104 करोड़ की कथित अतिरिक्त वसूली का हिसाब दे निगम : भोजराज सिन्हा
भिलाई । नगर पालिक निगम भिलाई में संपत्ति कर एवं विभिन्न शुल्कों की वसूली को लेकर नेता प्रतिपक्ष भोजराज सिन्हा ने महापौर नीरज पाल एवं निगम प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा है कि भिलाई की जनता से कर एवं शुल्क के नाम पर की जा रही प्रत्येक वसूली का वैधानिक आधार सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
भोजराज सिन्हा ने कहा कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार शिक्षा कर, पेनल चार्ज एवं यूजर चार्ज सहित विभिन्न मदों में नागरिकों से लगभग 1 अरब 4 करोड़ की राशि वसूल किए जाने का विषय सामने आया है। यह राशि सामान्य नहीं है; यह भिलाई के नागरिकों और व्यापारियों की मेहनत की कमाई है। इसलिए निगम प्रशासन को बताना होगा कि यह वसूली किस अधिनियम, नियम, राजपत्र, अधिसूचना अथवा सक्षम प्राधिकारी के आदेश के अंतर्गत की गई।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जब संपत्ति कर में पहले से ही 18 प्रतिशत अधिभार लिया जा रहा है, तो उसके अतिरिक्त पेनल चार्ज लगाने औचित्य क्या है? उन्होंने कहा कि निगम प्रशासन का स्पष्ट करे कि एक। ही कर देयता पर 18 प्रतिशत अधिभार के अतिरिक्त पेनल चार्ज लगाने का वैधानिक प्रावधान क्या है? इसकी स्वीकृति किस सक्षम प्राधिकारी ने दी और इसकी वसूली किस नियम के अंतर्गत की गई? पहले 18 प्रतिशत अधिभार, फिर अलग से पेनल चार्ज भिलाई की जनता पर यह दोहरा आर्थिक भार किस नियम के तहत महापौर, जनता भाषण नहीं, अधिनियम और शासनादेश के आधार पर जवाब चाहती है।
भोजराज सिन्हा ने कहा कि नगर पालिक निगम भिलाई के स्वयं के विद्यालय नहीं होने की स्थिति में नागरिकों से शिक्षा कर वसूल किए जाने का वैधानिक आधार भी स्पष्ट किया जाना चाहिए। उन्होंने महापौर एवं निगम प्रशासन से मांग की कि शिक्षा कर की वसूली से संबंधित अधिनियम की धारा, शासनादेश, अधिसूचना, राजपत्र एवं सक्षम स्वीकृति सार्वजनिक की जाए। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि दुर्ग, रिसाली, भिलाई-चरोदा, रायपुर, बिरगांव, धमतरी, जगदलपुर, बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़ एवं राजनांदगांव सहित अन्य नगर निगमों में पेनल चार्ज की व्यवस्था को लेकर भी निगम प्रशासन तथ्य सार्वजनिक करे।
उन्होंने कहा कि यदि अन्य नगरीय निकायों में ऐसी वसूली नहीं की जा रही है, तो भिलाई में पेनल चार्ज लागू करने का अधिकार किस अधिनियम अथवा शासन आदेश से प्राप्त हुआ? क्या भिलाई के लिए कोई पृथक अधिसूचना जारी की गई है? यदि हां, तो उसे सार्वजनिक किया जाए। यूजर चार्ज में राजपत्र की दर और वास्तविक वसूली में अंतर क्यों ? भोजराज सिन्हा ने कहा कि छत्तीसगढ़ राजपत्र, 2016 में निर्धारित यूजर चार्ज की दरों के अनुसार 500 वर्गफीट तक, 1000 वर्गफीट तक तथा 1000 वर्गफीट से अधिक क्षेत्रफल की आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियों के लिए निर्धारित दरों का पालन किया जाना चाहिए। यदि निगम द्वारा इन निर्धारित दरों से अधिक राशि वसूल की गई है, तो अतिरिक्त वसूली किस सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति से हुई और किस आदेश के तहत की गई, यह स्पष्ट किया जाए। 1 अरब 4 करोड़ का मदवार हिसाब सार्वजनिक हो।