किसानों की मांगें शासन तक पहुंचेंगी, सड़क किनारे ट्रैक्टर खड़े करें, आमजन को राहत दें : कलेक्टर
कबीरधाम |
2026-10-09 18:24:15
"विकाश शुक्ला"
कवर्धा- बलराम किसान न्याय यात्रा ट्रैक्टर महारैली के चलते शहर में यातायात प्रभावित होने के बीच कलेक्टर श्रीमती तूलिका प्रजापति ने किसानों से आम जनता की परेशानी का ध्यान रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान स्कूली बच्चों, एंबुलेंस और आम नागरिकों की आवाजाही बाधित नहीं होनी चाहिए। किसान अपने ट्रैक्टर सड़क के एक किनारे खड़े कर अपनी मांगें रखें। उनकी मांगों को शासन स्तर तक पहुंचाया जाएगा।
भारतीय किसान संघ की ओर से आयोजित ट्रैक्टर महारैली में किसान अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। रैली में ट्रैक्टरों की मौजूदगी और प्रमुख मार्गों पर आवागमन प्रभावित होने से शहर में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जरूरी काम से निकले नागरिकों और वाहन चालकों के लिए रास्तों से गुजरना चुनौतीपूर्ण हो गया है।
स्कूली बच्चों और मरीजों की आवाजाही प्राथमिकता
कलेक्टर ने विशेष रूप से स्कूली बच्चों और एंबुलेंस के लिए रास्ता खुला रखने पर जोर दिया है। सड़क पर यातायात बाधित होने से बच्चों को स्कूल आने-जाने में दिक्कत हो सकती है, वहीं आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में देरी गंभीर समस्या बन सकती है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे ट्रैक्टर सड़क के एक किनारे खड़े करें, ताकि आम लोगों की आवाजाही जारी रह सके।
किसानों की मांगें शासन तक पहुंचाने का भरोसा
भारतीय किसान संघ गन्ने पर 150 रुपए प्रति क्विंटल बोनस और उद्यानिकी फसलों को कृषक उन्नति योजना के तहत 15 हजार रुपए प्रति एकड़ वार्षिक लाभ देने सहित विभिन्न मांगें उठा रहा है। किसान इन मांगों पर शासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए महारैली निकाल रहे हैं।
कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने भरोसा दिलाया है कि किसानों की मांगों को शासन स्तर तक पहुंचाया जाएगा। हालांकि, मांगों पर अंतिम निर्णय शासन को लेना है। ऐसे में प्रशासन की अपील को आंदोलन और जनसुविधाओं के बीच संतुलन बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
आंदोलन के साथ जनहित का ध्यान जरूरी
किसानों को अपनी मांगों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने का अधिकार है, लेकिन सार्वजनिक मार्गों पर आम नागरिकों की आवाजाही बनाए रखना भी जरूरी है। कलेक्टर की अपील के बाद अब निगाह इस बात पर है कि किसान सड़क किनारे ट्रैक्टर खड़े करने और रास्ता खुला रखने की व्यवस्था अपनाते हैं या नहीं। इससे आंदोलन के दौरान आम लोगों की परेशानी कम करने और यातायात सुचारू रखने में मदद मिल सकती है।