कलेक्टर के आदेशो की अवहेलना क्यों ? ग्रामीण यंत्रीकी सेवा विभाग क्यों नही कर रहा आदेशो का पालन भ्रष्टाचार बना शिष्टाचार
कवर्धा/ पंडरिया - जिला कलेक्टर कबीरधाम के स्पष्ट आदेश के बाद भी महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना में लगे अधिकारी कर्मचारियों को मनरेगा योजना के अलावा अन्य मद से स्वकृत कार्य भी कराए जा रहे हैं। जिले के तकनीकी सहायकों से अनुविभागीय अधिकारी ग्रामीण यंत्रीकी सेवा विभाग द्वारा अन्य कार्य भी लिया जा रहा है। ग्रामीण यंत्रीय सेवा विभाग में वैसे भी बहुत ही कम कार्य बचे हैं जिले में अन्य मद से जो कार्य स्वीकृत होते हैं उसे भी जिन तकनीकी सहायकों की नियुक्ति केवल महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना के लिये हुई है उनसे ही अन्य मद से स्वीकृत कार्यों को अधिकारी करा रहे हैं। इस मामले में राज्य प्रशासन के आदेश के हवाले से जिले में स्पष्ट आदेश किया गया है ऐसे अधिकारी कर्मचारी जिनकी नियुक्ति मनरेगा के लिय हुई है उनसे अन्य कार्य न लिए जावे किंतु पंडरिया विकास खंड अंतर्गत बेरोक टोक कार्य लिए जा रहे हैं जिस पर तत्काल कार्रवाई करते हुए रोक लगाने की आवश्यकता है। ताकि अन्य कार्य प्रभावित न हो गुणवत्ता में हो रही शिकायत पर लगाम लगाया जा सकेगा । रोज़गार गारंटी राष्ट्रीय योजना है उस पर भी भ्रष्टाचार की बड़ी शिकायत है। शिकायत पर कोई कार्रवाई नही हो रहा है। भ्रष्टाचार को शिष्टाचार में बदल लिए हैं। गरीबों को मिलने वाली रोजगार में भी कांटामारी चल रहा है मजदूर के हाथों को मिलने वाला काम को मशीन कर रहा है। कुछ नियुक्तियां नियम विरुद्ध भी हुई है। स्थानीयता को प्राथमिकता देने की बात को नजर अंदाज किया गया है। रोजगार सहायक पर गंभीर सवाल उठते रहे हैं कोई कार्रवाई नही हुई है। कुछ तो ठेकेदार बन गए हैं। उनके काम में ग्रामीणों की शिकायत हुई है। खैर फिलहाल तो जिला प्रशासन के आदेश पर कार्रवाई नहीं होना किसी आश्चर्य से कम नही लगता है। समाचार प्रकाशन के बाद जिला प्रशासन और सरकार कौन सी कार्रवाई करती है ये भी देखने वाली बात है।