महापौर मधु की निष्क्रियता के कारण व्यापारियों को ट्रैफिक व्यवस्था सुधार के लिए सामने आना पड़ा - ओस्तवाल
राजनांदगांव |
2026-09-11 17:52:48
राजनांदगांव संस्कारधानी नगरीय के महापौर श्री मधुसूदन यादव की निष्क्रियता के चलते जिस तरह राजनांदगांव चेम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष और व्यापारी संगठनों के तमाम सक्रिय लोगों को शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पार्किंग लोडिंग-अनलोडिंग आदि की व्यवस्था और सामने बड़े त्यौहारों को देखते हुए आम जनता की सुविधाओं के लिये नगर निगम टाउन हॉल परिसर में चेम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष के नेतृत्व में जहां बैठक कर व्यापारियों की सलाह मसूरा कर ५-७ सदस्यों की समिति बनाकर पार्किंग स्थलों को चिन्हांकित करने आदि का निर्णय जो लिया गया वह काफी सराहनीय और प्रशंसनीय है। श्री ओस्तवाल ने दो टुक शब्दों में यह भी कहा कि जो काम निगम के महापौर श्री मधुसूदन यादव और जिला प्रशासन के जवाबदार अधिकारियों को शहर के व्यापारी वर्ग के समस्त लोगों एवं आम जनता की सुविधाओं को ध्यान में रखकर स्थायी हल, पार्किंग, पसरा में बैठने वालों की व्यवस्था गाड़ी लोडिंग-अनलोडिंग, ठेले वालों की व्यवस्था, ई-रिक्शा, ऑटो, फोर व्हीलर, टू- व्हीलर, सायकल सहित पैदल चलने वाले लोगों की व्यवस्था बड़ती आबादी को ध्यान में रखकर करना चाहिये लेकिन वह तो कोषों दूर है एवं सबसे प्रमुख व्यवस्था महिला और पुरूषों हेतु शहर के विभिन्न व्यापारिक क्षेत्रों में शुलभ शौचालय (प्रसाधन) की व्यवस्था को करना चाहिये लेकिन महापौर मधुसूदन यादव को आम व्यापारी वर्ग और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले भाई-बहनों आदि को मार्केट में खरीदी के दौरान शुलभ शौचालय (प्रसाधन) की कितनी तकलीफ है उससे ना तो निगम के महापौर और ना ही निगम आयुक्त को कोई मतलब है इन्हे खाली फोटो खिचाकर कानून का हवाला देकर टैक्स के रूप में राशि तो आम जनता और व्यापारियों से वसूल की जाती है लेकिन सुविधाओं के नाम पर निगम प्रशासन पूरी तरह फेलवर साबित है इसका प्रमाण व्यापारी संगठन की पहल ने साबित कर दिया और यदि निगम के महापौर श्री मधुसूदन यादव में जरा भी नैतिकता या विकास के स्थायी कार्य करने की क्षमता है तो शहर की यातायात व्यवस्था पार्किंग व्यवस्था सुलभ शौचालय व्यापारिक क्षेत्रों में व्यवस्था का स्थायी हल निकालते हुए वन-वे की प्रथा को राजनांदगांव शहर से मुक्त किया जाये जिससे की तमाम व्यापरियों को व्यापार करने में सोहलियत रहे और जो शहर की आम जनता अपने बुजुर्ग परिवार के सदस्यों आदि के साथ खरीदी आदि से संबंधित काम को लेकर जब वे मार्केट में आते है तो कितनी कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है उसका अंदाजा ना तो निगम के महापौर और ना ही निगम आयुक्त और ना ही जिला प्रशासन के जवाबदार अधिकारियों को है क्योंकि सबसे बड़ी हमारे शहर की कमजोर कड़ी शहर के विधायक डॉ. रमन सिंह जी है। अगर वे पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान विधानसभा के अध्यक्ष के नाते अपनी दोनों आँखों से कड़े शब्दों में शहर की जनता और तमाम व्यापरियों के हितों की सुरक्षा की एक बार भी हिदायत देते तो आज राजनांदगांव शहर चमन दिखता लेकिन दुर्भाग्य है कि राजनांदगांव शहर चारों तरफ से अतिक्रमण और माफियाओं के हाथों से सज गया है ? और अभी सत्ता का २ वर्ष शेष बचा है। व्यापारियों के हित में काम करने की इच्छाशक्ति है तो शहर की बढ़ती आबादी को देखते हुए स्थायी हल धरातल पर उतारकर शहर को जगमग करके दिखाये।
(ट्रांसपोर्ट नगर में लगभग ५.५० करोड़ का कार्य जो स्वीकृत हुआ है उसका भी खुलासा होना चाहिये)
(ट्रांसपोर्ट नगर में लगभग ५.५० करोड़ का कार्य जो स्वीकृत हुआ है उसका भी खुलासा होना चाहिये)