IGKV पेपर लीक कांड का खुलासा, प्रोफेसर समेत 6 गिरफ्तार
रायपुर । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) की कीटशास्त्र परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक करने के मामले में रायपुर पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी और मास्टरमाइंड भारती एग्रीकल्चर कॉलेज, दुर्ग के प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों को 36 घंटे के भीतर गिरफ्तार किया गया।
मामले में पुलिस ने 11 हजार रुपये नगद, 6 मोबाइल फोन, वीडियो रिकॉर्डिंग डिवाइस, केबल तार, मोबाइल कनेक्टर, सुई, सूजा, कॉपी और फेविकोल जब्त किया है। वहीं, प्रकरण में शामिल दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
लिफाफे में छेद कर मोबाइल से बनाया प्रश्नपत्र का वीडियो
पुलिस के अनुसार, आरोपी प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया वर्ष 2019 से भारती एग्रीकल्चर कॉलेज, दुर्ग में पदस्थ है। पिछले करीब एक साल से वह अपने कॉलेज की उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने और आगामी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लेने के लिए कृषि महाविद्यालय, रायपुर आता था।
17 अगस्त 2026 को वह उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने के लिए जोरा स्थित कृषि महाविद्यालय पहुंचा था। इसी दौरान उसने आगामी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र प्राप्त किए। सभी प्रश्नपत्र कॉलेज ले जाने के बाद आरोपी ने 20 अगस्त को होने वाली एजीसीएच-221 (कीटशास्त्र) परीक्षा का प्रश्नपत्र अपने घर ले गया।
पुलिस का दावा है कि घर पर आरोपी ने लिफाफे में सुई और नुकीले उपकरण की मदद से छोटा छेद किया और उसमें मोबाइल कैमरा डालकर प्रश्नपत्र की वीडियो रिकॉर्डिंग कर ली।
11 हजार रुपये में छात्रों को बेचा पेपर
पुलिस के मुताबिक, आरोपी प्रोफेसर ने प्रश्नपत्र की सामग्री की नकल तैयार की और उसे अपने कॉलेज के छात्र अजय नायक समेत तीन छात्रों को 11 हजार रुपये में बेच दिया। इसके बाद अजय नायक ने प्रश्नपत्र त्रिदेव पटेल, नितिन पाण्डेय, अनुज मिंज और आदित्य साहू को उपलब्ध कराया।
इसी दौरान प्रश्नपत्र सोशल मीडिया और WhatsApp के जरिए वायरल हो गया।
100 से ज्यादा पुलिसकर्मियों ने संभाला मोर्चा
मामले की गंभीरता को देखते हुए एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और थाना तेलीबांधा पुलिस की संयुक्त टीम बनाई गई। 100 से अधिक पुलिसकर्मियों को जांच में लगाया गया। कबीरधाम, रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और आसपास के जिलों में पुलिस की अलग-अलग टीमें भेजी गईं।
साइबर टीम ने वायरल प्रश्नपत्र, स्क्रीनशॉट, फोटो, मैसेज और सोशल मीडिया पोस्ट का तकनीकी विश्लेषण किया। इसके जरिए प्रश्नपत्र के वायरल होने की टाइमलाइन और उसके प्रसारण की कड़ी को खंगाला गया।
जांच के दौरान पुलिस को सबसे पहले अनुज मिंज के संबंध में जानकारी मिली। उसे दुर्ग से हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसके बाद पुलिस मुख्य आरोपी तक पहुंची।
ये 6 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में निम्न आरोपियों को गिरफ्तार किया है—
योगेश सोनकेसरिया, प्रोफेसर, भारती एग्रीकल्चर कॉलेज, दुर्ग
अजय नायक, उम्र 20 वर्ष
त्रिदेव पटेल, उम्र 22 वर्ष
नितिन पाण्डेय, उम्र 22 वर्ष
अनुज मिंज, उम्र 22 वर्ष
आदित्य साहू, उम्र 20 वर्ष
पुलिस के मुताबिक सभी छात्र भारती एग्रीकल्चर कॉलेज, दुर्ग से जुड़े हैं।
2 आरोपी अब भी फरार
मामले में दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं। पुलिस उनकी लगातार तलाश कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर पेपर लीक मामले में अन्य लोगों की भूमिका का भी पता लगाया जा रहा है।
आरोपियों के खिलाफ थाना तेलीबांधा में अपराध क्रमांक 360/26 के तहत छत्तीसगढ़ सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम, 2008 की धारा 4, 5 और 10 तथा धारा 316 BNS के तहत मामला दर्ज किया गया है।
यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित तुकाराम कांबले के मार्गदर्शन तथा डीसीपी क्राइम एवं साइबर स्मृतिक राजनाला और डीसीपी मध्य जोन तारकेश्वर पटेल की मॉनिटरिंग में की गई।