छत्तीसगढ़ / बिलासपुर
प्रतिवर्ष भगवान शिव की भक्ति में लीन होकर इस महाउत्सव में शामिल होते हैं
बिलासपुर । सावन का महीना भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने के लिए समर्पित होता है। सावन का महीना भोलेनाथ को प्रसन्न कर उनका आशीर्वाद पाने के लिए उत्तम माना गया है।
बिलासपुरवासी प्रतिवर्ष भगवान शिव की भक्ति में लीन होकर इस महाउत्सव में शामिल होते हैं। इस साल 22 जुलाई को पहला सावन सोमवार मनाया जाएगा।
शिव मंदिर शंकर नगर के पुजारी पंडित रमेश तिवारी का कहना है कि 22 जुलाई से सावन का पहला सोमवार मनाया जाएगा। सावन का समापन 19 अगस्त को होगा।
इस साल चार के बजाए पांच सावन सोमवार होंगे। बिलासपुर के प्रसिद्ध शिवालयों में सावन के दौरान भक्तों की भीड़ उमड़ेगी। शिव भक्त विशेष रूप से बिलासपुर के शिवालयों में जाकर पूजा-अर्चना करेंगे। यहां भक्तों के लिए विशेष आयोजन किए जाएंगे, जिसमें भजन-कीर्तन और रुद्राभिषेक शामिल हैं।
प्रमुख शिव मंदिर, जहां पहुंचेंगे भक्त
देवरानी-जेठानी (रुद्र-शिव) मंदिर, तालागांव,बूढ़ा महादेव, रतनपुर. पातालेश्वर महादेव, मल्हार,चांटीडीह शिव मंदिर, अष्टमुखी शिव मंदिर, मध्यनगरी
स्कूली छात्र ने फांसी लगाकर दी जान...
बिलासपुर । बिलासपुर में रेलवे ऑफिसर्स कॉलोनी में रहने वाले ADRM के बेटे ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। जब स्कूल जाने के लिए मां उठाने के लिए पहुंची तो कमरे में बेटे की लाश फंदे से लटकती मिली। मां के मुताबिक रात में खाने के बाद वो सोने चला गया था। युवल कुमार (16) जैन इंटरनेशनल स्कूल में ग्यारहवीं में पढ़ता था। सुसाइड के कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
रेलवे में पदस्थ ADRM श्यामसुंदर वर्तमान में प्रतिनियुक्ति पर हैं। गुरुवार की रात घर पर पत्नी और दो बेटे थे। पति श्यामसुंदर घर पर नहीं थे, ऑफिस के काम से शहर से बाहर थे। दोनों बेटों में युवल सबसे बड़ा बेटा था।
पुलिस के मुताबिक घटना के बाद माता-पिता सदमे में है। इसलिए उनसे ज्यादा पूछताछ नहीं हो पाई। मां बिलख-बिलखकर रो रही है। वहीं, पिता ज्यादा कुछ बोलने की स्थिति में नहीं है। पुलिस ने शव का पंचनामा और पोस्टमॉर्टम के बाद उसे परिजन को सौंप दिया। बाद में उनका बयान दर्ज कर आगे की जांच की जाएगी।
भिक्षावृति अधिनियम को असंवैधानिक घोषित करने की मांग, हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब
बिलासपुर । छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में एक महत्वपूर्ण मामला सामने आया है, जहां एक अधिवक्ता ने जनहित याचिका (पीआईएल) दायर कर प्रदेश में लागू भिक्षावृत्ति निवारण अधिनियम को असंवैधानिक घोषित करने की मांग की है। खास बात यह है कि याचिकाकर्ता अधिवक्ता अमन सक्सेना स्वयं इस याचिका पर डिवीजन बेंच के समक्ष पैरवी कर रहे हैं। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने इस याचिका को गंभीरता से लिया है और राज्य सरकार से विभिन्न मुद्दों पर स्पष्टीकरण मांगा है।
चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने राज्य शासन से पूछा है कि प्रदेश में ऐसे डिटेंशन सेंटर काम कर रहे हैं। सेंटरों की क्या स्थिति है। अब तक अधिनियम के तहत क्या कार्रवाई की गई है। शपथ पत्र के साथ जवाब पेश करने का निर्देश दिया है।
चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा व जस्टिस रविंद्र अग्रवाल की डिवीजन बेंच में जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता अधिवक्ता अमन सक्सेना ने अपने मामले की पैरवी करते हुए कहा कि राज्य में लागू भिक्षावृति निवारण अधिनियम को असंवैधानिक घोषित करने की आवश्यकता है। अधिवक्ता की इस मांग पर चीफ जस्टिस ने पूछा कि क्या प्रदेश में इस एक्ट का दुरुपयोग किया जा रहा है। अगर ऐसी स्थिति है तो गंभीर बात है।
याचिकाकर्ता अधिवक्ता ने सीजे के इस सवाल के जवाब में कहा इस एक्ट में जिस तरह की शर्तें, नियम व मापदंड तय किए गए हैं इससे इस बात की आशंका हमेशा बनी रहेगी कि इस एक्ट का दुरुपयोग कभी भी और कहीं भी हो सकता है। अधिवक्ता ने कहा कि एक्ट का दुरुपयोग होगा इसलिए यह असंवैधानिक नहीं होगा। अगर एक्ट की गलत स्वरूप में बनाया गया है तो इसे असंवैधानिक कहा जा सकता है।
याचिकाकर्ता अधिवक्ता अमन सक्सेना ने डिवीजन बेंच को केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री द्वारा संसद में देशभर के राज्यों के पेश किए गए आंकड़े की जानकारी देते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्री ने वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर छत्तीसगढ़ 8 हजार भिक्षुओं के रहने का उल्लेख किया गया था। अधिवक्ता ने कहा कि 2011 के बाद देश में जनगणना की प्रक्रिया प्रारंभ नहीं हो पाई है इसलिए यह माना जाना चाहिए कि प्रदेश में भिक्षुओं की संख्या में बढ़ोतरी हो गई है।
याचिकाकर्ता अधिवक्ता द्वारा दी गई जानकारी के बाद चीफ जस्टिस सिन्हा ने राज्य शासन की ओर से पैरवी कर रहे महाधिवक्ता कार्यालय के विधि अधिकारी से भारत सरकार, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा प्रस्तुत किए गए डेटा के बारे में कोर्ट को सूचित करने का निर्देश दिया है। इसके लिए राज्य शासन को दो सप्ताह का समय दिया है। चीफ जस्टिस ने कहा कि शपथ पत्र के साथ यह भी जानकारी उपलब्ध कराएं कि प्रदेश में कितने डिटेंशन सेंटर संचालित किया जा रहा है और वर्तमान में क्या स्थिति है।
पुलिस किसी भी व्यक्ति को संदेह में कर सकती है डिटेन
जनहित याचिका में अधिवक्ता ने कहा कि प्रदेश में यह अधिनियम भिक्षा को अपराध की श्रेणी में मानता है। गरीब लोग जिनके पास दो वक्त की रोटी नहीं है, अगर वे पेट भरने के लिए भीख मांगते हैं तो उनको भी अधिनियम के दायरे में लाकर मुजरिम बनाया जा सकता है। आशंका इस बात की भी प्रबल है कि इस विधान के तहत पुलिस किसी भी व्यक्ति को संदेह के आधार पर डिटेन कर डिटेंशन सेंटर के हवाले कर सकती है। याचिकाकर्ता ने यह भी बताया कि मध्य प्रदेश में 1973 मे पारित इस विधान को छत्तीसगढ सरकार ने इसी स्वरुप में ही स्वीकार कर लिया है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश एक अभियान ऐसा भी
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा चौक-चौराहों पर भीख मांगने वालों की पहचान कर व्यवस्थापन का अभियान चला रहा है। बच्चों को स्कूल में एडमिशन कराने के अलावा पुरुष व महिलाओं को काम दिलाया जा रहा है। अन्य प्रदेशों से आए ऐसे लोगों की पहचान कर वापस भेजने का काम भी किया जा रहा है।
हर चौक-चौराहे पर भिखारी
चौक-चौराहों पर लगे सिग्नल रेड हुआ नहीं कि ये पहुंच जाते हैं। अगर आप कार के भीतर बैठे हैं और इसे नजर अंदाज कर रहे हैं तो ये खिड़की खटखटाकर आपसे भिख मांगेंगे। छत्तीसगढ़ के बाहर से बड़ी संख्या में प्रदेश में माइग्रेट होकर आए ये लोग बच्चों के साथ नजर आते हैं। आशंका इस बात की भी है कि कहीं संगठित गिरोह के चंगुल में तो ये नहीं फंसे हैं। विवशता के चलते भिखारी तो नहीं बन गए और राहगीरों के सामने हाथ फैला रहे हैं। मामला जो भी है,गंभीर है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में पीआईएल पर सुनवाई हो रही है।
शासन की योजनाओं की जानकारी देने प्रशासन पहुंच रहा आपके द्वार: विधायक शुक्ला
बिलासपुर। जिला स्तरीय समस्या निवारण शिविर आज बिल्हा ब्लॉक के ग्राम पंचायत लखराम में आयोजित किया गया। शिविर में मुख्य अतिथि के तौर पर बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला मौजूद थे। कार्यक्रम में जनपद सदस्य दिलेश्वर साहू, सरपंच श्रीमती बबीता वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, कलेक्टर अवनीश शरण, सीईओ जिला पंचायत आर पी चौहान, एडीएम आर ए कुरुवंशी मौजूद थे। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी दी गई। शिविर में 318 आवेदन मिले जिसमें से मौके पर ही 197 आवेदनों का निराकरण किया गया।
बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने कहा कि शासन की मंशा अनुरूप जिला प्रशासन जनसमस्या निवारण शिविर के जरिए ग्रामीणों तक पहुंचकर समस्याओं का निराकरण कर रहा है। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ ही लाभान्वित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि शिविर में जिला स्तर के सभी अधिकारी उपस्थित रहते हैं, जो अपने-अपने विभाग से संबंधित योजनाओं की जानकारी देने के साथ ही समस्याओं का समाधान भी करते हैं। उन्होंने ग्रामीणों से अधिक से अधिक संख्या में जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण में शामिल होकर अपनी समस्याओं का निराकरण कराने का आग्रह किया।
कलेक्टर अवनीश शरण ने कहा कि लोगों की समस्याओं का निराकरण करने के लिए जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया है।
शिविर में जिला स्तर के सभी अधिकारी उपस्थित हैं। विभागों द्वारा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी के साथ स्टॉल लगाए गए हैं। उन्होंने नागरिकों से सभी स्टॉल का अवलोकन करने कहा और पात्र होने पर योजनाओं का लाभ लेने कहा। कलेक्टर ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल का निरीक्षण किया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
विभिन्न योजनाओं के तहत लाभान्वित हुए हितग्राही
शिविर में श्रम विभाग द्वारा 12 हितग्राही, कृषि विभाग द्वारा 9 हितग्राहियों को किसान क्रेडिट कार्ड सहित अन्य उपकरण, स्वास्थ्य विभाग द्वारा 15 हितग्राहियों को आयुष्मानकार्ड, खाद्य विभाग द्वारा 3 हितग्राहियों को राशन कार्ड, स्कूली बच्चों को गणवेश वितरण, समाज कल्याण विभाग द्वारा 2 हितग्राहियों को स्टीक, वॉकर और हियरिंग मशीन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा 5 हितग्राही, सहकारिता विभाग द्वारा 4 एवं राजस्व विभाग द्वारा 12 हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। उद्यानिकी विभाग द्वारा हितग्राहियों पौधों का वितरण किया गया। शिविर में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 6 नन्हे बच्चों का अन्नप्राशन्न कराया गया।
जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल में टीबी, शुगर, खून जांच ब्लड प्रेशर जांच कर निःशुल्क दवाईयों का वितरण किया गया। आयुर्वेद विभाग के स्टॉल में आयुर्वेद दवाईयों का वितरण किया गया। शिविर में जिला स्तरीय अधिकारियों ने अपने-अपने विभाग में शासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।
इसी तरह आधार नवीनीकरण एवं पंजीयन कराया गया। जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग, कृषि विभाग, मत्स्य विभाग, उद्यानिकी विभाग, खाद्य विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, समाज कल्याण विभाग, क्रेडा, विद्युत, पशु चिकित्सा, उद्योग, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, पुलिस, श्रम विभाग, सहित अन्य विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर जनसामान्य को शासकीय योजनाओं की जानकारी और लाभान्वित किया। शिविर में अतिथियों द्वारा एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पौधे भी लगाए गए। लखराम सहित आसपास के गांवों के ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में शिविर का लाभ उठाया।
माननीय उच्चतम न्यायालय के तीन न्यायाधिपतियों की उपस्थिति में छत्तीसगढ उच्च न्यायालय में राज्य स्तरीय कान्फ्रेंस का आयोजन
जिला न्यायापालिका को सशक्त बनाने तथा सिविल व आपराधिक विधि पर किया गया मंथन
एक सशक्त व निडर जिला न्यायपालिका ही लोगों के अधिकारों की रक्षा करने में और न्याय प्रदान करने में सक्षम होगी - न्यायाधिपति श्री न्यायमूर्ति सूर्यकान्त
डिस्ट्रिक्ट कोर्ट्स आफ छत्तीसगढ़ पुस्तक का माननीय न्यायमूर्तिगण ने किया अनावरण
रायपुर : छत्तीसगढ उच्च न्यायालय बिलासपुर में रविवार को जिला न्यायपालिका के सशक्तीकरण व सिविल व आपराधिक विधि पर राज्य स्तरीय कान्फ्रेंस आयोजित किया गया। इस एतिहासिक कान्फ्रेंस के मुख्य अतिथि सर्वाेच्च न्यायालय के न्यायाधीश माननीय श्री न्यायमूर्ति सूर्यकान्त और कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि सर्वाेच्च न्यायालय के न्यायाधीश माननीय श्री न्यायमूर्ति पी. एस. नरसिम्हा एवं माननीय श्री न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा रहे। इस कान्फ्रेंस में माननीय उच्चतम न्यायालय के तीन न्यायमूर्तिगणों द्वारा एक साथ भागीदारी किया जाना कान्फ्रेंस की गंभीरता व महत्व तथा भारत की न्यायपालिका के आधारशिला जिला न्यायपालिका की न्यायदान में महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करता है।
राज्य स्तरीय कान्फ्रेंस का उदघाटन भारत के सर्वाेच्च न्यायालय के न्यायाधीश माननीय श्री न्यायमूर्ति सूर्यकान्त द्वारा दीप प्रज्जवलन के साथ किया गया। मुख्य अतिथि माननीय सर्वाेच्च न्यायालय के न्यायाधीश माननीय श्री न्यायमूर्ति सूर्यकान्त द्वारा अपने उद्बोधन में व्यक्त किया कि पक्षकारों के सम्पर्क में सर्वप्रथम जिला न्यायपालिका आती है, ऐसी दशा में जिला न्यायपालिका की जिम्मेदारी व भूमिका महत्वपूर्ण है और यदि न्यायाधीश निर्णय लेने के लिए प्रतिबद्ध है तो कोई प्रक्रियात्मक व तकनीकी अड़चन न्यायाधीश को एक तार्किक निर्णय लेने में बाधा नहीं बन सकती है। माननीय न्यायाधिपति महोदय ने इस बात पर जोर दिया कि न्यायदान में आने वाली तकनीकी व प्रक्रियात्मक बाधाओं के प्रति व्यक्तिगत दृष्टिकोण अपनाने के बजाय ऐसी बाधाओं के प्रभावी निवारण के लिए संस्थागत दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए। माननीय न्यायाधिपति महोदय ने तुच्छ व तुक्के वाली मुकदमेबाजी की बढ़ती प्रवृत्ति को हतोत्साहित करने के संबंध में जोर दिया कि न्यायपालिका में झूठ व बेबुनियाद मामलों के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए एक मजबूत व साहसी जिला न्यायपालिका तुच्छ व तुक्के वाली मुकदमेबाजी को निपटने में सक्षम हो सकती है। माननीय न्यायाधिपति महोदय ने जिला न्यायपालिका के सदस्यों को साहस व ईमानदारी के साथ निर्णय लेने का आह्वान किया। माननीय न्यायाधिपति ने न्यायाधीश के गुणों के संबंध में बताया कि एक न्यायाधीश को बहादुर, साहसी व अपने अंतरात्मा के प्रति ईमानदार होना चाहिए। माननीय न्यायाधिपति महोदय ने जिला न्यायपालिका के सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि जिला न्यायपालिका की अधीक्षण की शक्ति माननीय उच्च न्यायालय को प्राप्त है अतः जिला न्यायपालिका माननीय उच्च न्यायालय के प्रति अपनी अन्तरात्मा के प्रति और सबसे महत्वपर्ण न्याय के आकांक्षी के रूप में आम जनता के प्रति जवाबदेह है। माननीय न्यायाधिपति महोदय ने आम जनता के प्रति जिला न्यायपालिका की जिम्मेदारी के संबंध में व्यवत्त किया कि एक पक्षकार किसी न्यायाधीश को नहीं जानता है और वह इस आस्था व विश्वास के साथ आता है कि उसके साथ न्याय होगा अत हमारा दायित्व है कि हम उनकी आस्था और विश्वास को बनाए रखें।
माननीय श्री न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा ने अपने मुख्य भाषण में जिला न्यायपालिका के भूमिका व महत्व पर जोर देते हुए व्यक्त किया कि भारत में जिला न्यायपालिका केवल वैधानिक न्यायालय ही नहीं है बल्कि इसकी जड़ें भारत के संविधान में अवस्थित है। उन्होनें जिला न्यायपालिका के महत्व पर बल देते हुए कहा कि जिला न्यायपालिका भौगोलिक व भाषायी पहुंच में पक्षकारों के निकट होती है। जिला न्यायपालिका स्थानीय स्तर पर लोगों की प्रथा रीति-रिवाज बोली को ज्यादा अच्छे तरीके से समझती है। माननीय न्यायाधिपति महोदय ने जिला न्यायपालिका की सिविल व व्यक्तिगत स्वतंत्रता की भूमिका को रेखांकित करते हुए जिला न्यायपालिका को सिविल व आपराधिक दोनों क्षेत्रों में व्यक्तिगत स्वतंत्रता का संरक्षक बताया। माननीय न्यायाधिपति महोदय ने जिला न्यायपालिका को आवश्यक संसाधन व तकनीकी ज्ञान से सुसज्जित करने पर जोर देते हुए आगाह किया कि न्यायिक निर्णय लेने की प्रक्रिया में पूरी तरह से प्रौद्योगिक या आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस पर निर्भर नहीं होना है क्योंकि यह साक्ष्य व तर्कों के आधार पर निर्णय लेने की प्रक्रिया को प्रतिकूल रूप से प्रभावित कर सकता है।
माननीय श्री न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा ने विशिष्ट अतिथि के रूप में अपने उदबोधन में जिला न्यायपालिका के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जिला न्यायपालिका का दृष्टिकोण व कानूनी प्रावधानों का निर्वचन बहुत महत्वपूर्ण है और यह उच्च न्यायालय व उच्चतम न्यायालय द्वारा किए जाने वाले निर्वचन के लिए आधार प्रदान करता है। माननीय न्यायाधिपति ने व्यक्त किया कि नए प्रावधानों के लागू होने से कानूनों के प्रति जिला न्यायपालिका का दृष्टिकोण व निर्वचन अत्यंत महत्वपूर्ण हो गया है इसलिए जिला न्यायपालिका को कानूनों को लागू करने में व निर्वचन करने में अत्यंत सतर्क रहना होगा।
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति माननीय श्री न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने अपने स्वागत भाषण में बताया कि सभी के सामूहिक प्रयासों से हम एक सशक्त व प्रभावी जिला न्यायपालिका को सुनिश्चित करने में सक्षम होंगे और आज की यह कान्फ्रेंस जिला न्यायपालिका को सशक्त करने के हमारे प्रतिबद्धता को दर्शाता है। माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय द्वारा विश्वास व्यवत किया गया कि आज की यह कान्फ्रेंस अपने उददेश्यों को प्राप्त करेगी और हम लोग जिला न्यायपालिका के समक्ष चुनौतियों को और बेहतर ढंग से निपटने में सक्षम होंगे तथा और अधिक सशक्त व प्रभावी जिला न्यायपालिका बनाने की दिशा में अग्रसर होंगे। माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय ने यह भी व्यक्त किया कि इस कान्फ्रेंस के तकनीकी सत्र निश्चित तौर पर न्यायिक अधिकारियों की सिविल व आपराधिक विधि के संबंध में समझ को और विस्तृत व वर्धित करने वाला होगा।
इस कान्फ्रेंस के दौरान छत्तीसगढ जिला न्यायपालिका पर एक पुस्तक डिस्ट्रिक्ट कोर्ट्स आफ छत्तीसगढ़ का अनावरण माननीय न्यायमूर्तिगण द्वारा किया गया। इस पुस्तक में राज्य के समस्त जिला न्यायालयों के बारे में जानकारी के साथ साथ जिले के इतिहास, संस्कृति व विविधता के बारे में सारगर्भित जानकारी के साथ साथ न्यायिक अधिकारियों के विद्धतापूर्ण लेख भी समाविष्ट हैं ।इस राज्य स्तरीय कान्फ्रेंस के उदघाटन सत्र के समापन पर माननीय श्री न्यायमूर्ति संजय के. अग्रवाल द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया।
सिम्स व जिला अस्पताल में बहुत जल्द मिलेगी व्हाट्सएप से पैथोलॉजी जांच रिपोर्ट
कलेक्टर ने जिले के दोनों बड़े अस्पतालों का किया निरीक्षण
मरीजों को दी जा रही सुविधाओं का लिया जायजा
रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन और स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देश पर प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं की बेहतरी के लिए लगातार कार्य हो रहे हैं। इसी कड़ी में अब बिलासपुर में स्थित सिम्स और जिला अस्पताल में पैथोलॉजी जांच की रिपोर्ट बहुत जल्द व्हाट्सएप मैसेज के जरिए मिलेगी। रिपोर्ट प्राप्त करने के लिए मरीजों को भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। बिलासपुर कलेक्टर अवनीश शरण ने सिम्स और जिला अस्पताल का निरीक्षण करने के बाद दोनों संस्थानों के प्रबंधन को इस आशय के निर्देश दिए हैं। पहले यह व्यवस्था जिला अस्पताल में शुरू होगी। उसके कुछ दिनों बाद सिम्स अस्पताल में।
इस दौरान कलेक्टर ने सिम्स अस्पताल का जायज़ा लिया। उन्होंने अस्पताल की सुविधाओं में वृद्धि के लिए किए जा रहे निर्माण कार्यों को देखा। विभिन्न वार्डों में पहुंचकर मरीजों से मुलाकात की। अस्पताल से मिल रहे भोजन, इलाज और दवाइयों की जानकारी ली। मरीजों के लिए 6 लिफ्ट हैं। इनमें से एक बंद पड़े लिफ्ट को 2 दिन में सुधारने के निर्देश दिए एवं दो अन्य लिफ्ट के सिविल वर्क को 1 माह में पूर्ण करने के लिए कहा है। कलेक्टर ने अधीक्षक कक्ष में संबंधित अधिकारियों की बैठक लेकर स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा की। डॉक्टरों से मौसमी बीमारियों के संक्रमण की जानकारी लेकर तत्परता से इलाज करने के सख्त निर्देश दिए।
सिम्स अस्पताल के बाद कलेक्टर जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने हमर लैब और बर्न यूनिट को जल्द शुरू करने बाकी काम जल्द पूर्ण करने को कहा है। आपातकालीन वार्ड एक में मरीजों के लिए एक ए.सी. की स्वीकृति दी। उन्होंने जिला अस्पताल में पैथोलॉजी रिपोर्ट व्हाट्सएप में देने के निर्देश दिए ताकि मरीजों को अनावश्यक बार बार आने जाने की परेशानी न हों। सिविल सर्जन डॉ. अनिल गुप्ता ने बताया कि फिलहाल पैथोलॉजी विभाग में 96 प्रकार की जांच सुविधा उपलब्ध है। लगभग 150 मरीजों की 500 प्रकार की जांच हर रोज की जाती है। जिला अस्पताल की ओपीडी में हर दिन 300 मरीज इलाज कराने आते हैं।
बिलासपुर तहसील कार्यालय में हितग्राही परेशान
बिलासपुर। तहसील कार्यालय जिले की सबसे महत्वपूर्ण जगहों में से एक है। सुबह 10 बजे जैसे ही कार्यालय खुलता है, लोग अपनी समस्याएं लेकर यहां पहुंच जाते हैं। लेकिन यहां के अधिकारियों के आने का कोई टाइम टेबल ही नहीं है।
नईदुनिया की टीम सोमवार सुबह 10 बजे तहसील कार्यालय पहुंची। धीरे-धीरे अधिकारियों व कर्मचारियों का आने का सिलसिला शुरू हो गया। अपनी समस्याएं लेकर हितग्राही भी पहुंचने लगे थे। टीम सबसे पहले तहसीलदार मुकेश देवांगन के कक्ष में पहुंची। यहां कर्मचारी तो बैठे हुए थे, लेकिन तहसीलदार की कुर्सी खाली थी। कर्मचारी से बात की, तो पता चला कि तहसीलदार जल्द ही आने वाले हैं। लेकिन 12 से 12.30 बजने के बाद भी तहसीलदार कार्यालय नहीं पहुंचे।
कर्मचारियों का कहना था कि कई बार ड्यूटी होने की वजह से साहब देर से आते हैं। इसी दौरान टीम की मुलाकात एक 75 वर्षीय बुजुर्ग से हुई। बुजुर्ग ने बताया, मैं सुबह 10.30 बजे से तहसीलदार मुकेश देवांगन का इंतजार कर रहा हूं। पटवारी की गलती से मेरी सात डिसमिल जमीन विवादित हो गई है। चार डिसमिल जमीन पर किसी और का नाम दर्ज कर दिया गया है और बाकी की तीन डिसमिल जमीन अधिकारियों के रिकार्ड से गायब हो गई है। मैं पिछले चार साल से यहां आ रहा हूं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। सुबह 11.40 बज गए, लेकिन मंगला और सरकंडा क्षेत्र की प्रभारी नायब तहसीलदार नेहा विश्वकर्मा भी अपने कार्यालय नहीं पहुंची थीं। 12 बज गए, लेकिन उनकी कुर्सी भी खाली ही रही। कर्मचारियों ने बताया कि कई बार ड्यूटी पर होने की वजह से वह देर से आती हैं।
अधिकारी कह रहे हैं, मेरी जमीन चोरी हो गई
राधेश्याम साहू पिता शिवदत्त (75), निवासी मोपका, ने बताया कि वर्ष 1982 तक उनकी जमीन सही-सलामत थी। उनके घर के पास स्थित कोठार की सात डिसमिल जमीन में से चार डिसमिल जमीन पटवारी ने किसी और के नाम पर दर्ज कर दी और बची हुई 3 डिसमिल जमीन के बारे में अधिकारियों का कहना है कि उसका कोई रिकार्ड उनके पास नहीं है। अपनी जमीन के दस्तावेज लेकर वह पटवारी द्वारा की गई गलती को सुधरवाने के लिए राधेश्याम पिछले 4 साल से तहसीलदार कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं।राधेश्याम का कहना है कि उनकी जमीन किसी ने चोरी कर ली है जिसे अधिकारी नहीं खोज रहे है।
सरकार दे रही अलग अलग किसानों को अलग अलग तरह की सब्सिडी
बिलासपुर। पानी की कमी वाले क्षेत्र या ऐसे किसान जो उद्यानिकी फसल जैसे सब्जी, फल या फूलों की खेती करना चाहते है उनके लिए टपक सिंचाई प्रणाली (ड्रिप सिस्टम) बेहद जरुरी है। जिले के किसानो के बीच भी इसका महत्त्व बढ़ा है। अपने खेतों में इसे लगवा चुके किसान आकाश राय कहते है कि इसमें रखरखाव भी कम करना पड़ता है फसलों की उपज में वृद्धि भी होती है।
सीयू के वानिकी विभाग के प्रोफेसर डॉ. अजय कुमार सिंह बताते हैं कि ड्रिप सिस्टम आज के समय में वानिकी फसलों के लिए आवशयक उपकरण में से एक है। क्यूंकि पानी की सही मात्रा और समय पर आपूर्ति होने से फसलों की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ जाती है। इससे न केवल पानी, बल्कि खाद और अन्य पोषक तत्वों को भी सीधे पौधों तक पहुँचाया जा सकता है।
बिलासपुर शहर में कांग्रेस का बोल रहा है बोलबाला,,,,,,,,,,,,,,
बिलासपुर शहर में कांग्रेस का जनसंपर्क बहुत तेजी से बढ़ते दिख रहा है वही शहर के विधायक प्रत्याशी शैलेश पांडे को जनता से बहुत ज्यादा प्यार मिल रहा है गरीब रिक्शा वाले ठेला वाले लोग का बोलना है कि आपके कार्य शरीर में आपका हमेशा समर्थन रहा है तो हम तो आपके साथ ही है लगातार यह 5 साल में शैलेश पांडे जी ने जनता किस लगातार रूबरू रहे हैं यह अभी इनको बहुत ज्यादा फायदा के रूप में दिख रहा है शैलेश पांडे जी का व्यवहार अब जनसंपर्क करने से बहुत ज्यादा सामने आ रहा है और लगातार जो वार्ड में भी सर्वे किया जा रहा है वहां से आशीर्वाद ही प्राप्त हो रहा है अब देखने को 17 तारीख को ही मिलेगा कि कितना प्यार उमर कर सामने आया है
महाप्रभु की रथयात्रा में दिखा श्रद्धा और भक्ति का महासंगम, डिप्टी सीएम साव ने खींचा रथ
बिलासपुर। भक्तों की भीड़ मंदिर प्रांगण में उमड़ी, और भगवान जगन्नाथ की एक झलक पाने के लिए श्रद्धालू उत्सुकता से टूट पड़े। जय जगन्नाथ के जयकारों से पूरा नगर गूंज उठा और धार्मिक माहौल ने सभी को अभिभूत कर दिया। रथ खींचने के लिए लंबी कतारें लगी रही, जिसमें हर कोई महाप्रभु के रथ को खींचने का सौभाग्य पाना चाहता था।
रथयात्रा के दौरान सड़कों पर जगह-जगह भोग प्रसाद का वितरण किया गया। छेरापहर की परंपरा को निभाते हुए डिप्टी सीएम अरुण साव ने विधिवत पूजा-अर्चना की और रथयात्रा (गुंडिचा) ने नगर भ्रमण किया। परंपरानुसार राजा के रूप में झाडु लगाया। इस मौके पर सूर्य पूजा, नवग्रह पूजा, श्रृंगार और मंगल अर्पण का विशेष आयोजन किया गया, जिससे श्रद्धालुओं को असीम आनंद की अनुभूति हुई।
रथयात्रा की भीड़ इतनी विशाल थी कि नगर की सड़कों पर हर तरफ भक्तों का हुजूम दिखाई दे रहा था। सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने के लिए रेलवे सुरक्षा बल और पुलिस विभाग ने व्यापक इंतजाम किए थे। भीड़ के बीच शुरूआत में भक्तों के हाथ से रस्सी भी छूटी। समिति ने तत्काल से बदला।
मंदिर में ऐसे हुई शुरूआत
ब्रम्हमुहुर्त में पूजा-अर्चना प्रारंभ हुआ। पंडित पुजारी गोविंद पाढ़ी ने मंत्र पढ़े।
सुबह की शुरुआत सूर्य पूजा से हुई, जिसमें सूर्य देवता को अर्घ्य अर्पित किया गया।
नवग्रह पूजा का आयोजन हुआ, जिसमें नौ ग्रहों की विशेष पूजा कर आशीर्वाद लिया।
महाप्रभु जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा का भव्य श्रृंगार किया गया, दिव्य स्वरूप दिखा।
मंगल अर्पण के साथ विशेष मंत्रों का उच्चारण कर 56 भोग अर्पित किया गया।
कनिका महाप्रसाद का वितरण किया गया। ग्रहण करने भक्तों की भारी भीड़ जुटी।
धार्मिक और सांस्कृतिक अनुभव
रथयात्रा के इस भव्य आयोजन ने न्यायधानी के नागरिकों को एक अद्वितीय धार्मिक और सांस्कृतिक अनुभव प्रदान किया। भक्तों की अपार श्रद्धा और उत्साह ने इस अवसर को और भी यादगार बना दिया। इस वर्ष, रथयात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। हर किसी के चेहरे पर श्रद्धा और भक्ति की चमक स्पष्ट दिख रही थी। रथयात्रा ने न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भी एकता और भाईचारे का संदेश दिया।
कदम-कदम पर बंटे महाप्रसाद
रथयात्रा श्री जगन्नाथ मंदिर से निकलकर तितली चौक, स्टेशन , तार बाहर, गांधी चौक, दयालबंद, तोरवा थाना काली , मंदिर होते हुए देर शाम ओड़िया स्कूल पहुंची। यहां अस्थाई रूप से गुंडिचा मंदिर का निर्माण किया गया है। इससे पहले रास्ते में जगह-जगह रथ यात्रा का स्वागत किया गया। अलग अलग संगठन, समिति और दलों द्वारा पुष्प वर्षा कर रथ यात्रा का स्वागत किया गया। सभी, रथ यात्रा के रथ की रस्सी खींच कर पुण्य लाभ अर्जन करते दिखे।
जयकारों से गूंज उठा आसमान
रथयात्रा जैसे ही मंदिर परिसर से बाहर निकली, पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। "जय जगन्नाथ", "जय बलभद्र", "जय सुभद्रा" के जयकारों से आसमान गूंज उठा। भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा था। रथयात्रा के मार्ग पर जगह-जगह भक्तों ने भगवान को भोग लगाया और पुष्प वर्षा की।रथ को खींचते हुए अपनी भक्ति का प्रदर्शन किया। भगवान के दिव्य स्वरूप के दर्शन के लिए शहर के कोने-कोने से लोग उमड़े थे।
14 दिन बाद खुला मंदिर का कपाट,हुए दर्शन
मान्यता के अनुसार, देव पूर्णिमा के अवसर पर भगवान श्रीश्री जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा को पुरोहितों द्वारा 108 कलश जल और 64 प्रकार की जड़ी-बूटियों से महास्नान कराया गया था। इसके बाद, महाप्रभु बीमार हो गए और अणासार कक्ष में विश्राम के लिए चले गए। तब से 14 दिनों के लिए मंदिर का कपाट बंद है। अब, भगवान स्वस्थ होने के बाद उनके नवजोबन रूवरूप के दर्शन हुए।जिसके बाद भक्तों के लिए मंदिर का कपाट भी खुल गया और भक्तों को दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआा।
रात 10 बजे मौके के घर अभिनंदन
महाप्रभु रथयात्रा के माध्यम से रात 10 बजे मौसी के बुलावे पर उनके घर गुंडिचा पहुंचे। मान्यता अनुसार यहां मौसी मां के हाथ के बने विशिष्ट पकवान खाकर तीनों भगवान पूर्ण रूप से स्वस्थ हो उठेंगे, जिसके बाद बाहुडा यात्रा कर तीनों एक बार फिर उसी मार्ग से होते हुए श्री जगन्नाथ मंदिर पहुंचेंगे, जहां रूठी हुई देवी लक्ष्मी को मनाने के बाद तीनों पुनः मंदिर प्रवेश करेंगे और फिर मंदिर में ही भक्तों को दर्शन लाभ देंगे।
महापौर ने अर्पित किया फल,भोग-भंडारा
रथयात्रा के उपलक्ष्य में महापौर रामशरण यादव ने महाप्रभु को फल की टोकरी अर्पित किया। वहीं कांग्रेस पार्टी के उपाध्यक्ष धर्मेश शर्मा, कांग्रेस कमेटी आयोजन समिति के अध्यक्ष राकेश सिंह, बापी डे, पार्षद अजय यादव, साईं भास्कर, विनोद कछुआ, अरविंद शुक्ला, साकेत मिश्रा, राजा व्यास विजय सिंह निरुपम चक्रवर्ती कार्तिक घोष रेलवे मेंस कांग्रेस के विजय अग्निहोत्री ने भक्तों को भोग का वितरण किया।
विधायक अटल ने की सुख समृद्धि की कामना
कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने भी महाप्रभु के दर्शन किए। शहरवासियों सहित सभी के लिए सुख समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर प्रमुख रूप से अनूप सिन्हा सहित प्रमोद नायक, राकेश शर्मा, गोपी राव, कौशिक एक्स राव, एमपी सिंह बंटी सिंह, शरद यादव, मनीषा शाह, आनंद डोरस, प्रकाश राव, जग्गा अवस्थी, सुरेश दास मानिकपुरी, वासु राव, पावस अग्रवाल, निरंजन नाथ, सरजू समुद्रे उपस्थित थे।
वेलकम गेट पर चढ़कर काम कर रहे एक युवक की हाई वोल्टेज करंट की चपेट में आने से मौके पर ही मौत
तखतपुर । बिलासपुर-मुंगेली राष्ट्रीय राज्य मार्ग 130 में लगे वेलकम गेट पर चढ़कर काम कर रहे एक युवक की हाई वोल्टेज करंट की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के दौरान तेज आवाज हुई, इसे सुनकर लोग गेट की तरफ दौड़ पड़े. पास जाकर देखा तो युवक का शव गेट के ऊपर लटक रहा था। इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने शव को नीचे उतारा। तखतपुर स्थित मंडी चौक में वेलकम गेट के पास सौरभ यादव (28) निवासी मुंगेली, दाऊपारा काम कर रहा था। तभी करंट की चपेट में आ गया और मौत हो गई।
मामले की सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा कर उसे पोस्टमार्टम के लिए मरचुरी भेज दिया है। वहीं मृतक के परिजनों को भी उसकी मौत की जानकारी दी गई है। पोस्ट मार्टम रिपोर्ट आने के बाद परिजनों को शव सौंपा जाएगा। लोगों ने बताया घटना के समय युवक वेलकम गेट के ऊपर चढ़कर केबल खींच रहा था, तभी अचानक हाई वोल्टेज करंट की चपेट में आ गया। तखतपुर पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
शेयर मार्केट में पैसा लगाकर कम समय में पैसा दुगना करने का झांसा देकर ठगी
बिलासपुर। प्रार्थिया निर्मला रात्रे पति गोविंद राम निवासी पचपेड़ी एवं सुनीता भारद्वाज पति राकेश भारद्वाज निवासी ध्रुवाकारी ने लिखित आवेदन पेश का रिपोर्ट दर्ज कराई की ध्रुवकारी निवासी राधिका भारद्वाज पति नागेंद्र भारद्वाज उम्र 35 साल ने शेयर मार्केट में पैसा लगाकर कम समय में पैसा दुगना करने का झांसा देकर प्रार्थिया एवं अन्य 16/17 महिला पुरुष से नगद एवं फोनपे के जरिए लगभग 94 लाख रुपए लेकर ठगी की है की शिकायत पर अलग-अलग अपराध पंजीकृत कर आरोपीया को आज दिनांक 5 जुलाई 2024 को हिरासत में लेकर पूछताछ कर मेमो कथन लिया गया आरोपियां के द्वारा नगद पैसा लेना स्वीकार नहीं की है फोनपे के जरिए लिए लगभग 30 लख रुपए में से 12 लाख रुपए को आवेदकगण को वापस करना तथा कुछ रकम खर्च हो जाना कुछ जेवर खरीदना जिसमें से तीन जेवर प्रार्थी लोगों के पास होना तथा मकान निर्माण में पैसे लगाना और अपने पुत्र के लिए मोटरसाइकिल खरीदना बताई जिसके पेश करने पर मोटरसाइकिल R15 कीमती करीब 200000 एवं सोने की जेवर लगभग एक तोला कीमती करीबन 50000 जप्त किया गया है नए कानून के अनुसार जब्ती की वीडियोग्राफी कराई गई है,आरोपी एवं उसके परिजनों के बैंक अकाउंट की जांच की जा रही है प्रथम दृष्टया आरोपियां के विरुद्ध अपराध सबूत पाए जाने से गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है
दूसरी महिला को खड़ी कर 45 लाख में बेच दी जमीन, शिकायत पर जुर्म दर्ज
बिलासपुर । सरकंडा के बंगाली पारा में रहने वाली सीमा साहू गृहणी हैं। महिला ने बताया कि उन्होंने 2011 में सरगांव स्थित 75 डिसमिल जमीन को खरीदा था।
इसके बाद से जमीन उनके कब्जे में हैै। महिला ने बताया कि कुछ दिनों पूर्व नागोराव शेष स्कूल के पास रहने वाले विजय कुमार हिरानी जमीन पर बाउंड्रीवाल कराने पहुंचा।
इसके बाद से जमीन उनके कब्जे में हैै। महिला ने बताया कि कुछ दिनों पूर्व नागोराव शेष स्कूल के पास रहने वाले विजय कुमार हिरानी जमीन पर बाउंड्रीवाल कराने पहुंचा।
इसमें उनकी पत्नी की जगह पर किसी दूसरी महिला की तस्वीर थी। उन्होंने इसकी शिकायत सरगांव थाने में की। थाने में कार्रवाई नहीं होने पर महिला ने मुंगेली एसपी कार्यालय में पूरे मामले की शिकायत की।
शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की जांच की। जांच के बाद पुलिस ने विनोबा नगर में रहने वाले विजय गुप्ता, फर्जी महिला और उसके पति व तिफरा पुलिस चौकी के पीछे रहने वाले भरत सोनी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब आरोपित की तलाश कर रही है।
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अवैध शराब बेचने वाले आरोपी के विरुद्ध पुलिस का प्रहार
बिलासपुर। पुलिस लगातार नशे के खिलाफ़ कार्यवाही कर रही है इसी तारतम्य में पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह के निर्देश पर बिलासपुर के शहरी तथा सभी ग्रामीण थानो में लगातार शराब/गांजा/नशीली पदार्थ बेचने वालों के विरुद्ध कार्यवाही की जा रही है।
इसी परिप्रेक्ष्य में 6.08.2024 के शाम को थाना प्रभारी कोनी नवीन कुमार देवांगन को सूचना मिली की एक व्यक्ति सेंदरी से मोटरसाइकिल के डिक्की में देशी मंदिरा रखकर निरतु जाने वाला है। सूचना पर कोनी थाना प्रभारी द्वारा पुलिस टीम भेजकर मुखबिर के बताये अनुसार घेराबंदी कर रेड कार्यवाही किया गया। जो सेंदरी एनएच 130 के टर्निंग के पास 01 व्यक्ति अपने हीरो मो.सा. क्रमांक CG 10 BG 6866 से आ रहा था। जिसे रुकवा कर पूछताछ किया जो अपने मो.सा.के लेदर डिक्की में एक सफेद रंग के थैला में 30 पांव देशी मंदिरा शराब रखा था। आरोपी के कब्जे से कुल 30 पांव देशी मंदिरा शराब कीमती कुल 30 पांव देशी शराब कीमती 2700 रु. एवं 01 मोटरसाइकिल जप्त कर कब्जा पुलिस लिया गया है। आरोपी के विरुद्ध वजह सबूत के आधार पर अपराध पंजीबद्ध कर आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत् कार्यवाही कर गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस अधीक्षक ने इस बेहतर और प्रभावी कार्यवाही के लिए ज़िले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहरी एवं ग्रामीण तथा अनुविभागीय पुलिस अधिकारी सरकण्डा श्री सिद्धार्थ बघेल , थाना प्रभारी नवीन कुमार देवांगन और स्टाफ़ की सराहना की है ।
आरोपी
01. पंकज कुमार सूर्यवंशी पिता स्व. चुन्नीलाल सूर्यवंशी उम्र 34 साल साकिन निरतु थाना कोनी जिला बिलासपुर
बार में लड़कियों के लिए 'फ्री शॉट्स' का ऑफर, पुलिस ने कसा शिकंजा
बिलासपुर । शहर में दो बारों पर अश्लील विज्ञापन देकर लड़कियों को फ्री शराब का ऑफर देने और युवाओं को नशे के लिए प्रेरित करने के आरोप में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। तंत्रा और ओमिगोज बार ने सोशल मीडिया पर "फ्री अनलिमिटेड शॉट्स फॉर गर्ल्स" जैसे अश्लील और कामोत्तेजक पोस्ट किए थे, जिससे लड़कियों और महिलाओं को आकर्षित किया जा रहा था। कुछ युवतियों ने इस अश्लील विज्ञापन की शिकायत पुलिस से की, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों बारों के खिलाफ केस दर्ज किया।
बारों के खिलाफ आरोप
बार संचालकों पर यह आरोप है कि वे हर सप्ताह महिलाओं को फ्री ड्रिंक्स का ऑफर देकर उन्हें नशे की ओर धकेलने की कोशिश कर रहे हैं। एक सोशल मीडिया विज्ञापन में, जहां "डेडिकेटेड नाइट फॉर लेडीज" जैसी लाइनों का उपयोग किया गया, वहीं एक दुल्हन के चित्र का इस्तेमाल कर परंपरा और संस्कृति का भी अपमान किया गया।
पुलिस की कार्रवाई
शिकायत मिलने के बाद, पुलिस ने तंत्रा और ओमिगोज बार में रेड की। इन बारों से अश्लील सामग्री और महिलाओं से संबंधित आपत्तिजनक पोस्ट जब्त की गई। एसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर नगर पुलिस अधीक्षक निमितेश सिंह के नेतृत्व में टीम गठित कर बार संचालकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया।
समाज पर नशे का दुष्प्रभाव
जानकारों के अनुसार, इस प्रकार के आयोजन बार संचालकों द्वारा युवाओं, खासकर लड़कियों, को नशे की लत में धकेलने का एक जरिया बन गए हैं। बारों में ऐसे ऑफर के चलते नशे की लत लगने का खतरा बढ़ता जा रहा है, जो युवाओं के भविष्य और करियर के लिए घातक साबित हो सकता है।
पूर्व में भी विवादों में रहा ओमिगोज बार
ओमिगोज बार पहले से ही विवादों में रहा है। बार में देर रात तक मारपीट और अव्यवस्था की घटनाएं आम हो गई हैं, जिस पर पहले भी पुलिस केस दर्ज किए जा चुके हैं।
पुलिस द्वारा बार संचालकों को सख्त चेतावनी दी गई है कि वे इस तरह के प्रलोभन और अश्लील पोस्ट को न दोहराएं। जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।