मुख्यमंत्री की संवेदनशील पहल से 10 वर्षीय ऋतिक के इलाज के लिए 18 लाख स्वीकृत
रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल से जशपुर जिले के गंभीर बीमारी से जूझ रहे 10 वर्षीय ऋतिक यादव के बेहतर उपचार की राह आसान हो गई है। मुख्यमंत्री ने ऋतिक के बोन मैरो ट्रांसप्लांट सहित उपचार के लिए मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के अंतर्गत 18 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की है। इस सहायता से ऋतिक का कर्नाटक के बेंगलुरु स्थित अस्पताल में उपचार कराया जा सकेगा। मुख्यमंत्री की इस पहल से बच्चे के महंगे इलाज को लेकर चिंतित परिवार को बड़ी राहत और नई उम्मीद मिली है।
जशपुर जिले के निवासी ऋतिक यादव, पिता मेघनाथ यादव, गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं। चिकित्सकों द्वारा उनके उपचार के लिए बोन मैरो ट्रांसप्लांट की आवश्यकता बताई गई है। उपचार पर आने वाले भारी खर्च के कारण परिवार के सामने आर्थिक कठिनाई थी। ऐसे में परिजनों ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया पहुंचकर बच्चे के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लगाई थी। मामले की जानकारी मिलने पर मुख्यमंत्री साय ने संवेदनशीलता दिखाते हुए उपचार के लिए 18 लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की।
बेंगलुरु के अस्पताल में होगा बोन मैरो ट्रांसप्लांट
ऋतिक का उपचार कर्नाटक के बेंगलुरु स्थित मजूमदार शॉ मेडिकल सेंटर (Mazumdar Shaw Medical Center) में किया जाएगा। उपचार में OT-U100, Allogenic BMT तथा BMT Haplo-identical जैसी चिकित्सा प्रक्रियाएं शामिल हैं। बोन मैरो ट्रांसप्लांट गंभीर बीमारियों के उपचार की एक जटिल और खर्चीली प्रक्रिया है। मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना से स्वीकृत 18 लाख रुपये की राशि ऋतिक के उपचार में महत्वपूर्ण मददगार साबित होगी।
मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया से मिली मदद, परिवार को मिली नई उम्मीद
मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया जरूरतमंद लोगों की समस्याओं के समाधान और उन्हें शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है। ऋतिक के परिजनों ने भी कैंप कार्यालय पहुंचकर बच्चे के उपचार के लिए आर्थिक सहायता का आवेदन किया था। मुख्यमंत्री तक मामला पहुंचने के बाद उपचार के लिए सहायता राशि स्वीकृत की गई।
गंभीर बीमारियों के उपचार में जरूरतमंद परिवारों का सहारा बन रही योजना
मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना गंभीर बीमारियों से पीड़ित पात्र मरीजों के उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। योजना के माध्यम से जरूरतमंद मरीजों को महंगे उपचार के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है, ताकि आर्थिक कठिनाइयां उनके इलाज में बाधा न बनें।