सेवा मेरा योगदान : दुर्ग में जल संरक्षण और प्लास्टिक प्रदूषण के विरुद्ध चला जन-जागरूकता अभियान
सतरूपा शीतला तालाब में श्रमदान कर जल स्रोत की सफाई, इंदिरा मार्केट में जूट-कपड़े की थैलियां वितरित
जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और नागरिकों ने पर्यावरण संरक्षण के लिए दिया सहभागिता का संदेश
रायपुर, 24 सितम्बर 2026


‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत ‘सेवा मेरा योगदान’ पहल के तहत आज दुर्ग जिले में पर्यावरण संरक्षण और जन-जागरूकता से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। राज्य शासन एवं जिला प्रशासन, दुर्ग के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में जल स्रोतों की स्वच्छता, जल संरक्षण तथा सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को कम करने का संदेश दिया गया।

अभियान के तहत सतरूपा शीतला तालाब, सिविल लाइन, कसारीडीह, दुर्ग में जल संरक्षण एवं जल स्रोत सफाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन, नगर पालिक निगम दुर्ग, छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के अधिकारियों तथा नागरिकों ने तालाब एवं आसपास के क्षेत्र में स्वच्छता अभियान में सहभागिता की। नागरिकों को जल स्रोतों को स्वच्छ रखने, जल का विवेकपूर्ण उपयोग करने और जल संरक्षण को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में दुर्ग की महापौर श्रीमती अल्का बाघमार, एमआईसी सदस्य, स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। सामूहिक श्रमदान के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण में जनभागीदारी का संदेश दिया गया।
इसी क्रम में शाम 4 बजे इंदिरा मार्केट (सब्जी मार्केट), दुर्ग में प्लास्टिक प्रदूषण के प्रति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां नागरिकों एवं बाजार में उपस्थित लोगों को जूट और कपड़े की थैलियों का वितरण कर सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग कम करने के लिए प्रेरित किया गया। पर्यावरण हितैषी विकल्पों को अपनाने और प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने में नागरिकों की भूमिका के प्रति जागरूक किया गया।
इस अवसर पर दुर्ग ग्रामीण विधानसभा के विधायक श्री ललित चंद्राकर, महापौर श्रीमती अल्का बाघमार, स्थानीय जनप्रतिनिधि, जिला प्रशासन, नगर पालिक निगम दुर्ग तथा छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के अधिकारी उपस्थित रहे। ‘सेवा मेरा योगदान’ के तहत आयोजित इन गतिविधियों ने पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ते हुए स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।