नमो सेवा गाथा’ में विद्यार्थियों की रचनात्मक पहल, नुक्कड़ नाटक से जन-जन तक पहुंचाया योजनाओं का संदेश
प्रधानमंत्री आवास, महतारी वंदन और स्वच्छता सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की दी जानकारी
अभिनय और संवाद के जरिए समझाए योजनाओं के लाभ, पात्र हितग्राहियों को लाभ लेने के लिए किया प्रेरित



सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ‘नमो सेवा गाथा’ गतिविधि में विद्यार्थियों ने अपनी कला और रचनात्मकता को जनजागरूकता का माध्यम बनाया। जांजगीर-चांपा जिले के विभिन्न महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर आम नागरिकों को शासकीय जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी और पात्र हितग्राहियों को इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।
विद्यार्थियों ने अभिनय, संवाद और रोचक प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी वंदन योजना, स्वच्छता सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के उद्देश्य, पात्रता और उनसे मिलने वाले लाभों को सरल एवं बोलचाल की भाषा में लोगों तक पहुंचाया। नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से योजनाओं से जुड़ी जानकारी सहज ढंग से प्रस्तुत किए जाने से नागरिकों को उन्हें समझने और उनसे जुड़ने का अवसर मिला।
विद्यार्थियों ने नागरिकों से आह्वान किया कि वे शासकीय योजनाओं की सही जानकारी प्राप्त करें और पात्रता के अनुसार निर्धारित प्रक्रिया पूरी कर उनका लाभ लें। साथ ही अपने परिवार, पड़ोस और आसपास के पात्र लोगों को भी योजनाओं के प्रति जागरूक करें, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद नागरिक जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित हो सकें।
‘नमो सेवा गाथा’ के तहत शासकीय इन्द्रजीत सिंह महाविद्यालय अकलतरा, शासकीय नवीन महाविद्यालय पामगढ़, शासकीय लक्ष्मणेश्वर महाविद्यालय खरौद, शासकीय महाविद्यालय बलौदा, शासकीय टीसीएल स्नातकोत्तर कॉलेज जांजगीर, शासकीय नवीन कन्या महाविद्यालय, शासकीय नवीन महाविद्यालय केरा, शासकीय नवीन महाविद्यालय बिर्रा, शासकीय एमएमआर महाविद्यालय चांपा तथा शासकीय नवीन महाविद्यालय सारागांव के विद्यार्थियों ने विभिन्न स्थानों पर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किए।
यह पहल विद्यार्थियों को सामाजिक सरोकारों से जोड़ने के साथ शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बनी। विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा को जनहित के संदेश से जोड़ते हुए यह संदेश भी दिया कि जागरूकता और सहभागिता से पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में समाज का प्रत्येक व्यक्ति योगदान दे सकता है।