छत्तीसगढ़ / बिलासपुर
हाथों में तिरंगा लेकर कलेक्टर की अगुवाई में सैकड़ों ने उत्साह से लगाई स्वतंत्रता दौड़
बिलासपुर । देश की आजादी में वीर सपूतों के योगदान और उनकी शहादत की याद में आज जिला प्रशासन और खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा स्वतंत्रता दौड़ का आयोजन किया गया। हर घर तिरंगा अभियान के तहत हाथों में तिरंगा लेकर कलेक्टर अवनीश शरण की अगुवाई में सैकड़ों ने दौड़ लगाई।
कलेक्टर ने तिरंगा मैराथन दौड़ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। वंदे मातरम.और भारत माता जयकारों के साथ तिरंगा मैराथन दौड़ शहर के अलग अलग रास्तों से होकर गुजरी, जिसने भी देखा उसने तिरंगे को सैल्यूट किया। तिरंगा मैराथन में अधिकारी, खिलाड़ी, स्कूली विद्यार्थी एवं नागरिकों सहित सभी वर्ग के लोग बड़ी संख्या में उत्साह के साथ शामिल हुए और देशभक्ति का संदेश दिया।
यह दौड़ नेहरू चौक से शुरू होकर होकर पिंक स्टेडियम, बिलासा गर्ल्स कॉलेज में समाप्त हुई। कलेक्टर ने यहां मौजूद लोगों को तिरंगा शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के लिए कई स्वतंत्रता सेनानियों ने अपना अमूल्य योगदान दिया है। आज आप सभी बच्चों को आजादी के इस इतिहास को जानना आवश्यक है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने देश की आजादी के लिए अहिंसात्मक आंदोलन चलाए, तो वहीं शहीद भगत सिंह ने अपनी शहादत से युवाओं को प्रेरित किया। कलेक्टर ने कहा कि आज स्वतंत्रता दिवस के पूर्व आयोजित इस स्वतंत्रता दौड़ में सभी आयु वर्ग, समाज के सभी वर्ग के लोग अपनी सहभागिता निभाई है। इसी प्रकार जब राष्ट्र निर्माण की बात हो तो सभी लोग आपसी मतभेदों को भूलाकर आगे आएं और राष्ट्र के लिए अपना योगदान दें।
उन्होंने कहा कि राष्ट्र ही सर्वाेपरी है। युवा पीढ़ी आजादी के महत्व को समझे और आपसी भेदभाव और वैमन्स्यता की भावना को भूलकर देश की प्रगति में अपनी भागीदारी निभाएं। कार्यक्रम में नगर निगम कमिश्नर अमित कुमार, सीईओ जिला पंचायत आर पी चौहान,एडीएम आर ए कुरुवंशी, शिव कुमार बनर्जी, एडीशनल एसपी उमेश कश्यप, नीरज चंद्राकर, एसडीएम पीयूष तिवारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
बिलासपुर सिम्स की बदइंतजामी ने ली अधेड़ की जान
बिलासपुर। एक बार सिम्स की बदइंतजामी ने एक अधेड़ की जान ले ली, हार्ट अटैक आने के बाद भी आपातकालीन में उसकी जांच नहीं की गई। उसे यह कहा दिया गया कि ओपीडी शुरू होने वाली है, डाक्टर को दिखा देना, वही इलाज करेंगे, लेकिन इससे पहले ओपीडी पर्ची कटवा लेना।
इधर हार्ट पेन से कहराते हुए अधेड़ को सवा घंटे तक इधर उधर घूमना पड़ा और अंत में उसकी मौत हो गई। जबकि सिम्स में गंभीर मरीजों के लिए आपातकालीन और ट्राइएज यूनिट का संचालन किया जा रहा है, जहां गंभीर मरीजों का इलाज किया जाना होता है, लेकिन इस मामले में इलाज मिलना तो दूर की बात है, उसे पर्ची कटवाने के नाम से घुमाया जाता रहा और अंत में उसकी मौत हो गई, यदि समय पर अधेड़ को इलाज मिल जाता तो उसकी जान बच सकती थी। यह मामला सिम्स की बदहाल चिकित्सकीय व्यवस्था को उजागर करता है।
तालापारा में रहने वाले 59 वर्षीय शमसाद हुसैन पिता मोहम्मद हुसैन को शुक्रवार की सुबह से ही सीने में दर्द उठने लगा और दर्द धीरे-धीरे बढ़ने लगा और उसे पसीना आने के साथ ही घबराहट भी होने लगा। तब उसने अपने बेटे को कहा कि तबीयत ठीक नहीं लग रही है, अस्पताल चलते है,
ऐसे में सुबह आठ बजे वे सिम्स पहुंचे और सीधे आपातकालीन में पहुंच गए, जहां पर जुनियर डाक्टर ड्यूटी में थे, तब शमसाद हुसैन ने बताया कि सीने में सुबह से ही दर्द उठ रहा है और बेचैनी लगने के साथ पसीना भी निकल रहा है,
जो हार्ट अटैक के लक्षण थे, लेकिन मौजूद स्टाफ ने उनकी जांच करना भी सही नहीं समझा और यह कह दिया गया कि एमआरडी (मेडीकल रिकार्ड डिपार्टमेंट) में जाओ और वहां से ओपीडी पर्ची कटवा लेना, सुबह नौ बजे ओपीडी शुरू होगा तो डाक्टर को दिखाना, वही जांच करेंगे।
यह बात सुनकर शमसाद हुसैन अपने बेटे के साथ एमआरडी में आया, उस समय भी उसके सीने में दर्द उठ रहा था, उसके बाद लाइन में खड़े होकर उसने इसी हालत में ओपीडी पर्ची कटवाई। इसके बाद तीसरे तक में स्थित ओपीडी में पहुंचकर डाक्टर का आने का इंतजार करने लगा।
सुबह नौ बजे जब डाक्टर ने उसकी जांच करने के बाद फौरन ईसीजी कराने को कहा। तब वह अपने बेटे के साथ ईसीजी कराने के लिए पहुंच गया, ईसीजी कक्ष में बताया गया कि जांच कराने के लिए पहले 50 रूपये की पर्ची कटवानी पड़ेगी, तब उसने कहा कि आप ईसीजी करे, मेरा बेटा पर्ची कटवाकर ला रहा है, लेकिन कर्मी नहीं माने और पर्ची कटवाने की बात कही। ऐसे में फिर से शमसाद को एमआरडी सेक्शन में आना पड़ा और पर्ची कटवाने लाइन में लग गया।
सुबह तकरीबन नौ बजकर 10 मिनट में उसका हार्ट पैन और भी बढ़ गया और वे नीचे गिर गए, इसके बाद उसने बेटे को पर्ची कटवाने के लिए लाइन में खड़े होने की बात कही, जिसके कुछ देर बाद दर्द इतना अधिक बढ़ गया कि वे फर्श में ही लेट गए। तब उसकी हालत को देखकर एमआरडी कर्मी बाहर आए और विलचेयर मंगाकर उसे आपातकालीन में लेकर गए और ईसीजी करने को कहा, ईसीजी किया ही जा रहा था, उसी दौरान हार्ट ने काम करना बंद कर दिया और उसकी मौत हो गई।
इस मौत ने सिम्स की चिकित्सकीय बदइंतजामी को उजागर किया है, क्योंकि मृतक बार-बार बोल रहा था कि हार्ट पैन हो रहा है और वह धीरे-धीरे बढ़ रहा है, मुझे तत्काल इलाज की आवश्यकता है, लेकिन डाक्टरों ने उसकी एक न सुनी और उसे इधर-उधर घुमाते रहे, जबकि समय रहते है, यदि उन्हें इलाज मिल जाता तो उनकी जान बचाई जा सकती थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और सिम्स की बदइंतजामी का शिकार होते हुए इलाज के अभाव में उसकी मौत हो गई।
जानलेवा मोबाइल गेम: फ्री फायर की लत ने ली छात्र की जान
बिलासपुर। बेलगहना क्षेत्र के करही कछार के निवासी 16 वर्षीय छात्र ने तिलई डबरा के जंगल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। स्वजन के अनुसार, वह हाल ही में मोबाइल गेम फ्री फायर की लत में पूरी तरह से डूबा हुआ था, जिससे वह मानसिक तनाव और चिंता का शिकार हो गया था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक करही कछार निवासी रवि तिर्की (16) ने बुधवार शाम को घर से बाहर जाने की बात कहकर जंगल की ओर रुख किया। अगले दिन सुबह, जब परिजनों ने रवि को ढूंढ़ा। शुक्रवार की सुबह उसका शव जंगल में पेड़ से लटका हुआ मिला। शव की पहचान रवि तिर्की के रूप में की गई।परिजनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि रवि पिछले कुछ महीनों से अत्यधिक समय गेम खेलने में व्यस्त था, और उसकी मानसिक स्थिति में बदलाव देखे गए थे। इस घटना के बाद, मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया जा रहा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और परिजनों से पूछताछ जारी है। इस खबर को वेब पेज तत्काल अपडेट करना है।
बिलासपुर सिम्स की बदइंतजामी ने ली अधेड़ की जान
बिलासपुर। एक बार सिम्स की बदइंतजामी ने एक अधेड़ की जान ले ली, हार्ट अटैक आने के बाद भी आपातकालीन में उसकी जांच नहीं की गई। उसे यह कहा दिया गया कि ओपीडी शुरू होने वाली है, डाक्टर को दिखा देना, वही इलाज करेंगे, लेकिन इससे पहले ओपीडी पर्ची कटवा लेना।
इधर हार्ट पेन से कहराते हुए अधेड़ को सवा घंटे तक इधर उधर घूमना पड़ा और अंत में उसकी मौत हो गई। जबकि सिम्स में गंभीर मरीजों के लिए आपातकालीन और ट्राइएज यूनिट का संचालन किया जा रहा है, जहां गंभीर मरीजों का इलाज किया जाना होता है, लेकिन इस मामले में इलाज मिलना तो दूर की बात है, उसे पर्ची कटवाने के नाम से घुमाया जाता रहा और अंत में उसकी मौत हो गई, यदि समय पर अधेड़ को इलाज मिल जाता तो उसकी जान बच सकती थी। यह मामला सिम्स की बदहाल चिकित्सकीय व्यवस्था को उजागर करता है।
तालापारा में रहने वाले 59 वर्षीय शमसाद हुसैन पिता मोहम्मद हुसैन को शुक्रवार की सुबह से ही सीने में दर्द उठने लगा और दर्द धीरे-धीरे बढ़ने लगा और उसे पसीना आने के साथ ही घबराहट भी होने लगा। तब उसने अपने बेटे को कहा कि तबीयत ठीक नहीं लग रही है, अस्पताल चलते है,
ऐसे में सुबह आठ बजे वे सिम्स पहुंचे और सीधे आपातकालीन में पहुंच गए, जहां पर जुनियर डाक्टर ड्यूटी में थे, तब शमसाद हुसैन ने बताया कि सीने में सुबह से ही दर्द उठ रहा है और बेचैनी लगने के साथ पसीना भी निकल रहा है,
जो हार्ट अटैक के लक्षण थे, लेकिन मौजूद स्टाफ ने उनकी जांच करना भी सही नहीं समझा और यह कह दिया गया कि एमआरडी (मेडीकल रिकार्ड डिपार्टमेंट) में जाओ और वहां से ओपीडी पर्ची कटवा लेना, सुबह नौ बजे ओपीडी शुरू होगा तो डाक्टर को दिखाना, वही जांच करेंगे।
यह बात सुनकर शमसाद हुसैन अपने बेटे के साथ एमआरडी में आया, उस समय भी उसके सीने में दर्द उठ रहा था, उसके बाद लाइन में खड़े होकर उसने इसी हालत में ओपीडी पर्ची कटवाई। इसके बाद तीसरे तक में स्थित ओपीडी में पहुंचकर डाक्टर का आने का इंतजार करने लगा।
सुबह नौ बजे जब डाक्टर ने उसकी जांच करने के बाद फौरन ईसीजी कराने को कहा। तब वह अपने बेटे के साथ ईसीजी कराने के लिए पहुंच गया, ईसीजी कक्ष में बताया गया कि जांच कराने के लिए पहले 50 रूपये की पर्ची कटवानी पड़ेगी, तब उसने कहा कि आप ईसीजी करे, मेरा बेटा पर्ची कटवाकर ला रहा है, लेकिन कर्मी नहीं माने और पर्ची कटवाने की बात कही। ऐसे में फिर से शमसाद को एमआरडी सेक्शन में आना पड़ा और पर्ची कटवाने लाइन में लग गया।
सुबह तकरीबन नौ बजकर 10 मिनट में उसका हार्ट पैन और भी बढ़ गया और वे नीचे गिर गए, इसके बाद उसने बेटे को पर्ची कटवाने के लिए लाइन में खड़े होने की बात कही, जिसके कुछ देर बाद दर्द इतना अधिक बढ़ गया कि वे फर्श में ही लेट गए। तब उसकी हालत को देखकर एमआरडी कर्मी बाहर आए और विलचेयर मंगाकर उसे आपातकालीन में लेकर गए और ईसीजी करने को कहा, ईसीजी किया ही जा रहा था, उसी दौरान हार्ट ने काम करना बंद कर दिया और उसकी मौत हो गई।
इस मौत ने सिम्स की चिकित्सकीय बदइंतजामी को उजागर किया है, क्योंकि मृतक बार-बार बोल रहा था कि हार्ट पैन हो रहा है और वह धीरे-धीरे बढ़ रहा है, मुझे तत्काल इलाज की आवश्यकता है, लेकिन डाक्टरों ने उसकी एक न सुनी और उसे इधर-उधर घुमाते रहे, जबकि समय रहते है, यदि उन्हें इलाज मिल जाता तो उनकी जान बचाई जा सकती थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और सिम्स की बदइंतजामी का शिकार होते हुए इलाज के अभाव में उसकी मौत हो गई।
वाहनों में साउंड बॉक्स बजने पर परमिट होगा निरस्त
बिलासपुर । जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में जिला प्रशासन द्वारा ट्रांसपोर्ट संघ की बैठक आयोजित की गई। बैठक में एडीशनल एसपी उमेश कश्यप, एसडीएम पीयूष तिवारी, आरटीओ आनंदरूप तिवारी, सीएसपी उमेश गुप्ता सहित ट्रांसपोर्ट संघ के पदाधिकारी मौजूद थे। संघ के सदस्यों को माननीय उच्च न्यायालय द्वारा ध्वनि प्रदूषण के संबंध में जारी किये गये दिशानिर्देशों की जानकारी दी गई। संघ के सदस्यों ने सभी नियमों का पालन करने का भरोसा दिलाया।
बैठक में एसडीएम पीयूष तिवारी ने कहा कि डीजे पूर्णतः प्रतिबंधित है। किसी भी वाहन मे डीजे या साउन्ड बॉक्स नहीं लगाया जाएगा I किसी भी वाहन पर साउंड बॉक्स नहीं बजना चाहिए। वाहन में साउंड बॉक्स मिलने पर साउंड बॉक्स जब्त कर वाहन का रिकॉर्ड रखा जाएगा। जब्त साउंड बॉक्स को कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी के आदेश के बाद ही छोड़ा जाएगा और यदि दूसरी बार वाहन को पकड़ा जाता है तो उस वाहन का परमिट ही निरस्त कर दिया जाएगा। माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के बिना उस वाहन को कोई भी नया परमिट जारी नहीं किया जाएगा।
युवक ने जंगल में किया सुसाइड
बिलासपुर। बिलासपुर जिले में मोबाइल गेम की लत ने 16 साल के लड़के की जान ले ली. किशोर ने जंगल में फांसी लगाकर आत्महत्या की है। पुलिस की जांच में मृतक के ‘फ्री फायर’ ऑनलाइन गेम का एडिक्ट होने की बात आई सामने आई है। यह घटना बेलगहना चौकी क्षेत्र के करहीकछार गांव की है। बताया जार हा कि मृतक पिछले दो-तीन दिनों से डिप्रेशन में था. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जल जीवन मिशन से महिलाओं को मिली राहत, समय और श्रम की हो रही बचत
बिलासपुर : जिला मुख्यालय से लगभग 47 किलोमीटर की दूरी पर स्थित कोटा ब्लॉक का आश्रित गांव डोंगी अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है। यह छोटा सा गांव है जिसमें 80 परिवार रहते हैं। जल जीवन मिशन आने के पूर्व इस ग्राम के लोगों को शुद्ध पेय जल की समस्या हमेशा बनी रहती थी। डोंगी के लोगों को पीने के पानी के लिए हैण्डपंप पर निर्भर रहना पड़ता था ऐसी परिस्थितियों में महिलाओं के लिए चुनौती बढ़ जाती थी। जल जीवन मिशन योजना का सबसे ज्यादा लाभ महिलाओं को हुआ है। महिलाएं दूर जाकर हैण्ड पंप से पानी लाने का संघर्ष करती थी। जल जीवन मिशन से उन्हे इन समस्याओं से छुटकारा मिल गया है। उनके समय और श्रम दोनों की बचत हो गई है। डोंगी में 80 परिवारों को घर में नल से पीने का शुद्ध पानी मिल रहा है। हैण्ड पंप पर निर्भरता खत्म हो गई है।
ग्राम पंचायत डोंगी के ग्रामीण और महिलाओं के लिए जल जीवन मिशन योजना किसी वरदान से कम नही है। महिलाओं को घंटो लगने वाली लाईन से छुटकारा मिल गया है। पहले डोंगी में बरसात में गंदा पानी निकलने की समस्या और गर्मी के दिनों में भू जल स्तर में गिरावट की समस्या के कारण हैण्डपंप से भी पानी नहीं मिल पाता था, तब गांव में हैण्डपंप होने के बाद भी पेजल संबंधित समस्या बनी रहती थी। अब जल जीवन मिशन के तहत पुरे डोंगी गांव में 80 टेप नल कनेक्शन दिए जाने के लिए 20,000 लीटर का स्टील स्ट्रक्चर जलागार का निर्माण किया गया है। कार्य पूर्ण होने पर ग्राम डोंगी के लोगों को शुद्ध पेयजल आपूर्ति की खुशी में हर घर जल उत्सव मनाया गया एवं डोंगी को हर घर जल ग्राम घोषित किया गया। अब डोंगी के लोगों को पेयजल संबंधित समस्या से निजात मिल गया है। घरों तक नल का पानी पहुंचने से लोग खुश हैं।
हितग्राही श्रीमती धनकुंवर ने बताया कि पहले पानी भरने के लिए उन्हें दूसरे मोहल्ले जाना पड़ता था। वहां लोगों की बहुत भीड़ हुआ करती थी जिसके कारण पानी भरने में बहुत मशक्कत करनी पड़ती थी और बहुत थकान हो जाती थी। लेकिन अब जल जीवन मिशन योजना से घर पर ही शुद्ध पेयजल मिल रहा है जिससे मैं बहुत खुश हूं। उन्होंने बताया कि अब मेरे श्रम और समय दोनों की बचत हो रही है। गांव के श्री चंद्रकुमार साहू ने बताया कि जल जीवन मिशन से पूर्व उन्हे पेयजल के लिए हैण्डपंप पर निर्भर रहना पड़ता था और अपनी बारी के इंतजार में बहुत समय बीत जाता था जिससे वे अपने घरेलू कार्य एवं कृषि कार्य करने में पिछड़ जाते थे और कई महत्वपूर्ण कार्य समय के कमी के कारण चुक जाता था। जल जीवन मिशन के तहत अब घर पर ही टेप नल लगाये जाने से पानी भरने हेतु हैण्डपंप पर निर्भर नहीं होना पड़ता, अब सारा काम समय पर हो जाता है।
सेंट्रल जेल में दशहरा के दिन एक बंदी ने दूसरे बंदी पर धारदार हथियार से किया हमला
बिलासपुर। सेंट्रल जेल में वर्चस्व की लड़ाई के चलते एक बार फिर से एक बंदी पर हमले का मामला सामने आया है। सिरगिट्टी पुलिस ने नशीली कफ सिरप के मामले में नवीन निर्मलकर को तीन दिन पहले जेल भेजा है। नवीन निर्मलकर वहां विचाराधीन बंदी के रूप में बंद है। शनिवार की शाम वह जेल में स्थापित दुर्गा मां के विसर्जन के दौरान प्रणाम कर आशीर्वाद लेने गया था।
कैदी नवीन निर्मलकर पहुंचा तो हत्या के मामले में बंद लोकेश तिवारी ने उस पर कटनी से हमला कर दिया। हमले में नवीन घायल हो गया। इसे देख वहां कैदियों की भीड़ में अफरा–तफरी मच गई। इधर भगदड़ देख जेल प्रहरी भी वहां पहुंच गए। यह पूरी घटना जेल के डी खंड में हुई। जेल के कर्मचारियों ने किसी तरह दोनों को अलग किया। इसके बाद नवीन को अलग सेल में रखा गया है।
बेहोश होकर स्टेशन में गिरी महिला, सिम्स में भर्ती
बिलासपुर:जोनल स्टेशन में रविवार को एक महिला अचानक बेहाेश होकर गिर गई। इससे आसपास खड़े यात्री पहुंचे और उन्हें उठाया। इतने में आरपीएफ भी पहुंच गई। यात्री की तबीयत को देखते हुए तत्काल रेलवे अस्पताल भेजा गया। वहां से महिला को सिम्स रेफर कर दिया गया। महिला हार्ट की मरीज है।
मामला सोमवार का है। उपनिरीक्षक एसबी सिंह, आरबी राय व महिला आरक्षक ई डुगडुग स्टेशन की जांच कर रहे थे। प्लेटफार्म एक में जीआरपी थाने के सामने एक महिला अचेत अवस्था में दिखाई दी। जिसकी तत्काल सूचना कार्यरत स्टेशन मास्टर को दी गई। इसके साथ ही एबुलेंस भी बुलाई गई।
एबुलेंस से महिला यात्री को रेलवे अस्पताल भेजा गया। रेलवे डाक्टर ने प्राथमिक उपचार के बाद महिला होश में आई। हार्ट की समस्या होने के कारण अग्रिम उपचार के लिए सिम्स अस्पताल रेफर कर दिया गया। महिला के स्वजन सिम्स अस्पताल पहुंचे, जहां बताया गया कि महिला हार्ट की मरीज है।
पहले भी झटके आने से इसी तरह बेहोश हो चुकी है। महिला का नाम आशालता पटेल निवासी वार्ड नंबर चार इन्द्रनगर ग्राम ढिमानी थाना ढिमानी जिला रायगढ़ है। वह रायपुर से बिलासपुर तक यात्रा कर रही थी।
ज्वेलरी शाप नौ लाख की जेवर चोरी
बिलासपुर। चकरभाठा क्षेत्र के हिर्री माहंस में चोरों ने ज्वेलरी शाप को निशाना बनाते हुए सोने-चांदी के जेवर और नकदी समेत करीब नौ लाख रुपये का मामल पार दिया। गुरुवार की सुबह ज्वेलरी शाप के संचालक को इसकी जानकारी हुई। उन्होंने घटना की शिकायत चकरभाठा थाने में की है। इस पर पुलिस ने जुर्म दर्ज कर चोरों की तलाश शुरू कर दी है। हिर्री माइंस में रहने वाले पुष्पेंद्र देवांगन व्यवसायी हैं। घर से ही लगकर उनकी ज्वेलरी शाप है। इसके साथ ही वे साइकिल और इलेक्ट्रानिक आइटम की दुकान भी चलाते हैं। व्यवसायी ने पुलिस को बताया कि वे बुधवार की रात भोजन के बाद वे 11 बजे तक टीवी देख रहे थे।
गुरुवार की सुबह जब वे जागे तो मकान के पीछे चैनल गेट का ताला टूटा था। चैनल गेट का ताला तोड़कर घुसे चोरों ने दुकान के दरवाजे का कुंदा तोड़ दिया था। चाेरों ने ज्वेलरी शाप के एक-एक दराज की तलाशी लेकर सोने-चांदी के जेवर पार कर दिए थे। इसके साथ ही गल्ले में रखे पांच हजार रुपये भी गायब थे। उन्होंने घटना की जानकारी तत्काल आसपास के लोगों को दी। इसके बाद उन्होंने चोरी की जानकारी चकरभाठा थाने में दी। इस पर चकरभाठा पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। घटना की जानकारी अधिकारियों को देकर डाग स्क्वायड को मौके पर बुलाया गया। साथ ही फोरेंसिक की टीम भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस की टीम आसपास के लोगों से भी पूछताछ कर संदेहियों की जानकारी जुटा रही है। ज्वेलरी शाप में चोरी की सूचना पर पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। पूछताछ में पता चला कि संचालक ने दुकान के शो केस में नकली जेवर रखे थे।
चाेरों ने काउंटर से सोने के पुराने जेवर और चांदी के जेवर पार किए थे। वहीं, शो केस में रखे नकली जेवरों को हाथ भी नहीं लगाया था। केवल सोने-और चांदी के जेवरों पर हाथ साफ किया था। इससे पुलिस अंदाजा लगा रही है कि चोरों ने पहले ही दुकान की रेकी कर ली थी। पुलिस की टीम आसपास के सीसीटीवी कैमरों का फुटेज खंगाल रही है। डीवीआर और कैमरों को फेंका कचरे में दुकान संचालक की शिकायत पर पुलिस की टीम ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस को दुकान के पास ही कचरे में सीसीटीवी कैमरे और डीवीआर टूटा हुआ मिला है।
इसके साथ ही दुकान के बाहर ही जेवर के डिब्बे और अन्य सामान मिले हैं। पुलिस की टीम ने आसपास के संदेहियों की जानकारी जुटाई है। इसके अलावा बाहर से आए संदिग्धों की जानकारी जुटाई जा रही है। चांदी की पायल 100 जोड़ी, लच्छा पांच जोड़ी, करधन 25 नग, बिछिया 500 जोड़ी, अंगुठी 300 नग, बच्चों का चुड़ी 70 जोडी, चांदी की चेन 50 नग, चांदी का सिक्का 10 ग्राम और पांच ग्राम का 15 नग, लाकेट 200 नग, ब्रेसलेट 20 नग, चुड़ा 15 नग, भगवान की मूर्ति, चांदी की बांसूरी चोर ले गए हैं। इसके साथ ही सोने का नोज पिन 100 नग, पुराना जेवर डेढ़ तोला, सोने के लाकेट पांच नग चोरों ने पार किए हैं।
डायरिया से बिलासपुर में महिला की मौत
बिलासपुर । बिलासपुर में डायरिया से होने वाली मौतों का सिलसिला थम नहीं रहा है. सिम्स में उपचार के लिए भर्ती तिफरा में रहने वाली एक महिला की आज सुबह मौत हो गई. सिम्स में अभी डायरिया से पीड़ित आधा दर्जन से ज्यादा मरीज भर्ती हैं, जिनमें से तीन की हालत गंभीर बनी हुई है ।
तिफरा क्षेत्र में रहने वाली 36 वर्षीय सुनीता को 2 दिन पहले इलाज के लिए सिम्स हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था. महिला को लगातार उल्टी, दस्त से पीड़ित थी, जिसकी वजह से उसकी हालत गंभीर थी. महिला को सिम्स के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर इलाज किया जा रहा था. महिला हालत में सुधार नहीं हुआ और आज सुबह उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई ।
जिले के लगभग सभी क्षेत्रों से डायरिया के मरीज मिल रहे हैं, लेकिन सबसे ज्यादा मरीज रतनपुर से मिले हैं. रतनपुर में तीन सप्ताह के भीतर ही 600 से ज्यादा मरीज मिल चुके हैं, वहीं अन्य क्षेत्रों में 300 से ज्यादा मरीज मिल चुके हैं. डायरिया को लेकर जिले में हाई अलर्ट जारी किया गया है. स्वास्थ्य विभाग की टीम प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे और जांच शिविर लगाकर डायरिया के मरीजों की पहचान की जा रही है, और उनके उपचार की व्यवस्था की जा रही है. प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक दवाओं को वितरण करने के साथ साफ पानी के लिए जागरूक किया जा रहा है ।
महिला डॉक्टर से छेड़छाड़ मामले में हटाए गए सिम्स के एचओडी
बिलासपुर। सिम्स की 2019 बैच की 40 महिला इंटर्न डाक्टरों ने मिलकर दस जुलाई को डीएमई के साथ बिलासपुर कलेक्टर से शिकायत की थी। इसमें उल्लेख था कि डाक्टर का हमारे प्रति आचरण ठीक नहीं है, वे बेड टच करते हुए हमेशा से छेड़छाड़ की घटना को अंजाम देते आ रहे हैं। वहीं एक इंटर्न महिला डाक्टर का कहना था कि वे विशेष रूप से मुझे परेशान करते आ रहे थे, जिसका बार-बार विरोध करने के बाद डा. ओपी राज नहीं माने और मेरे साथ छेड़छाड़ की घटना को अंजाम देते आ रहे थे। अंतत: विवश होकर इसकी शिकायत करने के लिए बाध्य होना पड़ा। इसके बाद सिम्स प्रबंधन ने जांच टीम बनाई थी। इसकी रिपोर्ट में बताया गया कि दोनों पक्ष से ब्यान लिया गया है, लेकिन अभी तक इसकी सत्यता सामने नहीं है, ऐसे में अभी भी इस मामले में जांच चल रही है। यह बात भी सामने आई है कि इंटर्न महिला डाक्टरों पर दबाव बनाया जा रहा था कि वे मामले को तुल न दें। इससे सभी डरी हुई थीं और मामला दब गया था। अब इस मामले को डीएमई ने संज्ञान में लेते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए। इसी के बाद डीन ने उक्त डाक्टर का अंबिकापुर मेडिकल कालेज तबादला कर दिया है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का बिलासपुर रेंज पुलिस को निर्देश
बिलासपुर, रेंज में अपराधों में कमी आई है, लेकिनइससे संतोष करना नही है, हमारी सरकार सुशासन देने के लिए प्रतिबद्ध है,पिछले वर्षों की तुलना में अपराध में कमी आई है ,जिला बदर और प्रतिबंधात्मक संबधी कार्रवाई रुकनी नही चाहिए,एसपी और कलेक्टर टीम भावना से आपसी समन्वय से काम करेंधार्मिक मामलों में लापरवाही न करें और तुरंत कार्रवाई करें। हत्या जैसे मामले में कार्रवाई में देरी नहीं होनी चाहिए , ऐसे केस जल्दी सॉल्व करेंगौ-तस्करी व नशा एक बहुत बड़ी समस्या है, इस पर नियंत्रण पाना है, ऐसे मामलों में एंड टू एंड कार्रवाई करनी है
पुराना बस स्टैण्ड हत्या के मामले में आरोपी सलाखों के पीछे पहुंचा
बिलासपुर। प्रार्थी हरीश सिंह चैहान पिता स्व. संजय सिंह चैहान उम्र 25 वर्ष सा. डिसाईपल चर्च के पास तारबाहर जिला बिलासपुर ने रिपोर्ट दर्ज कराया कि 25.08.2024 के रात्रि में अज्ञात आरोपी के द्वारा मृतक राहुल सिंह चैहान पिता स्व. संजय सिंह चैहान उम्र 29 वर्ष सा. मधुबन दयालबंद थाना सिटी कोतवाली बिलासपुर का नुकीले धारदार वस्तु से गला में वार कर हत्या कर दिया है कि रिपोर्ट पर अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है विवेचना के दौरान पुराना बस स्टैण्ड बिलासपुर घटना स्थल के आस पास के लोगो से बिलासपुर तारबाहर पुलिस एवं सायबर टीम के साथ साथ बिलासपुर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारीगण सतत अज्ञात आरोपी के पतासाजी वास्ते पूछताछ कर दुकानो एवं चौक चैराहो पर लगे सीसीटीवी कैमरो के फुटेजो को खंगाल कर अज्ञात आरोपी के बारे में पतासाजी कर रहे थे कहीं भी अज्ञात आरोपी के संबंध में घटना दिनांक समय को रात्रि होने से पुख्ता जानकारी प्राप्त नहीं हो पा रही थी । अज्ञात आरोपी के पतासाजी वास्ते बिलासपुर सायबर टीम भी अज्ञात आरोपी के धुधंले सीसीटीवी फुटेज का स्क्रेच बनाकर लगातार अज्ञात आरोपी के संबंध में जानकारी एकत्र कर रही थी घटना दिनांक समय को अज्ञात आरोपी मृतक राहुल सिंह चैहान के गले में टूटे हुये शराब की शीशी से वार कर मृतक की हत्या करके फरार हो गया था प्रकरण में अज्ञात आरोपी का खुलासा करने के पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह द्वारा सतत वरिष्ठ अधिकारियो की मींटिग लेकर विभिन्न बिनदुओ पर दिशा निर्देश दिया गया एवं टीम गठित कर अज्ञात आरोपी की पतासाजी के वास्ते निधार्रित समय सीमा तय कर कडी चेतावनी देकर टीम को रायपुर, भाठापारा एवं बिलासपुर के संभावित ठिकानो पर अज्ञात आरोपी जो सीसीटीवी फुटेज में अस्पष्ट दिखाई दे रहा था और पुलिस से लुका छिपी खेल रहा था उसकी खोजबीन कराई गयी अततः बिलासपुर पुलिस के द्वारा अज्ञात आरोपी को जिला अस्पताल बिलासपुर आने पर मुखबीर सूचना मिलने से बहुत मसक्कत के साथ घेराबंदी कर पकडा गया जिसे थाना लाकर पूछताछ करने पर अज्ञात आरोपी द्वारा अपना नाम दीपक ठाकुर उर्फ बाबा पिता अर्जुन ठाकुर उम्र 23 वर्ष सा. अटल आवास क्वा. नंबर जे/4 बहतराई चैक थाना सरकंडा जिला बिलासपुर का रहने वाला बताकर अपने द्वारा दिये गये मेमोरेण्डम कथन में घटना दिनांक को मृतक राहुल सिंह चैहान को शराब भठ्ठी पुराना बस स्टैण्ड बिलासपुर में सामान्य लडाई झगडा कर मारने पर शराब की टूटी हुई शीशी से मृतक के गले में वार कर हत्या करना बताकर टूटी शराब की शीशी को घटना स्थल में फंेककर घटना दिनांक में पहने हुये कपडा को पीले रंग के थैला में रखना बताकर कपडा को जप्त कराया है। उक्त आरोपी के द्वारा शराब के लिये पैसा मांगने एवं पैसा नही देने पर किसी धारदार नुकीली वस्तु से प्रार्थी अभिषेक सिंह के उपर हमला कर मारपीट करने एवं जान से मारने कि धमकी देकर गहरा चोट पहुचाने पर आरोपी दीपक ठाकुर उर्फ बाबा के विरूद्ध थाना सरकंडा बिलासपुर में भी अपराध क्रमांक 1024/2024 धारा 296, 115(2), 351(2) 119(1) 333 बीएनएस के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया है आरोपी दीपक ठाकुर उर्फ बाबा को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेजा जा रहा है।
बलात्कार के आरोपी ने केस वापस लेने की धमकी देकर की मारपीट
बिलासपुर। प्रार्थीया रिपोर्ट दर्ज करायी कि आरोपी किशन पटेल को बलात्कार के प्रकरण में जमानत मिलने के पश्चात् 7 सितम्बर को रात्रि 8 बजे अचानक प्रार्थीया के घर मे घुसकर प्रार्थीया को धमकी देने लगा और कहने लगा कि तू अपना केश वापस ले वरना तुझे एवं तेरे बच्चे को जान से मार डालूंगा कहते हुए मारपीट करने लगा। उसी दौरान प्रार्थीया के ढाई वर्षीय बच्चे के साथ मारपीट किया जिससे बच्चे के गुप्तांग मे चोट लगी और प्रार्थीया को धमकी देते हुए कहने लगा है तू हल्ला करेगी तो तेरे को अभी जान से मार दूंगा। घटना के पश्चात् प्रार्थीया डर गयी और अपने घर से बाहर अपने सहेली के घर बच्चे को लेकर चली गयी
आरोपी पुनः आकर प्रार्थीया व उसके बच्चे के साथ कोई अप्रिय घटना घटित न करे इसके पश्चात् प्रार्थीया बच्चे को लेकर ईलाज हेतु सिम्स अस्पताल गयी जहां डॉक्टर द्वारा जांच के उपरान्त बच्चे को वापस घर भेज दिया गया आरोपी के द्वारा दिए गए धमकी के अनुरूप पुनः घटना घटित कर सकता है।
रिपोर्ट पर अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया एवं घटना के संबंध में तत्काल पुलिस अधीक्षक महोदय बिलासपुर श्री राजनेश सिंह को अवगत कराया जाकर उनके निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय शहर श्री उमेश कश्यप व नगर पुलिस अधीक्षक महोदय सिविल लाइन श्री उमेश प्रसाद गुप्ता (भा.पु.से.) के मार्गदर्शन में सिविल लाईन थाना प्रभारी निरीक्षक प्रदीप आर्य के द्वारा तत्काल आरोपी को घेराबंदी कर पकडा गया, जिससे पूछताछ करने पर आरोपी प्रार्थिया के साथ उक्त घटना कारित करना स्वीकार किया। आरोपी किशन पटेल को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है।
नाम गिरफ्तार आरोपी - किशन पटेल पिता स्व. रामनारायण पटेल उम्र 26 वर्ष साकिन ग्राम मंगला नवीन चौक थाना सिविल लाईन जिला बिलासपुर (छ.ग.)
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का बिलासपुर रेंज पुलिस को निर्देश
बिलासपुर रेंज में अपराधों में कमी आई है, लेकिन इससे संतोष करना नही है, हमारी सरकार सुशासन देने के लिए प्रतिबद्ध है,
बोनस के लालच में गंवाया 1 लाख रुपए
बिलासपुर । बिलासपुर में क्रेडिट कार्ड पर बोनस पाने के लालच में आकर युवक ऑनलाइन ठगी का शिकार हो गया। साइबर ठग ने उसे क्रेडिट कार्ड पर बोनस दिलाने का झांसा देकर बैंक अकाउंट का ओटीपी ले लिया और खाते से 1 लाख 28 हजार रुपए पार कर दिया। मामला पचपेड़ी थाना क्षेत्र का है। ठगी के शिकार युवक की शिकायत पर पुलिस ने धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है। ग्राम जलसो निवासी दिलीप कुमार बर्मन बलौदाबाजार में डिकांस क्राफ साइंस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में काम करता है। बलौदाबाजार के एक्सिस बैंक में उनका अकाउंट है। फोन करने वाले ने अपने आपको बैंक अधिकारी बताया और उसके क्रेडिट कार्ड पर बोनस पाइंट आने और पैसे जमा कराने का झांसा दिया। इस दौरान कथित बैंक अपसर ने उसे बोनस के तौर पर पैसे ट्रांसफर करने का झांसा दिया। साथ ही उसे कहा कि उसके मोबाइल पर ओटीपी कोड आएगा। उसे बताना पड़ेगा। लालच में आकर युवक ने अपने मोबाइल पर आए ओटीपी को कथित बैंक अफसर को बता दिया। इसके बाद उसके बैंक अकाउंट से तीन किश्तों में एक लाख 28 हजार रुपए पार हो गए। इसके बाद उसे ठगी का अहसास हुआ। इस बीच वह शिकायत लेकर बैंक गया, तब उसे ठगी का पता चला। जिसके बाद उसने थाने में शिकायत की। इस पर पुलिस ने धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है।
शादी का झांसा देकर दुष्कर्म, आरोपी गिरफ्तार
बिलासपुर । पचपेड़ी क्षेत्र में रहने वाली नाबालिग से इंस्टाग्राम के माध्यम से दोस्ती के बाद युवक ने दुष्कर्म किया। पीड़ित के बयान के आधार पर पुलिस ने जुर्म दर्ज कर आरोपित युवक को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित को न्यायालय के आदेश पर जेल भेजा गया है।पचपेड़ी क्षेत्र में रहने वाली नाबालिग ने बताया कि दो साल पहले उसकी दोस्ती इंस्टाग्राम के माध्यम से लोहर्सी में रहने वाले विश्वराज साहू(18) से हुई थी।
दोस्ती का फायदा उठाते हुए युवक ने उसे मिलने के लिए बिलासपुर बुलाया। इसके बाद उसे अपने दोस्त के घर ग्राम मनवा ले गया। गांव में युवक ने उसे शादी करने का झांसा देकर जबरन शारीरिक संबंध बनाया। इसके बाद उसने शादी करने की बात कहते हुए कई बार शारीरिक संबंध बनाया। बाद में वह शादी करने से इन्कार करने लगा। पीड़ित ने इसकी शिकायत पचपेड़ी थाने में की। नाबालिग के बयान के आधार पर पुलिस ने मामले में पास्को एक्ट की धाराएं लगाकर मामले को न्यायालय में पेश किया। न्यायालय के आदेश पर आरोपित युवक को जेल भेजा गया है।