छत्तीसगढ़ / दंतेवाड़ा
दंतेवाड़ा जिले में होगा ’’जू पार्क का निर्माण, सभी लेम्पस् में जैविक खाद किए जाएंगे उपलब्ध
दंतेवाड़ा जिले में होगा ’’जू पार्क का निर्माण, सभी लेम्पस् में जैविक खाद किए जाएंगे उपलब्ध
वाहन चालक एवं वाहन स्वामी के पास कोई वैध दस्तावेंज नहीं।
दंतेवाड़ा। जिला दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा में अपराधों की रोकथाम एवं असमाजिक गतिविधियो पर अंकुश लगाने के लिये पुलिस अधीक्षक गौरव राय जिला दंतेवाड़ा के दिशा निर्देश एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजनाला स्मृतिक, आर.के. बर्मन के मार्ग दर्शन एवं एसडीओपी बारसूर उन्नति ठाकुर के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी निरीक्षक विजय पटेल के नेतृत्व में गीदम पुलिस द्वारा अवैध परिवहन पर लगातार कार्यवाही कर रही है दिनांक 11.01.2025 को मुखबिर सूचना प्राप्त हुयी की एक सफेद रंग की टाटा वाहन क्रं OD 10 Y 4858 में अवैध रूप से चावल का परिवहन कर नैमेड़ जिला बीजापुर से जगदलपुर जिला बस्तर बिक्री के लिये ले जाया जा रहा है। मुखबिर सूचना की तस्दीकी हेतू निरीक्षक विजय पटेल के नेतृत्व में टीम गठित कर एमसीपी की कार्यवाही की गयी।
मुखबिर के बताये अनुसार टाटा वाहन क्रं OD 10 Y 4858 को रोककर ड्रायवर एवं वाहन स्वामी से पूछताछ किया गया। ड्रायवर ने अपना नाम छबिलाल सेठिया पिता काशीराम सेठिया उम्र 32 वर्ष निवासी नेगानार थाना उसरीबेड़ा जिला बस्तर एवं वाहन स्वामी ने अपना नाम राजू जुमड़े पिता जे.पापैया निवासी नैमेड़ जिला बीजापुर का होना बताये। वाहन स्वामी के द्वारा बताया गया की वाहन में 130 बोरी चावल एवं टोरा खली का होना बताया जिसको चेक करने पर सरकारी सप्लाई का चावल होने की संभावना पर मौके पर जिला खाद्य निरीक्षक एवं जिला खाद्य एवं औषधी प्रसाधन विभाग दंतेवाड़ा को उपस्थित होने जरिये मोबाईल कार्यवाही हेतू सूचना दिया गया।
जांच दौरान ड्रायवर एवं वाहन स्वामी को ट्रक में लोड 130 प्लास्टिक बोरी में भरा चावल के परिवहन करने एवं बेचने के संबंध में दस्तावेंज प्रस्तुत करने का नोटिस दिया गया था जिस पर वाहन चालक के द्वारा कोई दस्तावेंज नहीं होना बताया गया। मौके पर उपस्थित अधिकारियो एवं गवाहो के समक्ष पंचनामा तैयार किया गया। चावल को सार्वजनिक वितरण प्रणाली का होने की संभावना और अवैध रूप से चावल का परिवहन करते हुए पाये जाने से खाद्य निरीक्षक के द्वारा चावल का सेम्पल जॉच हेतु लिया गया है। जिसकी रिपोर्ट आने पर अग्रिम कार्यवाही की जावेगी वर्तमान में बीएनएसएस की धारा 106 के तहत् कार्यवाही कर जप्त किया गया ।
किरन्दुल में साहू समाज द्वारा राजिम माता जयन्ती धूम धाम से मनाया गया
किरंदुल। तहसील साहू समाज किरंदुल के तत्वाधान में मंगलवार राजिम माता जयंती एवं तहसील साहू समाज के नवीन भवन के भूमिपूजन का कार्यक्रम साहू समाज किरंदुल के भवन में भव्यता से किया गया। सर्वप्रथम साहू समाज के भवन में प्रातः सत्यनारायण पूजा अर्चना के बाद राजिम माता की महाआरती की गई एवं समस्त भक्तों को भोग प्रसाद का वितरण किया गया।तत्पश्चात तहसील साहू समाज किरंदुल के लिए एनएमडीसी किरंदुल परियोजना की ओर से बनने वाले नए भवन निर्माण का भूमिपूजन एनएमडीसी किरंदुल परियोजना के मुख्य महाप्रबंधक संजीव साही के करकमलों से सम्पन्न हुआ।इस दौरान एनएमडीसी किरंदुल परियोजना के मुख्य महाप्रबंधक वर्क्स किशन आहूजा ,महाप्रबंधक उत्पादन राजा कुमार, महाप्रबंधक माइनिंग एस के कोचर ,महाप्रबंधक कॉन्ट्रेक्ट सेल इम्परान, उप महाप्रबंधक कार्मिक बी के माधव, उप महाप्रबंधक कार्मिक के एल नागवेणी, उप महाप्रबंधक सिविल टी एस रामनाथ, सचिव एस के एम एस कार्यकारी अध्यक्ष रोशन मिश्रा, सचिव इंटक ए के सिंह, थाना प्रभारी प्रहलाद साहू अतिथियों के रूप में मौजूद रहे।इस दौरान तहसील साहू समाज के अध्यक्ष टीकम साहू, सचिव देवेंद्र साहू, लाला राम साहू, योगेश साहू, ओम साहू, जीवन साहू, ओमप्रकाश,अनिल साहू,हेमन्त साहू विशेष रूप से मौजूद रहे।मंच संचालन दिनेश कुमार साहू ने किया।
एनएमडीसी किरंदुल सीएसआर विभाग के द्वारा ग्रामीण अंचलो मे मछली बीज का वितरण किया गया .
मोबाईल दुकान से चोरी के मामले में 01 आरोपी 24 घण्टे के भीतर गिरफ्तार, कब्जे से चोरी की मोबाईल बरामद।
अवैध जुआ सट्टा के मामले में 01 आरोपी के विरूद्ध की गई कार्यवाही
डीआरजी के साथ एसटीएफ की संयुक्त पार्टी दक्षिण अबूझमाड़ क्षेत्र में रवाना हुई थी : गौरव राय (SP दंतेवाड़ा)
यातायात नियमों का पालन हेतु जागरूकता कार्यक्रम एवं विभिन्न शिविरों का होगा आयोजन
जिला दन्तेवाडा में “35 वॉं राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह” का शुभारंभ
जिला हॉस्पिटल मे नवपदस्थ सिविल सर्जन डॉ अभय प्रताप तोमर को छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी के दंतेवाड़ा जिलाध्यक्ष चंचल एवं उनकी टीम ने पदभार ग्रहण करने पर दी बधाई
कई अहम मुद्दों पर की गई चर्चा
केन्द्रीय राज्य मंत्री ने आकांक्षी जिला के तहत चल रहे विकास कार्यों का अवलोकन किया
दंतेवाड़ा । जिला दंतेवाड़ा में अपने प्रवास के दौरान स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय भारत सरकार, केंद्रीय राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने रविवार को बाल मित्र पुस्तकालय, जैविक कृषि, नव गुरुकुल एवं एसएचसी सेंटर घोटपाल का अवलोकन भ्रमण किया।
केन्द्रीय राज्य मंत्री सर्वप्रथम मुख्यालय के चितांलका ग्राम स्थित बालमित्र पुस्तकालय पहुंची। उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन द्वारा शाला त्यागी बच्चों को नवीन शिक्षा के क्षेत्र में जोड़ने के लिए बच्चों की पुस्तकालय के साथ बाल-हितैषी जिला बनाने की पहल की गई है। ताकि जिले के जितने भी शाला त्यागी बच्चे है उन्हें बाल मित्र कार्यक्रम योजना से जोड़ा जाए। जिससे बच्चों का मन पुस्तकीय ज्ञान की और आकर्षित हो सके।
इस संबंध में जिले के प्रभारी कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ जयंत नाहटा ने मंत्री को अवगत कराया कि जिले में संचालित बाल मित्र पुस्तकालय एवं गतिविधि केन्द्र अभी तीन विकासखण्ड में प्रारंभ की गई है। ’’बाल मित्र कार्यक्रम’’ दंतेवाड़ा के बच्चों की शैक्षिक, सुरक्षा और विकासात्मक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए एक अग्रणी पहल है। जिला प्रशासन और गैर-लाभकारी संगठन ’’बचपन बनाओ’’ के सहयोग से विकसित, यह कार्यक्रम पंचायतों में बाल मित्र पुस्तकालय सह गतिविधि केंद्र (बीएलसीएसी) की स्थापना पर केंद्रित है। ये केंद्र बच्चों के लिए शिक्षा के संदर्भ में सुरक्षित, सुलभ स्थान प्रदान करते हैं इस कार्यक्रम के द्वारा साक्षरता, सामाजिक भावनात्मक विकास और सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा दिया जाएगा। इस पहल के केंद्र में बाल मित्र साथी के रूप में स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षित कर सहयोग लिया जायेगा।
इस मौके पर केंद्रीय राज्य मंत्री ने उपस्थित बच्चों के साथ रुबरु होकर उनकी विभिन्न गतिविधियों को देख कर प्रोत्साहित किया। इस दौरान उन्होंने उपस्थित बच्चों से उनके पढ़ाई विषयक पुस्तकों के बारे मे जानना चाहा। बच्चों ने भी उन्हें उत्साहपूर्वक विभिन्न पुस्तकों जैसे “तीन साथी” और “मुन्नी करें बात बकरी के साथ” जैसी किताबों के बारे में तथा इनसे संबंधित कविता सुनाया। इससे मंत्री ने बच्चों की तारीफ करते हुए उन्हें प्रोत्साहन दिया। उन्होंने कहा कि शाला त्यागी बच्चों के लिए की जा रही यह पहल न केवल बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित करने का उदाहरण है, बल्कि उनके भीतर रचनात्मकता और आत्म विश्वास भी बढ़ाने में सहायक है। पुस्तकालयों के ऐसे कार्यक्रम बच्चों के बौद्धिक और सांस्कृतिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इसके पश्चात उन्होंने कारली ग्राम अन्तर्गत जैविक कृषि कर रहे प्रगतिशील कृषक देवचंद यादव द्वारा किए जा रहे कृषि फार्मिंग को देखा। कृषक देवचंद यादव पीढ़ियों से जैविक कृषि के माध्यम से धान गोभी, करेला, मूली, बरबट्टी, धनिया और अन्य सब्जियों उगा रहे है। इस दौरान श्रीमती पटेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले का जैविक कृषि की ओर बढ़ना एक प्रेरणादायक पहल है।
जिला प्रशासन और कृषि विभाग के प्रयासों से 110 गांवों में 10,264 किसानों की 65,279 हेक्टेयर भूमि का जैविक प्रमाणीकरण किया जाना एक बड़ी उपलब्धि है। यह पहल न केवल कृषि में रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के उपयोग को कम करेगी, बल्कि किसानों को स्थायी और पर्यावरण के अनुकूल कृषि पद्धतियों की ओर भी प्रोत्साहित करेगी। कारली गांव के देवचंद इस बदलाव का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करते हैं। इसे व्यापक स्तर पर प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। जैविक कृषि स्वास्थ्य के लिए लाभकारी और पर्यावरण के लिए अनुकूल है। इस तरह की सफल कहानियां अन्य किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेंगी और दंतेवाड़ा जैसे आकांक्षी जिलों में जैविक खेती को और गति प्रदान करेंगी। इसके अलावा केन्द्रीय राज्य मंत्री द्वारा जावंगा स्थित नवगुरुकुल केंद्र का भी अवलोकन किया गया। उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन द्वारा जावंगा नवगुरुकुल में निःशुल्क आवासीय सॉफ्टवेयर इजीनियरिग प्रोग्राम, आधुनिक कौषल जैसे इंग्लिश स्पीकिंग, लीडरशिप स्किल, पर्सनालिटी डेवलपमेंट आदि का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसमें किसी कारणवश 10वीं और 12वीं परीक्षा के बाद ड्राप आउट करने वाले छात्र-छात्राओं के लिए तकनीकी क्षेत्रों में अवसर उपलब्ध कराए जा रहे है।
नवगुरुकुल केंद्र के निरीक्षण के दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री ने छात्र-छात्राओं से उनसे दिए जा रहे प्रशिक्षण के बारे में पूछा और मन लगाकर पढ़ाई करने की बात कही। इस क्रम में उन्होंने गीदम स्थित 50 बिस्तर मातृ शिशु स्वास्थ्य अस्पताल (एमसीएच) सेंटर का भी अवलोकन करते हुए सुविधाओं के बारे में जानकारी ली और दिशा निर्देश दिए। इसके साथ ही उनके द्वारा गीदम ब्लॉक अन्तर्गत ग्राम घोटपाल स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर का भी निरीक्षण किया। यहां स्वास्थ्य विभाग के तत्वावधान में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया था। उल्लेखनीय है कि जिले में प्रत्येक सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के अन्तर्गत सप्ताह के दो दिन स्वास्थ्य शिविर लगाए जाते है इन स्वास्थ्य शिविरों में उच्च रक्तचाप, मधुमेह,जैसे बीमारियों के जांच के साथ-साथ आयुष्मान कार्ड पंजीयन की भी सुविधा दूर दराज ग्रामीणों को उपलब्ध कराई जाती है। इसे वे ग्रामीणों लाभान्वित हो रहे है जो कारणवश जिला चिकित्सालय नियमित जांच हेतु नहीं आ पाते। गाँव के समीप ही स्वास्थ्य शिविर के आयोजन से ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध हो रही हैं। यहां निरीक्षण के दौरान केन्द्रीय राज्य मंत्री ने यहां उपस्थित मितानिनों, चिकित्सकों के साथ-साथ मरीजो के साथ भी अनौपचारिक चर्चा किया तथा उनसे केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा दी जा रही चिकित्सा सुविधाओं से लाभान्वित होने को कहा। इस मौके पर केंद्रीय राज्य मंत्री को स्मृति चिन्ह भी भेंट किया गया। इस अवसर पर क्षेत्र के विधायक चैतराम अटामी, सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अपर कलेक्टर राजेश पात्रे, एसडीएम, अभिषेक तिवारी, सीएमएचओ डॉ. अजय रामटेके, उपसंचालक कृषि सूरज पंसारी सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।
केन्द्रीय राज्य मंत्री ने आकांक्षी जिला दंतेवाड़ा के संबंध में ली बैठक
जिला प्रशासन के नवाचारी पहल व उपलब्धियों को सराहा
दंतेवाड़ा । जिला कार्यालय के सभा कक्ष में “आकांक्षी जिला दंतेवाड़ा के परिप्रेक्ष्य में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय भारत सरकार, केंद्रीय राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने विभिन्न मुद्दों की प्रगति का मूल्यांकन करते हुए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने जिला प्रशासन द्वारा बच्चों में सुपोषण वृद्धि हेतु आंगनबाडि़यों में ’’यूनिवर्सल अंडा’’ वितरण कार्यक्रम की विशेष रूप से सराहना करते हुए और अन्य जिलों में भी इस कार्यक्रम को लागू करने की बात कही। केन्द्रीय राज्य मंत्री ने इस समीक्षा बैठक में जैविक कृषि जिला अन्तर्गत दंतेवाड़ा में अब तक किए गए प्रयासों को भी अनुकरणीय बताते हुए जैविक उत्पादों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर मार्केटिंग और निर्यात तथा कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के साथ समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया।
बैठक में जिले के प्रभारी कलेक्टर एवं सीईओ जिला पंचायत जयंत नाहटा द्वारा केन्द्रीय राज्य मंत्री को जिले के अन्तर्गत स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, कृषि, पीएचई (लोक स्वास्थ्य इंजीनियरिंग), वित्त, और कौशल विकास के क्षेत्र में चल रहे प्रगति मूलक विषयों एवं किए जा रहे प्रयासों पर विस्तार पूर्वक अवगत कराया गया।
इसके अलावा बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने, संस्थागत प्रसव, अस्पतालों की आधारभूत संरचना सुदृढ़ करने, और मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने के प्रयास। महिला एवं बाल विकास कुपोषण उन्मूलन, महिलाओं के सशक्तिकरण और बाल कल्याण के संबंध में केंद्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और डिजिटल शिक्षा, युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए कौशल विकास कार्यक्रमों को प्राथमिकता देने की बात कही और किसानों की आय दोगुनी करने और आधुनिक कृषि तकनीकों के उपयोग को प्रोत्साहित करने पर बल देते हुए स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने और जल संरक्षण उपायों को लागू करने पर जोर दिया।
उन्होंने बैठक में कहा कि बैठक का उद्देश्य आकांक्षी जिलों में समग्र विकास को प्रोत्साहन देना और जीवन स्तर में सुधार करने के साथ ही लक्ष्यों को प्राप्त करने में आ रही चुनौतियों और सके समाधान के लिए कार्ययोजना बनाए जाना भी है। समीक्षा के दौरान, उन्होंने आकांक्षी जिलों में चल रही विभिन्न योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट मांगी और इन योजनाओं में आने वाली चुनौतियों को दूर करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से स्वास्थ्य सेवाओं, पोषण स्तर, शिक्षा के बुनियादी ढांचे और कौशल विकास के कार्यक्रमों में सुधार करने को कहा। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आकांक्षी जिलों में जनभागीदारी को बढ़ावा देने और केंद्र तथा राज्य सरकार की योजनाओं के समन्वय से कार्यों को अंतिम लक्ष्य तक पहुंचाए। इसके लिए समयबद्ध ढंग से लक्ष्यों को पूरा करने और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए नवीनतम तकनीक के उपयोग को उन्होंने जरूरी बताया।
बैठक में विभागों द्वारा भी आकांक्षी जिला के संबंध में आ रही चुनौतियों और समस्याओं तथा इसके समाधान के विषय में भी विशेष रूप से केन्द्रीय मंत्री को अवगत कराया गया। बैठक के समापन पर श्रीमती पटेल ने जिला प्रशासन द्वारा प्रारंभ किए गए नवचारी महलों का विशेष उल्लेख करते हुए बेहतर कार्य करने की शुभकामनाएं दी। इस समीक्षा बैठक में क्षेत्र के विधायक चैतराम अटामी, जिला पंचायत अध्यक्ष तूलिका कर्मा, पुलिस अधीक्षक गौरव राय, अपर कलेक्टर राजेश पात्रे, एसडीएम अभिषेक तिवारी सहित अन्य विभाग प्रमुख उपस्थित थे।
समर्थन मूल्य पर धान खरीदी, 150 क्विंटल धान बेचा कृषक बलराम नाग ने मुख्यमंत्री का जताया आभार
दंतेवाड़ा । पूरे छत्तीसगढ़ सहित दंतेवाड़ा जिले में भी 14 नवंबर से खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 हेतु समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की शुरुआत हो चुकी है। इसके तहत जिले में 15 उपार्जन केंद्रों के माध्यम से धान की खरीदी की जा रही है। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में जिले में पंजीकृत किसानों की संख्या 16110 है। इसके साथ ही किसानों को माइक्रो एटीएम के जरिए 10,000 रुपये तक का नगद भुगतान दिया जा रहा है।
इस क्रम में जिले के सभी उपार्जन केंद्रों में खाली बारदाने की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। जहां प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी की जाकर किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य दिया जा रहा है। इस संबंध में दंतेवाड़ा जिले से लगे हुए पातररास ग्राम निवासी किसान बलराम नाग ने भी धान खरीदी केन्द्र बालूद में 150 क्विंटल धान बेचा है। वे बताते है कि उनका पास 40 एकड़ संयुक्त खेती है और अभी उनके पास 50 क्विंटल अतिरिक्त धान बचा हुआ है।
इस वर्ष धान खरीदी शासन के नीतियों के संबंध में विचार व्यक्त करते हुए उनका कहना है कि इस बार समर्थन मूल्य पर धान बेचने की प्रक्रिया पहले से अधिक सुगम और पारदर्शी बनाई गई है। ऑनलाइन टोकन प्रणाली के कारण अब उन्हें लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ा। साथ ही धान खरीदी केंद्र पर खरीदी की सुव्यवस्था और अधिकारियों का सहयोग देखकर वे बहुत प्रसन्न है। वे आगे कहते है कि अब हम जैसे कृषकों को बिचौलियों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता और केन्द्र के कर्मचारी भी सहयोग कर रहे है। उनके कुछ साथी किसानों ने पहले ही दिन धान बेचा और उसका भुगतान दो दिन के भीतर हो गया। उन्होंने कहा कि यह पहल किसानों के लिए बड़ी राहत है और हमें समय पर हमारा भुगतान मिल रहा है।
किसान नाग ने कहा कि इस बार समर्थन मूल्य पर खरीदी के लिए मंडी में लंबी कतारों से बचने के लिए पहले से स्लॉट बुकिंग की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कुशल नेतृत्व में 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदी की जा रही है और समर्थन मूल्य भी 3100 रुपये है जो हम किसानों के लिए बड़ी राहत की बात है। इससे हमारी मेहनत का सही दाम मिल रहा है। किसान नाग ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन के द्वारा किये गये व्यवस्थाओं की प्रशंसा की और उम्मीद जताई कि ऐसी सुविधाएं भविष्य में भी जारी रहेंगी। उनका यह भी कहना है कि धान बेचकर वह इस राशि से खेती बाड़ी और लंबित पारिवारिक कार्यों में उपयोग करेंगे। ज्ञात हो कि जिले में अब तक 2583 कृषकों से 71072.00 मीट्रिक टन धान खरीदी की जा चुकी है।
प्रभारी कलेक्टर ने ली समय सीमा की बैठक, दिए ये निर्देश...
दंतेवाड़ा। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में प्रभारी कलेक्टर एवं सीईओ जिला पंचायत जयंत नाहटा द्वारा समय सीमा की बैठक ली गई। बैठक में सर्वप्रथम प्रभारी कलेक्टर ने कहा कि ई-ऑफिस के तर्ज पर जिले के समस्त कार्यालयों में पेपरलेस कार्य किया जाना है, जिसके लिए समस्त विभाग प्रमुखों को प्रशिक्षित किया जाना प्रस्तावित है। अतः सभी विभाग प्रमुख ई-आफिस से संबंधित तकनीकों से शीघ्र परिचित होवें। क्योंकि भविष्य में सभी विभागीय कार्यप्रणाली ई-ऑफिस के तहत की जानी है। इसके साथ ही उन्होंने प्रत्येक ग्राम पंचायत को प्राथमिक सहकारी समिति से जोड़ने हेतु विभागों की प्रगति की भी जानकारी चाही। इसके अलावा उनका यह भी कहना था कि स्वच्छता ही सेवा अन्तर्गत प्रतिमाह अभियान 2024 में सभी कार्यालयों में महीने के किसी निश्चित दिन साफ-सफाई कर अपशिष्ट पदार्थों को डिस्पोजल करने के साथ-साथ स्वच्छता में अच्छे कार्य करने वालों को सम्मानित भी किया जाना निर्देशित है। अतः संबंधित विभाग प्रमुख इस अभियान में हिस्सा लेते हुए अपने फोटो को फोटो अपलोड कर संयुक्त जिला कार्यालय को अवगत कराए। बैठक में प्रभारी कलेक्टर ने विभागों को टेंडर संबंधी प्रक्रिया को इस माह के अंत तक पूर्ण करने हेतु निर्देशित किया।दिव्यांगजनों की आजीविका को मनरेगा कार्यो के तहत रोजगार उपलब्ध कराने के प्रयोजन से प्रभारी कलेक्टर ने समाज कल्याण विभाग को दिव्यांगजनों की सूची समस्त जनपद पंचायतों को उपलब्ध कराने हेतु भी कहा। इसके अलावा उन्होंने ई-श्रम पोर्टल में जिले के असंगठित कर्मकारों के पंजीयन हेतु निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप पंजीयन न होने पर अप्रसन्नता जताते हुए आगामी समय सीमा की बैठक तक कार्य में प्रगति लाने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही बैठक में दिसंबर तक जिले में स्कूल छात्र,छात्राओं के जाति प्रमाण पत्र बनाने का कार्य, आय, जाति, निवास, जन्म, मृत्यु प्रमाण पत्र का सेचुरेशन अभियान, टेकनार रोड की साफ सफाई के लिए कार्ययोजना, जिले में मोतियाबिंद, सिकल सेल, हाई बीपी, ओरल कैंसर सर्वाइकल कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर, की स्क्रीनिंग, जिले के अन्य विभागों द्वारा विद्युत विभाग से संबंधित कार्य के लिए डीडी का भुगतान जैसे विभिन्न विषयवस्तुओं की गहन समीक्षा की गई। बैठक में अपर कलेक्टर राजेश पात्रे सहित अन्य विभाग प्रमुख उपस्थित थे।
IED ब्लास्ट : 3 नक्सली गिरफ्तार, कब्जे से 3 किलो की IED, प्रेशर बम और विस्फोटक बरामद
दंतेवाड़ा । आईईडी ब्लास्ट मामले में दंतेवाड़ा पुलिस ने 3 नक्सलियों को अरनपुर थाना क्षेत्र के मुलेर मार्ग से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार नक्सलियों में 1 लाख रुपये का इनामी नक्सली DKMS अध्यक्ष कोवासी देवा और पाण्डू मुचाकी(ककाड़ी पंचायत CNM सदस्य) और जोगा कवासी को गिरफ्तार किया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार तीनों नक्सलियों के कब्जे से 3 किलो वजनी एक कमांड आईईडी बम, प्रेशर आईईडी बम, डेटोनेटर वायर और विस्फोटक सामान बरामद किया गया है। DRG,CAF,बस्तर फाइटर्स और अरनपुर थाना के जवानो ने मिलकर संयुक्त रूप से सर्च अभियान चलाया था।
वहीं एक दिन पहले 20 दिसंबर, शुक्रवार को नारायणपुर जिले से एक बार फिर नक्सलियों करतूत सामने आई है। आईईडी ब्लास्ट में डीआरजी के दो जवान घायल हो गए हैं, जिनमें से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। घायलों को जिला अस्पताल भिजवाया गया। कच्चापाल में सड़क निर्माण कार्य की सुरक्षा में लगे थे जवान
कच्चापाल में दो दिन पहले ही नया कैंप खोला गया है। डीआरजी जवान यहां पर सड़क निर्माण कार्य की सुरक्षा में लगे हुए हैं। इसी दौरान वे नक्सलियों के बिछाए गए आईईडी की चपेट में आ गए। ब्लास्ट में दो जवान घासीराम मांझी और जनक पटेल घायल हो गए। उन्हें जिला अस्पताल भिजवाया गया है जहां उनका इलाज जारी है। फिलहाल फोर्स एरिया में सर्चिंग कर रही है।
बारूद के फटने से भालू का मौत
दंतेवाड़ा। बारसूर थानाक्षेत्र से बड़ी खबर सामने आ रही है। माओवादियों के बारूद ने भालू की जान ले ली। बता दें कि नक्सली फोर्स को नुकसान पहुंचाने वनांचल के अंदरूनी इलाके में IED प्लांट करते रहते है। यह भी पढ़े - नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ में 12 दिसंबर को हुई मुठभेड़ में 4 नाबालिगों को भी गोली लगी है। इसमें एक बच्ची की गर्दन में बुलेट फंसी है। बच्ची का इलाज रायपुर के DKS अस्पताल में चल रहा है। पुलिस का दावा है कि नक्सलियों ने बड़े लीडर्स को बचाने के लिए नाबालिगों को ढाल की तरह इस्तेमाल किया।
वहीं घायल बच्ची और उसके परिजनों से मिलने के लिए PCC चीफ दीपक बैज DKS अस्पताल पहुंचे। बैज ने कहा कि मारे गए 7 लोगों में केवल 2 ही नक्सली थे। 5 बेकसूर आदिवासी मारे गए। प्रशासन ने इस घटना को दबाने की कोशिश की। सरकार ने गृहमंत्री अमित साह को झूठी जानकारी दी। जानकारी के मुताबिक नक्सलियों ने ग्रामीणों को अपने साथ रखा था। ग्रामीण नक्सलियों का सामान ढोकर एक जगह से दूसरी जगह शिफ्ट कर रहे थे। उसी समय जवानों ने नक्सलियों को घेर लिया था, जिसके बाद दोनों तरफ से फायरिंग हुई।
वन मंत्री ने दंतेवाड़ा में किया वन मंदिर वाटिका का लोकार्पण
दंतेवाड़ा । वन मंत्री केदार कश्यप ने अपने दो दिवसीय दंतेवाड़ा प्रवास के दौरान रविवार को दंतेवाड़ा के टेकनार रोड पर बने देश के पहले वन मंदिर का रिबन काटकर उद्घाटन किया। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती पायल गुप्ता, जिला पंचायत सदस्य रामूराम नेताम सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं मुख्य वन संरक्षक आर.सी.दुग्गा, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, डीएफओ सागर जाधव, जिला पंचायत सीईओ जयंत नाहटा सहित अन्य अधिकारीगण मौजूद थे।
इस दौरान अनौपचारिक चर्चा करते हुए प्रभारी मंत्री ने कहा कि प्राचीन काल से ही भारतीय संस्कृति में वनों के आध्यात्मिक एवं पर्यार्वणीय को महत्व को प्रमुखता दी गई है। वर्तमान में जबकि आज ग्लोबल वार्मिंग एवं जलवायु परिवर्तन पर पूरी दुनिया में विचार मंथन चल रहा है। उसे देखते हुए वन मंदिर की अवधारणा सराहनीय है। क्षेत्र में निवासरत वनवासी बंधु पीढ़ियों से वनों की रक्षा एवं उसकी संरक्षण के लिए समर्पित रहे है। यहां के जनजीवन का मुख्य आधार वन सम्पदा ही रही है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन एवं वन विभाग की यह पहल जनमानस में पर्यावरण के प्रति जागरूक करने का प्रंशसनीय प्रयास है। उन्होंने आगे कहा कि इस वन मंदिर वाटिका में अन्य प्रजाति के पेड़ पौधे लगाकर इसे समृद्ध बनाए। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वृक्षारोपण के तहत ’’एक पेड़ मां के नाम’’ का संदेश देकर पूरे देश में वृक्षारोपण के महत्व का अलख जगा चुके है। अतः आमजन भी उनके इस अभियान को पूरी तत्परता से गति दें।
उल्लेखनीय है कि वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के तत्वाधान में बनाये गए वन मंदिर वाटिका में प्रकृति एवं संस्कृति के अनुठे संगम को चरितार्थ किया गया है। वाटिका में प्रवेश करते ही पर्यावरणीय और प्राकृतिक संरक्षण को दर्शाते हुए यहां भारतीय सांस्कृतिक के अनुरूप राशि-ग्रह-नक्षत्र के पौधे, बीमारियों के प्राकृतिक उपचार के लिए योग और औषधि युक्त पौधे की जानकारी देते हुए साइन बोर्ड लगाये गए है। साथ ही क्षेत्र में पाये जाने वाले वन्य पषु पक्षियों एवं तितलियों जैसे जीव जंतुओं की भी सामान्य जानकारी दी गई है। इसके अलावा भगवान श्रीराम के जीवनवृत्त और वनवास काल का भी चित्राकंन वन मंदिर में किया गया है। साथ ही ‘‘रॉक गार्डन‘‘ के तहत इंद्रावती नदी के पत्थर और एनएमडीसी के लौह पत्थरों से भी वाटिका की साज-सज्जा की गयी है। करीब 18 एकड़ में तैयार हुए इस वन मंदिर में 7 थीम के तहत काम हुए हैं। यहां राशि, ग्रह नक्षत्र के पौधे,बीमारियों के इलाज के लिए योग और औषधि (हर्बल पौधे) की जानकारी, सप्तऋषि और पंचवटी वन भी निर्मित किये गए है। अधिकारियों की मानें तो कि, संभाग का पहला वन मंदिर है। जहां शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य से संबंधित जानकारी मिल पाएगी। इसके निर्माण के लिए अब तक करीब साढ़े 4 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं।
इस दौरान उन्होंने स्कूली बच्चों से मुलाकात करते हुए उन्होंने बच्चों से पढ़ाई, उनके पसंदीदा विषयों और स्कूल के अनुभवों के बारे में बातचीत की। साथ ही उन्होंने नवनिर्मित वन मंदिर वाटिका के महत्व और इतिहास पर उनके विचार जाने। उन्होंने बच्चों को वन मंदिर वाटिका में रोपे गए धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय महत्व के पेड़-पौधों बारे में जानकारी दी उनसे प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूक रहने की को कहा। मंत्री ने वन मंदिर में आम के पौधे का रोपण करते हुए पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर बल दिया। उन्होंने पूरे वन मंदिर का भ्रमण कर स्थिति का जायजा लिया और उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वन मंदिर को और समृद्ध करने के लिए अन्य प्रकार के पौधों का रोपण भी किया जाए।
दंतेवाड़ा जिले के दिव्यांग सजल जैन का सिविल जज में हुआ चयन
समाज कल्याण विभाग ने दी शुभकामनाएं
दंतेवाड़ा । समाज कल्याण विभाग द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार दंतेवाड़ा जिले के गीदम निवासी सजल जैन लोक सेवा आयोग छत्तीसगढ़ द्वारा जारी व्यवहार न्यायाधीश प्रवेश स्तर की परीक्षा में 46 वाँ रैंक में चयनित हुए है। उल्लेखनीय है कि सजल जैन अस्थिबाधित दिव्यांग हैं। उन्होंने रामकृष्ण धरमार्थ फाउंडेशन विश्वविद्यालय भोपाल से 2023 में विधि में स्नातक की उपाधि ली तथा वर्तमान में मानसरोवर ग्लोबल यूनिवर्सिटी सीहोर में विधि स्नातकोत्तर में अध्ययनरत हैं। विगत दिवस 11 दिसंबर को लोक सेवा आयोग छत्तीसगढ़ द्वारा जारी व्यवहार न्यायाधीश प्रवेश स्तर की परीक्षा में 46 वाँ रैंक के साथ चयनित होकर उन्होंने जिले का नाम रोशन किया है। उनके इस उपलब्धि पर समाज कल्याण विभाग दंतेवाड़ा द्वारा उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए बधाई प्रेषित की गई है।
मनोज के लिए मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना बनी वरदान
दंतेवाड़ा। मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना युवाओं को रोजगार के लिए कौशल प्रदान करने की एक उत्कृष्ट पहल है। इस योजना के माध्यम से ने केवल विभिन्न कौशल ट्रेडों में निःशुल्क प्रशिक्षण सुविधा दी जाती है। साथ ही साथ प्लेसमेंट किए जाने और स्वरोजगार स्थापित करने के लिए मार्गदर्शन भी दिए जाते है। वर्तमान में इस योजना के माध्यम से हजारों युवाओं ने आत्मनिर्भर बनकर बेरोजगारी के कुचक्र से मुक्ति पाई है। मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना का मुख्य उद्देश्य यही है कि हर युवा को उसकी क्षमता और रुचि के अनुसार उचित प्रशिक्षण देकर उन्हें समाज का उत्पादक और सशक्त हिस्सा बनाया जाए। यह योजना वास्तव में बेरोजगार युवाओं के लिए एक वरदान बनकर उभरी है।
गीदम ब्लॉक अंतर्गत ग्राम बड़े सुरोखी के रहने वाले ’’मनोज यादव’’ भी ऐसे ही युवा है जो इंटरमीडिएट पास करके बेरोजगारी से जूझ रहे थे। इस संबंध में अपने अनुभव साझा करते हुए वे बताते है कि एक निर्धन कृषक परिवार से संबंधित रखते है पिता सामान्य कृषक है कृषि भूमि भी सामान्य है यही कारण है कि 12वीं के बाद उन पर कमाउ होने का दबाव था। 3 भाईयों मे 2 दो बड़े भाई छोटे मोटे रोजगार कर रहे थे। अतः उनके लिए भी यह जरूरी हो गया था कि परिवार की आय में अपना योगदान दें। इसी दौरान लाइवलीहुड कॉलेज कारली दंतेवाड़ा में आयोजित रोजगार मेला के माध्यम से लाइवलीहुड कॉलेज में मोटर ड्राइविंग निःशुल्क प्रशिक्षण की जानकारी मिली बिना। देर किए उन्होंने तुरन्त अपना र्फाम कॉलेज में सबमिट कर दिया। और वे तीन महीने के आवासीय प्रशिक्षण का हिस्सा बन गए।
प्रशिक्षण के दौरान उन्हें न केवल गाड़ी चलाने के तकनीकी कौशल सिखाए गए, बल्कि यातायात नियमों, ग्राहक सेवा, और सड़क सुरक्षा से संबंधित जानकारियां भी प्रदान की गईं। इसके साथ ही यात्रियों से बातचीत करने के सलीके, व्यवहार, के संबंध में भी बताया गया। इस तीन महीने के प्रशिक्षण से यह परिणाम निकला कि प्रशिक्षण पूर्ण होने के उपरांत दंतेवाड़ा मुख्यालय में ही टैक्सी कंपनी में निजी ड्राइविंग का काम मिल गया। जहां 7 हजार वेतन के साथ भत्ते भी दिए जाते हैं। आज मनोज टैक्सी चलाकर हर महीने एक स्थिर आय अर्जित कर रहे हैं। उन्होंने न केवल अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार किया है, बल्कि अपने परिवार को भी एक बेहतर जीवन प्रदान किया है। मनोज का कहना है कि उन्हें संतुष्टि है कि अब मैं अपने परिवार के आय में सहयोग कर पा रहा हूं। इसके अलावा सबसे बड़ी बात है कि अब मैं अपने घर वाले के ऊपर आश्रित नहीं रहता हूँ, इस प्रशिक्षण ने मेरी जिंदगी बदल दी। इसका पूरा श्रेय मैं अपने माता-पिता, प्रशिक्षक एवं संस्था के संचालक, मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना को देना चाहूंगा।