम नागरिकों से किसी भी आपराधिक गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की गई है।
पीएम जनमन योजना के तहत बन रहा नया छात्रावास, 15 अगस्त तक पूर्ण करने के निर्देश
बिलासपुर । जिले के खोंगसरा स्थित प्री-मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास के विद्यार्थियों को शीघ्र ही नए और आधुनिक छात्रावास भवन की सुविधा मिलने जा रही है। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश देते हुए भवन को 15 अगस्त तक हर हाल में पूर्ण करने को कहा है, ताकि विद्यार्थियों को नए भवन में स्थानांतरित कर बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
उल्लेखनीय है कि पीएम जनमन योजना के अंतर्गत 50 सीटर नवीन छात्रावास भवन का निर्माण कार्य प्रगति पर है। निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद छात्रावास का संचालन नए भवन में किया जाएगा। वर्तमान में छात्रावास में 24 विद्यार्थी निवासरत हैं, जिन्हें पुराने भवन के सुरक्षित कमरों में व्यवस्था कर उनकी सुरक्षा तथा आवश्यक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
सहायक आयुक्त संजय चंदेल ने बताया कि नए भवन का निर्माण अंतिम चरण में है। कार्य में तेजी लाकर इसे निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। भवन पूर्ण होते ही विद्यार्थियों को नए परिसर में स्थानांतरित कर दिया जाएगा, जिससे उन्हें सुरक्षित, सुविधायुक्त एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध होगा। उन्होंने बताया कि पूर्व में निर्माण कार्य मई-जून तक पूर्ण होने की संभावना को देखते हुए पुराने भवन में बड़े मरम्मत कार्य नहीं कराए गए थे। हालांकि निर्माण अवधि बढ़ने के बाद भी विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन्हें सुरक्षित कमरों में रखा गया है तथा नए भवन में शीघ्र स्थानांतरण की प्रक्रिया सुनिश्चित की जा रह रही है।नया छात्रावास शुरू होने के बाद विद्यार्थियों को बेहतर आवास, अध्ययन और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
शासकीय सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल कोनी को मिली अत्याधुनिक ब्लड सेंटर संचालन की अनुमति
मरीजों के लिए अस्पताल में जल्द ही एसडीपी की सुविधा
बिलासपुर । कुमार साहब स्व. दिलीप सिंह जूदेव शासकीय सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल कोनी को केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन से अत्याधुनिक ब्लड सेंटर के संचालन के लिए आधिकारिक लाइसेंस प्राप्त हो गया है। यह महत्पपूर्ण उपलब्धि जिला प्रशासन, औषधि एवं खाद्य नियंत्रक विभाग के सतत सहयोग एवं मागदर्शन से प्राप्त हुई है।
अस्पताल में स्थापित यह अत्याधुनिक ब्लड सेंटर एनटीपीसी सीपत द्वारा सीएसआर मद के अंतर्गत निर्मित किया गया है। आधुनिक उपकरणों और राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार यह रक्त केंद्र प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में सबसे उन्नत ब्लड सेंटर के रूप में स्थापित हुआ है। इसकी स्थापना एवं विकास में संचालक प्राध्यापक सह अस्पताल अधीक्षक डॉ. भानु प्रताप सिंह के मार्गदर्शन तथा ब्लड बैंक के क्षेत्र में उनके 25 वर्षों के अनुभव का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इस ब्लड सेंटर की सबसे बड़ी विशेषता यह होगी कि यह छत्तीसगढ़ के सरकारी अस्पतालों में पहला ऐसा केंद्र बनेगा, जहां सिंगल डोनर प्लेटलेट तैयार करने और मरीजों को उपलब्ध कराने की सुविधा मिलेगी। यह सुविधा डेंगू, कैंसर, बोन मैरो प्रत्यारोपण, थैलेसीमिया और गंभीर रक्त विकारों से पीड़ित मरीजों के उपचार में अत्यंत उपयोगी साबित होगी। इससे मरीजों को समय पर उच्च गुणवत्ता वाली प्लेटलेट्स उपलब्ध हो सकेंगी और निजी संस्थानों पर उनकी निर्भरता कम होगी।
अधीक्षक डॉ. भानु प्रताप सिंह ने बताया कि इस ब्लड सेंटर का उद्देश्य केवल सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण रक्त और रक्त अवयव उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि प्रदेश के मरीजों को विश्वस्तरीय ट्रांसफ्यूजन सेवाएं प्रदान करना भी है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में एसडीपी सुविधा की शुरुआत शासकीय स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। अस्पताल प्रशासन ने इस उपलब्धि के लिए जिला प्रशासन बिलासपुर, औषधि एवं खाद्य नियंत्रक विभाग, केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन तथा एनटीपीसी सीपत का आभार व्यक्त किया है। अस्पताल का मानना है कि यह अत्याधुनिक ब्लड सेंटर न केवल बिलासपुर संभाग बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के गंभीर मरीजों के लिए जीवनरक्षक सुविधा सिद्ध होगा और राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा प्रदान करेगा।
कोटवार या उनके उत्तराधिकारी नहीं जता सकेंगे कोटवारी जमीन पर मालिकाना हक : हाईकोर्ट
बिलासपुर । छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की पूर्णपीठ (फुल बेंच) ने कोटवारी (कोतवाली) सेवा भूमि को लेकर बड़ा और अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि जमींदारी उन्मूलन से पहले मालगुजारों या जमींदारों द्वारा सेवा के बदले कोटवारों को दी गई जमीन पर कोटवार या उनके उत्तराधिकारी मालिकाना हक का दावा नहीं कर सकते।
मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली फुल बेंच ने अपने फैसले में कहा कि ऐसी भूमि का स्वरूप सेवा भूमि का ही रहेगा और इसे भूस्वामी अधिकार वाली संपत्ति नहीं माना जाएगा।
सेवा के लिए दी गई थी जमीन
हाईकोर्ट ने कहा कि कोटवारी भूमि का उद्देश्य केवल कोटवारों को गांव और राजस्व संबंधी दायित्वों के निर्वहन के लिए सुविधा उपलब्ध कराना था। इसलिए केवल लंबे समय तक कब्जा रहने या उत्तराधिकार के आधार पर इस भूमि पर स्वामित्व का अधिकार स्थापित नहीं किया जा सकता।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि सेवा भूमि से जुड़े विवादों का निपटारा संबंधित कानूनों और राजस्व अभिलेखों के आधार पर ही किया जाएगा।
हजारों मामलों पर पड़ेगा असर
हाईकोर्ट का यह फैसला प्रदेशभर में लंबित कोटवारी जमीन से जुड़े स्वामित्व विवादों पर व्यापक प्रभाव डाल सकता है। माना जा रहा है कि यह निर्णय भविष्य में ऐसे मामलों के लिए महत्वपूर्ण कानूनी मिसाल बनेगा और राजस्व अधिकारियों के साथ-साथ अधीनस्थ न्यायालयों को भी स्पष्ट दिशा-निर्देश प्रदान करेगा।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, इस फैसले के बाद सेवा भूमि पर मालिकाना हक से जुड़े दावों की सुनवाई में इस निर्णय का व्यापक रूप से हवाला दिया जाएगा।