भोरमदेव मंदिर परिसर में श्रमदान कर स्वच्छता का दिया संदेश
कबीरधाम |
2026-10-02 16:36:22
भोरमदेव मंदिर परिसर में श्रमदान कर स्वच्छता का दिया संदेश
कलेक्टर सहित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों-कर्मचारियों और ग्रामीणों ने की साफ-सफाई, जनभागीदारी से स्वच्छता का संकल्प
"विकाश शुक्ला"
कवर्धा- राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर सेवा संकल्प अभियान के तहत ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थल भोरमदेव मंदिर परिसर में ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के अंतर्गत श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति, जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, जिला पंचायत सभापति रामकुमार भट्ट, वनमंडलाधिकारी निखिल अग्रवाल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधियों, अधिकारी-कर्मचारियों एवं ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई और स्वयं श्रमदान कर स्वच्छता का संदेश दिया।
श्रमदान कार्यक्रम के दौरान भोरमदेव मंदिर परिसर के साथ ही मंदिर के सामने स्थित तालाब, पार्किंग स्थल, पार्क एवं आसपास के क्षेत्रों में व्यापक साफ-सफाई की गई। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने स्वयं सफाई कार्य में हिस्सा लेकर लोगों को सार्वजनिक एवं धार्मिक स्थलों को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।
स्वच्छता को जीवनशैली बनाने की जरूरत : कलेक्टर**
कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने कहा कि स्वच्छता केवल एक दिन या किसी विशेष अभियान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना आवश्यक है। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से जिले में स्वच्छता, सेवा और जनभागीदारी की भावना को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भोरमदेव जैसे ऐतिहासिक, पुरातात्विक एवं धार्मिक स्थलों की स्वच्छता और संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
जनभागीदारी से किये गए ऐसे श्रमदान कार्यक्रम लोगो में स्वक्षता के प्रति जागरूकता पैदा करने के साथ साथ अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने के लिए प्रेरित करते हैं। इस अवसर पर वन्य जीव सप्ताह का ओपचारिक शुभारंभ भी किया गया।अधिकारियों ने वन एवं वन्यजीवों के संरक्षण ,प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा मानव-वन्यजीव सह अस्तित्व तथा वन्यजीव संरक्षण गतिविधियों का अवलोकन किया गया।साथ ही महिला स्वसहायता समूह के सदस्यों से चर्चा कर उनकी आजीविका गतिविधियों वन संरक्षण में सहभागिता तथा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध वन संशाधनों पर आधरित रोजगार की संभावनाओ के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई।