छत्तीसगढ़ / मनेन्द्रगढ़ – चिरिमिरी – भरतपुर

रामलला के दर्शन का सपना हुआ साकार, 52 श्रद्धालु अयोध्या धाम के लिए रवाना

 श्री रामलला दर्शन योजना ने मनेंद्रगढ़ के श्रद्धालुओं को दिया आस्था और आध्यात्मिक अनुभव का अवसर

एमसीबी/05 जुलाई 2026

किसी के लिए अयोध्या केवल एक तीर्थ नहीं, बल्कि आस्था, विश्वास और प्रभु श्रीराम से जुड़ी भावनाओं का केंद्र है। वर्षों से मन में संजोए श्रीरामलला के दर्शन के सपने को साकार करने का अवसर जब मिला, तो मनेंद्रगढ़ के श्रद्धालुओं के चेहरे पर खुशी, उत्साह और भक्ति का भाव देखते ही बन रहा था। छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी “श्री रामलला दर्शन (अयोध्या धाम) योजना” के तहत मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले से चयनित 52 श्रद्धालुओं का दल विशेष रेल से अयोध्या धाम की यात्रा के लिए रवाना हुआ।
शासन की इस जनकल्याणकारी पहल ने जिले के श्रद्धालुओं को प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या पहुंचकर रामलला के दर्शन करने का अवसर उपलब्ध कराया है। यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह रहा और रामधुन, भजनों तथा “जय श्रीराम” के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
57 में से 52 श्रद्धालुओं ने शुरू की रामलला दर्शन की यात्रा
जिले के नगरीय निकायों एवं जनपद पंचायतों से प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर कुल 57 श्रद्धालुओं की सूची तैयार कर छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड को प्रेषित की गई थी। इनमें से 52 श्रद्धालु अयोध्या यात्रा के लिए रवाना हुए।
जिला मुख्यालय मनेंद्रगढ़ से श्रद्धालुओं का दल बस के माध्यम से अंबिकापुर के लिए रवाना हुआ, जहां से विशेष रेल द्वारा श्रद्धालु अयोध्या धाम पहुंचेंगे। 05 से 08 जुलाई 2026 तक प्रस्तावित इस यात्रा में श्रद्धालुओं के ठहरने, भोजन, दर्शन, सुरक्षा एवं चिकित्सकीय सुविधाओं की समुचित व्यवस्था शासन एवं जिला प्रशासन द्वारा सुनिश्चित की गई है। यात्रा दल के साथ एस्कॉर्ट अधिकारी की तैनाती भी की गई है, जो यात्रा के दौरान व्यवस्थाओं की सतत निगरानी करेंगे।
“रामलला के दर्शन का अवसर मिलना सौभाग्य की बात”
अयोध्या के लिए रवाना होते समय श्रद्धालुओं में गजब का उत्साह दिखाई दिया। किसी के हाथ में रामध्वज था तो कोई भजन गुनगुना रहा था। श्रद्धालुओं ने कहा कि रामलला के दर्शन का अवसर उनके लिए जीवन का अविस्मरणीय अनुभव होगा। उन्होंने इस पहल के लिए छत्तीसगढ़ शासन और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
श्रद्धालुओं के लिए यह यात्रा केवल एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने का सफर नहीं, बल्कि आस्था से अराध्य तक और मन की इच्छा से रामलला के दर्शन तक पहुंचने की यात्रा है। अयोध्या धाम पहुंचकर प्रभु श्रीरामलला के दर्शन की कल्पना मात्र से ही श्रद्धालुओं के मन में श्रद्धा और उत्साह का भाव उमड़ रहा है।
आस्था के साथ संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं से जुड़ाव
“श्री रामलला दर्शन योजना” का उद्देश्य नागरिकों को धार्मिक यात्रा का अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें भारतीय संस्कृति, आस्था और आध्यात्मिक परंपराओं से जोड़ना भी है। अयोध्या धाम में श्रीरामलला के दर्शन श्रद्धालुओं के जीवन में आध्यात्मिक ऊर्जा, सकारात्मकता और आत्मिक संतोष का संचार करेंगे। यह पहल राज्य में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और नागरिकों को देश की समृद्ध सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
जब शासन की पहल बनी श्रद्धालुओं के सपने की राह
मनेंद्रगढ़ से अयोध्या के लिए रवाना हुआ 52 श्रद्धालुओं का यह दल उस विश्वास की तस्वीर है, जहां शासन की पहल आम नागरिकों की आस्था से जुड़कर सफलता की कहानी बन जाती है। जिन श्रद्धालुओं के लिए अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन करना कभी केवल मन की इच्छा थी, आज वही इच्छा यात्रा के रूप में साकार हो रही है।
मनेंद्रगढ़ से निकली यह यात्रा सिर्फ अयोध्या की ओर बढ़ते कदम नहीं, बल्कि श्रद्धा, विश्वास और प्रभु श्रीराम के प्रति अटूट आस्था से भरे उन भावों की यात्रा है, जो श्रद्धालुओं के जीवन में हमेशा के लिए एक पवित्र स्मृति बनकर रह जाएगी।

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