सेवा की कहानी : मजदूरी करने वाले आदिवासी रामलाल को जनमन आवास से मिली नई खुशियां
कोरिया 02 अक्टूबर 2026
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा विषेष पिछड़ी जनजाति बैगा परिवारों के जीवन में जनमन योजना से एक बड़ा बदलाव किया है। कोरिया जिले के ग्राम पंचायत गेजी में रहने वाले रामलाल का दैनिक जीवन सिर्फ मजदूरी से मिलने वाली आय पर निर्भर है। ऐसे में परिवार के लिए एक पक्की छत बना पाना शायद उनके लिए असंभव जैसा था। प्रधानमंत्री जनमन आवास ने उन्हे अपने पक्के मकान का मालिक बना दिया है। ऐसे में इस परिवार के लिए अपना सामाजिक स्थायित्व और एक अलग मकान उनकी पहचान बन गया हैं।
परिश्रम भरा जीवन
कोरिया जिले के बैकुंठपुर जनपद पंचायत का दूरस्थ ग्राम पंचायत गेजी एक अनुसूचित जनजाति बाहुल्य गांव है। यहां अधिकांष बैगा परिवार निवास करते हैं। सभी के पास थोड़ी बहुत खेती और अकुषल रोजगार के लिए परिश्रम ही उनका दैनिक जीवन है। ऐसे ही परिवार के निवासी रामलाल के लिए भी मजदूरी करके अपना पक्का मकान बना पाना आसान नहीं था। यह एक ऐसी कल्पना थी जिसे प्रधानमंत्री की सोच ने हकीकत में बदल दिया।
पक्के आवास ने बदला जीवन
रामलाल पहले कच्चे घर में रहते थे। बारिश ठंड के मौसम मे अपने छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर अक्सर पति पत्नी को रातों में नींद नहीं आती थी। उनकी देखरेख करने की परेशानी से संघर्ष करने वाले इस परिवार ने बताया कि जब से प्रधानमंत्री जनमन योजना से आवास मिला है हर परेशानी समाप्त हो गई है। पहले बारिश और ठंड के मौसम में परिवार की सुरक्षा को बेहद परेशानियां होती थीं लेकिन अब हर कोई दिक्कत नहीं हैं।
चिंता नहीं रही
ग्राम पंचायत गेजी में रहने रामलाल के लिए प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत बना हुआ पक्का मकान उनकी समस्याओं का निराकरण ही नहीं बल्कि उनकी अपनी सामाजिक पहचान भी बन गया है। खुश होकर रामलाल ने कहा कि क्या चिंता करना जब देश के मुखिया को हमारी चिंता है। प्रधानमंत्री जनमन से बने पक्के आवास ने उन्हे एक ऐसा उपहार दिया है जिससे उनके बच्चों की सुरक्षा की चिंता समाप्त हो गई है।