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ट्रंप के कट्टर विरोधी लूला चौथी बार बने राष्ट्रपति

 ब्राजील ।  ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव में एक बार फिर लुईज इनासियो लूला डा सिल्वा ने अपनी वापसी की है। उन्होंने चौथी बार चुनाव जीत कर इतिहास बना दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कट्टर विरोधी वामपंथी लूला ने ब्राजील के दक्षिणपंथी पूर्व राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो के सबसे बड़े बेटे, सीनेटर फ्लेवियो बोल्सोनारो को हराया है। चौंकाने वाले नतीजों ने ओपिनियन पोल को गलत साबित कर दिया। साथ ही, पूरे लैटिन अमेरिका में चल रहे दक्षिणपंथी उभार को भी रोका है। ब्राजील के चुनाव में लगभग 99 प्रतिशत वोटों की गिनती हो चुकी है, जिसके बाद 80 साल के वामपंथी नेता को 51.75 प्रतिशत वोट मिले, जबकि उनके 45 साल के प्रतिद्वंद्वी बोल्सोनारो को 48.25 प्रतिशत वोट मिले हैं।

अक्टूबर की शुरुआत में लूला चुनाव के पहले राउंड में बोल्सोनारो से बहुत कम अंतर से हार गए थे, जिससे उनके राजनीतिक भविष्य पर संकट के बादल छा गए थे और प्रोग्रेसिव ब्राजीली निराशा में रहे थे। लूला ने ब्राजील के 1989 के बाद के उस इतिहास को भी बदला है, जिसमें कोई भी उम्मीदवार पहले राउंड की वोटिंग में हारने के बाद दूसरे राउंड में कभी राष्ट्रपति नहीं बन पाया है। बोल्सोनारो ने 4 अक्टूबर को पहले राउंड में लूला को हराया था और 3 हफ्ते में नतीजा बदलना असंभव लग रहा था।

अपने चुनाव अभियान के दौरान, लूला ने गरीबी, असमानता, बेरोजगारी, अशिक्षा और जंगलों की कटाई पर अपनी सरकार के रिकॉर्ड पर जोर दिया। लूला को ट्रंप का सबसे बड़ा प्रतिद्वंद्वी माना जाता है। ट्रंप ने बोल्सोनारो को सीधे तौर पर समर्थन नहीं दिया, लेकिन उनका प्रशासन ब्राजील में दक्षिणपंथी नेता चाहता था। व्हाइट हाउस लैटिन अमेरिका को अमेरिका के असर वाला इलाका मानता है और ट्रंप प्रशासन यहां रक्षा, सुरक्षा और व्यापार जैसी अपनी नीतियों में साथ चाहता है। लूला इसके विपरीत हैं।

लूला ने अपने चुनाव अभियान में कहा था कि बोल्सोनारो के राष्ट्रपति बनने पर अमेरिका पर निर्भरता बढ़ सकती है। बोल्सोनारो ने लूला की जीत को मानने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि वोटिंग के समय को बढ़ाने के विवादित फैसले को लेकर वे नतीजों को रद्द करने की कोशिश करेंगे। बोल्सोनारो ने कहा, नतीजों को पहचानना नामुमकिन है। मैं इन चुनावों को रद्द करने की निवेदन करने जा रहा हूं।

बता दें, बोल्सोनारो ने ट्रंप के साथ करीबी रिश्तों पर अभियान चलाया था और सजा काट रहे अपने पिता जेयर को माफ करने का वादा किया था। लूला एक मेटलवर्कर रहे हैं। उनका उभार 1970 के दशक में साओ पाउलो के इंडस्ट्रियल इलाकों में एक यूनियन लीडर के तौर पर हुआ था। गांव की गरीबी में पैदा हुए फैक्ट्री वर्कर ने 1989, 1994 और 1998 में 2 बार राष्ट्रपति चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए। आखिरकार 2002 में वे पहले चुने हुए वर्किंग-क्लास राष्ट्रपति बने। लूला जनवरी 2003 से दिसंबर 2010 और जनवरी 2023 से 2 बार राष्ट्रपति बने। उनका नया टर्म, 5 जनवरी 2027 से शुरू होगा।

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