दंतेवाड़ा/भांसी। जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, दंतेवाड़ा के तत्वावधान में 7 अक्टूबर 2026, बुधवार को एनएमडीसी डीएवी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI), भांसी में ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज 2026’ को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रशिक्षार्थियों को नवाचार, रचनात्मक सोच, समस्या समाधान और उद्यमिता के महत्व की जानकारी देते हुए अपने तकनीकी कौशल का उपयोग समाज एवं उद्योगों की समस्याओं को दूर करने के लिए करने के लिए प्रेरित किया गया।
वास्तविक समस्याओं के समाधान पर जोर
कार्यक्रम में जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, दंतेवाड़ा के महाप्रबंधक रविशंकर नेताम और प्रबंधक डी. आर. कुर्रे विशेष रूप से उपस्थित रहे। अतिथियों ने प्रशिक्षार्थियों को चैलेंज के उद्देश्य, आवेदन प्रक्रिया और भागीदारी के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस पहल के तहत समाज, शासकीय सेवाओं और उद्योगों से जुड़ी वास्तविक समस्याओं की पहचान कर उनके लिए नए, उपयोगी, किफायती और व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत किए जा सकते हैं।
केवल नया विचार नहीं, उपयोगी समाधान जरूरी
प्रशिक्षार्थियों को समझाया गया कि किसी नवाचार की सफलता केवल नए विचार तक सीमित नहीं होती, बल्कि उसका वास्तविक समस्या का समाधान करना और धरातल पर लागू हो पाना भी जरूरी है। इसके लिए समस्या की स्पष्ट पहचान, प्रभावित लोगों का विवरण, उपलब्ध आंकड़े और प्रमाण तथा मौजूदा व्यवस्था की कमियों को सामने रखना आवश्यक है।
इसके साथ ही समाधान से होने वाले लाभ, समय एवं लागत में संभावित बचत, रोजगार के अवसरों और समाज, सुरक्षा, समावेशन तथा पर्यावरण पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभाव का आकलन करने की जानकारी दी गई। सफल नवाचार को दूसरे जिलों और राज्यों में लागू करने की संभावनाओं पर भी विचार करने के लिए प्रेरित किया गया।
नवाचार को मिल सकती है तकनीकी और वित्तीय मदद
‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज 2026’ के माध्यम से चयनित या पात्र प्रतिभागियों को आवश्यकता के अनुसार मार्गदर्शन, तकनीकी सहायता, शासकीय विभागों के साथ प्रायोगिक परियोजनाओं पर काम करने, वित्तीय सहायता अथवा अनुदान, नवाचार केंद्र, परीक्षण, प्रमाणन और बौद्धिक संपदा संबंधी सहायता के अवसर मिल सकते हैं।
महाप्रबंधक रविशंकर नेताम ने कहा कि ITI में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवा अपनी तकनीकी शिक्षा और कौशल का उपयोग रोजगार पाने के साथ-साथ समाज एवं उद्योगों की वास्तविक समस्याओं का समाधान खोजने में भी कर सकते हैं। उन्होंने युवाओं से अपने आसपास की समस्याओं को पहचानने और नए विचारों के साथ इस पहल में भाग लेने का आह्वान किया।
17 अक्टूबर तक करें ऑनलाइन आवेदन
इस चैलेंज में भाग लेने के इच्छुक एवं योग्य प्रशिक्षार्थी 17 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के लिए आधिकारिक वेबसाइट https://sevainnovationchallenge.in/ पर जाकर आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।
कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन ड्राइंग अनुदेशक सत्यम कुमार सिंह ने किया। जागरूकता कार्यक्रम में प्रशिक्षार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की और नवाचार एवं समस्या समाधान से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।