छत्तीसगढ़ / राजनांदगांव

श्रीमदभागवतकथा सप्तम दिवस एवं विश्राम


      शदाणी सेवा मंडल द्वारा आयोजित श्रीमदभागवत कथा के सप्तम दिवस आज श्रद्धालुओं के नेत्रों से अश्रुओं की नीर धारा अविरल बहती रही। श्री कृष्ण प्रेम और श्री कृष्ण से नंद बाबा का वियोग मे मूर्छित हो जाना भक्त और भगवान , पुत्र और पिता का वियोग का मार्मिक चित्रण, देखकर श्रोताओं का हृदय द्रवित हो उठा, आँखे नम हो गयी।
                 आज की कथा मे कथा व्यास पूज्य श्री ऋषिराज जी ने जीवन के दो छोरों हर्ष - विषाद, सुख - दुख, प्रेम-नफरत, धर्म- अधर्म जैसे विरोधी मूल्यों को भागवत कथा मे बड़े ही जीवंत और मार्मिक चित्रण प्रस्तुत किया। जहाँ एक ओर असत्य अधर्म के संवाहक कंस का वध हुआ वही दूसरी ओर श्री कृष्ण का विवाह रुकमणि से हुआ। श्री कृष्ण ने  16108 गोपियों की अस्मिता के लिए उन्हे पत्नी के  रूप मे सम्मान और अधिकार दिया।
राधा रानी के प्रेम की पराकाष्ठा का भी वर्णन कथा व्यास जी ने बहुत ही सूक्ष्म और विशाल, दोनों स्तरों पर भावात्मक चित्रण किया।
               आज मुनि शुकदेव जी ने मानव के मूल स्वरूप जो की अजर अमर और अविनाशी है, उसका दर्शन राजा परीक्षित को कराया।
राजा परीक्षित , भगवान् शुकदेव से मोक्ष ज्ञान प्राप्त कर खुद को योग से "ब्रह्म स्थिति" मे स्थापित कर अंतर्ध्यान हो गए। तक्षप् सर्प ने राजा परीक्षित को दंश मारकर शरीर से मुक्त कर दिया। सभी ऋषि मुनियों ने भगवान् शुकदेव को प्रणाम कियाऔर राजा परीक्षित की जय घोष की । इस प्रकार हरे कृष्ण हरे राम के महामंत्र और मंगल कामना के साथ कथा व्यास परम पूज्य श्री ऋषिराज जी ने  सप्त दिवसीय श्रीमदभागवतकथा को पुष्पांजलि प्रांगण मे विश्राम दिया।
                आज की कथा मे विशेष रूप से पूज्य शदाणी दरबार तीर्थ के नवम पीठाधीश्वर संत युधिष्ठिर लाल  जी उपस्थित रहे। संत जी ने भागवत कथा को सनातन धर्म की सर्वोत्कृष्ट ग्रंथ और साक्षात भगवान् के श्री मुख से निकली हुई कथा माना जिसके श्रवण मात्र से जीव का कल्याण होता है।
                आज की कथा के मुख्य यजमान मुखी श्री मंशाराम - राजेश मोटलानी, श्री मोहन- राजा माखीजा, श्री साँवलदास -दिनेश मोटलानी परिवार ने  अपने पूर्वजों की आत्मिक शांति के लिए पूजा अर्चना और अनुष्ठान किया।
           आज की कथा मे संत युधिष्ठिरलाल जी ने श्री महेश मोटलानी को उनके जन्म दिवस के शुभ अवसर पर आशीर्वाद और शुभकामनायें दी। आज विशेष रूप से दैनिक स्वदेश के ब्यूरो चीफ श्री पुर्षोत्तम तिवारी एवं नाँदगांव टाइम्स के श्री अशोक पांडे जी का भी पूज्य श्री ऋषिराज त्रिपाठी जी ने सम्मान किया।
                शदाणी युवा मंडल के अलौकिक मोटलानी एवं भागीरथ अंदानी को श्रीमदभागवतकथा मे उनकी उत्कृष्ट सेवा के लिए संत युधिष्ठिर लाल जी ने सम्मानित किया।
आज कथा मे विशेष रूप से पूज्य सिंधी पंचायत के अध्यक्ष श्री मन्नूमल मोटलानी,श्री आवतराम तेजवानी,श्रीमती साधना तिवारी, श्रीमती शारदा तिवारी, रायपुर से साई सत्यम शदाणी, नानक राम साहित्या, संदीप कंवल, भिलाई से श्री चिमन दास मेघवानी, मेहर खेतवानी, दुर्ग से श्री कुशभ शदाणी, जीतू बत्रा, एवं बड़ी संख्या मे मातृ शक्ति एवं भगवत प्रेमी उपस्थित रहे। कथा पश्चात सभी ने प्रसाद ग्रहण किया।
               शदाणी सेवा मंडल के अध्यक्ष श्री राजा माखीजा ने श्रीमद्भागवत कथा के आयोजन को ऐतिहासिक बताते हुए सबको शुभकामनाएं दी और सभी का आभार व्यक्त किया। उक्त जानकारी शदाणी सेवा मंडल के अंब्रिक मोटलानी ने एक विज्ञप्ति मे दी।

Leave Your Comment

Click to reload image