सारण में तटबंध टूटने से बिगड़े हालात, कई गांवों में घुसा बाढ़ का पानी
छपरा । बिहार के सारण जिले में गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर और तटबंध क्षतिग्रस्त होने के बाद बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। मकेर प्रखंड में तटबंध टूटने के बाद पानी तेजी से आसपास के ग्रामीण इलाकों में फैल रहा है। इससे मकेर की कई पंचायतों के साथ अमनौर प्रखंड के इलाकों पर भी असर पड़ा है। पानी का फैलाव परसा प्रखंड की ओर भी बढ़ रहा है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, मकेर में तटबंध टूटने के बाद कई गांवों में पानी पहुंच गया है।
NH-722 पर चढ़ा बाढ़ का पानी
बाढ़ का पानी कुछ स्थानों पर NH-722 तक पहुंच गया है। मकेर अस्पताल चौक और आसपास के हिस्सों में सड़क पर पानी का तेज बहाव देखा गया, जिससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ स्थानों पर सड़क पर कई फीट पानी आने के कारण आवागमन पूरी तरह रोकना पड़ा है।
डीएम-एसपी ने नाव से लिया जायजा
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव और पुलिस अधिकारी प्रभावित इलाकों में पहुंचकर हालात का जायजा ले रहे हैं। प्रशासन की ओर से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है।
प्रभावित इलाकों में नावों के जरिए लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का काम जारी है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें भी राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं।
नाव, मेडिकल कैंप और राहत केंद्रों की व्यवस्था
प्रशासन के अनुसार प्रभावित इलाकों में नावों की व्यवस्था की गई है। चिकित्सा शिविर भी संचालित किए जा रहे हैं, जबकि जरूरत के अनुसार अतिरिक्त मेडिकल कैंप बढ़ाए जा रहे हैं। पशुओं के लिए भी चिकित्सा और चारे की व्यवस्था की जा रही है।
बाढ़ प्रभावित लोगों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न प्रखंडों में सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं। जरूरत के अनुसार पंचायत स्तर पर भी सामुदायिक रसोई बढ़ाने की तैयारी है।
पॉलिथीन शीट और पशु चारे की व्यवस्था
प्रभावित परिवारों के बीच पॉलिथीन शीट वितरित की जा रही हैं। प्रशासन की ओर से पशुपालकों के लिए पशु चारे की व्यवस्था भी की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सक्रिय हैं और लोगों की जरूरत के अनुसार चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई
तटबंध टूटने के बाद जलस्तर और पानी के फैलाव पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक रूप से बाढ़ के पानी में नहीं जाने और नदी तथा तटबंध के संवेदनशील हिस्सों के आसपास आवाजाही से बचने की अपील की है।
प्रशासन का कहना है कि प्राथमिकता प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के साथ उन्हें भोजन, चिकित्सा और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। जरूरत के अनुसार राहत एवं बचाव संसाधनों को और बढ़ाया जाएगा।