छत्तीसगढ़ / गरियाबंद

वोट बचाओ–देश बचाओ अभियान को लेकर कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस, चुनावी पारदर्शिता पर उठाए सवाल

मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों की स्वतंत्र जांच,एसआईआर पर रोक और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
गरियाबंद।देश में मतदाता सूची की पारदर्शिता,मताधिकार की सुरक्षा और चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर कांग्रेस ने ‘वोट बचाओ–देश बचाओ’ अभियान के माध्यम से केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग पर सवाल उठाए हैं।कांग्रेस का आरोप है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया,दोहरे पंजीकरण तथा चुनाव संबंधी आंकड़ों की पारदर्शिता को लेकर कई गंभीर सवाल सामने आए हैं।पार्टी ने इन मामलों की स्वतंत्र और समयबद्ध जांच कराने की मांग की है।
सोमवार 26 अक्टूबर को जिला कांग्रेस भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता मे AICC ऑब्जर्वर एवं महाराष्ट्र सांसद श्रीमती शोभा बच्छाव तथा छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के गरियाबंद जिला प्रभारी विनोद चंद्राकर,जिलाध्यक्ष सुखचंद बेसरा के साथ बिन्द्रानवागढ़ विधायक जनक ध्रुव उपस्थित थे।इस दौरान श्रीमती
शोभा बच्छाव ने कहा कि मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं का मुद्दा केवल विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) तक सीमित नहीं है,बल्कि यह प्रत्येक पात्र नागरिक के संवैधानिक मताधिकार और निष्पक्ष चुनाव से जुड़ा विषय है।पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची में होने वाले बदलावों का पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाना चाहिए,ताकि राजनीतिक दलों और आम नागरिकों को स्वतंत्र रूप से आंकड़ों का सत्यापन करने का अवसर मिल सके।
पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र,कर्नाटक के महादेवपुरा और आलंद विधानसभा क्षेत्रों तथा हरियाणा की मतदाता सूचियों से संबंधित कथित अनियमितताओं का हवाला देते हुए पारदर्शी जांच की मांग की है। पार्टी द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार,राहुल गांधी ने महाराष्ट्र में लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बीच मतदाताओं की संख्या में लगभग 39 लाख की वृद्धि पर सवाल उठाए थे।वहीं,महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में कथित अनियमितताओं के कारण 1,00,250 वोट प्रभावित होने का दावा भी किया गया था।
कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि इन मामलों में मूल आंकड़े, मतदाता पंजीकरण से संबंधित रिकॉर्ड और नाम जोड़ने-हटाने की प्रक्रिया का विवरण सार्वजनिक होना चाहिए।इन आंकड़ों और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
वही उन्होंने चुनाव आयोग की निर्णय प्रक्रिया और पारदर्शिता को लेकर भी सवाल उठाए हैं। पार्टी ने चुनाव आयुक्तों की कथित आपत्तियों और मतदाता सूची से संबंधित फैसलों के रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग की है।दूसरी ओर,चुनाव आयोग ने सामने आए मतभेदों को संस्थागत कार्यप्रणाली ठप होने का प्रमाण मानने से इनकार किया है और कहा है कि एसआईआर से जुड़े फैसलों को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई थी।
कांग्रेस का कहना है कि चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए उसकी कार्यप्रणाली पारदर्शी तथा जवाबदेह होनी चाहिए। पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया और चुनाव आयुक्तों को दिए गए कानूनी संरक्षण की समीक्षा की मांग भी उठाई है।
वार्ता के माध्यम से कांग्रेस कार्यसमिति द्वारा अपनाए गए रुख के आधार पर पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, एसआईआर प्रक्रिया स्थगित करने तथा मतदाता सूची से हटाए गए कथित 13.3 करोड़ नामों को बहाल करने की मांग की है। इसके साथ ही गंभीर विसंगतियों की स्वतंत्र और समयबद्ध जांच कराने की मांग की गई है।
पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची से किसी भी नागरिक का नाम हटाए जाने पर उसे स्पष्ट जानकारी दी जानी चाहिए और निर्णय को चुनौती देने तथा नाम बहाल कराने का पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए। कांग्रेस ने मतदाता आंकड़ों को डिजिटल और उपयोगी प्रारूप में उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया है।
देशव्यापी अभियान के जरिए जनता तक पहुंचेगी कांग्रेस
कांग्रेस ने ‘वोट बचाओ–देश बचाओ’ अभियान के तहत जिला और राज्य स्तर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस, बूथ स्तर पर मतदाता सूची के सत्यापन,गांवों में चौपाल और जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई है।अभियान का उद्देश्य मतदाताओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना तथा मतदाता सूची से जुड़ी शिकायतों का दस्तावेजीकरण करना बताया गया है।
पार्टी की ओर से स्थानीय इकाइयों को निर्देशित किया गया है कि वे मतदाता सूची में नाम हटाए जाने,रिकॉर्ड में विसंगतियों और नाम सुधारने में आ रही कठिनाइयों से जुड़े मामलों का दस्तावेजीकरण और सत्यापन करें।कांग्रेस का कहना है कि स्वतंत्र जांच,पारदर्शिता और जवाबदेही के माध्यम से ही चुनाव प्रक्रिया में जनता का विश्वास मजबूत किया जा सकता है।
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