ओडिशा में क्या नवीन पटनायक के विजय रथ को रोक पाएगी BJP? वोटिंग ट्रेंड का गुणा गणित समझिए
नई दिल्ली:
देश के बाकी राज्यों के साथ ओडिशा में भी लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election 2004) के तहत विभिन्न चरणों में वोटिंग हो रही है. यहां लोकसभा के साथ ही विधानसभा का भी चुनाव होता आया है. इस बार चुनाव से पहले काफी चर्चा थी कि बीजेपी (BJP) और बीजेडी (BJD) गठबंधन करेगी, लेकिन बताया जाता है कि अपनी राज्य ईकाई की सलाह मानते हुए बीजेपी गठबंधन से पीछे हट गई. ऐसे में बीजेपी को ज़मीन पर आखिर ऐसा क्या बदलाव दिख रहा है, जो इस कदर वो विश्वास से भरी हुई है.
ओडिशा में चुनाव के अहम सवाल
- क्या नवीन पटनायक के विजय रथ को रोक पाएगी BJP?
- लोकसभा का 'महाप्रसाद' BJP को और विधानसभा का BJD को मिलेगा?
- दिग्गज उम्मीदवारों की फौज BJP को दिलाएगी जीत का आशीर्वाद?
- क्या नवीन पटनायक के करियर का ये सबसे कठिन चुनाव है?
- क्या कांग्रेस अपनी खोई ज़मीन वापस ले पाएगी?
- एनडीटीवी पर चर्चा के दौरान राजनीतिक विश्लेषक अमिताभ तिवारी ने कहा कि आम तौर पर ओडिशा में जो भी पार्टी विधानसभा में जीतती है, उसे ही लोकसभा में भी ज्यादा सीटें आती हैं. पिछले तीन विधानसभा चुनाव में नवीन पटनायक की पार्टी को 100 से ज्यादा सीटें मिली हैं. वहीं लोकसभा की 21 में से पिछली बार 12 सीटें मिली थी, लेकिन बीजेपी की इस बार कोशिश है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता की बदौलत इस बार ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतीं जाएं. हाल के आ रहे सर्वे में भी बीजेपी के अच्छे प्रदर्शन की बात कही जा रही है.