छत्तीसगढ़ / सक्ति

सेवा संकल्प अभियान: 2026 : राष्ट्रीय कृषि विकास योजना से ग्राफ्टेड बैंगन की खेती ने डमरूधर रावत की बढ़ाई आमदनी, उन्नत तकनीक से मिला बेहतर उत्पादन

 ग्राफ्टेड बैंगन की उन्नत खेती अपनाकर डमरूधर ने बेहतर उत्पादन एवं आय अर्जित करने की दिशा में बढ़ाया कदम

सक्ती, 21सितम्बर 2026

उद्यानिकी विभाग द्वारा राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों से जोड़कर उनकी आय में वृद्धि के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसी क्रम में जिला सक्ती के विकासखण्ड डभरा अंतर्गत ग्राम खैरमुड़ा निवासी किसान श्री डमरूधर पिता श्री हीरासाय रावत ने उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में ग्राफ्टेड बैंगन की उन्नत खेती अपनाकर बेहतर उत्पादन एवं आय अर्जित करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। किसान श्री डमरूधर रावत पहले पारंपरिक तरीके से बैंगन की खेती करते थे। उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों से मिले तकनीकी मार्गदर्शन के बाद उन्होंने उन्नत तकनीक से ग्राफ्टेड बैंगन की खेती करने का निर्णय लिया। वर्ष 2025-26 में उन्होंने 0.500 हेक्टेयर भूमि में ग्राफ्टेड बैंगन की वीएनआर किस्म की खेती की। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत विभाग द्वारा 0.400 हेक्टेयर क्षेत्र के लिए 30 हजार रुपये का अनुदान भी प्रदान किया गया। साथ ही फसल प्रबंधन एवं उन्नत तकनीक के संबंध में समय-समय पर तकनीकी मार्गदर्शन भी दिया गया। उन्नत तकनीक से खेती करने का सकारात्मक परिणाम फसल उत्पादन में देखने को मिला। किसान डमरुधर को लगभग 137 से 156 क्विंटल बैंगन का उत्पादन प्राप्त हुआ, जिसे लगभग 18 से 22 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेचकर 2.50 लाख से 3.40 लाख रुपये तक की विक्रय हुई। खेती में इनपुट लागत लगभग 70 हजार रुपये तथा श्रमिक लागत सहित अन्य खर्चों के बाद किसान को लगभग 1.50 लाख से 2 लाख रुपये तक का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ। श्री डमरूधर रावत बताते हैं कि विभागीय अधिकारियों के मार्गदर्शन और योजना से मिली आर्थिक व तकनीकी सहायता ने उन्हें उन्नत तकनीक अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। ग्राफ्टेड बैंगन की खेती से बेहतर उत्पादन मिलने के बाद उनका खेती के प्रति विश्वास और उत्साह बढ़ा है। वे भविष्य में भी सब्जी की उन्नत खेती जारी रखने के साथ साथ आसपास के किसानों को भी नई तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे है। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के माध्यम से मिली आर्थिक सहायता और तकनीकी मार्गदर्शन से श्री डमरूधर रावत की सफलता यह दर्शाती है कि उन्नत तकनीक, विभागीय मार्गदर्शन और योजना अंतर्गत सहयोग को अपनाकर किसान सब्जी उत्पादन को अधिक लाभकारी बना सकते हैं।

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