ब्रेनस्टॉर्मिंग और को-लर्निंग के सिद्धांत से ग्रामीण महिलाओं को उद्यमी बनने हो रहा अनोखा प्रयास
*बिहान अंतर्गत दीदियों को प्रोत्साहित करने एक दिवसीय कार्यशाला का हुआ आयोजन*
*व्यवहारिक ज्ञान, उपलब्ध संसाधन और सामूहिक चर्चा बनेगी प्रगति की नींव*
कवर्धा- , कबीरधाम जिले में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के 16 क्लस्टर लेवल फेडरेशन की दीदियों का एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन पंचायत प्रशिक्षण केंद्र ग्राम महाराजपुर में किया गया।कार्यक्रम में सीएलएफ की दीदियों और सामुदायिक कैडरों के साथ ब्रेनस्टॉर्मिंग और को लर्निंग के सिद्धांतों पर कार्यक्रम किया गया। जिसका मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों से हाथों को हुनरमंद बनाया जा सके और इन कार्यो में व्यवहारिक ज्ञान का समावेश करते हुए इसे सफलता के मुहाने पर पहुंचा जा सके।कार्यशाला के दौरान विभिन्न सीएलएफ के कार्यों, स्व-सहायता समूहों की प्रगति, आजीविका गतिविधियों, वित्तीय समावेशन, बैंक लिंकेज एवं महिला सशक्तिकरण से जुड़े कार्यों पर भी बात की गई।मिशन के लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से पूरा करने के लिए रूपरेखा तैयार की गई । इस दौरान योजना से जुड़े जिला एवं जनपद स्तर की पूरी टीम विशेष रूप से उपस्थित रही।
*एक नजर को लर्निंग और ब्रेनस्टॉर्मिंग के सिद्धांत पर...!*
को लर्निंग- समूह से जुड़ी सभी महिलाएं हुनरमंद है। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर व्यवसाय करती है। आगे बढ़ने के लिए जरूरी है कि अन्य व्यवसाय का भी ज्ञान हो। आपस में महिलाएं मिलकर अपने व्यवसाय की पूरी जानकारी एक दूसरे से साझा करती है। इसमें ना कोई शिक्षक है और ना कोई विद्यार्थी, सामूहिक चर्चा व्यवसाय के नए रास्ते खोल रहे हैं। पंडरिया की दीदी ने अपने गुड़ उद्योग के विषय में बताया, इससे प्रेरणा पाकर अन्य स्थान की महिला ने गुड़ उद्योग से जुड़ने के लिए अपना मन बना लिया यही है को लर्निंग की प्रक्रिया जिससे महिला समूह की सदस्य को फायदा हुआ।
ब्रेनस्टॉर्मिंग- पंडरिया क्षेत्र की दीदी को कुकुट पालन व्यवसाय से जुड़ने की इच्छा थी लेकिन समस्या आ रही थी इस संबंध में जानकारी नहीं होना। अपनी समस्या इन्होंने सभी के बीच में रखा। प्रतिभागियों ने इस व्यवसाय से जुड़े अपने विचारों को रखा। आपस में चर्चा हुई और समस्या का समाधान सहसपुर लोहारा क्षेत्र में कुकुट पालन व्यवसाय से जुड़ी दीदी ने किया। चूजे लाना,रखरखाव,सभी मौसमों में दिए जाने वाली दवाइयां, साफ सफाई और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों पर बात की गई। इस तरह ग्रामीण महिलाएं एक नए व्यवसाय से जुड़ने के लिए आगे आई।
*दीदियों की रुचि एवं व्यवहारिक ज्ञान के समावेश से मिलेंगे बेहतर नतीजे- सीईओ श्री अभिषेक अग्रवाल*
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कबीरधाम श्री अभिषेक अग्रवाल ने चर्चा करते हुए बताया कि प्रशिक्षण में नई पद्धति का समावेश कर इसे और भी रोचक बनाया गया। समूह की दीदियों को आपस में व्यापार बढ़ाने का सुझाव दिया गया। एक समूह द्वारा बनाए जा रहे उत्पादन की खपत उनके अपने क्षेत्र की दूसरी समूह या अन्य क्षेत्र के समूहो के पास हो सकता है। यह विचार एक की आवश्यकता दूसरे का व्यापार के सिद्धांत पर आधारित है। इसके साथ ही महिला उद्यमी के रूप में बेहतर कार्य करने वाले पीआरपी, एफएलसीआरपी एवं आरबीके को प्रशस्ति पत्र मोमेंटो भेट कर सम्मानित किया गया। समूह सशक्तिकरण, आजीविका संवर्धन एवं सामुदायिक संस्थाओं को मजबूत बनाने में उल्लेखनीय योगदान देने वाले इन कार्यकर्ताओं को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। सीईओ श्री अभिषेक अग्रवाल ने आगे कहा कि हमारा प्रयास है कि योजना अंतर्गत नवाचार करते हुए ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाते हुए आय में वृद्धि करे।जो इनको सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त होने का अवसर प्रदान करेगा।