छत्तीसगढ़ / बिलासपुर
जय श्रीराम के जयघोष से गूंजा बिलासपुर रेलवे स्टेशन, 850 श्रद्धालु अयोध्या रवाना
बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला ने दिखाई हरी झंडी
बिलासपुर रेलवे स्टेशन से आज श्री रामलला दर्शन योजना के तहत आस्था स्पेशल ट्रेन बिलासपुर संभाग के 850 श्रद्धालुओं को लेकर अयोध्या धाम के लिए रवाना हुई। बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने श्रद्धालुओं से भरी विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, जिला पंचायत सभापति भारती नीरज माली, जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप अग्रवाल सहित रेलवे के अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे ।
इस अवसर पर विधायक श्री सुशांत शुक्ला ने कहा कि श्री रामलला दर्शन योजना श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास का सम्मान है, जिसके माध्यम से हर वर्ग को प्रभु श्रीराम के दर्शन का मिल रहा है। उन्होंने कहा कि यह योजना मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संवेदनशील सोच का परिणाम है उन्होंने कहा कि श्रवण कुमार की तरह देश के प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री जनता को श्री राम लला के दर्शन करा रहे हैं। रेलवे स्टेशन पर गाजे-बाजे, पारंपरिक नृत्य, तिलक, फूल-मालाओं और पुष्प वर्षा के बीच श्रद्धालुओं का स्वागत किया गया। अयोध्या धाम के साथ-साथ वे श्रद्धालु काशी विश्वनाथ के भी दर्शन करेंगे।
दर्शन के लिए जा रहे श्रद्धालु बिलासपुर के सरकंडा निवासी श्रीमती आराधना मिश्रा, ज्योत्सना मिश्रा, तखतपुर विकासखण्ड के ग्राम सागर निवासी श्री लक्ष्मी साहू ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि श्री रामलला के दर्शन करना उनके जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य है, जो मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल से संभव हो पाया है। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए इतनी सुव्यवस्थित और सम्मानजनक व्यवस्था एक सपना साकार होने जैसा है। मुख्यमंत्री श्री साय की संवेदनशीलता के कारण आज अनेक महिलाओं को श्री रामलला के दर्शन का अवसर प्राप्त हो रहा है, जिसके लिए वे उनके प्रति कृतज्ञ हैं। अन्य दर्शनार्थियों ने भी इसे अपने जीवन का अविस्मरणीय और भावनात्मक क्षण बताते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। श्री रामलला दर्शन योजना के अंतर्गत श्रद्धालुओं के लिए अयोध्या आने-जाने, ठहरने, मंदिर दर्शन, नाश्ता एवं भोजन की संपूर्ण व्यवस्था की गई है। साथ ही यात्रा के दौरान टूर एस्कॉर्ट, सुरक्षा कर्मियों एवं चिकित्सकों का दल भी श्रद्धालुओं के साथ मौजूद रहेगा।
नेपाल आपदा पीड़ितों के लिए बिलासपुर ने बढ़ाया मदद का हाथ
कलेक्टर के नेतृत्व में रेडक्रॉस का विशेष सहयोग अभियान शुरू, पहले दिन जुटे 72 हजार 600 रुपये
नेपाल में आई आपदा से प्रभावित परिवारों की मदद के लिए बिलासपुर ने मानवीय संवेदना के साथ मदद का हाथ बढ़ाया है। भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी, जिला शाखा बिलासपुर द्वारा कलेक्टर एवं जिला रेडक्रॉस सोसायटी के अध्यक्ष श्री संजय अग्रवाल के नेतृत्व में आज से विशेष राशि एकत्रीकरण अभियान शुरू किया गया। अभियान के पहले ही दिन 72 हजार 600 रुपये की सहयोग राशि एकत्रित की गई।
अभियान का शुभारंभ कलेक्टर श्री अग्रवाल द्वारा स्वयं सहयोग राशि प्रदान कर किया गया। इसके पश्चात उन्होंने रेडक्रॉस सोसायटी के पदाधिकारियों एवं सदस्यों के साथ कलेक्ट्रेट परिसर, पुरानी एवं नई कंपोजिट बिल्डिंग, जिला न्यायालय तथा जिला पंचायत परिसर पहुंचकर अधिकारियों एवं कर्मचारियों से नेपाल के आपदा पीड़ित परिवारों की सहायता के लिए स्वेच्छा से योगदान देने की अपील की।
कलेक्टर श्री अग्रवाल ने कहा कि प्राकृतिक आपदा की इस कठिन घड़ी में सहायता के लिए आगे आना हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से अपनी सामर्थ्य के अनुसार सहयोग राशि प्रदान कर इस मानवीय अभियान में सहभागी बनने की अपील की। भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा राशि एकत्रीकरण अभियान आगामी 10 दिनों तक शहर के विभिन्न स्थानों पर संचालित किया जाएगा। रेडक्रॉस के दल अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचकर नागरिकों से सहयोग राशि एकत्रित करेंगे। अभियान के दौरान एकत्रित संपूर्ण राशि भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी की राज्य शाखा रायपुर को प्रेषित की जाएगी, जहां से इसे नेपाल आपदा से प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए भेजा जाएगा।
अभियान में अध्यक्ष डॉ. बी.एल. गोयल, वाइस चेयरमैन श्री प्रमोद शर्मा, सचिव रेडक्रॉस डॉ. शुभा गरेवाल, श्री अरुण चौहान, श्री सुनील सोनथालिया, श्री सुरेंद्र गुंबर, डॉ. राजीव अवस्थी, श्रीकांत सहारे, डॉ. एम.ए. जीवनी, श्री सौरभ सक्सेना एवं श्री आदित्य पांडे सहित शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला सरकंडा की जूनियर रेडक्रॉस की छात्राएं उपस्थित रहीं। इसके साथ ही श्री लक्ष्मी नारायण मिश्रा, श्री सुशील राजपूत, श्रीमती गीतेश्वरी चंद्र, श्रीमती नेहा राय एवं श्रीमती प्रीति चंद्र सहित रेडक्रॉस के अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य भी राशि एकत्रीकरण अभियान में सक्रिय रूप से सहभागी रहे।
अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर कलेक्टर ने दिलाया साक्षरता का संकल्प
बिलासपुर । अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर आज जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में उल्लास कार्यक्रम के तहत कलेक्टर संजय अग्रवाल ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को साक्षरता का संकल्प दिलाया। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत संदीप अग्रवाल, एडीएम शिवकुमार बनर्जी सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे। सभी ने अपने आसपास के निरक्षर व्यक्तियों को साक्षर बनाने में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।
कलेक्टर श्री अग्रवाल ने कहा कि शिक्षा और साक्षरता व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का सशक्त माध्यम है। समाज के प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह निरक्षरता को दूर करने के लिए अपनी सहभागिता सुनिश्चित करे। उन्होंने सभी से अपील की कि वे उल्लास कार्यक्रम से जुड़कर निरक्षर व्यक्तियों को पढ़ना-लिखना सिखाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में योगदान दें।
सेवा संकल्प अभियान की तैयारियों को लेकर कलेक्टर ने की गहन समीक्षा
17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक होंगे विविध आयोजन
पुलिस परेड ग्राउंड में प्रज्ज्वलित होंगे 51 हजार दीप
कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने आज जिला कार्यालय के मंथन सभा कक्ष में सेवा संकल्प अभियान की तैयारियों की गहन समीक्षा की। उन्होंने अभियान के उद्देश्य, रूपरेखा और विभिन्न गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत श्री संदीप अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे।
सेवा संकल्प अभियान का आयोजन 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य जनसेवा के 25 वर्षों के प्रति आभार व्यक्त करने के साथ ही विकसित भारत-2047 के निर्माण का सामूहिक संकल्प लेना है। अभियान के माध्यम से केंद्र एवं राज्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पात्र नागरिकों तक पहुंचाने और उन्हें योजनाओं के लाभ से जोड़ने के लिए विविध गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
पुलिस परेड ग्राउंड में जलेंगे 51 हजार दीप -
अभियान का शुभारंभ 17 सितंबर को आशीर्वाद का दिया कार्यक्रम से होगा। इस अवसर पर बिलासपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में 51 हजार दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। कार्यक्रम में माय भारत, एनएसएस, एनसीसी के स्वयंसेवकों के साथ ही बड़ी संख्या में नागरिक शामिल होंगे। दीप प्रज्ज्वलन के माध्यम से जनसेवा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए विकसित भारत के निर्माण का सामूहिक संकल्प लिया जाएगा।
अभियान के तहत 25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत कार्यक्रम में 17 सितंबर से 7 अक्टूबर तक विद्यालयों में विकसित भारत की संकल्पना पर ड्राइंग एवं भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। वहीं नमो सेवा गाथा के माध्यम से विद्यालयों, महाविद्यालयों, पंचायतों एवं सामुदायिक केंद्रों में जनसेवा और विकास की गाथाओं को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।
वास्तविक कहानियों से सामने आएगा बदलाव -
कहानी बदलाव की कार्यक्रम के तहत शासन की योजनाओं से लाभान्वित नागरिकों के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों की प्रेरक और वास्तविक कहानियां सामने लाई जाएंगी। अभियान के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों में आंगन उत्सव का आयोजन भी किया जाएगा। इसके अलावा विकसित भारत संकल्प यात्रा, सेवा ज्योति यात्रा, सेवा मेरा योगदान, सेवा सेतु अभियान, रंगोली राष्ट्र, राष्ट्रीय इनोवेशन चौलेंज तथा जनसेवक महाकुंभ-पंचायत से पार्लियामेंट तक जैसे विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सेवा मेरा योगदान के तहत नागरिकों को रक्तदान, वृक्षारोपण, स्वच्छता, वृद्धाश्रम एवं अनाथालय भ्रमण, महिला स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, डिजिटल साक्षरता, नशामुक्ति, सड़क सुरक्षा, जल संरक्षण, साइबर सुरक्षा सहित विभिन्न सेवा गतिविधियों से जोड़ा जाएगा।
सेवा सेतु शिविरों में मिलेगा योजनाओं का लाभ -
अभियान के तहत सेवा सेतु शिविरों का आयोजन कर नागरिकों को एक ही स्थान पर विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी और पात्रता के अनुसार लाभ उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। वहीं रंगोली राष्ट्र के माध्यम से घरों और प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर विकसित भारत के संकल्प को आकर्षक रंगोलियों के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। अभियान का समापन 17 अक्टूबर को जनसेवक महाकुंभ-पंचायत से पार्लियामेंट तक कार्यक्रम के साथ होगा।
कलेक्टर श्री अग्रवाल ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ अभियान की गतिविधियों की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने तथा प्रत्येक कार्यक्रम में व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प अभियान को जन-जन से जोड़ते हुए इसे सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण के सामूहिक अभियान के रूप में सफल बनाया जाए।
कलेक्टर ने जनदर्शन में सुनी लोगों की समस्याएं, अधिकारियों को दिए त्वरित निराकरण के निर्देश
बिलासपुर । कलेक्टर संजय अग्रवाल ने आज जिला कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन में लोगों की समस्याएं सुनी। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों ने उनसे मिलकर निजी एवं सामुदायिक शिकायत संबंधी आवेदन दिया। उन्होंने अधिकांश मामलों में मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस दौरान अपर कलेक्टर शिवकुमार बनर्जी एवं ज्योति पटेल ने भी लोगों की समस्याएं सुनी।
जनदर्शन में मल्टी एक्टिविटी सेंटर नारी शक्ति समिति गनियारी की अध्यक्ष रागिनी पाण्डेय द्वारा सेंटर में ट्रांसफार्मर जल जाने के कारण हो रही दिक्कतों के संबंध में ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। उन्होंने बताया कि ट्रांसफार्मर जल जाने से मशीनी उपकरण संचालित नहीं हो रहे है, जिससे उन्हें मिले आर्डर को वे समय पर पूरा नहीं कर पा रहे है। उन्होंने कलेक्टर से नये ट्रांसफार्मर की मांग की है। कोटा विकासखंड के शासकीय प्राथमिक शाला भेलवापारा के प्रधान पाठक एवं ग्रामीणों द्वारा स्कूल भवन को मरम्मत कराने की मांग की गई। ग्राम पंचायत धूमा के ग्रामीण किसानों ने ग्राम धूमा के पैठू तालाब के पास मेन नहर में पुलिया निर्माण की मांग रखी। ग्रामीणों ने बताया कि उक्त मार्ग से आवागमन के साथ-साथ कृषि कार्यों के लिए खाद-बीज लाने-ले जाने में भी किसानों को परेशानी होती है। ग्रामीणों ने क्षेत्र की समस्या को देखते हुए नवीन पुलिया निर्माण की स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया है।
बिल्हा नगर पंचायत क्षेत्र के रविशंकर शर्मा ने कृषि भूमि में उपयोग किए गए यूरिया खाद से संबंधित शिकायत प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि ग्राम देवकीरारी में स्थित अपनी कृषि भूमि के लिए दुकान से खरीदा गया यूरिया खाद उपयोग करने के बाद अपेक्षित लाभ नहीं मिला, बल्कि उन्हें नुकसान होने की शिकायत है। उन्होंने खाद की गुणवत्ता की जांच कर उचित कार्रवाई करने का अनुरोध किया। कलेक्टर ने उप संचालक कृषि को तत्काल जांच करवाने के निर्देश दिए। कुदुदंड निवासी राधेश्याम सूर्यवंशी ने सीमांकन में हो रही देरी की शिकायत की। आवेदन के अनुसार सीमांकन के लिए पूर्व में तहसीलदार के आदेश के बावजूद लंबे समय से सीमांकन नहीं हो पाया है। आवेदक ने बताया कि पटवारी एवं राजस्व निरीक्षक से संपर्क करने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही है।
उन्होंने शीघ्र सीमांकन कराने का अनुरोध किया है। सकरी थाना क्षेत्र के ग्राम सकर्रा निवासी जानकी शर्मा ने अपने पुत्र की तालाब में डूबने से हुई मृत्यु के मामले में राज्य आपदा राहत कोष के अंतर्गत नियमानुसार क्षतिपूर्ति राशि दिलाने की मांग की। उन्होंने बताया कि उनके 43 वर्षीय पुत्र की तालाब में डूबने से मृत्यु हो गई थी। जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत प्रभावित हुई है। उन्होंने शीघ्र क्षतिपूर्ति राशि स्वीकृत कराने का अनुरोध किया।सकरी क्षेत्र के दरसराम पनिक ने एनएचएआई द्वारा सड़क निर्माण हेतु अधिग्रहित भूमि का मुआवजा दिलाने की मांग की। उन्होंने उनकी निजी भूमि पर बिना उचित सूचना दिए सड़क निर्माण कराया गया है। उन्होंने बताया कि भूमि का सीमांकन पूर्व में किया जा चुका है तथा सड़क निर्माण में उनकी निजी भूमि का उपयोग हुआ है।
शहर के टिकरापारा निवासी ओमप्रकाश सोनी ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के अंतर्गत निराश्रित पेंशन पुनः शुरू कराने का ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि शारीरिक रूप से दिव्यांग होने के कारण उन्हें चलने-फिरने एवं कार्य करने में कठिनाई होती है। नगर पालिक निगम के माध्यम से उन्हें निराश्रित परिचय पत्र प्रदान किया गया था और इसके आधार पर वे पेंशन का लाभ प्राप्त कर रहे थे, लेकिन पिछले करीब 8-9 माह से पेंशन का भुगतान बंद है। उन्होंने नियमित रूप से निराश्रित पेंशन दिलाने का आग्रह किया है। कलेक्टर ने सभी मामलों पर सुनवाई करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही कर समस्याओं के निराकरण के निर्देश दिए है।
सेवा सेतु के जरिए महज चार दिन में जारी हुआ आय प्रमाण पत्रनागरिकों तक पहुंच रही डिजिटल शासकीय सेवाएं
बिलासपुर, 8 सितम्बर 2026
सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से नागरिकों को शासकीय सेवाएं अब अधिक सरल, सहज और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध हो रही हैं। सेवा सेतु नागरिकों और शासकीय सेवाओं के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य कर रहे हैं। आवेदन से लेकर आवश्यक दस्तावेजों की जांच और प्रमाण पत्र जारी होने तक की प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने से नागरिकों को शासकीय कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर लगाने से राहत मिल रही है। बिलासपुर तहसील के ’’श्री गौरी पहाड़ी को सेवा सेतु के माध्यम से आवेदन करने के महज चार दिनों के भीतर आय प्रमाण पत्र प्राप्त हो गया।’’
श्री गौरी पहाड़ी को आय प्रमाण पत्र की आवश्यकता थी। आवेदन प्रस्तुत करने के महज चार दिनों के भीतर श्री गौरी पहाड़ी का आय प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। कम समय में प्रमाण पत्र प्राप्त होने से उन्हें अपने आवश्यक व्यक्तिगत एवं शासकीय कार्यों को पूरा करने में काफी सुविधा मिली। सेवा सेतु के माध्यम से पूरी प्रक्रिया सहज और सुविधाजनक होने से उन्हें प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर नहीं लगाने पड़े। आय प्रमाण पत्र मिलने के बाद श्री गौरी पहाड़ी ने ’’सेवा सेतु की त्वरित एवं सरल कार्यप्रणाली’’ पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि सेवा सेतु के माध्यम से आवेदन करने की प्रक्रिया आसान रही और निर्धारित समय से पहले ही प्रमाण पत्र प्राप्त हो गया। इससे उनके जरूरी कार्य समय पर पूरे हो सके। उन्होंने त्वरित निराकरण के लिए छत्तीसगढ़ शासन के प्रति आभार भी व्यक्त किया।
सेवा सेतु छत्तीसगढ़ के नागरिकों तक डिजिटल सेवाएँ लाने का एक खास पहल है। इसका उद्देश्य हर एक नागरिक, विशेषतः दूर-दराज और ग्रामीण इलाकों में रहने वालों, तक सरकार की योजनाएँ और सुविधाएँ पहुंचाना हैं। ‘सेवा सेतु’ सरकार की डिजिटल परिवर्तन यात्रा में एक महत्वपूर्ण अध्याय हैं। इतने सालों में यह एक बड़े सेवा-वितरण व्यवस्था में बदल गया है जो यह सुनिश्चित करता है कि नागरिक सरकारी दफ्तर जाए बिना विभिन्न सेवाओ के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकें।
कलेक्टर ने जनदर्शन में सुनी लोगों की समस्याएं
अधिकारियों को दिए त्वरित निराकरण के निर्देश
बिलासपुर, 8 सितम्बर 2026
कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने आज जिला कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन में लोगों की समस्याएं सुनी। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों ने उनसे मिलकर निजी एवं सामुदायिक शिकायत संबंधी आवेदन दिया। उन्होंने अधिकांश मामलों में मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस दौरान अपर कलेक्टर श्री शिवकुमार बनर्जी एवं सुश्री ज्योति पटेल ने भी लोगों की समस्याएं सुनी।
जनदर्शन में मल्टी एक्टिविटी सेंटर नारी शक्ति समिति गनियारी की अध्यक्ष श्रीमती रागिनी पाण्डेय द्वारा सेंटर में ट्रांसफार्मर जल जाने के कारण हो रही दिक्कतों के संबंध में ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। उन्होंने बताया कि ट्रांसफार्मर जल जाने से मशीनी उपकरण संचालित नहीं हो रहे है, जिससे उन्हें मिले आर्डर को वे समय पर पूरा नहीं कर पा रहे है। उन्होंने कलेक्टर से नये ट्रांसफार्मर की मांग की है। कोटा विकासखंड के शासकीय प्राथमिक शाला भेलवापारा के प्रधान पाठक एवं ग्रामीणों द्वारा स्कूल भवन को मरम्मत कराने की मांग की गई। ग्राम पंचायत धूमा के ग्रामीण किसानों ने ग्राम धूमा के पैठू तालाब के पास मेन नहर में पुलिया निर्माण की मांग रखी। ग्रामीणों ने बताया कि उक्त मार्ग से आवागमन के साथ-साथ कृषि कार्यों के लिए खाद-बीज लाने-ले जाने में भी किसानों को परेशानी होती है। ग्रामीणों ने क्षेत्र की समस्या को देखते हुए नवीन पुलिया निर्माण की स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया है।
बिहान से मिली नई राह, स्वरोजगार से लखपति बनीं ज्योति दीदी
मुर्गी-बत्तख और बटेर पालन ने संवारी आजीविका

मस्तुरी विकासखण्ड के ग्राम पंचायत बोहारडीह की श्रीमती ज्योति कुर्रे ने छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) से जुड़कर अपनी मेहनत और लगन से स्वरोजगार की नई राह बनाई है। वे गांव में संचालित ’’सागर महिला स्व सहायता समूह’’ की सक्रिय सदस्य हैं। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें मुर्गी एवं बत्तख पालन के लिए बैंक से ऋण प्राप्त हुआ। इस राशि का सदुपयोग करते हुए ज्योति कुर्रे ने बत्तख, मुर्गी एवं बटेर पालन का व्यवसाय शुरू किया।
श्रीमती ज्योति कुर्रे ने बताया कि इस व्यवसाय से प्राप्त अंडों को वे स्थानीय स्तर पर गांव में विक्रय करती हैं। इसके साथ ही थोक में अंडों का व्यवसाय कर अच्छा मुनाफा अर्जित कर रही हैं। ज्योति कुर्रे ने अपनी आय के अतिरिक्त स्रोत के रूप में किराना दुकान का संचालन भी शुरू किया है। मुर्गी पालन, अंडा व्यवसाय और किराना दुकान के माध्यम से वे प्रतिवर्ष लगभग 3 लाख रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। बिहान योजना के माध्यम से मिले मार्गदर्शन, समूह का सहयोग और बैंक ऋण की सुविधा ने ज्योति कुर्रे को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आज वे अपने परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के साथ ही स्वावलंबन की मिसाल बन रही हैं। उनकी सफलता यह साबित करती है कि ग्रामीण महिलाओं को अवसर, प्रशिक्षण और आर्थिक सहयोग मिले तो वे अपनी मेहनत से आत्मनिर्भर बन सकती हैं।
ज्योति कुर्रे ने कहा कि बिहान योजना से जुड़ने के बाद उन्हें अपनी आजीविका को आगे बढ़ाने का अवसर मिला। उन्होंने इस सहयोग के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बिहान योजना ने उन्हें ’’आत्मनिर्भर, सक्षम और आर्थिक रूप से सशक्त’’ बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
चौथी इंटर क्लब ओपन रोलर स्केटिंग प्रतियोगिता संपन्न
कलेक्टर-एसएसपी ने खिलाड़ियों का बढ़ाया उत्साह

रॉयल स्केटिंग क्लब एवं फिजिकल एजुकेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया (पेफी) छत्तीसगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय चौथी इंटर क्लब ओपन रोलर स्केटिंग प्रतियोगिता का आयोजन बिलासा शासकीय स्नातकोत्तर कन्या महाविद्यालय के पिंक स्टेडियम में किया गया। कार्यक्रम में कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, एसएसपी श्री रजनेश सिंह एवं जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप अग्रवाल शामिल हुए।
प्रतियोगिता में विभिन्न स्केटिंग क्लबों के लगभग ’’150 बालक-बालिका खिलाड़ियों’’ ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। खिलाड़ियों ने स्पीड क्वाड, स्पीड इनलाइन, टॉय इनलाइन एवं टेनासिटी स्केटिंग के विभिन्न इवेंट में अपनी प्रतिभा और खेल कौशल का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता मिनी, सब-जूनियर, कैडेट, जूनियर एवं 19 वर्ष तक के सीनियर वर्ग के बालक-बालिकाओं के लिए आयोजित की गई। प्रतियोगिता में इंफिनिटी क्लब, सेंट बॉक्स क्लब, स्पीड स्केटिंग क्लब, प्रियदर्शनी क्लब, एसईसीएल, एनटीपीसी स्केटिंग क्लब, ब्रिलिएंट स्केटिंग क्लब सहित रॉयल स्केटिंग क्लब के खिलाड़ियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी खेल प्रतिभा का परिचय दिया। कार्यक्रम के संबंध में रॉयल स्केटिंग क्लब के डायरेक्टर श्री विशाल रॉय ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रतियोगिता का उद्देश्य बच्चों और युवाओं में स्केटिंग के प्रति रुचि बढ़ाने तथा उभरती हुई खेल प्रतिभाओं को बेहतर मंच प्रदान करना है। प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने पूरे उत्साह और खेल भावना के साथ हिस्सा लिया।
प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल करने वाले खिलाड़ियों में नमन मुलमुले, श्रद्धि श्यामल, आकांक्षा तिर्की, अव्युक्त लुल्ला, आध्या, एम. प्रणव, अनीश विहार गुनुपुरू, शिविका पांडे, तेजस्व सिंह, ईसार वर्मा, अविराज हुड्डा, अनन्या, अविरा विमल, अयांश श्रीवास्तव, स्मृति कुजूर, अनवी सैनी, इनाया खान, पूर्वी सिन्हा, प्रणव सिंह, रौनक तालुकदार, प्रांजल गौतम, अन्विता जायसवाल, प्रियांशी गौतम, अश्मि शर्मा, जीविका पटनायक, कुशांक, तेजल साहू, रणवीर वाधवानी, अरिजीत दत्ता, कमल महादेवा, बी. रूद्राक्ष नायडू एवं रश्मि शर्मा सहित अन्य खिलाड़ी शामिल रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री शैलेंद्र सिंह ठाकुर ने की। प्रतियोगिता के सफल आयोजन में श्री विमल, श्री मनोज, डॉ. मिलिंद भानदेव, श्री राजेश सूर्यवंशी, श्री कांतानाथ, श्री श्रेयांश पटनायक, श्री विक्की रॉय, श्री नितिन साहू, श्री तनमय नायर, श्री आशु अग्रवाल, श्री रितेश साहू, श्री अक्षत, श्री गंगासागर एवं तुषार बोडकर सहित आयोजन समिति के सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
मृत्युकालीन कथन लेखबद्ध करने की प्रक्रिया पर प्रशिक्षण
मृत्युकालीन कथन लेखबद्ध करने की मानक संचालन प्रक्रिया के प्रभावी पालन के लिए आज मंथन सभा कक्ष, बिलासपुर में कार्यपालिक मजिस्ट्रेट, पुलिस अधिकारी, लोक अभियोजक एवं चिकित्सा अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण एवं कार्यशाला आयोजित की गई। प्रशिक्षण में कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल एवं एसएसपी श्री रजनेश सिंह उपस्थित रहे।
कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने कहा कि अपराधी को सजा दिलाने में मृत्युकालीन कथन महत्वपूर्ण साक्ष्य होता है। उन्होंने कहा कि मृत्युकालीन बयान को उच्च स्तर के साक्ष्य की श्रेणी में रखा गया है, लेकिन बयान दर्ज करते समय यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि संबंधित व्यक्ति किसी दबाव में तो बयान नहीं दे रहा है। बयान व्यक्ति के पूर्ण होशो-हवास में होना चाहिए, तभी उसकी वैधानिकता सुनिश्चित होती है। उन्होंने कहा कि दोषी तक पहुंचकर उसे सजा दिलाना और समाज को सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाना हम सभी का दायित्व है। दोषियों को सजा मिलने से अपराध पर प्रभावी अंकुश लगता है। पुलिस, कार्यपालिक मजिस्ट्रेट और अभियोजन के समन्वय से मजबूत साक्ष्य जुटाए जाएं, ताकि न्यायालय में प्रकरण प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर दोषियों को सजा दिलाई जा सके।
एसएसपी श्री रजनेश सिंह ने कहा कि फील्ड स्तर पर विवेचना के दौरान आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों को कार्यशाला में साझा करें। उन्होंने अधिकारियों से निर्देशानुसार विवेचना की प्रक्रिया अपनाने और साक्ष्यों का बेहतर संकलन सुनिश्चित करने कहा, ताकि आरोपियों को न्यायालय से सजा दिलाई जा सके। लोक अभियोजन अधिकारी सुश्री वीणा सिंह और सुश्री श्वेता कुर्रे ने प्रशिक्षण में मृत्युकालीन कथन लेखबद्ध किए जाने के संबंध में एसओपी की बारीकियों की विस्तार से जानकारी दी और उनकी जिज्ञासाओं का निराकरण किया। एडीएम शिवकुमार बनर्जी भी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ शासन के गृह विभाग के निर्देश तथा माननीय उच्च न्यायालय, बिलासपुर द्वारा पारित आदेश के अनुपालन में मृत्युकालीन कथन लेखबद्ध किए जाने संबंधी मानक संचालन प्रक्रिया के पालन के लिए यह प्रशिक्षण आयोजित किया गया।
सर्व विप्र महिला समाज द्वारा तीज मिलन समारोह का आयोजन किया गया,
बिलासपुर। रविवार को इमलीपारा के होटल टोपाज में आयोजित तीज मिलन कार्यक्रम में विभिन्न आयोजन हुए ,नृत्य गीत के जरिए मनमोहक प्रस्तुति दी गई।वहीं प्रतिभागियों को पुरस्कार और भेंट दिया गया, आयोजन स्थल पर विभिन्न महिलाओं द्वारा स्टाल लगाए गए, जिसमें ज्वेलरी ,कपड़े जैसे सामग्रियों की जमकर खरीदारी भी हुई।समाज की अध्यक्ष रिचा पाठक ने बताया कि प्रतिवर्ष इसी तरह महिलाओं में आपसी मेल जोल बढ़ाने तीज मिलन का आयोजन किया जाता है ,वही समय पर दूसरे भी आयोजन किए जाते हैं ताकि समाज की एकजुट बनी रहे। पीआरओ वर्षा तिवारी ने सभी बहनों का आभार जताया, तीज मिलन समारोह में महिलाएं अलग-अलग परिधानों में आकर्षक नजर आ रही थी, वहीं सोलह सिंगार में महिलाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था, महिलाओं और बच्चों ने नित्य प्रस्तुत कर सब का मन मोह लिया।
शिक्षक दिवस पर लायंस क्लब बिलासपुर ने किया 51 शिक्षकों का सम्मान
बिलासपुर। शिक्षक केवल ज्ञान देने वाला नहीं, बल्कि व्यक्तित्व गढ़ने वाला मार्गदर्शक होता है। शिक्षक दिवस के अवसर पर लायंस क्लब बिलासपुर ने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 51 शिक्षकों का सम्मान कर उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
राज्यपाल श्री रमेन डेका ‘द्रोणाचार्य संगम-2026’ में हुए शामिल, कहा-समय का सदुपयोग और परिश्रम ही सफलता की कुंजी
शिक्षा के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षक हुए सम्मानित
बिलासपुर, 6 सितंबर 2026


छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका रविवार को शिक्षक दिवस के अवसर पर एसईसीएल-डीएवी पब्लिक स्कूल, वसंत विहार, बिलासपुर में आयोजित ‘द्रोणाचार्य संगम-2026’ में शामिल हुए। इस अवसर पर शिक्षकों के उत्कृष्ट योगदान का सम्मान किया गया तथा शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले शिक्षकों को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा कि समय का सही उपयोग जीवन में अत्यंत महत्वपूर्ण है। आज का दौर इंटरनेट और तकनीक का दौर है तथा बच्चे तेजी से एक ऐसी दुनिया में बड़े हो रहे हैं, जहां ज्ञान और सूचनाएं आसानी से उपलब्ध हैं। ऐसे में बच्चों और युवाओं को समय का सदुपयोग करते हुए सही दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद देश के शिक्षा क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने प्राचीन भारतीय शिक्षा व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि पुराने समय में गुरुकुल परंपरा के माध्यम से गुरु विद्यार्थियों को शिक्षा और संस्कार प्रदान करते थे। समय के साथ शिक्षा व्यवस्था में व्यापक परिवर्तन हुए हैं और आज आधुनिक शिक्षा के साथ संस्कार एवं मूल्यों का समावेश भी आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा कि परिश्रम करने वालों को निश्चित रूप से सफलता मिलती है। जीवन में निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए और चुनौतियों से घबराना नहीं चाहिए।
राज्यपाल ने वरिष्ठ नागरिकों से भी जीवन को सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ जीने की अपील की। उन्होंने कहा कि जीवन में जो कुछ मिला है, उसके प्रति संतोष और कृतज्ञता का भाव रखना चाहिए तथा वर्तमान में रहकर जीवन का आनंद लेना चाहिए। उन्होंने देशभक्ति और संस्कारों के महत्व पर जोर दिया। बच्चों में देशभक्ति की भावना विकसित होने से देश को जागरूक और राष्ट्रभक्त नागरिक मिलेंगे। उन्होंने कहा कि समाज के निर्माण में परिवार और शिक्षकों दोनों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। शिक्षक केवल विद्यार्थियों को पढ़ाने का कार्य नहीं करते, बल्कि समाज को शिक्षित और जागरूक बनाने में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
इस अवसर पर आयोजित ‘द्रोणाचार्य संगम-2026’ में शिक्षा के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय एवं उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया। राज्यपाल ने विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित शिक्षकों के समर्पण और उत्कृष्ट कार्यों की सराहना की। कार्यक्रम में एसईसीएल और डीएवी के बीच शिक्षा के क्षेत्र में स्थापित सहयोग और साझेदारी को भी महत्वपूर्ण बताया गया। ‘द्रोणाचार्य संगम-2026’ को शिक्षकों के सम्मान, उनके अनुभवों के आदान-प्रदान और शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
कार्यक्रम में संभागायुक्त श्री सुनील जैन, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, एसएसपी श्री रजनेश सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप अग्रवाल, एसईसीएल के डायरेक्टर मानव संसाधन श्री बिरंची दास एवं मुख्य सतर्कता अधिकारी श्री हिमांशु जैन, एसईसीएल के अन्य अधिकारी-कर्मचारी गण एवं डीएवी प्रबंधन, विभिन्न प्रोजेक्ट स्कूलों के प्रतिनिधि, शिक्षक-शिक्षिकाएं, विद्यार्थी एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री की मौजूदगी में बहतराई स्टेडियम में गूंजा तीजा तिहार का उल्लास
आस्था और पारिवारिक खुशहाली का महापर्व है तीजा : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
छत्तीसगढ़ी संस्कृति और नारी शक्ति का दिखा भव्य संगम
चोरहादेवरी गांव अब रामदेवरी के नाम से जाना जाएगा
बेलतरा महोत्सव के लिए 30 लाख देने की घोषणा
झूले, मेहंदी, भोजन और उपहार बने आकर्षण, बच्चों ने भी लिया उत्सव का आनंद
बिलासपुर, 6 सितम्बर 2026

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज बहतराई स्टेडियम में छत्तीसगढ़ के पारंपरिक पर्व तीजा तिहार के अवसर पर आयोजित भव्य तीजा मिलन समारोह में शामिल हुए। आयोजन स्थल छत्तीसगढ़ी संस्कृति और परंपराओं के रंग में रंगा नजर आया। बड़ी संख्या में पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचीं माताओं-बहनों के साथ बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की। पूरे स्टेडियम में उल्लास और उमंग का माहौल रहा। महिलाओं के लिए आकर्षक झूलों, मेहंदी और विभिन्न मनोरंजक गतिविधियों की व्यवस्था की गई थी। माताओं-बहनों के लिए भोजन और उपहार की भी विशेष व्यवस्था की गई, जिससे आयोजन का उत्साह और बढ़ गया। बच्चों ने भी विभिन्न गतिविधियों का आनंद लिया। कार्यक्रम में विधायक श्री अमर अग्रवाल, श्री धरमलाल कौशिक, श्री सुशांत शुक्ला, श्रीमती भावना बोहरा, छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष श्री राजा पांडे, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, श्री दीपक सिंह, श्री मोहित जायसवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक सहित बड़ी संख्या में महिलाएं एवं बच्चे उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने तीजा पर्व को माताओं और बहनों की आस्था, प्रेम और पारिवारिक समर्पण का पर्व बताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपराओं में तीजा का विशेष स्थान है। हमारी माताएं अपने पति की दीर्घायु और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना के साथ श्रद्धापूर्वक व्रत रखती हैं। हमारी सनातन संस्कृति में नारी को सदैव सम्मान का स्थान दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। घर-घर शौचालय का निर्माण, महिलाओं के नाम राशन कार्ड तथा महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की 68 लाख से अधिक माताओं-बहनों को अब तक 31 किश्तों की राशि का भुगतान महिलाओं को सम्मान और आर्थिक मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ की महिलाएं केवल योजनाओं की लाभार्थी नहीं, बल्कि विकास की भागीदार और आत्मनिर्भरता की मिसाल बन रही हैं। प्रदेश में 13 लाख 85 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। ड्रोन दीदियां आधुनिक तकनीक के माध्यम से स्वरोजगार से जुड़कर प्रतिदिन 6 से 7 हजार रुपए तक की आय अर्जित कर रही हैं। हमारी दीदियां सेंटरिंग प्लेट, ई-रिक्शा सहित अनेक क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को उद्योगों से जोड़ने और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए उन्हें प्राथमिकता दी जा रही है तथा 50 प्रतिशत तक सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। बस्तर से बिलासपुर तक माताएं और बहनें आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रही हैं। सरकार का प्रयास है कि विकास की सुविधाएं गांव और घर के नजदीक पहुंचें। वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के संकल्प का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि खनिज और वन संपदा से समृद्ध छत्तीसगढ़ में विकास की अपार संभावनाएं हैं। इन संभावनाओं का लाभ प्रदेश के हर वर्ग तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री की महत्वपूर्ण घोषणाएं -
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में बिल्हा विकासखंड के चोरहादेवरी गांव का नाम बदलकर ‘रामदेवरी’ किए जाने की घोषणा की। साथ ही माघी पूर्णिमा पर आयोजित होने वाले बेलतरा महोत्सव के आयोजन के लिए 30 लाख रुपए की राशि प्रदान करने की घोषणा भी की। घोषणाओं का उपस्थित लोगों ने उत्साहपूर्वक स्वागत किया।
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि तीजा छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति और परंपरा से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। यह माताओं और बहनों की आस्था, प्रेम और पारिवारिक समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने कमल सखी परिवार के आयोजन को संस्कृति और परंपराओं को सहेजने तथा समाज में आत्मीयता बढ़ाने वाला आयोजन बताया। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि तीजा तिहार छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और आस्था का प्रतीक है। यह पर्व महिलाओं के जीवन में विशेष महत्व रखता है। राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान, सशक्तिकरण और उनके सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। तीजा जैसे पारंपरिक पर्व हमारी संस्कृति और सामाजिक एकता को सहेजने का संदेश देते हैं। बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला ने कहा कि तीजा छत्तीसगढ़ की माटी और संस्कृति से जुड़ा पर्व है। इसमें माताओं और बहनों की आस्था, त्याग और पारिवारिक प्रेम की सुंदर झलक दिखाई देती है। उन्होंने आयोजन को हमारी परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बताया।
इस अवसर पर संभागायुक्त श्री सुनील जैन, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, एसएसपी श्री रजनेश सिंह, नगर निगम कमिश्नर श्री प्रकाश कुमार सर्वे, जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप अग्रवाल उपस्थित थे। तीजा तिहार के इस भव्य आयोजन में झूले, मेहंदी, भोजन और उपहार विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। माताओं-बहनों के साथ बच्चों ने भी उत्साह से विभिन्न गतिविधियों का आनंद लिया। गीत-संगीत, पारंपरिक वेशभूषा और उत्सवी माहौल ने बहतराई स्टेडियम को छत्तीसगढ़ी संस्कृति और तीजा की खुशियों से सराबोर कर दिया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का बिलासपुर आगमन पर आत्मीय स्वागत
बिलासपुर 6 सितंबर 2026
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आज बिलासपुर आगमन पर एसईसीएल हेलीपैड में आत्मीय स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री श्री साय बहतराई स्टेडियम में आयोजित तीजा पर्व कार्यक्रम में शामिल होने बिलासपुर पहुंचे थे। एसईसीएल हेलीपैड पर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, विधायक श्री धरमलाल कौशिक, श्री अमर अग्रवाल, श्री सुशांत शुक्ला, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष श्री राजा पांडे, संभागायुक्त श्री सुनील जैन, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल एवं एसएसपी श्री रजनेश सिंह, जिला अध्यक्ष श्री दीपक सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री श्री साय का स्वागत किया।
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने वेस्ट जोन इंटर स्टेट बैडमिंटन प्रतियोगिता के विजेताओं को किया पुरस्कृत
जिला जनसंपर्क कार्यालय,
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने आज डिस्ट्रिक्ट बैडमिंटन एसोसिएशन की ओर से आयोजित प्रतियोगिता के विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार प्रदान किए। उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के साथ उसे और निखारने का बेहतर अवसर देती हैं। मैदान पर खिलाड़ियों का आत्मविश्वास और खेल कौशल देखकर स्पष्ट है कि छत्तीसगढ़ में बैडमिंटन की प्रतिभाएं लगातार आगे बढ़ रही हैं। श्री साव ने विजेता खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि खेल में जीत महत्वपूर्ण है, लेकिन उससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण निरंतर अभ्यास, अनुशासन और बेहतर करने की ललक है। ऐसी प्रतियोगिताओं से खिलाड़ियों को बड़े मुकाबलों का अनुभव मिलता है और वे भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार होते हैं।
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जो खेलेगा, वही खिलेगा : उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव
प्रतिभाओं को तराशने और आगे बढ़ने के अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है राज्य सरकार
26वीं राज्य स्तरीय साल क्रीड़ा प्रतियोगिता का शानदार समापन
प्रदेश के पांच संभागों के 845 खिलाड़ियों एवं 150 से अधिक ऑफिशियल ने लिया भाग
प्रतियोगिता में बिलासपुर संभाग बना ओवरऑल चौंपियन
बिलासपुर, 6 सितंबर 2026/उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। जरूरत इन प्रतिभाओं को पहचानने, तराशने और उन्हें आगे बढ़ने के बेहतर अवसर प्रदान करने की है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार खेल और खिलाड़ियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उप मुख्यमंत्री श्री साव आज यहां 26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता के समापन समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेल के मैदान में संघर्ष करने और पसीना बहाने वाले खिलाड़ी ही सफलता की नई ऊंचाइयों को छूते हैं। उन्होंने कहा कि जो खेलेगा, वही खिलेगा। आज देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी खेल और खिलाड़ियों के विकास को विशेष प्राथमिकता दे रहे हैं। खेलो इंडिया के माध्यम से खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार भी खेल और खिलाड़ियों की बेहतरी के लिए लगातार कार्य कर रही है। राज्य में बस्तर एवं सरगुजा ओलंपिक का आयोजन किया गया है। छत्तीसगढ़ को खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स की मेजबानी का अवसर भी मिला है। राज्य सरकार ने बंद हो चुके खेल अलंकरण को पुनः प्रारंभ करने के साथ ही उत्कृष्ट खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल की है।
श्री साव ने बताया कि गत 29 अगस्त को राज्य सरकार द्वारा खिलाड़ियों को प्रोत्साहन स्वरूप एक करोड़ 74 लाख रुपए की राशि प्रदान की गई है। अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में छत्तीसगढ़ हॉकी लीग का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष योजना के अंतर्गत इस वर्ष के बजट में 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसके माध्यम से खेलों के विकास के साथ ही स्पोर्ट्स साइंस और खेल अधोसंरचना को भी मजबूत किया जाएगा।
बिलासपुर संभाग बना ओवरऑल चौंपियन -
26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता में प्रदेश के पांचों संभागों के 845 खिलाड़ियों एवं 150 से अधिक ऑफिशियल ने भाग लिया। चार दिवसीय प्रतियोगिता में बेसबॉल, तैराकी और वाटर पोलो की स्पर्धाएं आयोजित की गईं। बिलासपुर संभाग ने सभी प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन करते हुए 3800 अंकों के साथ ओवरऑल चौंपियन का खिताब अपने नाम किया।
प्रतियोगिता का आयोजन बिलासपुर के संजय तरण पुष्कर एवं छत्तीसगढ़ स्कूल खेल मैदान में किया गया। समापन समारोह में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव सहित अतिथियों ने विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार वितरित कर सम्मानित किया।
शिक्षा के साथ खेल भी जरूरी : विधायक श्री अमर अग्रवाल
बिलासपुर विधायक श्री अमर अग्रवाल ने कहा कि जीवन बहुआयामी है। शिक्षा के साथ-साथ शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत रहना भी आवश्यक है, जिसमें खेलों की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों के विकास के लिए बनाई गई नीतियों का परिणाम है कि आज भारतीय खिलाड़ी विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व मे सरकार ने खेलों के लिए आधारभूत अधोसंरचना विकसित करने का कार्य किया है।
खेल की प्रतिस्पर्धा भविष्य को बनाती है उज्ज्वल : विधायक श्री धरमलाल कौशिक
बिल्हा विधायक श्री धरमलाल कौशिक ने कहा कि खेल के माध्यम से छत्तीसगढ़ को नई पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा है और खेल के मैदान में होने वाली प्रतिस्पर्धा खिलाड़ियों के भविष्य को उज्ज्वल बनाती है। उन्होंने खिलाड़ियों से खेल के क्षेत्र में अपने परिवार, प्रदेश और देश का नाम रोशन करने का आह्वान किया।
समापन समारोह में मस्तुरी विधायक श्री दिलीप लहरिया, छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष श्री राजा पाण्डेय, , श्री मोहित जायसवाल, श्री दीपक सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री शिव कुमार बनर्जी, संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग बिलासपुर श्री अश्वनी कुमार भारद्वाज, जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती वर्षा शर्मा, सहायक संचालक क्रीड़ा श्री जी.डी. गर्ग, बीईओ बिल्हा श्री भूपेंद्र कौशिक, डॉ. सुरेश शुक्ला, श्री सुशील मिश्रा, श्री रितेश सिंह, श्री मृत्युंजय शर्मा, श्री अजय त्रिपाठी, श्री सुभाष त्रिपाठी, श्री प्रदीप पाण्डेय, श्री संदीप त्रिपाठी, श्री धीरेन्द्र पाठक, श्रीमती लीना शर्मा, श्रीमती निशा दुबे, श्रीमती सुयश दुबे, फरीदा बेगम, अमृता, मधु सिंह सहित बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी एवं खेलप्रेमी उपस्थित थे।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. भारती दुबे, मास्टर ऑफ सेरेमनी श्री आशीष मिश्रा एवं श्री शाहिद हुसैन ने किया। देवकीनंदन कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति भी दी गई।
रचना/
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